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  • नंबर-3 से नंबर-5 पर आते ही बदला तिलक वर्मा का अंदाज, अब पहली गेंद से बाउंड्री लगाने की रहती है कोशिश

    नंबर-3 से नंबर-5 पर आते ही बदला तिलक वर्मा का अंदाज, अब पहली गेंद से बाउंड्री लगाने की रहती है कोशिश

    नई दिल्ली । भारतीय टी20 टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा ने बल्लेबाजी क्रम में बदलाव के साथ अपनी रणनीति में भी बदलाव किया है। पहले तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले तिलक अब पांचवें या छठे नंबर पर उतर रहे हैं। इस नई भूमिका में उनका लक्ष्य शुरुआत से ही तेजी से रन बनाना है। हालांकि, वह परिस्थितियों को समझकर ही आक्रामक शॉट खेलने का फैसला करते हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ चौथे टी20 मुकाबले से पहले उन्होंने अपने बदले हुए बल्लेबाजी अंदाज और रन चेज के दौरान अपनाई जाने वाली रणनीति के बारे में बताया।

    तिलक के मुताबिक, उनके पास पहले से ही बड़े शॉट खेलने की क्षमता थी और उन्होंने तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए भी खूब रन बनाए हैं। लेकिन अब पांचवें या छठे नंबर पर आने के बाद उनकी सोच में थोड़ा बदलाव आया है। इस क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए वह पहली ही गेंद से बाउंड्री लगाने का मौका तलाशते हैं। हालांकि, इसके लिए गेंद का उनके अनुकूल होना जरूरी है। यदि पहली गेंद पर बड़ा शॉट खेलने का सही अवसर नहीं मिलता, तो वह जल्दबाजी करने के बजाय पारी को आगे बढ़ाने पर ध्यान देते हैं।

    तिलक ने बताया कि ऐसी स्थिति में वह शुरुआत में सिंगल और डबल लेकर स्कोर आगे बढ़ाते हैं। साथ ही मैदान में खाली जगह तलाशकर चौके लगाने की कोशिश करते हैं। उनका मानना है कि मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते समय केवल आक्रामक होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मैच की परिस्थिति के अनुसार जोखिम लेना भी जरूरी है। जरूरत पड़ने पर वह क्रीज पर समय बिताते हैं और मुकाबले को अंतिम ओवरों तक ले जाने की कोशिश करते हैं।
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    तिलक की यह रणनीति न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में देखने को मिली थी। क्राइस्टचर्च में खेले गए इस मैच में भारतीय टीम 181 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए मुश्किल स्थिति में पहुंच गई थी। ऐसे समय में तिलक ने नीतीश रेड्डी के साथ मिलकर पारी को संभाला। उन्होंने 26 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाए और टीम को चार विकेट से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। दोनों बल्लेबाजों के बीच सातवें विकेट के लिए 69 रन की नाबाद साझेदारी हुई। इस साझेदारी ने भारत को उस मुकाबले में जीत तक पहुंचाया।

    तिलक ने बताया कि उस समय उन्होंने नीतीश रेड्डी से कहा था कि अगर दोनों बल्लेबाज मिलकर यहां से मैच जिता देते हैं तो यह बेहद खास होगा। उन्होंने साथी खिलाड़ी को क्रीज पर टिके रहने, मुकाबले को आगे तक ले जाने और फिर परिस्थितियों के अनुसार खेलने की सलाह दी थी। तिलक के अनुसार, रन चेज में धैर्य बनाए रखना और सही समय पर तेजी से रन बनाना काफी महत्वपूर्ण होता है।

    आखिरी ओवरों में गेंदबाजों पर दबाव बनाने को लेकर भी तिलक की सोच स्पष्ट है। उनका मानना है कि डेथ ओवर्स में बल्लेबाज के मुकाबले गेंदबाज अधिक दबाव में होता है। वह इसी सकारात्मक सोच के साथ बल्लेबाजी करते हैं कि गेंदबाज पर दबाव होने के कारण उससे रन देने की गलती हो सकती है। इस मानसिकता से उन्हें मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते समय आत्मविश्वास बनाए रखने में मदद मिलती है।

    न्यूजीलैंड दौरे पर पहुंचने से पहले भारतीय टीम ने घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज खेली थी। लगातार व्यस्त कार्यक्रम के कारण नए माहौल और समय क्षेत्र के अनुसार खुद को ढालना आसान नहीं था। तिलक ने माना कि परिस्थितियों से तालमेल बैठाना चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने वाली टीम इस वजह से बहाने नहीं बना सकती। उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन से युवा क्रिकेटरों के लिए उदाहरण पेश करना चाहिए। मुख्य कोच गौतम गंभीर ने भी टीम बैठकों में स्पष्ट किया है कि टी20 टीम का प्रदर्शन पूरे दौरे के लिए अच्छा माहौल तैयार कर सकता है।

    भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में शुरुआती तीनों मुकाबले जीतकर 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। अब टीम की नजर बाकी दोनों मैच जीतकर सीरीज में 5-0 से क्लीन स्वीप करने पर है। तिलक ने इसे भारतीय टीम और दर्शकों के लिए अच्छा अवसर बताया। चौथा टी20 मुकाबला 30 अक्टूबर को ऑकलैंड में खेला जाना है।

  • रोहित शर्मा और विराट कोहली की खास लिस्ट में शामिल हुए तिलक वर्मा, टी20 इंटरनेशनल में 50 कैच पूरे कर रचा इतिहास

    रोहित शर्मा और विराट कोहली की खास लिस्ट में शामिल हुए तिलक वर्मा, टी20 इंटरनेशनल में 50 कैच पूरे कर रचा इतिहास


    नई दिल्ली । भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए तीसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 14 रन से जीत दर्ज की। इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में रन बनाए और गेंदबाजों ने दबाव के क्षणों में अहम विकेट हासिल किए। इस जीत के बीच तिलक वर्मा ने भी एक खास उपलब्धि अपने नाम कर ली। उन्होंने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में बतौर फील्डर 50 कैच पूरे कर लिए हैं। इस मुकाम तक पहुंचने वाले वह भारत के पांचवें खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले रोहित शर्मा हार्दिक पांड्या सूर्यकुमार यादव और विराट कोहली यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।
    टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा कैच लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों की सूची में रोहित शर्मा शीर्ष पर हैं। उनके नाम 65 कैच दर्ज हैं। हार्दिक पांड्या 64 कैच के साथ दूसरे स्थान पर हैं जबकि सूर्यकुमार यादव 58 कैच लेकर तीसरे नंबर पर हैं। विराट कोहली इस सूची में 54 कैच के साथ शामिल हैं। अब तिलक वर्मा ने 50 कैच पूरे करके इस खास क्लब में जगह बना ली है। यह उपलब्धि उनकी फील्डिंग क्षमता और मैदान पर लगातार योगदान को दर्शाती है।
    वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे टी20 में तिलक ने बल्लेबाजी में भी उपयोगी प्रदर्शन किया। उन्होंने केवल 16 गेंदों का सामना करते हुए 28 रन बनाए। उनकी पारी में चार चौके शामिल रहे और उन्होंने 175 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। इससे पहले दूसरे टी20 मुकाबले में भी तिलक ने शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने उस मैच में 18 गेंदों पर नाबाद 44 रन बनाकर भारतीय पारी को तेज गति दी थी। लगातार दो मुकाबलों में उनके आक्रामक अंदाज ने टीम के मध्यक्रम को मजबूती प्रदान की।
    तीसरे टी20 में भारत की ओर से अभिषेक शर्मा ने सबसे प्रभावशाली पारियों में से एक खेली। उन्होंने 30 गेंदों पर 69 रन बनाए। उनकी पारी में छह चौके और पांच छक्के शामिल रहे। ईशान किशन ने भी तेजी से रन बनाते हुए 18 गेंदों पर 37 रन जोड़े। इन पारियों की मदद से भारतीय टीम 20 ओवर में 223 रन के बड़े स्कोर तक पहुंचने में सफल रही। भारत ने वेस्टइंडीज के सामने जीत के लिए 224 रन का लक्ष्य रखा।
    लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने संघर्ष किया लेकिन निर्धारित ओवरों में सात विकेट गंवाकर 209 रन ही बना सकी। शिमरोन हेटमायर ने 43 रन और कामिल पूरन ने 42 रन बनाकर टीम को मुकाबले में बनाए रखने की कोशिश की। शेरफेन रदरफोर्ड ने 20 गेंदों पर 32 रन बनाए। वहीं शमर स्प्रिंगर ने केवल 11 गेंदों पर नाबाद 35 रन की तेज पारी खेली। इसके बावजूद कैरेबियाई टीम लक्ष्य से 14 रन दूर रह गई। दूसरे टी20 में शतक लगाने वाले कप्तान शाई होप इस बार केवल पांच रन बनाकर आउट हो गए।
    भारतीय गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह ने 44 रन देकर तीन विकेट हासिल किए जबकि नमन धीर ने दो विकेट झटके। गेंदबाजों ने अंतिम ओवरों में जरूरी नियंत्रण बनाए रखा और टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस मुकाबले में भारत की जीत के साथ तिलक वर्मा की व्यक्तिगत उपलब्धि भी चर्चा में रही। बल्लेबाजी और फील्डिंग दोनों में योगदान देने वाले तिलक के लिए यह रिकॉर्ड उनके टी20 इंटरनेशनल करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
  • वैभव–तिलक की तूफानी पारियां, भारत ए ने फाइनल में 377 रन ठोककर मचाया धमाल

    वैभव–तिलक की तूफानी पारियां, भारत ए ने फाइनल में 377 रन ठोककर मचाया धमाल


    नई दिल्ली । दांबुला के रंगिरी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे ट्राई सीरीज फाइनल में भारत ए ने बल्लेबाजी का ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने श्रीलंका ए के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 377 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।

    इस पारी की सबसे बड़ी खासियत रही युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक शुरुआत, जिन्होंने एक बार फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। वैभव और प्रियांश आर्या ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 8.5 ओवर में 132 रनों की तूफानी साझेदारी की। इस साझेदारी ने श्रीलंका ए के गेंदबाजों को शुरुआती झटका दे दिया।

    Vaibhav Suryavanshi ने मात्र 29 गेंदों में 94 रनों की पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी इतनी आक्रामक रही कि उन्होंने 324 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 10 चौके और 8 छक्के लगाए। खास बात यह रही कि उन्होंने सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक लगाकर लिस्ट ए क्रिकेट में नया इतिहास रच दिया।

    दूसरे छोर से कप्तान Tilak Varma ने जिम्मेदारी भरी पारी खेली और टीम को स्थिरता प्रदान की। उन्होंने 90 गेंदों पर 67 रन बनाए और तीसरे विकेट के लिए ऋतुराज गायकवाड़ के साथ 84 रनों की साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारत ए को शुरुआती झटकों के बाद मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

    ऋतुराज गायकवाड़ ने 51 गेंदों में 40 रन बनाए, लेकिन बड़ी पारी खेलने से चूक गए। वहीं कुमार कुशाग्र ने 36 रनों का योगदान दिया। मध्यक्रम में भले ही कुछ बल्लेबाज बड़े स्कोर नहीं कर सके, लेकिन रन गति लगातार तेज बनी रही।

    अंत के ओवरों में अनुकूल रॉय ने तेजी से रन जोड़ते हुए मात्र 15 गेंदों में 39 रनों की आतिशी पारी खेली। उनकी इस पारी में एक चौका और चार छक्के शामिल रहे, जिसने भारत ए को 370 के पार पहुंचा दिया। इसके अलावा यश ठाकुर नाबाद 2 रन पर रहे।

    श्रीलंका ए की ओर से गेंदबाजी में कुगाथास मथुलन, वानूजा साहन और रविंदु फर्नांडो ने दो-दो विकेट हासिल किए, लेकिन वे भारतीय बल्लेबाजों की आक्रामकता को रोक नहीं सके।

    कुल मिलाकर यह पारी भारत ए की बल्लेबाजी गहराई और युवा प्रतिभा का शानदार उदाहरण रही। खासकर वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक शुरुआत ने इस मुकाबले को एकतरफा मोड़ दे दिया।

  • फाइनल में वैभव का कहर, श्रीलंका-ए के खिलाफ इंडिया-ए की तेज शुरुआत

    फाइनल में वैभव का कहर, श्रीलंका-ए के खिलाफ इंडिया-ए की तेज शुरुआत


    नई दिल्ली । दांबुला के रणगिरि इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे ट्राई सीरीज फाइनल में आज इंडिया-ए और श्रीलंका-ए की टीमें आमने-सामने हैं। खिताबी मुकाबले में टॉस श्रीलंका-ए ने जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जिसके बाद इंडिया-ए ने धमाकेदार शुरुआत करते हुए तेजी से रन बटोरने शुरू किए।

    मैच की शुरुआत से ही भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक रुख अपनाया और शुरुआती ओवरों में ही स्कोरबोर्ड को तेजी से आगे बढ़ाया। सबसे ज्यादा चर्चा में रहे युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पूरी पारी का रुख बदल दिया। उन्होंने महज कुछ ही गेंदों में गेंदबाजों पर दबाव बना दिया और चौके-छक्कों की बरसात कर दी।

    वैभव ने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए ताबड़तोड़ फिफ्टी पूरी की और श्रीलंकाई गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। उनकी पारी में लंबे-लंबे छक्के और क्लासिक चौके शामिल रहे, जिससे दांबुला का मैदान भारतीय समर्थकों की तालियों से गूंज उठा। हालांकि, अर्धशतक पूरा करने के बाद वह एक बड़े शॉट की कोशिश में आउट हो गए, लेकिन तब तक वह टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके थे।

    उनके आउट होने के बाद भी इंडिया-ए की रन गति पर ज्यादा असर नहीं पड़ा और टीम के अन्य बल्लेबाजों ने भी स्कोर को आगे बढ़ाने की कोशिश जारी रखी। प्रियांश आर्य ने भी उपयोगी पारी खेली, लेकिन वह ज्यादा देर टिक नहीं सके और पवेलियन लौट गए। इसके बावजूद भारत की शुरुआत इतनी मजबूत रही कि टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ती दिखी।

    इससे पहले ट्राई सीरीज में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला था, जहां दोनों ने एक-एक मैच जीता था। फाइनल से पहले दोनों टीमों का प्रदर्शन लगभग बराबर रहा, जिससे यह खिताबी मुकाबला और भी रोमांचक बन गया है।

    इंडिया-ए की संभावित प्लेइंग इलेवन में तिलक वर्मा, ऋतुराज गायकवाड़ और वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण है, जबकि श्रीलंका-ए की टीम भी संतुलित नजर आ रही है।

    अब देखना दिलचस्प होगा कि इंडिया-ए इस मजबूत शुरुआत को कितने बड़े स्कोर में बदल पाती है और क्या श्रीलंका-ए की टीम वापसी कर पाती है या नहीं। मैच का रोमांच लगातार बढ़ता जा रहा है और फैंस की नजरें हर गेंद पर टिकी हुई हैं।

  • प्रभसिमरन और तिलक का बल्ला गरजा, अफगानिस्तान ए के खिलाफ भारत ए ने खड़ा किया 349 रन का विशाल स्कोर

    प्रभसिमरन और तिलक का बल्ला गरजा, अफगानिस्तान ए के खिलाफ भारत ए ने खड़ा किया 349 रन का विशाल स्कोर



    नई दिल्ली। ट्राई सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारत ए के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अफगानिस्तान ए के खिलाफ विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। बारिश से प्रभावित इस मुकाबले में भारतीय टीम ने निर्धारित 49 ओवरों में 9 विकेट के नुकसान पर 349 रन बनाए। टीम की ओर से प्रभसिमरन सिंह, ऋतुराज गायकवाड़ और कप्तान तिलक वर्मा ने प्रभावशाली अर्धशतकीय पारियां खेलीं।

    टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत ए की शुरुआत बेहद आक्रामक रही। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह ने पहले विकेट के लिए तेज गति से रन जुटाते हुए महज 7.1 ओवर में 74 रन जोड़ दिए। वैभव ने शुरुआत से ही अफगान गेंदबाजों पर दबाव बनाया और केवल 22 गेंदों में 44 रन की विस्फोटक पारी खेली। अपनी पारी में उन्होंने 9 आकर्षक चौके लगाए। हालांकि, वह अर्धशतक से पहले ही आउट हो गए और बड़ी पारी खेलने का मौका गंवा बैठे।

    वैभव के आउट होने के बाद प्रियांश आर्या भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और सिर्फ 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद ऋतुराज गायकवाड़ और प्रभसिमरन सिंह ने पारी को संभालते हुए तीसरे विकेट के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई। दोनों बल्लेबाजों ने 74 गेंदों में 79 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। ऋतुराज ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए 80 गेंदों पर 66 रन बनाए।

    दूसरी ओर प्रभसिमरन सिंह ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया और अफगान गेंदबाजों की जमकर खबर ली। उन्होंने 69 गेंदों में 84 रन की तेजतर्रार पारी खेली, जिसमें 14 चौके शामिल रहे। हालांकि, वह अपने शतक से 16 रन दूर रह गए। उनकी पारी भारत ए की बड़ी स्कोरिंग की नींव साबित हुई।

    मध्यक्रम में आयुष बदोनी बिना खाता खोले आउट हो गए, लेकिन कप्तान तिलक वर्मा ने जिम्मेदारी संभालते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। तिलक ने 73 गेंदों में 66 रन बनाए और अपनी पारी में पांच चौके जड़े। उन्होंने पारी को स्थिरता प्रदान करने के साथ-साथ अंतिम ओवरों में रन गति भी बनाए रखी।

    अंतिम ओवरों में सूर्यांश शेडगे ने तेज बल्लेबाजी करते हुए 27 गेंदों में 40 रन बनाए। उनकी पारी में दो चौके और दो छक्के शामिल रहे। अनुकूल रॉय ने भी उपयोगी योगदान देते हुए 8 गेंदों में नाबाद 16 रन बनाए, जिसमें दो चौके और एक छक्का शामिल था। विपराज निगम ने तीन गेंदों पर आठ रन जोड़कर टीम के स्कोर को 349 तक पहुंचाने में मदद की।

    अफगानिस्तान ए की ओर से गेंदबाजी में अब्दुल्ला अहमदजई सबसे सफल रहे। उन्होंने 9 ओवर में 68 रन देकर पांच विकेट हासिल किए। फरमानुल्लाह साफी ने तीन विकेट झटके, जबकि कप्तान इमरान मीर को एक सफलता मिली।

    भारत ए के बल्लेबाजों के दमदार प्रदर्शन ने टीम को मुकाबले में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है। अब सभी की नजरें अफगानिस्तान ए की बल्लेबाजी पर होंगी कि वह इस विशाल लक्ष्य का पीछा किस तरह करती है।

  • तिलक वर्मा की कप्तानी और वैभव का विस्फोटक अंदाज, मुकाबला होगा रोमांचक

    तिलक वर्मा की कप्तानी और वैभव का विस्फोटक अंदाज, मुकाबला होगा रोमांचक


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट में इन दिनों जिस युवा खिलाड़ी की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह नाम है वैभव सूर्यवंशी। महज 15 साल की उम्र में आईपीएल 2026 में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से क्रिकेट जगत को चौंकाने वाले वैभव अब एक नई परीक्षा के लिए तैयार हैं। श्रीलंका में आयोजित त्रिकोणीय सीरीज में इंडिया-ए की ओर से खेलते हुए उन्हें यह साबित करना होगा कि वे सिर्फ टी20 क्रिकेट के स्टार नहीं, बल्कि लंबे प्रारूप में भी टीम के भरोसेमंद बल्लेबाज बन सकते हैं।

    दांबुला के रणगिरि दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में इंडिया-ए का पहला मुकाबला श्रीलंका-ए से होना है। इस मैच पर क्रिकेट प्रेमियों की खास नजर होगी क्योंकि पहली बार वैभव सूर्यवंशी 50 ओवर के प्रारूप में इतनी बड़ी जिम्मेदारी के साथ मैदान पर उतरेंगे। आईपीएल में उनके बल्ले ने जिस तरह गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाई थीं, उसी प्रदर्शन की उम्मीद अब इंडिया-ए के समर्थक भी कर रहे हैं।

    वैभव के लिए यह सीरीज सिर्फ रन बनाने का मंच नहीं, बल्कि अपने क्रिकेटिंग व्यक्तित्व को साबित करने का अवसर भी है। टी20 क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी करना और सीमित गेंदों में तेजी से रन जुटाना अलग बात है, लेकिन वनडे प्रारूप में धैर्य, तकनीक और परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालना कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। श्रीलंका की पिचें आमतौर पर स्पिन गेंदबाजों की मददगार मानी जाती हैं, जहां बल्लेबाजों को हर रन के लिए संघर्ष करना पड़ता है। ऐसे में वैभव की तकनीकी क्षमता और मानसिक मजबूती की असली परीक्षा होगी।

    चयनकर्ताओं की नजर भी इस युवा बल्लेबाज पर टिकी हुई है। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के साथ एशियाई खेलों के लिए भारतीय टी20 टीम में जगह बना चुके वैभव यदि इस सीरीज में भी सफल रहते हैं, तो उनके लिए भारतीय क्रिकेट के दरवाजे और तेजी से खुल सकते हैं। शानदार प्रदर्शन उन्हें भविष्य के तीनों प्रारूपों के खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर सकता है।

    हालांकि टीम की जिम्मेदारी सिर्फ वैभव पर नहीं होगी। कप्तान तिलक वर्मा के सामने भी अपनी नेतृत्व क्षमता और बल्लेबाजी कौशल साबित करने की चुनौती होगी। अनुभवी ऋतुराज गायकवाड़, प्रभसिमरन सिंह, आयुष बदोनी और अनुकूल रॉय जैसे खिलाड़ी टीम को मजबूती प्रदान करेंगे। वहीं गेंदबाजी विभाग में अंशुल कम्बोज, यश ठाकुर और अरशद खान विपक्षी बल्लेबाजों के लिए खतरा साबित हो सकते हैं।

    क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह त्रिकोणीय सीरीज भारतीय क्रिकेट के कई उभरते सितारों के लिए बड़ा मंच साबित हो सकती है। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा वैभव सूर्यवंशी को लेकर है। यदि उनका बल्ला श्रीलंका की धरती पर भी आईपीएल जैसा कहर बरपाता है, तो भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा सितारा मिल सकता है। अब सभी की निगाहें दांबुला के मैदान पर टिकी हैं, जहां युवा प्रतिभा अपने करियर का नया अध्याय लिखने उतरने वाली है।

  • तिलक पर सबसे बड़ी बोली, सीवी मिलिंद की कीमत ने क्रिकेट जगत को किया हैरान

    तिलक पर सबसे बड़ी बोली, सीवी मिलिंद की कीमत ने क्रिकेट जगत को किया हैरान


    नई दिल्ली। तेलंगाना क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय तब जुड़ गया जब रामोजी फिल्म सिटी स्थित प्रिंसेस कन्वेंशन सेंटर में टीजी20 लीग की पहली खिलाड़ी नीलामी का आयोजन किया गया। इस बहुप्रतीक्षित नीलामी में राज्य भर के 1,300 से अधिक एचसीए-पंजीकृत क्रिकेटरों ने हिस्सा लिया, जिन्हें आइकन, ए+ और ए कैटेगरी में विभाजित किया गया था। नीलामी ने न केवल अनुभवी और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को मंच दिया, बल्कि उभरते हुए स्थानीय प्रतिभाओं को भी अपनी पहचान बनाने का अवसर प्रदान किया।

    नीलामी का सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा रहे। आइकन कैटेगरी में शामिल तिलक वर्मा को मेदक फाल्कन्स ने 33 लाख रुपये की रिकॉर्ड बोली लगाकर अपनी टीम में शामिल किया। इसके साथ ही वे टीजी20 के पहले संस्करण के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए। तिलक पर लगी यह बोली उनके लगातार शानदार प्रदर्शन और बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है।

    हालांकि नीलामी का सबसे बड़ा सरप्राइज अनकैप्ड खिलाड़ी सीवी मिलिंद रहे। अन्विता खम्मम एसेस ने उन्हें 17 लाख रुपये में खरीदकर सभी का ध्यान आकर्षित किया। खास बात यह रही कि मिलिंद को भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज से भी अधिक कीमत मिली। सिराज को वारंगल वॉरियर्स ने 14 लाख रुपये में अपनी टीम का हिस्सा बनाया। इस नतीजे ने साबित किया कि फ्रेंचाइजी केवल बड़े नामों पर ही नहीं, बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं और टीम की जरूरतों के अनुसार भी निवेश कर रही हैं।

    आइकन कैटेगरी में कई अन्य चर्चित खिलाड़ियों पर भी अच्छी बोली लगी। रवि किरण को पालमुरु स्ट्राइकर्स, टी. रवितेजा को मेदक फाल्कन्स, तनाय त्यागराजन को प्रणव रंगा रेड्डी राइजर्स, राहुल बुद्धि को अनुराग नलगोंडा नाइट्स, तन्मय अग्रवाल को करीमनगर डायमंड्स और रोहित रायडू को पालमुरु स्ट्राइकर्स ने अपने साथ जोड़ा। इन खिलाड़ियों की मौजूदगी से लीग की प्रतिस्पर्धा और भी रोचक होने की उम्मीद है।

    ए+ कैटेगरी में भी कई खिलाड़ियों ने फ्रेंचाइजी का ध्यान खींचा। अमन राव, प्रज्ञय रेड्डी, अजय देव गौड़, नितिन साई यादव, एरन जॉर्ज और रक्षण रेड्डी जैसे खिलाड़ियों को विभिन्न टीमों ने चुनकर अपने स्क्वॉड को मजबूती प्रदान की। वहीं ए कैटेगरी में अरफाज अहमद और अभिरथ रेड्डी 11-11 लाख रुपये में बिककर संयुक्त रूप से सबसे महंगे खिलाड़ी बने। चंदन साहनी, प्रणव वर्मा और हिमा तेजा जैसे युवा खिलाड़ियों को भी आकर्षक बोली मिली।

    नीलामी प्रक्रिया का संचालन प्रसिद्ध खेल प्रस्तोता चारू शर्मा ने किया। इस दौरान सभी आठ फ्रेंचाइजी के मालिक, टीम प्रतिनिधि और लीग अधिकारी मौजूद रहे। टीजी20 लीग का पहला संस्करण 21 जून से राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, उप्पल में शुरू होगा। 21 दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में आठ टीमें कुल 32 मुकाबले खेलेंगी। आयोजकों को उम्मीद है कि यह लीग तेलंगाना के युवा क्रिकेटरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

  • टीम इंडिया की कप्तानी पर सस्पेंस, सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा में रेस तेज

    टीम इंडिया की कप्तानी पर सस्पेंस, सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा में रेस तेज


    नई दिल्ली। भारतीय टी20 क्रिकेट टीम में एक बार फिर नेतृत्व को लेकर बड़ा बदलाव देखने की संभावना बन रही है। मौजूदा कप्तान सूर्यकुमार यादव की कप्तानी फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानी जा रही है। हालांकि उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब अपने नाम किया था, लेकिन व्यक्तिगत फॉर्म में लगातार गिरावट ने चयनकर्ताओं की चिंता बढ़ा दी है।

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सूर्यकुमार यादव की कप्तानी का भविष्य अब पूरी तरह से टीम के हेड कोच गौतम गंभीर की राय और भूमिका पर निर्भर करता है। माना जा रहा है कि चयन समिति इस बात पर गंभीरता से विचार कर रही है कि यदि कोई खिलाड़ी बल्ले से लगातार योगदान नहीं दे पा रहा है, तो उसे कप्तानी की जिम्मेदारी कितनी उचित है।

    पिछले एक साल से सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा है। आईपीएल 2026 में भी उनका बल्ला खामोश रहा, जहां उन्होंने 12 पारियों में केवल 210 रन बनाए और उनका औसत 18 से भी कम रहा। इस खराब फॉर्म ने न सिर्फ उनके बल्लेबाजी स्थान को अस्थिर किया है, बल्कि कप्तानी पर भी दबाव बढ़ा दिया है।

    एक वरिष्ठ बीसीसीआई सूत्र के हवाले से कहा गया है कि चयनकर्ता इस बात पर सहमत दिख रहे हैं कि “अगर कोई खिलाड़ी अपनी जगह बल्लेबाज के रूप में पक्की नहीं कर पा रहा है, तो उसके लिए कप्तान बने रहना मुश्किल होता है।” हालांकि इस पूरे समीकरण में सबसे बड़ा फैक्टर गौतम गंभीर माने जा रहे हैं।

    गंभीर और सूर्यकुमार यादव के बीच संबंध काफी मजबूत बताए जाते हैं। यहां तक कि ‘SKY’ उपनाम भी गंभीर ने ही दिया था। टीम मैनेजमेंट में दोनों के बीच बेहतर समझ होने के कारण यदि गंभीर उनका समर्थन करते हैं, तो चयनकर्ता फिलहाल कोई बड़ा फैसला टाल सकते हैं।

    इसी बीच भविष्य की योजनाओं को लेकर भी बीसीसीआई 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक को ध्यान में रखकर नई रणनीति बना रहा है। इसी कारण कई युवा खिलाड़ियों को नेतृत्व भूमिकाओं में आजमाया जा रहा है।

    इस रेस में श्रेयस अय्यर का नाम मजबूत दावेदार के रूप में सामने आ रहा है। उनकी आक्रामक कप्तानी शैली और अनुभव चयनकर्ताओं को आकर्षित कर रहा है। हालांकि उनके और गौतम गंभीर के रिश्तों को लेकर भी क्रिकेट सर्कल में चर्चा बनी हुई है।

    वहीं शुभमन गिल को लेकर भी संभावनाएं बनी हुई हैं। खराब प्रदर्शन के चलते उन्हें टी20 टीम से बाहर रखा गया था, लेकिन कप्तानी में बदलाव की स्थिति में उनकी वापसी लगभग तय मानी जा रही है।

    सबसे दिलचस्प नाम तिलक वर्मा का सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार चयनकर्ता उन्हें भविष्य के कप्तान के रूप में देख रहे हैं। इसी कारण उन्हें इंडिया-ए टीम की कप्तानी सौंपी गई है, ताकि उनकी नेतृत्व क्षमता का आकलन किया जा सके।

    इसके अलावा संजू सैमसन, ईशान किशन और युवा प्रतिभा वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों के नाम भी भविष्य की योजनाओं में शामिल बताए जा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि टीम इंडिया की टी20 कप्तानी किस दिशा में जाती है और क्या सूर्यकुमार यादव अपनी कुर्सी बचा पाते हैं या नहीं।

  • तिलक वर्मा ने किया खुलासा, हार्दिक पांड्या के शब्दों ने बदला मैच का रुख और बढ़ाया आत्मविश्वास..

    तिलक वर्मा ने किया खुलासा, हार्दिक पांड्या के शब्दों ने बदला मैच का रुख और बढ़ाया आत्मविश्वास..


    नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने गुजरात टाइटंस को 99 रन से हराकर न सिर्फ अपनी जीत का खाता खोला बल्कि टीम के भीतर आत्मविश्वास और संयम की नई कहानी भी लिखी। इस मुकाबले में सबसे बड़ा आकर्षण रहा तिलक वर्मा का नाबाद शतक, जिसने टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया और विपक्षी टीम को पूरी तरह दबाव में ला दिया। मैच के बाद तिलक वर्मा ने कप्तान हार्दिक पांड्या के साथ क्रीज पर हुई बातचीत और उनके प्रेरक शब्दों का खुलासा किया, जिसने उनके प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई।

    तिलक वर्मा ने बताया कि जब वह बल्लेबाजी कर रहे थे और हार्दिक पांड्या उनके साथ क्रीज पर मौजूद थे, तो कप्तान लगातार उन्हें प्रोत्साहित कर रहे थे। हार्दिक का ऊर्जा से भरा अंदाज उन्हें और बेहतर खेलने के लिए प्रेरित कर रहा था। तिलक के अनुसार हार्दिक बार बार यह कह रहे थे कि तुम कर सकते हो, तुम करोगे। इस पर तिलक ने भी शांत रहकर अपने खेल पर ध्यान देने की बात कही और भरोसा दिलाया कि वह स्थिति को संभाल लेंगे। यह संवाद मैदान पर टीम के भीतर मौजूद विश्वास और सकारात्मक माहौल को दर्शाता है।

    तिलक ने यह भी स्वीकार किया कि पिछले कुछ मैचों में वह लंबे समय तक क्रीज पर नहीं टिक पाए थे, जिससे उनके मन में एक तरह का दबाव था। इस मैच में उनका लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा गेंदों का सामना करना और परिस्थिति के अनुसार अपने खेल को ढालना था। उन्होंने कहा कि इस बार उन्होंने धैर्य के साथ खेलते हुए टीम की जरूरत के अनुसार अपनी पारी को आगे बढ़ाया और यही उनकी सफलता की कुंजी बनी।

    अहमदाबाद की पिच को लेकर तिलक वर्मा ने बताया कि यह आमतौर पर काली मिट्टी की होती है, जो धीमी गति से खेलती है और बल्लेबाजों के लिए चुनौतीपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि इस बार भी पिच थोड़ी धीमी और नीची थी, इसलिए उन्हें अपने शॉट चयन में संयम रखना पड़ा। उन्होंने हालात को समझते हुए सीधे और सटीक शॉट खेलने पर ध्यान दिया, जिसका फायदा उन्हें शतक के रूप में मिला। तिलक ने यह भी कहा कि उन्हें नंबर तीन पर बल्लेबाजी करना सबसे ज्यादा पसंद है, हालांकि वह टीम की जरूरत के अनुसार किसी भी स्थान पर खेलने के लिए तैयार रहते हैं।

    तिलक वर्मा की नाबाद 101 रन की पारी की बदौलत मुंबई इंडियंस ने पांच विकेट पर 199 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में गुजरात टाइटंस की टीम केवल 100 रन पर ढेर हो गई और मुंबई ने यह मुकाबला बड़े अंतर से जीत लिया। इस प्रदर्शन के लिए तिलक वर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया। यह जीत मुंबई इंडियंस के लिए बेहद अहम रही क्योंकि लगातार हार के बाद यह टीम के आत्मविश्वास को फिर से मजबूत करने वाली साबित हुई।

  • उज्जैन में महाकाल के दरबार पहुंचे टीम इंडिया के स्टार तिलक वर्मा, बोले- वर्ल्ड कप जीत के बाद दर्शन का संकल्प था

    उज्जैन में महाकाल के दरबार पहुंचे टीम इंडिया के स्टार तिलक वर्मा, बोले- वर्ल्ड कप जीत के बाद दर्शन का संकल्प था


    नई दिल्ली। टी-20 वर्ल्ड कप विजेता भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज Tilak Varma सोमवार को Mahakaleshwar Temple में भगवान महाकाल के दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने मंदिर के नंदी हॉल में बैठकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और नंदी के कान में अपनी मनोकामना भी कही।तिलक वर्मा दोपहर करीब 2 बजे मंदिर पहुंचे। इस दौरान उनके साथ Parth Pawar समेत कुछ विधायक भी मौजूद थे। मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।

    चांदी द्वार से किया जलाभिषेक
    मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद तिलक वर्मा ने चांदी द्वार से भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया और आशीर्वाद लिया।दर्शन के बाद तिलक वर्मा ने कहा कि उन्होंने टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के लिए भगवान महाकाल से प्रार्थना की थी और संकल्प लिया था कि जीत के बाद उज्जैन आकर दर्शन करेंगे।

    श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
    महाकाल मंदिर में तिलक वर्मा के पहुंचने की खबर मिलते ही श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ गया और कई लोगों ने उनके साथ फोटो भी खिंचवाई।

    टी-20 वर्ल्ड कप जीत के बाद भारतीय क्रिकेटर तिलक वर्मा उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप जीतने की प्रार्थना पूरी होने के बाद भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेने आए हैं।