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  • तेंदूपत्ता संग्रह के दौरान बाघ का हमला, उमरिया में ग्रामीणों की बहादुरी से बची महिला की जान

    तेंदूपत्ता संग्रह के दौरान बाघ का हमला, उमरिया में ग्रामीणों की बहादुरी से बची महिला की जान


    नई दिल्ली। उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान एक महिला पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया। ग्राम मानपुर निवासी निरसिया अपने परिवार और अन्य ग्रामीणों के साथ जंगल में तेंदूपत्ता इकट्ठा करने गई थीं। इसी दौरान जंगल में मौजूद बाघ ने उन पर झपट्टा मार दिया। हमले में महिला के दाहिने हाथ और हथेली में गंभीर चोटें आईं, जिससे वह मौके पर ही घायल हो गईं।

     ग्रामीणों की सूझबूझ से टली बड़ी अनहोनी
    घटना के दौरान आसपास मौजूद ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए जोरदार शोर मचाया, जिससे बाघ मौके से पीछे हट गया और जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। बाद में गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें शहडोल स्थित बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    वन विभाग की सतर्कता और सलाह
    इस घटना के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है और मानव वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए निगरानी तेज कर दी है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि वे जंगल में समूह में जाएं और निर्धारित समय के बाद ही प्रवेश करें। विभाग ने यह भी कहा है कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है क्योंकि वन्यजीवों की मौजूदगी वाले इलाकों में अचानक हमले का खतरा बना रहता है। फिलहाल प्रशासन पीड़ित परिवार को सहायता राशि उपलब्ध करा चुका है और आगे की निगरानी जारी है।

  • बांधवगढ़ में फिर टाइगर अटैक, महुआ बीनने गई महिला को बाघ ने बनाया शिकार

    बांधवगढ़ में फिर टाइगर अटैक, महुआ बीनने गई महिला को बाघ ने बनाया शिकार


    उमरिया। मध्यप्रदेश के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक बार फिर बाघ के हमले में महिला की मौत हो गई। पनपथा कोर क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद आसपास के गांवों में डर का माहौल फैल गया है।

    महुआ बीनने गई महिला पर हमला

    जानकारी के मुताबिक, ग्राम झलवार निवासी कुसुम बाई गोड़ शुक्रवार को जंगल में महुआ बीनने गई थीं। इसी दौरान पनपथा कोर क्षेत्र के झिरिया जंगल में घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक उन पर हमला कर दिया। बाघ महिला को पकड़कर झाड़ियों की ओर घसीट ले गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना जंगल के कक्ष क्रमांक आरएफ 460 के पास बी-2 कैंप क्षेत्र में हुई। दोपहर में ग्रामीणों ने घटना देखी और तुरंत पुलिस व वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और आगे की कार्रवाई शुरू की।

    परिजनों को दी गई तत्काल सहायता

    वन विभाग के अधिकारियों ने मृतक महिला के परिजनों को सांत्वना देते हुए तत्काल 5 हजार रुपये की सहायता राशि दी है। शासन की ओर से निर्धारित 8 लाख रुपये की मुआवजा राशि भी नियमानुसार दी जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि क्षेत्र में बाघों की बढ़ती गतिविधियों के चलते मानव-वन्यजीव संघर्ष के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इससे ग्रामीणों में भय और असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है।

  • नर्मदापुरम में दर्दनाक हादसा: सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में महुआ बीनने गए आदिवासी को बाघ ने बनाया शिकार

    नर्मदापुरम में दर्दनाक हादसा: सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में महुआ बीनने गए आदिवासी को बाघ ने बनाया शिकार


    नर्मदापुरम। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के चूरना क्षेत्र में महुआ बीनने गए एक 49 वर्षीय आदिवासी ग्रामीण को बाघ ने हमला कर मार डाला। घटना के बाद बाघ शव के पास ही बैठा रहा। गुरुवार सुबह जब परिजन तलाश करते हुए मौके पर पहुंचे तो उन्होंने बाघ को वहीं देखा जिसे बाद में भगाया गया।

    महुआ बीनने गया था अगले दिन मिला शव

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान सुधराम 49 पिता हजारी चौहान निवासी चनागढ़ झुनकर के रूप में हुई है। वह बुधवार दोपहर तवा नदी पार कर एसटीआर के कोर क्षेत्र में महुआ बीनने गया था। शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने गुरुवार सुबह उसकी तलाश शुरू की। जंगल में खोजबीन के दौरान महुआ के पेड़ के पास बाघ बैठा दिखाई दिया। पास जाकर देखा तो मृतक का सिर और धड़ पड़ा था जबकि बाघ उसके हाथ-पैर खा चुका था।

    शव के पास बैठा मिला बाघ

    परिजन और ग्रामीण बाघ को देखकर घबरा गए लेकिन हिम्मत जुटाकर उसे वहां से भगाया। इसके बाद घटना की सूचना वन विभाग और पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को सुखतवा भिजवाया। केसला थाना प्रभारी मदन लाल पवार ने बताया कि मृतक महुआ बीनने गया था और वापस नहीं लौटा। बाघ ने उसके हाथ-पैर खा लिए थे और केवल सिर व धड़ ही मिला है। मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। वहीं एसटीआर की फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह घटना टाइगर रिजर्व के बैकवॉटर क्षेत्र के पास हुई है।