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  • फर्जी मार्कशीट के सहारे आंगनबाड़ी नौकरी पाने की कोशिश नाकाम, हाईकोर्ट ने दो महिलाओं की याचिकाएं खारिज कीं

    फर्जी मार्कशीट के सहारे आंगनबाड़ी नौकरी पाने की कोशिश नाकाम, हाईकोर्ट ने दो महिलाओं की याचिकाएं खारिज कीं


    मध्‍य प्रदेश । टीकमगढ़ जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती प्रक्रिया के दौरान कथित रूप से फर्जी मार्कशीट प्रस्तुत करने का मामला अब न्यायालय तक पहुंच गया, जहां Madhya Pradesh High Court ने दो महिलाओं की याचिकाओं को खारिज करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि भर्ती प्रक्रियाओं में दस्तावेजों की सत्यता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि जब जांच और सत्यापन में मार्कशीट फर्जी पाई गई है, तब याचिकाकर्ताओं को अतिरिक्त सुनवाई का अवसर देने का कोई औचित्य नहीं बनता।

    मामले की सुनवाई शुक्रवार को हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच में हुई। Justice Vishal Mishra की एकल पीठ ने ममता यादव और नीतू राजपूत द्वारा दायर याचिकाओं पर विचार करने के बाद उन्हें निरस्त कर दिया। दोनों महिलाओं ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा भर्ती प्रक्रिया से बाहर किए जाने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देशों को चुनौती दी थी।

    जानकारी के अनुसार, महिला एवं बाल विकास विभाग ने 20 जून 2025 को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। भर्ती प्रक्रिया के तहत दोनों आवेदिकाओं ने आवेदन प्रस्तुत किए और अपने शैक्षणिक दस्तावेजों के रूप में महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान, भोपाल से जारी 12वीं कक्षा की मार्कशीट संलग्न की। प्रारंभिक दस्तावेज सत्यापन के बाद 18 अगस्त 2025 को जारी अंतरिम मेरिट सूची में दोनों महिलाओं के नाम शीर्ष स्थानों पर शामिल थे। इस कारण उनका चयन लगभग तय माना जा रहा था।

    हालांकि भर्ती प्रक्रिया के दौरान 29 अक्टूबर 2025 को जिला चयन समिति के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की गई कि दोनों आवेदिकाओं द्वारा जमा की गई 12वीं की मार्कशीटें संदिग्ध हैं। शिकायत मिलने के बाद जिला स्तरीय विवाद निवारण समिति ने मामले की जांच शुरू की और संबंधित शिक्षण संस्थान से दस्तावेजों का सत्यापन कराया।

    जांच के दौरान संस्थान की ओर से 8 जनवरी 2026 को भेजी गई रिपोर्ट में दोनों मार्कशीटों को फर्जी बताया गया। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी ने 26 मई 2026 को आदेश जारी कर दोनों महिलाओं को भर्ती प्रक्रिया के लिए अयोग्य घोषित कर दिया। साथ ही संबंधित अधिकारियों को सात दिन के भीतर पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

    याचिकाकर्ताओं ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए राहत की मांग की थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता कमल सिंह बघेल ने पक्ष रखा। अदालत ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध दस्तावेजों, जांच रिपोर्ट और संबंधित तथ्यों का परीक्षण करने के बाद पाया कि दस्तावेज सत्यापन में गंभीर अनियमितता सामने आई है।

    कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जब संबंधित संस्थान स्वयं मार्कशीट को फर्जी घोषित कर चुका है, तब मामले में और सुनवाई करना उचित नहीं है। न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि ऐसे मामलों में अनावश्यक सुनवाई न्यायिक समय की बर्बादी के समान होगी।

    हालांकि अदालत ने यह स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाती है, तो दोनों महिलाओं को कानून के तहत उपलब्ध अधिकारों का उपयोग करने की स्वतंत्रता रहेगी। वे आवश्यकता पड़ने पर अग्रिम जमानत या अन्य वैधानिक राहत के लिए सक्षम न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकती हैं।

  • टीकमगढ़ में रेत खनन पर शिकंजा, कार्रवाई के दौरान पोकलेन मशीन जब्त, आरोपी फरार

    टीकमगढ़ में रेत खनन पर शिकंजा, कार्रवाई के दौरान पोकलेन मशीन जब्त, आरोपी फरार


    नई दिल्ली। टीकमगढ़ के लिधौरा थाना क्षेत्र में अवैध रेत खनन पर राजस्व विभाग ने कार्रवाई करते हुए पोकलेन मशीन जब्त की। टीम के पहुंचते ही खनन माफिया फरार हो गए, जबकि प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

    टीकमगढ़ जिले में अवैध रेत खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। लिधौरा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत उपरारा में ग्रामीणों की शिकायत पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। शिकायत में बताया गया था कि रात के अंधेरे में नदी से अवैध रूप से रेत का उत्खनन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही तहसीलदार निशांत चौरसिया के नेतृत्व में टीम और पुलिस मौके पर पहुंची।

    कार्रवाई के दौरान माफिया फरार, मशीन जब्त
    जैसे ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची, अवैध खनन में लगे लोग मौके से भाग निकले। हालांकि मौके से एक पोकलेन मशीन को जब्त कर लिया गया। इसके साथ ही नदी किनारे बड़ी मात्रा में रेत के ढेर भी पाए गए, जिन्हें प्रशासन ने कब्जे में ले लिया। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और खनन माफिया के नेटवर्क पर सवाल उठने लगे हैं।

    अवैध खनन पर सख्ती के निर्देश
    जिले में रेत खनन का ठेका एक निजी कंपनी को दिए जाने के बावजूद अवैध गतिविधियों की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। आरोप है कि कुछ स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि स्वीकृत खदानों के बजाय बिना अनुमति वाली नदियों और नालों से रेत का अवैध उत्खनन कर रहे हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि केवल अधिकृत खदानों से ही खनन की अनुमति है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध खनन पर बड़ी सख्ती के रूप में देखा जा रहा है।

  • टीकमगढ़ में बीच बाजार हंगामा शराबी पति ने पत्नी को पीटा कपड़े फाड़कर किया ड्रामा

    टीकमगढ़ में बीच बाजार हंगामा शराबी पति ने पत्नी को पीटा कपड़े फाड़कर किया ड्रामा


    टीकमगढ़ । मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां बीच बाजार में पति पत्नी के बीच हुआ विवाद हाईवोल्टेज ड्रामे में बदल गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसने इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है।

    यह पूरा मामला जिले के लिधौरा कस्बे का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार पति पत्नी पास के किसी गांव से बाजार में खरीददारी करने आए थे। सब कुछ सामान्य चल रहा था लेकिन अचानक हालात तब बिगड़ गए जब पति पास ही स्थित देसी शराब के ठेके से शराब पीकर लौट आया।

    पत्नी को जैसे ही इस बात का पता चला उसने पति के इस व्यवहार पर आपत्ति जताई। इसके बाद माहौल तेजी से गर्म हो गया और नशे में धुत पति ने अपना आपा खो दिया। गुस्से में उसने पत्नी के साथ बीच बाजार मारपीट शुरू कर दी जिससे वहां अफरा तफरी मच गई।

    स्थिति यहीं नहीं रुकी बल्कि आरोपी पति ने गुस्से में अपने ही कपड़े फाड़ना शुरू कर दिए जिससे यह पूरा घटनाक्रम और ज्यादा सनसनीखेज बन गया। पति की हरकतों से नाराज पत्नी ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए उससे हाथापाई कर ली और देखते ही देखते मामला पूरी तरह बेकाबू हो गया।

    घटना के दौरान बाजार में मौजूद लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई और किसी ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। यही वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग इस पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

    हालांकि इस पूरे विवाद के बाद पति पत्नी दोनों ही मौके से एक साथ अपने घर के लिए रवाना हो गए। फिलहाल दोनों की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है और ना ही इस मामले में किसी ने पुलिस से शिकायत दर्ज कराई है।

    इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के विवाद किस तरह से कानून व्यवस्था और सामाजिक मर्यादा को प्रभावित करते हैं। स्थानीय लोग भी इस तरह की घटनाओं पर चिंता जता रहे हैं और ऐसे मामलों में सख्ती की मांग कर रहे हैं।

  • टीकमगढ़ में उमा भारती ने बंगले के सामने हाथठेले पर बेचा पोहा-जलेबी, हटाए गए दुकानदारों का किया समर्थन

    टीकमगढ़ में उमा भारती ने बंगले के सामने हाथठेले पर बेचा पोहा-जलेबी, हटाए गए दुकानदारों का किया समर्थन


    टीकमगढ़। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता उमा भारती मंगलवार को टीकमगढ़ के सिविल लाइन रोड पर अपने बंगले के सामने हाथठेले पर पोहा-जलेबी बेचती नजर आईं। उन्होंने एक दिन पहले हटाए गए छोटे दुकानदारों को वापस बुलाकर उनकी मदद की और खुद दुकान संभाली।

    टीकमगढ़ नगर पालिका ने सोमवार को अतिक्रमण हटाने के अभियान में कई छोटी दुकानें और हाथठेले जेसीबी से हटा दिए थे। उमा भारती ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की थी और इसे गरीब दुकानदारों के लिए अन्यायपूर्ण बताया था। मंगलवार सुबह वे अपने बंगले से निकलकर हाथठेले पर पहुंचीं और दुकानदारों का समर्थन किया। उन्होंने ठेले वालों से कहा कि वे दोबारा सड़क किनारे दुकान लगाएं।

    उमा भारती ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नगर पालिका एवं विधानसभा भाजपा के नियंत्रण में नहीं हैं अन्यथा यह अन्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि गरीब लोगों की दुकानों को तोड़ने से पहले नगर प्रशासन को नियमों का पालन करना चाहिए था। उन्‍होंने कहा कि कल जहां से गरीबों के ठेले या तो तोड़ दिए गए या हटा दिए गए उनके आसपास चारों तरफ साधन सुविधा संपन्न लोगों के घर एवं रेस्टोरेंट अतिक्रमण के नियमों का उल्लंघन कर नगरीय प्रशासन को उसकी हैसियत बताते हुए अभी भी चुनौतीपूर्ण मुद्रा में मौजूद हैं।

    उन्होंने बताया कि नगर प्रशासन ने शाम को अचानक जेसीबी से गरीब दुकानों को तोड़ दिया। उनकी जानकारी मिलते ही वे मौके पर पहुंचीं लेकिन तब तक कई दुकानें तहस-नहस हो चुकी थीं। उन्होंने पार्षद दल की बैठक में तय योजना का उल्लंघन बताया जिसमें पहले चिन्हित स्थानों पर सुविधाओं का निर्माण और चेतावनी के बाद दुकानों को शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया था। उन्‍होंने कहा कि मैंने इसकी जानकारी हमारे प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को भेज दी है।

    उमा भारती ने कहा कि उन्होंने दुकानदारों से वचन लिया है कि वे गंदगी नहीं फैलाएंगे और प्रशासन प्रयास करेगा कि उन्हें बेहतर स्थान पर शिफ्ट किया जा सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि पार्षद दल और स्थानीय प्रशासन जल्द ही इस मुद्दे का समाधान निकालेंगे।

  • मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला, 8 जिलों में बारिश की संभावना, ठंडक बनी रहेगी

    मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला, 8 जिलों में बारिश की संभावना, ठंडक बनी रहेगी



    भोपाल । मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर अपना रंग बदला है। अगले 24 घंटों में प्रदेश के आठ जिलों – ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में बादलों के छाए रहने की संभावना है।

    मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार से ही मौसम में बदलाव दिखाई दे रहा है और शुक्रवार को उत्तरी जिलों में हल्की-से-मध्यम बारिश हो सकती है।

    26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी बारिश के रूप में दिख सकता है। फिलहाल अगले दो दिनों तक तेज ठंड के आसार नहीं हैं, लेकिन सुबह के समय कोहरा रहने की संभावना बनी हुई है।

    गुरुवार को ग्वालियर, सतना, रीवा, गुना, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव और सिवनी में कोहरा देखा गया। वहीं, भोपाल, नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन और विदिशा में दिनभर बादल छाए रहे और ठंडी हवाओं का असर महसूस किया गया।

    मौसम विभाग ने बताया कि अगर बारिश हुई, तो यह इस सीजन का पहला मावठा होगा, क्योंकि नवंबर और दिसंबर में प्रदेश में बारिश नहीं हुई थी।

    गुरुवार रात कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा छतरपुर के नौगांव में 6.5, उमरिया में 6.9, रीवा में 7, खजुराहो में 7.4, दतिया में 7.6, दमोह और सतना में 8.8, मंडला में 9 और राजगढ़ व सीधी में 9.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों में ग्वालियर 9, जबलपुर 10.9, भोपाल 11.2, इंदौर 13.6 और उज्जैन 13.8 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ ठंडक महसूस हुई। 

    दिल्ली-NCR में बारिश और तेज हवाओं के बीच मौसम अलर्ट, श्रीनगर एयरपोर्ट पर उड़ानों पर रोक
    नई दिल्ली । दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में शुक्रवार को मौसम ने अचानक बदलाव दिखाया। राजधानी में सुबह हल्की बारिश के साथ तेज हवाओं का असर महसूस किया गया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कई इलाकों के लिए नाउकास्ट चेतावनी जारी की है।
    मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2-3 घंटों के दौरान इन राज्यों में गरज के साथ तेज बारिश हो सकती है, और हवाओं की रफ्तार 40-60 किमी प्रति घंटे तक पहुँच सकती है। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर कुछ जगहों पर बारिश जारी रहने की संभावना है। बारिश से वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
    पंजाब, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के कई शहरों में भी मौसम का मिज़ाज बिगड़ सकता है। IMD ने लोगों से सतर्क रहने, कमजोर ढांचों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। वाहन चालक कम दृश्यता और जलभराव की स्थिति में अतिरिक्त सावधानी बरतें।

    श्रीनगर में मौसम की अचानक खराब स्थिति के कारण इंडिगो एयरलाइंस ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की। बर्फबारी के चलते श्रीनगर एयरपोर्ट पर टेक-ऑफ और लैंडिंग पर अस्थायी रोक लगी है। एयरलाइन ने यात्रियों को आश्वस्त किया कि जैसे ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल अनुमति देगा, उड़ानें जल्द रवाना की जाएंगी।

  • मुख्य सचिव अनुराग जैन का कलेक्टरों को कड़ा संदेश: “समझो कि सब कुछ पता चल जाता है, करप्शन से दूर रहो”

    मुख्य सचिव अनुराग जैन का कलेक्टरों को कड़ा संदेश: “समझो कि सब कुछ पता चल जाता है, करप्शन से दूर रहो”



    नई दिल्ली। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कई जिलों में कलेक्टरों के खिलाफ मिल रही शिकायतों पर नाराजगी जताई है और स्पष्ट किया है कि अधिकारियों को यह नहीं समझना चाहिए कि उनकी गतिविधियां छुपी रहती हैं। उन्होंने कहा कि “किसके यहां क्या पक रहा है, सब मालूम है”, इसलिए सभी अधिकारियों को करप्शन से दूर रहकर सरकार की प्राथमिकताओं और जनता के हितों के अनुरूप काम करना चाहिए।
    सीएस जैन ने यह भी कहा कि कुछ जिलों की शिकायतें उनके और मुख्यमंत्री के पास भी पहुंची हैं, इसलिए बेहतर यही होगा कि अधिकारी जल्द ही अपनी कार्यशैली सुधारें।

    यह चेतावनी उन्होंने सात और आठ अक्टूबर को हुई दो दिवसीय कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की दूसरी समीक्षा बैठक में दी। इस बैठक में सीएस जैन ने कॉन्फ्रेंस के 85 बिंदुओं की जिलावार समीक्षा की और टॉप थ्री तथा बॉटम थ्री जिलों की जानकारी साझा करते हुए कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों को सुधारने का निर्देश दिया। बैठक में पुलिस और अन्य विभागों के साथ मिलकर महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता के लिए किए गए कार्यों की भी समीक्षा की गई।

    साथ ही नाबालिग बालिकाओं के गुम होने पर उनकी तलाश के लिए चलाए जा रहे मुस्कान अभियान की प्रगति भी ली गई, जिसमें बताया गया कि अब तक 1900 से अधिक बालिकाओं को बरामद किया गया है। जन जागरूकता अभियान में टीकमगढ़, धार और सिंगरौली टॉप थ्री जिलों में शामिल रहे, जबकि पन्ना, मुरैना और भिंड बॉटम थ्री जिलों में रहे।

    कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस की तारीखों को लेकर भी चर्चा हुई, क्योंकि इसे आयोजित करने के लिए कई बार तारीख बदलती रही। सीएस अनुराग जैन ने पिछले माह 31 दिसंबर को बैठक की तारीख तय की थी, फिर इसे 5 जनवरी कर दिया गया। फिर भी कॉन्फ्रेंस समय पर नहीं हो सकी और 15 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक करने का निर्णय लिया गया, लेकिन प्रशासनिक कारणों से यह भी संभव नहीं हो पाया। अंततः यह बैठक चौथी बार तय तारीख पर ही हो सकी।