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  • झाबुआ में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर पुलिस का शिकंजा, 14 बाइक चालकों पर कार्रवाई; 5 वाहन जब्त

    झाबुआ में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर पुलिस का शिकंजा, 14 बाइक चालकों पर कार्रवाई; 5 वाहन जब्त


    मध्यप्रदेश । झाबुआ शहर में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ रविवार देर शाम पुलिस ने सख्त अभियान चलाया। सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए गए इस विशेष अभियान में तेज रफ्तार से वाहन चलाने, तीन सवारी बैठाने, बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाने तथा नियमों के विपरीत नंबर प्लेट का उपयोग करने वाले बाइक चालकों पर कार्रवाई की गई।

    पुलिस अधीक्षक Devendra Patidar के निर्देश पर यातायात विभाग ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान संचालित किया। यातायात सूबेदार धर्मेंद्र पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने प्रमुख मार्गों के साथ-साथ शहर की आंतरिक गलियों में भी निगरानी रखी, ताकि नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों को चिन्हित किया जा सके।

    अभियान के दौरान पुलिस ने ऐसे वाहन चालकों को रोका जो बिना नंबर प्लेट के वाहन चला रहे थे या जिनकी नंबर प्लेट पर निर्धारित मानकों के विपरीत शब्द और प्रतीक अंकित थे। इसके अलावा तेज गति से बाइक चलाने और एक ही वाहन पर तीन लोगों के सवार होने जैसी यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।

    यातायात विभाग के अनुसार अभियान के दौरान कुल 14 बाइकों को पकड़ा गया। इनमें से 5 वाहनों को गंभीर नियम उल्लंघन के कारण जब्त कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि इन वाहनों को न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही छोड़ा जाएगा। शेष वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई।

    पुलिस ने विभिन्न मामलों में जुर्माना लगाते हुए कुल 5 हजार रुपए की राशि वसूल की। अधिकारियों का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया।

    यातायात विभाग ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे हेलमेट का उपयोग करें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें और वाहन से संबंधित सभी दस्तावेज अपने साथ रखें। साथ ही नंबर प्लेट को निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने और यातायात नियमों का पालन करने की भी सलाह दी गई है।

    पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

    इस अभियान में यातायात विभाग के कई पुलिसकर्मियों ने भाग लिया और नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • इंदौर में ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ा भारी: 210 चालकों के लाइसेंस होंगे सस्पेंड

    इंदौर में ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ा भारी: 210 चालकों के लाइसेंस होंगे सस्पेंड


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के इंदौर में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी अब महंगी पड़ने वाली है। शहर की ट्रैफिक पुलिस ने लगातार नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए 210 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
    ट्रैफिक विभाग के अनुसार, जिन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, वे पिछले तीन महीनों में बार-बार गंभीर नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। इनमें रेड सिग्नल जंप करना, रॉन्ग साइड वाहन चलाना और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना जैसे खतरनाक व्यवहार शामिल हैं, जो सड़क पर अन्य लोगों की जान को जोखिम में डालते हैं।
    राजेश त्रिपाठी (डीसीपी ट्रैफिक) ने बताया कि ऐसे चालकों की पहचान वाहन नंबर और रजिस्ट्रेशन के आधार पर की गई है। इनकी सूची परिवहन विभाग को भेज दी गई है, जहां से लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
    पुलिस का कहना है कि यह कदम सड़क हादसों को कम करने और लोगों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। लगातार नियम तोड़ने वालों पर निगरानी और सख्ती आगे भी जारी रहेगी। 
    ट्रैफिक पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, ताकि खुद की और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। नियमों की अनदेखी न सिर्फ कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकती है, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकती है।
  • दिल्ली में सड़क हादसे: 2025 में 649 मौतें, 1,738 घायल, पैदल यात्री सबसे असुरक्षित

    दिल्ली में सड़क हादसे: 2025 में 649 मौतें, 1,738 घायल, पैदल यात्री सबसे असुरक्षित


    नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी में सड़क हादसों ने 2025 में चिंताजनक स्थिति पैदा कर दी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के जनवरी 2026 के न्यूजलेटर के अनुसार बीते साल 649 लोगों की मौत हुई और 1 738 लोग घायल हुए। इनमें पैदल यात्रियों की संख्या सबसे अधिक रही। आंकड़े बताते हैं कि निजी कारों की चपेट में आने से 92 दोपहिया वाहनों से 75 और भारी वाहनों से 43 पैदल यात्रियों की मौत हुई।

    तेज रफ्तार लापरवाही यातायात नियमों का उल्लंघन और सुरक्षित पारपथों की कमी हादसों के मुख्य कारण हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने 13 जनवरी को दोपहिया वाहनों की जागरूकता रैली का आयोजन किया। इस रैली में 70 पुलिस कर्मियों और 200 से अधिक लोग शामिल हुए। रैली का उद्देश्य दोपहिया वाहन चालकों के बीच सड़क सुरक्षा नियमों और हेलमेट के इस्तेमाल के प्रति जागरूकता फैलाना था। अधिकारियों ने जोर दिया कि आईएसआई प्रमाणित हेलमेट पहनना अनिवार्य है।

    सड़क सुरक्षा सुधारने के लिए सख्ती भी बढ़ाई गई। दिसंबर 2025 में गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के खिलाफ 42 945 चालान किए गए जो पिछले साल के 8 854 मामलों से कई गुना अधिक है। इनमें दोपहिया वाहन चालक सबसे आगे थे जिनके खिलाफ 30 224 चालान किए गए। जनवरी 2026 में पहली बार भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 के तहत 173 FIR दर्ज की गईं। इस धाराओं के तहत दोषी पाए जाने पर छह महीने तक की कैद या 1 000 रुपये तक का जुर्माना और वाहन ज़ब्त किया जा सकता है।

    ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि गलत दिशा में वाहन चलाना सड़क हादसों की बड़ी वजह है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें सतर्क रहें और सुरक्षित ड्राइविंग अपनाएं। सड़क पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब सबसे बड़ा चुनौती बन चुका है।
    यह आंकड़े और उपाय दर्शाते हैं कि दिल्ली में सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए केवल कानून नहीं बल्कि जागरूकता और बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर भी उतना ही जरूरी है

  • धमतरी में ऑटोमेटिक ई-चालान का आतंक: 'उटपटांग' कट रहे चालानों से जनता त्रस्त, अब कलेक्टर करेंगे राहत की पहल

    धमतरी में ऑटोमेटिक ई-चालान का आतंक: 'उटपटांग' कट रहे चालानों से जनता त्रस्त, अब कलेक्टर करेंगे राहत की पहल

    धमतरी । छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए लागू की गई हाईटेक ई-चालान प्रणाली अब आम जनता के लिए गले की फांस बन गई है। आरटीओ और यातायात विभाग द्वारा शुरू किए गए ऑटोमेटिक ऑनलाइन ई-चालान सिस्टम से वाहन चालक इस कदर परेशान हैं कि शिकायतों का अंबार लग गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब जिला प्रशासन ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करने के संकेत दिए हैं। लगातार मिल रही शिकायतों से खुद जिला कलेक्टर भी असहज महसूस कर रहे हैं और उन्होंने आम जनता को इस ‘तकनीकी प्रताड़ना’ से राहत दिलाने के लिए पहल शुरू कर दी है।

    तकनीक का अजीब व्यवहार और चालान की मार शहर के प्रमुख चौराहों पर लगाए गए हाईटेक कैमरे वाहन चालकों के लिए खौफ का कारण बन गए हैं। यह सिस्टम चलते वाहनों की नंबर प्लेट को स्कैन कर स्वतः ही चालान जनरेट कर देता है। वाहन चालकों का आरोप है कि यह प्रणाली कई बार बिना किसी ठोस यातायात उल्लंघन के ही भारी-भरकम चालान काट रही है। सोमवार को अपनी व्यथा सुनाते हुए कई चालकों ने बताया कि उन्हें ऐसे अपराधों के लिए उटपटांग चालान भेजे जा रहे हैं, जो उन्होंने किए ही नहीं। जब अचानक मोबाइल पर चालान का मैसेज पहुंचता है, तो वाहन चालक यह समझ ही नहीं पाते कि आखिर उनसे गलती कहाँ हुई।

    बढ़ता जन आक्रोश और प्रशासनिक सक्रियता बिना मानवीय हस्तक्षेप के कट रहे इन ऑनलाइन चालानों ने लोगों की जेब पर भारी बोझ डाल दिया है। कई मामलों में तो कैमरे की तकनीकी खराबी के कारण भी गलत चालान जारी होने की बात सामने आई है। रोजमर्रा के काम से घर से निकलने वाले मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह सिस्टम एक बड़ी मानसिक और आर्थिक परेशानी बन चुका है। कलेक्ट्रेट कार्यालय तक पहुँच रही शिकायतों की बाढ़ ने प्रशासन को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

    कलेक्टर की पहल से जगी उम्मीद मामले की गंभीरता और जनता की नाराजगी को देखते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वे इस सिस्टम की समीक्षा करेंगे। शिकायतों के निवारण के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था बनाने और गलत तरीके से कटे चालानों को रद्द करने की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है। कलेक्टर की इस सक्रियता से अब धमतरी की जनता को उम्मीद बंधी है कि उन्हें कैमरों की इस मनमानी से जल्द निजात मिलेगी और यातायात नियमों के नाम पर हो रही इस तकनीकी धांधली पर अंकुश लगेगा।

  • भोपाल में ट्रैफिक नियंत्रण के लिए रेतघाट से भोपाल टॉकीज तक वन-वेरांग साइड से आए तो होगा चालान

    भोपाल में ट्रैफिक नियंत्रण के लिए रेतघाट से भोपाल टॉकीज तक वन-वेरांग साइड से आए तो होगा चालान


    भोपाल।मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक अहम कदम उठाया है। अब रेतघाट से भोपाल टॉकीज तक ट्रैफिक एकतरफा यानी वन-वे कर दिया गया है। यह निर्णय पुराने शहर की सड़कों पर यातायात की समस्या को ध्यान में रखते हुए लिया गया हैजहां दिनभर भारी ट्रैफिक दबाव बना रहता है। इस मार्ग को नए और पुराने शहर को जोड़ने वाला सबसे व्यस्त मार्ग माना जाता हैजिस पर रोजाना लगभग एक लाख वाहन गुजरते हैं।
    सख्त ट्रैफिक नियंत्रण के उपाय

    रेतघाट से भोपाल टॉकीज तक का मार्गजो कि भोपाल के पुराने इलाके का प्रमुख रास्ता हैअब पूरी तरह वन-वे हो गया है। इससे पहले इस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव बहुत अधिक होता थाजिसके कारण लंबे समय से यातायात व्यवस्था में गड़बड़ी और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया था। पुलिस ने इस समस्या से निपटने के लिए रेतघाट से भोपाल टॉकीज तक वाहनों की आवाजाही को एकतरफा करने का निर्णय लिया हैताकि ट्रैफिक की गति को नियंत्रित किया जा सके और दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम किया जा सके।

    इसके तहत अब वापसी के लिए अलग वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया गया हैजिससे यात्री अपने गंतव्य तक आसानी से पहुंच सकें। लेकिनयदि कोई वाहन चालक रांग साइड से इस मार्ग पर प्रवेश करता हैतो उसे चेकिंग प्वाइंट्स पर पकड़कर चालान किया जाएगा। पुलिस ने इस व्यवस्था के तहत नियमों को कड़ा करने का निर्णय लिया है ताकि शहर में यातायात व्यवस्था को और अधिक सुचारू और सुरक्षित बनाया जा सके।

    आईटीएमएस कैमरे की निगरानी

    पुलिस ने ट्रैफिक की निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए कई स्थानों पर इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम कैमरे भी लगाए हैं। इन कैमरों से यातायात की गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगीऔर रांग साइड से वाहन चलाने वालों को पकड़ा जाएगा। यह कदम शहर में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए उठाया गया हैताकि नियमों का पालन सख्ती से किया जा सके और दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

    ट्रैफिक समस्या और वन-वे का महत्व

    भोपाल के पुराने शहर की सड़कों पर रोजाना लगभग एक लाख वाहन गुजरते हैंजिससे ट्रैफिक का दबाव दिनभर बना रहता है। रेतघाट से भोपाल टॉकीज तक का मार्ग इस क्षेत्र का प्रमुख यातायात मार्ग हैऔर यह दोनों शहरों को जोड़ता है। इस मार्ग पर अत्यधिक ट्रैफिक होने के कारण अक्सर जाम की स्थिति बन जाती थीजिससे आम जनजीवन प्रभावित होता था। इस समस्या को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की हैजो आने वाले समय में ट्रैफिक के दबाव को कम करने में मददगार साबित हो सकती है।

    आगे की योजना और जागरूकता

    पुलिस ने ट्रैफिक के इस नए नियम को लागू करने के बाद अब जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई हैताकि लोग इस नए ट्रैफिक नियम को समझें और उसका पालन करें। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे रांग साइड से वाहन न चलाएं और नए नियमों का पालन करें। इसके अलावापुलिस ने चालानी कार्रवाई को कड़ा करते हुए यह स्पष्ट किया है कि इस नियम का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    भोपाल में ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए रेतघाट से भोपाल टॉकीज तक वन-वे व्यवस्था लागू करना एक प्रभावी कदम साबित हो सकता है। इस कदम से जहां एक ओर यातायात की समस्या को हल करने में मदद मिलेगीवहीं दूसरी ओर दुर्घटनाओं को भी रोका जा सकेगा। पुलिस की ओर से नियमों की सख्ती से पालन कराने और आईटीएमएस कैमरों की मदद से ट्रैफिक की निगरानी को और बेहतर बनाया जाएगा। इस तरह की ट्रैफिक सुधार योजनाएं अन्य शहरों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती हैं।