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  • टीकमगढ़ में जंगल में मिला बुजुर्ग का शव: बेटे ने जताई हत्या की आशंका, गोली के निशान मिलने का दावा

    टीकमगढ़ में जंगल में मिला बुजुर्ग का शव: बेटे ने जताई हत्या की आशंका, गोली के निशान मिलने का दावा


    टीकमगढ़  टीकमगढ़ जिले के देहात थाना क्षेत्र में गुरुवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब कई दिनों से लापता एक बुजुर्ग का शव जंगल में बरामद हुआ। मृतक की पहचान 65 वर्षीय हरचरण रैकवार के रूप में हुई है। शव मिलने की सूचना के बाद इलाके में दहशत और चर्चा का माहौल बन गया। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए शरीर पर गोली जैसे निशान होने का दावा किया है। वहीं पुलिस मामले की हर पहलू से जांच में जुट गई है।

    जानकारी के अनुसार हरचरण रैकवार मंगलवार से लापता थे। परिजनों ने उनकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। गुरुवार को श्रीनगर गांव के पास स्थित मुड़ापार जंगल में ग्रामीणों ने एक शव पड़ा देखा, जिसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान हरचरण रैकवार के रूप में की।

    मृतक के बेटे रमेश रैकवार ने आरोप लगाया कि उनके पिता की कनपटी और कमर के पास गोली लगने जैसे निशान दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि यह सामान्य मौत नहीं बल्कि हत्या का मामला हो सकता है। बेटे के आरोपों के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है।

    घटना की सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र से साक्ष्य जुटाए और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी एकत्र करना शुरू किया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

    एसडीओपी राहुल कटरे ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला गोली मारकर हत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुटी है और हर पहलू से जांच की जा रही है।

    जंगल में शव मिलने और गोली जैसे निशानों की चर्चा के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों के बीच घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

    फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, क्योंकि उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। वहीं परिजन लगातार हत्या की आशंका जता रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

  • टीकमगढ़ में किसान की रहस्यमयी मौत, 11 लाख के लेनदेन पर उठे सवाल

    टीकमगढ़ में किसान की रहस्यमयी मौत, 11 लाख के लेनदेन पर उठे सवाल


    मध्य प्रदेश ।  टीकमगढ़ जिले के देहात थाना क्षेत्र स्थित बड़ागांव खुर्द गांव में सोमवार सुबह एक किसान की संदिग्ध मौत से सनसनी फैल गई। 55 वर्षीय मोहन यादव का शव उनके घर में मृत अवस्था में मिलने के बाद गांव में हड़कंप मच गया। मामले को लेकर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है और गांव के ही तीन लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

    मृतक के बड़े भाई रामेश्वर यादव का आरोप है कि गांव के राम चरण नपित, हर चरण नपित और राजकुमार नपित ने मोहन यादव की हत्या की है। परिजनों के अनुसार, मोहन यादव ने करीब 10 साल पहले रामचरण और हरचरण को लगभग 11 लाख रुपए उधार दिए थे, जो अब तक वापस नहीं किए गए थे।

    बताया जा रहा है कि चार दिन पहले मोहन यादव पैसे वापस मांगने आरोपियों के घर गए थे, जहां दोनों पक्षों के बीच विवाद भी हुआ था। इसके बाद परिवार में तनाव की स्थिति बनी हुई थी।

    परिजनों का दावा है कि घटनास्थल से राम चरण उर्फ कल्लू की तौलिया बरामद हुई है, जिसे वे इस मामले का महत्वपूर्ण सबूत मान रहे हैं। इसी आधार पर परिवार ने हत्या की आशंका और मजबूत होने की बात कही है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, जहां मेडिकल जांच के बाद रिपोर्ट तैयार की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

    परिजनों ने बताया कि पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। गांव में घटना के बाद तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और लोग मामले को लेकर चर्चा कर रहे हैं।

    फिलहाल पुलिस इस मौत को संदिग्ध मानते हुए जांच में जुटी हुई है। जांच पूरी होने और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

  • टीकमगढ़ में दर्दनाक हादसा: मेमू ट्रेन से गिरकर स्वास्थ्य कर्मचारी की मौत

    टीकमगढ़ में दर्दनाक हादसा: मेमू ट्रेन से गिरकर स्वास्थ्य कर्मचारी की मौत


    मध्य प्रदेश । टीकमगढ़ जिले के मवई रेलवे स्टेशन पर सोमवार को एक दर्दनाक रेल हादसे में स्वास्थ्य कर्मचारी की मौत हो गई। मृतक की पहचान छतरपुर निवासी सुरेंद्र अहिरवार के रूप में हुई है, जो आयुष अस्पताल में कार्यरत थे और प्रतिदिन मेमू ट्रेन से ड्यूटी पर आते-जाते थे।

    जानकारी के अनुसार, सोमवार को भी सुरेंद्र अपनी नियमित यात्रा के तहत मेमू ट्रेन से मवई स्टेशन पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर रुकी और वह उतरने लगे, अचानक उनका पैर फिसल गया। संतुलन बिगड़ने से वह ट्रेन के नीचे आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।

    घटना के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत उन्हें ट्रेन के नीचे से बाहर निकाला और गंभीर हालत में टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय पहुंचाया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    सुरेंद्र अहिरवार के निधन की खबर मिलते ही अस्पताल स्टाफ और उनके परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जा रहा है कि वह अपने मिलनसार स्वभाव और कार्यकुशलता के कारण साथियों के बीच काफी लोकप्रिय थे।

    घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। परिजनों को सूचित कर दिया गया है। उनके पहुंचने के बाद पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

    इस हादसे ने एक बार फिर रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा और सावधानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जाने की मांग उठाई है।

  • गर्मी में प्रदर्शन के बीच बिगड़ी तबीयत, सीएमएचओ के बयान से बढ़ा मामला

    गर्मी में प्रदर्शन के बीच बिगड़ी तबीयत, सीएमएचओ के बयान से बढ़ा मामला


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब आशा और उषा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के दौरान एक महिला कार्यकर्ता अचानक बेहोश होकर गिर गई। प्रदर्शन के दौरान ज्ञापन सौंपने आई महिला की तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल भेजा गया।

    यह प्रदर्शन आशा और उषा कार्यकर्ता महिला संगठन के बैनर तले अपनी विभिन्न मांगों को लेकर किया जा रहा था। बड़ी संख्या में महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन से बातचीत की कोशिश की। प्रशासन की ओर से एडीएम और जिला पंचायत सीईओ ज्ञापन लेने पहुंचे, लेकिन कार्यकर्ता कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ी रहीं।

    संगठन की जिला अध्यक्ष शशि राय ने बताया कि यह आंदोलन प्रदेश स्तरीय निर्देशों के तहत किया गया है। उनका कहना है कि लंबे समय से लंबित प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। इसके साथ ही केंद्र सरकार द्वारा घोषित बढ़ी हुई राशि का एरियर सहित भुगतान और हर महीने समय पर भुगतान की मांग भी प्रमुख है।

    प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग रखी है कि उन्हें हर महीने 5 तारीख तक नियमित भुगतान की गारंटी दी जाए और भुगतान की स्पष्ट स्लिप उपलब्ध कराई जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

    इसके अलावा कार्यकर्ताओं ने बीमा और सेवानिवृत्ति लाभ को लेकर भी मांगें रखी हैं। उनका कहना है कि ड्यूटी के दौरान दुर्घटना में घायल होने पर कम से कम 1 लाख रुपये और मृत्यु की स्थिति में परिवार को 10 लाख रुपये की सहायता दी जानी चाहिए। साथ ही सेवानिवृत्ति के बाद 10 लाख रुपये की एकमुश्त राशि देने की मांग भी उठाई गई है।

    इसी बीच प्रदर्शन के दौरान एक महिला कार्यकर्ता की तबीयत बिगड़ गई और वह जमीन पर गिर पड़ी। मौके पर मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत उसे संभाला और अस्पताल भेजा।

    इस घटना पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. ओपी अनुरागी ने बयान देते हुए कहा कि भीषण गर्मी और अधिक देर तक शोर-शराबे के कारण महिला को चक्कर आया होगा। हालांकि इस बयान के बाद संगठन के बीच असंतोष और बहस की स्थिति भी देखी जा रही है।

    फिलहाल महिला का इलाज जिला अस्पताल में जारी है और प्रशासन पूरे मामले की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं प्रदर्शनकारी कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर आगे की रणनीति पर विचार कर रहे हैं।

  • नवजात की मौत से सनसनी: शरीर पर चींटियां, डॉक्टरों ने बताई 1 हफ्ते पुरानी डिलीवरी

    नवजात की मौत से सनसनी: शरीर पर चींटियां, डॉक्टरों ने बताई 1 हफ्ते पुरानी डिलीवरी


    टीकमगढ़ । टीकमगढ़ शहर के सिविल लाइन रोड स्थित नगर पालिका की ‘नेकी की दीवार’ परिसर में बुधवार दोपहर उस समय सनसनी फैल गई, जब कपड़ों के ढेर के बीच एक नवजात शिशु का शव मिला। यह वही जगह है, जहां लोग जरूरतमंदों के लिए कपड़े दान करते हैं और मानवता की मिसाल पेश करते हैं, लेकिन इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।

    सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और हर कोई इस अमानवीय कृत्य पर हैरान नजर आया।

    डॉक्टरों का अनुमान: करीब एक सप्ताह पहले हुआ था जन्
    जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि नवजात की उम्र लगभग एक सप्ताह के आसपास हो सकती है। ड्यूटी डॉक्टर विजय जैन के अनुसार बच्चे के शरीर पर चींटियां लगी हुई थीं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि शव काफी समय से वहां पड़ा हुआ था।

    डॉक्टरों का यह भी कहना है कि बच्चे के हाथ पर मिले निशानों से संभावना जताई जा रही है कि उसका जन्म किसी निजी अस्पताल में हुआ हो सकता है। हालांकि, मौत के सही समय और कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

     पुलिस जांच में जुटी, सीसीटीवी खंगाले जा रहे
    कोतवाली थाना प्रभारी रवि भूषण पाठक ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर नवजात को इस तरह ‘नेकी की दीवार’ परिसर में कौन और कब छोड़कर गया। इसके लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले की सच्चाई सामने लाई जाएगी।

    इलाके में गुस्सा और चिंता का माहौल
    इस घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश और दुख का माहौल पैदा कर दिया है। जिस जगह को जरूरतमंदों की मदद और इंसानियत की मिसाल माना जाता है, वहीं इस तरह की घटना सामने आने से लोग स्तब्ध हैं।

  • टीकमगढ़ में अवैध नलकूप खनन पर बड़ी कार्रवाई, बोरिंग मशीन जब्त

    टीकमगढ़ में अवैध नलकूप खनन पर बड़ी कार्रवाई, बोरिंग मशीन जब्त


    नई दिल्ली। टीकमगढ़ में भू-जल संरक्षण नियमों के उल्लंघन को लेकर प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। बड़ागांव थाना क्षेत्र के हैदरपुर गांव में अवैध नलकूप खनन के खिलाफ एसडीएम संस्कृति लिटोरिया ने बुधवार देर रात छापेमारी कर बोरिंग मशीन जब्त कर ली।

    रात में चल रहा था अवैध खनन

    जानकारी के अनुसार, प्रशासन को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गांव में रात के अंधेरे में बिना अनुमति के नलकूप खनन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही एसडीएम मौके पर पहुंचीं, जहां मशीन से बोरिंग का काम चलता पाया गया। जब टीम ने खनन की अनुमति मांगी तो मौके पर मौजूद लोगों के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बोरिंग मशीन को जब्त कर बड़ागांव थाना परिसर में रखवा दिया।

    जिले में पहले से लागू है प्रतिबंध

    गौरतलब है कि जिले में गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने नलकूप खनन पर पहले ही प्रतिबंध लगा दिया है, जो 15 जून तक लागू रहेगा। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन कर अवैध खनन किए जाने पर प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है।

    प्रशासन का सख्त संदेश

    एसडीएम संस्कृति लिटोरिया ने स्पष्ट कहा कि जल संकट को देखते हुए भू-जल संरक्षण बेहद जरूरी है। बिना अनुमति नलकूप खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि केवल विशेष परिस्थितियों में ही एसडीएम और पीएचई विभाग की अनुमति से खनन की अनुमति दी जा सकती है।