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  • श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज आज से… टीम इंडिया बनेगी 600 टेस्ट खेलने वाली तीसरी टीम

    श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज आज से… टीम इंडिया बनेगी 600 टेस्ट खेलने वाली तीसरी टीम


    नई दिल्ली।
    इंडिया वर्सेस श्रीलंका (India vs Sri Lanka) दो मैच की टेस्ट सीरीज (Test series) का आगाज आज यानी शनिवार, 15 अगस्त से होने जा रहा है। सीरीज का पहला मैच गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय टीम (Indian team) के लिए यह टेस्ट मैच काफी खास रहने वाला है क्योंकि यह टीम इंडिया (Team India) के टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का 600वां मैच होगा। भारत इस मुकाम तक पहुंचने वाला मात्र तीसरा देश बनेगा। टीम इंडिया से ज्यादा अभी तक सिर्फ दो ही देशों ने मैच खेले हैं, इस लिस्ट में क्रिकेट के इतिहास की दो सबसे पुरानी टीम इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया का नाम दर्ज है। इंग्लैंड के नाम तो सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेलने का भी वर्ल्ड रिकॉर्ड है।


    इंग्लैंड के नाम 1000 से अधिक टेस्ट खेलने का वर्ल्ड रिकॉर्ड

    क्रिकेट का जनक इंग्लैंड को कहा जाता है। उनके नाम इस खेल के सबसे लंबे फॉर्मेट में सबसे ज्यादा मैच खेलने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। क्रिकेट इतिहास में इंग्लैंड एकमात्र टीम है जिसने 1000 से अधिक टेस्ट मैच खेले हैं। जी हां, इंग्लैंड की टीम अभी तक रेड बॉल क्रिकेट में 1097 मैच खेल चुके हैं, जिसमें 405 में उन्हें जीत मिली 336 में हार का सामना करना पड़ा, जबकि 356 मैच ड्रॉ रहे।


    टॉप-2 में ऑस्ट्रेलिया भी

    इंग्लैंड के बाद अगर किसी टीम ने सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेले हैं तो वह है ऑस्ट्रेलिया की टीम। कंगारू टीम बांग्लादेश के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज में अपना 883वां मुकाबला खेल रही है। उनका जीत का रिकॉर्ड इंग्लैंड से काफी बेहतर रहा है। उन्होंने अभी तक रेड बॉल क्रिकेट में 426 मैच जीता है, 235 हारे हैं जबकि 219 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं।

    भारत 600 टेस्ट खेलने वाला बनेगा तीसरा देश
    इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बाद भारत टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में 600 टेस्ट मैच खेलने वाला तीसरा देश बनेगा। टीम इंडिया ने अभी तक इस फॉर्मेट में खेले 599 मुकाबलों में से 186 जीते, 188 हारे और 224 ड्रॉ रहे।


    वेस्टइंडीज बेहद नजदीक

    वेस्टइंडीज की टीम भी 600 टेस्ट मैच के रिकॉर्ड के बेहद नजदीक है। उन्होंने भी इस फॉर्मेट में अभी तक 596 मैच खेल लिए हैं। जबकि अन्य टीम अभी काफी पीछे हैं। न्यूजीलैं, पाकिस्तान और साउथ अफ्रीका जैसी टीमों ने अभी तक 450 से अधिक टेस्ट मैच खेले हैं। वहीं श्रीलंका ने अभी तक 350 टेस्ट मैच भी नहीं खेले हैं।

  • स्पिन की तैयारी करने पहुंची टीम इंडिया के सामने बिछी घास वाली पिच, श्रीलंका में अभ्यास मैच से पहले खड़ा हुआ विवाद

    स्पिन की तैयारी करने पहुंची टीम इंडिया के सामने बिछी घास वाली पिच, श्रीलंका में अभ्यास मैच से पहले खड़ा हुआ विवाद


    नई दिल्ली। श्रीलंका दौरे पर पहुंची भारतीय क्रिकेट टीम के लिए दो मैचों की टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले ही एक नया विवाद सामने आ गया है। भारत को 7 अगस्त से कोलंबो के नॉनडिस्क्रिप्ट क्रिकेट क्लब यानी एनसीसी मैदान पर तीन दिवसीय अभ्यास मैच खेलना है लेकिन मुकाबले से पहले तैयार की गई पिच को देखकर भारतीय टीम मैनेजमेंट पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आया। टीम इंडिया को उम्मीद थी कि अभ्यास मैच के लिए ऐसी विकेट तैयार की जाएगी जो श्रीलंका की पारंपरिक स्पिन परिस्थितियों जैसी हो ताकि बल्लेबाजों और स्पिन गेंदबाजों को टेस्ट सीरीज से पहले बेहतर तैयारी का मौका मिल सके लेकिन मैदान पर घास वाली विकेट देखकर टीम की चिंता बढ़ गई। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक भारतीय टीम ने पिच पर मौजूद घास को लेकर सवाल उठाए हैं। एनसीसी से जुड़े अधिकारी ने भी बताया कि पिच पर घास रखने का फैसला श्रीलंका क्रिकेट के निर्देश के बाद किया गया है।

    दरअसल भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट मुकाबला 15 अगस्त से गॉल में खेला जाना है। गॉल की परिस्थितियां आमतौर पर स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती हैं। ऐसे में भारतीय टीम चाहती थी कि अभ्यास मैच में भी उसे ऐसी ही परिस्थितियों का अनुभव मिले ताकि बल्लेबाज श्रीलंकाई स्पिनरों का सामना करने से पहले अपनी कमियों को सुधार सकें। खासतौर पर भारतीय बल्लेबाजों के स्पिन के खिलाफ प्रदर्शन को देखते हुए यह अभ्यास मैच टीम के लिए काफी अहम माना जा रहा है। लेकिन एनसीसी की पिच पर छोड़ी गई घास ने टीम इंडिया की योजना को कुछ हद तक बदल दिया है।

    घास वाली पिच का फायदा शुरुआती दौर में तेज गेंदबाजों को मिल सकता है। गेंद नई होने पर सतह से अतिरिक्त सीम और मूवमेंट मिलने की संभावना रहती है जिससे बल्लेबाजों के लिए शुरुआती समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है। दूसरी तरफ स्पिन गेंदबाजों को इस विकेट से तुरंत वैसी मदद मिलने की उम्मीद कम है जैसी भारतीय टीम चाहती थी। हालांकि एनसीसी प्रबंधन का कहना है कि मुकाबले के आगे बढ़ने के साथ पिच का मिजाज बदल सकता है और तीसरे दिन स्पिनरों को कुछ सहायता मिलने की संभावना है। क्लब का यह भी मानना है कि पिच पर बल्लेबाजों को रन बनाने का अच्छा मौका मिल सकता है।

    एनसीसी मैदान श्रीलंका के पुराने क्रिकेट क्लबों में शामिल है और भारतीय टीम यहां टेस्ट सीरीज से पहले अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने की कोशिश करेगी। पहले यह अभ्यास मुकाबला चार दिन का प्रस्तावित था लेकिन बाद में इसे घटाकर तीन दिन कर दिया गया। ऐसे में भारतीय टीम के पास परिस्थितियों को समझने और खिलाड़ियों को पर्याप्त मैच अभ्यास देने के लिए सीमित समय है। यही वजह है कि अभ्यास मैच की पिच को लेकर उठे सवालों ने टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ा दी है।

    भारत के लिए यह टेस्ट सीरीज कई मायनों में महत्वपूर्ण है। टीम को श्रीलंका की परिस्थितियों में खुद को ढालने के साथ साथ स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों के खिलाफ अपनी रणनीति को मजबूत करना होगा। वहीं श्रीलंका भी घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर भारतीय टीम को कड़ी चुनौती देने की कोशिश करेगा। अभ्यास मैच में कैसी पिच मिलती है और भारतीय खिलाड़ी उस पर किस तरह प्रदर्शन करते हैं इस पर सभी की नजरें रहेंगी।

    हालांकि पिच को लेकर उठे विवाद के बावजूद टीम इंडिया के पास परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने का मौका है। घास वाली विकेट भारतीय बल्लेबाजों और गेंदबाजों के लिए एक अलग तरह की परीक्षा साबित हो सकती है। अगर भारतीय खिलाड़ी इस चुनौती का फायदा उठाते हैं तो गॉल टेस्ट से पहले उन्हें जरूरी आत्मविश्वास मिल सकता है। अब देखना यही होगा कि अभ्यास मैच में घास वाली पिच टीम इंडिया के लिए परेशानी बनती है या टेस्ट सीरीज की तैयारी का एक उपयोगी हिस्सा साबित होती है।

  • टीम इंडिया का श्रीलंका के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड, 2015 के बाद नहीं झेलनी पड़ी टेस्ट में हार

    टीम इंडिया का श्रीलंका के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड, 2015 के बाद नहीं झेलनी पड़ी टेस्ट में हार


    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की बहुप्रतीक्षित टेस्ट सीरीज का आगाज 15 अगस्त से होने जा रहा है। इस सीरीज के लिए भारतीय टीम श्रीलंका पहुंच चुकी है और खिलाड़ियों ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। शुभमन गिल की कप्तानी में उतरने वाली भारतीय टीम का आत्मविश्वास काफी मजबूत है क्योंकि टेस्ट क्रिकेट में श्रीलंका के खिलाफ उसका रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। पिछले 11 वर्षों में टीम इंडिया ने श्रीलंका के खिलाफ एक भी टेस्ट मुकाबला नहीं गंवाया है और अब उसकी नजर इस शानदार सिलसिले को आगे बढ़ाने पर होगी।

    भारत और श्रीलंका के बीच अब तक कुल 46 टेस्ट मुकाबले खेले जा चुके हैं। इनमें भारतीय टीम ने 22 मैचों में जीत दर्ज की है जबकि श्रीलंका केवल 7 मुकाबले जीत सका है। दोनों टीमों के बीच 17 टेस्ट ड्रॉ रहे हैं। आंकड़े साफ बताते हैं कि लंबे समय से इस प्रतिद्वंद्विता में भारत का पलड़ा भारी रहा है। खास बात यह है कि वर्ष 2015 के बाद से श्रीलंका भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में जीत हासिल नहीं कर पाया है। पिछले 10 टेस्ट मुकाबलों में टीम इंडिया ने हार का स्वाद नहीं चखा और यही रिकॉर्ड उसे इस बार भी मनोवैज्ञानिक बढ़त देता है।

    हालांकि सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम को बड़ा झटका भी लगा है। स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पूरी तरह फिट नहीं हो सके और चोट के कारण इस सीरीज से बाहर हो गए हैं। बुमराह की गैरमौजूदगी भारतीय तेज आक्रमण के लिए चुनौती जरूर है लेकिन टीम प्रबंधन ने उनकी जगह जम्मू कश्मीर के युवा तेज गेंदबाज आकिब नबी को मौका दिया है। आकिब घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और जम्मू कश्मीर से भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने वाले पहले खिलाड़ी बनकर इतिहास भी रच चुके हैं। अब सभी की नजर उनके प्रदर्शन पर रहेगी।

    टीम इंडिया के लिए एक राहत की खबर साई सुदर्शन की फिटनेस को लेकर भी सामने आई है। शुरुआती आशंकाओं के बावजूद उम्मीद जताई जा रही है कि वह पहले टेस्ट से पहले पूरी तरह फिट होकर टीम से जुड़ जाएंगे। यदि ऐसा होता है तो भारत की बल्लेबाजी और भी मजबूत नजर आएगी। शुभमन गिल के नेतृत्व में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन टीम को मजबूत बनाता है।

    सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गाले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। गाले की पिच पर स्पिन गेंदबाजों की भूमिका बेहद अहम रहती है इसलिए रवींद्र जडेजा कुलदीप यादव और मानव सुथार जैसे स्पिनरों पर बड़ी जिम्मेदारी होगी। दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेला जाएगा जहां भारत सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगा।

    भारतीय टीम के स्क्वॉड में शुभमन गिल कप्तान जबकि केएल राहुल उपकप्तान की भूमिका निभाएंगे। यशस्वी जायसवाल ऋषभ पंत साई सुदर्शन ध्रुव जुरेल रवींद्र जडेजा कुलदीप यादव मोहम्मद सिराज प्रसिद्ध कृष्णा गुरनूर बरार देवदत्त पडिक्कल सारांश जैन मानव सुथार और आकिब नबी टीम का हिस्सा हैं। युवा खिलाड़ियों और अनुभवी सितारों से सजी यह टीम श्रीलंका में एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। क्रिकेट प्रेमियों की नजर अब इस बात पर होगी कि क्या भारत अपना 11 साल का अजेय रिकॉर्ड कायम रखते हुए एक और टेस्ट सीरीज अपने नाम कर पाएगा।

  • पाकिस्तान क्रिकेट में बड़ा बदलाव, बाबर आजम की टेस्ट कप्तानी में वापसी, चार नए खिलाड़ियों को मिला मौका

    पाकिस्तान क्रिकेट में बड़ा बदलाव, बाबर आजम की टेस्ट कप्तानी में वापसी, चार नए खिलाड़ियों को मिला मौका


    नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए टीम का ऐलान करते हुए बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने एक बार फिर बाबर आजम को टेस्ट टीम की कप्तानी सौंप दी है। लगातार निराशाजनक प्रदर्शन के बाद शान मसूद को कप्तानी से हटा दिया गया है। इस फैसले के साथ पाकिस्तान टीम नए नेतृत्व में विदेशी दौरों पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद लेकर मैदान में उतरेगी।

    शान मसूद के नेतृत्व में पाकिस्तान का टेस्ट प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। उनकी कप्तानी में टीम ने 16 टेस्ट मुकाबले खेले जिनमें से 12 में हार का सामना करना पड़ा। हाल ही में पाकिस्तान को बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज गंवानी पड़ी थी। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी टीम एक भी टेस्ट जीतने में सफल नहीं हो सकी थी। लगातार खराब नतीजों के बाद चयनकर्ताओं ने कप्तानी में बदलाव का फैसला लिया।

    चयन समिति ने वेस्टइंडीज दौरे के लिए 16 सदस्यीय टीम घोषित की है। वहीं इंग्लैंड दौरे के लिए सऊद शकील को अतिरिक्त खिलाड़ी के रूप में शामिल किया गया है। हालांकि उन्हें टीम से जुड़ने से पहले फिटनेस टेस्ट पास करना होगा। इस बार चयनकर्ताओं ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए चार नए खिलाड़ियों को पहली बार टेस्ट टीम में मौका दिया है। इनमें बाएं हाथ के स्पिनर अली उस्मान बल्लेबाज मोहम्मद अवैस जफर तेज गेंदबाज उबैद शाह और विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद गाजी गोरी शामिल हैं।

    पाकिस्तान टीम सबसे पहले वेस्टइंडीज का दौरा करेगी जहां दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहला मुकाबला 25 से 29 जुलाई तक खेला जाएगा जबकि दूसरा टेस्ट 2 से 6 अगस्त के बीच पोर्ट ऑफ स्पेन में होगा। इसके बाद टीम इंग्लैंड रवाना होगी जहां तीन टेस्ट मैचों की सीरीज 19 अगस्त से 13 सितंबर के बीच लीड्स लॉर्ड्स और बर्मिंघम में खेली जाएगी।

    टीम में बाबर आजम के अलावा मोहम्मद रिजवान सलमान अली आगा इमाम उल हक आमिर जमाल मोहम्मद अब्बास मोहम्मद अली खुर्रम शहजाद साजिद खान और शान मसूद जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को भी जगह दी गई है। चयनकर्ताओं को उम्मीद है कि अनुभवी खिलाड़ियों और नए चेहरों का यह संतुलन पाकिस्तान को विदेशी दौरों पर बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेगा।

    अब सभी की नजरें बाबर आजम की कप्तानी पर होंगी। एक बार फिर टेस्ट टीम की जिम्मेदारी संभालने वाले बाबर के सामने पाकिस्तान को जीत की राह पर लौटाने और विदेशी सरजमीं पर मजबूत प्रदर्शन करने की बड़ी चुनौती होगी।

  • जीत के साथ विदाई का सपना टूटा बेन स्टोक्स का आखिरी मैच हारा इंग्लैंड न्यूजीलैंड ने सीरीज पर किया कब्जा

    जीत के साथ विदाई का सपना टूटा बेन स्टोक्स का आखिरी मैच हारा इंग्लैंड न्यूजीलैंड ने सीरीज पर किया कब्जा


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के महान ऑलराउंडर बेन स्टोक्स का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर यादगार जीत के बजाय निराशाजनक हार के साथ समाप्त हुआ। नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेले गए तीसरे और निर्णायक टेस्ट मैच में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 160 रन से हराकर तीन मैचों की टेस्ट सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने एक बार फिर इंग्लैंड की धरती पर शानदार प्रदर्शन करते हुए टेस्ट सीरीज जीतने का कारनामा दोहराया।

    मैच में इंग्लैंड के सामने 373 रन का कठिन लक्ष्य था। पांचवें दिन टीम ने 103 रन पर चार विकेट से आगे खेलना शुरू किया लेकिन न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाए रखा। इंग्लिश बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं कर सके और पूरी टीम 212 रन पर सिमट गई। लंच के कुछ देर बाद ही मुकाबला समाप्त हो गया और न्यूजीलैंड ने 160 रन की बड़ी जीत दर्ज कर ली।

    यह मुकाबला बेन स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय करियर का आखिरी मैच था। चौथे दिन उन्होंने संन्यास की घोषणा की थी और इंग्लैंड के प्रशंसकों को उम्मीद थी कि टीम अपने कप्तान को जीत के साथ विदाई देगी। हालांकि ऐसा नहीं हो सका। दूसरी पारी में स्टोक्स ने ओपनिंग करते हुए 30 रन बनाए लेकिन वह टीम को जीत तक नहीं पहुंचा सके।

    35 वर्षीय बेन स्टोक्स ने लगभग 15 वर्षों तक इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व किया और पिछले चार वर्षों से टेस्ट टीम की कप्तानी संभाली। अपने करियर के दौरान उन्होंने कई ऐतिहासिक पारियां खेलीं और कठिन मौकों पर टीम को जीत दिलाई लेकिन उनका आखिरी मुकाबला हार के साथ समाप्त हुआ।

    यह हार इंग्लैंड के लिए कई मायनों में चिंता बढ़ाने वाली है। साल 2012 के बाद पहली बार टीम अपने घरेलू मैदान पर तीन या उससे अधिक मैचों की टेस्ट सीरीज हार गई। इतना ही नहीं इंग्लैंड ने अपने पिछले नौ टेस्ट मैचों में सातवीं हार झेली है। लगातार खराब प्रदर्शन के बाद टीम प्रबंधन और कोचिंग स्टाफ पर भी सवाल उठने लगे हैं।

    दूसरी ओर टॉम लैथम की कप्तानी में न्यूजीलैंड ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। बल्लेबाजों ने पहली पारी में मजबूत स्कोर खड़ा किया जबकि गेंदबाजों ने दूसरी पारी में इंग्लैंड के बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह बिखेर दिया। इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने सीरीज अपने नाम करते हुए बेन स्टोक्स की विदाई को फीका कर दिया।