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  • भोपाल में 1101 ट्रैक्टरों की भव्य रैली, CM मोहन यादव ने किसानों को हरी झंडी दिखाकर किया ‘कृषक कल्याण वर्ष’ का शुभारंभ

    भोपाल में 1101 ट्रैक्टरों की भव्य रैली, CM मोहन यादव ने किसानों को हरी झंडी दिखाकर किया ‘कृषक कल्याण वर्ष’ का शुभारंभ




    भोपाल।
    भोपाल में रविवार का दिन किसानों के नाम रहा, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कोकता बायपास स्थित आरटीओ कार्यालय के पास से 1101 ट्रैक्टरों की भव्य रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस ऐतिहासिक मौके पर मुख्यमंत्री खुद ट्रैक्टर की स्टेयरिंग संभालते नजर आए और रैली में शामिल होकर किसानों के साथ कदम से कदम मिलाया। उनके साथ कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना और विधायक रामेश्वर शर्मा भी ट्रैक्टर पर सवार रहे। सैकड़ों ट्रैक्टरों की कतार और किसानों का उत्साह राजधानी की सड़कों पर एक अलग ही दृश्य रच रहा था।

    रैली को रवाना करने से पहले कोकता बायपास क्षेत्र ‘बोल बम’ और भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों को संबोधित करते हुए इतिहास और आस्था का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक हजार साल पहले महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर को तोड़ने का प्रयास किया था, लेकिन आज वही सोमनाथ मंदिर फिर से अपने वैभव में भोलेनाथ के जयकारों से गूंज रहा है।

    उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके संकल्प से सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ। साथ ही मुख्यमंत्री ने अयोध्या में भगवान राम मंदिर निर्माण को 500 वर्षों के संघर्ष का परिणाम बताया।

    ट्रैक्टर रैली के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह पिछले वर्ष पूरे प्रदेश में ‘उद्योग और रोजगार वर्ष’ मनाया गया था, उसी तर्ज पर अब सरकार ने पूरे साल को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने का फैसला किया है। यह केवल एक दिन या एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सालभर किसानों के हित में योजनाबद्ध और निरंतर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि इस वर्ष के अंत तक किसानों की आय, खेती की लागत और उत्पादन से जुड़े कई ठोस और सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि कृषक कल्याण वर्ष केवल कृषि विभाग तक सीमित नहीं रहेगा। अब प्रदेश के 16 विभाग मिलकर किसानों के लिए काम करेंगे, ताकि खेती से जुड़े हर पहलू को मजबूत किया जा सके।

    उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश की कृषि विकास दर इस समय लगभग 16 प्रतिशत की गति से बढ़ रही है और इसे और आगे ले जाने के लिए किसानों की आय बढ़ाने तथा लागत घटाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने रैली के दौरान कहा कि हेलिकॉप्टर से आते समय जहां नजर गई, वहां ट्रैक्टर ही ट्रैक्टर दिखाई दे रहे थे। यह तो सिर्फ झांकी है, आने वाले समय में किसान कल्याण की तस्वीर और भी बड़ी होगी।

    रैली के बाद मुख्यमंत्री जंबूरी मैदान पहुंचे, जहां ‘कृषक कल्याण वर्ष-2026’ के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों को सरकार की आगामी योजनाओं, कार्यक्रमों और कार्ययोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य खेती को केवल परंपरागत कार्य न मानकर उसे लाभकारी, टिकाऊ और तकनीक आधारित रोजगार का माध्यम बनाना है।

    कृषक कल्याण वर्ष-2026 के तहत सरकार का विशेष फोकस उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों पर रहेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन और वानिकी को एकीकृत करते हुए जिला स्तरीय क्लस्टर आधारित विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही प्राकृतिक खेती, डिजिटल सेवाओं, उच्च उत्पादकता और कृषि प्रसंस्करण के माध्यम से किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। एग्री-टेक, ड्रोन सेवाएं, एफपीओ प्रबंधन, हाइड्रोपोनिक्स और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में ग्रामीण युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि और समृद्ध ग्रामीण क्षेत्र मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इसी कारण राज्य सरकार लगातार कृषि बजट में बढ़ोतरी कर रही है। समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीदी, सोयाबीन उत्पादकों के लिए भावांतर योजना, प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को राहत, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना और रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना जैसी कई योजनाएं पहले से संचालित हैं।

    कृषक कल्याण वर्ष-2026 के माध्यम से इन सभी योजनाओं को और प्रभावी बनाया जाएगा।

    इस भव्य ट्रैक्टर रैली और कार्यक्रम के चलते भोपाल की कई सड़कों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया। कोकता बायपास, मिसरोद-सलैया क्षेत्र, खजूरी कला, पटेल नगर चौराहा, प्रेस्टीज कॉलेज के आसपास और जंबूरी मैदान तक जाने वाले मार्गों पर विशेष ट्रैफिक प्लान लागू रहा। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की कि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।

    कुल मिलाकर, 1101 ट्रैक्टरों की यह रैली केवल एक शक्ति प्रदर्शन नहीं थी, बल्कि यह संदेश भी थी कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों को केंद्र में रखकर विकास की नई कहानी लिखने जा रही है। ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के जरिए सरकार का लक्ष्य अन्नदाता के सम्मान, आय वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देना है।

  • भोपाल में 30 हजार किसान निकालेंगे ट्रैक्टर रैली, ट्रैफिक डायवर्शन और जाम से बचने के लिए देखें रूट प्लान

    भोपाल में 30 हजार किसान निकालेंगे ट्रैक्टर रैली, ट्रैफिक डायवर्शन और जाम से बचने के लिए देखें रूट प्लान


    भोपाल । आज भोपाल में कृषि कल्याण वर्ष का शुभारंभ होने जा रहा है, जिसमें 30 हजार से अधिक किसान भाग लेंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन जम्बूरी मैदान में होगा, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हरी झंडी दिखाकर इसकी शुरुआत करेंगे। इस आयोजन में 1101 ट्रैक्टरों और 800 से 900 बसों के माध्यम से किसान प्रदेशभर से पहुंचेंगे। ऐसे में राजधानी भोपाल में भारी ट्रैफिक और मार्गों पर बदलाव होने की संभावना है, जिससे जाम और यात्रा में परेशानी हो सकती है।

    ट्रैफिक डायवर्शन की जानकारी

    जम्बूरी मैदान जाने वाले मार्गों पर भारी वाहनों की एंट्री रोक दी गई है, और कई मुख्य सड़कें डायवर्ट की जाएंगी। खासतौर पर उन रास्तों पर ज्यादा दबाव रहेगा, जो ट्रैक्टर रैली और किसानों के वाहन ले जा रहे होंगे। इसके अलावा, परीक्षार्थियों के लिए विशेष मार्ग व्यवस्था की गई है, ताकि वे बिना किसी रुकावट के अपनी परीक्षा में शामिल हो सकें।

    मुख्य रूट डायवर्शन और वैकल्पिक मार्ग

    भोपाल मिसरोद-सलैया क्षेत्र 11 मील बायपास रोड, खजूरी कला, पटेल नगर चौराहा, प्रेस्टीज कॉलेज के सामने लाइन अप। भोपाल फंदा ब्लॉक-बैरासिया रोड खजूरी सड़क, मोबारकपुर बायपास, लांबाखेड़ा बायपास चौराहा, चोपड़ा कला बायपास चौराहा, अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय के सामने लाइन अप। रायसेन और विदिशा से आने वाले ट्रैक्टर संबंधित मार्गों से होते हुए प्रेस्टीज कॉलेज के सामने लाइन अप करेंगे।

    जम्बूरी मैदान पार्किंग

    जन सामान्य जीप/कार/दो पहिया वाहन गोविन्दपुरा टर्निंग, महात्मा गांधी चौराहा, सेंट जेवियर स्कूल के सामने। वीआईपी वाहन: गोविन्दपुरा टर्निंग, महात्मा गांधी चौराहा, अयप्पा मंदिर, गैस गोदाम, सेंट जेवियर स्कूल के सामने। मीडिया वाहन गोविन्दपुरा टर्निंग, महात्मा गांधी चौराहा, जम्बूरी मैदान पानी की टंकी के पास।

    ऑप्शनल मार्ग

    बोर्ड ऑफिस, गोविन्दपुरा टर्निंग, अन्नानगर, सद्भावना चौराहा, महात्मा गांधी चौराहा, सेंट जेवियर स्कूल, अवधपुरी तिराहा तक मार्ग पर अत्यधिक यातायात रहेगा। इसके अलावा, पटेल नगर बायपास, आनंद नगर, रत्नागिरी तिराहा, पिपलानी पेट्रोल पंप तक मार्ग पर भी भारी दबाव रहेगा।

    विशेष मार्ग व्यवस्था
    परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए पिपलानी चौराहा से पटेल नगर चौराहा तक विशेष मार्ग व्यवस्था की गई है। वहीं, भारी वाहनों के लिए भोपाल-बाईपास खजूरी सड़क से 11 मील तक पर डायवर्जन लागू होगा।

    किसान रैली में शामिल होने वाले जिलों की सूची

    भोपाल से 601, विदिशा से 250 और रायसेन से 250 ट्रैक्टर रैली में शामिल होंगे। इसके अलावा, द्वितीय कार्यक्रम सभा और कृषि कल्याण वर्ष के शुभारंभ में 30,000 किसान भाग लेंगे। इसमें भोपाल से 12,000, सिहोर और रायसेन से 6,000-6,000, विदिशा से 4,000, राजगढ़ और नर्मदापुरम से 1,000-1,000 किसान शामिल होंगे।
  • ट्रैक्टर रैली से ट्रैफिक डायवर्जन, भारत भवन में सजेगा विचारों का मंच…

    ट्रैक्टर रैली से ट्रैफिक डायवर्जन, भारत भवन में सजेगा विचारों का मंच…


    नई दिल्ली ।आज राजधानी भोपाल में साहित्यसंस्कृतिप्रशासन और किसान हितों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। रविवार को शहर एक ओर जहां विचारों और कला की खुशबू से महकेगावहीं दूसरी ओर ट्रैक्टरों की गूंज से सड़कों पर हलचल बढ़ेगी। भारत भवन में चल रहे भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल 2026 का आज समापन दिवस हैजबकि मध्यप्रदेश सरकार कृषक कल्याण वर्ष 2026 की औपचारिक शुरुआत विशाल ट्रैक्टर रैली के साथ करेगी। इन बड़े आयोजनों के कारण शहर की यातायात व्यवस्था में भी अहम बदलाव किए गए हैं।प्रशासन के अनुसार रविवार सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक भोपाल के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन रहेगा। कोकता बायपासमिसरोद–सलैया रोडखजूरी कलापटेल नगरलांबाखेड़ाबागसेवनियाअशिमा मॉलएम्स रोड और जंबूरी मैदान के आसपास यातायात का दबाव अधिक रहने की संभावना है। नागरिकों से अपील की गई है कि गैर-जरूरी यात्रा से बचें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करेंताकि जाम की स्थिति न बने।

    भारत भवन में आयोजित भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल का आज फिनाले है। समापन दिवस पर संविधानइतिहासपर्यावरणवैश्विक राजनीतिसिनेमा और समकालीन साहित्य जैसे विषयों पर केंद्रित सत्र होंगे। देश के प्रख्यात लेखकचिंतक और कलाकार अपने विचार साझा करेंगे। इसके साथ ही कविता पाठसंवाद सत्र और आर्ट परफॉर्मेंस के जरिए सांस्कृतिक रंग भी बिखरेंगे। साहित्य प्रेमियों के लिए यह दिन विचारों के उत्सव जैसा रहेगा।शहर में आज अन्य सांस्कृतिक गतिविधियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। जनजातीय संग्रहालय में दोपहर 12 बजे शलाका चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ होगाजिसमें पारंपरिक और समकालीन कला का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। वहीं भेल स्थित चंद्रप्रभु जैन मंदिर परिसर में जैन शिरोज भोपाल द्वारा कार्निवाल 3.0 की शुरुआत होगीजहां सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ फूड फेस्टटैलेंट हंट और महिला उद्यमिता से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

    इसी बीच राज्य सरकार किसानों को समर्पित कृषक कल्याण वर्ष 2026 की शुरुआत भी आज करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कोकता बायपास स्थित आरटीओ कार्यालय के पास लगभग 1101 ट्रैक्टरों की रैली को हरी झंडी दिखाएंगे। यह रैली जंबूरी मैदान पहुंचेगीजहां राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होगा। मुख्यमंत्री किसानों को वर्ष भर चलने वाली योजनाओंनवाचारों और कृषि रोडमैप की जानकारी देंगे। सरकार का फोकस उद्यानिकीपशुपालनडेयरीमत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण पर रहेगाताकि खेती को तकनीक आधारितरोजगारोन्मुख और अधिक लाभकारी बनाया जा सके।

    उधरभोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के चुनाव को लेकर भी आज सरगर्मी तेज रहेगी। अध्यक्ष पद के लिए नामांकन की आज अंतिम तिथि है। पूर्व अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पालीवरिष्ठ नेता गोविंद गोयल और आकाश गोयल के मैदान में उतरने से मुकाबला रोचक हो गया है। आने वाले दिनों में नामांकन जांच और नाम वापसी के बाद तस्वीर और साफ होगी।

    कुल मिलाकर आज का दिन भोपाल के लिए विचारसंस्कृतिकिसान शक्ति और सियासी हलचल से भरा हुआ रहने वाला है।