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  • बारिश बनी आफत: झारखंड में आकाशीय बिजली से 8 लोगों की मौत, मौसम विभाग का अलर्ट जारी

    बारिश बनी आफत: झारखंड में आकाशीय बिजली से 8 लोगों की मौत, मौसम विभाग का अलर्ट जारी


    नई दिल्ली ।झारखंड में मानसून की बारिश के साथ आकाशीय बिजली लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। राजधानी रांची समेत राज्य के कई जिलों में हुई बारिश के दौरान वज्रपात की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। अलग-अलग इलाकों में बिजली गिरने से आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग झुलसकर घायल हो गए। मौसम विभाग ने हालात को देखते हुए कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है तथा लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

    खूंटी जिले में वज्रपात की दो दर्दनाक घटनाओं ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पहली घटना कर्रा प्रखंड के कच्चाबारी पंचायत क्षेत्र के पतराटोली गांव में हुई, जहां क्रिकेट मैच के दौरान अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। बताया जा रहा है कि पतराटोली और लोधमा गांव की टीमों के बीच मैच खेला जा रहा था। मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा मैदान में मौजूद थे।

    खेल के दौरान मौसम अचानक खराब होने लगा। आसमान में काले बादल छा गए और तेज गर्जना होने लगी, लेकिन इसके बावजूद मैच जारी रहा। इसी दौरान अचानक तेज चमक और गर्जना के साथ आकाशीय बिजली मैदान में गिरी और वहां मौजूद खिलाड़ियों तथा दर्शकों को अपनी चपेट में ले लिया।

    इस दर्दनाक हादसे में पतराटोली निवासी 22 वर्षीय प्रेम बाखला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मैदान में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर्रा पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्रेम बाखला को मृत घोषित कर दिया।

    हादसे में अंकित बाखला और जवकीम मिंज गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए खूंटी से रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) रेफर किया गया है। अन्य घायलों का भी इलाज जारी है।

    खूंटी जिले में ही दूसरी घटना तोरपा थाना क्षेत्र के हूसीर पंचायत अंतर्गत रोन्हे गांव में हुई। यहां बारिश के दौरान खेत में काम कर रहे निस्तार टोपनो नामक ग्रामीण पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। बिजली की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में झारखंड के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। विभाग ने 27 जून तक कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और खेतों में काम करने से बचें। साथ ही गरज-चमक शुरू होते ही सुरक्षित स्थान पर शरण लें।

    बारिश जहां किसानों और आम लोगों के लिए राहत लेकर आती है, वहीं आकाशीय बिजली जैसी घटनाएं गंभीर खतरा भी पैदा करती हैं। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना और सतर्क रहना बेहद जरूरी है ताकि जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।

  • 16 मई का मौसम अलर्ट: 15 राज्यों में भारी बारिश-तूफान की चेतावनी, 85 km/h तक चलेंगी हवाएं

    16 मई का मौसम अलर्ट: 15 राज्यों में भारी बारिश-तूफान की चेतावनी, 85 km/h तक चलेंगी हवाएं

    नई दिल्ली। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 16 मई को देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ने वाला है। पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के करीब 15 राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। कई जगहों पर हवा की रफ्तार 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग ने बताया है कि उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, झारखंड, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आंधी देखने को मिल सकती है। वहीं कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना है, जिससे किसानों को फसलों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

    दिल्ली में 16 मई की शाम बादल छाने और हल्की आंधी चलने की संभावना है, जबकि तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 60–65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है, जहां 80–85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

    झारखंड, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश और तेज हवाओं के साथ मौसम खराब रहने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा भी बढ़ सकता है। वहीं पंजाब और राजस्थान में भी गरज-चमक के साथ आंधी-बारिश का असर देखने को मिलेगा।

    मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में जहां एक ओर तेज गर्मी और लू जैसी स्थिति बनी रहेगी, वहीं कुछ जिलों में तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

    दक्षिण-पश्चिम और मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण भी मौसम में यह बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में बने चक्रवाती परिसंचरण का भी असर देश के मौसम पैटर्न पर पड़ रहा है।

    कुल मिलाकर 16 मई को देश के बड़े हिस्से में मौसम काफी अस्थिर रहने वाला है। तेज बारिश, आंधी और तूफानी हवाओं को देखते हुए प्रशासन और आम लोगों दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

  • एमपी में 20 से अधिक जिलों में हुई आंधी-बारिश, अगले 24 घंटों के लिए 16 जिलों में अलर्ट

    एमपी में 20 से अधिक जिलों में हुई आंधी-बारिश, अगले 24 घंटों के लिए 16 जिलों में अलर्ट

    भोपाल । मध्य प्रदेश में मार्च के अंतिम दिनों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश में आंधी-बारिश का मजबूत सिस्टम सक्रिय हो गया है। सोमवार को 8 जिलों में ओलावृष्टि दर्ज की गई, जबकि 20 से अधिक जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। हालांकि, कुछ शहरों में गर्मी का असर भी बना रहा। नर्मदापुरम और खजुराहो में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया।

    आज भी रहेगा मिला-जुला मौसम, 16 जिलों में अलर्ट

    मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को भी प्रदेश में मौसम का मिजाज मिला-जुला रहेगा। भोपाल मौसम केंद्र ने अगले 24 घंटों के लिए ग्वालियर सहित 16 जिलों में गरज-चमक, आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं। यहां 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है।

    3 अप्रैल तक सक्रिय रहेंगे दो मौसम सिस्टम

    मौसम विभाग के मुताबिक टर्फ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण प्रदेश में मौसम में यह बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि 3 अप्रैल तक दो मौसम सिस्टम सक्रिय रहेंगे, जिससे आंधी-बारिश का दौर जारी रह सकता है।

    इन जिलों में गिरे ओले, कई जगह दिखा असर

    सोमवार को उज्जैन, नीमच, मंदसौर, बैतूल, धार और सीहोर में ओले गिरे। वहीं भोपाल, मैहर, श्योपुर, छिंदवाड़ा, नीमच, मंदसौर, बैतूल, बालाघाट, रतलाम, शाजापुर, आगर-मालवा, खंडवा, देवास, खरगोन, पांढुर्णा, सिवनी और अनूपपुर सहित 20 से अधिक जिलों में कहीं बारिश तो कहीं तेज आंधी और बादल छाए रहे।

    2 अप्रैल को फिर बदलेगा मौसम

    मौसम विभाग का कहना है कि 2 अप्रैल को एक नया सिस्टम सक्रिय होगा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा।

    बारिश से पहले पड़ी तेज गर्मी

    सोमवार को आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से पहले प्रदेश में तेज गर्मी दर्ज की गई। खजुराहो में अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री और नर्मदापुरम में 40.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    इसके अलावा मंडला में 39.7, रतलाम में 39.6, उमरिया में 39.3, खंडवा में 39.1, दमोह, खरगोन, सतना, रीवा और रायसेन में 39 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। सिवनी और धार में 38.9, सीधी में 38.6, सागर और छिंदवाड़ा में 38.5 तथा मलाजखंड और गुना में 38 डिग्री तापमान रहा।

    बड़े शहरों का तापमान

    प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में सबसे अधिक तापमान जबलपुर में 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 37.4, इंदौर में 36.5, ग्वालियर में 35.8 और उज्जैन में 37 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।