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  • इंदौर के 4 बड़े चौराहों पर बदलेगा ट्रैफिक का पूरा सिस्टम, लेफ्ट टर्न रहेगा फ्री और रॉन्ग साइड चलने वालों पर लगेगी रोक

    इंदौर के 4 बड़े चौराहों पर बदलेगा ट्रैफिक का पूरा सिस्टम, लेफ्ट टर्न रहेगा फ्री और रॉन्ग साइड चलने वालों पर लगेगी रोक


    इंदौर । इंदौर शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अब चार प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक का नया पैटर्न लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। हाईकोर्ट की ओर से गठित समिति ने शहर के रसोमा चौराहा एलआईजी चौराहा लेंटर्न चौराहा और हुकुमचंद घंटाघर चौराहे को टेस्ट प्रोजेक्ट के लिए चुना है। इन स्थानों पर लेफ्ट टर्न को पूरी तरह फ्री रखने और रॉन्ग साइड से आने वाले वाहनों पर रोक लगाने की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही यातायात की रफ्तार में बाधा बनने वाले स्पीड ब्रेकर भी हटाए जा रहे हैं। समिति का मानना है कि इन बदलावों से चौराहों पर वाहनों की आवाजाही आसान होगी और बार बार लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिल सकती है।

    शनिवार को हाईकोर्ट के अतिरिक्त महाधिवक्ता राहुल सेठी की अध्यक्षता में गठित सात सदस्यीय समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में शहर की बिगड़ती यातायात व्यवस्था और प्रमुख चौराहों पर लगने वाले जाम की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने माना कि कई चौराहों पर लेफ्ट टर्न की ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। इसकी वजह से दूसरे रास्तों से निकलने वाले वाहन भी फंस जाते हैं और पूरे चौराहे पर यातायात प्रभावित होता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए चार स्थानों पर नई व्यवस्था का परीक्षण करने का निर्णय लिया गया।

    अतिरिक्त महाधिवक्ता राहुल सेठी के मुताबिक इन चारों चौराहों पर लेफ्ट टर्न की ओर सबसे ज्यादा जाम की स्थिति बनती है। इसलिए इस रास्ते को बाधा मुक्त रखने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए रॉन्ग साइड से आने वाले वाहनों को रोकना जरूरी माना गया है। कई बार वाहन चालक कम दूरी तय करने या जल्दी निकलने के चक्कर में गलत दिशा से वाहन ले आते हैं। इससे सामने से आने वाले वाहनों का रास्ता बाधित होता है और दुर्घटना की आशंका भी बढ़ जाती है। नई व्यवस्था के तहत ऐसे वाहनों पर नियंत्रण किया जाएगा ताकि चौराहों पर यातायात व्यवस्थित तरीके से चल सके।

    समिति ने चौराहों पर लगे स्पीड ब्रेकर को भी जाम की एक वजह माना है। इनके कारण वाहनों की गति अचानक कम होती है और पीछे चल रहे वाहनों की कतार बढ़ने लगती है। ऐसे में चयनित स्थानों पर स्पीड ब्रेकर हटाने का काम भी किया जा रहा है। हालांकि यह पूरा प्रयोग फिलहाल परीक्षण के तौर पर शुरू किया गया है। समिति इसके परिणामों पर नजर रखेगी और यह आकलन करेगी कि नई व्यवस्था से वास्तव में जाम कम हो रहा है या नहीं। यदि चारों चौराहों पर इसका सकारात्मक असर दिखाई देता है तो शहर के दूसरे प्रमुख चौराहों पर भी इसी तरह की व्यवस्था लागू की जा सकती है।

    बैठक में यातायात सुधार के पुराने प्रयासों की समीक्षा करने पर भी सहमति बनी। इसके लिए हाईकोर्ट की ओर से पहले गठित समिति की रिपोर्ट मंगाई गई है। वर्तमान समिति उस रिपोर्ट में दिए गए सुझावों और उन पर हुई कार्रवाई का आकलन करेगी। इसके अलावा शहर में हर महीने यातायात जागरूकता अभियान चलाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और गलत दिशा में वाहन चलाने जैसी आदतों पर रोक लगाना है।

    समिति में अतिरिक्त महाधिवक्ता राहुल सेठी के साथ शासकीय अधिवक्ता डॉ. अमित भाटिया कलेक्टर शिवम वर्मा नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल इंदौर स्मार्ट सिटी के सीईओ डीसीपी ट्रैफिक और आईआईटी दिल्ली के सिविल इंजीनियर अंशुल अग्रवाल शामिल हैं। समिति की अगली बैठक 10 नवंबर को होगी। वहीं इंदौर की यातायात व्यवस्था से जुड़ी याचिकाओं पर हाईकोर्ट में 30 नवंबर को सुनवाई प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि इस दौरान समिति शहर में किए जा रहे सुधारों और चार चौराहों पर शुरू किए गए टेस्ट प्रोजेक्ट की प्रगति रिपोर्ट पेश कर सकती है। अब इन बदलावों की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वाहन चालक नियमों का कितना पालन करते हैं और प्रशासन नई व्यवस्था को कितनी प्रभावी तरीके से लागू कर पाता है।

  • शिवपुरी में त्योहार से पहले ट्रैफिक व्यवस्था पर बड़ा एक्शन, दुकानदारों को चेतावनी और पार्किंग सुधारने के निर्देश

    शिवपुरी में त्योहार से पहले ट्रैफिक व्यवस्था पर बड़ा एक्शन, दुकानदारों को चेतावनी और पार्किंग सुधारने के निर्देश


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर में दीपावली के त्योहार से पहले बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ और यातायात के दबाव को देखते हुए प्रशासन ने सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार रात कलेक्टर अर्पित वर्मा ने पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया के साथ शहर की प्रमुख सड़कों और बाजार क्षेत्रों का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ माधवचौक से कोर्ट रोड और गांधी चौक क्षेत्र तक पैदल चलकर यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान सड़क किनारे दुकानों के बाहर रखे सामान और स्टॉल को हटवाया गया। दुकानदारों को साफ चेतावनी दी गई कि सड़क पर अतिक्रमण कर यातायात बाधित करने की कोशिश न करें।

    निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्रेम स्वीट्स सहित कई दुकानदारों को दुकानों के बाहर सड़क की जगह का इस्तेमाल नहीं करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने सड़क पर रखे स्टॉल और अन्य सामान को हटवाया ताकि वाहनों के आवागमन के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध रहे। प्रशासन का मुख्य फोकस दीपावली के दौरान बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए जाम की स्थिति को रोकना है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के प्रमुख मार्गों पर किसी भी स्थिति में यातायात बाधित नहीं होना चाहिए।

    कोर्ट रोड पर पिछले कुछ दिनों से हाथ ठेले लगाने पर रोक लगाई गई है। इसके बाद सड़क पहले की तुलना में ज्यादा खुली और व्यवस्थित नजर आ रही है। प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर कुछ व्यापारियों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। कार्रवाई से जुड़े व्यापारियों ने कलेक्टर अर्पित वर्मा का फूल माला पहनाकर सम्मान किया। व्यापारियों की ओर से यह सम्मान शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए की जा रही कार्रवाई के समर्थन के तौर पर देखा गया।

    निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सिर्फ अतिक्रमण हटाने पर ही जोर नहीं दिया बल्कि पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाजार क्षेत्रों में वाहनों की पार्किंग व्यवस्थित तरीके से कराई जाए ताकि सड़क पर बेतरतीब वाहन खड़े न हों। दीपावली के दौरान खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग बाजार पहुंचेंगे। ऐसे में यदि सड़क किनारे वाहन खड़े रहे और दुकानों के बाहर सामान फैला रहा तो यातायात व्यवस्था बिगड़ सकती है।

    कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दीपावली से पहले ही सभी प्रमुख बाजारों और मार्गों की व्यवस्था दुरुस्त कर ली जाए। जहां भी सड़क पर अतिक्रमण दिखाई दे वहां कार्रवाई की जाए। साथ ही पार्किंग के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को बाजार तक पहुंचने और वापस लौटने में परेशानी न हो। प्रशासन की कोशिश है कि त्योहार के दौरान शहर के मुख्य मार्ग खुले रहें और यातायात सुचारु रूप से चलता रहे।

    दीपावली को लेकर बाजारों में अगले कुछ दिनों में भीड़ और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन और पुलिस की ओर से यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। सड़क किनारे अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों और ठेला संचालकों को पहले ही चेतावनी दी जा चुकी है। अब प्रशासन की नजर इस बात पर रहेगी कि कार्रवाई के बाद दोबारा सड़क पर अतिक्रमण न हो और त्योहार के दौरान शिवपुरी के बाजारों में लोगों को जाम की परेशानी का सामना न करना पड़े।

  • स्मार्ट सड़कों की ओर कदम: AI तकनीक से मिनटों में हल होगा ट्रैफिक दबाव, बदल रही है शहरों की यातायात व्यवस्था

    स्मार्ट सड़कों की ओर कदम: AI तकनीक से मिनटों में हल होगा ट्रैफिक दबाव, बदल रही है शहरों की यातायात व्यवस्था


    नई दिल्ली।अहमदाबाद में शहरी यातायात व्यवस्था को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शहर के प्रमुख चौराहों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित स्मार्ट ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करना और यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करना है। इस तकनीक के माध्यम से अब घंटों लगने वाले जाम को मिनटों में नियंत्रित करने की संभावना जताई जा रही है।
    इस नई प्रणाली को एडेप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम नाम दिया गया है, जिसे फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शहर के लगभग दस प्रमुख चौराहों पर स्थापित किया गया है। इस तकनीक में अत्याधुनिक कैमरे और सेंसर का उपयोग किया गया है, जो लगातार सड़क पर वाहनों की संख्या, उनकी गति और ट्रैफिक की स्थिति पर नजर रखते हैं। यह पूरा डेटा तुरंत केंद्रीय प्रणाली तक पहुंचता है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इसे विश्लेषित कर ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग को निर्धारित करता है।
    इस प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब ट्रैफिक सिग्नल किसी निश्चित समय पर आधारित नहीं होंगे, बल्कि वास्तविक ट्रैफिक स्थिति के अनुसार बदलते रहेंगे। जिस दिशा में वाहनों की संख्या अधिक होगी, वहां ग्रीन सिग्नल का समय बढ़ा दिया जाएगा, जबकि कम भीड़ वाली दिशा में रेड सिग्नल जल्दी आ जाएगा। इससे सड़क पर वाहनों का प्रवाह अधिक संतुलित और सुचारु होने की उम्मीद है।
    अब तक उपयोग में आने वाले पारंपरिक ट्रैफिक सिस्टम में सिग्नल समय निश्चित होता था, जिससे कई बार खाली सड़कों पर भी वाहन चालकों को रुकना पड़ता था। इससे न केवल समय की बर्बादी होती थी, बल्कि ईंधन की खपत और प्रदूषण भी बढ़ता था। नई तकनीक इन सभी समस्याओं का समाधान करने की क्षमता रखती है, क्योंकि यह वास्तविक समय के अनुसार निर्णय लेती है।
    इस स्मार्ट सिस्टम से कई स्तरों पर लाभ मिलने की संभावना है। सबसे पहले ट्रैफिक जाम में कमी आएगी, जिससे लोगों का यात्रा समय घटेगा। इसके साथ ही वाहनों के बार-बार रुकने और चलने की स्थिति में कमी आने से ईंधन की बचत होगी। कम ट्रैफिक जाम के कारण वायु प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है, जो पर्यावरण के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
    अधिकारियों के अनुसार इस प्रणाली को भविष्य में और भी उन्नत किया जा सकता है। इसमें आपातकालीन वाहनों जैसे एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड को प्राथमिकता देने की सुविधा जोड़ने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा ट्रैफिक के व्यस्त समय का पहले से अनुमान लगाकर बेहतर योजना तैयार करने की दिशा में भी काम किया जा सकता है।
    फिलहाल यह तकनीक परीक्षण चरण में है, लेकिन यदि इसके परिणाम संतोषजनक रहते हैं तो इसे पूरे शहर में लागू किया जाएगा। इसके सफल होने पर अन्य शहर भी इस मॉडल को अपनाने पर विचार कर सकते हैं। यह पहल शहरी यातायात व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
  • स्वागत के नाम पर अव्यवस्था: भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष के आगमन से शहडोल की यातायात व्यवस्था चरमराई

    स्वागत के नाम पर अव्यवस्था: भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष के आगमन से शहडोल की यातायात व्यवस्था चरमराई


    शहडोल । संभागीय मुख्यालय शहडोल में भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री श्याम टेलर के नगर आगमन के दौरान किए गए स्वागत इंतजामों ने शहर की यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर दिया। स्वागत के नाम पर शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर भारी मशीनें खड़ी किए जाने से आमजन को असुविधा का सामना करना पड़ा और कई स्थानों पर जाम की स्थिति निर्मित हो गई।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत की तैयारियों के तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में चार से छह जेसीबी मशीनों को सड़कों पर खड़ा किया गया था। इन मशीनों को फूलों एवं गुब्बारों से सजाया गया था तथा युवा मोर्चा के पदाधिकारी इन पर सवार होकर स्वागत की तैयारी करते देखे गए। भारी मशीनों के कारण मार्ग संकरे हो गए, जिससे यातायात का प्रवाह बाधित हुआ और देखते ही देखते प्रमुख सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

    इस अव्यवस्था का सबसे अधिक असर जिले की प्रमुख शैक्षणिक संस्था रघुराज स्कूल के सामने देखने को मिला। स्कूल समय के दौरान सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही, जिससे विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को आवागमन में कठिनाई हुई। जाम में फंसे वाहनों में एंबुलेंस भी शामिल थीं, जिससे आपातकालीन सेवाओं की सुचारुता पर भी सवाल खड़े हो गए।

    स्थानीय नागरिकों ने बताया कि स्वागत की इस व्यवस्था में आम जनता की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं दी गई। दिनभर लोग जाम में फंसे रहे और दैनिक कार्यों के लिए निकलने वालों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। कई स्थानों पर यातायात पुलिस द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया, लेकिन सड़कों पर खड़ी भारी मशीनों के कारण यातायात को पूरी तरह सुचारू करना संभव नहीं हो सका।

    इस पूरे घटनाक्रम को लेकर शहर में चर्चाओं का दौर जारी है और लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या सार्वजनिक मार्गों का इस प्रकार उपयोग करना उचित है। नागरिकों का कहना है कि राजनीतिक या संगठनात्मक आयोजनों के दौरान यातायात व्यवस्था और आपात सेवाओं को ध्यान में रखा जाना आवश्यक है, ताकि आमजन को असुविधा न हो।

    मामले में शहडोल यातायात प्रभारी श्री संजय जायसवाल ने कहा कि वे वर्तमान में एक विभागीय बैठक में हैं, लेकिन यदि इस प्रकार से शहर में जाम की स्थिति बनी है तो इसकी जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

  • भोपाल में ट्रैफिक नियंत्रण के लिए रेतघाट से भोपाल टॉकीज तक वन-वेरांग साइड से आए तो होगा चालान

    भोपाल में ट्रैफिक नियंत्रण के लिए रेतघाट से भोपाल टॉकीज तक वन-वेरांग साइड से आए तो होगा चालान


    भोपाल।मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक अहम कदम उठाया है। अब रेतघाट से भोपाल टॉकीज तक ट्रैफिक एकतरफा यानी वन-वे कर दिया गया है। यह निर्णय पुराने शहर की सड़कों पर यातायात की समस्या को ध्यान में रखते हुए लिया गया हैजहां दिनभर भारी ट्रैफिक दबाव बना रहता है। इस मार्ग को नए और पुराने शहर को जोड़ने वाला सबसे व्यस्त मार्ग माना जाता हैजिस पर रोजाना लगभग एक लाख वाहन गुजरते हैं।
    सख्त ट्रैफिक नियंत्रण के उपाय

    रेतघाट से भोपाल टॉकीज तक का मार्गजो कि भोपाल के पुराने इलाके का प्रमुख रास्ता हैअब पूरी तरह वन-वे हो गया है। इससे पहले इस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव बहुत अधिक होता थाजिसके कारण लंबे समय से यातायात व्यवस्था में गड़बड़ी और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया था। पुलिस ने इस समस्या से निपटने के लिए रेतघाट से भोपाल टॉकीज तक वाहनों की आवाजाही को एकतरफा करने का निर्णय लिया हैताकि ट्रैफिक की गति को नियंत्रित किया जा सके और दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम किया जा सके।

    इसके तहत अब वापसी के लिए अलग वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया गया हैजिससे यात्री अपने गंतव्य तक आसानी से पहुंच सकें। लेकिनयदि कोई वाहन चालक रांग साइड से इस मार्ग पर प्रवेश करता हैतो उसे चेकिंग प्वाइंट्स पर पकड़कर चालान किया जाएगा। पुलिस ने इस व्यवस्था के तहत नियमों को कड़ा करने का निर्णय लिया है ताकि शहर में यातायात व्यवस्था को और अधिक सुचारू और सुरक्षित बनाया जा सके।

    आईटीएमएस कैमरे की निगरानी

    पुलिस ने ट्रैफिक की निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए कई स्थानों पर इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम कैमरे भी लगाए हैं। इन कैमरों से यातायात की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगीऔर रांग साइड से वाहन चलाने वालों को पकड़ा जाएगा। यह कदम शहर में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए उठाया गया हैताकि नियमों का पालन सख्ती से किया जा सके और दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

    ट्रैफिक समस्या और वन-वे का महत्व

    भोपाल के पुराने शहर की सड़कों पर रोजाना लगभग एक लाख वाहन गुजरते हैंजिससे ट्रैफिक का दबाव दिनभर बना रहता है। रेतघाट से भोपाल टॉकीज तक का मार्ग इस क्षेत्र का प्रमुख यातायात मार्ग हैऔर यह दोनों शहरों को जोड़ता है। इस मार्ग पर अत्यधिक ट्रैफिक होने के कारण अक्सर जाम की स्थिति बन जाती थीजिससे आम जनजीवन प्रभावित होता था। इस समस्या को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की हैजो आने वाले समय में ट्रैफिक के दबाव को कम करने में मददगार साबित हो सकती है।

    आगे की योजना और जागरूकता

    पुलिस ने ट्रैफिक के इस नए नियम को लागू करने के बाद अब जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई हैताकि लोग इस नए ट्रैफिक नियम को समझें और उसका पालन करें। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे रांग साइड से वाहन न चलाएं और नए नियमों का पालन करें। इसके अलावापुलिस ने चालानी कार्रवाई को कड़ा करते हुए यह स्पष्ट किया है कि इस नियम का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    भोपाल में ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए रेतघाट से भोपाल टॉकीज तक वन-वे व्यवस्था लागू करना एक प्रभावी कदम साबित हो सकता है। इस कदम से जहां एक ओर यातायात की समस्या को हल करने में मदद मिलेगीवहीं दूसरी ओर दुर्घटनाओं को भी रोका जा सकेगा। पुलिस की ओर से नियमों की सख्ती से पालन कराने और आईटीएमएस कैमरों की मदद से ट्रैफिक की निगरानी को और बेहतर बनाया जाएगा। इस तरह की ट्रैफिक सुधार योजनाएं अन्य शहरों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती हैं।

  • इंदौर में रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी यातायात व्यवस्था में बदलाव फूटी कोठी से महूनाका तक रहेगा बंद

    इंदौर में रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी यातायात व्यवस्था में बदलाव फूटी कोठी से महूनाका तक रहेगा बंद


    इंदौर । इंदौर में भगवान रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी शुक्रवार 15 दिसंबर को अल सुबह तड़के तीन बजे से शुरू होगी। इस दौरान शहर के पश्चिमी क्षेत्र में भक्तों की एक बड़ी संख्या यात्रा में भाग लेगी। यह प्रभातफेरी रणजीत हनुमान मंदिर से शुरू होकर द्रविड़ नगर रणजीत हनुमान रोड महूनाका चौराहा अन्नपूर्णा रोड महावर नगर उषा नगर चौराहा दशहरा मैदान के पास स्थित गंगेश्वर महादेव मंदिर नरेंद्र तिवारी मार्ग आदित्य नर्सिंग होम होते हुए पुनः रणजीत हनुमान मंदिर पर समाप्त होगी। यात्रा के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों से यातायात प्रभावित रहेगा जिससे प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए हैं।

    यातायात बंद रहेगा परिवर्तित मार्गों का उपयोग करें

    प्रभातफेरी के दौरान शहर में यातायात को सुचारू बनाने के लिए पुलिस ने महूनाका चौराहा और फूटी कोठी के बीच के मार्ग को तड़के तीन बजे से बंद करने का निर्णय लिया है। ऐसे में जो वाहन चालक फूटी कोठी चौराहा से रणजीत हनुमान मंदिर होते हुए महूनाका चौराहा आना-जाना करना चाहते हैं उन्हें इस समय के दौरान ये मार्ग बंद होने के कारण यात्रा मार्गों को परिवर्तित करना होगा। वाहन चालक फूटी कोठी चौराहा से चंदन नगर चौराहा और गंगवाल चौराहा होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंच सकते हैं।

    इसी तरह यदि किसी को जूनी इंदौर भंवरकुआं की ओर जाना है तो वे गोपुर चौराहा और चाणक्यपुरी चौराहा से अपने मार्ग पर आगे बढ़ सकते हैं। यात्रा के दौरान जब प्रभातफेरी अन्नपूर्णा रोड पर पहुंचेगी तो अन्नपूर्णा रोड और महूनाका चौराहा के बीच भी यातायात बंद रहेगा। ऐसे में यात्री लालबाग से केसरबाग रोड का उपयोग करके अपनी यात्रा जारी रख सकते हैं।

    पार्किंग व्यवस्था
    पार्किंग की विशेष व्यवस्था भी की गई है ताकि यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालु अपने वाहन सुरक्षित स्थानों पर पार्क कर सकें। कलेक्ट्रेट चौराहा से आने वाले श्रद्धालु अपने वाहन लालबाग परिसर में पार्क कर यात्रा में शामिल हो सकते हैं। गंगवाल की ओर से आने वाले वाहन चालक सराफा स्कूल एमओजी लाइन और शासकीय स्कूल एमओजी लाइन परिसर में अपने वाहन खड़े कर सकते हैं। अन्नपूर्णा से आने वाले यात्री दशहरा मैदान में पार्किंग कर यात्रा में शामिल हो सकते हैं।

    प्रशासन की अपील

    प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे दिए गए परिवर्तित मार्गों का पालन करें और निर्धारित पार्किंग स्थानों पर ही अपने वाहन खड़े करें। इससे यातायात व्यवस्था में सुगमता रहेगी और यात्रा में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सकेगा। प्रशासन ने यह भी कहा है कि यात्रियों को यात्रा के मार्गों में कोई परेशानी न हो इसके लिए आवश्यक व्यवस्था की गई है और प्रशासन का प्रयास है कि सभी श्रद्धालु अपनी यात्रा आराम से पूरी कर सकें।

    रणजीत हनुमान की प्रभातफेरी हर साल श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाई जाती है। यह एक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम है जो इंदौर शहर की धार्मिक आस्था का प्रतीक है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु शहर भर में फैले मार्गों पर प्रभातफेरी में शामिल होते हैं। प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्थाएं यह सुनिश्चित करने के लिए हैं कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े और आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

    यात्रा की सफलता के लिए सहयोग की अपील

    प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यातायात व्यवस्था में सहयोग करें ताकि इस महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जा सके।