Tag: The Hundred 2026

  • एशिया कप से पहले खुद को और धार दे रहीं दीप्ति शर्मा, बोलीं- द हंड्रेड से तीनों विभाग में सुधार का मौका

    एशिया कप से पहले खुद को और धार दे रहीं दीप्ति शर्मा, बोलीं- द हंड्रेड से तीनों विभाग में सुधार का मौका


    नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा इन दिनों इंग्लैंड में खेले जा रहे द हंड्रेड के जरिए एशिया कप की तैयारी को मजबूत करने में जुटी हैं। दीप्ति का कहना है कि वह सनराइजर्स लीड्स के साथ खेलते हुए अपने खेल के तीनों विभागों बल्लेबाजी गेंदबाजी और फील्डिंग पर काम कर रही हैं ताकि 28 अगस्त से दुबई में शुरू होने वाले महिला एशिया कप में पूरी तरह तैयार होकर उतर सकें। मौजूदा द हंड्रेड सीजन में दीप्ति सनराइजर्स लीड्स के लिए प्रभावी प्रदर्शन कर रही हैं और टीम के लिए उनकी गेंदबाजी खास तौर पर अहम रही है।

    दीप्ति ने कहा कि वह द हंड्रेड के हर मैच और हर अनुभव का अधिकतम फायदा उठाने की कोशिश कर रही हैं। उनके मुताबिक इस प्रतियोगिता में खेलने से उन्हें अपनी स्किल्स को बेहतर करने का शानदार मौका मिल रहा है। उनका फोकस सिर्फ व्यक्तिगत प्रदर्शन पर नहीं बल्कि टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा योगदान देने पर भी है। दीप्ति के लिए यह टूर्नामेंट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके तुरंत बाद भारतीय टीम को एशिया कप जैसे बड़े मुकाबले में उतरना है।

    सनराइजर्स लीड्स के साथ अपने अनुभव को लेकर भी दीप्ति काफी उत्साहित नजर आईं। उन्होंने बताया कि टीम में चुने जाने के बाद वह बेहद खुश थीं क्योंकि ऑरेंज उनका पसंदीदा रंग है। लीड्स में घरेलू मैदान पर खेलने का अनुभव भी उनके लिए खास है। स्टेडियम में बड़ी संख्या में सनराइजर्स के प्रशंसकों की मौजूदगी उन्हें अतिरिक्त ऊर्जा देती है। दीप्ति ने कहा कि टीम के खिलाड़ी एक दूसरे के योगदान की सराहना करते हैं और इसी माहौल में वे हर मुकाबले से कुछ नया सीखने की कोशिश कर रहे हैं।

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने को दीप्ति सबसे बड़े गर्व के पलों में से एक मानती हैं। उनके लिए भारतीय टीम की नीली जर्सी सिर्फ खेल की पोशाक नहीं बल्कि वर्षों की मेहनत त्याग और संघर्ष का परिणाम है। वह मानती हैं कि देश के लिए खेलने के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी आती है। जब उम्मीदें ज्यादा होती हैं और खिलाड़ी उन उम्मीदों पर खरा उतरने में सफल होता है तो वह पल बेहद खास बन जाता है। यही भावना उन्हें मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित करती है।

    दीप्ति दबाव वाले मुकाबलों को भी चुनौती के रूप में देखती हैं। उनका मानना है कि हर मैच महत्वपूर्ण होता है और किसी एक बड़े टूर्नामेंट तक सीमित होकर तैयारी करना सही तरीका नहीं है। वह हर मुकाबले में अपना पूरा योगदान देने की कोशिश करती हैं। मुश्किल परिस्थितियों में प्रदर्शन करना उन्हें पसंद है क्योंकि ऐसे मौके खिलाड़ी को अपनी कमियों पर काम करने और खुद को बेहतर बनाने का अवसर देते हैं।

    महिला एशिया कप 28 अगस्त से दुबई में शुरू होगा और भारतीय टीम के लिए यह अहम टूर्नामेंट माना जा रहा है। इसके बाद फरवरी 2027 में महिला चैंपियंस ट्रॉफी भी खेली जानी है। हालांकि दीप्ति फिलहाल भविष्य की बजाय मौजूदा चुनौती पर ध्यान देना चाहती हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि अभी उनका पूरा फोकस द हंड्रेड पर है और इस प्रतियोगिता से हासिल अनुभव को वह एशिया कप में भारत के लिए उपयोग करना चाहती हैं।

  • जोस बटलर का ऐतिहासिक कारनामा, टी20 क्रिकेट के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बने

    जोस बटलर का ऐतिहासिक कारनामा, टी20 क्रिकेट के सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बने


    नई दिल्ली। इंग्लैंड के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में नया इतिहास रचते हुए खुद को इस फॉर्मेट का सबसे सफल रन बनाने वाला बल्लेबाज बना दिया है। द हंड्रेड 2026 टूर्नामेंट में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स और वेल्श फायर के बीच खेले गए मुकाबले में बटलर ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से न केवल टीम को शानदार जीत दिलाई बल्कि वेस्टइंडीज के दिग्गज कीरोन पोलार्ड का वर्षों पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। इस उपलब्धि के साथ बटलर ने टी20 क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया।

    मुकाबले में वेल्श फायर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 155 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की टीम को कप्तान जोस बटलर ने तेज शुरुआत दिलाई। उन्होंने केवल 20 गेंदों में 51 रन की विस्फोटक पारी खेली जिसमें 2 चौके और 6 लंबे छक्के शामिल रहे। बटलर की आक्रामक बल्लेबाजी के सामने विपक्षी गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। उनकी पारी की बदौलत टीम ने केवल एक विकेट खोकर 156 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया और 9 विकेट से शानदार जीत दर्ज की।

    इस अर्धशतकीय पारी के दौरान ही जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। अब उनके नाम इस फॉर्मेट में कुल 14833 रन दर्ज हो चुके हैं। उन्होंने इस मामले में कीरोन पोलार्ड को पीछे छोड़ दिया जिनके नाम 14803 रन थे। इस सूची में तीसरे स्थान पर वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल हैं जिन्होंने टी20 क्रिकेट में 14562 रन बनाए हैं। यह उपलब्धि बटलर की निरंतरता और लंबे समय तक शानदार प्रदर्शन का प्रमाण मानी जा रही है।

    इस मुकाबले में बटलर ने केवल बल्लेबाजी ही नहीं बल्कि कप्तानी में भी अपनी छाप छोड़ी। नियमित कप्तान एडम मार्करम के निजी कारणों से उपलब्ध नहीं होने पर टीम की कमान बटलर को सौंपी गई थी। उनकी कप्तानी में मैनचेस्टर सुपर जायंट्स के गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया और वेल्श फायर को 155 रन पर रोक दिया। टीम ने हर विभाग में संतुलित प्रदर्शन करते हुए मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखा।

    वेल्श फायर की ओर से फिल साल्ट ने 37 गेंदों में 48 रन की उपयोगी पारी खेली जबकि मैथ्यू शॉर्ट ने 47 गेंदों में 71 रन बनाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाने की कोशिश की। उन्होंने अपनी पारी में 8 चौके और 2 छक्के लगाए लेकिन अन्य बल्लेबाज उनका साथ नहीं दे सके जिसके कारण टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही।

    मैनचेस्टर सुपर जायंट्स की जीत में टिम सीफर्ट का योगदान भी बेहद अहम रहा। उन्होंने 36 गेंदों में नाबाद 62 रन की शानदार पारी खेली जिसमें 10 चौके शामिल थे। उनकी शानदार बल्लेबाजी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। वहीं पॉल वाल्टर ने भी 18 गेंदों में 37 रन बनाकर जीत को आसान बना दिया।

    जोस बटलर की यह उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं बल्कि आधुनिक टी20 क्रिकेट में उनकी महानता का भी प्रमाण है। लगातार आक्रामक बल्लेबाजी शानदार नेतृत्व और हर परिस्थिति में मैच जिताने की क्षमता ने उन्हें इस दौर के सबसे सफल टी20 बल्लेबाजों में शामिल कर दिया है। अब दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों की नजर इस बात पर रहेगी कि बटलर इस रिकॉर्ड को आने वाले वर्षों में कितनी ऊंचाई तक पहुंचाते हैं।

  • अबरार अहमद विवाद: IPL की तरह ‘द हंड्रेड’ से हटाना संभव नहीं, ECB करेगा फैसला

    अबरार अहमद विवाद: IPL की तरह ‘द हंड्रेड’ से हटाना संभव नहीं, ECB करेगा फैसला


    नई दिल्ली। पाकिस्तानी मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद को इंग्लैंड की प्रतिष्ठित टी20 लीग ‘द हंड्रेड 2026’ में सनराइजर्स लीड्स ने साइन किया है। भारत में क्रिकेट फैन्स का विरोध भले तेज हो, लेकिन सवाल यह है कि क्या अबरार का IPL जैसा हाल होगा, जब बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को BCCI के आदेश पर IPL 2026 से हटाया गया था।

    दरअसल, जनवरी 2026 में BCCI ने सुरक्षा और राजनीतिक कारणों का हवाला देते हुए मुस्ताफिजुर रहमान को इंडियन प्रीमियर लीग से हटाने का आदेश दिया था। कोलकाता नाइट राइडर्स ने BCCI के निर्देश पर उन्हें रिलीज किया और रिप्लेसमेंट खिलाड़ी शामिल किया। अब सवाल है कि क्या अबरार पर वही कार्रवाई हो सकती है।

    हालांकि, स्थिति बिल्कुल अलग है। IPL में BCCI का पूरा नियंत्रण होता है, जबकि ‘द हंड्रेड’ इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के अधिकार क्षेत्र में आता है। BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने स्पष्ट किया कि यह मामला भारतीय बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। किसी खिलाड़ी को ‘द हंड्रेड’ से हटाने का निर्णय केवल ECB के नियम और प्रक्रिया के तहत ही लिया जा सकता है।

    अबरार अहमद को सनराइजर्स लीड्स ने £1,90,000 (लगभग ₹2.34 करोड़) में खरीदा। टीम की CEO काव्या मारन, जो IPL में भी Sunrisers Hyderabad की CEO हैं, नीलामी में मौजूद थीं। जैसे ही घोषणा हुई, सोशल मीडिया पर भारतीय फैन्स ने विरोध शुरू कर दिया और कई अकाउंट्स को सस्पेंड करना पड़ा।

    ‘द हंड्रेड’ के नियमों के अनुसार, कोई भी खिलाड़ी केवल तब रिप्लेसमेंट रोस्टर में शामिल हो सकता है, जब उसने ऑक्शन या वाइल्डकार्ड ड्राफ्ट के लिए रजिस्ट्रेशन किया हो। किसी फ्रेंचाइजी की इच्छा पर खिलाड़ी को बाहर नहीं किया जा सकता। असाधारण स्थिति में टीम ECB की Competition Technical Committee को लिखित अनुरोध भेज सकती है, और मंजूरी मिलने पर ही रिप्लेसमेंट खिलाड़ी साइन किया जा सकता है।

    लीग के नियमों के अनुसार हर टीम को 100 गेंदों में बल्लेबाजी का मौका मिलता है। गेंदबाज लगातार 5 या 10 गेंद फेंक सकते हैं, एक मैच में अधिकतम 20 गेंद। हर टीम को 25 गेंद का पावरप्ले मिलता है, जिसमें केवल 2 फील्डर 30 यार्ड सर्कल के बाहर खड़े हो सकते हैं। मैच की अवधि लगभग 2.5 घंटे होती है। जीतने वाली टीम को 4 अंक मिलते हैं, जबकि टाई या बारिश की स्थिति में दोनों टीमों को 2-2 अंक।

    संक्षेप में, अबरार अहमद IPL की तरह BCCI आदेश से नहीं हटाए जा सकते। उनका भविष्य पूरी तरह ECB के नियम और प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। भारतीय फैन्स का विरोध जितना तेज है, लेकिन फ्रेंचाइजी और बोर्ड की सीमित भूमिका के कारण फिलहाल अबरार ‘द हंड्रेड 2026’ में खेलते रहेंगे।