Tag: The Scourge of Summer

  • नौतपा से पहले झुलसता मध्यप्रदेश, तापमान और बढ़ने की चेतावनी

    नौतपा से पहले झुलसता मध्यप्रदेश, तापमान और बढ़ने की चेतावनी


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में गर्मी ने एक बार फिर अपना तीखा असर दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और हालात बेहद चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए राज्य के 4 जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया है, जहां अगले कुछ दिनों तक भीषण लू और अत्यधिक गर्मी का खतरा बना रहेगा।

     नौतपा में और बढ़ेगी तपिश
    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय चल रहे नौतपा के दौरान प्रदेश में तापमान और ऊपर जा सकता है। नौतपा को गर्मी का सबसे कठिन दौर माना जाता है, जिसमें सूर्य की सीधी किरणें धरती को सबसे ज्यादा गर्म करती हैं। इस दौरान दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म रहने की संभावना है, जिससे राहत मिलने के आसार कम हैं।

    किन जिलों में रेड अलर्ट
    रेड अलर्ट वाले जिलों में प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इन इलाकों में दिन के समय बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। खासतौर पर बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि इन जिलों में तापमान सामान्य से कई डिग्री अधिक दर्ज किया जा सकता है और लू का असर तेज रहेगा।

     स्वास्थ्य पर बढ़ रहा असर
    भीषण गर्मी के कारण अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और कमजोरी के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में शरीर में पानी की कमी सबसे बड़ा खतरा बन जाती है।

     विशेषज्ञों की सलाह
    मौसम और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दी है-
    दिन में 11 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें
    पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें
    हल्के और ढीले कपड़े पहनें
    धूप में निकलते समय सिर ढककर रखें
    बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें

    प्रशासन अलर्ट मोड प
    प्रशासन ने भी गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है। कई जगहों पर पेयजल व्यवस्था और हीटवेव से बचाव के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।

    मध्य प्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद कम है। नौतपा के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है, ऐसे में सतर्कता और सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

  • एमपी में बढ़ने लगी गर्मी, तापमान 4 डिग्री तक उछला, रतलाम में पारा 40 पार

    एमपी में बढ़ने लगी गर्मी, तापमान 4 डिग्री तक उछला, रतलाम में पारा 40 पार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में अब गर्मी ने पूरी तरह असर दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह से ही तेज धूप लोगों को झुलसाने लगी है जबकि दोपहर में तपिश और ज्यादा बढ़ रही है। इसी कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में औसतन करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है वहीं कुछ शहरों में यह बढ़त 5 से 6 डिग्री तक पहुंच गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार इंदौर उज्जैन भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में गर्मी का प्रभाव सबसे अधिक देखा जा रहा है। शनिवार को इन क्षेत्रों में तेज गर्मी रही और रविवार को भी हालात ऐसे ही बने रहने के संकेत हैं। शनिवार को उज्जैन रतलाम और नर्मदापुरम सहित 18 शहरों में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। रतलाम में सबसे ज्यादा 40.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। इसके अलावा नर्मदापुरम में 39.4 डिग्री धार में 39.2 खरगोन में 39 गुना में 38 शाजापुर में 37.7 रायसेन और सागर में 37.6 छिंदवाड़ा में 37.5 डिग्री दर्ज किया गया। मंडला दतिया और श्योपुर में 37.4 खजुराहो में 37.2 और दमोह टीकमगढ़ व बैतूल में 37 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।

    बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन सबसे गर्म रहा जहां तापमान 38 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में 37.6 भोपाल में 36.8 जबलपुर में 36.6 और ग्वालियर में 35.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक 15 अप्रैल को एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होगा लेकिन इसके कमजोर रहने की संभावना है। ऐसे में प्रदेश में फिलहाल तेज गर्मी का दौर जारी रहेगा। बढ़ती गर्मी से बचने के लिए लोग अलग-अलग उपाय अपना रहे हैं कोई चेहरे को ढककर बाहर निकल रहा है तो कोई ठंडे पेय गन्ने का रस और आइसक्रीम का सहारा ले रहा है।

    गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों को दिनभर पर्याप्त पानी पीने शरीर को हाइड्रेट रखने और दोपहर में तेज धूप से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही हल्के और सूती कपड़े पहनने तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।

    गौरतलब है कि इस साल अप्रैल के शुरुआती दिनों में मौसम का मिजाज अलग रहा। 1 से 9 अप्रैल के बीच प्रदेश में कई जगह आंधी बारिश और ओलावृष्टि हुई। इस दौरान ग्वालियर में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। 15 से अधिक जिलों में ओले गिरे जबकि करीब 45 जिलों में बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार जैसे सर्दी के लिए दिसंबर-जनवरी और बारिश के लिए जुलाई-अगस्त अहम होते हैं वैसे ही गर्मी के लिए अप्रैल और मई मुख्य महीने हैं। खासकर अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी अपने चरम पर पहुंचने लगती है।