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  • अवैध प्लॉटिंग विवाद में कारोबारी को पहले धमकाया फिर घर पर बरसाईं गोलियां 6 ऑडियो से जांच में नया मोड़ भोपाल में धमकी के बाद फायरिंग से सनसनी

    अवैध प्लॉटिंग विवाद में कारोबारी को पहले धमकाया फिर घर पर बरसाईं गोलियां 6 ऑडियो से जांच में नया मोड़ भोपाल में धमकी के बाद फायरिंग से सनसनी


    भोपाल । भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र के गोरेगांव में रियल एस्टेट कारोबारी के घर के बाहर फायरिंग का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। जमीन और कथित अवैध प्लॉटिंग से जुड़े विवाद में पहले कारोबारी को फोन पर धमकियां मिलने का दावा किया गया और इसके बाद देर रात उनके घर के बाहर गोलियां चलाने की घटना सामने आई। अब फरियादी पक्ष की ओर से जारी किए गए छह कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग ने मामले को और चर्चा में ला दिया है। इन ऑडियो में एक व्यक्ति कथित तौर पर कारोबारी को गाली गलौज करते हुए भोपाल में काम नहीं करने की धमकी देता सुनाई दे रहा है। वह खुद को मुरैना निवासी सौरभ चौहान बताता है और ग्वालियर से जमीन का काम करने की बात कहता है। हालांकि इन ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज और उनमें किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

    मामला 60 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी संतोष सिंह तोमर से जुड़ा है। फरियादी के अनुसार गोरेगांव में कथित अवैध प्लॉटिंग को लेकर शिकायत करने के बाद उनका कुछ लोगों से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के बीच उन्हें कथित तौर पर फोन पर धमकियां दी गईं। इसके बाद 10 सितंबर की दरमियानी रात करीब ढाई बजे एक SUV में आधा दर्जन से ज्यादा लोग उनके घर पहुंचे। आरोप है कि घर के गेट के बाहर कई राउंड फायरिंग की गई और जान से मारने की धमकी देकर आरोपी मौके से फरार हो गए।

    फरियादी पक्ष का दावा है कि फायरिंग की घटना अचानक नहीं हुई बल्कि इसके पहले से ही धमकियों का सिलसिला चल रहा था। जारी किए गए छह ऑडियो में कथित तौर पर जमीन विवाद को लेकर बातचीत और धमकी जैसी बातें सामने आती हैं। एक ऑडियो में खुद को सौरभ चौहान बताने वाला व्यक्ति कारोबारी को चुनौती देता सुनाई देता है। बातचीत में वह भोपाल में काम नहीं करने की बात कहता है। हालांकि पुलिस जांच में इन ऑडियो की वास्तविकता और कॉल करने वाले व्यक्ति की पहचान की पुष्टि होना बाकी है।

    फायरिंग के बाद पुलिस को रात करीब 2 बजकर 55 मिनट पर डायल 112 के जरिए सूचना दी गई। इसके करीब आधे घंटे बाद फरियादी पक्ष रातीबड़ थाने पहुंच गया। इसके बावजूद FIR अगले दिन 11 सितंबर की शाम करीब 5 बजे दर्ज होने की बात सामने आई है। FIR में फिलहाल किसी आरोपी को नामजद नहीं किया गया है। पुलिस ने मामले में उस SUV के नंबर MP 13 ZD 5656 का उल्लेख किया है जिससे आरोपी मौके पर पहुंचे थे।

    फरियादी ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय में भी शिकायत देकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। कारोबारी ने गांव में रहने वाले लखन मारण पर भी संदेह जताया है। पुलिस अब जमीन विवाद से लेकर धमकी वाले कथित ऑडियो और फायरिंग तक की पूरी कड़ी को जोड़ने में जुटी है। जांच का अहम हिस्सा यह पता लगाना होगा कि फायरिंग से पहले किन लोगों ने फरियादी से संपर्क किया था और वारदात के बाद किन नंबरों से उन्हें धमकी या दबाव देने की कोशिश की गई।

    इस मामले में पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं। क्या फायरिंग जमीन विवाद के चलते हुई थी। कथित ऑडियो में आवाज किस व्यक्ति की है। SUV से मौके पर कौन लोग पहुंचे थे और फायरिंग में कितने हथियारों का इस्तेमाल हुआ। इन सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के साथ सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल धमकी के कथित ऑडियो और घर के बाहर हुई फायरिंग ने भोपाल के इस जमीन विवाद को गंभीर बना दिया है और पुलिस की जांच अब घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने पर केंद्रित है।

  • लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर 5 करोड़ की फिरौती, अस्पताल संचालक के बेटे को धमकी इंदौर में बढ़ा अलर्ट

    लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर 5 करोड़ की फिरौती, अस्पताल संचालक के बेटे को धमकी इंदौर में बढ़ा अलर्ट


    इंदौर। महू में एक बड़े हॉस्टल और अस्पताल संचालक के परिवार को कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर धमकी देकर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई है। यह मामला किशनगंज थाना क्षेत्र में सामने आया जहां अस्पताल के मालिक के बेटे को मोबाइल पर कॉल कर भारी रकम की मांग की गई। सूत्रों के अनुसार धमकी भरा कॉल सीधे संचालक के बेटे के मोबाइल पर आया। कॉल करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
    इस तरह के गिरोह का नाम पिछले कुछ वर्षों में कई राज्यों में रंगदारी और धमकी के मामलों में सुर्खियों में रहा है। हाल ही में अशोकनगर के एक व्यापारी को भी इसी तरह की धमकी मिलने की खबरें सामने आई थीं। ऐसे में महू में अस्पताल संचालक के परिवार को निशाना बनाए जाने के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है।

    धमकी मिलते ही पीड़ित परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अस्पताल परिसर और परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी है। किशनगंज थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी पूरे घटनाक्रम की जांच में जुट गए हैं। फोन कॉल की लोकेशन नंबर की जांच और साइबर सेल की मदद से तकनीकी पड़ताल शुरू कर दी गई है।

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कॉल वाकई गैंग से जुड़ा है या किसी ने नाम का इस्तेमाल कर दहशत फैलाने की कोशिश की है। कई बार अपराधी किसी बड़े गिरोह का नाम लेकर भय फैलाते हैं ताकि उनकी धमकी का असर बढ़ सके। इसी वजह से पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अलर्ट मोड पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।

    महू और इंदौर पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी है। साथ ही अस्पताल और परिवार के साथ जुड़े अन्य लोगों की भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। पुलिस का कहना है कि यदि कॉल करने वाला असली गिरोह से जुड़ा निकला तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना स्थानीय समुदाय में डर और चिंता फैलाने वाली है क्योंकि अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण संस्थान के संचालक और परिवार को ही निशाना बनाया गया। ऐसे मामलों में समय पर पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच ही सुरक्षा और न्याय की दिशा तय करती है।

    आगे की जांच में यह भी सामने आएगा कि धमकी देने वाले का मकसद सिर्फ फिरौती था या किसी और उद्देश्य से परिवार को डराना था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी की पहचान के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।