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  • MP में 10 अक्टूबर तक मानसून की विदाई, 3 दिन तेज धूप, फिर पूर्वी हिस्से में बारिश के आसार

    MP में 10 अक्टूबर तक मानसून की विदाई, 3 दिन तेज धूप, फिर पूर्वी हिस्से में बारिश के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई 10 अक्टूबर तक पूरी होने की संभावना है। इससे पहले अगले तीन दिन प्रदेशभर में तेज धूप रहेगी, जबकि 5 अक्टूबर को पूर्वी हिस्से के पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर में हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, अक्टूबर में दिन के तापमान में बढ़ोतरी के साथ रात में ठंडक का दौर रहेगा।

    मध्य प्रदेश में मानसून का आधिकारिक पीरियड 30 सितंबर को खत्म हो चुका है, लेकिन अभी तक किसी भी जिले से मानसून की विदाई नहीं हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की वापसी रेखा फिलहाल पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान से गुजर रही है। मध्य प्रदेश में यह ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग के ऊपर बनी हुई है।

    ग्वालियर-चंबल और उज्जैन से होगी शुरुआत

    मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, मानसून की वापसी मध्य प्रदेश में सबसे पहले ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग से शुरू हो सकती है। इसके बाद इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग से मानसून विदा होगा।

    मानसून की वापसी की शुरुआत शुक्रवार-शनिवार से होने की संभावना है और पूरी प्रक्रिया 10 अक्टूबर तक पूरी हो सकती है। यानी प्रदेश में मानसून की विदाई का दौर अगले कुछ दिनों में शुरू होने वाला है।

    अक्टूबर में दिन गर्म, रात में ठंडक

    अक्टूबर मध्य प्रदेश में मौसम के बदलाव का महीना माना जाता है। इस दौरान मानसून की विदाई के साथ आसमान धीरे-धीरे साफ होने लगता है। इसका असर तापमान पर भी दिखाई देता है। दिन में धूप तेज होने से गर्मी का अहसास बढ़ता है, जबकि रात में तापमान गिरने से ठंडक महसूस होने लगती है।

    मौसम विभाग के अनुसार, इस बार भी अक्टूबर में बारिश, गर्मी और ठंड का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है। अक्टूबर के पहले दिन ही प्रदेश के कई शहरों में रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

    ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से ज्यादा रहेगा दिन का तापमान

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, अक्टूबर में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। हालांकि, कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है।

    5 अक्टूबर को पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, सिंगरौली, शहडोल और अनूपपुर में हल्की बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा प्रदेश के बाकी हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने और धूप खिलने की संभावना है।

    इस बार 35.8 इंच बारिश रिकॉर्ड

    मध्य प्रदेश में इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान कुल 908.4 मिमी यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई है। यह सामान्य बारिश 949.5 मिमी यानी 37.3 इंच की तुलना में करीब 1.5 इंच कम है। ओवरऑल प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

    क्षेत्रवार आंकड़ों में पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक और पश्चिमी हिस्से में औसत से 12 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

    पूर्वी हिस्से के कुछ जिलों में बारिश कम

    पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल बारिश सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक रही है। हालांकि, इसी क्षेत्र के कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे भी रहा।

    बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।

    पश्चिमी MP में 9 से 51% तक कम बारिश

    पश्चिमी हिस्से के कई जिले इस बार बारिश की कमी से प्रभावित रहे। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम पानी गिरा है। इसके बावजूद प्रदेश के कई जिलों में बारिश का कोटा पूरा हुआ है।

    इन 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा

    प्रदेश के भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है।

    अब मानसून की वापसी के साथ प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। अगले कुछ दिनों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी और रात में ठंडक का असर बढ़ सकता है, जबकि पूर्वी हिस्से में कहीं-कहीं हल्की बारिश देखने को मिलेगी।

  • आज देशभर में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल…. 3 दिन नहीं खुलेंगे बैंक

    आज देशभर में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल…. 3 दिन नहीं खुलेंगे बैंक


    नई दिल्ली।
    अगर आपको बैंक (Bank) का कोई जरूरी काम है और वह सिर्फ बैंक ब्रांच जाकर ही हो सकता है, तो उसे टालना भारी पड़ सकता है. आने वाले कुछ दिनों में कई जगह बैंक ब्रांच (Bank branch) बंद रहने वाली हैं. ऐसे में कैश निकालने, जमा करने या दूसरे ब्रांच से जुड़े काम के लिए आपको लंबा इंतजार करना पड़ सकता है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि बैंकिंग सेवाएं (Banking Services) पूरी तरह बंद रहेंगी. डिजिटल बैंकिंग, ATM और दूसरे ऑनलाइन ऑप्शन आपके काम आ सकते हैं।

    यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (United Forum of Bank Unions- UFBU) ने 11 सितंबर को देशव्यापी बैंक हड़ताल (Nationwide bank strike) का ऐलान किया है. बैंक यूनियनों ने अपनी कई मांगों को लेकर यह हड़ताल बुलाई है. इसका असर खास तौर पर बैंक ब्रांच में होने वाले सामान्य कामकाज पर पड़ सकता है. हड़ताल के बाद 12 सितंबर को शनिवार और 13 सितंबर को रविवार है. इसके बाद कुछ राज्यों में सोमवार और मंगलवार को गणेश चतुर्थी के चलते भी बैंक बंद रहेंगे. यानी कुछ जगहों पर बैंक ब्रांच से जुड़े काम के लिए ग्राहकों को लगातार कई दिनों तक इंतजार करना पड़ सकता है।

    किन मांगों को लेकर हड़ताल?
    बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगों में ‘5 डे बैंकिंग वीक’ लागू करना शामिल है. इसके अलावा परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम (PLI Scheme) की समीक्षा की भी मांग की जा रही है. यूनियनों का कहना है कि सरकार की ओर से सोमवार से शुक्रवार तक हफ्ते में पांच दिन कामकाज और शनिवार, रविवार फुल डे वीक ऑफ लागू करने का वादा किया गया था, जिसे अब पूरा किया जाना चाहिए. इन्हीं मांगों के समर्थन में UFBU ने हड़ताल का फैसला लिया है. यूएफबीयू में एआइबीईए, एआइबीओसी, एनसीबीई, एआइबीओए, बीईएफआइ, आइएनबीओसी और आइएनबीईएफ समेत सात बैंक यूनियनें शामिल हैं. ये बैंकिंग वर्कफोर्स के 90 प्रतिशत से अधिक का प्रतिनिधित्व करती हैं।


    बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह बंद रहेंगी?

    ऐसा नहीं है कि हड़ताल के दौरान बैंकिंग की हर सुविधा बंद हो जाएगी. बैंकों ने जरूरी सेवाएं जारी रखने के लिए इंतजाम किए हैं. लेकिन बैंक ब्रांच में होने वाले कई काम प्रभावित हो सकते हैं. अगर आपका काम ऐसा है जिसके लिए बैंक ब्रांच जाना जरूरी है, तो उसमें देरी हो सकती है. खास तौर पर कैश जमा करने, कैश निकालने या किसी दूसरे ऑफलाइन काम के लिए आपको इंतजार करना पड़ सकता है।


    SBI ने ग्राहकों को क्या कहा?

    स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ग्राहकों के लिए एडवाइजरी जारी की है. बैंक ने कहा है कि हड़ताल के दौरान ब्रांच और ऑफिस के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं. इसके बावजूद 11 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल के कारण बैंकिंग काम प्रभावित हो सकता है. SBI ने ग्राहकों को सलाह दी है कि अगर कोई जरूरी बैंकिंग ट्रांजैक्शन करना है तो उसे डिजिटल या इंटरनेट बैंकिंग के जरिए पूरा करें।


    कैश की जरूरत तो क्या करें?

    अगर आपको कैश की जरूरत है तो बैंक ब्रांच बंद होने की स्थिति में ATM और ADWM (Automated Deposit and Withdrawal Machine) का इस्तेमाल किया जा सकता है. SBI ने ग्राहकों को उपलब्ध बैंकिंग सेवाओं के लिए CSP (Customer Service Point) का इस्तेमाल करने की भी सलाह दी है. इसके अलावा इंटरनेट बैंकिंग, YONO, मोबाइल बैंकिंग, UPI और दूसरे डिजिटल चैनलों के जरिए कई जरूरी काम किए जा सकते हैं. यानी अगर आपका काम ऑनलाइन हो सकता है तो बैंक ब्रांच खुलने का इंतजार करने की जरूरत नहीं है. UPI से पेमेंट, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और ATM जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहने की स्थिति में उनका इस्तेमाल किया जा सकता है।


    PNB ने जारी की एडवाइजरी

    पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने भी 11 सितंबर की बैंक हड़ताल को लेकर ग्राहकों के लिए एडवाइजरी जारी की है. बैंक ने जरूरी ट्रांजैक्शन के लिए डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल करने की सलाह दी है. PNB के मुताबिक ग्राहक UPI Payments, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, ATM और ADWM जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।


    HDFC और ICICI का अपडेट

    HDFC Bank, ICICI Bank और कुछ दूसरे बैंकों की ओर से इस हड़ताल को लेकर फिलहाल कोई अलग बयान सामने नहीं आया है. ऐसे में ग्राहकों को अपने बैंक की तरफ से जारी होने वाले अपडेट पर नजर रखनी चाहिए. अगर आपका अकाउंट इन बैंकों में है और कोई जरूरी काम ब्रांच जाकर करना है, तो ब्रांच जाने से पहले बैंक की वेबसाइट, ऐप या दूसरे आधिकारिक चैनल पर स्थिति जरूर चेक कर लें।


    अगले कुछ दिन रहेंगे मुश्किल

    11 सितंबर की हड़ताल के बाद 12 सितंबर शनिवार और 13 सितंबर रविवार है. इसके बाद कुछ राज्यों में 14 और 15 सितंबर को गणेश चतुर्थी के चलते बैंक हॉलिडे रह सकता है. हालांकि, छुट्टी की स्थिति राज्य के हिसाब से अलग हो सकती है. इसलिए अगर आपको कैश जमा करना है, कैश निकालना है या ऐसा कोई काम करना है जो सिर्फ बैंक ब्रांच में हो सकता है, तो इसके लिए अगले कुछ दिनों का इंतजार करना पड़ सकता है।

  • पांढुर्णा में तीन दिन तक 350 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर बैठा रहा युवक, SDRF और पुलिस ने सुरक्षित उतारा

    पांढुर्णा में तीन दिन तक 350 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर बैठा रहा युवक, SDRF और पुलिस ने सुरक्षित उतारा


    पांढुर्णा। मध्य प्रदेश के पांढुर्णा जिले में पिछले तीन दिनों से चल रहा हाई-वोल्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन बुधवार शाम सफलतापूर्वक समाप्त हो गया। करीब 350 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़े एक युवक को पुलिस और SDRF की टीम ने लगभग 51 घंटे की मशक्कत के बाद सुरक्षित नीचे उतार लिया। इस दौरान प्रशासन, पुलिस और बचाव दल लगातार मौके पर तैनात रहे।

    जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम एक युवक हाथ में शराब की बोतल लेकर अचानक मोबाइल टावर पर चढ़ने लगा। स्थानीय लोगों ने उसे रोकने और नीचे आने के लिए आवाज लगाई, लेकिन उसने किसी की बात नहीं सुनी और टावर के सबसे ऊपरी व संकरे हिस्से पर जाकर बैठ गया। घटना की सूचना मिलते ही पांढुर्णा थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई।

    थाना प्रभारी अमित दाणी ने बताया कि युवक अत्यधिक शराब के नशे में था। पुलिस ने लाउडस्पीकर के माध्यम से कई बार उसे नीचे उतरने की अपील की, लेकिन उसने किसी भी प्रयास का जवाब नहीं दिया।

    सुरक्षा के लिए किए गए विशेष इंतजाम
    संभावित हादसे को देखते हुए प्रशासन ने टावर के चारों ओर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। यदि युवक नीचे गिर जाए तो उसकी जान बचाई जा सके, इसके लिए टावर के नीचे गद्दे बिछाए गए और सुरक्षा जाल (नेट) लगाया गया। स्थानीय स्तर पर प्रयास सफल नहीं होने पर तत्काल SDRF की टीम को बुलाया गया।

    चुनौतीपूर्ण रहा रेस्क्यू ऑपरेशन
    टावर की ऊंचाई और युवक की अस्थिर स्थिति के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। रात के समय अंधेरा और तेज ऊंचाई के बीच युवक लगातार खतरनाक हरकतें करता रहा, जिससे उसके गिरने का खतरा बना हुआ था। पुलिस और SDRF की टीम ने लगातार धैर्य के साथ बातचीत कर उसे शांत रखने की कोशिश की और पूरी रणनीति के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखा।

    बुधवार शाम सुरक्षित उतारा गया युवक
    करीब 51 घंटे तक चले अभियान के बाद बुधवार शाम लगभग 7 बजे SDRF और पुलिस की टीम ने तकनीकी कौशल और सतर्कता के साथ युवक को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया और नीचे उतार लिया। उसके सुरक्षित जमीन पर पहुंचते ही मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और बड़ी संख्या में एकत्र लोगों ने राहत की सांस ली।

    फिलहाल युवक की चिकित्सकीय जांच कराई जा रही है। पुलिस उसके पूरी तरह होश में आने का इंतजार कर रही है, ताकि उसकी पहचान और मोबाइल टावर पर चढ़ने के पीछे की वजह का पता लगाया जा सके।