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  • लॉर्ड्स में भी पाकिस्तान की किरकिरी: इंग्लैंड ने 194 रन से रौंदा, टेस्ट इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा शर्मनाक हाल

    लॉर्ड्स में भी पाकिस्तान की किरकिरी: इंग्लैंड ने 194 रन से रौंदा, टेस्ट इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा शर्मनाक हाल


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। लीड्स के बाद लॉर्ड्स में भी पाकिस्तान को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। दूसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 194 रनों से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इस हार के साथ पाकिस्तान के नाम टेस्ट क्रिकेट में ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो गया जो टीम कभी नहीं चाहेगी। पाकिस्तान की पूरी टीम लगातार चौथी पारी में 200 रन के आंकड़े को पार करने में नाकाम रही और टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि पाकिस्तान लगातार चार पारियों में 200 से कम रन पर ऑलआउट हुआ है।

    लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में पाकिस्तान की टीम महज 110 रन पर सिमट गई थी। इससे पहले लीड्स टेस्ट की पहली पारी में पाकिस्तान ने 171 रन बनाए थे जबकि दूसरी पारी में पूरी टीम सिर्फ 135 रन पर ढेर हो गई थी। लॉर्ड्स में दूसरी पारी में भी बल्लेबाजों ने निराश किया और 389 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की टीम 194 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह लगातार चार पारियों में पाकिस्तान का स्कोर 200 रन तक भी नहीं पहुंच सका। लॉर्ड्स टेस्ट की दोनों पारियों को मिलाकर पाकिस्तान के बल्लेबाज सिर्फ 529 गेंदों का सामना कर सके।

    पाकिस्तान की दूसरी पारी में सऊद शकील ने अकेले मोर्चा संभालने की कोशिश की। उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 97 रन की पारी खेली और टीम को लक्ष्य के करीब ले जाने का प्रयास किया लेकिन दूसरे छोर से उन्हें किसी बल्लेबाज का पर्याप्त साथ नहीं मिला। कप्तान बाबर आजम का प्रदर्शन एक बार फिर निराशाजनक रहा। वह दोनों पारियों में प्रभाव नहीं छोड़ सके और पूरे मैच में उनके बल्ले से कुल 14 रन ही निकले। शान मसूद ने दूसरी पारी में 26 रन बनाए लेकिन टीम को संकट से बाहर नहीं निकाल सके। पाकिस्तान के छह बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा तक नहीं छू सके।

    इंग्लैंड के गेंदबाजों ने पाकिस्तान की कमजोर बल्लेबाजी का पूरा फायदा उठाया। ओली रॉबिन्सन ने दोनों पारियों में शानदार गेंदबाजी करते हुए मैच में कुल आठ विकेट अपने नाम किए। जोफ्रा आर्चर और जोश टंग ने भी पाकिस्तान के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा और दोनों गेंदबाजों ने मैच में पांच-पांच विकेट हासिल किए। इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों के सामने पाकिस्तान की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखरी हुई नजर आई और टीम एक बार फिर बड़े लक्ष्य का पीछा करने में नाकाम रही।

    पाकिस्तान के लिए विदेश में टेस्ट क्रिकेट का प्रदर्शन भी चिंता बढ़ाने वाला है। दक्षिण अफ्रीका इंग्लैंड न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में 2018 से खेले गए 18 टेस्ट मैचों में पाकिस्तान को 16वीं हार मिली है। टीम को इन देशों में आखिरी टेस्ट जीत 2018 में मिली थी। लगातार खराब प्रदर्शन ने पाकिस्तान की बल्लेबाजी और टीम संयोजन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    दूसरे टेस्ट में मिली इस हार ने न केवल पाकिस्तान को सीरीज गंवा दी बल्कि टीम के टेस्ट इतिहास में एक बेहद खराब रिकॉर्ड भी जोड़ दिया। इंग्लैंड ने लगातार दो टेस्ट जीतकर अपना दबदबा कायम कर लिया है। अब पाकिस्तान की नजर तीसरे और आखिरी टेस्ट पर होगी जहां टीम कम से कम सम्मान बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगी। वहीं इंग्लैंड की कोशिश सीरीज का आखिरी मुकाबला जीतकर पाकिस्तान का पूरी तरह सफाया करने की होगी।

  • लॉर्ड्स टेस्ट में पाकिस्तान की हार का ठीकरा बल्लेबाजों पर: बाबर बोले- हमने हालात का फायदा उठाया लेकिन बैटिंग में चूक गए

    लॉर्ड्स टेस्ट में पाकिस्तान की हार का ठीकरा बल्लेबाजों पर: बाबर बोले- हमने हालात का फायदा उठाया लेकिन बैटिंग में चूक गए


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में 194 रनों की करारी हार के बाद पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम ने टीम की बल्लेबाजी को हार की सबसे बड़ी वजह बताया है। 389 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की पूरी टीम दूसरी पारी में सिर्फ 194 रन पर सिमट गई। इस हार के साथ ही पाकिस्तान ने तीन मैचों की टेस्ट सीरीज भी गंवा दी है। लगातार दो मुकाबले हारने के बाद अब पाकिस्तानी टीम के सामने आखिरी टेस्ट में सम्मान बचाने की चुनौती है।

    मैच के बाद बाबर आजम ने कहा कि टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला मौसम और पिच की परिस्थितियों को देखते हुए किया था। आसमान में बादल छाए होने के कारण पाकिस्तान के गेंदबाजों ने शुरुआती परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाया और इंग्लैंड को पहली पारी में 290 रन तक रोक दिया। इसके बाद उम्मीद थी कि पाकिस्तानी बल्लेबाज भी परिस्थितियों का फायदा उठाते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

    बाबर ने माना कि गेंदबाजों ने दोनों पारियों में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन बल्लेबाज उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरी पारी में भी पाकिस्तान की बल्लेबाजी बिखर गई और 389 रनों के लक्ष्य के सामने पूरी टीम 194 रन पर ऑलआउट हो गई। कप्तान के मुताबिक टीम के पास मुकाबले में वापसी करने के मौके थे लेकिन खिलाड़ी उन मौकों को जीत में बदलने में नाकाम रहे।

    पाकिस्तान की गेंदबाजी की तारीफ करते हुए बाबर आजम ने तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास के प्रदर्शन को खास तौर पर सराहा। अब्बास ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट अपने नाम किए और इंग्लैंड की बल्लेबाजी को परेशानी में डाला। बाबर ने कहा कि लॉर्ड्स में पांच विकेट लेना अब्बास के लिए यादगार पल है। कप्तान ने सऊद शकील की बल्लेबाजी की भी तारीफ की और कहा कि वह जिस तरह से खेल रहे थे उससे उनकी क्लास और समर्पण नजर आया।

    इंग्लैंड ने इस मुकाबले में पहली पारी में 290 रन बनाए थे जिसके जवाब में पाकिस्तान की टीम महज 110 रन पर ढेर हो गई। इसके बाद इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 208 रन बनाकर पाकिस्तान के सामने 389 रनों का लक्ष्य रखा। पाकिस्तानी बल्लेबाज एक बार फिर इंग्लिश गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके और टीम 194 रन पर सिमट गई। इंग्लैंड ने मुकाबला 194 रनों से अपने नाम कर लिया।

    इससे पहले सीरीज के पहले टेस्ट में भी पाकिस्तान को बेहद निराशाजनक हार मिली थी। इंग्लैंड ने वह मुकाबला एक पारी और 103 रनों से जीता था। लगातार दो टेस्ट में हार के साथ पाकिस्तान ने सीरीज गंवा दी है। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में टीम के नाम लगातार चार पारियों में 200 से कम रन पर ऑलआउट होने का निराशाजनक रिकॉर्ड भी दर्ज हुआ है।

    अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का तीसरा और आखिरी टेस्ट 9 सितंबर से एजबेस्टन के मैदान पर खेला जाएगा। बाबर आजम ने संकेत दिया है कि पाकिस्तान आखिरी मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन के इरादे से उतरेगा। टीम की सबसे बड़ी चुनौती उसकी बल्लेबाजी होगी क्योंकि गेंदबाजों के अच्छे प्रदर्शन के बावजूद लगातार कम स्कोर पाकिस्तान की हार का कारण बन रहे हैं।

  • दक्षिण अफ्रीका के टेस्ट योद्धा का आखिरी सलाम! डीन एल्गर ने किया संन्यास का ऐलान, परिवार को दी पहली प्राथमिकता

    दक्षिण अफ्रीका के टेस्ट योद्धा का आखिरी सलाम! डीन एल्गर ने किया संन्यास का ऐलान, परिवार को दी पहली प्राथमिकता


    नई दिल्ली। साउथ अफ्रीका के दिग्गज क्रिकेटर और पूर्व कप्तान डीन एल्गर ने प्रोफेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। करीब डेढ़ दशक तक क्रिकेट के मैदान पर अपनी जुझारू बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले एल्गर 2026 काउंटी चैम्पियनशिप सीजन के समाप्त होने के बाद क्रिकेट के सभी प्रारूपों से विदाई ले लेंगे। 39 वर्षीय इस अनुभवी बल्लेबाज ने अपने फैसले के पीछे परिवार को प्राथमिकता देने की बात कही है। उनका मानना है कि अब क्रिकेट के लंबे सफर को विराम देने और जिंदगी के अगले अध्याय की ओर बढ़ने का सही समय आ गया है। एल्गर ने दक्षिण अफ्रीका के लिए टेस्ट क्रिकेट में जो योगदान दिया उसे वहां की क्रिकेट विरासत में लंबे समय तक याद किया जाएगा।

    डीन एल्गर की पहचान एक ऐसे टेस्ट बल्लेबाज के रूप में रही जिसने मुश्किल परिस्थितियों में डटकर मुकाबला किया। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के लिए 86 टेस्ट मुकाबले खेले और 35.92 की औसत से 5347 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 14 शतक और 23 अर्धशतक निकले। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 199 रन रहा जो उन्होंने 2017 में बांग्लादेश के खिलाफ बनाया था। एल्गर की बल्लेबाजी में आक्रामकता से ज्यादा धैर्य और लंबी पारी खेलने की क्षमता नजर आती थी। वह नई गेंद के सामने घंटों टिककर बल्लेबाजी करने और विपक्षी गेंदबाजों को थकाने के लिए जाने जाते थे। यही वजह रही कि उन्हें दक्षिण अफ्रीका के सबसे भरोसेमंद टेस्ट ओपनरों में गिना गया।

    टेस्ट क्रिकेट के अलावा एल्गर ने दक्षिण अफ्रीका के लिए 8 वनडे मुकाबले भी खेले जिसमें उनके नाम 104 रन दर्ज हैं। उन्होंने 2012 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था और करीब 12 वर्षों तक दक्षिण अफ्रीकी टेस्ट टीम के अहम सदस्य बने रहे। 2024 की शुरुआत में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। भारत के खिलाफ केपटाउन में खेला गया टेस्ट उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला बना। इस मैच में चोटिल टेम्बा बावुमा की गैरमौजूदगी में उन्हें दक्षिण अफ्रीका की कप्तानी भी करनी पड़ी थी। संयोग देखिए कि अपने विदाई टेस्ट को उन्होंने यादगार भी बना दिया। एल्गर ने शानदार 185 रनों की पारी खेली और दक्षिण अफ्रीका को मुकाबले में मजबूत स्थिति तक पहुंचाया। मेजबान टीम ने वह मुकाबला पारी से जीता और सीरीज 1-1 से बराबर करने में कामयाब रही।

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई के बाद भी एल्गर का बल्ला रुका नहीं। उन्होंने इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट को अपनी दूसरी पारी के तौर पर चुना। टेस्ट क्रिकेट के सीमित होते शेड्यूल को देखते हुए उन्होंने एसेक्स का रुख किया जहां उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिली। वह टीम में दिग्गज एलेस्टेयर कुक की जगह भरने पहुंचे थे। 2024 में एसेक्स से जुड़ते ही एल्गर ने शानदार प्रदर्शन किया और काउंटी चैम्पियनशिप में 1000 से ज्यादा रन बनाकर अपनी उपयोगिता साबित की। उन्हें क्लब का बैटर ऑफ द ईयर भी चुना गया। टी20 ब्लास्ट में भी उन्होंने 300 से ज्यादा रन बनाए। इससे पहले वह समरसेट और सरे के लिए भी काउंटी क्रिकेट खेल चुके थे।

    अब 2026 सीजन उनके प्रोफेशनल क्रिकेट करियर का अंतिम अध्याय होगा। परिवार के साथ ज्यादा समय बिताने की इच्छा के साथ एल्गर ने मैदान से विदाई का फैसला किया है। उनके करियर को सिर्फ आंकड़ों से नहीं बल्कि उस जज्बे से भी याद किया जाएगा जिसके साथ उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में कठिन परिस्थितियों का सामना किया। दक्षिण अफ्रीका को एक भरोसेमंद ओपनर और अनुभवी नेतृत्व देने वाले एल्गर अब जल्द ही क्रिकेट को अलविदा कहेंगे। उनका आखिरी सीजन उनके शानदार और संघर्षपूर्ण क्रिकेट सफर को एक भावुक विदाई देने का मौका होगा।

  • भारत के सामने श्रीलंका की हालत पस्त! फॉलोऑन खेलते ही ढहा टॉप ऑर्डर, 6 विकेट लेकर जीत की ओर टीम इंडिया

    भारत के सामने श्रीलंका की हालत पस्त! फॉलोऑन खेलते ही ढहा टॉप ऑर्डर, 6 विकेट लेकर जीत की ओर टीम इंडिया


    नई दिल्ली। कोलंबो टेस्ट में भारतीय टीम ने मुकाबले पर अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर ली है और अब श्रीलंका की हार लगभग सामने खड़ी नजर आ रही है। सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के चौथे दिन बारिश ने खेल जरूर रोक दिया लेकिन उससे पहले भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंकाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। फॉलोऑन खेलने उतरी मेजबान टीम ने दिन का खेल खत्म होने तक दूसरी पारी में 6 विकेट गंवाकर 229 रन बना लिए हैं। श्रीलंका के पास अब भारत के खिलाफ सिर्फ 16 रन की बढ़त है और उसके चार विकेट बाकी हैं। ऐसे में पांचवें दिन भारतीय टीम की कोशिश श्रीलंका की पारी को जल्द से जल्द समेटकर जीत पर मुहर लगाने की होगी।

    इससे पहले भारत ने अपनी पहली पारी 503 रन पर 9 विकेट के नुकसान पर घोषित की थी। टीम इंडिया की शुरुआत बहुत अच्छी नहीं रही थी और 66 रन के भीतर केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल के विकेट गिर गए थे। इसके बाद देवदत्त पड्डिकल और कप्तान शुभमन गिल ने पारी को संभाला और तीसरे विकेट के लिए 120 रन की शानदार साझेदारी की। गिल ने 50 रन बनाए जबकि पड्डिकल ने शानदार शतक लगाते हुए 117 रन की पारी खेली। उनकी पारी में 12 चौके शामिल रहे।

    पड्डिकल के बाद रवींद्र जडेजा के साथ उनकी 74 रन की साझेदारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इसके बाद ऋषभ पंत ने चोट से उबरकर मैदान पर वापसी की और ध्रुव जुरेल के साथ मिलकर 112 रन जोड़े। पंत ने 63 रन बनाए जबकि जुरेल ने नाबाद 115 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को 500 के पार पहुंचाया। जुरेल की पारी में 9 चौके और 2 छक्के शामिल रहे।

    भारत के विशाल स्कोर के जवाब में श्रीलंका की पहली पारी 290 रन पर सिमट गई। पसिंदु सूरियाबंदारा ने 80 रन और सोनल दिनुषा ने 103 रन बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की लेकिन श्रीलंका फॉलोऑन बचाने के लिए जरूरी स्कोर से 14 रन दूर रह गया। भारत की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा और मानव सुथार ने तीन तीन विकेट चटकाए जबकि सारांश जैन ने दो विकेट हासिल किए। भारत को पहली पारी में 213 रन की बड़ी बढ़त मिली जिसके बाद श्रीलंका को फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा।

    दूसरी पारी में श्रीलंका ने शुरुआत में ही एक विकेट गंवा दिया लेकिन इसके बाद पसिंदु सूरियाबंदारा ने मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने कामिल मिशारा और कामिंदु मेंडिस के साथ महत्वपूर्ण साझेदारियां कीं। कामिंदु ने 55 रन बनाए जबकि पसिंदु 92 रन बनाकर आउट हुए। कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने 23 रन जोड़े। हालांकि भारतीय गेंदबाज लगातार दबाव बनाए रहे और दूसरी पारी में भी श्रीलंका के छह विकेट गिर चुके हैं।

    अब मुकाबले का आखिरी दिन बेहद रोमांचक होने वाला है। श्रीलंका के पास केवल 16 रन की बढ़त है और चार विकेट शेष हैं। अगर भारतीय गेंदबाज शुरुआती सत्र में इन विकेटों को हासिल कर लेते हैं तो टीम इंडिया के सामने जीत के लिए बेहद छोटा लक्ष्य होगा। बारिश के कारण चौथे दिन खेल समय से पहले खत्म होने के बाद अब सभी की निगाहें पांचवें दिन पर टिकी हैं। भारत के पास जीत का सुनहरा मौका है और श्रीलंका के लिए अब मैच बचाना सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है।

  • टीम इंडिया को मिला नया शतकवीर, देवदत्त पडिक्कल ने विदेशी धरती पर लगातार दो टेस्ट में सेंचुरी लगाकर रचा इतिहास

    टीम इंडिया को मिला नया शतकवीर, देवदत्त पडिक्कल ने विदेशी धरती पर लगातार दो टेस्ट में सेंचुरी लगाकर रचा इतिहास


    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मुकाबले में भारतीय बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने एक बार फिर अपने बल्ले का दम दिखाते हुए लगातार दूसरा शतक जड़ दिया। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने शानदार धैर्य और बेहतरीन तकनीक का परिचय देते हुए 168 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। इसके साथ ही पडिक्कल ने विदेशी धरती पर लगातार दो टेस्ट मैचों में शतक लगाने वाले चुनिंदा भारतीय बल्लेबाजों की सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया। इससे पहले गाले में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट में भी उन्होंने शानदार शतकीय पारी खेली थी और अब कोलंबो में भी अपने प्रदर्शन को दोहराकर टीम इंडिया के लिए बड़ी पारी खेली है।

    पडिक्कल ने कोलंबो टेस्ट में 193 गेंदों का सामना करते हुए 117 रन बनाए। उनकी पारी में 12 शानदार चौके शामिल रहे। उनकी बल्लेबाजी की खास बात यह रही कि उन्होंने शुरुआत से ही श्रीलंकाई गेंदबाजों के खिलाफ आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की और मुश्किल परिस्थितियों में भी अपना विकेट संभालकर रखा। इससे पहले गाले टेस्ट में पडिक्कल ने 167 रन की शानदार पारी खेली थी। उनकी उस पारी की बदौलत भारतीय टीम ने पहला टेस्ट 165 रन से अपने नाम किया था। अब दूसरे टेस्ट में भी शतक लगाकर पडिक्कल ने साबित कर दिया है कि उनका पिछला प्रदर्शन महज संयोग नहीं था।

    लगातार दो टेस्ट में शतक लगाने की उपलब्धि ने पडिक्कल को भारतीय क्रिकेट के एक खास क्लब में पहुंचा दिया है। साल 2018-19 के बाद विदेशी जमीन पर लगातार दो टेस्ट मैचों में शतक लगाने वाले वह पहले भारतीय बल्लेबाज हैं। उनसे पहले चेतेश्वर पुजारा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के दौरान यह उपलब्धि हासिल की थी। पुजारा ने मेलबर्न टेस्ट में 106 और सिडनी टेस्ट में 193 रन की शानदार पारियां खेली थीं। अब पडिक्कल ने भी लगातार दो विदेशी टेस्ट में शतक लगाकर इस खास रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।

    कोलंबो टेस्ट में भारतीय टीम की शुरुआत हालांकि उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया को शुरुआती झटका केएल राहुल के रूप में लगा। राहुल केवल 18 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद यशस्वी जायसवाल और पडिक्कल ने पारी को संभालने की कोशिश की। जायसवाल ने 45 रन की उपयोगी पारी खेली लेकिन असिथा फर्नांडो की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए।

    इसके बाद पडिक्कल ने कप्तान शुभमन गिल के साथ मोर्चा संभाला। दोनों बल्लेबाजों के बीच तीसरे विकेट के लिए 120 रन की शानदार साझेदारी हुई। गिल ने भी अर्धशतक जमाते हुए 50 रन बनाए लेकिन फर्नांडो की गेंद पर विकेटकीपर के हाथों कैच आउट हो गए। दूसरी तरफ पडिक्कल लगातार क्रीज पर डटे रहे और अपने शतक तक पहुंचकर भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

    भारतीय टीम ने इस मुकाबले में कुलदीप यादव की जगह सारांश जैन को मौका दिया है। कुलदीप संक्रमण के कारण मुकाबले के लिए उपलब्ध नहीं थे। सारांश जैन इसी मुकाबले से टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण कर रहे हैं। वहीं भारत की नजर अब दूसरे टेस्ट में बड़ी पहली पारी का स्कोर खड़ा करने और सीरीज पर कब्जा मजबूत करने पर है। इस बीच पडिक्कल की लगातार दूसरी शतकीय पारी टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक खबर बनकर सामने आई है।

  • स्टार्क के तूफान में उड़ी बांग्लादेशी टीम, हार के बाद कप्तान शांतो बोले- विदेशों में और टेस्ट खेलने की जरूरत

    स्टार्क के तूफान में उड़ी बांग्लादेशी टीम, हार के बाद कप्तान शांतो बोले- विदेशों में और टेस्ट खेलने की जरूरत


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट में मिली करारी हार के बाद बांग्लादेश के कप्तान नजमुल हुसैन शांतो निराश नजर आए। मैके में खेले गए मुकाबले में बांग्लादेश को महज दो दिन के भीतर पारी और 51 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर ली। बांग्लादेश ने डार्विन में खेले गए पहले टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी लेकिन दूसरे टेस्ट में टीम अपने प्रदर्शन को दोहरा नहीं सकी।

    शांतो ने मैच के बाद माना कि बांग्लादेश ने इस मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं किया। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई टीम की क्षमता और अनुभव की तारीफ करते हुए कहा कि कंगारू खिलाड़ियों ने मुश्किल परिस्थितियों में अपना जज्बा दिखाया। उनके मुताबिक बांग्लादेश के लिए यह मुकाबला सीखने का महत्वपूर्ण अवसर है और विदेशों में मुश्किल परिस्थितियों में खेलने का अनुभव आगे टीम के काम आएगा।

    मैके टेस्ट में बांग्लादेश की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई। पहली पारी में टीम सिर्फ 64 रन पर ऑलआउट हो गई। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने 210 रन बनाकर 146 रन की बड़ी बढ़त हासिल कर ली। दूसरी पारी में भी बांग्लादेश के बल्लेबाज ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का सामना नहीं कर सके और पूरी टीम 95 रन पर सिमट गई। कप्तान शांतो ने दूसरी पारी में 31 रन बनाकर टीम की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाए जबकि मुशफिकुर रहीम 29 रन बनाकर नाबाद रहे।

    हालांकि बांग्लादेश के गेंदबाजों ने मुकाबले में कुछ शानदार प्रदर्शन जरूर किया। शोरिफुल इस्लाम ने पहली पारी में 48 रन देकर 7 विकेट हासिल किए। उनका यह प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया में किसी विदेशी गेंदबाज के शानदार प्रदर्शनों में शामिल रहा। शांतो ने शोरिफुल के साथ तस्कीन अहमद और हसन महमूद की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि पिच पर बल्लेबाजी करना दोनों टीमों के लिए मुश्किल था और उनके गेंदबाजों ने परिस्थितियों का अच्छी तरह इस्तेमाल किया।

    कप्तान शांतो ने मैके की परिस्थितियों को डार्विन से अलग बताया। उनके मुताबिक यहां हवा में ज्यादा बाउंस और स्विंग था जिससे बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें बढ़ गईं। हालांकि उनका मानना है कि अगर बांग्लादेश को टेस्ट क्रिकेट में आगे बढ़ना है तो खिलाड़ियों को ऐसी परिस्थितियों के अनुकूल खुद को ढालना होगा। इस दौरे से टीम को इसी दिशा में महत्वपूर्ण अनुभव मिला है।

    शांतो ने विदेशों में अधिक टेस्ट खेलने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि अगर बांग्लादेश को हर साल ऑस्ट्रेलिया जैसी परिस्थितियों में खेलने का मौका मिले तो टीम के खिलाड़ियों को काफी फायदा होगा। उन्होंने लंबे अंतराल के बाद विदेश दौरे पर सिर्फ दो टेस्ट खेलने को पर्याप्त नहीं माना। उनके मुताबिक लगातार मुश्किल परिस्थितियों में खेलने से ही टीम अपनी कमजोरियों को पहचानकर सुधार सकती है।

    बांग्लादेश के कप्तान ने हार के बावजूद टीम के जज्बे को सकारात्मक बताया। पहले टेस्ट में मिली ऐतिहासिक जीत ने दिखाया कि टीम में क्षमता है लेकिन दूसरे टेस्ट के प्रदर्शन ने यह भी साफ कर दिया कि विदेशों में निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बांग्लादेश को अभी काफी मेहनत करनी होगी। सीरीज 1-1 से बराबर होने के साथ ही दोनों टीमों के लिए यह दौरा अलग-अलग सबक छोड़ गया।

  • हार के बाद कंगारुओं का पलटवार, बांग्लादेश को पारी और 51 रन से हराकर कमिंस बोले- खिलाड़ियों ने शानदार जवाब दिया

    हार के बाद कंगारुओं का पलटवार, बांग्लादेश को पारी और 51 रन से हराकर कमिंस बोले- खिलाड़ियों ने शानदार जवाब दिया

    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट में जोरदार वापसी करते हुए पारी और 51 रन से शानदार जीत दर्ज की। मैके में खेले गए मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने बांग्लादेश की बल्लेबाजी पूरी तरह बेबस नजर आई और मैच महज दो दिन में खत्म हो गया। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर ली। पहले टेस्ट में डार्विन के मैदान पर मिली 9 विकेट की हार के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम पर सवाल उठ रहे थे लेकिन दूसरे टेस्ट में टीम ने गेंदबाजी और फील्डिंग में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए आलोचकों को करारा जवाब दिया।

    मैच के बाद ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने टीम की वापसी पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह कई चीजें सही नहीं हुई थीं लेकिन मैके में टीम ने दो दिनों तक शानदार क्रिकेट खेला। कमिंस के मुताबिक टीम को इस तरह की वापसी की जरूरत थी और खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करके इसका जवाब दिया। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने खास तौर पर टीम की शुरुआती गेंदबाजी को जीत की बड़ी वजह बताया। उन्होंने कहा कि मुकाबले के शुरुआती एक-दो घंटे में अगर टीम को अच्छी शुरुआत मिल जाती है तो उससे पूरे मैच की दिशा तय हो सकती है।

    दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को पहली पारी में महज 64 रन पर समेट दिया। मिचेल स्टार्क ने कहर बरपाते हुए 6 विकेट अपने नाम किए। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी में 210 रन बनाए और 146 रन की मजबूत बढ़त हासिल कर ली। ऑस्ट्रेलिया की ओर से कैमरून ग्रीन ने 67 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली जबकि स्टीव स्मिथ ने 42 और नाथन लियोन ने 32 रन बनाए। बांग्लादेश के लिए शोरिफुल इस्लाम ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 7 विकेट हासिल किए लेकिन उनकी टीम को बल्लेबाजों से पर्याप्त सहयोग नहीं मिल सका।

    दूसरी पारी में भी बांग्लादेश की कहानी नहीं बदली। पूरी टीम 38.3 ओवर में सिर्फ 95 रन पर ढेर हो गई। कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने 31 रन बनाए जबकि मुशफिकुर रहीम 29 रन बनाकर नाबाद रहे। बाकी बल्लेबाज ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सके। मिचेल स्टार्क ने दूसरी पारी में भी 4 विकेट लेकर मैच में कुल 10 विकेट पूरे किए। पैट कमिंस और नाथन लियोन ने भी 3-3 विकेट झटके।

    कमिंस ने इस दौरान कैमरून ग्रीन की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि ग्रीन ने मुश्किल स्थिति में टीम की पारी को संभाला और उनकी 67 रन की पारी से उन्हें काफी आत्मविश्वास मिलेगा। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान का मानना है कि ग्रीन के अंदर टेस्ट क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता है और आगे उनके पास काफी क्रिकेट है।

    यह मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के लिए इसलिए भी खास रहा क्योंकि टेस्ट मैच महज दो दिन और 750 गेंदों में समाप्त हो गया। डार्विन में मिली हार के बाद ऑस्ट्रेलिया ने मैके में जिस अंदाज में पलटवार किया उससे टीम का आत्मविश्वास जरूर बढ़ा होगा। अब सीरीज 1-1 से बराबर होने के बाद दोनों टीमों के बीच मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है।

  • 9 विकेट की हार का ऑस्ट्रेलिया ने लिया हिसाब, बांग्लादेश 95 रन पर ढेर; दूसरे टेस्ट में पारी से मिली करारी शिकस्त

    9 विकेट की हार का ऑस्ट्रेलिया ने लिया हिसाब, बांग्लादेश 95 रन पर ढेर; दूसरे टेस्ट में पारी से मिली करारी शिकस्त


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज में शानदार वापसी करते हुए पहले टेस्ट में मिली हार का करारा जवाब दे दिया है। साउथ मैके में खेले गए दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को दूसरे ही दिन पारी और 51 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ दो टेस्ट मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर हो गई। डार्विन में खेले गए पहले टेस्ट में बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराकर इतिहास रचा था लेकिन दूसरे मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने जबरदस्त पलटवार किया और बांग्लादेश को पूरे मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया।

    दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया ने अपनी पहली पारी 8 विकेट पर 165 रन से आगे शुरू की। टीम की पहली पारी 210 रन पर समाप्त हुई। कैमरन ग्रीन ने 67 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली जबकि स्टीव स्मिथ ने 42 और नाथन लियोन ने 32 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी के आधार पर बांग्लादेश के खिलाफ 146 रन की बड़ी बढ़त मिली। बांग्लादेश की ओर से शोरिफुल इस्लाम सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 7 विकेट अपने नाम किए।

    इसके बाद बांग्लादेश की दूसरी पारी शुरू हुई तो ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों ने बल्लेबाजों की मुश्किलें बढ़ा दीं। पूरी टीम 38.3 ओवर में सिर्फ 95 रन पर ढेर हो गई। बांग्लादेश की पारी दूसरे दिन तीसरे सत्र की तीसरी गेंद पर समाप्त हुई और इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने पारी और 51 रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया। कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने 31 रन बनाकर टीम की ओर से सबसे ज्यादा योगदान दिया। मुशफिकुर रहीम 29 रन बनाकर नाबाद रहे लेकिन उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज 10 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सका।

    ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई एक बार फिर मिचेल स्टार्क ने की। स्टार्क ने दूसरी पारी में 4 विकेट चटकाए जबकि पैट कमिंस और नाथन लियोन ने 3-3 विकेट लेकर बांग्लादेश की बल्लेबाजी को पूरी तरह तहस नहस कर दिया। इससे पहले बांग्लादेश की पहली पारी भी केवल 64 रन पर सिमट गई थी और स्टार्क ने उस पारी में 6 विकेट लेकर विपक्षी बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी थी।

    इस मुकाबले में मिचेल स्टार्क ऑस्ट्रेलिया की जीत के सबसे बड़े नायक रहे। उन्होंने मैच में कुल 10 विकेट हासिल किए और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। पूरी सीरीज में भी स्टार्क का प्रदर्शन शानदार रहा। पहले टेस्ट में उन्होंने 2 विकेट लिए थे जबकि दूसरे मुकाबले में 10 विकेट झटककर उन्होंने अपनी टीम को जीत दिलाई। इसी प्रदर्शन के चलते स्टार्क को प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार भी मिला।

    डार्विन में मिली हार ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए बेहद निराशाजनक रही थी क्योंकि यह अपने घरेलू मैदान पर बांग्लादेश के खिलाफ उसकी पहली टेस्ट हार थी। उस मुकाबले में 9 विकेट से मिली हार के बाद टीम की आलोचना हुई थी। लेकिन साउथ मैके टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने गेंद और बल्ले दोनों से दमदार प्रदर्शन किया और बांग्लादेश को संभलने का अवसर तक नहीं दिया। खास बात यह रही कि बांग्लादेश लगातार दूसरी पारी में भी 100 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सकी। इस शानदार जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज बराबर कर ली और पहले टेस्ट की हार का हिसाब भी चुकता कर दिया।

  • गाले में भारत का दबदबा कायम श्रीलंका 206 रन पर ढेर सुथार ने दूसरी पारी में झटके 6 विकेट सीरीज में 1-0 की बढ़त

    गाले में भारत का दबदबा कायम श्रीलंका 206 रन पर ढेर सुथार ने दूसरी पारी में झटके 6 विकेट सीरीज में 1-0 की बढ़त


    नई दिल्ली। गाले इंटरनेशनल स्टेडियम में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को पहले टेस्ट में 165 रन से हरा दिया। पांचवें दिन भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका की दूसरी पारी को 206 रन पर समेट दिया और इसी के साथ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत ने 1-0 की बढ़त बना ली। भारत की इस बड़ी जीत के सबसे बड़े हीरो युवा बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार रहे जिन्होंने दूसरी पारी में 55 रन देकर 6 विकेट चटकाए। सुथार ने पूरे मैच में 10 विकेट अपने नाम किए और अपनी गेंदबाजी से श्रीलंकाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

    श्रीलंका के सामने भारत ने जीत के लिए 372 रन का मुश्किल लक्ष्य रखा था। लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेजबान टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और उसके शीर्ष चार बल्लेबाज सिर्फ 47 रन के स्कोर पर पवेलियन लौट गए। इस शुरुआती झटके के बाद श्रीलंका की टीम लगातार दबाव में रही। हालांकि कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने 59 रन की जुझारू पारी खेली जबकि पहली पारी में शतक लगाने वाले सोनल दिनुशा ने 84 रन बनाकर कुछ देर तक भारतीय गेंदबाजों का सामना किया। दोनों ने श्रीलंका की उम्मीदों को कुछ समय के लिए जिंदा रखा लेकिन भारत के गेंदबाजों के सामने यह साझेदारी ज्यादा देर नहीं टिक सकी।

    सोनल दिनुशा और धनंजय डी सिल्वा के आउट होते ही श्रीलंका की जीत की बची खुची उम्मीदें भी खत्म हो गईं। पूरी टीम 77.4 ओवर में 206 रन पर सिमट गई। मानव सुथार ने 23.4 ओवर में 55 रन देकर 6 विकेट लिए। उनके अलावा प्रसिद्ध कृष्णा ने 2 विकेट चटकाए जबकि मोहम्मद सिराज और रविंद्र जडेजा को एक एक सफलता मिली। सुथार की शानदार गेंदबाजी ने उन्हें मैच में 10 विकेट दिलाए और वह भारत की जीत के मुख्य सूत्रधार बनकर उभरे।

    इससे पहले भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 462 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। देवदत्त पडिक्कल ने शानदार 167 रन की पारी खेलकर टीम को मजबूत आधार दिया। उनके अलावा केएल राहुल ने 82 रन बनाए जबकि ध्रुव जुरेल ने 51 रनों का अहम योगदान दिया। बारिश से प्रभावित मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने परिस्थितियों के अनुरूप धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। पडिक्कल की पारी को भारत की पहली पारी की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना गया।

    भारत के 462 रन के जवाब में श्रीलंका की पहली पारी 284 रन पर समाप्त हुई। सोनल दिनुशा ने शानदार शतक लगाकर टीम को संभालने की कोशिश की जबकि निरोशन डिकवेला ने 80 रन बनाए। इसके बावजूद भारतीय गेंदबाज श्रीलंका को बड़ी साझेदारियां बनाने से रोकने में सफल रहे और भारत को पहली पारी में 178 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल हुई।

    दूसरी पारी में भारत 193 रन पर ऑलआउट हो गया। ऋषभ पंत ने तेजतर्रार 66 रन की पारी खेलकर भारत की बढ़त को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। भारत की कुल बढ़त के आधार पर श्रीलंका को 372 रन का लक्ष्य मिला लेकिन मेजबान टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी।

    इस जीत के साथ भारत ने दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। अब दोनों टीमों की नजरें दूसरे टेस्ट पर होंगी जो 23 अगस्त से कोलंबो में खेला जाएगा। गाले में मिली इस जीत ने भारत के विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अभियान को भी मजबूती दी है। वहीं मानव सुथार के 10 विकेट ने भारतीय क्रिकेट में एक नए स्पिन सितारे के उभरने के संकेत दे दिए हैं।

  • शादमान इस्लाम का विकेट लेते ही स्टार्क का ऐतिहासिक कमाल, हेराथ को पीछे छोड़ा और कपिल देव के क्लब में पहुंचे

    शादमान इस्लाम का विकेट लेते ही स्टार्क का ऐतिहासिक कमाल, हेराथ को पीछे छोड़ा और कपिल देव के क्लब में पहुंचे


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने टेस्ट क्रिकेट में अपने शानदार करियर का एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया है। बांग्लादेश के खिलाफ डार्विन में खेले जा रहे पहले टेस्ट में शादमान इस्लाम का विकेट लेते ही स्टार्क ने इतिहास रच दिया। इस विकेट के साथ उनके टेस्ट क्रिकेट में 434 विकेट पूरे हो गए और वह टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले बाएं हाथ के गेंदबाज बन गए। स्टार्क ने इस मामले में श्रीलंका के महान स्पिनर रंगना हेराथ को पीछे छोड़ दिया है। मैच शुरू होने से पहले स्टार्क और हेराथ दोनों के नाम 433 टेस्ट विकेट थे।

    बांग्लादेश की पहली पारी के नौवें ओवर में स्टार्क ने शादमान इस्लाम को अपनी गेंद पर आउट किया। नाथन लायन ने उनका कैच पकड़ा और इसी विकेट के साथ स्टार्क के नाम एक बड़ा रिकॉर्ड दर्ज हो गया। 36 साल के स्टार्क अब टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खब्बू गेंदबाज हैं। उनके नाम 434 विकेट हो चुके हैं जबकि रंगना हेराथ ने अपने टेस्ट करियर में 433 विकेट हासिल किए थे।

    स्टार्क की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि 434 विकेट के आंकड़े तक पहुंचते ही उन्होंने भारत के महान कप्तान और दिग्गज ऑलराउंडर कपिल देव की भी बराबरी कर ली। कपिल देव ने 1978 से 1994 के बीच 131 टेस्ट मैच खेलकर 434 विकेट लिए थे। स्टार्क ने यह आंकड़ा अपने 106वें टेस्ट मैच में हासिल किया है। इस तरह टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में स्टार्क और कपिल देव अब संयुक्त रूप से 11वें स्थान पर हैं।

    बाएं हाथ के गेंदबाजों की बात करें तो स्टार्क इस सूची में सबसे ऊपर पहुंच चुके हैं। उनके बाद रंगना हेराथ 433 विकेट के साथ दूसरे स्थान पर हैं। पाकिस्तान के महान तेज गेंदबाज वसीम अकरम 414 विकेट के साथ तीसरे स्थान पर हैं। न्यूजीलैंड के डेनियल वेटोरी ने 362 विकेट लिए हैं जबकि श्रीलंका के चामिंडा वास के नाम 355 विकेट हैं। भारत के रवींद्र जडेजा भी 348 टेस्ट विकेट के साथ इस खास सूची में शामिल हैं।

    अब स्टार्क की नजर टेस्ट क्रिकेट के सर्वकालिक सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की टॉप-10 सूची पर है। इस सूची में दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज तेज गेंदबाज डेल स्टेन 439 विकेट के साथ 10वें स्थान पर हैं। स्टार्क के खाते में फिलहाल 434 विकेट हैं। यानी स्टेन को पीछे छोड़कर टॉप-10 में जगह बनाने के लिए स्टार्क को छह और विकेट हासिल करने होंगे। जिस तरह वह लगातार विकेट चटका रहे हैं उसे देखते हुए यह मुकाम भी उनके लिए ज्यादा दूर नजर नहीं आता।

    स्टार्क ने अक्टूबर 2010 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। अपनी तेज रफ्तार गेंदबाजी स्विंग और खतरनाक यॉर्कर के दम पर उन्होंने दुनिया के सबसे प्रभावशाली तेज गेंदबाजों में अपनी जगह बनाई। खासकर बड़े टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया की सफलता का अहम हिस्सा रहा है। वह 2015 और 2023 में वनडे विश्व कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा रहे। 2015 विश्व कप में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी चुना गया था।

    स्टार्क उन चुनिंदा क्रिकेटरों में शामिल हैं जिन्होंने वनडे विश्व कप टी20 विश्व कप और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब जीता है। वनडे क्रिकेट में भी उनका रिकॉर्ड शानदार है। उन्होंने 130 वनडे इंटरनेशनल मुकाबलों में 23.58 की औसत से 247 विकेट हासिल किए हैं। सितंबर 2025 में उन्होंने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया था लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनका शानदार सफर अब भी जारी है।

    शादमान इस्लाम का विकेट स्टार्क के लिए सिर्फ एक और विकेट नहीं था बल्कि यह उनके लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर की एक ऐतिहासिक उपलब्धि बन गया। रंगना हेराथ को पीछे छोड़कर टेस्ट के सबसे सफल खब्बू गेंदबाज बनने के बाद अब उनकी निगाहें डेल स्टेन के 439 विकेट पर हैं। अगर स्टार्क छह और विकेट हासिल कर लेते हैं तो टेस्ट क्रिकेट के सर्वकालिक टॉप-10 गेंदबाजों में उनका नाम भी दर्ज हो जाएगा।