Tag: Tiger Shroff Firing Case

  • टाइगर श्रॉफ पर हमले की साजिश में नया खुलासा, इमरान हाशमी के घर की रेकी करने पहुंचे थे शूटर्स लेकिन रहे नाकाम

    टाइगर श्रॉफ पर हमले की साजिश में नया खुलासा, इमरान हाशमी के घर की रेकी करने पहुंचे थे शूटर्स लेकिन रहे नाकाम


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक हमलावरों को टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाने से पहले अभिनेता इमरान हाशमी के घर की रेकी करने की जिम्मेदारी भी दी गई थी। हालांकि हमलावर काफी कोशिशों के बावजूद इमरान हाशमी का घर खोजने में नाकाम रहे। इसके बाद उन्होंने अपने हैंडलर्स को इसकी जानकारी दी। जांच में यह भी सामने आया है कि हमलावरों ने सलमान खान और आमिर खान जैसे बड़े बॉलीवुड सितारों के घरों की रेकी करने की कोशिश की थी। इस घटनाक्रम ने फिल्मी सितारों की सुरक्षा और उनके खिलाफ रची जा रही कथित साजिश को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    पुलिस की जांच के अनुसार सलमान खान लंबे समय से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के निशाने पर रहे हैं। इसी सिलसिले में हमलावरों ने आमिर खान के घर की भी रेकी की थी। हालांकि उन्हें जानकारी नहीं थी कि आमिर खान पश्चिमी मुंबई से दक्षिण मुंबई में शिफ्ट हो चुके हैं। इस वजह से वे उनके वर्तमान ठिकाने तक नहीं पहुंच सके। इसके बाद हमलावरों को इमरान हाशमी के घर का पता लगाने के लिए कहा गया। उन्होंने स्थानीय स्तर पर पूछताछ भी की लेकिन अभिनेता का घर खोजने में सफल नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने अपने हैंडलर्स को अपनी नाकामी के बारे में बताया।

    जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक बाद में हमलावरों को पता चला कि टाइगर श्रॉफ हर रविवार को फुटबॉल खेलने के लिए जुहू स्थित पुष्पा नारसी ग्राउंड आते हैं। इसके बाद उन्होंने अभिनेता को निशाना बनाने का फैसला किया। बीती 18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी की घटना हुई थी। इस हमले में अभिनेता गोली लगने से बाल-बाल बच गए लेकिन उनके ड्राइवर और एक ब्लॉगर को गोलियां लगीं। पुलिस अब इस मामले में हमले की योजना बनाने से लेकर हथियार उपलब्ध कराने और आरोपियों के आपसी संपर्कों तक की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

    इस मामले में हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों राधा वर्मा उम्र 21 वर्ष बबीता राव उम्र 21 वर्ष कुणाल जामिनसिंह उम्र 21 वर्ष और सुमित सरोलिया उम्र 19 वर्ष को मुंबई की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने अदालत को बताया कि इन आरोपियों ने कथित तौर पर गोलीबारी करने वाले हमलावरों को हथियार उपलब्ध कराए थे। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस पूरी साजिश में किसकी क्या भूमिका थी और निर्देश कहां से दिए जा रहे थे।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी कुणाल जामिनसिंह विदेश में बैठे बिश्नोई गैंग के कथित गुर्गे अनिल पंडित के संपर्क में था। अनिल पंडित ने टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। जांच में यह भी सामने आया कि राधा वर्मा को एक पिस्तौल सौंपी गई थी। इसके बाद राधा वर्मा और बबीता राव ने 17 अक्टूबर को दादर में हमलावर रेहान अंसारी से मुलाकात कर उसे कथित तौर पर पिस्तौल दी थी।

    पुलिस ने अदालत को यह भी बताया कि हमलावरों को निर्देश दिए गए थे कि टाइगर श्रॉफ पर हमला करने के बाद हथियार तुरंत वापस कर दें। उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि हथियार वापस लेने की व्यवस्था कर दी जाएगी। इस मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। क्राइम ब्रांच पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि हमले के पीछे की साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके। आने वाले दिनों में जांच के दौरान और खुलासे होने की संभावना है।

  • टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में इंदौर से पकड़ा गया प्रांजल, गिरफ्तारी से 15 घंटे पहले शेयर की थी दबंगई वाली स्टोरी

    टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में इंदौर से पकड़ा गया प्रांजल, गिरफ्तारी से 15 घंटे पहले शेयर की थी दबंगई वाली स्टोरी


    इंदौर । बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में गिरफ्तार हरियाणा के सोनीपत निवासी 22 वर्षीय प्रांजल ठाकरान की सोशल मीडिया गतिविधियां अब जांच के लिहाज से चर्चा में हैं। इंदौर में पकड़े गए प्रांजल के इंस्टाग्राम अकाउंट पर बंदूक और पिस्टल के साथ वीडियो तथा कारतूस की माला पहने क्लिप सहित कई पोस्ट सामने आई हैं। बताया गया है कि गिरफ्तारी से करीब 15 घंटे पहले भी उसने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी साझा की थी जिसमें वह लाल टी शर्ट पहनकर फोन पर बात करता दिखाई दे रहा है। इन पोस्ट के सामने आने के बाद पुलिस उसकी पुरानी गतिविधियों और संपर्कों की पड़ताल कर रही है।

    जानकारी के मुताबिक प्रांजल को शनिवार शाम करीब चार बजे इंदौर के मालवा मील चौराहे के पास स्थित अंकुर स्टेप डाउन सेंटर से गिरफ्तार किया गया। यहां उसका भाई हितेश इलाज करा रहा है। बताया गया है कि हितेश को पैरालिसिस है और पिछले करीब पांच महीने से उसकी फिजियोथेरेपी सहित अन्य उपचार चल रहा है। प्रांजल पिछले पांच दिनों से इंदौर में रुका हुआ था और रोज अपने भाई से मिलने सेंटर जा रहा था। पुलिस ने इसी दौरान उसकी मौजूदगी का पता लगाकर कार्रवाई की।

    प्रांजल के इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा की गई सामग्री में हथियारों के साथ वीडियो के अलावा मारपीट और शराब पार्टी से जुड़ी क्लिप भी शामिल बताई गई हैं। एक वीडियो में वह कारतूस की माला पहने दिखाई देता है जबकि दूसरी पोस्ट में हुक्का पीते हुए नजर आता है। उसके अकाउंट पर जेल के बाहर का वीडियो और पानीपत जेल से जुड़ी क्लिप साझा किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। सोशल मीडिया प्रोफाइल पर उसने खुद को हिंदू कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग का अध्यक्ष भी बताया है। हालांकि इन पोस्ट और दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

    प्रांजल का नाम हरियाणा के पानीपत में मार्च 2026 में मनी एक्सचेंज कार्यालय पर हुई फायरिंग के मामले में भी सामने आया था। उस प्रकरण की जांच के दौरान आरोप लगे थे कि उसने सोशल मीडिया के जरिए विदेश में बैठे कथित गैंगस्टरों से संपर्क और कॉल मैनेज करने में भूमिका निभाई थी। आरोप यह भी था कि विदेश में बैठे लोगों ने पैसे का लालच देकर कार्यालय पर फायरिंग करवाने के लिए कहा था। इन आरोपों की वास्तविकता और उस मामले में प्रांजल की भूमिका को लेकर संबंधित जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।

    इंदौर क्राइम ब्रांच के एडीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक मुंबई में हुई फायरिंग की घटना में संदिग्ध भूमिका को लेकर मुंबई क्राइम ब्रांच ने इंदौर पुलिस से संपर्क किया था। मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की और करीब चार घंटे की सर्चिंग के बाद उसे पकड़ लिया। अब उससे हथियारों की सप्लाई कथित साजिश और अन्य लोगों के साथ संपर्कों को लेकर पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच उसे मुंबई ले जाएगी।

    गौरतलब है कि 18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर पांच से छह राउंड फायरिंग की गई थी। इस घटना में अभिनेता सुरक्षित रहे जबकि उनके ड्राइवर और एक व्लॉगर के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। पुलिस इस मामले में अब तक दस आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। घटना के बाद अनिल पंडित ने सोशल मीडिया पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संबंध होने का दावा करते हुए फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी।

    प्रांजल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पुराने मामलों और कथित संपर्कों की कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही है। हालांकि दोनों घटनाओं में उसकी भूमिका किस स्तर तक थी और हथियारों की सप्लाई या कथित नेटवर्क से उसका क्या संबंध था यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

  • टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में किसका था शूटरों से संपर्क? चेहरे टीवी पर आते ही मिला ठिकाना छोड़ने का मैसेज

    टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में किसका था शूटरों से संपर्क? चेहरे टीवी पर आते ही मिला ठिकाना छोड़ने का मैसेज


    नई दिल्ली । मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्ट के मुताबिक हमले के बाद फरार आरोपियों को फोन कॉल मैसेज और टेलीविजन पर प्रसारित होने वाली खबरों के जरिए लगातार अपडेट मिल रहे थे। जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जब फायरिंग से जुड़े संदिग्धों की तस्वीरें टीवी पर दिखाई जाने लगीं तो एक शूटर को तुरंत वहां से निकलने का संदेश मिला। इस घटनाक्रम ने जांच एजेंसियों के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर आरोपियों को पुलिस की कार्रवाई और उनकी पहचान उजागर होने की जानकारी कौन दे रहा था।

    इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस सूत्रों ने बताया कि जैसे ही संदिग्धों के चेहरे टेलीविजन पर प्रसारित होने लगे वैसे ही एक आरोपी को मैसेज भेजकर सतर्क किया गया। संदेश में कहा गया कि उनके चेहरे सामने आ गए हैं और उन्हें वहां से निकल जाना चाहिए। इससे जांचकर्ताओं को आशंका है कि हमले में शामिल लोगों के साथ कोई ऐसा व्यक्ति संपर्क में था जो घटनाक्रम पर लगातार नजर रख रहा था और जरूरत पड़ने पर उन्हें निर्देश दे रहा था। हालांकि पुलिस अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं कर पाई है कि आरोपियों को टीवी समाचारों के अपडेट कौन भेज रहा था।

    जांच के दौरान रेहान अंसारी नाम के आरोपी के संपर्कों को लेकर भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उसे किसी कम्युनिकेशन ऐप के जरिए निर्देश मिल रहे थे। शक जताया गया है कि इस संपर्क के पीछे कथित तौर पर बिश्नोई गैंग से जुड़ा अनिल पंडित या फिर हाल ही में सोनीपत में गिरफ्तार किए गए अंकित खटक और समीर खत्री हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने कथित रूप से हमलावरों और अनिल पंडित के बीच संपर्क स्थापित करने में भूमिका निभाई हो सकती है। हालांकि इन आशंकाओं की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

    पुलिस को संदेह है कि बातचीत के लिए ऐसे ऐप का इस्तेमाल किया गया होगा जिनके जरिए इंटरनेट पर वॉयस कॉल और संदेश भेजे जा सकते हैं। रिपोर्ट में सिग्नल और जंगी जैसे ऐप का जिक्र किया गया है। सीसीटीवी फुटेज में रेहान को लगातार फोन पर बात करते हुए देखे जाने की बात भी सामने आई है। जांचकर्ताओं के अनुसार उन्हें यह अंदेशा था कि बातचीत इंटरनेट आधारित कॉलिंग सेवा के जरिए हो रही है लेकिन इस्तेमाल किए गए ऐप की पहचान करना आसान नहीं था। आरोपियों की गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ के बाद पुलिस को दोनों पक्षों के बीच हुई कुछ बातचीत के बारे में जानकारी मिलने की बात कही गई है।

    यह घटना 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी जब टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की गई। अभिनेता इस हमले में सुरक्षित बच गए लेकिन उनके ड्राइवर और एक व्लॉगर को चोटें आईं। पुलिस ने मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रिपोर्ट के मुताबिक अब तक कुल दस लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें फूल सिंह रेहान रहिसुद्दीन अंसारी और ऋतिक महतो के नाम भी शामिल हैं।

    इस मामले में अनिल पंडित नाम के व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था और खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया था। हालांकि पुलिस ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां अब हमले की साजिश संपर्कों की कड़ियों और आरोपियों को अलर्ट देने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुटी हैं। आने वाले दिनों में पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों से मामले की कई और परतें खुलने की उम्मीद है।

  • सलमान के घर की रेकी, फिर टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियां, लॉरेंस गैंग की कथित साजिश से बॉलीवुड में बढ़ी चिंता

    सलमान के घर की रेकी, फिर टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलियां, लॉरेंस गैंग की कथित साजिश से बॉलीवुड में बढ़ी चिंता


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में जांच के दौरान एक नया और अहम पहलू सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुंबई पुलिस की जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि इस वारदात से पहले शूटरों ने अभिनेता सलमान खान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट की रेकी की थी। बताया जा रहा है कि सलमान खान के घर के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखकर आरोपियों ने कथित तौर पर अपना प्लान बदल दिया और इसके बाद टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाया। हालांकि पुलिस ने इस दावे की सार्वजनिक रूप से पूरी पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच अभी जारी है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार तीनों आरोपी मुंबई पहुंचने के बाद सलमान खान के घर के आसपास पहुंचे थे। वहां पुलिस की तैनाती और सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखकर उनके लिए अभिनेता तक पहुंचना मुश्किल था। इसके बाद उन्होंने दूसरे लक्ष्य की तलाश शुरू की। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक आरोपियों को सोशल मीडिया पोस्ट और फैन पेज के जरिए टाइगर श्रॉफ की गतिविधियों के बारे में जानकारी मिली थी। बताया जा रहा है कि अभिनेता हर रविवार मुंबई के जुहू इलाके में एक फुटबॉल ग्राउंड पर खेलने जाते थे। कथित तौर पर इसी जानकारी के आधार पर शूटरों ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखी।

    18 अक्टूबर 2026 की शाम टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में फायरिंग हुई थी। बताया गया कि अभिनेता फुटबॉल खेलने के बाद ग्राउंड से बाहर निकल रहे थे तभी उनकी BMW कार पर कई राउंड गोलियां चलाई गईं। इस घटना में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित रहे जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने आई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ाई।

    इस मामले में पुलिस ने तीन संदिग्धों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था। उनकी पहचान ऋतिक कुमार उर्फ रोशन रेहान अंसारी और फूल सिंह के रूप में बताई गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार आरोपी फायरिंग के बाद मुंबई से ट्रेन के जरिए बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें मुंबई लाया गया जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फायरिंग की योजना किसने बनाई और आरोपियों को निर्देश कहां से मिले थे।

    इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। सोशल मीडिया पर गैंग से जुड़े होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने फायरिंग की जिम्मेदारी लेने की बात कही थी। हालांकि ऐसे दावों और सामने आए ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस वारदात का मकसद बॉलीवुड में डर पैदा करना था और क्या इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका है।

    सलमान खान और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बीच विवाद पहले भी सुर्खियों में रहा है। अप्रैल 2024 में सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर गोलीबारी हुई थी जिसके बाद उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई थी। टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में सलमान खान के घर की कथित रेकी की जानकारी सामने आने के बाद उनके आवास के आसपास सुरक्षा और कड़ी किए जाने की खबरें हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं। यह स्पष्ट होना बाकी है कि सलमान खान वास्तव में इस मामले में पहला निशाना थे या नहीं और फायरिंग के पीछे की पूरी साजिश क्या थी।

  • टाइगर श्रॉफ गोलीकांड में पुलिस की जांच तेज, मेडिकल के बाद एंटी एक्सटॉर्शन सेल पहुंचे तीनों आरोपी, अब पूछताछ में सामने आएंगी अहम कड़ियां

    टाइगर श्रॉफ गोलीकांड में पुलिस की जांच तेज, मेडिकल के बाद एंटी एक्सटॉर्शन सेल पहुंचे तीनों आरोपी, अब पूछताछ में सामने आएंगी अहम कड़ियां


    नई दिल्ली। फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में मुंबई पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को राजस्थान के कोटा से मुंबई लाया गया है। करीब 17 घंटे के लंबे सफर के बाद मुंबई पहुंचे आरोपियों का सबसे पहले जीटी अस्पताल में मेडिकल चेकअप कराया गया। इसके बाद तीनों को मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी एक्सटॉर्शन सेल में रखा गया है। यहां उनसे फायरिंग की घटना और कथित साजिश को लेकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात को किसके निर्देश पर अंजाम दिया गया और इसमें शामिल अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऋतिक कुमार फूल सिंह और रेहान अंसारी के रूप में बताई गई है। पुलिस तीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच मुंबई लेकर पहुंची। कोटा से आरोपियों को दो इनोवा कारों के जरिए लाया गया जबकि वलसाड से एक अन्य इनोवा कार भी पुलिस के काफिले में शामिल हुई थी। मुंबई पहुंचने के बाद आरोपियों को जीटी अस्पताल ले जाया गया जहां जरूरी मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए एंटी एक्सटॉर्शन सेल के हवाले कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।

    पुलिस की जांच में रेहान अंसारी का नाम कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित के संपर्क में होने के संबंध में सामने आया है। बताया जा रहा है कि टाइगर श्रॉफ पर हमले को लेकर रेहान और अनिल पंडित के बीच बातचीत हुई थी। अब मुंबई पुलिस आरोपियों से यह जानने की कोशिश कर रही है कि उनके बीच किस तरह संपर्क स्थापित हुआ था और फायरिंग की घटना में उनकी क्या भूमिका रही। जांच एजेंसियां कथित साजिश की कड़ियों को जोड़ने के साथ यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस मामले में और कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

    18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की BMW कार पर कई राउंड फायरिंग की घटना सामने आई थी। बताया गया कि अभिनेता फुटबॉल खेलने के बाद लौट रहे थे तभी उनकी कार को निशाना बनाया गया। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संदिग्धों की तलाश में कई जगह कार्रवाई की। शुरुआती जांच में पुलिस ने आशंका जताई थी कि फायरिंग का मकसद अभिनेता को डराना हो सकता है। हालांकि इस मामले में हमले के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपियों की भूमिका की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।

    इससे पहले पुलिस ने राजस्थान के कोटा से तीन संदिग्धों को पकड़ा था। अब उन्हें मुंबई लाकर पूछताछ की जा रही है। वहीं इस मामले में हथियारों की सप्लाई से जुड़े चार अन्य लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार इन गिरफ्तारियों के बाद जांच का दायरा बढ़ा है और हथियारों की व्यवस्था से लेकर उन्हें मुंबई पहुंचाने तक की कड़ियों की पड़ताल की जा रही है। वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल की बरामदगी भी जांच का अहम हिस्सा है। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ के जरिए फायरिंग के पीछे की कथित साजिश और पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

  • अमृतसर से हथियार, ट्रेन से मुंबई और फिर फायरिंग, टाइगर श्रॉफ केस में लॉरेंस गैंग के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा

    अमृतसर से हथियार, ट्रेन से मुंबई और फिर फायरिंग, टाइगर श्रॉफ केस में लॉरेंस गैंग के नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा


    नई दिल्ली। मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की BMW कार पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने हथियारों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दो युवकों और दो महिलाओं को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक दोनों महिलाएं कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के लिए कुरियर का काम करती थीं और ट्रेन से पिस्तौल लेकर मुंबई पहुंची थीं। इस मामले में पहले ही तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब तक कुल सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हथियार किसके निर्देश पर जुटाए गए और फायरिंग की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों से इनका संपर्क कैसे हुआ।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुणाल सुमित राधा और बबिता के रूप में हुई है। कुणाल की उम्र 21 साल और सुमित की उम्र 19 साल बताई गई है। दोनों हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले हैं। वहीं 23 वर्षीय राधा उत्तर प्रदेश के सीतापुर और 23 वर्षीय बबिता आजमगढ़ की निवासी है। पुलिस के अनुसार हथियारों की व्यवस्था करने में कुणाल की अहम भूमिका थी। वह हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आया था। एक दोस्त के माध्यम से उसकी पहचान अनिल पंडित से हुई थी। इसके बाद दोनों कथित तौर पर एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए बातचीत करने लगे। जांच में सामने आया कि अनिल पंडित के निर्देश पर कुणाल अमृतसर गया और वहां से एक पिस्तौल तथा 20 कारतूस जुटाए।

    पुलिस के मुताबिक हथियार मुंबई पहुंचाने के लिए कुणाल ने राधा को तैयार किया। करीब दो महीने पहले दोनों की मुलाकात हुई थी। इसके बाद कुणाल ने उसे अपनी गतिविधियों के बारे में बताया और पिस्तौल लेकर मुंबई जाने के लिए राजी किया। 15 अक्टूबर 2026 को कुणाल राधा और बबिता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन लेकर पहुंचा। दोनों महिलाएं ट्रेन से मुंबई के लिए रवाना हुईं। पिस्तौल राधा के बैग में रखी गई थी और सफर के दौरान कुणाल एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए उनके संपर्क में रहा।

    जांच के अनुसार 17 अक्टूबर को दोनों महिलाएं मुंबई के दादर स्टेशन पहुंचीं और एक होटल में ठहरीं। उसी दिन सुबह करीब 11 बजे एक नाबालिग लड़का होटल के पास आया और राधा से बैग लेकर चला गया। उस बैग में पिस्तौल होने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बैग लेने वाला नाबालिग किसके संपर्क में था और हथियार आगे किसे सौंपा गया। फिलहाल वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल बरामद नहीं हुई है।

    इसके अगले दिन यानी 18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की BMW कार पर कई राउंड फायरिंग की गई। बताया गया कि अभिनेता फुटबॉल खेलने के बाद लौट रहे थे। इस दौरान उनकी कार को निशाना बनाया गया। टाइगर श्रॉफ सुरक्षित रहे जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने आई। वारदात के बाद सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से एक पोस्ट भी सामने आई थी लेकिन उसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    पुलिस के मुताबिक फायरिंग के बाद हमलावरों को मुंबई से बाहर निकालने की कोशिश भी की गई थी। इसी मामले में राजस्थान के कोटा से पहले तीन संदिग्धों रेहान उर्फ सुक्का ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन और एक नाबालिग को पकड़ा गया था। शुरुआती जांच में पुलिस ने आशंका जताई थी कि फायरिंग का मकसद अभिनेता को डराना था। हालांकि मामले की पूरी सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। चार नई गिरफ्तारियों के बाद अब पुलिस हथियार जुटाने से लेकर मुंबई पहुंचाने फायरिंग और आरोपियों को बाहर निकालने की कथित योजना तक सभी कड़ियों को जोड़ रही है। 

  • टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा, अनिल पंडित से कराई थी शूटर की बात, पैसे और विदेश में नौकरी का वादा

    टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा, अनिल पंडित से कराई थी शूटर की बात, पैसे और विदेश में नौकरी का वादा


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ नए खुलासे सामने आ रहे हैं। इस मामले में हरियाणा पुलिस की मदद से समीर नाम के एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि समीर ने मुख्य आरोपी रेहान उर्फ सुक्का की विदेश में बैठे गैंगस्टर अनिल पंडित से बातचीत कराई थी। पुलिस के मुताबिक रेहान को इस वारदात में शामिल होने के लिए 35 हजार रुपये और विदेश में बसने का लालच दिया गया था। जांच एजेंसियां अब इस मामले में कथित आपराधिक नेटवर्क और दूसरे संभावित संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं।

    पुलिस के अनुसार टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर 18 अक्टूबर को गोलीबारी हुई थी। घटना के बाद मामले की जांच शुरू की गई और कुछ ही समय में तीन आरोपियों रेहान फूल सिंह और रितिक कुमार को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार कर लिया गया। अब समीर की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात की योजना किस तरह बनाई गई और इसमें शामिल लोगों को निर्देश कौन दे रहा था।

    जांच में सामने आए विवरण के मुताबिक समीर ने रेहान की बातचीत अनिल पंडित से कराई थी। आरोप है कि रेहान को पैसे देने के साथ विदेश में बसने का अवसर देने का वादा किया गया था। रितिक कुमार को भी विदेश में अच्छी नौकरी दिलाकर सेटल करने का लालच दिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के खर्च के लिए विदेश से ऑनलाइन पैसे भेजे जाते थे। इसके बाद वे किसी दुकान के माध्यम से रकम मंगवाकर नकदी हासिल कर लेते थे। जांच एजेंसियां इन लेनदेन और उनसे जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।

    रिपोर्ट के मुताबिक अनिल पंडित आरोपियों से बातचीत करने के लिए जग्गी नाम के ऐप का इस्तेमाल करता था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपियों को हथियार किसी व्यक्ति ने सीधे नहीं सौंपे थे। उन्हें संदेश के जरिए एक स्थान की जानकारी दी गई थी जहां कचरा पात्र के पास हथियार रखे होने की बात कही गई थी। पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है कि हथियार कहां से आए और उन्हें वहां किसने रखा था। अधिकारियों को संदेह है कि मुंबई में आरोपियों के कुछ अन्य संपर्क भी हो सकते हैं।

    जांच में रेहान का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार उसके खिलाफ पहले आर्म्स एक्ट और चोरी से जुड़ा मामला दर्ज हो चुका है। रेहान और फूल सिंह पर अमृतसर के एक व्यापारी पर पहले भी फायरिंग की कोशिश करने का आरोप है। बताया गया है कि उस घटना में पिस्टल नहीं चली थी। पुलिस इन घटनाओं के बीच किसी संभावित संबंध की भी जांच कर सकती है।

    टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग के बाद तीनों आरोपी मुंबई के अंधेरी रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। वहां के सीसीटीवी कैमरों में उनकी मौजूदगी दर्ज होने की बात सामने आई है। उनका कथित इरादा पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस से भागने और आगे नेपाल जाने का था। हालांकि पुलिस ने उन्हें कोटा में पकड़ लिया। तीनों आरोपियों को 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद महाराष्ट्र पुलिस उन्हें आगे की पूछताछ के लिए मुंबई ले गई। कोटा पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से हथियार या नकदी बरामद होने की पुष्टि नहीं हुई थी।

    इस बीच रैपिडो कंपनी ने भी मामले पर प्रतिक्रिया दी है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि खबरों में सामने आया संबंधित व्यक्ति 14 अक्टूबर से उसके प्लेटफॉर्म पर ड्राइवर के तौर पर सक्रिय नहीं था। घटना वाले दिन उसने रैपिडो की सेवा का इस्तेमाल ग्राहक के रूप में किया था। कंपनी ने कहा कि वह जांच एजेंसियों के संपर्क में है और मामले की जांच में पूरा सहयोग कर रही है। अब पुलिस की जांच का मुख्य फोकस फायरिंग की साजिश के पीछे मौजूद लोगों की पहचान करना और कथित आर्थिक लेनदेन तथा हथियारों की व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं का पता लगाना है।