Tag: theft

  • बुरहानपुर में 3 महिलाओं ने उड़ाए 45 लाख के जेवर, ग्राहक बनकर पहुंचीं, साड़ी में छिपाया बॉक्स

    बुरहानपुर में 3 महिलाओं ने उड़ाए 45 लाख के जेवर, ग्राहक बनकर पहुंचीं, साड़ी में छिपाया बॉक्स


    बुरहानपुर। मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में सराफा दुकान पर ग्राहक बनकर पहुंचीं तीन महिलाओं ने कथित तौर पर करीब 45 लाख रुपये के सोने के जेवर चोरी कर लिए। गहने देखने के दौरान महिलाओं ने दुकानदार का ध्यान भटकाया और मौका पाकर एक महिला ने जेवरों से भरा बॉक्स अपनी साड़ी में छिपा लिया। वारदात दुकान में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

    गहने देखने के बहाने दुकान में पहुंचीं महिलाएं
    मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के फव्वारा चौक स्थित सराफा दुकान का है। सोमवार शाम करीब 6 बजे तीन महिलाएं ग्राहक बनकर दुकान में पहुंचीं। दुकानदार ने उन्हें सोने के गहने दिखाने शुरू किए। इसी दौरान महिलाओं ने कथित तौर पर बातचीत और गहने देखने के बहाने दुकानदार का ध्यान दूसरी ओर लगाया।

    आरोप है कि इसी मौके का फायदा उठाकर उनमें से एक महिला ने जेवरों से भरा बॉक्स अपनी साड़ी में छिपा लिया। इसके बाद तीनों कुछ देर तक दुकान में रहीं और फिर वहां से निकल गईं। शुरुआत में दुकानदार को बॉक्स गायब होने का पता नहीं चला।

    करीब 15 मिनट बाद जब सामान कम होने का संदेह हुआ, तो दुकानदार ने CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी। फुटेज में तीनों महिलाओं की संदिग्ध गतिविधियां दिखाई देने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

    दुकान के बाहर बाइक पर इंतजार कर रहे थे साथी?
    वारदात के बाद महिलाओं के साथियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। बताया जा रहा है कि दुकान के बाहर सड़क किनारे हेलमेट पहने एक व्यक्ति बाइक लेकर खड़ा था। तीन महिलाओं में से एक उसके साथ बाइक पर बैठकर निकल गई, जबकि बाकी दो महिलाएं आगे बढ़ीं और फिर एक अन्य बाइक पर सवार होकर वहां से चली गईं।

    इस घटनाक्रम के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि चोरी की वारदात में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, महिलाओं के साथ कितने लोग थे और सभी की क्या भूमिका रही, इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

    CCTV फुटेज के आधार पर तलाश में जुटी पुलिस
    बुरहानपुर के सिटी एसपी विनोद सिंह कुशवाह ने बताया कि चोरी की घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के फव्वारा चौक स्थित अनिल अग्रवाल की लक्ष्मण किशोर जुगलकिशोर सराफा दुकान में हुई है। वारदात सोमवार शाम करीब 6 बजे की है।

    पुलिस को मामले से जुड़े कुछ CCTV फुटेज मिले हैं। आरोपियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए जांच की जा रही है। साथ ही मुखबिरों को सक्रिय किया गया है, ताकि संदिग्ध महिलाओं और उनके साथियों तक पहुंचा जा सके।

    फिलहाल पुलिस चोरी गए जेवरों की बरामदगी और घटना में अन्य लोगों की संभावित भूमिका की जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के संबंध में आगे की जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी।

  • शिवपुरी के बाग वाले हनुमान मंदिर में चोरी, चांदी के कुंडल-कड़ा और पीतल के सात घंटे गायब.

    शिवपुरी के बाग वाले हनुमान मंदिर में चोरी, चांदी के कुंडल-कड़ा और पीतल के सात घंटे गायब.


    मध्य प्रदेश: 
    के शिवपुरी जिले के सतनवाड़ा क्षेत्र स्थित बाग वाले हनुमान मंदिर में चोरी की घटना सामने आई है। अज्ञात चोर मंदिर के मुख्य द्वार का ताला तोड़कर हनुमान जी की मूर्ति पर लगे चांदी के दो कुंडल, एक चांदी का कड़ा और मंदिर परिसर में लगे पीतल के सात घंटे चोरी कर ले गया। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई गई है। घटना का पता सोमवार, 26 अक्टूबर की सुबह उस समय चला, जब एक श्रद्धालु मंदिर में पूजा करने पहुंचा।

    सुबह पूजा करने पहुंचे तो टूटा मिला ताला
    जानकारी के अनुसार, सतनवाड़ा कलां गांव निवासी नंदकिशोर धाकड़ पुत्र हरनारायण धाकड़ सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे बाग वाले हनुमान मंदिर में पूजा करने पहुंचे थे। मंदिर पहुंचने पर उन्होंने मुख्य गेट का ताला टूटा हुआ देखा। इसके बाद उन्होंने मंदिर के भीतर जाकर सामान की जांच की, तो चोरी का पता चला।

    मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति पर लगे चांदी के दोनों कुंडल गायब थे। इसके अलावा एक पैर का चांदी का कड़ा और मंदिर परिसर में लगे पीतल के सात घंटे भी वहां नहीं मिले। मंदिर का ताला टूटा होने और पूजा से संबंधित सामान गायब मिलने के बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

    रात करीब दो बजे चोरी की आशंका
    फरियादी नंदकिशोर धाकड़ ने आशंका जताई कि अज्ञात चोर रात करीब दो बजे के आसपास मंदिर में घुसे और चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। हालांकि, घटना के सही समय और चोरी करने वाले व्यक्ति की पहचान की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    सुबह मंदिर पहुंचने पर चोरी का पता चलने के बाद फरियादी सतनवाड़ा थाने पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। शिकायत में मंदिर से चांदी के आभूषण और पीतल के घंटे चोरी होने की बात बताई गई। चोरी गए सामान की अनुमानित कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई गई है।

    अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज
    पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जिम्मेदारी कार्यवाहक प्रधान आरक्षक सोनू रजक को सौंपी गई है। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है और आरोपी का पता लगाने के साथ चोरी गए सामान की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।

    मंदिर के मुख्य गेट का ताला तोड़कर चांदी के आभूषण और पीतल के घंटे चोरी किए जाने की इस घटना के बाद पुलिस के सामने आरोपी की पहचान करने और सामान बरामद करने की चुनौती है। फिलहाल, मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी या चोरी गए सामान की बरामदगी की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस की जांच के बाद ही वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों का पता चल सकेगा।

  • शिवपुरी-भोपाल मार्ग पर थार से 92 हजार रुपये और सोने की अंगूठी चोरी, CCTV में संदिग्ध कार दिखने से बढ़ी जांच

    शिवपुरी-भोपाल मार्ग पर थार से 92 हजार रुपये और सोने की अंगूठी चोरी, CCTV में संदिग्ध कार दिखने से बढ़ी जांच

    शिवपुरी जिले में शिवपुरी-भोपाल मार्ग पर दिनदहाड़े चोरी की घटना सामने आई है। यहां जिला अस्पताल में पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर और वॉइस ऑफ नर्स संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शिवराज सिंह राजपूत की महिंद्रा थार से एक बैग चोरी होने की जानकारी सामने आई है। बैग में करीब 92 हजार रुपये नकद, सोने की एक अंगूठी और महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे हुए थे। घटना के बाद नर्सिंग संगठन ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कर चोरी में शामिल लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है।

    जानकारी के अनुसार, यह घटना शिवपुरी-भोपाल मार्ग पर अतलपुर स्थित महाकाल होटल के पास हुई। शिवराज सिंह राजपूत अपनी पत्नी को चिकित्सीय परीक्षण और उपचार के लिए भोपाल लेकर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी महिंद्रा थार से बैग चोरी होने की बात सामने आई। वाहन का पंजीकरण नंबर MP 07 AN 1009 बताया गया है। चोरी हुए सामान में नकदी और सोने की अंगूठी के अलावा जरूरी दस्तावेज भी शामिल हैं।

    वॉइस ऑफ नर्स संगठन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, वारदात को मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात बदमाशों ने अंजाम दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की गई। संगठन का दावा है कि फुटेज में मोटरसाइकिल सवार संदिग्धों के साथ एक अन्य संदिग्ध कार भी दिखाई दे रही है। इस वजह से वारदात में एक से अधिक लोगों की भूमिका होने की आशंका जताई जा रही है।

    हालांकि, घटना में शामिल लोगों की पहचान और चोरी की पूरी परिस्थितियों को लेकर पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में संदिग्ध बाइक सवारों और कार से संबंधित जानकारी को फिलहाल संगठन की ओर से सामने रखे गए विवरण के आधार पर देखा जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज की जांच इस मामले में अहम मानी जा रही है, क्योंकि इससे संदिग्ध वाहनों की गतिविधियों और घटना के आसपास की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है।

    घटना के बाद वॉइस ऑफ नर्स संगठन ने शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक से मामले में तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन ने आग्रह किया है कि सीसीटीवी रिकॉर्डिंग के आधार पर संदिग्ध कार और मोटरसाइकिल सवारों की पहचान की जाए। साथ ही, चोरी हुए करीब 92 हजार रुपये, सोने की अंगूठी और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।

    नर्सिंग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शिवराज सिंह राजपूत की थार से सामान चोरी होने की घटना के बाद संगठन ने मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है। संगठन की मांग है कि जांच में उपलब्ध साक्ष्यों का इस्तेमाल करते हुए आरोपियों तक पहुंचा जाए और चोरी गए सामान की बरामदगी सुनिश्चित की जाए।

    फिलहाल, मामले में पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज से मिलने वाली जानकारी महत्वपूर्ण होगी। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि वारदात किस तरह हुई, संदिग्ध वाहनों की इसमें क्या भूमिका थी और चोरी की घटना में कितने लोग शामिल थे। पुलिस की ओर से आरोपियों की पहचान और आगे की कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है।

  • भिखारी बनकर घर की रेकी, डॉक्टर के घर दीवार लांघकर घुसा चोर और दिनदहाड़े मूर्ति लेकर हुआ फरार

    भिखारी बनकर घर की रेकी, डॉक्टर के घर दीवार लांघकर घुसा चोर और दिनदहाड़े मूर्ति लेकर हुआ फरार

    मध्य प्रदेश: के शहडोल जिले में दिनदहाड़े चोरी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बुढ़ार थाना क्षेत्र की आदर्श कॉलोनी में एक व्यक्ति कथित तौर पर भिखारी और मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति का भेष बनाकर कई दिनों तक इलाके में घूमता रहा। इसी दौरान उसने एक डॉक्टर के घर की रेकी की और मौका मिलते ही घर में घुसकर वहां रखी एक मूर्ति चोरी कर ली। चोरी की पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।

    आदर्श कॉलोनी निवासी डॉक्टर ए.के. लाला अपने घर में ही क्लिनिक संचालित करते हैं। बताया गया कि घटना के समय डॉक्टर क्लिनिक खोलकर किसी काम से बाहर गए हुए थे। घर के मुख्य गेट पर ताला लगा था और उस समय घर पर कोई मौजूद नहीं था। इसी दौरान आरोपी डॉक्टर के घर के आसपास पहुंचा और मौका देखकर अंदर दाखिल हो गया।

    सीसीटीवी फुटेज में व्यक्ति पहले घर के आसपास घूमता हुआ दिखाई दे रहा है। वह कुछ देर तक आसपास की स्थिति पर नजर रखता है और यह देखता है कि वहां कोई मौजूद है या नहीं। जब उसे आसपास कोई व्यक्ति दिखाई नहीं दिया तो उसने घर में प्रवेश करने का फैसला किया।

    आरोपी ने गेट और दीवार को पार कर घर के अंदर प्रवेश किया। अंदर पहुंचने के बाद उसने घर में सामान तलाशने की कोशिश की। हालांकि, उसे कोई खास कीमती वस्तु हाथ नहीं लगी। इसके बाद उसने घर में रखी एक मूर्ति उठा ली और जिस रास्ते से अंदर आया था, उसी रास्ते से बाहर निकलकर फरार हो गया।

    घटना की खास बात यह है कि आरोपी की पूरी गतिविधि कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में उसके घर के आसपास घूमने से लेकर अंदर प्रवेश करने और मूर्ति लेकर बाहर निकलने तक की गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। इससे यह भी सामने आया कि उसने घर में प्रवेश करने से पहले आसपास की स्थिति का जायजा लिया था।

    डॉक्टर ए.के. लाला के मुताबिक, संबंधित व्यक्ति पिछले कुछ दिनों से इलाके में भिखारी के रूप में घूम रहा था। स्थानीय लोग उसे मानसिक रूप से अस्वस्थ समझकर ज्यादा ध्यान नहीं देते थे। इसी वजह से उसके लगातार इलाके में घूमने पर किसी को विशेष संदेह नहीं हुआ। डॉक्टर का कहना है कि आरोपी को जब मौका मिला तो उसने घर में प्रवेश कर मूर्ति चोरी कर ली।

    डॉक्टर ने यह भी कहा कि अगर घर में कोई कीमती सामान रखा होता तो आरोपी उसे भी अपने साथ ले जा सकता था। घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज सामने आने से अब आरोपी की पहचान और उसकी गतिविधियों की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।

    वहीं, बुढ़ार थाना प्रभारी रजनीश तिवारी ने बताया कि घटना को लेकर थाने में फिलहाल कोई सूचना या शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद आरोपी की पहचान और घटना की वास्तविकता की जांच की जा रही है।

    फिलहाल दिनदहाड़े हुई इस चोरी ने इलाके में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। भिखारी के रूप में संदिग्ध व्यक्ति के कई दिनों तक क्षेत्र में घूमने और फिर मौका पाकर बंद घर में प्रवेश करने की घटना से लोगों में भी सतर्कता बढ़ गई है। पुलिस के स्तर पर आरोपी की पहचान और आगे की कार्रवाई के बाद ही घटना से जुड़ी पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • सीजेपी प्रदर्शन के दौरान बढ़ीं चोरी की वारदातें, फेस रिकॉग्निशन सिस्टम से सैकड़ों संदिग्ध पुलिस के रडार पर

    सीजेपी प्रदर्शन के दौरान बढ़ीं चोरी की वारदातें, फेस रिकॉग्निशन सिस्टम से सैकड़ों संदिग्ध पुलिस के रडार पर


    नई दिल्ली ।
    राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर आयोजित विशाल विरोध प्रदर्शन के दौरान आपराधिक तत्वों द्वारा चोरी और जेबतराशी की घटनाओं को अंजाम देने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। पुलिस आंकड़ों के अनुसार प्रदर्शन के दौरान 177 से अधिक चोरी की शिकायतें दर्ज की गई हैं। इस अप्रत्याशित बढ़ोतरी के बाद दिल्ली पुलिस ने अत्याधुनिक फेस रिकॉग्निशन सिस्टम की मदद से व्यापक अभियान चलाकर 717 संदिग्धों को चिन्हित किया है।

    प्रदर्शन और मार्च के दौरान सबसे अधिक शिकायतें कीमती स्मार्टफोन्स, पर्स और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के गायब होने से संबंधित प्राप्त हुई हैं। विशेषकर जब जंतर-मंतर और आसपास के मुख्य मार्गों पर प्रदर्शनकारियों का जमावड़ा चरम पर था, तब शातिर जेबतराशों ने अव्यवस्था का फायदा उठाकर दर्जनों लोगों को अपना शिकार बनाया। पीड़ित नागरिकों की लगातार आती शिकायतों को देखते हुए स्थानीय थाना पुलिस और विशेष शाखाओं ने संयुक्त रूप से मामले की पड़ताल शुरू की है।

    जांच प्रक्रिया के तहत दर्ज एफआईआर और ऑनलाइन ई-दर्ज रिपोर्टों का गहन विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार कई नागरिकों ने सीधे तौर पर चोरी का मामला दर्ज कराया, जबकि कुछ ने अपने कीमती सामान के खोने की सूचना दर्ज कराई है। प्राथमिक आकलन के आधार पर पुलिस का मानना है कि गुमशुदगी की अधिकांश घटनाएं संगठित जेबतराशी गिरोहों का परिणाम हो सकती हैं, जिसके चलते सभी मामलों का एक साथ अध्ययन किया जा रहा है।

    वारदातों को सुलझाने के लिए दिल्ली पुलिस ने तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया है। कार्यक्रम स्थल और पहुंच मार्गों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से प्राप्त फुटेज को फेस रिकॉग्निशन सॉफ्टवेयर के माध्यम से स्कैन किया गया। इस डिजिटल जांच के दौरान हजारों चेहरों का मिलान पुलिस के पुराने आपराधिक डेटाबेस से कराया गया, जिसके बाद 717 संदिग्ध व्यक्तियों की संदिग्ध उपस्थिति और संलिप्तता की पुष्टि हुई है।

    पहचाने गए संदिग्धों की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई समर्पित टीमों का गठन किया गया है। चिन्हित किए गए आरोपियों के रिकॉर्ड और उनके संबंधित इलाकों की पुलिस इकाइयों के साथ डेटा साझा किया गया है। अधिकारियों का मुख्य लक्ष्य चोरी किए गए मोबाइल और अन्य मूल्यवान वस्तुओं की जल्द से जल्द बरामदगी सुनिश्चित करना तथा भीड़ का फायदा उठाने वाले ऐसे अंतरराज्यीय गिरोहों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है।

    फिलहाल तकनीकी साक्ष्यों और सीडीआर के आधार पर संदिग्धों के ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। सुरक्षा तंत्र ने बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भाग लेने वाले नागरिकों से अपनी निजी वस्तुओं के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के उपरांत दोषी पाए जाने वाले सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी धाराओं के तहत निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।

  • रेलवे स्टेशन पर एक छोटी लापरवाही पड़ सकती है भारी, जानिए कहां सबसे ज्यादा निशाना बनाते हैं चोर

    रेलवे स्टेशन पर एक छोटी लापरवाही पड़ सकती है भारी, जानिए कहां सबसे ज्यादा निशाना बनाते हैं चोर

    नई दिल्ली । भारतीय रेलवे से हर दिन करोड़ों यात्री सफर करते हैं और इसी भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल और अन्य कीमती सामान चोरी करने वाले गिरोह सक्रिय रहते हैं। अधिकांश लोगों को लगता है कि चोरी का सबसे बड़ा खतरा केवल ट्रेन के अंदर होता है, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार रेलवे स्टेशन के कुछ हिस्से भी ऐसे हैं जहां यात्रियों को सबसे अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। थोड़ी सी लापरवाही कुछ ही सेकंड में मोबाइल, पर्स या अन्य जरूरी सामान के नुकसान का कारण बन सकती है।

    रेलवे स्टेशन पर टिकट बुकिंग काउंटर ऐसी जगहों में शामिल है जहां यात्रियों का पूरा ध्यान टिकट लेने या भुगतान करने पर होता है। इसी दौरान जेबकतरे और मोबाइल चोर भीड़ का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देने की कोशिश करते हैं। कई बार लोग मोबाइल हाथ में लेकर या जेब में ढीला रखकर लाइन में खड़े रहते हैं, जिससे चोरी का जोखिम और बढ़ जाता है। भीड़भाड़ वाले समय में यह खतरा और अधिक बढ़ जाता है।

    स्टेशन पर ट्रेन के रुकने या चलने के दौरान दरवाजों और खिड़कियों के पास भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। कई मामलों में चोर प्लेटफॉर्म से अचानक हाथ बढ़ाकर यात्रियों के हाथ से मोबाइल छीन लेते हैं और भीड़ में तेजी से गायब हो जाते हैं। ऐसी घटनाएं खासकर तब होती हैं जब यात्री ट्रेन के दरवाजे या खिड़की पर खड़े होकर फोन पर बात कर रहे होते हैं या वीडियो बना रहे होते हैं। इसलिए ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर रुकते ही मोबाइल का इस्तेमाल कम से कम करना सुरक्षित माना जाता है।

    रेलवे स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार, फुटओवर ब्रिज, एस्केलेटर और अन्य भीड़भाड़ वाले रास्ते भी चोरी की घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं। इन स्थानों पर यात्रियों का ध्यान अक्सर आगे बढ़ने या सामान संभालने में लगा रहता है। ऐसे में जेबकतरे बिना किसी शोर-शराबे के मोबाइल या पर्स निकाल लेते हैं। इसलिए यात्रा के दौरान बैग को हमेशा अपने सामने रखें और मोबाइल को सुरक्षित स्थान पर रखें।

    सुरक्षा के लिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि मोबाइल को हाथ में लेकर अनावश्यक रूप से न चलें और उसे बैग के सुरक्षित हिस्से में रखें। बैग की चेन हमेशा बंद रखें और उसे अपनी ओर रखें। यदि भीड़ अधिक हो तो अपने आसपास की गतिविधियों पर नजर बनाए रखें। अपरिचित लोगों की अनावश्यक बातचीत या धक्का-मुक्की के दौरान विशेष सतर्कता बरतना भी जरूरी है।

    यदि किसी कारण से मोबाइल चोरी हो जाए तो घबराने के बजाय तुरंत आवश्यक कदम उठाने चाहिए। सबसे पहले रेलवे हेल्पलाइन 139 या रेलवे सुरक्षा बल की हेल्पलाइन 182 पर घटना की सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई शुरू की जा सके। इसके अलावा मोबाइल के दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकार के सीईआईआर पोर्टल पर जाकर IMEI नंबर के माध्यम से फोन को ब्लॉक कराया जा सकता है। समय पर शिकायत दर्ज कराने और आवश्यक डिजिटल सुरक्षा उपाय अपनाने से मोबाइल का गलत इस्तेमाल रोकने में मदद मिल सकती है। रेलवे यात्रा के दौरान थोड़ी सतर्कता, सुरक्षित आदतें और समय पर उठाए गए कदम यात्रियों को आर्थिक नुकसान और अनावश्यक परेशानी से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

  • छत का कांच तोड़कर घर में घुसे बदमाश, सराफा कारोबारी के यहां लाखों की चोरी; पुलिस जांच में जुटी

    छत का कांच तोड़कर घर में घुसे बदमाश, सराफा कारोबारी के यहां लाखों की चोरी; पुलिस जांच में जुटी


    सतना । मध्य प्रदेश के सतना शहर में चोरों ने एक सराफा कारोबारी के सूने मकान को निशाना बनाकर करीब 50 लाख रुपए की बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। परिवार के कुछ घंटों के लिए बाहर जाते ही बदमाश घर में घुस गए और सोने-चांदी के जेवरों के साथ नकदी भी समेटकर फरार हो गए। घटना का पता तब चला जब परिवार रात में वापस लौटा। घर के अंदर का नजारा देखकर सभी हैरान रह गए। कमरों का सामान बिखरा पड़ा था और अलमारियों के ताले टूटे हुए थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

    यह वारदात सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के राज होम्स गली स्थित आस्था कुटी में रहने वाले 31 वर्षीय विपुल जैन के घर हुई। विपुल जैन का परिवार शहर के पावर हाउस चौक पर एचबी ज्वेलर्स के नाम से सराफा कारोबार संचालित करता है। रविवार दोपहर करीब तीन बजे पूरा परिवार उचेहरा के इचौल घूमने के लिए घर से निकला था। रात करीब साढ़े नौ बजे जब वे वापस लौटे तो मुख्य कमरों का सामान अस्त-व्यस्त मिला और अलमारियां खुली हुई थीं।

    विपुल जैन ने बताया कि सबसे पहले उनकी मां के कमरे की अलमारी खुली मिली। उसमें रखे सोने-चांदी के आभूषण और नकदी गायब थे। इसके बाद अपने और बड़े भाई के कमरों की जांच की गई तो वहां भी अलमारियों के ताले टूटे मिले और कीमती जेवर तथा नकदी चोरी हो चुकी थी। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार चोर करीब 50 लाख रुपए मूल्य का सामान लेकर फरार हुए हैं।

    मौके की जांच में सामने आया कि बदमाश छत के रास्ते घर में दाखिल हुए थे। घर की छत पर बने दरवाजे का कांच तोड़कर उन्होंने अंदर प्रवेश किया और फिर एक-एक कमरे की अलमारियां खंगाल डालीं। इससे साफ है कि चोरों ने पूरी वारदात सुनियोजित तरीके से अंजाम दी और उन्हें यह जानकारी थी कि घर में उस समय कोई मौजूद नहीं है।

    घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जा सके।

    शहर में हुई इस बड़ी चोरी ने स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों में चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है। फिलहाल पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

  • मंदिर समिति के अध्यक्ष के पूर्व निजी सहायक प्रमोद नौटियाल पर कसा शिकंजा, चोरी की रकम की बरामदगी के लिए रिमांड की तैयारी में जुटी पुलिस

    मंदिर समिति के अध्यक्ष के पूर्व निजी सहायक प्रमोद नौटियाल पर कसा शिकंजा, चोरी की रकम की बरामदगी के लिए रिमांड की तैयारी में जुटी पुलिस

    नई दिल्ली । उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध और पवित्र बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की राशि की चोरी के मामले में चमोली पुलिस की विशेष जांच टीम ने एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस की ओर से आधिकारिक तौर पर दावा किया गया है कि गिरफ्तार किया गया मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल मंदिर परिसर में दान की गई धनराशि की गिनती के दौरान एक या दो बार नहीं, बल्कि कम से कम चार अलग-अलग अवसरों पर नकदी की हेराफेरी करते हुए सीसीटीवी कैमरों में कैद हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस की विंग लगातार तकनीकी साक्ष्यों को जुटाने में लगी हुई है। पुलिस अब अदालत के माध्यम से आरोपी की हिरासत प्राप्त करने की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई है ताकि चोरी की गई वास्तविक धनराशि और अन्य कीमती सामान को बरामद किया जा सके।

    चमोली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, जांच दल ने अब तक मंदिर परिसर में हुई दान की गिनती से संबंधित कई महत्वपूर्ण तिथियों की सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया है। इनमें मुख्य रूप से जून और जुलाई महीने के शुरुआती हफ्तों की रिकॉर्डिंग शामिल हैं, जहां आरोपी प्रमोद नौटियाल कथित तौर पर बड़ी ही चालाकी से नकदी को छिपाकर अपने पास रखते हुए दिखाई दे रहा है। हालांकि, तकनीकी सीमाओं के कारण जांच टीम के सामने एक बड़ी चुनौती भी खड़ी हो गई है। वर्तमान यात्रा सीजन के दौरान अब तक दर्जनों बार दान की गिनती की जा चुकी है, परंतु सीसीटीवी कैमरों का डिजिटल स्टोरेज फुल हो जाने की वजह से पुरानी फुटेज स्वतः ही डिलीट हो चुकी हैं। ऐसी स्थिति में पुलिस को अंदेशा है कि आरोपी पूर्व में भी इस तरह की वारदातों को अंजाम देता आ रहा होगा, जिसके साक्ष्य मिट चुके हैं।

    गौरतलब है कि इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के शीर्ष नेतृत्व का बेहद करीबी और पूर्व निजी सहायक रह चुका है। वह लंबे समय से इस प्रतिष्ठित धार्मिक संस्थान से जुड़ा हुआ था और उसके पास वीआईपी प्रोटोकॉल के साथ-साथ मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती की प्रत्यक्ष निगरानी करने की अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी थी। इस ऊंचे और जिम्मेदार पद पर रहने के कारण ही उसे नकदी की गिनती वाले संवेदनशील क्षेत्र में निर्बाध प्रवेश की अनुमति मिली हुई थी, जिसका उसने कथित तौर पर दुरुपयोग किया। आरोपी को पुलिस ने उसके देहरादून स्थित आवास से गिरफ्तार किया था, जिसके बाद अदालत ने उसे चौदह दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

    पुलिस और विशेष जांच दल की अब तक की पूछताछ में आरोपी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार नहीं किया है और वह लगातार जांच अधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है। वर्तमान में पुलिस के हाथ केवल एक शालिग्राम शिला लगी है, जबकि चोरी की गई नकद राशि अथवा सोने-चांदी के सिक्कों की बरामदगी अभी भी शेष है। इसी वजह से पुलिस अब उच्च न्यायालय अथवा सत्र अदालत के समक्ष दोबारा रिमांड का आवेदन प्रस्तुत करने की रणनीति बना रही है। इस प्रशासनिक विफलता और सुरक्षा में चूक के बाद मंदिर समिति ने भी कड़ा रुख अख्तियार करते हुए आंतरिक व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं, जिसके तहत दान प्रबंधन से जुड़े कुछ अन्य अधिकारियों को भी उनके पदों से हटा दिया गया है। वर्तमान में इस पूरे प्रकरण की समानांतर जांच पुलिस की एसआईटी, मंदिर समिति की आंतरिक जांच कमेटी और राज्य सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति द्वारा अत्यंत गंभीरता से की जा रही है।

  • MP: RGPV में पेपर चोरी…. परीक्षा से पहले गायब हुए प्रश्नपत्रों के 9 बंडल

    MP: RGPV में पेपर चोरी…. परीक्षा से पहले गायब हुए प्रश्नपत्रों के 9 बंडल


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सबसे बड़े तकनीकी विश्वविद्यालयों में शामिल राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (Rajiv Gandhi Proudyogiki Vishwavidyalaya- RGPV) में एग्जाम से ठीक पहले प्रश्नपत्र चोरी होने का गंभीर मामला सामने आया है. इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    शुक्रवार को स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी (School of Biotechnology) के सेकंड ईयर (चौथे सेमेस्टर) के कंप्यूटर विषय का एग्जाम था, लेकिन सुबह 11 बजे एग्जाम शुरू होने से ठीक पहले छात्रों को बताया गया कि परीक्षा रद्द कर दी गई है. थोड़ी देर बाद जानकारी मिली कि प्रश्नपत्र चोरी हो गया है. इसके बाद यूनिवर्सिटी में हड़कंप मच गया।

    यूनिवर्सिटी ने पेपर चोरी होने की जानकारी देते हुए परीक्षा अगले आदेश तक स्थगित कर दी है. जानकारी के मुताबिक अलग-अलग प्रश्नपत्रों के करीब 9 बंडल गायब मिले हैं।


    गांधीनगर थाने में दर्ज कराई FIR

    यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए भोपाल के गांधीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत के मुताबिक, संबंधित प्रश्नपत्र गुरुवार देर रात चोरी हो गया था. पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि प्रश्नपत्र कैसे गायब हुआ और इसमें किसकी भूमिका हो सकती है।


    सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए सवाल

    परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र चोरी की घटना ने विश्वविद्यालय की गोपनीय परीक्षा व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. घटना को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है।

    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा ‘बीजेपी के राज में चोरी अब व्यवस्था बन चुकी है. पहले वोट चोरी, फिर सीट चोरी, उज्जैन में जमीन चोरी, मंदिरों से चढ़ावा चोरी, और अब प्रश्नपत्र चोरी! भोपाल स्थित RGPV में परीक्षा शुरू होने से पहले गोपनीय प्रश्नपत्रों के 9 सीलबंद लिफाफे चोरी हो गए।

    उमंग सिंघार ने आगे लिखा, मुख्यमंत्री मोहन यादव के राज में अब माफिया और चोर इतने बेखौफ हैं कि छात्रों का भविष्य भी सुरक्षित नहीं है. यह केवल प्रश्नपत्र की चोरी नहीं, युवाओं की मेहनत, विश्वास और भविष्य की चोरी है. बीजेपी राज में आखिर बचा क्या है जो चोरी नहीं हो रहा?

  • 20 सेकंड में कार से उड़ा ₹2.07 लाख का बैग: 150 से ज्यादा CCTV खंगालकर पुलिस ने किया चोरी का खुलासा

    20 सेकंड में कार से उड़ा ₹2.07 लाख का बैग: 150 से ज्यादा CCTV खंगालकर पुलिस ने किया चोरी का खुलासा


    मध्यप्रदेश । देवास जिले के सोनकच्छ क्षेत्र में कार से 2.07 लाख रुपये से अधिक नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेजों से भरा बैग चोरी होने के चर्चित मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, यह चोरी महज 20 सेकंड के भीतर अंजाम दी गई थी और पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कंपनी का ड्राइवर, जिस पर साजिश में शामिल होने का आरोप है, अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

    पुलिस के मुताबिक, इंदौर निवासी रविशंकर पटेल ने सोनकच्छ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। रविशंकर पटेल एल.आर.के. इंटरप्राइजेज कंपनी में सेल्समैन के रूप में कार्यरत हैं। शिकायत में उन्होंने बताया कि 5 जून को वे कंपनी के ड्राइवर रोहित राजपूत के साथ सागर और विदिशा क्षेत्र से कलेक्शन की राशि लेकर इंदौर लौट रहे थे। उनके पास 2,07,650 रुपये नकद और कंपनी से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज थे।

    रास्ते में सोनकच्छ स्थित पप्पू एंड पप्पू ढाबे पर दोनों चाय-नाश्ते के लिए रुके। इसी दौरान कार में रखा नकदी और दस्तावेजों से भरा बैग चोरी हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक Puneet Gehlod के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Harinarayan Batham और एसडीओपी Sanjay Singh Bais के मार्गदर्शन में पुलिस ने ‘ऑपरेशन त्रिनेत्रम’ के तहत व्यापक जांच अभियान चलाया।

    जांच के दौरान पुलिस ने सोनकच्छ से देवास और इंदौर तक करीब 60 किलोमीटर के दायरे में लगे 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

    पुलिस ने कुलाला निवासी सौरभ राठौर और रायसेन जिले के दिवटिया निवासी आयुष नागर को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने कथित रूप से स्वीकार किया कि उन्होंने कंपनी के ड्राइवर रोहित राजपूत के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। हालांकि पुलिस द्वारा मामले की जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।

    पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई रकम में से लगभग 1 लाख रुपये नकद, चोरी किया गया बैग तथा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। शेष राशि और अन्य पहलुओं की जांच जारी है। फरार आरोपी रोहित राजपूत की तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी की योजना कब और कैसे बनाई गई थी।