Tag: Tractor Accident

  • खेत के लिए पानी भरना पड़ा भारी नदी में डूबा ट्रैक्टर सूझबूझ से किसान की बची जान ग्रामीणों ने जेसीबी से किया रेस्क्यू

    खेत के लिए पानी भरना पड़ा भारी नदी में डूबा ट्रैक्टर सूझबूझ से किसान की बची जान ग्रामीणों ने जेसीबी से किया रेस्क्यू


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के इंदार थाना क्षेत्र के बिजरौनी गांव में रविवार को एक बड़ा हादसा उस समय टल गया जब खेत में दवा छिड़काव के लिए नदी से पानी भरने पहुंचे किसान का ट्रैक्टर अचानक गहरे गड्ढे में समा गया। ट्रैक्टर देखते ही देखते पानी में डूबने लगा लेकिन किसान ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते छलांग लगा दी और अपनी जान बचा ली। हालांकि इस घटना में ट्रैक्टर पूरी तरह पानी में डूब गया जिससे वाहन को भारी नुकसान पहुंचा है।

    जानकारी के अनुसार बिजरौनी गांव निवासी किसान सुल्ला राठौर अपने खेत में घास नष्ट करने वाली दवा का छिड़काव कर रहे थे। इसी दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने से उनका बोरवेल बंद हो गया और खेत के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो सका। मजबूरी में उन्होंने ट्रैक्टर पर ड्रम बांधकर नदी से पानी भरने का निर्णय लिया। जब वे ट्रैक्टर लेकर नदी में उतरे तो पानी के भीतर बने गहरे गड्ढे का अंदाजा नहीं लगा। जैसे ही ट्रैक्टर आगे बढ़ा वह अचानक गहरे हिस्से में फंस गया और कुछ ही क्षणों में पानी में डूबने लगा।

    स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए किसान सुल्ला राठौर ने बिना देर किए ट्रैक्टर से छलांग लगा दी। उनकी सतर्कता के कारण बड़ा हादसा टल गया और वे सुरक्षित बाहर निकल आए। वहीं ट्रैक्टर पूरी तरह पानी में समा गया जिससे आसपास मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई।

    घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सबसे पहले ग्रामीणों ने दूसरे ट्रैक्टर की सहायता से डूबे वाहन को बाहर निकालने का प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद जेसीबी मशीन को बुलाया गया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत और जेसीबी तथा दूसरे ट्रैक्टर की संयुक्त मदद से आखिरकार डूबे हुए ट्रैक्टर को नदी से बाहर निकाला जा सका।

    हालांकि इस हादसे में किसान पूरी तरह सुरक्षित हैं लेकिन ट्रैक्टर को भारी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी में कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बने हुए हैं जिनकी जानकारी नहीं होने के कारण इस तरह की घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे स्थानों को चिन्हित कर चेतावनी बोर्ड लगाने और सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके।

  • गोद भराई समारोह में जा रहे दो भाइयों की सड़क हादसे में मौत: ट्रैक्टर की टक्कर से परिवार की खुशियां मातम में बदलीं

    गोद भराई समारोह में जा रहे दो भाइयों की सड़क हादसे में मौत: ट्रैक्टर की टक्कर से परिवार की खुशियां मातम में बदलीं


    मध्यप्रदेश । उज्जैन जिले में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। भांजे के घर आयोजित गोद भराई समारोह में शामिल होने जा रहे दो सगे भाइयों की ट्रैक्टर की टक्कर से मौत हो गई, जबकि उनके साथ बाइक चला रहा पोता गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और जिस घर में उत्सव की तैयारियां चल रही थीं, वहां मातम का माहौल छा गया।

    जानकारी के अनुसार मरंडवा गांव निवासी 80 वर्षीय पीरूलाल मोथलिया और उनके छोटे भाई 75 वर्षीय भागीरथ मोथलिया अपने पोते अभिषेक के साथ बाइक से उज्जैन जा रहे थे। अभिषेक बाइक चला रहा था। तीनों नागझिरी क्षेत्र में रहने वाले अपने भांजे के यहां आयोजित गोद भराई कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे। परिवार में इस कार्यक्रम को लेकर उत्साह का माहौल था, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने सब कुछ बदल दिया।

    बताया जा रहा है कि गांव से लगभग 25 से 30 किलोमीटर दूर मुख्य मार्ग पर पीछे से तेज रफ्तार में आए एक ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार तीनों लोग सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तत्काल घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।

    अस्पताल ले जाते समय पीरूलाल मोथलिया ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल भागीरथ मोथलिया को उज्जैन के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान देर शाम उनकी भी मौत हो गई। हादसे में घायल अभिषेक का इलाज जारी है और उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

    परिजनों ने बताया कि पीरूलाल मोथलिया खेती-किसानी का कार्य करते थे, जबकि भागीरथ मोथलिया मध्य प्रदेश विद्युत मंडल (एमपीईबी) से सेवानिवृत्त कर्मचारी थे। परिवार सामाजिक और शासकीय क्षेत्र में भी सक्रिय रहा है। परिवार का एक सदस्य वर्तमान में उज्जैन में पटवारी के पद पर कार्यरत है।

    हादसे की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। शुक्रवार सुबह दोनों मृतकों का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। अंतिम संस्कार के लिए दोनों शवों को उनके पैतृक गांव ले जाया गया, जहां पूरे गांव ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

    पुलिस ने मामले में दुर्घटना का प्रकरण दर्ज कर लिया है और फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को दुर्घटना का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को रेखांकित करता है। एक परिवार जो खुशियों के समारोह में शामिल होने निकला था, वह कुछ ही पलों में अपनों को खोने के गहरे दुख में डूब गया।

  • नरसिंहपुर सड़क हादसा: बुजुर्ग महिला की मौत, परिजनों ने रेत के ट्रैक्टर पर जताया शक

    नरसिंहपुर सड़क हादसा: बुजुर्ग महिला की मौत, परिजनों ने रेत के ट्रैक्टर पर जताया शक


    मध्‍य प्रदेश । नरसिंहपुर जिले के डोंगरगांव थाना क्षेत्र में शनिवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। यह घटना कालदाऊ घाट स्थित सीतारेवा नदी के पास हुई, जहां किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

    मृतका की पहचान हरोबाई पति मूलचंद्र हरिजन (उम्र लगभग 65 से 70 वर्ष) के रूप में हुई है, जो ग्राम पंचायत छेनाकछार के बांदरबारू गांव की निवासी थीं। बताया जा रहा है कि वह बाजार से घरेलू सामान लेकर अपने घर लौट रही थीं, तभी यह हादसा हो गया।

    घटना की सूचना मिलते ही डोंगरगांव पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर वाहन की पहचान करने की कोशिश की है। घटनास्थल से महिला का सामान भी बरामद किया गया है, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वह बाजार से लौट रही थीं।

    परिजनों का आरोप है कि यह हादसा रेत से भरे ट्रैक्टर की टक्कर से हुआ है, हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी वाहन की पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध वाहनों की तलाश की जा रही है।

    थाना प्रभारी प्रकाश पाठक के अनुसार, महिला सुबह के समय बाजार से खाने का तेल लेकर लौट रही थीं, जो उनके पास मिला है। उन्होंने बताया कि अभी तक टक्कर मारने वाला वाहन अज्ञात है और पुलिस इसकी पहचान करने में जुटी हुई है।

    फिलहाल परिजन पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी कार्रवाई को लेकर अड़े हुए हैं। पुलिस ने मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने और आगे की प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास शुरू कर दिया है।

  • खुद चला रहा था ट्रैक्टर, लौटते समय हादसा: हरदा में नदी पार करते वक्त अनहोनी

    खुद चला रहा था ट्रैक्टर, लौटते समय हादसा: हरदा में नदी पार करते वक्त अनहोनी


    नई दिल्ली ।  हरदा जिले के झाड़पा गांव में रविवार सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। अजनाल नदी पर बने पुल पर ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे 15 वर्षीय किशोर की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब किशोर खेत से मक्का लेकर ट्रॉली में भरकर गांव लौट रहा था और स्वयं ट्रैक्टर चला रहा था।

    जानकारी के अनुसार, झाड़पा गांव निवासी सूरज विश्नोई का बेटा दर्शन विश्नोई (15) रविवार सुबह नीमगांव स्थित अपने खेत से मक्का भरकर ट्रॉली में गांव लौट रहा था। लौटते समय जब वह अजनाल नदी के रपटे पर पहुंचा, तो ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित हो गया और सीधे नदी में पलट गया। हादसे में किशोर ट्रैक्टर के नीचे दब गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

    घटना के बाद आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और जेसीबी मशीन की मदद से ट्रैक्टर के नीचे दबे किशोर को बाहर निकाला। गंभीर हालत में उसे तत्काल हरदा के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। हादसे के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

    बताया जा रहा है कि मृतक दर्शन विश्नोई अपने दो भाइयों में सबसे छोटा था। उसका बड़ा भाई लुधियाना में पढ़ाई कर रहा है। दर्शन हरदा के सरस्वती शिशु मंदिर में दसवीं कक्षा का छात्र था और पढ़ाई के साथ-साथ परिवार की मदद के लिए खेत का काम भी करता था।

    ग्रामीणों के अनुसार, नदी का रपटा कई बार हादसों का कारण बन चुका है, लेकिन सुरक्षा इंतजामों की कमी के चलते ऐसी घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। इस हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में खतरनाक रास्तों और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के जोखिम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।