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  • शिवपुरी में तोमर बिल्डर्स के क्रेशर पर नियमों की अनदेखी, बिना अनुमति ब्लास्टिंग और अवैध उत्खनन का मामला

    शिवपुरी में तोमर बिल्डर्स के क्रेशर पर नियमों की अनदेखी, बिना अनुमति ब्लास्टिंग और अवैध उत्खनन का मामला


    शिवपुरी जिले: के परिच्छा गांव में सड़क निर्माण से जुड़ी कंपनी तोमर बिल्डर्स के क्रेशर पर खनन नियमों और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर की गई संयुक्त जांच में बिना अनुमति ब्लास्टिंग, स्वीकृत लीज क्षेत्र से बाहर करीब 7 हजार वर्गफीट जमीन पर उत्खनन और धूल नियंत्रण सहित सुरक्षा व्यवस्था में कमियां मिलने की बात सामने आई है। जांच दल अब अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेगा। इसके आधार पर कंपनी की लीज को लेकर कार्रवाई पर फैसला हो सकता है।

    गोरस-शिवपुरी सड़क का निर्माण कर रही तोमर बिल्डर्स को परिच्छा गांव के पास दो क्रेशर लीज पर दिए गए हैं। 18 अक्टूबर को यहां एक हादसा हुआ था। डंपर चालक हाइड्रोलिक डाला उठाकर वाहन ले जा रहा था, इसी दौरान बिजली के तार और तीन खंभे टूटकर गिर गए। करंट की चपेट में आने से आदिवासी बस्ती के 10 लोग झुलस गए थे। घटना के बाद ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए सड़क पर जाम लगा दिया था। इसके बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कराई।

    शुक्रवार शाम पोहरी के एसडीएम जेपी गुप्ता के नेतृत्व में तहसीलदार कल्पना शर्मा तथा खनिज, वन और पुलिस विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम क्रेशर पर पहुंची। जांच के दौरान टीम को खनन संबंधी अनुमति और सुरक्षा नियमों के पालन में कमियां मिलीं। जांच में सामने आया कि क्रेशर पर प्रशासनिक और खनिज विभाग की अनुमति के बिना ब्लास्टिंग की जा रही थी। इसके अलावा स्वीकृत लीज की सीमा से बाहर करीब 7 हजार वर्गफीट क्षेत्र में उत्खनन किए जाने की जानकारी भी सामने आई।

    जांच दल को क्रेशर परिसर में सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण के इंतजाम भी अपर्याप्त मिले। लीज क्षेत्र की सीमाएं स्पष्ट करने के लिए जरूरी मुनारे नहीं लगाए गए थे। परिसर की सीमा के आसपास तार फेंसिंग की व्यवस्था भी नहीं मिली, जिससे दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है। क्रेशर से निकलने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए पानी का छिड़काव नहीं किए जाने की बात भी जांच में सामने आई। इससे आसपास रहने वाले ग्रामीणों को परेशानी होने की आशंका जताई गई है।

    एसडीएम ने कंपनी के प्रतिनिधि को सुरक्षा और नियमों से जुड़ी कमियों में सुधार करने के निर्देश दिए हैं। संयुक्त जांच दल विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर कलेक्टर को भेज रहा है। रिपोर्ट के आधार पर लीज की शर्तों के उल्लंघन और अन्य अनियमितताओं को लेकर प्रशासन आगे का निर्णय ले सकता है। नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित प्रावधानों के तहत जुर्माना, खनन गतिविधियों पर रोक या लीज निलंबित करने जैसी कार्रवाई संभव है। हालांकि, फिलहाल लीज निरस्त करने का कोई आदेश जारी होने की जानकारी नहीं है।

    दूसरी ओर, तोमर बिल्डर्स के महाप्रबंधक संतोष सिन्हा ने प्रशासनिक जांच को नियमित जांच बताया है। उनका कहना है कि कंपनी सभी काम आवश्यक अनुमति लेकर कर रही है। कंपनी के दावे और जांच दल को मिली अनियमितताओं के बीच अब प्रशासन की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। कलेक्टर अर्पित वर्मा रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई पर निर्णय ले सकते हैं।

  • MP: विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने की Gen-Z की बजाय युवाओं को तरुण भारत कहने की वकालत

    MP: विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने की Gen-Z की बजाय युवाओं को तरुण भारत कहने की वकालत


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर (Assembly Speaker Narendra Singh Tomar) ने ‘Gen-Z’ के बजाय ‘तरुण भारत’ (‘Tarun Bharat’) शब्द का इस्तेमाल करने की वकालत की. उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी का खुले मन से स्वागत किया जाना चाहिए क्योंकि बदलाव जीवन का एक स्वाभाविक हिस्सा है।

    इंदौर में स्टेट प्रेस क्लब द्वारा आयोजित भारतीय पत्रकारिता से जुड़े एक कार्यक्रम में तोमर ने कहा, “आज हर जगह ‘Gen-Z’ की चर्चा हो रही है, लेकिन मेरा आग्रह है कि ‘Gen-Z’ शब्द के बजाय अगर हम ‘तरुण भारत’ शब्द का इस्तेमाल करें, तो यह कहीं बेहतर होगा.”

    उन्होंने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी देश और विदेश में उल्लेखनीय काम कर रही है, जिससे हर कोई हैरान है. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि मौजूदा समय पीढ़ियों के बदलाव का दौर है. ऐसे में हम सभी को अपनी सोच का दायरा बढ़ाना चाहिए, नए पहलुओं पर गौर करना चाहिए और उस पीढ़ी का स्वागत और सम्मान करना चाहिए जो भविष्य में हमसे कमान संभालेगी.”

    बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि पीढ़ीगत अंतर हो सकता है, लेकिन ऐसा मानने का कोई कारण नहीं है कि युवा पीढ़ी हमेशा गलत दिशा में ही सोचेगी. उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपराएं बदलाव को प्रकृति का नियम मानती हैं और हर दौर में बदलाव एक स्वाभाविक प्रक्रिया रही है।

    पुराने मुगल शासकों का जिक्र करते हुए तोमर ने कहा कि ऐसी संस्कृतियां भी रही हैं जिनमें बेटा साम्राज्य पाने के लिए अपने ही पिता को कैद कर लेता था. उन्होंने कहा, “कुछ लोग जनता को गुमराह करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन मैं पूरे भरोसे के साथ कह सकता हूं कि देश के युवाओं ने पिछले 10-15 सालों में पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा प्रयोग किए हैं. युवाओं की इस उपलब्धि पर हम जितना भी गर्व करें, कम है।

    तोमर ने पीएम मोदी के नेतृत्व की तारीफ की और कहा कि भारत को वैश्विक पहचान मिली है, जबकि भारतीय युवा वैश्विक अर्थव्यवस्था में अहम योगदान दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि विदेशों में प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों में शामिल होने वाले भारतीय मूल के बड़ी संख्या में युवा सदस्य, विकसित देशों की तरक्की में भारतीयों के योगदान को दिखाते हैं।


    स्टार्ट-अप क्रांति में युवाओं का योगदान

    पूर्व केंद्रीय मंत्री ने मोदी के नेतृत्व में भारत की स्टार्ट-अप यात्रा का भी जिक्र किया. उन्होंने आगे कहा, “जब हम सरकार में आए थे, तब देश में सिर्फ 300-400 स्टार्ट-अप हुआ करते थे. आज कॉम्पिटिशन की वजह से हजारों स्टार्ट-अप हैं. इन स्टार्ट-अप्स में वही युवा हैं जिन्हें आप ‘जेन-जी’ कहते हैं, जबकि मैं उन्हें ‘तरुण भारत’ कहता हूं।

    बता दें कि ‘Gen-Z’ का मतलब उस पीढ़ी से है जो मुख्य रूप से 1997 और 2012 के बीच पैदा हुई थी. देश में अलग-अलग मुद्दों पर बढ़ते युवा आंदोलनों के बीच राजनीतिक चर्चाओं में इस शब्द का इस्तेमाल बढ़ा है।

  • उज्जैन में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने किए महाकालेश्वर के दर्शन, सुख-शांति के लिए की विशेष प्रार्थना

    उज्जैन में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने किए महाकालेश्वर के दर्शन, सुख-शांति के लिए की विशेष प्रार्थना

    मध्य प्रदेश।  विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान महाकाल के दर्शन किए। उन्होंने मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजन-अर्चन किया और मध्य प्रदेश समेत पूरे देश में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की।

    उज्जैन की धार्मिक पहचान भगवान महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग से जुड़ी हुई है। इसी आस्था के केंद्र में विधानसभा अध्यक्ष के पहुंचने पर मंदिर परिसर में निर्धारित व्यवस्थाओं के अनुसार उनका स्वागत किया गया। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने उनका स्वागत और सत्कार किया।

    मंदिर पहुंचने के बाद नरेंद्र सिंह तोमर ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। उन्होंने पूजा की विभिन्न प्रक्रियाओं में हिस्सा लेते हुए प्रदेश और देशवासियों के कल्याण की कामना की। पूजन के दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश में सुख-शांति और समृद्धि बनाए रखने के लिए भगवान महाकाल से प्रार्थना की।

    दर्शन के बाद नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि बाबा महाकाल के दर्शन करने का सौभाग्य उन्हें प्राप्त हुआ है। उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि मध्य प्रदेश और देश में सुख-समृद्धि बनी रहे तथा सभी प्रदेशवासियों का कल्याण हो।

    उन्होंने उज्जैन को आस्था और धार्मिक परंपराओं की महत्वपूर्ण नगरी बताते हुए कहा कि बाबा महाकाल की नगरी में आकर दर्शन करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। मंदिर में दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं में भी उत्साह का माहौल दिखाई दिया।

    नरेंद्र सिंह तोमर का यह दौरा ऐसे समय हुआ जब उज्जैन लगातार धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। महाकालेश्वर मंदिर में देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु नियमित रूप से दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

    विधानसभा अध्यक्ष के मंदिर दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी सख्त रखी गई थी। मंदिर परिसर और आसपास पुलिस तथा सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। अधिकारियों और कर्मचारियों ने निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत व्यवस्थाओं को संभाला।

    दर्शन और पूजन के दौरान मंदिर की सामान्य व्यवस्थाओं को भी बनाए रखा गया। श्रद्धालुओं की आवाजाही तथा धार्मिक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित होती रहीं। मंदिर प्रबंध समिति के अधिकारी और कर्मचारी भी इस दौरान मौजूद रहे।

    पूजन कार्यक्रम पूरा होने के बाद नरेंद्र सिंह तोमर मंदिर परिसर से रवाना हो गए। उनके दौरे के दौरान मुख्य रूप से धार्मिक आस्था और प्रदेश तथा देश की खुशहाली की कामना पर जोर रहा।

    महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के बाद उन्होंने एक बार फिर प्रदेशवासियों के कल्याण और देश में सुख-समृद्धि की कामना दोहराई। उनका यह धार्मिक दौरा उज्जैन की धार्मिक परंपरा और जनप्रतिनिधियों की आस्था से जुड़ा कार्यक्रम रहा।