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  • आईआरसीटीसी में पर्यटन मॉनिटर के 9 पदों पर भर्ती, 8 और 9 सितंबर को वॉक-इन इंटरव्यू, जानें योग्यता और वेतन

    आईआरसीटीसी में पर्यटन मॉनिटर के 9 पदों पर भर्ती, 8 और 9 सितंबर को वॉक-इन इंटरव्यू, जानें योग्यता और वेतन

    नई दिल्ली । इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन ने पर्यटन क्षेत्र में काम करने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए भर्ती का अवसर जारी किया है। कंपनी ने संविदा के आधार पर पर्यटन मॉनिटर के कुल नौ पदों को भरने के लिए अधिसूचना जारी की है। इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति दो वर्ष की अवधि के लिए की जाएगी। उपलब्ध पदों में छह रिक्तियां कॉरपोरेट ऑफिस और तीन पद नॉर्थ जोन के लिए निर्धारित किए गए हैं।

    इन पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन वॉक-इन इंटरव्यू, दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल फिटनेस के आधार पर किया जाएगा। चयन प्रक्रिया में सफल रहने वाले अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता और निर्धारित मानकों के अनुसार लगभग 30 हजार से 35 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त पद और नियमों के अनुसार अन्य लाभ तथा भत्ते भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

    पर्यटन मॉनिटर के पद के लिए शैक्षणिक योग्यता और कार्य अनुभव को महत्वपूर्ण रखा गया है। उम्मीदवार के पास पर्यटन विषय में तीन वर्ष की बैचलर डिग्री होनी चाहिए। इसके अलावा किसी भी विषय में तीन वर्ष की स्नातक डिग्री के साथ ट्रैवल एंड टूरिज्म में एक वर्ष का डिप्लोमा और टूर ऑपरेशन या ट्रैवल एजेंसी से जुड़े काम में कम से कम एक वर्ष का अनुभव रखने वाले उम्मीदवार भी पात्र होंगे।

    एक अन्य निर्धारित योग्यता के अनुसार किसी भी विषय में तीन वर्ष की बैचलर डिग्री के साथ ट्रैवल एंड टूरिज्म में दो वर्ष की पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री या डिप्लोमा रखने वाले अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकते हैं। इस श्रेणी में उम्मीदवार के पास टूर ऑपरेशन या ट्रैवल एजेंसी फर्म में कम से कम दो वर्ष का कार्य अनुभव होना आवश्यक है।

    आयु सीमा की बात करें तो उम्मीदवार की अधिकतम उम्र एक सितंबर 2026 को 35 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन से पहले अपनी शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और आयु संबंधी सभी निर्धारित शर्तों को ध्यान से जांच लें।

    वॉक-इन इंटरव्यू 8 और 9 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। दोनों दिनों इंटरव्यू का समय सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक निर्धारित किया गया है। इंटरव्यू का आयोजन आईआरसीटीसी नॉर्थ जोन कार्यालय, बी-148, 11वीं मंजिल, स्टेट्समैन हाउस, बाराखंबा रोड, कनॉट प्लेस, नई दिल्ली में किया जाएगा।

    इंटरव्यू में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को निर्धारित समय से पहले केंद्र पर पहुंचना होगा। उन्हें भरे हुए आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी के साथ शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, आयु और अन्य जरूरी दस्तावेजों की मूल प्रतियां तथा उनकी फोटोकॉपी साथ ले जानी होगी। इसके अलावा पासपोर्ट साइज फोटो भी रखना जरूरी होगा। इंटरव्यू से पहले अभ्यर्थियों का पंजीकरण और दस्तावेज सत्यापन किया जाएगा।

    आवेदन पत्र के लिए उम्मीदवार संबंधित भर्ती अधिसूचना में उपलब्ध फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं। फॉर्म का प्रिंट निकालने के बाद उसमें मांगी गई सभी जानकारियां सावधानीपूर्वक भरनी होंगी। उम्मीदवारों को यह आवेदन पत्र इंटरव्यू के दिन निर्धारित दस्तावेजों के साथ लेकर जाना होगा। भर्ती संविदा आधार पर होने के कारण उम्मीदवारों को नियुक्ति की अवधि और अन्य शर्तों को भी अधिसूचना के अनुसार समझना चाहिए।

  • फ्रेंडशिप डे को बनाएं यादगार, दोस्तों के साथ दिल्ली के इन लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर बिताएं खास पल

    फ्रेंडशिप डे को बनाएं यादगार, दोस्तों के साथ दिल्ली के इन लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर बिताएं खास पल

    नई दिल्ली । फ्रेंडशिप डे हर वर्ष मित्रता के रिश्ते को मजबूत बनाने और दोस्तों के साथ यादगार पल बिताने का विशेष अवसर लेकर आता है। इस दिन लोग अपने करीबी दोस्तों के साथ घूमने, बातचीत करने और नई यादें बनाने की योजना बनाते हैं। यदि इस बार आपने अभी तक कोई खास प्लान नहीं बनाया है, तो देश की राजधानी दिल्ली में ऐसी कई प्रसिद्ध जगहें हैं, जहां कम समय और कम बजट में भी शानदार आउटिंग की जा सकती है। इतिहास, संस्कृति, हरियाली और आधुनिक जीवनशैली का अनूठा मेल दिल्ली को फ्रेंडशिप डे मनाने के लिए एक बेहतरीन शहर बनाता है।

    दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए इंडिया गेट सबसे लोकप्रिय स्थानों में शामिल है। शाम के समय यहां का माहौल बेहद आकर्षक होता है। खुला परिसर, रोशनी से जगमगाता स्मारक और आसपास की चहल-पहल लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। यहां बैठकर बातचीत करना, समूह में तस्वीरें लेना और शाम की सैर करना इस दिन को और खास बना सकता है।

    प्राकृतिक वातावरण पसंद करने वालों के लिए लोधी गार्डन एक बेहतरीन विकल्प है। ऐतिहासिक इमारतों और घने पेड़ों से घिरा यह उद्यान शहर की भागदौड़ से दूर सुकून का अनुभव कराता है। यहां दोस्त पिकनिक का आनंद ले सकते हैं, आराम से बैठकर बातचीत कर सकते हैं और हरियाली के बीच यादगार पल बिता सकते हैं।

    कनॉट प्लेस भी युवाओं की पहली पसंद माना जाता है। यहां मौजूद कैफे, रेस्तरां, पुस्तकालय, शॉपिंग आउटलेट और स्ट्रीट फूड लोगों को आकर्षित करते हैं। दोस्त यहां खरीदारी करने के साथ-साथ अपने पसंदीदा कैफे में बैठकर समय बिता सकते हैं। शाम के समय यहां का जीवंत वातावरण पूरे दिन को यादगार बना देता है।

    यदि आप कुछ अलग अनुभव करना चाहते हैं, तो मजनू का टीला भी शानदार विकल्प हो सकता है। तिब्बती संस्कृति, स्थानीय बाजार, आकर्षक कैफे और अलग-अलग तरह के व्यंजन इस जगह की खास पहचान हैं। यहां दोस्तों के साथ घूमना और नए स्वादों का आनंद लेना फ्रेंडशिप डे को और भी खास बना सकता है।

    दिल्ली हाट भी इस अवसर पर घूमने के लिए उपयुक्त स्थानों में गिना जाता है। यहां देश के विभिन्न राज्यों की हस्तशिल्प कला, पारंपरिक वस्तुएं और स्थानीय व्यंजन एक ही स्थान पर देखने को मिलते हैं। दोस्तों के साथ खरीदारी करने और अलग-अलग राज्यों के स्वाद का आनंद लेने का अनुभव इस दिन को लंबे समय तक यादगार बना सकता है।

    हौज खास विलेज और कुतुब मीनार परिसर भी घूमने के लिए बेहतरीन विकल्प हैं। हौज खास में झील, ऐतिहासिक धरोहर और आधुनिक कैफे का अनूठा संगम देखने को मिलता है, जबकि कुतुब मीनार परिसर इतिहास और वास्तुकला में रुचि रखने वाले लोगों को आकर्षित करता है। इन स्थानों पर घूमते हुए फोटोग्राफी का आनंद भी लिया जा सकता है।

    फ्रेंडशिप डे का महत्व केवल घूमने-फिरने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दोस्तों के साथ बिताए गए अनमोल समय का उत्सव है। चाहे आप किसी पार्क में बैठकर पुरानी यादें साझा करें, किसी ऐतिहासिक स्थल की सैर करें या किसी कैफे में साथ भोजन करें, ऐसे पल रिश्तों को और मजबूत बनाते हैं। सही योजना और अच्छी संगत इस खास दिन को लंबे समय तक याद रखने लायक बना सकती है।

  • पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए दुबई का बड़ा दांव, रेफरल कार्यक्रम के तहत होटल, भोजन और पर्यटन सुविधाओं पर मिलेगा आकर्षक डिस्काउंट

    पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए दुबई का बड़ा दांव, रेफरल कार्यक्रम के तहत होटल, भोजन और पर्यटन सुविधाओं पर मिलेगा आकर्षक डिस्काउंट


    नई दिल्ली ।
    संयुक्त अरब अमीरात के प्रमुख शहर दुबई ने पर्यटन गतिविधियों को गति देने और अधिक अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से एक नई प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इस पहल के तहत दुबई में रहने वाले लोग यदि अपने दोस्तों या परिवार के सदस्यों को शहर घूमने के लिए आमंत्रित करते हैं, तो उन्हें 3,000 दिरहम से अधिक मूल्य के विशेष लाभ और छूट उपलब्ध कराई जाएगी। भारतीय मुद्रा में इन लाभों का मूल्य लगभग 80 हजार रुपये के बराबर माना जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र में फिर से तेजी लाना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।

    नई योजना के तहत दुबई के निवासी ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से अपने परिचितों को आमंत्रित कर सकेंगे। आमंत्रित मेहमानों को होटल में ठहरने, रेस्तरां में भोजन, प्रमुख पर्यटन स्थलों के प्रवेश टिकट तथा अन्य मनोरंजन सेवाओं पर विशेष लाभ प्रदान किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि स्थानीय निवासियों की भागीदारी से अधिक संख्या में पर्यटक दुबई पहुंचेंगे और पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी।

    यह कार्यक्रम 20 जुलाई से शुरू होकर 31 अक्टूबर तक लागू रहेगा। यह अवधि ऐसे समय को ध्यान में रखकर तय की गई है जब दुबई में भीषण गर्मी के कारण सामान्य रूप से पर्यटकों की संख्या अपेक्षाकृत कम रहती है। गर्मियों के दौरान तापमान कई बार 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, जिससे पर्यटन गतिविधियां प्रभावित होती हैं। ऐसे में यह योजना ऑफ-सीजन के दौरान पर्यटकों की संख्या बढ़ाने का प्रयास मानी जा रही है।

    पिछले कुछ महीनों में पश्चिम एशिया में बढ़े क्षेत्रीय तनाव और संघर्षों का प्रभाव पर्यटन उद्योग पर भी पड़ा है। खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर बनी चिंताओं के कारण कई पर्यटकों ने अपनी यात्राएं स्थगित कर दीं या अन्य गंतव्यों का रुख किया। इसका असर होटल, रेस्तरां, परिवहन और मनोरंजन उद्योग सहित पर्यटन से जुड़े अनेक क्षेत्रों पर देखने को मिला। नई योजना के जरिए प्रशासन इस गिरावट की भरपाई करने का प्रयास कर रहा है।

    दुबई लंबे समय से दुनिया के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल रहा है। आधुनिक बुनियादी ढांचा, ऊंची इमारतें, लक्जरी होटल, समुद्री तट, रेगिस्तानी पर्यटन और विश्वस्तरीय मनोरंजन सुविधाएं इसे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के बीच विशेष पहचान दिलाती हैं। हर वर्ष करोड़ों पर्यटक यहां पहुंचते हैं, जिससे पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बना हुआ है। यही कारण है कि पर्यटकों की संख्या बनाए रखना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि रेफरल आधारित यह मॉडल पर्यटन उद्योग के लिए प्रभावी साबित हो सकता है। जब स्थानीय निवासी अपने परिचितों को व्यक्तिगत रूप से किसी स्थान पर आने के लिए प्रेरित करते हैं, तो यात्रियों का विश्वास बढ़ता है और यात्रा का निर्णय लेना आसान हो जाता है। साथ ही आकर्षक लाभ और विशेष छूट इस योजना को और अधिक उपयोगी बनाते हैं।

    दुबई प्रशासन को उम्मीद है कि यह अभियान आने वाले महीनों में होटल अधिभोग, स्थानीय व्यापार, रेस्तरां, मनोरंजन उद्योग और अन्य पर्यटन सेवाओं को सकारात्मक बढ़ावा देगा। यदि योजना को अपेक्षित सफलता मिलती है, तो भविष्य में ऐसे प्रोत्साहन कार्यक्रमों का विस्तार भी किया जा सकता है। फिलहाल यह पहल पर्यटन क्षेत्र में नई ऊर्जा लाने और वैश्विक यात्रियों को फिर से दुबई की ओर आकर्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

  • प्राकृतिक सुंदरता, शांत झीलें और ऐतिहासिक धरोहरें, फैमिली वेकेशन के लिए माउंट आबू की ये जगहें हैं बेहतरीन विकल्प

    प्राकृतिक सुंदरता, शांत झीलें और ऐतिहासिक धरोहरें, फैमिली वेकेशन के लिए माउंट आबू की ये जगहें हैं बेहतरीन विकल्प

    नई दिल्ली । यदि आप परिवार के साथ शांत, प्राकृतिक और यादगार छुट्टियां बिताने की योजना बना रहे हैं तो राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू बेहतरीन विकल्प हो सकता है। अरावली पर्वतमाला की गोद में बसा यह पर्यटन स्थल अपनी हरियाली, ठंडी जलवायु, ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। यहां हर उम्र के पर्यटकों के लिए कुछ न कुछ खास मौजूद है, जिससे पारिवारिक यात्रा सुखद और यादगार बन जाती है।

    माउंट आबू की सबसे लोकप्रिय जगहों में नक्की झील का नाम सबसे पहले आता है। चारों ओर पहाड़ियों से घिरी यह झील शांत वातावरण और मनमोहक दृश्यों के लिए जानी जाती है। यहां बोटिंग का आनंद लेने के साथ-साथ झील के किनारे शाम की सैर भी पर्यटकों को आकर्षित करती है। आसपास मौजूद स्थानीय बाजार और पारंपरिक व्यंजनों की दुकानें भी यात्रा का अनुभव और बेहतर बना देती हैं।

    इतिहास और स्थापत्य कला में रुचि रखने वालों के लिए दिलवाड़ा जैन मंदिर विशेष आकर्षण का केंद्र है। संगमरमर पर की गई बारीक नक्काशी और उत्कृष्ट वास्तुकला इस मंदिर को देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों में शामिल करती है। यहां की कलात्मक सुंदरता पर्यटकों को लंबे समय तक प्रभावित करती है।

    प्रकृति प्रेमियों के लिए गुरु शिखर एक ऐसा स्थान है, जहां से अरावली पर्वतमाला का विस्तृत और मनमोहक दृश्य दिखाई देता है। यह अरावली की सबसे ऊंची चोटी है और यहां पहुंचकर बादलों के बीच फैले प्राकृतिक नजारों का आनंद लिया जा सकता है। फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए भी यह स्थान बेहद लोकप्रिय माना जाता है।

    माउंट आबू का सनसेट पॉइंट भी पर्यटकों की पसंदीदा जगहों में शामिल है। यहां शाम के समय डूबते सूरज का दृश्य बेहद आकर्षक दिखाई देता है। परिवार के साथ बैठकर सूर्यास्त का आनंद लेना और यादगार तस्वीरें लेना इस यात्रा को और खास बना देता है। इसी तरह टॉड रॉक अपनी अनोखी प्राकृतिक आकृति के कारण पर्यटकों के बीच विशेष पहचान रखता है। यहां तक पहुंचने के लिए हल्की पैदल चढ़ाई करनी पड़ती है, लेकिन ऊपर से दिखाई देने वाला नक्की झील का दृश्य पूरे सफर की थकान दूर कर देता है।

    यदि आप भीड़भाड़ से दूर कुछ समय शांति के बीच बिताना चाहते हैं तो पीस पार्क एक आदर्श स्थान है। हरियाली से घिरा यह पार्क ध्यान, विश्राम और परिवार के साथ सुकून भरे पल बिताने के लिए उपयुक्त माना जाता है। साफ-सुथरा वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य यहां आने वाले पर्यटकों को अलग अनुभव प्रदान करता है।

    माउंट आबू वन्यजीव अभयारण्य भी इस पर्यटन स्थल का प्रमुख आकर्षण है। यहां विभिन्न प्रकार के वन्यजीव, पक्षी और दुर्लभ वनस्पतियां देखने को मिलती हैं। प्रकृति और वन्यजीवों में रुचि रखने वाले लोगों के साथ-साथ बच्चों के लिए भी यह स्थान ज्ञान और रोमांच से भरपूर अनुभव देता है।

    माउंट आबू की यात्रा प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और शांत वातावरण का अनूठा संगम प्रस्तुत करती है। यदि यात्रा की सही योजना बनाकर इन प्रमुख स्थानों को अपने कार्यक्रम में शामिल किया जाए तो परिवार के साथ बिताया गया हर पल यादगार बन सकता है और छुट्टियों का आनंद कई गुना बढ़ जाता है।

  • बारिश में घूमने का बना रहे हैं प्लान तो पहुंचिए उदयपुर जानिए 7 दिन की यात्रा और खर्च

    बारिश में घूमने का बना रहे हैं प्लान तो पहुंचिए उदयपुर जानिए 7 दिन की यात्रा और खर्च


    नई दिल्ली । बारिश का मौसम शुरू होते ही राजस्थान का उदयपुर अपनी अलग ही खूबसूरती में नजर आता है। झीलों से घिरा यह ऐतिहासिक शहर मानसून के दौरान हरियाली से ढक जाता है और अरावली की पहाड़ियां बादलों की चादर ओढ़ लेती हैं। पानी से लबालब भरी झीलें और शाही महलों का नजारा इस शहर को देश के सबसे खूबसूरत मानसून पर्यटन स्थलों में शामिल कर देता है। यदि आप एक सप्ताह की यादगार यात्रा की योजना बना रहे हैं तो उदयपुर बेहतरीन विकल्प हो सकता है।

    यात्रा के पहले दिन सिटी पैलेस और लेक पिछोला की सैर करें। शाम को बोट राइड का आनंद लें और झील किनारे स्थानीय भोजन का स्वाद लें।

    दूसरे दिन फतेह सागर झील, सहेलियों की बाड़ी और स्थानीय बाजारों की सैर करें। मानसून के दौरान यहां का वातावरण बेहद सुहावना रहता है।

    तीसरे दिन सज्जनगढ़ पैलेस जाएं जिसे मानसून पैलेस भी कहा जाता है। यहां से पूरे शहर और झीलों का मनोरम दृश्य दिखाई देता है। बारिश के मौसम में यह स्थान फोटोग्राफी के लिए सबसे पसंदीदा माना जाता है।

    चौथे दिन एकलिंगजी मंदिर और नाथद्वारा मंदिर का धार्मिक भ्रमण किया जा सकता है। दोनों स्थल उदयपुर से सड़क मार्ग द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है।

    पांचवें दिन बागोर की हवेली और स्थानीय संग्रहालय देखें। शाम को पारंपरिक राजस्थानी लोकनृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम यात्रा को और यादगार बना देंगे।

    छठे दिन आसपास की अरावली पहाड़ियों और प्राकृतिक स्थलों की सैर करें। बारिश के मौसम में यहां की हरियाली और शांत वातावरण प्रकृति प्रेमियों को खूब आकर्षित करता है।

    सातवें दिन स्थानीय हस्तशिल्प बाजारों से राजस्थानी कला वस्तुएं कपड़े और स्मृति चिह्न खरीदकर अपनी यात्रा का समापन करें।

    अनुमानित खर्च
    आने जाने का यात्रा खर्च लगभग 4000 से 10000 रुपये (शहर और परिवहन के अनुसार)
    होटल का खर्च प्रति रात लगभग 2000 से 5000 रुपये
    भोजन पर प्रतिदिन लगभग 800 से 1500 रुपये
    स्थानीय घूमने और प्रवेश शुल्क लगभग 3000 से 5000 रुपये
    कुल सात दिन का औसत बजट प्रति व्यक्ति लगभग 25000 से 45000 रुपये हो सकता है।

    मानसून के दौरान यात्रा करते समय छाता या रेनकोट साथ रखें। फिसलन वाले स्थानों पर सावधानी बरतें और मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही यात्रा की योजना बनाएं। बारिश के मौसम में उदयपुर की झीलें, महल और हरियाली मिलकर ऐसा अनुभव देती हैं जो लंबे समय तक याद रहता है।

  • नेपाल का बड़ा दांव: भारतीय इन्फ्लुएंसर्स को बुलाकर टूरिज्म बढ़ाने की तैयारी, मोदी की अपील के बाद तेज हुई हलचल

    नेपाल का बड़ा दांव: भारतीय इन्फ्लुएंसर्स को बुलाकर टूरिज्म बढ़ाने की तैयारी, मोदी की अपील के बाद तेज हुई हलचल

    नई दिल्ली(New Delhi)।
    नेपाल की बालेन शाह सरकार ने देश के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक नई और आक्रामक रणनीति शुरू की है, जिसमें भारतीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को सीधे नेपाल आने का न्योता दिया गया है। यह कदम ऐसे समय पर सामने आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में भारतीय नागरिकों से गैर-जरूरी विदेश यात्राओं से बचने की अपील की थी। इस अपील के बाद क्षेत्रीय पर्यटन और यात्रा उद्योग में हलचल देखी जा रही है।

    नेपाल सरकार की इस नई पब्लिक डिप्लोमेसी रणनीति के तहत भारतीय यूट्यूबर्स, व्लॉगर्स, पॉडकास्ट क्रिएटर्स और डिजिटल कंटेंट निर्माताओं को नेपाल यात्रा के लिए आमंत्रित किया गया है। नेपाली दूतावास (नई दिल्ली) की ओर से 30 मई तक आवेदन मांगे गए हैं और इस पहल को भारतीय क्रिएटर्स से तेजी से प्रतिक्रिया मिल रही है।

    रिपोर्ट के अनुसार, यह पहली बार है जब नेपाल सरकार ने इस तरह सीधे भारतीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को पर्यटन प्रचार के लिए शामिल किया है। काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ कुछ ही दिनों में 200 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। अनुमान है कि अंतिम तिथि तक यह आंकड़ा 1000 से ज्यादा पहुंच सकता है।

    नेपाल एयरलाइंस और होटल इंडस्ट्री ने भी इस अभियान को समर्थन दिया है। काठमांडू के कई फाइव स्टार होटलों ने चयनित इन्फ्लुएंसर्स के लिए विशेष पैकेज तैयार किए हैं। योजना के तहत चुने गए पांच इन्फ्लुएंसर्स को नेपाल के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे काठमांडू, पोखरा और चितवन का दौरा कराया जाएगा, जहां वे देश की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव करेंगे।

    नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की पर्यटन छवि को मजबूत करना है और भारतीय युवाओं तक सीधा संदेश पहुंचाना है।

  • प्रयागराज में पर्यटकों को बड़ी राहत: राही पर्यटक आवासों में 25% छूट की घोषणा

    प्रयागराज में पर्यटकों को बड़ी राहत: राही पर्यटक आवासों में 25% छूट की घोषणा



    प्रयागराज । प्रयागराज में पर्यटन विभाग ने पर्यटकों को आकर्षित करने और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब जिले के राही पर्यटक आवासों में ठहरने पर पर्यटकों को 25 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। यह योजना इसी माह से लागू होने जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, प्रयागराज में पर्यटन विभाग के दो प्रमुख राही पर्यटक आवास संचालित हैं, जिनमें Triveni Darshan Tourist Bungalow (बोट क्लब, पाल क्षेत्र) और Rahi Ilavart Hotel (सिविल लाइंस) शामिल हैं। इन दोनों स्थानों पर पर्यटक अब कम कीमत में ठहर सकेंगे।

    पर्यटन अधिकारी कीर्तिमान श्रीवास्तव के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य लोगों को विदेश यात्रा के बजाय भारत के भीतर ही धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों की ओर आकर्षित करना है। प्रयागराज जैसे तीर्थ और सांस्कृतिक शहर में पर्यटन को नई गति देने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    इस योजना के तहत न केवल ठहरने की सुविधा सस्ती होगी, बल्कि रेस्टोरेंट और अन्य सेवाओं में भी विशेष छूट देने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके लिए पर्यटन विभाग को रेस्टोरेंट एसोसिएशन के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से प्रयागराज आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और स्थानीय पर्यटन उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।

  • भीषण गर्मी ने छीनी चित्रकूट की रौनक, श्रद्धालुओं की कमी से ठप पड़ा स्थानीय कारोबार..

    भीषण गर्मी ने छीनी चित्रकूट की रौनक, श्रद्धालुओं की कमी से ठप पड़ा स्थानीय कारोबार..

    नई दिल्ली।धर्म नगरी चित्रकूट इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है, जहां तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। गर्म हवाओं और तेज धूप के चलते दिन चढ़ते ही सड़कों, घाटों और मंदिर परिसरों में सन्नाटा फैल जाता है। आमतौर पर श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार रहने वाला यह धार्मिक क्षेत्र अब सुनसान नजर आने लगा है, जिससे स्थानीय माहौल और अर्थव्यवस्था दोनों पर गहरा असर पड़ा है।

    रामघाट पर स्थिति सबसे अधिक प्रभावित दिखाई दे रही है, जहां सामान्य दिनों में सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है। लेकिन मौजूदा समय में सुबह 8 से 9 बजे के बाद ही यहां गतिविधियां लगभग समाप्त हो जाती हैं। भीषण गर्मी के कारण लोग लंबे समय तक बाहर रुकने से बच रहे हैं, जिससे घाटों और आसपास के मंदिरों में पहले जैसी रौनक नहीं रही।

    इस बदलाव का सीधा असर स्थानीय व्यापार पर पड़ रहा है। घाट किनारे छोटी-बड़ी दुकानों पर निर्भर दुकानदारों का कहना है कि ग्राहकों की कमी के कारण उनकी बिक्री लगभग ठप हो गई है। कई दुकानदार सुबह दुकान खोलने के बाद दिन भर में बहुत कम बिक्री होने पर मजबूरन जल्दी दुकान बंद कर देते हैं। हालात ऐसे हैं कि कई बार दिन में बोहनी तक नहीं हो पा रही, जिससे रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।

    धार्मिक गतिविधियों पर भी गर्मी का असर साफ दिख रहा है। जहां पहले मंदिरों में सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं की भीड़ रहती थी, अब वहां शांति और खालीपन नजर आता है। भजन-पूजन और धार्मिक वातावरण की रौनक कम हो गई है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ रही है। पर्यटन पर आधारित अर्थव्यवस्था होने के कारण इस कमी का असर सीधे आजीविका पर पड़ रहा है।

    स्थानीय व्यापारियों और लोगों का मानना है कि अगर घाटों पर छाया, ठंडे पेयजल और विश्राम की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, तो कुछ हद तक श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत मिल सकती है और उनकी आवाजाही बनी रह सकती है। फिलहाल स्थिति यह है कि तेज गर्मी के कारण चित्रकूट की धार्मिक और सांस्कृतिक रौनक अस्थायी रूप से थमती नजर आ रही है, और सभी को मौसम में बदलाव का इंतजार है।

  • दुबई का पर्यटन गहरे संकट में… ईरान युद्ध के चलते सूने पड़े होटल-रेस्तरां, 80% घटी कमाई

    दुबई का पर्यटन गहरे संकट में… ईरान युद्ध के चलते सूने पड़े होटल-रेस्तरां, 80% घटी कमाई


    दुबई।
    दुनिया के सबसे व्यस्त पर्यटन केंद्रों (Busiest Tourist Centers) में शामिल दुबई (Dubai) पश्चिम एशिया में जारी युद्ध (West Asia War) के चलते गहरे संकट से गुजर रहा है। पिछले साल यानी 2025 में 19.59 मिलियन अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का स्वागत करने वाला यह शहर अब खाली होटलों, सूने रेस्तरां और ठप पड़े एयर ट्रैफिक की मार झेल रहा है। पर्यटन उद्योग से जुड़े कारोबारियों के अनुसार, आय में 50% से 80% तक की गिरावट आई है, जबकि होटल ऑक्यूपेंसी कई जगह 15-20% तक सिमट गई है। बीबीसी, बुकिंग प्लेटफार्म वेगो, डाटा एनालिटिक्स कंपनी एयरडीएनए और ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के अनुसार दुबई के रेस्तरां, जो आमतौर पर पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भीड़ से गुलजार रहते थे, अब खाली नजर आ रहे हैं।

    टाशस हॉस्पिटैलिटी ग्रुप की संस्थापक नताशा साइडेरिस कहती हैं कि देशभर में 14 आउटलेट्स और 1,000 से अधिक कर्मचारियों वाले उनके ग्रुप में राजस्व 50% से अधिक गिर चुका है, जबकि पर्यटकों पर निर्भर आउटलेट्स में यह गिरावट 70% से 80% तक पहुंच गई है। हालात इतने खराब हैं कि कई प्रतिष्ठानों को अपने आधे से ज्यादा कर्मचारियों को बिना वेतन छुट्टी पर भेजना पड़ा है।


    2.26 लाख से अधिक बुकिंग रद्द

    डेटा फर्म एयरडीएनए के अनुसार, युद्ध शुरू होने के पहले महीने (28 फरवरी से 29 मार्च) के दौरान यूएई में 2,26,500 से अधिक शॉर्ट-टर्म बुकिंग रद्द हुई हैं।पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी होटल और शॉर्ट-टर्म अपार्टमेंट सप्लाई अब भारी दबाव में है, क्योंकि मांग अचानक गिर गई है।


    प्रवासी कामगारों पर सबसे ज्यादा मार

    दुबई के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में काम करने वाले प्रवासी कामगार इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। कई कर्मचारियों की नौकरी चली गई है या उन्हें बिना वेतन छुट्टी पर भेज दिया गया है। एक दक्षिण एशियाई वेटर के मुताबिक, यह कोविड-19 जैसा लग रहा है।हमें डर है कि फिर से नौकरी खोकर घर लौटना पड़ सकता है।मानवाधिकार समूहों के अनुसार यूएई में कई प्रवासी पहले से ही कर्ज के बोझ में दबे हैं, जिससे यह संकट उनके लिए और गंभीर हो गया है।


    क्षेत्रीय स्तर पर अरबों डॉलर का नुकसान संभव

    ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स की इकाई टूरिज्म इकोनॉमिक्स के अनुसार अगर युद्ध लंबा खिंचता है तो मध्य पूर्व में 23 से 38 मिलियन कम पर्यटक आ सकते हैं। इससे 34 अरब डॉलर से 56 अरब डॉलर तक के पर्यटन राजस्व का नुकसान हो सकता है। मामून हमीदेन के अनुसार अगर युद्ध जल्दी खत्म होता है तो रिकवरी संभव है, लेकिन लंबा खिंचने पर पूरे समर सीजन पर सवाल खड़े हो सकते हैं।


    हवाई यातायात को झटका किराया बढ़ने के भी संकेत

    युद्ध के कारण वैश्विक विमानन उद्योग की रीढ़ माने जाने वाला गल्फ हब मॉडल को गहरे संकट में डाल दिया है। दुबई, अबू धाबी और दोहा जैसे विश्व के सबसे व्यस्त ट्रांजिट केंद्रों पर उड़ानों में भारी बाधा, ईंधन संकट और यात्रियों की सुरक्षा चिंताओं ने न केवल तत्काल संचालन को प्रभावित किया है, बल्कि लंबे समय में हवाई यात्रा के स्वरूप को भी बदलने की आशंका पैदा कर दी है। बीबीसी और इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) के अनुसार दुबई, अबू धाबी और दोहा से सीमित लेकिन नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं।

    हालांकि शेड्यूल अभी भी बार-बार बदल रहे हैं और कई रूट्स पर प्रतिबंध जारी हैं। ईंधन आपूर्ति भी पूरी तरह स्थिर नहीं हो पाई है। जेट फ्यूल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर गल्फ कैरियर्स की क्षमता घटती है, तो हवाई किराए बढ़ना तय है। संघर्ष के बाद से सिरियम के विश्लेषकों के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से मिडिल ईस्ट के लिए 30,000 से अधिक उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं।

  • सीएम डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: ओडीओपी, शिल्प और पर्यटन को मिलेगी नई गति

    सीएम डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: ओडीओपी, शिल्प और पर्यटन को मिलेगी नई गति


    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वाराणसी में 31 मार्च को एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है यह सम्मेलन निवेश, निर्यात, ओडीओपी, शिल्प और पर्यटन के क्षेत्र में नई दिशा और गति प्रदान करेगा

    इस सम्मेलन के माध्यम से अंतरराज्यीय सहयोग का नया मॉडल गढ़ने की दिशा में निर्णायक पहल की जा रही है सम्मेलन में ओडीओपी, जीआई टैग उत्पाद, पारंपरिक शिल्प, कृषि एवं फूड उत्पादों को ब्रांडिंग, मार्केटिंग और निर्यात से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा साथ ही निवेश और पर्यटन को एकीकृत करते हुए एक व्यापक आर्थिक इकोसिस्टम तैयार करने की योजना है

    कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के अध्ययन भ्रमण से करेंगे इस दौरान क्राउड फ्लो डिजाइन, अधोसंरचना लेआउट और तीर्थयात्री प्रबंधन प्रणालियों का गहन अवलोकन किया जाएगा इसके बाद सम्मेलन में विभिन्न विषयों पर विस्तृत संवाद और कार्यशालाओं के माध्यम से राज्यों के सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा होगी

    एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन से दोनों राज्यों के व्यवसायिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है इसके तहत पारंपरिक शिल्प और कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने के लिए रणनीतियां बनाई जाएंगी निवेशकों को आकर्षित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष पहल की जाएगी इस तरह यह सम्मेलन दोनों राज्यों के लिए आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती लाने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा