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  • 20 सेकंड में कार से उड़ा ₹2.07 लाख का बैग: 150 से ज्यादा CCTV खंगालकर पुलिस ने किया चोरी का खुलासा

    20 सेकंड में कार से उड़ा ₹2.07 लाख का बैग: 150 से ज्यादा CCTV खंगालकर पुलिस ने किया चोरी का खुलासा


    मध्यप्रदेश । देवास जिले के सोनकच्छ क्षेत्र में कार से 2.07 लाख रुपये से अधिक नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेजों से भरा बैग चोरी होने के चर्चित मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, यह चोरी महज 20 सेकंड के भीतर अंजाम दी गई थी और पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कंपनी का ड्राइवर, जिस पर साजिश में शामिल होने का आरोप है, अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

    पुलिस के मुताबिक, इंदौर निवासी रविशंकर पटेल ने सोनकच्छ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। रविशंकर पटेल एल.आर.के. इंटरप्राइजेज कंपनी में सेल्समैन के रूप में कार्यरत हैं। शिकायत में उन्होंने बताया कि 5 जून को वे कंपनी के ड्राइवर रोहित राजपूत के साथ सागर और विदिशा क्षेत्र से कलेक्शन की राशि लेकर इंदौर लौट रहे थे। उनके पास 2,07,650 रुपये नकद और कंपनी से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज थे।

    रास्ते में सोनकच्छ स्थित पप्पू एंड पप्पू ढाबे पर दोनों चाय-नाश्ते के लिए रुके। इसी दौरान कार में रखा नकदी और दस्तावेजों से भरा बैग चोरी हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक Puneet Gehlod के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक Harinarayan Batham और एसडीओपी Sanjay Singh Bais के मार्गदर्शन में पुलिस ने ‘ऑपरेशन त्रिनेत्रम’ के तहत व्यापक जांच अभियान चलाया।

    जांच के दौरान पुलिस ने सोनकच्छ से देवास और इंदौर तक करीब 60 किलोमीटर के दायरे में लगे 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

    पुलिस ने कुलाला निवासी सौरभ राठौर और रायसेन जिले के दिवटिया निवासी आयुष नागर को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने कथित रूप से स्वीकार किया कि उन्होंने कंपनी के ड्राइवर रोहित राजपूत के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। हालांकि पुलिस द्वारा मामले की जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।

    पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई रकम में से लगभग 1 लाख रुपये नकद, चोरी किया गया बैग तथा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। शेष राशि और अन्य पहलुओं की जांच जारी है। फरार आरोपी रोहित राजपूत की तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी की योजना कब और कैसे बनाई गई थी।

  • बैंक ग्राहक के झोले पर ब्लेड मारकर उड़ाए 60 हजार, सात दिन में महिला गिरफ्तार

    बैंक ग्राहक के झोले पर ब्लेड मारकर उड़ाए 60 हजार, सात दिन में महिला गिरफ्तार


    मध्यप्रदेश। देवास जिले के उदयनगर क्षेत्र में बैंक ग्राहक के झोले को ब्लेड से काटकर 60 हजार रुपये चोरी करने के मामले का पुलिस ने सात दिन के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया है और उसके कब्जे से चोरी गई पूरी राशि बरामद करने की बात कही है। मामले के खुलासे में सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    पुलिस के अनुसार घटना 2 जून 2026 की है। पीपलपाटी निवासी चम्पालाल यादव ट्रैक्टर की किश्त जमा करने के लिए 60 हजार रुपये लेकर उदयनगर स्थित एसबीआई बैंक पहुंचे थे। शिकायत के मुताबिक बैंक में राशि जमा करने के दौरान हाट बाजार क्षेत्र में किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके झोले को ब्लेड या किसी नुकीली वस्तु से काट दिया और उसमें रखी नकदी निकाल ली। घटना का पता चलने पर पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

    जांच के दौरान पुलिस ने बैंक परिसर और आसपास के हाट बाजार क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में एक महिला संदिग्ध गतिविधियों में शामिल दिखाई दी। पुलिस के मुताबिक विभिन्न स्थानों पर लगे कैमरों से प्राप्त तस्वीरों और वीडियो फुटेज के आधार पर महिला की पहचान करने का प्रयास किया गया। तकनीकी विश्लेषण और निगरानी के बाद पुलिस महिला तक पहुंचने में सफल रही।

    पुलिस ने आरोपी महिला की पहचान सुधा पति शिवचरण सिसोदिया, निवासी कड़ियां सांसी, थाना बोड़ा, जिला राजगढ़ के रूप में की है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को 9 जून को सीहोर जिले के सलकनपुर क्षेत्र से हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान महिला ने कथित रूप से चोरी की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद उसके कब्जे से चोरी गए 60 हजार रुपये बरामद कर जब्त कर लिए गए।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मामले में त्रिनेत्रम अभियान के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरे काफी उपयोगी साबित हुए। कैमरों में दर्ज फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान और उसकी गतिविधियों का पता लगाया गया। पुलिस का कहना है कि आधुनिक तकनीक और निगरानी व्यवस्था के कारण अपराधों की जांच में तेजी आई है और आरोपियों तक पहुंचना पहले की तुलना में अधिक आसान हुआ है।

    मामले की जांच पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत के निर्देश पर की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरनारायण बाथम, एसडीओपी बागली संजय सिंह बैस के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी विजेन्द्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने विभिन्न पहलुओं की जांच करते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

    पुलिस ने नागरिकों से भीड़भाड़ वाले बाजारों, बैंक परिसरों और सार्वजनिक स्थानों पर नकदी लेकर जाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

  • माथा टेका, पूजा की और फिर दिखाया असली चेहरा, मंदिर में अनोखे अंदाज में हुई चोरी ने सबको किया हैरान

    माथा टेका, पूजा की और फिर दिखाया असली चेहरा, मंदिर में अनोखे अंदाज में हुई चोरी ने सबको किया हैरान

    नई दिल्ली। महाराष्ट्र से एक ऐसी हैरान करने वाली घटना सामने आई है जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अपराधी अब वारदात को अंजाम देने के लिए किस हद तक नई तरकीबें अपनाने लगे हैं। धार्मिक आस्था और श्रद्धा से जुड़े स्थान को निशाना बनाकर अंजाम दी गई इस घटना ने लोगों को चौंका दिया है। सबसे अधिक चर्चा इस बात की हो रही है कि आरोपी ने घटना को जिस तरीके से अंजाम दिया, उसने पूरी वारदात को बेहद असामान्य बना दिया। घटना के बाद अब यह मामला लोगों के बीच चर्चा और हैरानी दोनों का विषय बना हुआ है।

    बताया जा रहा है कि आरोपी किसी सामान्य श्रद्धालु की तरह मंदिर परिसर में पहुंचा था। उसके व्यवहार और गतिविधियों को देखकर किसी को भी उस पर संदेह नहीं हुआ। मंदिर में प्रवेश करने के बाद उसने बेहद शांत और श्रद्धापूर्ण अंदाज में पूजा-अर्चना की। उसने पूरे विश्वास के साथ ऐसा व्यवहार किया मानो वह केवल दर्शन के उद्देश्य से वहां आया हो। उसके इस आचरण ने आसपास मौजूद लोगों और मंदिर से जुड़े लोगों का भरोसा पूरी तरह जीत लिया।

    घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह बताया जा रहा है कि आरोपी ने वारदात को अंजाम देने से पहले पूरी श्रद्धा के साथ पूजा की प्रक्रिया पूरी की। उसने देवी के सामने हाथ जोड़कर प्रार्थना की और कुछ समय तक वहीं रुका भी। इस दौरान किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं हुआ कि कुछ ही क्षणों बाद एक बड़ी चोरी की घटना सामने आने वाली है। आरोपी के व्यवहार ने इस पूरी घटना को और अधिक रहस्यमय और चर्चा का विषय बना दिया।

    मौका मिलते ही आरोपी ने अपनी असली योजना को अंजाम दिया। बड़ी फुर्ती और चालाकी के साथ उसने मंदिर में रखी मूल्यवान वस्तु को अपने कब्जे में लिया और बेहद तेजी से वहां से निकल गया। पूरी घटना इतनी तेजी से हुई कि किसी को तत्काल कुछ समझ ही नहीं आया। जब तक लोगों को मामले की जानकारी हुई, तब तक आरोपी वहां से जा चुका था।

    घटना के बाद जब सुरक्षा कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी गई तो पूरी कहानी सामने आई। रिकॉर्डिंग में आरोपी की गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई देने की बात कही जा रही है। हालांकि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरे को ढक रखा था, जिसके कारण उसकी पहचान करना जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ है। अब जांच अधिकारी तकनीकी और अन्य माध्यमों से आरोपी तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक स्थलों पर आने वाले लोगों के प्रति विश्वास का माहौल होता है और अपराधी कई बार इसी भरोसे का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। ऐसी घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत की ओर भी संकेत करती हैं। फिलहाल इस घटना ने स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया है और लोग आरोपी के इस अनोखे तरीके को लेकर लगातार चर्चा कर रहे हैं। जांच एजेंसियां मामले की पड़ताल में जुटी हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस घटना से जुड़े और तथ्य सामने आ सकते हैं।

  • नर्मदापुरम में चोरी का तांडव: शराब दुकान में धावा, तवा पुल से माल चोरी में पूर्व कर्मचारी पकड़ा गया

    नर्मदापुरम में चोरी का तांडव: शराब दुकान में धावा, तवा पुल से माल चोरी में पूर्व कर्मचारी पकड़ा गया

    मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में चोरी की दो अलग-अलग घटनाओं ने पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां सोहागपुर में स्थित शराब दुकान में चोरों ने टीन उखाड़कर अंदर घुसकर नकदी और शराब पर हाथ साफ किया, वहीं दूसरी ओर माखननगर क्षेत्र में निर्माणाधीन तवा पुल से सरिए चोरी के मामले में पुलिस ने एक पूर्व कर्मचारी और कबाड़ी को गिरफ्तार किया है।

    पहली घटना सोहागपुर शहर की है, जहां मुख्य मार्ग पर स्थित शराब दुकान को चोरों ने निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि चोरों ने दुकान की छत का टीन उखाड़कर अंदर प्रवेश किया और गल्ले में रखे लगभग 25 हजार रुपए नकद तथा शराब की कई बोतलें चुरा लीं। यह वारदात पूरी तरह से सुनियोजित लग रही है क्योंकि चोरों ने बिना किसी को भनक लगे बड़ी आसानी से घटना को अंजाम दिया। अगली सुबह जब सेल्समैन दुकान खोलने पहुंचे तो उन्हें ताला टूटा हुआ मिला, जिसके बाद पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेन रोड पर स्थित दुकान में हुई इस तरह की वारदात ने रात्रिकालीन पुलिस गश्त की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

    दूसरी घटना माखननगर थाना क्षेत्र की है, जहां निर्माणाधीन तवा पुल से सरिए चोरी का मामला सामने आया। इस मामले में निर्माण कंपनी के इंजीनियर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि लगातार सरिए गायब हो रहे हैं। जांच के दौरान शक की सुई एक पूर्व कर्मचारी बैनी प्रसाद उर्फ राजा कहार पर गई, जिसने पहले इसी निर्माण कार्य में मजदूरी की थी और कुछ समय पहले ही नौकरी छोड़ दी थी।

    पुलिस जांच में सामने आया कि बैनी प्रसाद ने अपने परिचित कबाड़ी अंशुल साहू के साथ मिलकर इस चोरी की योजना बनाई थी। जानकारी के अनुसार, 16 मई की रात दोनों ने निर्माण स्थल पर पहुंचकर ऑटो की मदद से सरिए लादे और उन्हें कबाड़ी को बेच दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चोरी किए गए सरिए बरामद कर लिए और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों मामलों में जांच जारी है और सोहागपुर की शराब दुकान में हुई चोरी के आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय मुखबिरों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

    इन घटनाओं ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण स्थलों की निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि इस तरह की वारदातों पर अंकुश लगाया जा सके और स्थानीय व्यापारिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

  • MP: इंदौर में शादी में आए यूपी के कारोबारी की कार से नगदी और हथियार चोरी… आरोपी गिरफ्तार

    MP: इंदौर में शादी में आए यूपी के कारोबारी की कार से नगदी और हथियार चोरी… आरोपी गिरफ्तार


    इंदौर।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) में शादी समारोह में शामिल होने आए एक कारोबारी (Businessman) की कार से नकदी और हथियार चोरी (Cash and weapon theft) होने का मामला अब सुलझ गया है. भंवरकुआ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और चोरी गया सामान भी बरामद कर लिया है।

    जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बरेली निवासी कारोबारी केशव सोनी इंदौर में एक शादी में शामिल होने आए थे. इस दौरान उनकी फॉर्च्यूनर कार का कांच तोड़कर एक अज्ञात बदमाश ने कार में रखा बैग चुरा लिया था. बैग में करीब एक लाख रुपये नकद, लाइसेंसी पिस्टल और कारतूस रखे हुए थे. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम गठित की. एडिशनल डीसीपी जोन-4 आनंद कलादगी के नेतृत्व में पुलिस ने आसपास लगे 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. जांच के दौरान एक संदिग्ध पल्सर बाइक नजर आई, जिसके आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।

    पुलिस ने भगवती नगर, मूसाखेड़ी निवासी सलमान खान को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में उसके पास से चोरी गया बैग, नकदी, लाइसेंसी पिस्टल और कारतूस बरामद कर लिए गए हैं. वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक भी जब्त कर ली गई है।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी पहले से कई आपराधिक मामलों में लिप्त रहा है. फिलहाल उससे पूछताछ जारी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह और किन घटनाओं में शामिल रहा है.

  • भोपाल का ईरानी डेरा: संगठित अपराध का गढ़, सरदार राजू के नेतृत्व में फैली ठगी और लूट की साज़िश

    भोपाल का ईरानी डेरा: संगठित अपराध का गढ़, सरदार राजू के नेतृत्व में फैली ठगी और लूट की साज़िश


    भोपाल।  भोपाल की अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरा संगठित अपराध का केंद्र बन चुका है। पुलिस के अनुसार, यहां रहने वाले करीब 70 से अधिक परिवारों के लगभग हर घर का कोई न कोई सदस्य अपराध में शामिल रहा है। चोरी, लूट, ठगी और फर्जीवाड़े के मामलों में इनका नाम मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और कर्नाटक समेत कई राज्यों की एफआईआर में दर्ज है।

    पुलिस ने हाल ही में ईरानी डेरे में बड़ी दबिश दी, जिसमें 32 लोग गिरफ्तार किए गए, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं। इस कार्रवाई में 21 बिना नंबर की स्पोर्ट्स बाइक, नकली नोट और अवैध हथियार बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, गिरोह कबीलाई ढांचे में संचालित होता है, जिसमें अपराध से मिली रकम पहले सरदार को दी जाती है, और फिर कबीला तय करता है कि किसे कितना हिस्सा मिलेगा।

    डेरे का प्रमुख सरदार राजू ईरानी है, जिसकी उम्र करीब 47 साल है। वह भोपाल में रहता है, लेकिन देश के अलग-अलग राज्यों में संगीन वारदातों को अंजाम देता है। राजू कभी खुद को CBI अधिकारी, पुलिस अफसर या पत्रकार बताकर ठगी करता है। उसका भाई जाकिर ईरानी भी गिरोह का संचालन करता है और प्रॉपर्टी कब्जा, मारपीट, अडीबाजी और ठगी जैसे संगीन अपराधों में शामिल है।
    गिरोह की रणनीति में फर्जी पहचान और रिश्तों का नेटवर्क शामिल है। आरोपी अक्सर ‘सफर’ पर रहते हैं, जहां कुछ सीधे अपराध में शामिल होते हैं, कुछ चोरी का माल वापस लाते हैं और कुछ अपराध से मिली रकम कबीले तक पहुंचाते हैं।

    2014 में अमन कॉलोनी में हुई हिंसा और आगजनी की घटना के बाद ईरानी डेरा लगातार पुलिस निगरानी में रहा। इसी साल दिल्ली पुलिस ने डेरे से जुड़े मुर्तुजा अली और शिराज अली को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था।

    पुलिस ने अब तक सलमान खान उर्फ गाय, अली तन्नु, सकीना, नवबहार अली, अजीज सैयद, समेत कई अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि शेष की तलाश जारी है।

  • इंदौर में घरेलू नौकर ने चुराया 5 लाख का हीरा जड़ा ब्रेसलेट, पुलिस ने नौकर समेत दलाल और सुनार को गिरफ्तार किया

    इंदौर में घरेलू नौकर ने चुराया 5 लाख का हीरा जड़ा ब्रेसलेट, पुलिस ने नौकर समेत दलाल और सुनार को गिरफ्तार किया


    इंदौर । इंदौर के माणिकबाग रोड स्थित एक महिला कारोबारी के घर से घरेलू नौकर ने हीरे से जड़ा पांच लाख रुपये का ब्रेसलेट चुरा लिया। यह घटना इंदौर के भंवरकुआं थाना क्षेत्र की है जहाँ महिला कारोबारी आरती सांघी के घर से चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। महिला के मुताबिक यह ब्रेसलेट उसकी सास ने उपहार स्वरूप दिया था। घटना के समय वह नहाने जा रही थीं और तभी चोरी की गई। पुलिस ने गहन जांच के बाद घरेलू नौकर दलाल और सुनार को गिरफ्तार कर लिया है और चोरी किया गया ब्रेसलेट भी बरामद कर लिया है।

    चोरी की घटना और पुलिस जांच

    भंवरकुआं थाना क्षेत्र के टीआई के मुताबिक माणिकबाग रोड निवासी आरती सांघी ने घर में हुई चोरी की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई। आरती की गीता भवन नाम से गिफ्ट की दुकान है और घर में चोरी किए गए ब्रेसलेट को उसकी सास ने उन्हें उपहार के तौर पर दिया था। इस ब्रेसलेट की कीमत करीब पांच लाख रुपये थी और यह हीरे से जड़ा हुआ था। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और क्राइम ब्रांच को मामले की जांच सौंप दी।

    गुरुवार को आरती द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। सबसे पहले पुलिस ने शक के आधार पर घर के घरेलू नौकर गणपत पुत्र जोगड़ा कामता को गिरफ्तार किया। गणपत ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसने चोरी किया हुआ ब्रेसलेट राहुल वाघले नाम के एक व्यक्ति को बेचा था जो उसे धानगली इलाके में स्थित सुनार दिलीप इंदरलाल रघुवंशी के पास ले गया था। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राहुल व दिलीप को भी गिरफ्तार कर लिया और ब्रेसलेट बरामद कर लिया।

    तीन गिरफ्तार ब्रेसलेट बरामद

    पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है गणपत कामता जो घरेलू नौकर था राहुल वाघले दलाल और दिलीप इंदरलाल रघुवंशी सुनार । इन तीनों के खिलाफ चोरी धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि ब्रेसलेट चोरी करने के बाद गणपत ने राहुल की मदद से उसे सुनार दिलीप को बेच दिया था जिससे उन्हें ब्रेसलेट आसानी से बिक गया। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने ब्रेसलेट को भी जब्त कर लिया है, जिसे अब आरती सांघी को सौंप दिया जाएगा। पुलिस ने यह भी कहा कि यह एक संगठित चोरी का मामला था जिसमें घरेलू नौकर के साथ-साथ अन्य लोग भी शामिल थे।

    वृद्धा से चेन लूटने वाले तीन बदमाश गिरफ्तार

    इसके अलावा पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। राजेंद्रनगर पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने एक वृद्धा से दो तोला वजनी सोने की चेन लूटी थी। यह घटना स्कीम-108 क्षेत्र में हुई थी जब कंचन पाटीदार नाम की वृद्धा से चेन छीन ली गई थी। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में प्रेम शिंदे आकाश परिहार और रियान रशीद शाह शामिल हैं। इन तीनों पर आरोप है कि उन्होंने वृद्धा को घेर कर उसका आभूषण लूटा था।

    पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा को लेकर चिंताएं

    इन दोनों घटनाओं ने इंदौर में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों की चिंता को और बढ़ा दिया है। हालांकि पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है, लेकिन शहर में चोरी और लूट जैसी वारदातों में वृद्धि देखी जा रही है। स्थानीय लोग और व्यापारी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और प्रशासन से बेहतर सुरक्षा इंतजामों की मांग कर रहे हैं। इंदौर पुलिस का कहना है कि वह लगातार आपराधिक गतिविधियों पर नज़र बनाए हुए हैं और शहर में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

    इंदौर में घरेलू नौकर द्वारा की गई चोरी और बाद में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी ने यह साबित कर दिया कि चोरी की घटनाएं कभी भी किसी से भी हो सकती हैं। पुलिस ने अपनी तेज़ी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया और चोरी किए गए ब्रेसलेट को बरामद किया। वहीं दूसरी ओर वृद्धा से चेन लूटने वाले तीन बदमाशों की गिरफ्तारी भी एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। अब, यह देखना होगा कि पुलिस आगे इन वारदातों पर किस तरह नियंत्रण पाती है और शहरवासियों को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।