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  • पश्चिम बंगालः कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना आज …. CAPF की 200 कंपनियां तैनात

    पश्चिम बंगालः कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना आज …. CAPF की 200 कंपनियां तैनात


    नई दिल्ली।
    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Election 2026) की मतगणना (Vote Counting) को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि काउंटिंग के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि व्यापक सुरक्षा इंतजामों के बीच मतगणना पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से कराई जाएगी। वोटों की गिनती से पहले हुई कई बैठकों में अग्रवाल ने साफ किया कि चुनाव आयोग ने कोई भी कसर नहीं छोड़ी है।

    पूरे राज्य में मतगणना केंद्रों (Counting centres) की सुरक्षा के लिए तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 200 कंपनियों को मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। इसके अलावा राज्य पुलिस, राज्य सशस्त्र पुलिस और CAPF मिलकर सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे। मतगणना केंद्रों के बाहर सभी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए CCTV कैमरे भी लगाए गए हैं।


    तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू

    मनोज अग्रवाल ने कहा, ‘सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है। रिटर्निंग ऑफिसर (RO), असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (ARO), मतगणना एजेंट और सुपरवाइजर पूरी तरह तैयार हैं और उन्हें कई बार प्रशिक्षण दिया जा चुका है। किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई संभावना नहीं है, सब कुछ नियमों के अनुसार ही होगा।’ उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर किसी स्तर पर लापरवाही या शरारत पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतगणना केंद्र के अंदर मौजूद कोई भी व्यक्ति अगर किसी प्रकार की गड़बड़ी करता है, तो उसे जिम्मेदार ठहराया जाएगा। उन्होंने राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों, एजेंटों और आम जनता से अपील की कि वे शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखें, ताकि मतगणना बिना किसी बाधा के पूरी हो सके। अग्रवाल ने बताया कि चुनाव आयोग ने जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस महानिदेशक और अन्य सीनियर अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें की हैं, ताकि किसी भी संभावित अशांति को पहले ही रोका जा सके। उन्होंने कहा कि पहले और दूसरे चरण के मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए थे और उम्मीद है कि मतगणना भी उसी तरह शांतिपूर्ण होगी।

  • PAK: सख्त पहरे में जेल से अस्पताल ले जाए गए इमरान खान…आंखों में लगा दूसरा इंजेक्शन

    PAK: सख्त पहरे में जेल से अस्पताल ले जाए गए इमरान खान…आंखों में लगा दूसरा इंजेक्शन


    इस्लामाबाद।
    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई संस्थापक इमरान खान (Imran Khan) को आंखों के इलाज के लिए अडियाला जेल से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच Pakistan Institute of Medical Sciences (PIMS) लाया गया। निर्धारित फॉलो-अप जांच के दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उनकी प्रभावित आंख में दूसरा एंटी-VEGF इंट्राविट्रियल इंजेक्शन लगाया। उपचार पूरा होने के बाद उन्हें वापस अडियाला जेल भेज दिया गया।

    अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि सुबह के समय उन्हें तय कार्यक्रम के अनुसार अस्पताल लाया गया। इंजेक्शन का उद्देश्य उनकी दृष्टि में सुधार लाना है। प्रक्रिया से पहले विशेषज्ञों के एक मेडिकल बोर्ड ने उनका विस्तृत परीक्षण किया।


    कार्डियक जांच भी की गई

    जांच टीम में कार्डियोलॉजिस्ट और फिजिशियन शामिल थे। कार्डियोलॉजिस्ट ने इकोकार्डियोग्राफी और ईसीजी जांच भी की। सभी परीक्षणों में उन्हें क्लिनिकली स्थिर पाया गया, जिसके बाद नेत्र संबंधी प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

    पीआईएमएस प्रशासन के अनुसार, यह उपचार डे-केयर सर्जरी के तहत किया गया। पूरी प्रक्रिया पीआईएमएस और Shifa International Hospital के सलाहकार नेत्र रोग विशेषज्ञों और विट्रियोरेटिनल सर्जन की निगरानी में संपन्न हुई।


    इलाज के बाद तुरंत जेल वापसी

    अस्पताल की ओर से कहा गया कि इंजेक्शन के दौरान और उसके बाद उनकी स्थिति स्थिर रही। इलाज पूरा होने पर उन्हें फॉलो-अप से जुड़ी सलाह, जरूरी सावधानियां और मेडिकल दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। इसके तुरंत बाद सुरक्षा घेरे में उन्हें पुनः अडियाला जेल ले जाया गया।


    15 गाड़ियों का काफिला, तीन सिग्नल जैमर तैनात

    पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इमरान खान को लगभग 15 वाहनों के काफिले में अस्पताल लाया गया। काफिले में काली गाड़ियां शामिल थीं और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तीन सिग्नल जैमर भी लगाए गए थे। अस्पताल परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहे। इलाज की पूरी प्रक्रिया सख्त सुरक्षा और चिकित्सकीय निगरानी में पूरी की गई।