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  • दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन कल से, 15 हजार पुलिसकर्मी तैनात, मोदी ने कहा- सकारात्मक चर्चा की उम्मीद

    दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन कल से, 15 हजार पुलिसकर्मी तैनात, मोदी ने कहा- सकारात्मक चर्चा की उम्मीद


    नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए तैयार है। 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में होने वाले सम्मेलन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। करीब 15 हजार दिल्ली पुलिसकर्मी, पैरामिलिट्री की 200 कंपनियां और 500 से ज्यादा CCTV कैमरे सुरक्षा में लगाए गए हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार सुबह दिल्ली पहुंच चुके हैं, जबकि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शनिवार को भारत पहुंचेंगे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS नेताओं के भारत पहुंचने से पहले एक्स पर संदेश जारी कर सम्मेलन से सार्थक चर्चा की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में दुनिया के कई नेता BRICS Summit के लिए जुटेंगे और विश्व कल्याण की भावना के साथ वैश्विक मुद्दों पर सकारात्मक एवं सार्थक विचार-विमर्श होगा।

    35 से ज्यादा सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित
    BRICS सम्मेलन के चलते दिल्ली में आज से 13 सितंबर तक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में बदलाव रहेगा। पुलिस के मुताबिक शहर पूरी तरह बंद नहीं रहेगा, लेकिन VVIP काफिलों की आवाजाही के दौरान कुछ समय के लिए रास्ते रोके जा सकते हैं।

    मथुरा रोड, शांति पथ, जनपथ, अशोक रोड, बाराखंभा रोड और तीन मूर्ति मार्ग समेत 35 से ज्यादा प्रमुख सड़कों पर असर पड़ने की संभावना है। नोएडा से सेंट्रल दिल्ली और द्वारका से एयरपोर्ट जाने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हर दिन करीब 70 से 80 हाई सिक्योरिटी मूवमेंट होने का अनुमान है। ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए करीब 4,800 ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

    मेट्रो सामान्य, स्कूलों में छुट्टी
    दिल्ली मेट्रो सामान्य रूप से चलती रहेगी। बस, ऑटो और टैक्सी सेवाएं भी जारी रहेंगी, हालांकि कुछ रूट में बदलाव किया जा सकता है। UPSC और NDA परीक्षार्थियों के साथ अस्पताल जाने वाले लोगों को घर से पर्याप्त समय पहले निकलने की सलाह दी गई है। मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में ट्रैफिक पुलिस को तत्काल सूचना देने को कहा गया है।

    सम्मेलन के मद्देनजर आज स्कूलों में छुट्टी है। वहीं कनॉट प्लेस का बाजार खुला रहेगा, जबकि मेट्रो म्यूजियम और राष्ट्रपति भवन 13 सितंबर तक बंद रहेंगे।

    मोदी-पुतिन मुलाकात पर नजर
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात आज दोपहर प्रस्तावित है। बातचीत में रक्षा, ऊर्जा और परमाणु सहयोग जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से भी मुलाकात करेंगे। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार शाम प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में सीमा विवाद और व्यापार से जुड़े मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहने की संभावना है।

    कई देशों के नेता होंगे शामिल
    BRICS सम्मेलन में दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इंडोनेशिया, मलेशिया और इथियोपिया समेत कई देशों के नेता हिस्सा लेंगे। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी सम्मेलन में शामिल होंगे। सम्मेलन के अंत में ‘न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन’ जारी किया जाएगा। फिलीपींस की विदेश मामलों की सचिव मा. थेरेसा पी. लाजारो भी BRICS Summit 2026 में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंच चुकी हैं।

    पुरी में सैंड आर्ट से विदेशी मेहमानों का स्वागत
    BRICS नेताओं के भारत आगमन के मौके पर पुरी के कलाकार मानस कुमार साहू ने सैंड आर्ट तैयार कर उनका अभिनंदन किया। रेत से बनाई गई इस कलाकृति के जरिए भारत की ओर से BRICS देशों के नेताओं का स्वागत किया गया।

    संस्कृत श्लोक से दिया संवाद और मित्रता का संदेश
    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में संस्कृत श्लोक के जरिए अच्छे लोगों की संगति, संवाद और मित्रता का महत्व भी बताया। श्लोक का भावार्थ है कि सज्जनों के साथ चलना, उनकी संगति करना और उनके साथ संवाद व मित्रता रखना चाहिए, जबकि बुरे लोगों से संबंध नहीं रखना चाहिए।

  • कल से शुरू होगी जगन्नाथ रथ यात्रा…. सोने की झाड़ू से होती है यात्रा मार्ग की सफाई, जानें इसकी वजह

    कल से शुरू होगी जगन्नाथ रथ यात्रा…. सोने की झाड़ू से होती है यात्रा मार्ग की सफाई, जानें इसकी वजह


    पुरी।
    ‘जगन्नाथ रथ यात्रा 2026’ (Jagannath Rath Yatra 2026) का शुभारंभ 16 जुलाई से होने जा रहा है. हिंदू धर्म (Hinduism) में भगवान जगन्नाथ (Lord Jagannath) की रथ यात्रा सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक आयोजनों में गिनी जाती है. इस रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के साथ भव्य रथों पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलते हैं. इस रथ यात्रा में एक बड़ी ही अनोखी और विशेष परंपरा निभाई जाती है, जो वहां मौजूद हर एक शख्स का ध्यान खींचती है।

    रथ यात्रा के दौरान गजपति महाराज या उनके राजवंश के उत्तराधिकारी झाड़ू लेकर रथ के मार्ग की सफाई करते हैं. ये झाड़ू बहुत ही खास होती है, जिसमें सोने का हत्था लगा होता है. इसी से रथ मार्ग की सफाई की जाती है. इसके बाद वैदिक मंत्रों और जयघोष के बीच रथ यात्रा का शुभारंभ होता है. आइए जानते हैं कि रथ यात्रा के मार्ग को साफ करने के लिए सोने की झाड़ू का प्रयोग क्यों किया जाता है।

    1. जगन्नाथ रथ यात्रा में सोने की झाड़ू से मार्ग की सफाई केवल एक औपचारिक रस्म नहीं, बल्कि गहरी आध्यात्मिक भावना का प्रतीक मानी जाती है. हिंदू परंपरा में सोने को शुद्धता, पवित्रता और दिव्यता का प्रतीक माना गया है. इसलिए भगवान के रथ के मार्ग को सोने के हत्थे वाली झाड़ू से साफ करना उनके स्वागत और सम्मान का विशेष तरीका माना जाता है।

    3. यह परंपरा यह संदेश भी देती है कि ईश्वर की दृष्टि में हर व्यक्ति समान है. क्या राजा और क्या प्रजा. गजपति महाराज स्वयं झाड़ू लगाकर यह दर्शाते हैं कि ईश्वर के सामने राजा और सामान्य व्यक्ति में कोई भेद नहीं होता है. यह विनम्रता, सेवा और समर्पण की सर्वोच्च प्रतीक है।

    3. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोना सौभाग्य, समृद्धि और शुभता का भी प्रतीक है. इसलिए इस पवित्र अनुष्ठान को सकारात्मक ऊर्जा और मंगलमय वातावरण का माध्यम माना जाता है. श्रद्धालु ऐसा मानते हैं कि इस परंपरा के दर्शन और सहभागिता से भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त होता है. यह परंपरा कई पीढ़ियों से निरंतर निभाई जा रही है और आज भी रथ यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।

  • देशभर में कल मनाई जाएगी आषाढ़ अमावस्या…. जानें स्नान-दान और पूजन का मुहूर्त

    देशभर में कल मनाई जाएगी आषाढ़ अमावस्या…. जानें स्नान-दान और पूजन का मुहूर्त


    नई दिल्ली।
    हिंदू धर्म में आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या (Ashadh Amavasya 2026) तिथि का विशेष महत्व है. इस वर्ष आषाढ़ अमावस्या (Ashadh Amavasya 2026) पर मंगलवार का संयोग होने के कारण इसे भौमवती अमावस्या (Bhaumvati Amavasya) भी कहा जा रहा है, जो इसके महत्व को दोगुना कर देता है. इस बार आषाढ़ अमावस्या 14 जुलाई को मनाई जाएगी. पितरों के तर्पण, कालसर्प दोष निवारण, मंगल दोष की शांति और दान-पुण्य के लिए यह दिन बेहद उत्तम माना गया है।


    आषाढ़ अमावस्या तिथि (Ashadh Amavasya Date)

    द्रिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ अमावस्या की तिथि 13 जुलाई को शाम 6 बजकर 50 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 14 जुलाई को दोपहर 3 बजकर 14 मिनट पर होगा। इस दिन स्नान व दान का मुहूर्त सुबह 4 बजकर 30 मिनट से शुरू होगा और सुबह 5 बजकर 32 मिनट तक रहेगा।


    आषाढ़ अमावस्या पूजन विधि (Ashadh Amavasya Pujan Vidhi)

    सुबह सूर्योदय से पूर्व किसी पवित्र नदी, जलाशय या गंगाजल मिले हुए पानी से स्नान करें और सूर्य देव को अर्घ्य दें. फिर, तांबे के पात्र में पानी, गंगाजल, काले तिल, दूध और कुशा लेकर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितरों का तर्पण करें. इसके बाद घर के मंदिर में दीपक जलाएं. भौमवती अमावस्या होने के कारण इस दिन हनुमान जी और मंगल देव की विशेष पूजा करें. हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करना शुभ रहेगा. पितरों के निमित्त घर में सात्विक भोजन बनाएं. अग्नि में गाय के कंडे (उपले) पर घी, गुड़ और भोजन का भोग लगाएं. भोजन का कुछ हिस्सा गाय, कौए, कुत्ते, चींटियों और ब्राह्मण के लिए निकालें. मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या पर पितर कौए या अन्य रूपों में आकर अन्न ग्रहण करते हैं।


    इस दिन क्या दान करें?

    अमावस्या तिथि पर किया गया दान अक्षय पुण्य प्रदान करता है. इस दिन अन्न और जल जैसे गेहूं, चावल, सत्तू, या मौसमी फल. काले तिल, छाता, चप्पल या सूती वस्त्र जैसे चीजें दान की जा सकती हैं।

    आषाढ़ अमावस्या का महत्व
    – पितृ दोष से मुक्तिः-
    जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष होता है, उनके लिए आषाढ़ अमावस्या पर पिंड दान, तर्पण और अन्नदान करना अमोघ उपाय माना गया है. इससे अतृप्त पितर प्रसन्न होकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं.

    – ग्रह दोष शांति :- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अमावस्या के स्वामी शनि देव हैं. इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव कम होता है. साथ ही, मंगलवार का संयोग होने से राहू-केतु और मंगल के अशुभ प्रभावों से राहत मिलती है.

  • PM मोदी कल PM-VBRY के तहत वितरित करेंगे 2400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    PM मोदी कल PM-VBRY के तहत वितरित करेंगे 2400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) शुक्रवार को विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) (Pradhan Mantri Viksit Bharat Rojgar Yojana-PM-VBRY) के तहत करीब 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण करेंगे।

    केंद्र सरकार की इस खास योजना का मकसद देश में नए रोजगार पैदा करना, नौकरियों को औपचारिक रूप देना और युवाओं की कार्यक्षमता को बढ़ाना है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, इस योजना का लक्ष्य हर क्षेत्र के श्रमिकों तक सामाजिक सुरक्षा का लाभ पहुंचाना है। योजना के जरिये अब तक देशभर में 15 लाख नए रोजगार के मौके तैयार किए जा चुके हैं। पीएम-वीबीआरवाई को इस तरह बनाया गया है कि यह श्रमिकों और नियोक्ताओं (कंपनियों) दोनों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करे।


    पहली नौकरी पर मिलेंगे 15,000

    योजना के तहत पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारियों को 15,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जिससे उन्हें अपने कॅरियर की शुरुआत में महत्वपूर्ण मदद मिलती है।

    वहीं, जो कंपनियां अपने यहां अतिरिक्त रोजगार पैदा करती हैं, उन्हें हर नए कर्मचारी पर प्रति माह 3,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, ताकि निरंतर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिले। विनिर्माण क्षेत्र की कंपनियां चार साल तक , जबकि अन्य सभी क्षेत्रों की कंपनियां दो साल तक इसका लाभ उठा सकती हैं।

    दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम को पीएम नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे और डिजिटल माध्यम से राशि वितरित करेंगे। इसके बाद देशभर के कार्यालय ऑनलाइन माध्यम से जुड़ेंगे और अपने अधीन जिलों के लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र देंगे। ईपीएफओ क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से आईजीपी में होने वाले राज्यस्तरीय कार्यक्रम में प्रदेशभर से 1200 कर्मचारियों और 300 कंपनियों को आमंत्रित किया गया है। अन्य सभी कर्मचारियों को उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रोत्साहन राशि भेजी जाएगी। लखनऊ परिक्षेत्र के छह जिलों से योजना के तहत 4800 कंपनियों ने पंजीकरण कराया है। 60 हजार नए कर्मचारी जोडे़ गए हैं और 1.3 लाख कर्मी दोबारा सेवा में आए हैं।

  • देशभर में कल 5 घंटे हड़ताल पर रहेंगे गिग वर्कर्स…. पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से भड़के, दी चेतावनी

    देशभर में कल 5 घंटे हड़ताल पर रहेंगे गिग वर्कर्स…. पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से भड़के, दी चेतावनी


    नई दिल्ली।
    देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol and Diesel Prices) में लगभग 3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद ऑनलाइन डिलीवरी (Online delivery.) और ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं (App based Taxi services) से जुड़े गिग वर्कर्स (Gig Workers) के सामने एक नया आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पिछले करीब चार वर्षों में देशव्यापी स्तर पर ईंधन की कीमतों में यह पहली बड़ी बढ़ोतरी है। इसके विरोध में गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन रविवार दोपहर 12:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक ऐप-आधारित सेवाओं को पूरी तरह से बंद रखने का एलान किया है। यूनियन ने कंपनियों से प्रति किलोमीटर सर्विस रेट में तत्काल बढ़ोतरी करने की मांग की है।

    यूनियन ने चेतावनी दी है कि ईंधन के दामों में हुई इस वृद्धि से देश के लगभग 1.2 करोड़ गिग वर्कर्स बुरी तरह प्रभावित होंगे, जो अपनी दैनिक आजीविका के लिए पूरी तरह मोटरसाइकिल और स्कूटर पर निर्भर हैं। आपको बता दें कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मिडिल ईस्ट में जारीतनाव को इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह बताया जा रहा है।


    LPG संकट ने दोगुनी की मुसीबत

    ईंधन की मार के साथ-साथ चल रहे एलपीजी संकट ने गिग वर्कर्स की कमर तोड़ दी है। एलपीजी की किल्लत के कारण कई रेस्तरां और क्लाउड किचन ने या तो अपनी सेवाएं सीमित कर दी हैं या वे अस्थायी रूप से बंद हो गए हैं। भोजन की आपूर्ति ठप होने से फूड डिलीवरी के ऑर्डर वॉल्यूम में 50% से 70% तक की भारी गिरावट आई है। यह स्थिति उन डिलीवरी पार्टनर्स के लिए बेहद गंभीर है, जिनकी दैनिक कमाई पूरी तरह से ऑर्डरों की अधिक संख्या पर मिलने वाले इंसेंटिव पर टिकी होती है।


    20 प्रति किलोमीटर का न्यूनतम रेट तय हो

    GIPSWU की अध्यक्ष सीमा सिंह ने इस ईंधन बढ़ोतरी को महंगाई और भीषण गर्मी से जूझ रहे श्रमिकों पर सीधा प्रहार बताया है। उन्होंने कहा, “Swiggy, Zomato, Blinkit और अन्य कंपनियों के डिलीवरी वर्कर्स अब इस बढ़े हुए खर्च का बोझ उठाने की स्थिति में बिल्कुल नहीं हैं। हम सरकार और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से मांग करते हैं कि वर्कर्स के लिए कम से कम 20 प्रति किलोमीटर का न्यूनतम सर्विस रेट तय किया जाए।”

    यूनियन ने आगाह किया कि यदि ईंधन और वाहनों के रखरखाव के खर्च के अनुपात में कमाई नहीं बढ़ी, तो कई कर्मचारी इस सेक्टर को छोड़ने के लिए मजबूर हो जाएंगे। रिपोर्ट के अनुसार, इस संकट का सबसे बुरा असर महिला गिग वर्कर्स, डिलीवरी एजेंटों और ड्राइवरों पर पड़ रहा है, जिनमें से कई विपरीत मौसम और भारी ट्रैफिक के बीच रोजाना 10 से 14 घंटे काम करते हैं।

    कल होने वाले 5 घंटे के इस शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में कई प्रमुख प्लेटफॉर्म्स से जुड़े वर्कर्स के शामिल होने की उम्मीद है। Swiggy, Zomato, Blinkit, Zepto, Ola, Uber और Rapido सर्विस पर इसका असर दिखेगा। नीति आयोग के अनुमानों के मुताबिक, चुनौतियों के बावजूद इस सेक्टर का विस्तार तय है। 2020-21 में भारत में गिग वर्कर्स की संख्या 77 लाख थी। वर्ष 2029-30 तक इसके बढ़कर 2.3 करोड़ से अधिक होने का अनुमान है।