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  • तपिश से मिली बड़ी राहत, दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं संग हुई बारिश; मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के लिए जारी किया अलर्ट

    तपिश से मिली बड़ी राहत, दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं संग हुई बारिश; मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के लिए जारी किया अलर्ट

    नई दिल्ली । कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस का सामना कर रहे दिल्ली-एनसीआर के लोगों को सोमवार शाम मौसम ने बड़ी राहत दी। अचानक तेज हवाएं चलने के बाद राजधानी और आसपास के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई और वातावरण सुहावना हो गया। लंबे समय से गर्मी से परेशान लोगों ने राहत महसूस की और शाम के समय मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आया।

    दिनभर तेज धूप और उमस के बाद शाम होते-होते आसमान में बादल छा गए। इसके बाद तेज हवा चलने लगी और कई स्थानों पर बारिश शुरू हो गई। मौसम में आए इस बदलाव से गर्मी का असर काफी कम हो गया। बारिश के चलते सड़कों पर लोगों की आवाजाही भी बढ़ी और कई इलाकों में लोगों ने खुले मौसम का आनंद लिया। हालांकि कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के कारण यातायात की रफ्तार भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुई।

    मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को भी राजधानी में राहत का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। पूरे दिन आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। दोपहर या रात के समय हल्की बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जबकि हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

    मंगलवार को अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। सुबह पश्चिमी दिशा से हवाएं लगभग 20 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलेंगी, जो दोपहर के समय बढ़ सकती हैं। शाम और रात के दौरान हवा की रफ्तार कुछ कम होने का अनुमान है, लेकिन मौसम में नमी बनी रहेगी।

    बुधवार, 1 जुलाई को भी मौसम का मिजाज लगभग इसी तरह रहने की संभावना जताई गई है। दिनभर बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और गरज-चमक हो सकती है। तेज हवाओं का दौर भी जारी रह सकता है और हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं, जिससे मौसम और अधिक सुहावना बना रहेगा।

    एक जुलाई को अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। सुबह उत्तर-पश्चिम दिशा से हवाएं चलेंगी, जबकि दोपहर और शाम के दौरान पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बना रहेगा। मौसम विभाग का मानना है कि बादलों की आवाजाही और हल्की वर्षा के कारण तापमान सामान्य के आसपास बना रह सकता है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और तेज हवाओं की वजह से लोगों को फिलहाल भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। हालांकि गरज-चमक और तेज हवा के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों तथा कमजोर ढांचों के आसपास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में मानसूनी गतिविधियां और सक्रिय होने की संभावना है, जिससे राजधानी और एनसीआर के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रह सकता है। इससे न केवल तापमान नियंत्रित रहेगा बल्कि लंबे समय से पड़ रही गर्मी और उमस से भी लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

  • 26 जून आज का मौसम अपडेट: 21 राज्यों में बारिश-आंधी का बड़ा अलर्ट, 80 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं की चेतावनी जारी

    26 जून आज का मौसम अपडेट: 21 राज्यों में बारिश-आंधी का बड़ा अलर्ट, 80 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं की चेतावनी जारी

    नई दिल्ली । देश के विभिन्न हिस्सों में लंबे समय से जारी भीषण गर्मी और उमस के बीच मौसम ने अब करवट लेना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने 26 जून के लिए व्यापक वर्षा, तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान देश के कई राज्यों में मौसम तेजी से बदल सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं और भारी वर्षा के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण के कई हिस्सों में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण वर्षा गतिविधियों में वृद्धि देखने को मिलेगी। निचले वायुमंडलीय स्तरों पर बने चक्रवाती परिसंचरण और बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में विकसित मौसमीय परिस्थितियां इस बदलाव की प्रमुख वजह मानी जा रही हैं। इन प्रणालियों के प्रभाव से कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आंधी की स्थिति बन सकती है।

    पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तराखंड सहित अनेक राज्यों में वर्षा गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवा के झोंके 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकते हैं। इसके चलते लोगों को खुले स्थानों, कमजोर संरचनाओं और बड़े पेड़ों के आसपास सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    मौसम विभाग ने विशेष रूप से किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज हवाओं और भारी बारिश से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। खेतों में काम करने वाले लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और बिजली गिरने की घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी अपनाने को कहा गया है।

    दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी मौसम के बदलने के संकेत हैं। यहां हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में भी वर्षा और आंधी का प्रभाव देखने को मिल सकता है। पूर्वी भारत के राज्यों में बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी सतर्कता बरतने की आवश्यकता बताई गई है।

    राजस्थान और मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों के सक्रिय होने से कई जिलों में बारिश की संभावना है। पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ वर्षा दर्ज की जा सकती है। वहीं मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने का अनुमान है। इससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा सकती है।

    पर्वतीय राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। इन क्षेत्रों में वर्षा के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी गई है, क्योंकि कुछ स्थानों पर भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी स्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं।

    मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि वर्षा गतिविधियों में यह वृद्धि मानसून के आगे बढ़ने का संकेत है। इससे देश के कई हिस्सों में लंबे समय से बनी गर्मी की स्थिति कमजोर पड़ सकती है। हालांकि जहां एक ओर बारिश राहत लेकर आएगी, वहीं दूसरी ओर तेज हवाएं, जलभराव और बिजली गिरने जैसी घटनाएं चुनौती भी बन सकती हैं। इसलिए नागरिकों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करने और आवश्यक सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

  • शाजापुर में अगले 3 घंटे में आंधी-बारिश के आसार, उमस से लोग परेशान; 12 जून के बाद फिर बदलेगा मौसम

    शाजापुर में अगले 3 घंटे में आंधी-बारिश के आसार, उमस से लोग परेशान; 12 जून के बाद फिर बदलेगा मौसम


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में मौसम एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। पिछले कुछ दिनों से शाम के समय हो रही हल्की बारिश के बाद अब दिन के समय तेज गर्मी और उमस ने लोगों को परेशान कर दिया है।

    सोमवार सुबह से ही तेज धूप और नमी के कारण वातावरण भारी महसूस हुआ, जिससे आमजन को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। मौसम में हल्की गिरावट के बावजूद गर्मी का असर लगातार बना हुआ है।

    मौसम विभाग के अनुसार, जिले में अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। साथ ही करीब 52 प्रतिशत आर्द्रता के कारण उमस का प्रभाव और बढ़ गया है। पश्चिमी-उत्तर पश्चिमी दिशा से लगभग 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं।

    विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले तीन घंटों के भीतर शाजापुर में आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इसके चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मंगलवार से प्री-मानसून गतिविधियों में थोड़ी कमी आ सकती है, जिससे बारिश की तीव्रता घट सकती है। हालांकि शाम के समय कुछ स्थानों पर हल्की गरज-चमक की स्थिति बनी रह सकती है।

    वहीं, अनुमान लगाया गया है कि 12 जून के बाद जिले में मौसम एक बार फिर सक्रिय होगा और बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। इससे आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट और मौसम में बदलाव की संभावना है।

  • यूपी में मौसम का अलर्ट: 38 शहरों में आंधी-तूफान की चेतावनी, 70 जिलों में बारिश की संभावना

    यूपी में मौसम का अलर्ट: 38 शहरों में आंधी-तूफान की चेतावनी, 70 जिलों में बारिश की संभावना


    उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। Uttar Pradesh के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान और बारिश को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। रिपोर्ट के अनुसार 38 शहरों में तेज हवाओं के साथ मौसम बिगड़ने की आशंका है, जबकि लगभग 70 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।

    लखनऊ सहित कई प्रमुख जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है। हालांकि तेज हवाओं और बदलते मौसम के कारण कुछ इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है, जिसमें गर्म हवाओं और नमी के मिलने से बादल तेजी से सक्रिय हो जाते हैं। इसी कारण कुछ स्थानों पर तेज बारिश और कहीं-कहीं आंधी जैसी स्थिति बन रही है।

    ग्रामीण क्षेत्रों में तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका भी जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

    शहरी इलाकों में भी मौसम का असर दिखाई दे रहा है, जहां दोपहर के बाद अचानक काले बादल छा गए और कई जगहों पर हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई।

    कुल मिलाकर यूपी में मौसम का यह बदला मिजाज अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत के साथ-साथ सतर्कता भी बरतनी होगी।

  • दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने अचानक ली करवट, दिन में छाया अंधेरा; तेज आंधी और झमाझम बारिश से मिली गर्मी से राहत

    दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने अचानक ली करवट, दिन में छाया अंधेरा; तेज आंधी और झमाझम बारिश से मिली गर्मी से राहत

    नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे सटे एनसीआर क्षेत्र में गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। दोपहर तक जहां तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही थी, वहीं कुछ ही समय बाद आसमान में घने बादल छा गए और तेज धूल भरी आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। मौसम के इस अप्रत्याशित बदलाव ने राजधानी और आसपास के इलाकों में दिन के समय ही रात जैसा माहौल पैदा कर दिया। कई स्थानों पर दृश्यता प्रभावित हुई, जबकि तेज हवाओं और बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और लू से बड़ी राहत दिलाई।

    दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और आसपास के कई क्षेत्रों में अचानक मौसम बदलने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दिनभर की चिलचिलाती गर्मी से परेशान लोगों ने बारिश का स्वागत किया। कई जगहों पर तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं झूलती नजर आईं, जबकि सड़कों पर वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी। बारिश शुरू होते ही कई इलाकों में यातायात की रफ्तार भी प्रभावित हुई।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग ने पहले ही दिल्ली-एनसीआर के लिए गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई थी। विभाग ने 4 और 5 जून के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी गतिविधियों के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक मौसम में बदलाव बना रह सकता है।

    मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है, जबकि रात के समय भी बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे तापमान में और गिरावट आ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव राजधानी क्षेत्र में पिछले कई दिनों से जारी भीषण गर्मी के दौर को कुछ समय के लिए कमजोर कर सकता है।

    पूर्वानुमान के मुताबिक शुक्रवार को भी दिल्ली-एनसीआर में मौसम का यही रुख बना रह सकता है। गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। इसके चलते अधिकतम तापमान में कमी बनी रह सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिलती रहेगी। हालांकि मौसम विभाग ने खुले स्थानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास अनावश्यक रूप से खड़े न रहने की सलाह दी है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून पूर्व गतिविधियों के कारण इस तरह के बदलाव सामान्य हैं, लेकिन तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं को देखते हुए सावधानी बरतना आवश्यक है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों, खुले में काम करने वाले लोगों और किसानों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

    आने वाले दिनों में राजधानी क्षेत्र में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने की संभावना है। हालांकि सप्ताहांत तक तापमान में फिर से कुछ बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन फिलहाल बारिश और बादलों ने लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से बड़ी राहत पहुंचाई है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकतानुसार नई चेतावनियां जारी की जा सकती हैं।

  • MP में 20-22 जून के बीच दस्‍तक दे सकता है मानसून, अगले 4 दिन रहेगा आंधी-बारिश का दौर

    MP में 20-22 जून के बीच दस्‍तक दे सकता है मानसून, अगले 4 दिन रहेगा आंधी-बारिश का दौर

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून के आगमन को लेकर मौसम विभाग ने नया अनुमान जारी किया है। इस बार प्रदेश में मानसून सामान्य समय से 5 से 7 दिन की देरी से पहुंच सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक 20 से 22 जून के बीच होने की संभावना है। वहीं, मानसून आने से पहले प्रदेशभर में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी रहेगा।

    धार-खरगोन में रेड अलर्ट

    मौसम विभाग ने सोमवार को धार और खरगोन जिलों के लिए ओलावृष्टि और तेज बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में आंधी, गरज-चमक, बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार अगले चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का यही मिजाज बना रहेगा।

    नौतपा की तपिश पर बारिश भारी
    नौतपा के सातवें दिन भी प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिला। लगातार बदलते मौसम के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। रविवार को प्रदेश का सर्वाधिक तापमान शाजापुर में 41.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    बड़े शहरों में तापमान में गिरावट
    प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी गर्मी का असर कम हुआ है-
    इंदौर – 36.3 डिग्री सेल्सियस
    जबलपुर – 36.4 डिग्री सेल्सियस
    ग्वालियर – 37.5 डिग्री सेल्सियस
    उज्जैन – 37.5 डिग्री सेल्सियस
    भोपाल – 38 डिग्री सेल्सियस

    शाजापुर, राजगढ़ और नरसिंहपुर को छोड़ अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।

    मई में गर्मी भी रिकॉर्ड, बारिश भी ज्यादा
    मई माह में प्रदेश ने दो तरह के मौसम का अनुभव किया। महीने की शुरुआत आंधी और बारिश से हुई, जबकि 18 मई के बाद भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया। इस दौरान खजुराहो में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। 25 मई से शुरू हुए नौतपा के दौरान भी प्रदेश का कोई न कोई जिला आंधी और बारिश से प्रभावित रहा। महीने के अंतिम दिनों में कई जिलों में ओलावृष्टि भी हुई।

    औसत से अधिक हुई मई की बारिश
    मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार मई महीने में प्रदेश में करीब सवा इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य तौर पर इस अवधि में लगभग पौन इंच वर्षा होती है। यानी इस बार औसत से करीब 56 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। हालांकि जून में वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना जताई गई है। अनुमान है कि इस बार प्रदेश में मानसूनी बारिश दीर्घकालिक औसत का करीब 90 प्रतिशत रह सकती है।

    अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम?
    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 1 से 4 जून तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहेंगी। कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हो सकती है। लगातार बारिश के कारण दिन और रात के तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।

  • 36 घंटे में बदलेगा मौसम का मिजाज, 17 राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट; 90 किमी रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

    36 घंटे में बदलेगा मौसम का मिजाज, 17 राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट; 90 किमी रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं


    नई दिल्ली ।
    भीषण गर्मी से जूझ रहे देश के कई हिस्सों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। आगामी 36 घंटों के दौरान मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग हिस्सों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। तेज हवाओं के साथ बारिश का यह दौर कई इलाकों में सामान्य जनजीवन को प्रभावित कर सकता है। किसानों को भी फसलों की सुरक्षा को लेकर सावधान रहने की चेतावनी दी गई है।

    गर्मी के बीच मौसम ने बदली चाल

    लगातार बढ़ते तापमान और लू के हालात के बीच मौसम में यह बदलाव राहत लेकर आ सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण बिहार और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके साथ ही पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी और आसपास के इलाकों में भी एक मजबूत मौसम प्रणाली विकसित हुई है। इन प्रणालियों के प्रभाव से पूर्वी और उत्तरी भारत में मौसम तेजी से बदलने की संभावना है।

    मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, असम, मेघालय, त्रिपुरा और पश्चिमी मध्य प्रदेश सहित 17 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।

    पूर्वी राज्यों में ज्यादा असर की आशंका

    मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार पूर्वी भारत के राज्यों में मौसम का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। इसके साथ ही बिजली गिरने और वज्रपात का भी खतरा बना रहेगा। ऐसे हालात में लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

    बिहार के कई जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी की संभावना जताई गई है। राजधानी पटना में तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं झारखंड के कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश का असर दिखाई दे सकता है। पश्चिम बंगाल के दक्षिणी और उत्तरी हिस्सों में भी मौसम का प्रभाव बना रहेगा।

    दिल्ली-यूपी समेत उत्तर भारत पर नजर

    राष्ट्रीय राजधानी और उत्तर भारत के कई हिस्सों में भी मौसम तेजी से बदल सकता है। दिल्ली में फिलहाल तापमान ऊंचा बना रहेगा, लेकिन आने वाले दिनों में तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई गई है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी जिलों में बारिश के साथ तेज हवा चलने के संकेत हैं। कई शहरों में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है।

    उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भी मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। तेज हवाओं और बारिश के चलते यात्रा करने वाले लोगों को मौसम अपडेट देखने के बाद ही सफर करने की सलाह दी गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस बदलाव से कई क्षेत्रों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है, हालांकि तेज हवाओं और वज्रपात के कारण सतर्कता बेहद जरूरी रहेगी।

  • एमपी में मौसम के दो सिस्टम सक्रिय, 28 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, कई जिलों में चलेंगी तेज हवाएं

    एमपी में मौसम के दो सिस्टम सक्रिय, 28 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, कई जिलों में चलेंगी तेज हवाएं


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में इस समय मौसम के दो सिस्टम सक्रिय हैं, जिसके चलते प्रदेश के करीब आधे हिस्से यानी 28 जिलों में बुधवार को तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है।

    बुधवार को ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में आंधी-बारिश का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, शाम के समय मौसम में बदलाव ज्यादा स्पष्ट होगा, हालांकि कुछ जिलों में दिन के दौरान भी आंधी और बारिश का दौर जारी रह सकता है।

    वहीं, प्रदेश के कुछ हिस्सों में दिन के समय गर्मी का असर बना रहेगा। इनमें भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, श्योपुर, गुना, शिवपुरी और अशोकनगर शामिल हैं। मंगलवार को प्रदेश में लगातार पांचवें दिन भी आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रहा। ग्वालियर, छतरपुर, धार, बड़वानी, डिंडौरी और बालाघाट सहित कई जिलों में सुबह से ही मौसम बदला रहा, जबकि रात में भोपाल समेत अन्य क्षेत्रों में तेज हवाएं चलीं।

    तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख शहरों में भोपाल का अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री, इंदौर 37.6 डिग्री, ग्वालियर 34.7 डिग्री, उज्जैन 38 डिग्री और जबलपुर 37 डिग्री सेल्सियस रहा। खरगोन सबसे गर्म रहा, जहां पारा 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा खंडवा में 41.5 डिग्री और नरसिंहपुर में 41.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं, नौगांव में सबसे कम 33.5 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। अन्य शहरों में भी तापमान सामान्य से कम रहा।

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल आंधी-बारिश का दौर कुछ दिन और जारी रह सकता है। वर्तमान में एक चक्रवाती परिसंचरण प्रदेश के मध्य भाग में सक्रिय है, जबकि दूसरा ऊपरी हिस्से में बना हुआ है। इसके साथ ही पूर्वी हिस्से से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है, जिसके कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। साथ ही 10 मई से एक नया सिस्टम भी सक्रिय होने की संभावना है।

  • हिमाचल के 5 जिलों में ओलावृष्टि और आंधी-बारिश का अलर्ट, अटल टनल के पास बढ़ा हिमस्खलन का खतरा

    हिमाचल के 5 जिलों में ओलावृष्टि और आंधी-बारिश का अलर्ट, अटल टनल के पास बढ़ा हिमस्खलन का खतरा


    शिमला।
    हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. एक तरफ अटल टनल (Atal Tunnel) के पास हिमस्खलन (एवलांच) (Avalanche) का खतरा बढ़ गया है, वहीं दूसरी ओर राज्य के कई जिलों में ओलावृष्टि और तेज आंधी-बारिश (Hailstorm and Heavy storm – Rain) को लेकर ओरेन्ज अलर्ट जारी किया गया है. लाहौल-स्पीति प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल के आसपास पर्यटकों और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।

    प्रशासन के मुताबिक, टनल के पास बाईं ओर की पहाड़ियां, आसपास का इलाका, चंद्रा ब्रिज और उससे जुड़ा क्षेत्र हिमस्खलन के लिहाज से बेहद संवेदनशील हो गया है. हाल के दिनों में यहां पर्यटकों की भीड़ और अनधिकृत गतिविधियां बढ़ी हैं, जिससे जान-माल का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है।

    जिला प्रशासन ने साफ आदेश दिया है कि इन संवेदनशील इलाकों में पर्यटकों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. साथ ही ठेले-फेरी, अस्थायी दुकानें, फोटो प्वाइंट और किसी भी तरह की व्यावसायिक गतिविधियों पर भी रोक लगा दी गई है, ताकि आपात स्थिति में राहत और ट्रैफिक प्रबंधन में कोई बाधा न आए।

    इधर शिमला समेत आसपास के इलाकों में शुक्रवार को ओलावृष्टि, बारिश और तेज हवाओं ने मौसम को बिगाड़ दिया. मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों के लिए ओरेन्ज अलर्ट जारी किया है, जहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना है।

    इसके अलावा ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए 3 और 4 अप्रैल को येलो अलर्ट जारी किया गया है. वहीं 5 और 6 अप्रैल को भी कई जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है. 7 अप्रैल को राज्य के ज्यादातर मैदानी जिलों में भी ऐसा ही मौसम बना रह सकता है.

    मौसम विभाग के अनुसार 3 से 6 अप्रैल के बीच मनाली, कुफरी, नारकंडा, सोलंग वैली और सिस्सू जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है. इसके पीछे सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर बताया गया है. मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि 7 से 9 अप्रैल के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य में व्यापक स्तर पर बारिश और बर्फबारी देखने को मिल सकती है, जिससे ठंड और बढ़ेगी और जनजीवन प्रभावित हो सकता है.