Tag: Test cricket

  • रोच और सील्स की घातक गेंदबाजी से वेस्टइंडीज का धमाका श्रीलंका को पारी और 217 रन से हराकर सीरीज में बनाई बढ़त

    रोच और सील्स की घातक गेंदबाजी से वेस्टइंडीज का धमाका श्रीलंका को पारी और 217 रन से हराकर सीरीज में बनाई बढ़त


    नई दिल्ली । एंटीगुआ के विवियन रिचर्ड्स क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को एक पारी और 217 रन के विशाल अंतर से हराकर दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1 0 की बढ़त बना ली। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में कैरेबियाई टीम पूरी तरह हावी रही। खास तौर पर केमार रोच और जेयडन सील्स की धारदार गेंदबाजी ने श्रीलंका की दूसरी पारी को पूरी तरह तहस नहस कर दिया।

    पहली पारी में 318 रन से पिछड़ने के बाद दूसरी बार बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने शुरुआती विकेट जल्दी गंवा दिए और किसी भी बल्लेबाज को बड़ी साझेदारी बनाने का मौका नहीं मिला। पथुम निसांका केवल 3 रन बनाकर आउट हो गए जबकि निशान मदुष्का भी सिर्फ 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। कसुन राजिथा और कामिंदु मेंडिस भी सस्ते में आउट हो गए जिससे टीम गहरे संकट में पहुंच गई।

    पहली पारी में शानदार शतक लगाने वाले धनंजय डी सिल्वा दूसरी पारी में खाता भी नहीं खोल सके। उनके जल्दी आउट होने से श्रीलंका की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं। मध्यक्रम भी पूरी तरह विफल रहा और विकेट लगातार गिरते रहे।

    ऐसे मुश्किल समय में दिनेश चांदीमल ने अकेले संघर्ष करने की कोशिश की। उन्होंने 60 गेंदों में 43 रन की जुझारू पारी खेली और कुछ आकर्षक चौके भी लगाए लेकिन दूसरे छोर से उन्हें किसी बल्लेबाज का साथ नहीं मिला। कुशल मेंडिस केवल 8 रन बनाकर आउट हुए जबकि मिलन प्रियनाथ रत्नायके और असिथा फर्नांडो बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। सोनल दिनुशा 12 रन बनाकर नाबाद रहे लेकिन पूरी टीम केवल 101 रन पर सिमट गई।

    वेस्टइंडीज की ओर से अनुभवी तेज गेंदबाज केमार रोच ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 विकेट झटके। जेयडन सील्स ने भी अपनी तेज और सटीक गेंदबाजी से 3 विकेट हासिल किए। शेमार जोसेफ ने 2 जबकि अल्जारी जोसेफ ने 1 विकेट लेकर श्रीलंका की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

    इससे पहले श्रीलंका ने पहली पारी में 308 रन बनाए थे। कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने 120 रन की शानदार शतकीय पारी खेली थी जबकि दिनेश चांदीमल ने 54 रन का अहम योगदान दिया था। हालांकि बाकी बल्लेबाज बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे।

    जवाब में वेस्टइंडीज ने पहली पारी में बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन किया और 9 विकेट पर 626 रन बनाकर अपनी पारी घोषित कर दी। आमिर जांगू ने 233 रन की यादगार पारी खेली जबकि कप्तान रोस्टन चेज 194 रन बनाकर टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाने में सफल रहे। इन दोनों बल्लेबाजों की दमदार पारियों की बदौलत वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 318 रन की बड़ी बढ़त हासिल की जो अंततः मैच का निर्णायक अंतर साबित हुई।

    इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने न सिर्फ सीरीज में बढ़त बना ली बल्कि अपने गेंदबाजों और बल्लेबाजों के बेहतरीन संतुलन का भी शानदार प्रदर्शन किया। अब कैरेबियाई टीम की नजर दूसरे टेस्ट में जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम करने पर होगी जबकि श्रीलंका वापसी के इरादे से अगले मुकाबले में उतरेगा।

  • रचिन और मिचेल का कमाल फिर गेंदबाजों का वार इंग्लैंड पर हार का खतरा मंडराया

    रचिन और मिचेल का कमाल फिर गेंदबाजों का वार इंग्लैंड पर हार का खतरा मंडराया


    नई दिल्ली । इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच ट्रेंट ब्रिज में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच का चौथा दिन पूरी तरह मेहमान टीम के नाम रहा। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी में मजबूत बढ़त हासिल की और फिर गेंदबाजों के दम पर इंग्लैंड के शीर्ष क्रम को झटके देकर मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने दूसरी पारी में चार विकेट खोकर 103 रन बनाए हैं। अब अंतिम दिन मेजबान टीम को जीत के लिए 270 रन की जरूरत है जबकि उसके केवल छह विकेट शेष हैं।

    373 रन के कठिन लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड को कप्तान बेन स्टोक्स और बेन डकेट ने तेज शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 50 रन जोड़कर टीम को सकारात्मक शुरुआत दी। स्टोक्स ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी की और केवल 20 गेंदों में 30 रन बना डाले लेकिन बड़ी पारी खेलने से पहले ही उनका विकेट गिर गया। उनके आउट होते ही इंग्लैंड की पारी लड़खड़ा गई।

    स्टोक्स के बाद बल्लेबाजी करने आए जैकब बेथेल बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए। न्यूजीलैंड के गेंदबाज जैकरी फाउल्क्स ने उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट कर इंग्लैंड पर दबाव और बढ़ा दिया। इसके बाद हैरी ब्रूक ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए और केवल नौ गेंदों में 21 रन बनाए लेकिन उनकी पारी भी ज्यादा देर नहीं चल सकी। दूसरी ओर बेन डकेट ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए 42 गेंदों में 36 रन बनाए लेकिन वह भी टीम को मजबूत स्थिति में नहीं पहुंचा सके।

    दिन का खेल समाप्त होने तक अनुभवी बल्लेबाज जो रूट नौ रन और एमिलियो गे छह रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे। अब इंग्लैंड की सारी उम्मीदें इन दोनों बल्लेबाजों पर टिकी होंगी। अगर अंतिम दिन टीम को जीत हासिल करनी है तो इन दोनों को लंबी साझेदारी निभानी होगी।

    इससे पहले न्यूजीलैंड ने अपनी दूसरी पारी नौ विकेट पर 288 रन बनाकर घोषित की। टीम की ओर से रचिन रविंद्र और डेरिल मिचेल ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 129 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर इंग्लैंड के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य खड़ा किया। रचिन रविंद्र शतक से चूक गए और 149 गेंदों में 94 रन बनाकर आउट हुए जबकि डेरिल मिचेल ने नाबाद 100 रन की शानदार पारी खेली। उनकी इस पारी ने न्यूजीलैंड की बढ़त को निर्णायक बना दिया।

    इंग्लैंड की ओर से जोफ्रा आर्चर ने सबसे प्रभावी गेंदबाजी करते हुए 53 रन देकर चार विकेट झटके। गस एटकिंसन और कप्तान बेन स्टोक्स ने दो दो विकेट अपने नाम किए लेकिन न्यूजीलैंड तब तक मजबूत बढ़त हासिल कर चुका था।

    पहली पारी में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड के 354 रन के जवाब में 438 रन बनाकर 84 रन की बढ़त बनाई थी। दूसरी पारी में 288 रन जोड़ने के बाद उसने इंग्लैंड के सामने 373 रन का मुश्किल लक्ष्य रखा। अब अंतिम दिन मुकाबला पूरी तरह रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। इंग्लैंड को जीत के लिए 270 रन बनाने हैं जबकि न्यूजीलैंड को सीरीज में अहम बढ़त लेने के लिए केवल छह विकेट की जरूरत है।

  • वेस्टइंडीज ने संकट से की शानदार वापसी, जांगू-चेज की शतकीय साझेदारी बनी सहारा

    वेस्टइंडीज ने संकट से की शानदार वापसी, जांगू-चेज की शतकीय साझेदारी बनी सहारा


    नई दिल्ली । एंटीगुआ के सर विवियन रिचर्ड्स क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे वेस्टइंडीज और श्रीलंका के बीच पहले टेस्ट मुकाबले में दूसरे दिन का खेल मेजबान टीम के नाम रहा। शुरुआती झटकों के बाद आमिर जांगू और कप्तान रोस्टन चेज ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज की पारी को संभाला। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 5 विकेट पर 271 रन बना लिए हैं और अब वह श्रीलंका के पहली पारी के स्कोर से केवल 37 रन पीछे है।

    दिन की शुरुआत वेस्टइंडीज के सलामी बल्लेबाजों ने सकारात्मक अंदाज में की। जॉन कैंपबेल और ब्रैंडन किंग ने पहले विकेट के लिए 58 रन जोड़कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। हालांकि अच्छी शुरुआत के बावजूद ब्रैंडन किंग 31 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद कैंपबेल भी 39 रन बनाकर पवेलियन लौट गए और वेस्टइंडीज की पारी लड़खड़ाने लगी।

    मध्यक्रम में केवम हॉज 16 रन बनाकर आउट हुए जबकि जोशुआ दा सिल्वा भी 20 रन से आगे नहीं बढ़ सके। इसके बाद जस्टिन ग्रीव्स केवल 3 रन बनाकर चलते बने। 168 रन के स्कोर तक पांच विकेट गिरने के बाद ऐसा लग रहा था कि श्रीलंका मैच पर पूरी तरह पकड़ बना लेगा।

    यहीं से आमिर जांगू और कप्तान रोस्टन चेज ने शानदार जिम्मेदारी निभाई। दोनों बल्लेबाजों ने संयम और धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों को सफलता से दूर रखा। जांगू ने 174 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 78 रन बनाए। उनकी पारी में सात चौके शामिल रहे। दूसरी ओर कप्तान रोस्टन चेज ने भी धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी करते हुए 105 गेंदों में नाबाद 42 रन बनाए।

    दोनों बल्लेबाजों के बीच छठे विकेट के लिए अब तक 103 रन की अटूट साझेदारी हो चुकी है जिसने वेस्टइंडीज को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। तीसरे दिन कैरेबियाई टीम की कोशिश बढ़त हासिल कर मैच पर नियंत्रण बनाने की होगी।

    श्रीलंका की ओर से गेंदबाजी में असिथा फर्नांडो और मिलन रत्नायके ने दो-दो विकेट हासिल किए। शुरुआती सफलता के बावजूद दोनों गेंदबाज बाद में जांगू और चेज की साझेदारी को नहीं तोड़ सके।

    इससे पहले श्रीलंका ने अपनी पहली पारी में 308 रन बनाए थे। टीम के लिए धनंजय डी सिल्वा ने शानदार शतक जड़ते हुए 168 गेंदों में 120 रन बनाए। दिनेश चांदीमल ने 54 रन का योगदान दिया जबकि सोनल दिनुशा ने 43 और मदुशंका ने 23 रन की उपयोगी पारी खेली थी।

    अब मुकाबला बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। वेस्टइंडीज के पास पहली पारी में बढ़त लेने का सुनहरा मौका है जबकि श्रीलंका तीसरे दिन शुरुआती विकेट लेकर मैच में फिर से वापसी करना चाहेगा।

  • टीम इंडिया की गेंदबाजी ने दिखाया दम, अफगानिस्तान की पारी लड़खड़ाई

    टीम इंडिया की गेंदबाजी ने दिखाया दम, अफगानिस्तान की पारी लड़खड़ाई


    नई दिल्ली। भारत के 564 रनों के जवाब में अफगानिस्तान की शुरुआत ही कमजोर रही। टीम ने तीसरे दिन 113/5 से आगे खेलना शुरू किया, लेकिन इसके बाद बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह बिखर गया। केवल अनुभवी बल्लेबाज रहमत शाह ही टिककर खेल सके और उन्होंने 60 रनों की उपयोगी पारी खेली, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई खास समर्थन नहीं मिला।

    मानव सुथार का ‘अबूझ पहेली’ जैसा डेब्यू
    मानव सुथार ने अपने टेस्ट डेब्यू को यादगार बना दिया। उन्होंने अफगान बल्लेबाजों को पूरी तरह परेशान करते हुए 33 रन देकर 6 विकेट अपने नाम किए। उनकी गेंदबाजी इतनी प्रभावशाली रही कि अफगानिस्तान के बल्लेबाज लगातार दबाव में नजर आए और एक के बाद एक विकेट गिरते चले गए।

    तेज गेंदबाजों का भी योगदान
    भारत की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट झटके, जबकि वॉशिंगटन सुंदर को एक सफलता मिली। भारतीय गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन ने अफगानिस्तान को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।

    भारत की मजबूत पकड़
    पहली पारी के आधार पर भारत ने 412 रनों की विशाल बढ़त हासिल कर ली है, जिससे मुकाबला पूरी तरह एकतरफा होता नजर आ रहा है। भारत की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही विभागों ने अब तक शानदार प्रदर्शन किया है।

    डेब्यू मैच में ही मानव सुथार ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसने उन्हें भविष्य के बड़े स्पिनरों की सूची में चर्चा में ला दिया है। अफगानिस्तान के लिए यह मैच मुश्किल साबित हो रहा है, जबकि भारत पूरी तरह नियंत्रण में है।

  • ऋषभ पंत को लेकर आया समर्थन, कहा- टेस्ट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा

    ऋषभ पंत को लेकर आया समर्थन, कहा- टेस्ट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा


    मध्य प्रदेश । भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को लेकर पूर्व चयनकर्ता देवांग गांधी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पंत को भारत का अब तक का सबसे बेहतरीन विकेटकीपर-बल्लेबाज बताते हुए उनकी टेस्ट क्रिकेट में भूमिका की जमकर सराहना की।

    देवांग गांधी ने कहा कि भले ही पंत इस समय खराब फॉर्म से गुजर रहे हों, लेकिन उनकी क्षमता और मैच जिताने वाली पारियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि चयनकर्ता भी उनकी काबिलियत को समझते हैं और इसी वजह से उन्हें लगातार मौके दिए जा रहे हैं।

    उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पंत का इंग्लैंड दौरा काफी प्रभावशाली रहा था, हालांकि चोट के कारण वह पूरी सीरीज नहीं खेल पाए थे। इसके बावजूद टेस्ट क्रिकेट में उनका योगदान भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा है।

    देवांग गांधी के अनुसार, पंत ने विदेशी पिचों पर भी शानदार प्रदर्शन किया है। चाहे दक्षिण अफ्रीका हो, इंग्लैंड या ऑस्ट्रेलिया—उन्होंने कई अहम मौकों पर मैच जिताने वाली पारियां खेली हैं, जिससे उनकी उपयोगिता और भी बढ़ जाती है।

    पूर्व चयनकर्ता ने यह भी कहा कि पंत की विकेटकीपिंग पर अक्सर बात नहीं होती, जबकि उन्होंने इसमें काफी सुधार किया है और घरेलू व विदेशी दोनों परिस्थितियों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने पंत को “आधुनिक दौर का सबसे प्रभावशाली विकेटकीपर-बल्लेबाज” करार दिया।

    उन्होंने खास तौर पर गाबा टेस्ट में खेली गई पंत की ऐतिहासिक पारी का जिक्र करते हुए कहा कि वह हमेशा क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार रहेगी। पंत अब अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले टेस्ट में अपने करियर का 50वां टेस्ट मैच खेलने उतर सकते हैं, जो उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

  • मुशफिकुर रहीम का शतक, बांग्लादेश ने पाकिस्तान को दिया 437 रन का विशाल लक्ष्य, तीसरे दिन खेल बना रोमांचक

    मुशफिकुर रहीम का शतक, बांग्लादेश ने पाकिस्तान को दिया 437 रन का विशाल लक्ष्य, तीसरे दिन खेल बना रोमांचक


    नई दिल्ली ।
    सिलहट इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में बांग्लादेश ने पाकिस्तान के सामने जीत के लिए 437 रनों का विशाल लक्ष्य रखकर मुकाबले को पूरी तरह रोमांचक बना दिया है। मैच के तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक पाकिस्तान ने अपनी दूसरी पारी की शुरुआत तो की, लेकिन दो ओवर खेलने के बाद बिना किसी रन के विकेट बचाकर दिन खत्म किया। अब अंतिम दिन का खेल निर्णायक साबित होगा, जहां दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने की उम्मीद है।

    इस मुकाबले में बांग्लादेश की शुरुआत पहली पारी में उतनी मजबूत नहीं रही और टीम महज 278 रनों पर सिमट गई थी। इस पारी में सबसे शानदार प्रदर्शन लिटन दास ने किया, जिन्होंने 126 रनों की जिम्मेदार और आक्रामक पारी खेली। उनकी पारी में 16 चौके और 2 छक्के शामिल रहे, जिसने टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। कप्तान नजमुल हुसैन शान्तो ने भी 29 रन बनाकर कुछ देर तक संघर्ष किया, लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़ी साझेदारियां बनाने में असफल रहे।

    पाकिस्तान की गेंदबाजी इस पारी में काफी प्रभावी रही, जहां खुर्रम शहजाद ने चार विकेट लेकर बांग्लादेश की बल्लेबाजी को झकझोर दिया। मोहम्मद अब्बास ने भी तीन महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए, जबकि हसन अली को दो सफलताएं मिलीं। साजिद खान ने एक विकेट लेकर टीम को शुरुआती सफलता दिलाई।

    इसके जवाब में पाकिस्तान की पहली पारी पूरी तरह लड़खड़ा गई और टीम सिर्फ 232 रन पर सिमट गई। इस पारी में बाबर आजम ने 68 रनों की सबसे बड़ी पारी खेली, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिल सका। कप्तान शान मसूद और सलमान आगा ने 21-21 रन बनाए, जबकि साजिद खान ने 38 रनों की उपयोगी पारी खेली। बांग्लादेश की गेंदबाजी यहां बेहद प्रभावी रही, जहां नाहिद राणा और तैजुल इस्लाम ने तीन-तीन विकेट हासिल किए। तस्कीन अहमद और मेहदी हसन ने दो-दो विकेट लेकर पाकिस्तान की पारी को जल्द समाप्त कर दिया।

    पहली पारी के आधार पर बांग्लादेश को 46 रनों की बढ़त मिली, जिसने टीम को मनोवैज्ञानिक बढ़त दी। दूसरी पारी में बांग्लादेश ने बेहद आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 390 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। इस पारी में अनुभवी बल्लेबाज मुशफिकुर रहीम ने शतक लगाते हुए 137 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 13 चौके शामिल रहे। वहीं लिटन दास ने एक बार फिर उपयोगी योगदान देते हुए 69 रन बनाए। महमूदुल हसन जॉय ने 52 रनों की अहम पारी खेली, जिसने टीम की स्थिति को और मजबूत किया।

    पाकिस्तान की गेंदबाजी दूसरी पारी में भी कुछ हद तक प्रभावी रही, जहां खुर्रम शहजाद ने चार विकेट झटके। साजिद खान ने तीन विकेट लिए, जबकि हसन अली और मोहम्मद अब्बास ने भी विकेट निकालने में सफलता पाई। इसके बावजूद बांग्लादेश ने बड़ा लक्ष्य खड़ा कर पाकिस्तान को दबाव में डाल दिया।

    अब पाकिस्तान के सामने चौथी पारी में 437 रनों का कठिन लक्ष्य है, जो टेस्ट क्रिकेट के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है। तीसरे दिन के अंतिम क्षणों में पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज क्रीज पर उतरे, लेकिन कोई रन बनाए बिना दिन का खेल समाप्त करना पड़ा। अंतिम दिन का खेल इस मैच और संभवतः पूरी सीरीज का फैसला तय कर सकता है।

  • विराट कोहली की टेस्ट रिटायरमेंट पर नवजोत सिंह सिद्धू का इमोशनल पोस्ट सोशल मीडिया पर छाया, बोले-भगवान से सिर्फ एक विश मांगूंगा।

    विराट कोहली की टेस्ट रिटायरमेंट पर नवजोत सिंह सिद्धू का इमोशनल पोस्ट सोशल मीडिया पर छाया, बोले-भगवान से सिर्फ एक विश मांगूंगा।


    नई दिल्ली:भारतीय क्रिकेट में अगर किसी खिलाड़ी ने पिछले डेढ़ दशक में सबसे ज्यादा जुनून, जुनूनी फैंस और जज्बे की पहचान बनाई है, तो वह नाम विराट कोहली का है। मैदान पर उतरते ही कोहली सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं रहते, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं की धड़कन बन जाते हैं। उनके हर शॉट, हर रिएक्शन और हर जश्न में फैंस खुद को देख लेते हैं।

    हालांकि अब विराट कोहली अपने करियर के अंतिम दौर की ओर बढ़ रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव पर उन्होंने धीरे-धीरे क्रिकेट के कुछ फॉर्मेट्स को अलविदा कह दिया है। टी20 क्रिकेट से पहले ही दूरी बना चुके कोहली ने इसी साल टेस्ट क्रिकेट से भी संन्यास लेकर फैंस को भावुक कर दिया। फिलहाल 37 वर्षीय कोहली केवल वनडे क्रिकेट में ही भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।फैंस भले ही विराट को टी20 में पसंद करते रहे हों, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनकी मौजूदगी कुछ अलग ही रोमांच पैदा करती थी। उनकी आक्रामक कप्तानी, तेज गेंदबाजों को उकसाने वाला अंदाज और कठिन परिस्थितियों में टीम को संभालने की क्षमता टेस्ट क्रिकेट को खास बना देती थी। यही वजह है कि आज भी फैंस को टेस्ट क्रिकेट में विराट कोहली की सबसे ज्यादा कमी खलती है।

    इसी भावनात्मक जुड़ाव को शब्दों में पिरोया है भारत के पूर्व क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने। हाल ही में सिद्धू ने सोशल मीडिया पर विराट कोहली को लेकर एक पोस्ट साझा की जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इस पोस्ट को फैंस कोहली पगलूपोस्ट कहकर शेयर कर रहे हैं और जमकर भावनाएं जता रहे हैं।नवजोत सिंह सिद्धू ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि अगर भगवान उन्हें सिर्फ एक इच्छा मांगने का मौका दें, तो वह विराट कोहली की टेस्ट रिटायरमेंट वापस लेने की मांग करेंगे। सिद्धू के इस बयान ने करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की भावनाओं को जैसे आवाज दे दी हो।

    अपनी पोस्ट में सिद्धू ने लिखा,

    अगर भगवान मुझे एक विश देते तो मैं उनसे कहता कि विराट कोहली को टेस्ट क्रिकेट की रिटायरमेंट से वापस लाओ। 1.5 अरब लोगों के देश को इससे बड़ी खुशी और आनंद किसी और चीज से नहीं मिल सकता। उनकी फिटनेस आज भी 20 साल के लड़के जैसी है। विराट खुद 24 कैरेट सोने जैसे खरे इंसान हैं।सिद्धू का यह बयान इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि विराट कोहली ने इसी साल इंग्लैंड दौरे से ठीक पहले टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था। यह फैसला कई लोगों के लिए चौंकाने वाला था, क्योंकि कोहली की फिटनेस और फॉर्म अभी भी बेहतरीन मानी जा रही थी।

    विराट कोहली ने 12 मई 2025 को आधिकारिक रूप से टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा। उन्होंने भारत के लिए 123 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 46.85 की शानदार औसत से 9,230 रन बनाए। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 30 शतक और 31 अर्धशतक दर्ज हैं। आंकड़ों से कहीं ज्यादा, कोहली का योगदान भारतीय टेस्ट टीम की मानसिकता बदलने में रहा।आज भले ही विराट टेस्ट क्रिकेट से दूर हों, लेकिन उनकी मौजूदगी और विरासत हर टेस्ट मैच में महसूस की जाती है। नवजोत सिंह सिद्धू का यह पोस्ट इस बात का सबूत है कि विराट कोहली सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं, बल्कि एक युग हैं जिसकी कमी आने वाले सालों तक महसूस की जाती रहेगी।

  • ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में नया इतिहास! एलेक्स कैरी ने कैलेंडर ईयर में सर्वाधिक रन बनाने वाले विकेटकीपर का बड़ा रिकॉर्ड बनाया

    ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में नया इतिहास! एलेक्स कैरी ने कैलेंडर ईयर में सर्वाधिक रन बनाने वाले विकेटकीपर का बड़ा रिकॉर्ड बनाया


    नई दिल्ली।ऑस्ट्रेलिया के विकेटकीपर-बल्लेबाज एलेक्स कैरी ने शनिवार को ब्रिसबेन में खेले जा रहे एशेज सीरीज के चौथे टेस्ट मैच के दौरान एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। कैरी अब एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर बल्लेबाजों में दूसरे स्थान पर आ गए हैं। यह रिकॉर्ड पहले एडम गिलक्रिस्ट के नाम था, जिन्होंने पांच बार यह कारनामा कर इतिहास रचा था।

    हालांकि चौथे टेस्ट के दौरान कैरी का प्रदर्शन थोड़ी निराशा वाला रहा। ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में वह जल्दी ही सस्ते में आउट होकर पवेलियन लौट गए। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने गिलक्रिस्ट के खास क्लब में अपनी जगह पक्की कर ली।एलेक्स कैरी ने 2025 में ऑस्ट्रेलिया के लिए कुल 767 रन बनाए, जिससे वह साल 2005 के बाद ऑस्ट्रेलिया के लिए एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले विकेटकीपर बन गए। एडम गिलक्रिस्ट के रिकॉर्ड की बात करें तो उन्होंने 2001 में 870, 2004 में 837, 2005 में 836, 2002 में 792 और 2003 में 714 रन बनाए थे।

    कैरी ने साल 2025 में श्रीलंका, वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका WTC फाइनलऔर इंग्लैंड के खिलाफ कई महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। उनके इस प्रदर्शन के चलते वह आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में टॉप-10 बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो चुके हैं।ब्रिसबेन में खेले जा रहे चौथे टेस्ट मैच का पहला दिन बेहद रोमांचक रहा। पहले दिन ही 20 विकेट गिर गए, और दोनों टीमों की पहली पारी पूरी हो गई। ऑस्ट्रेलिया ने पहले दिन का खेल समाप्त होने तक दूसरी पारी में बिना किसी नुकसान के चार रन बना लिए थे, जिससे उन्हें 46 रन की बढ़त मिली।

    दूसरे दिन भी विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहा। लंच ब्रेक तक ऑस्ट्रेलिया ने 25 ओवर में 6 विकेट खोकर 98 रन बनाए। पहले सेशन में टीम ने 94 रन जोड़े और 6 विकेट गंवाए। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया ने कुल मिलाकर 140 रन की बढ़त हासिल कर ली। इंग्लैंड के जोश टंग ने 45 रन देकर पांच विकेट लिए। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड ने मेजबान टीम को 152 रन पर ऑलआउट कर दिया। जवाब में इंग्लैंड की टीम 29.5 ओवर में 110 रन पर ऑलआउट हो गई।इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने पहले तीन टेस्ट मैच जीतकर 11 दिन के भीतर सीरीज अपने नाम कर ली थी। इस जीत के साथ ही टीम के लिए कैरी का प्रदर्शन और भी खास बन गया है, क्योंकि उन्होंने टीम को मजबूत बल्लेबाजी का सहारा दिया और गिलक्रिस्ट के रिकॉर्ड को चुनौती दी।

    एक कैलेंडर ईयर में ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर द्वारा बनाए गए सबसे ज्यादा टेस्ट रन:

    870 – एडम गिलक्रिस्ट, 2001

    837 – एडम गिलक्रिस्ट, 2004

    836 – एडम गिलक्रिस्ट, 2005

    792 – एडम गिलक्रिस्ट, 2002

    767 – एलेक्स कैरी, 2025

    714 – एडम गिलक्रिस्ट, 2003

    इस उपलब्धि से यह साफ हो गया है कि एलेक्स कैरी ने न सिर्फ खुद को टीम का अहम हिस्सा बनाया है, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके इस प्रदर्शन से युवा खिलाड़ियों में भी प्रेरणा मिलेगी और भविष्य में ऑस्ट्रेलिया के लिए कई रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद बढ़ जाएगी।

  • शाकिब अल हसन ने किया चौंकाने वाला यू-टर्न: तीनों फॉर्मेट में खेलकर लेना चाहते फेयरवेल सीरीज

    शाकिब अल हसन ने किया चौंकाने वाला यू-टर्न: तीनों फॉर्मेट में खेलकर लेना चाहते फेयरवेल सीरीज


    नई दिल्ली। बांग्लादेश के पूर्व कप्तान और ऑलराउंडर शाकिब अल हसन ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास पर अपने पहले के फैसले को पलटते हुए तीनों फॉर्मेट-ओडीआई, टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल-में खेलने की इच्छा जताई है। शाकिब चाहते हैं कि वे अपने करियर की अंतिम सीरीज बांग्लादेश में घरेलू दर्शकों के सामने खेलकर विदाई लें।

    रिटायरमेंट से वापसी का कारण

    शाकिब ने पिछले साल अक्टूबर में भारत के खिलाफ कानपुर टेस्ट खेला था। इसके बाद उन्होंने टेस्ट और टी20 फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा की थी, जबकि वनडे इंटरनेशनल खेलते रहने की इच्छा जताई थी। बाद में विवाद और कानूनी मुद्दों के कारण वह टीम में वापसी नहीं कर पाए।

    हाल ही में बियर्ड बिफोर विकेट पॉडकास्ट में मोईन अली से बातचीत के दौरान शाकिब ने स्पष्ट किया कि उन्होंने तीनों फॉर्मेट से आधिकारिक रूप से संन्यास नहीं लिया है। उन्होंने कहा:

    “मेरी इच्छा है कि मैं बांग्लादेश लौटकर ओडीआई, टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल की पूरी सीरीज खेलूं और इसके बाद संन्यास लूँ। मैं इसे किसी भी क्रम में खेल सकता हूँ, लेकिन पूरी सीरीज खेलकर ही विदाई लेना चाहता हूँ।”

    बांग्लादेश लौटने की चुनौती

    शाकिब के लिए बांग्लादेश लौटना आसान नहीं है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने पहले ही स्पष्ट किया है कि वे किसी भी तरह की सुरक्षा गारंटी नहीं दे सकते। पिछले साल शाकिब घरेलू मैदान पर साउथ अफ्रीका के खिलाफ फेयरवेल टेस्ट खेलना चाहते थे, लेकिन सुरक्षा चिंताओं और गिरफ्तारी के डर के कारण उन्होंने जोखिम नहीं लिया।

    साथ ही शाकिब ने कहा कि वे फिट रहकर चयन के लिए उपलब्ध रहना चाहते हैं और घरेलू दर्शकों के सामने ही अपने करियर को सम्मानजनक रूप से समाप्त करना चाहते हैं।

    शाकिब का करियर: शानदार ऑलराउंड रिकॉर्ड

    38 वर्षीय शाकिब अल हसन ने बांग्लादेश के लिए बेहतरीन प्रदर्शन किया है:

    टेस्ट: 71 मैच, 4609 रन (औसत 37.78), 246 विकेट

    वनडे: 247 मैच, 7570 रन, 317 विकेट

    टी20 इंटरनेशनल: 129 मैच, 2551 रन, 149 विकेट

    आईपीएल: 71 मैच, 793 रन, 63 विकेट

    उनकी बल्लेबाजी और गेंदबाजी की क्षमताओं ने उन्हें बांग्लादेश के सबसे बड़े ऑलराउंडरों में शामिल किया है।

    शाकिब की यह वापसी और अंतिम सीरीज की योजना क्रिकेट प्रशंसकों के लिए खासा रोमांचक बन सकती है, लेकिन सुरक्षा और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण उनके देश लौटने में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।

  • जो रूट का कमाल: ऑस्ट्रेलिया में पहली बार लगाया शतक, 160वें टेस्ट में रचा इतिहास

    जो रूट का कमाल: ऑस्ट्रेलिया में पहली बार लगाया शतक, 160वें टेस्ट में रचा इतिहास


    नई दिल्‍ली । इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट में शतक लगाया। जो रूट का ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर पहला टेस्ट शतक है। जो रूट ने ब्रिसबेन में खेले जा रहे पिंक बॉल टेस्ट में 181 गेंदों का सामना करते हुए 100 रन पूरे किए। रूट अपनी पारी में 11 चौके लगा चुके हैं। जो रूट ने 160वें टेस्ट के दौरान ऑस्ट्रेलिया में शतक लगाने का कारनामा किया। रूट का टेस्ट में ये 40वां शतक है।

    ब्रिसबेन में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों का दबदबा देखने को मिला है। इंग्लैंड ने लगातार अंतराल पर विकेट गंवाए हैं। हालांकि जो रूट एक छोर पर डटे हुए हैं। जो रूट ने ऑस्ट्रेलिया में 30वीं पारी में अपना पहला शतक पूरा किया। ऑस्ट्रेलिया में सबसे ज्यादा पारी खेलने के बाद शतक लगाने का रिकॉर्ड इयान हीली के नाम है। उन्होंने 41 पारी ली थी। बॉब सिम्पसन ने 36, गोर्डन और स्टीव वॉ ने 32 पारियों में ये कमाल किया था।