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  • शिवपुरी में नाबालिग बेटी को छह लाख रुपये में बेचने का आरोप, विधवा ने वीडियो जारी कर मांगा न्याय

    शिवपुरी में नाबालिग बेटी को छह लाख रुपये में बेचने का आरोप, विधवा ने वीडियो जारी कर मांगा न्याय

    शिवपुरी जिले: के सिरसौद थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की की कथित मानव तस्करी का मामला सामने आया है। अमरखौआ गांव की रहने वाली 40 वर्षीय विधवा महिला ने एक वायरल वीडियो के माध्यम से आरोप लगाया है कि पति की मौत के बाद उसके साथ शारीरिक शोषण किया गया और उसकी 14 वर्षीय बेटी को छह लाख रुपये में बेच दिया गया। महिला ने मामले में कार्रवाई कर न्याय दिलाने की मांग की है।

    महिला के अनुसार, पति के निधन के बाद वह अपनी बेटी के साथ मजदूरी करने राजस्थान के सिरसा गांव गई थी। वहां उसकी मुलाकात जसराज गुर्जर नामक व्यक्ति से हुई। महिला का आरोप है कि जसराज ने उससे शादी करने का भरोसा दिया और उसके साथ रहने लगा। इसके बाद उसने कथित तौर पर महिला का शारीरिक शोषण किया। महिला ने वीडियो में यह भी आरोप लगाया कि जसराज की नजर उसकी नाबालिग बेटी पर थी।

    पीड़िता का दावा है कि जसराज गुर्जर ने उसकी बेटी को राजस्थान में रहने वाले 40 से 45 वर्ष के एक व्यक्ति को छह लाख रुपये में बेच दिया। जब उसे बेटी के लापता होने का पता चला, तो उसने उसकी तलाश शुरू की। महिला के मुताबिक, काफी प्रयासों के बाद वह अपनी बेटी को खोजने में सफल रही और उसे वापस अपने गांव अमरखौआ ले आई।

    महिला ने आरोप लगाया कि बेटी के गांव लौटने के बाद भी परेशानी खत्म नहीं हुई। उसके अनुसार, जिस व्यक्ति को कथित तौर पर लड़की बेचा गया था, वह अमरखौआ गांव पहुंच गया। महिला का कहना है कि वह व्यक्ति अब लड़की को अपने साथ भेजने का दबाव बना रहा है और छह लाख रुपये देकर उसे खरीदने का दावा कर रहा है।

    इस पूरे मामले को लेकर महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में उसने जसराज गुर्जर और उस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिस पर उसकी बेटी को खरीदने का आरोप लगाया गया है। महिला के आरोपों ने नाबालिग की सुरक्षा और कथित मानव तस्करी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

    फिलहाल उपलब्ध जानकारी महिला की ओर से लगाए गए आरोपों और वायरल वीडियो पर आधारित है। मामले में पुलिस की कार्रवाई, आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और संबंधित व्यक्तियों का पक्ष सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। आरोपों की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। नाबालिग की सुरक्षा सुनिश्चित करना और कथित तौर पर उसे खरीदने-बेचने से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।

    संक्षिप्त सार:
    शिवपुरी के सिरसौद थाना क्षेत्र की एक विधवा ने आरोप लगाया है कि उसके साथ शारीरिक शोषण किया गया और उसकी नाबालिग बेटी को छह लाख रुपये में बेच दिया गया।

    Keywords:
    Shivpuri, Trafficking, Minor, Exploitation, Rajasthan

    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के सिरसौद थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की की कथित मानव तस्करी का मामला सामने आया है। अमरखौआ गांव की रहने वाली 40 वर्षीय विधवा महिला ने एक वायरल वीडियो के माध्यम से आरोप लगाया है कि पति की मौत के बाद उसके साथ शारीरिक शोषण किया गया और उसकी 14 वर्षीय बेटी को छह लाख रुपये में बेच दिया गया। महिला ने मामले में कार्रवाई कर न्याय दिलाने की मांग की है।

    महिला के अनुसार, पति के निधन के बाद वह अपनी बेटी के साथ मजदूरी करने राजस्थान के सिरसा गांव गई थी। वहां उसकी मुलाकात जसराज गुर्जर नामक व्यक्ति से हुई। महिला का आरोप है कि जसराज ने उससे शादी करने का भरोसा दिया और उसके साथ रहने लगा। इसके बाद उसने कथित तौर पर महिला का शारीरिक शोषण किया। महिला ने वीडियो में यह भी आरोप लगाया कि जसराज की नजर उसकी नाबालिग बेटी पर थी।

    पीड़िता का दावा है कि जसराज गुर्जर ने उसकी बेटी को राजस्थान में रहने वाले 40 से 45 वर्ष के एक व्यक्ति को छह लाख रुपये में बेच दिया। जब उसे बेटी के लापता होने का पता चला, तो उसने उसकी तलाश शुरू की। महिला के मुताबिक, काफी प्रयासों के बाद वह अपनी बेटी को खोजने में सफल रही और उसे वापस अपने गांव अमरखौआ ले आई।

    महिला ने आरोप लगाया कि बेटी के गांव लौटने के बाद भी परेशानी खत्म नहीं हुई। उसके अनुसार, जिस व्यक्ति को कथित तौर पर लड़की बेचा गया था, वह अमरखौआ गांव पहुंच गया। महिला का कहना है कि वह व्यक्ति अब लड़की को अपने साथ भेजने का दबाव बना रहा है और छह लाख रुपये देकर उसे खरीदने का दावा कर रहा है।

    इस पूरे मामले को लेकर महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में उसने जसराज गुर्जर और उस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिस पर उसकी बेटी को खरीदने का आरोप लगाया गया है। महिला के आरोपों ने नाबालिग की सुरक्षा और कथित मानव तस्करी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

    फिलहाल उपलब्ध जानकारी महिला की ओर से लगाए गए आरोपों और वायरल वीडियो पर आधारित है। मामले में पुलिस की कार्रवाई, आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और संबंधित व्यक्तियों का पक्ष सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। आरोपों की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। नाबालिग की सुरक्षा सुनिश्चित करना और कथित तौर पर उसे खरीदने-बेचने से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।

  • नर्सिंग नौकरी का झांसा देकर दुबई ले जाई गई झारखंड की मोनिका कच्छप बंधक, परिवार ने सुरक्षित वापसी की लगाई गुहार

    नर्सिंग नौकरी का झांसा देकर दुबई ले जाई गई झारखंड की मोनिका कच्छप बंधक, परिवार ने सुरक्षित वापसी की लगाई गुहार

    नई दिल्ली ।झारखंड के रांची स्थित छोटा घाघरा इलाके की 37 वर्षीय आदिवासी महिला मोनिका कच्छप को नर्सिंग की नौकरी का झांसा देकर विदेश ले जाने और वहां बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। परिवार का आरोप है कि मोनिका को अच्छी नौकरी, रहने, खाने और आवास की सुविधा का भरोसा देकर शारजाह ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचते ही उसका मूल पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिया गया। परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए उसकी सुरक्षित वापसी के लिए राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय से मदद की गुहार लगाई है।

    मोनिका ने रांची के बुंडू से साढ़े तीन साल का नर्सिंग कोर्स पूरा किया था। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब है और घर का खर्च खेती-किसानी से चलता है। इसी वजह से मोनिका नौकरी करना चाहती थी। इसी दौरान वह ऑनलाइन माध्यम से एक एजेंसी और उसकी एजेंट प्रियंका के संपर्क में आई। परिवार के मुताबिक, प्रियंका ने उसे दुबई में अच्छी नौकरी मिलने और विदेश में रहने, खाने तथा आवास की सुविधा उपलब्ध होने का भरोसा दिया। इस पर विश्वास करते हुए मोनिका ने 22 अप्रैल 2026 को प्रियंका द्वारा बताए गए बैंक खाते में फोनपे के जरिए 5 हजार रुपये भेजे। आगे की यात्रा और विमान टिकट की व्यवस्था एजेंसी ने की और 5 मई को मोनिका दिल्ली एयरपोर्ट से शारजाह के लिए रवाना हुई।

    परिवार की शिकायत के अनुसार, 6 मई को शारजाह पहुंचने के बाद एजेंसी की ओर से भेजी गई गाड़ी के चालक ने मोनिका का मूल पासपोर्ट अपने पास रख लिया। अगले दिन उसे अजमान स्थित एजेंसी के कार्यालय ले जाया गया। वहां रितेश और मोहम्मद मेराज अंसारी नाम के लोगों ने अरबी भाषा में लिखे कुछ दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लिए। मोनिका अरबी भाषा नहीं जानती थी। आरोप है कि उसका मोबाइल फोन भी ले लिया गया और प्रियंका के साथ हुई व्हाट्सएप बातचीत मिटा दी गई। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए उसे बताया गया कि उसने एजेंसी से 2600 दिरहम का कर्ज लिया है और 25 मई तक रकम नहीं चुकाने पर जेल भेजने की धमकी दी गई।

    परिवार का आरोप है कि इसके बाद मोनिका को मोहम्मद मेराज अंसारी के घर ले जाया गया, जहां करीब एक महीने तक उसे बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उससे झाड़ू-पोछा लगाने, बर्तन साफ करने और बाथरूम की सफाई जैसे काम कराए गए। इसके बाद 22 जून को उसे बिना वैध वर्क परमिट के दूसरे घर में घरेलू देखभाल के काम के लिए भेजे जाने की बात सामने आई। वहां की भाषा समझने में परेशानी होने के कारण वह काम नहीं कर सकी और अगले ही दिन उसे वापस कार्यालय छोड़ दिया गया।

    मोनिका के पिता रतना कच्छप की शिकायत के आधार पर 29 सितंबर 2026 को रांची के एयरपोर्ट थाने में मामला दर्ज किया गया। शिकायत में दुबई और अजमान में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी, मानव तस्करी, बंधक बनाने, जबरन मजदूरी कराने और रंगदारी मांगने जैसे आरोप लगाए गए हैं। परिवार ने अब राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप कर मोनिका को सुरक्षित घर वापस लाने की मांग की है। परिवार और स्थानीय ग्रामीणों की अपील है कि उसे जल्द सुरक्षित वापस लाया जाए।

  • गोरखपुर स्टेशन पर DRI की कार्रवाई, अमरनाथ एक्सप्रेस से 5.88 किलोग्राम चरस बरामद, दो महिलाओं समेत तीन गिरफ्तार

    गोरखपुर स्टेशन पर DRI की कार्रवाई, अमरनाथ एक्सप्रेस से 5.88 किलोग्राम चरस बरामद, दो महिलाओं समेत तीन गिरफ्तार

    नई दिल्ली ।उत्तर प्रदेश के गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर राजस्व खुफिया निदेशालय यानी डीआरआई ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से 5.88 किलोग्राम चरस बरामद हुई है। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में अनुमानित कीमत करीब 5.88 करोड़ रुपये बताई गई है। तीनों आरोपी अमरनाथ एक्सप्रेस से बिहार से पंजाब की ओर जा रहे थे।

    डीआरआई को सूचना मिली थी कि कुछ लोग बिहार के सुगौली से ट्रेन में सवार हुए हैं और उनके पास बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ है। इन लोगों का कथित गंतव्य पंजाब का लुधियाना बताया गया था। सूचना मिलने के बाद डीआरआई की टीम गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंची और ट्रेन के आने का इंतजार करने लगी।

    ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचने के बाद टीम संबंधित कोच में पहुंची। संदेह के आधार पर दो महिलाओं और एक पुरुष को हिरासत में लेकर पूछताछ और तलाशी की गई। जांच के दौरान महिलाओं के पास से कुल 11 पैकेट बरामद किए गए। इन पैकेटों में मौजूद काले रंग के पदार्थ की जांच की गई तो वह चरस पाया गया।

    जांच एजेंसी के अनुसार, महिलाओं ने मादक पदार्थ को शरीर के आसपास छिपाकर रखा था। चरस के पैकेट जांघों के चारों ओर घुटने के कैप में लपेटकर और कपड़ों के भीतर छिपाए गए थे। तलाशी के दौरान बरामद सभी पैकेटों को जब्त कर लिया गया। बरामदगी के बाद तीनों आरोपियों को मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

    डीआरआई ने बरामद चरस को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांसेज यानी एनडीपीएस अधिनियम के तहत जब्त किया। अधिकारियों ने मामले में आगे की जांच शुरू करते हुए यह पता लगाने का प्रयास किया कि मादक पदार्थ कहां से हासिल किया गया था और इसे पंजाब तक पहुंचाने की जिम्मेदारी किसे दी गई थी।

    गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ तस्करी से संबंधित मामला दर्ज किया गया। शुक्रवार को उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। जांच एजेंसी अब कथित तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और मादक पदार्थ की आपूर्ति के स्रोत की जानकारी जुटा रही है।

    मामला ऐसे समय सामने आया है जब पूर्वी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में विभिन्न सामानों की अवैध आवाजाही को लेकर सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बढ़ा रही हैं। सिद्धार्थनगर जिले में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े कुछ इलाकों में यूरिया खाद और चीनी समेत अन्य सामानों की कथित तस्करी की शिकायतें भी सामने आती रही हैं।

    मोहाना थाना क्षेत्र के ककरहवा पुलिस चौकी के आसपास के गांवों से सीमापार सामान पहुंचाने की गतिविधियों की जानकारी पुलिस और सुरक्षा बलों को मिलती रही है। सीमा क्षेत्र में कई पगडंडी मार्ग होने के कारण निगरानी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी रहती है। आरोप है कि तस्कर जवानों की गश्त के बीच खाली समय का फायदा उठाकर पहले से जमा सामान सीमापार पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

    स्थानीय पुलिस के अनुसार, तस्करी पर रोक लगाने के लिए सिविल पुलिस और सशस्त्र सीमा बल की संयुक्त गश्त की जाती है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध सामान के साथ पकड़े जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। गोरखपुर की कार्रवाई के बाद जांच एजेंसियों का ध्यान मादक पदार्थों की आपूर्ति और परिवहन से जुड़े नेटवर्क पर भी है।

  • विकसित भारत के संकल्प से जोड़ा नशा मुक्ति अभियान, युवाओं से नेतृत्व संभालने का पीएम मोदी का आह्वान

    विकसित भारत के संकल्प से जोड़ा नशा मुक्ति अभियान, युवाओं से नेतृत्व संभालने का पीएम मोदी का आह्वान

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ की शुरुआत करते हुए देशभर के युवाओं से नशे के खिलाफ व्यापक जनभागीदारी का आह्वान किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारत में ड्रग्स की आपूर्ति केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि यह देश के खिलाफ रची जा रही एक बड़ी साजिश का हिस्सा भी है। उन्होंने कहा कि दुश्मन देश भारतीय युवाओं को नशे के जाल में फंसाकर देश की ऊर्जा और क्षमता को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे समाज और सरकार को मिलकर विफल करना होगा।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश का युवा शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से सशक्त होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति केवल एक व्यक्ति के जीवन को प्रभावित नहीं करती, बल्कि पूरे परिवार और समाज पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें।

    अभियान के तहत अगले 100 सप्ताह तक प्रत्येक रविवार देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें खेल, कला, संस्कृति, जनजागरूकता गतिविधियों और सामुदायिक अभियानों के माध्यम से नशा मुक्ति का संदेश लोगों तक पहुंचाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी से चलने वाला राष्ट्रीय अभियान है, जिसका उद्देश्य नशे के खिलाफ जनचेतना को मजबूत करना है।

    कार्यक्रम की शुरुआत में देशभर के युवाओं ने एक साथ नशा मुक्त भारत की शपथ ली। यह आयोजन 28 हजार से अधिक स्थानों पर एक साथ आयोजित किया गया, जिसमें एक करोड़ से अधिक युवाओं ने भागीदारी की। कार्यक्रम में कई आध्यात्मिक गुरुओं ने भी वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की और युवाओं को सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। इसके अलावा विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, राज्यपाल और अन्य जनप्रतिनिधि भी इस अभियान से जुड़े।

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज भारत के युवा स्टार्टअप, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार जैसे क्षेत्रों में वैश्विक पहचान बना रहे हैं। ऐसे समय में यदि कोई युवा नशे की गिरफ्त में आता है तो उसका व्यक्तिगत भविष्य ही नहीं, बल्कि परिवार की उम्मीदें और राष्ट्र की प्रगति भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और जीवन के लक्ष्यों को कमजोर कर देता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि सरकार नशे के अवैध कारोबार और तस्करी के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की जब्ती, तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय को लगातार मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने इसे सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा बताते हुए कहा कि ड्रग्स माफिया और तस्करों के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि नशे की लत से बाहर निकलने वाले लोगों का समाज को सम्मान करना चाहिए, क्योंकि उनका संघर्ष दूसरों के लिए प्रेरणा बन सकता है। उन्होंने इस अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने पर बल देते हुए कहा कि स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, सामाजिक संस्थाएं, उद्योग जगत और आध्यात्मिक संगठन मिलकर युवाओं को जागरूक करें। उनके अनुसार, सामूहिक प्रयासों और जनसहभागिता के माध्यम से ही नशा मुक्त भारत और विकसित भारत के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकता है।

  • मियामी में एंड्रयू और ट्रिस्टन टेट गिरफ्तार, ब्रिटेन ने दुष्कर्म, मानव तस्करी और यौन अपराधों के नए आरोपों के साथ तेज की प्रत्यर्पण प्रक्रिया

    मियामी में एंड्रयू और ट्रिस्टन टेट गिरफ्तार, ब्रिटेन ने दुष्कर्म, मानव तस्करी और यौन अपराधों के नए आरोपों के साथ तेज की प्रत्यर्पण प्रक्रिया


    नई दिल्ली ।
    सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एंड्रयू टेट और उनके भाई ट्रिस्टन टेट एक बार फिर गंभीर कानूनी विवादों के केंद्र में आ गए हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने दोनों भाइयों को मियामी से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब ब्रिटेन में उनके खिलाफ दुष्कर्म, मानव तस्करी, यौन शोषण, गंभीर मारपीट और बाल अश्लील सामग्री से जुड़े कई नए आपराधिक आरोप दर्ज किए गए हैं। गिरफ्तारी के बाद दोनों भाइयों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही कानूनी प्रक्रिया ने नया मोड़ ले लिया है और अब उनके प्रत्यर्पण को लेकर भी गतिविधियां तेज हो गई हैं।

    बताया जा रहा है कि ब्रिटेन में अभियोजन पक्ष ने एंड्रयू टेट और ट्रिस्टन टेट के खिलाफ कुल 38 नए आरोप तय किए हैं। इनमें यौन शोषण के उद्देश्य से मानव तस्करी, दुष्कर्म, गंभीर हिंसा और अश्लील सामग्री से जुड़े मामलों को शामिल किया गया है। एंड्रयू टेट पहले से भी कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, जबकि ट्रिस्टन टेट पर भी दुष्कर्म, मानव तस्करी और हिंसा से संबंधित कई मामले पहले से लंबित हैं। नए आरोप जुड़ने के बाद दोनों भाइयों के खिलाफ कानूनी चुनौती और अधिक गंभीर हो गई है।

    अमेरिकी अधिकारियों ने दोनों को एक न्यायिक वारंट के आधार पर हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। माना जा रहा है कि आगे की सुनवाई के दौरान यह तय किया जाएगा कि दोनों भाइयों को ब्रिटेन भेजने की प्रक्रिया किस प्रकार आगे बढ़ेगी। ब्रिटेन पहले ही उनके प्रत्यर्पण की मांग कर चुका है ताकि वहां दर्ज मामलों में न्यायिक कार्रवाई पूरी की जा सके।

    एंड्रयू और ट्रिस्टन टेट लंबे समय से सोशल मीडिया पर अपने विवादित बयानों और जीवनशैली को लेकर चर्चा में रहे हैं। विशेष रूप से महिलाओं को लेकर दिए गए उनके कई बयान लगातार विवादों का कारण बने। इसके बावजूद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके बड़ी संख्या में समर्थक और अनुयायी मौजूद हैं। उनकी लोकप्रियता और विवाद एक साथ बढ़ते रहे हैं, जिसके कारण वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार सुर्खियों में बने रहे।

    दोनों भाइयों के खिलाफ केवल ब्रिटेन ही नहीं बल्कि रोमानिया में भी अलग-अलग आपराधिक मामले चल रहे हैं। वर्ष 2022 में वहां उनकी गिरफ्तारी के बाद उन पर दुष्कर्म, मानव तस्करी और संगठित आपराधिक गतिविधियों से जुड़े आरोप लगाए गए थे। इन मामलों की न्यायिक प्रक्रिया अभी भी जारी है। ऐसे में विभिन्न देशों में चल रही कानूनी कार्रवाइयों ने उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता और बढ़ा दी है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रत्यर्पण प्रक्रिया पूरी होती है तो दोनों भाइयों को ब्रिटेन में दर्ज मामलों का सामना करना पड़ेगा। वहीं अन्य देशों में लंबित मामलों की सुनवाई भी अपने-अपने कानूनी ढांचे के अनुसार जारी रहेगी। इस पूरे घटनाक्रम ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की जवाबदेही, अंतरराष्ट्रीय न्यायिक सहयोग और गंभीर आपराधिक मामलों में सीमा-पार कानूनी प्रक्रियाओं को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में अदालतों की कार्यवाही और विभिन्न देशों की कानूनी एजेंसियों के फैसले इस बहुचर्चित मामले की दिशा तय करेंगे।

  • ऑनलाइन बुकिंग, बाहरी राज्यों और विदेशी युवतियों का इस्तेमाल, नागपुर में संगठित देह व्यापार गिरोह पर पुलिस का शिकंजा, कई गिरफ्तार

    ऑनलाइन बुकिंग, बाहरी राज्यों और विदेशी युवतियों का इस्तेमाल, नागपुर में संगठित देह व्यापार गिरोह पर पुलिस का शिकंजा, कई गिरफ्तार

    नई दिल्ली ।महाराष्ट्र के नागपुर शहर में पुलिस ने एक संगठित देह व्यापार गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जो कथित तौर पर मोबाइल ऐप और ऑनलाइन माध्यमों के जरिए ग्राहकों तक पहुंच बना रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क में विदेशी नागरिकों के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों की युवतियों को भी शामिल किया गया था। पुलिस की कार्रवाई के दौरान कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कई महिलाओं को सुरक्षित निकालकर संरक्षण में लिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और इसके संचालन से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।

    बताया जा रहा है कि पुलिस को लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। इसके बाद विशेष निगरानी और गोपनीय सूचना के आधार पर अंबाझरी थाना क्षेत्र में कार्रवाई की गई। जांच के दौरान यह सामने आया कि ग्राहकों से संपर्क और बुकिंग की प्रक्रिया मोबाइल एप्लीकेशन तथा डिजिटल माध्यमों के जरिए संचालित की जा रही थी। कथित तौर पर ग्राहकों को अलग-अलग स्थानों पर भेजने और पूरी व्यवस्था को ऑनलाइन समन्वित किया जाता था, जिससे अवैध गतिविधियों को छिपाने का प्रयास किया जा रहा था।

    प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया कि इस गिरोह में उज़्बेकिस्तान की कुछ महिलाओं के अलावा दिल्ली, पंजाब और अन्य क्षेत्रों से आई युवतियों का भी इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कई महिलाओं को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर भेजा है। संबंधित विभागों की मदद से उनकी पहचान, दस्तावेजों और परिस्थितियों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं उन्हें किसी प्रकार के दबाव, धोखे या मानव तस्करी के माध्यम से इस नेटवर्क में तो नहीं लाया गया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस नेटवर्क का संचालन कितने समय से हो रहा था, इसमें कितने लोग शामिल थे और इसका विस्तार किन-किन शहरों तक फैला हुआ था। डिजिटल उपकरणों, मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है, जिससे पूरे गिरोह की कार्यप्रणाली और आर्थिक नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

    इस मामले ने एक बार फिर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डिजिटल तकनीक के दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल जहां सुविधाएं बढ़ाने के लिए किया जा रहा है, वहीं कुछ संगठित गिरोह इसका उपयोग अवैध गतिविधियों को छिपाने और संचालित करने के लिए भी कर रहे हैं। ऐसे मामलों में तकनीकी निगरानी, साइबर विश्लेषण और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता लगातार बढ़ती जा रही है।

    पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में अन्य लोगों या किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें इस तरह की किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि मानव तस्करी और संगठित अपराध जैसे मामलों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

  • इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में हाई-प्रोफाइल ड्रग पार्टियां: 15000 में एंट्री, युवतियों को पैडलर बनाकर 5 राज्यों में एमडी ड्रग सप्लाई

    इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में हाई-प्रोफाइल ड्रग पार्टियां: 15000 में एंट्री, युवतियों को पैडलर बनाकर 5 राज्यों में एमडी ड्रग सप्लाई


    नई दिल्ली। इंदौर पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें भोपाल का अबान शकील मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। पुलिस ने अबान को इंदौर में ड्रग डिलीवरी के इंतजार के दौरान गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि अबान गोवा, इंदौर, मुंबई, दिल्ली और भोपाल जैसे कई बड़े शहरों में एमडी ड्रग की सप्लाई में सक्रिय था। इस गिरोह में दो युवतियां भी पैडलर के रूप में शामिल थीं, जिन्हें अबान और उसके साथी वैभव उर्फ बाबा शर्मा मोटे कमीशन और ड्रग की फ्री खुराक का लालच देकर तस्करी के काम में जोड़ते थे।
    पुलिस ने अबान की निशानदेही पर दो युवतियों और बाबा शर्मा को भी गिरफ्तार किया है।

    इंदौर पुलिस की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि अबान और बाबा शर्मा अंतरराज्यीय एमडी तस्कर गिरोह के सदस्य हैं और यह गिरोह चार से पांच राज्यों में ड्रग तस्करी कर रहा था। जांच के दौरान यह तथ्य भी उजागर हुआ कि इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में आरोपी बाबा शर्मा, अलीशा मसीह और नेहा पार्टीज का आयोजन करते थे। इन पार्टियों में एंट्री फीस 10 से 15 हजार रुपए तक ली जाती थी और रईसजादों को ड्रग खपाने का काम किया जाता था।

    पुलिस ने बताया कि अबान अपनी पार्टीज के जरिए युवाओं को आकर्षित करता था और बाद में उन्हें एमडी की खुराक देकर पार्टी कल्चर के नाम पर नशे का आदी बनाता था। इसके बाद वही युवतियां और अन्य सदस्य ड्रग सप्लाई के लिए आगे काम करते थे। गिरोह के सदस्य मुख्य रूप से गोवा, दिल्ली, इंदौर, भोपाल, मुंबई सहित अन्य शहरों में पार्टीज आयोजित करते रहे हैं।

    अब तक इस मामले में कुल चार गिरफ्तारियां हुई हैं।

    इंदौर पुलिस ने अबान के साथ कनाड़िया, मुंबई और देवास से गिरोह के तीन और सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी वैभव उर्फ बाबा ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह अबान और युवतियों के साथ मिलकर एमडी ड्रग्स की तस्करी करता था।

    पुलिस के मुताबिक, गिरोह गोवा सहित कई राज्यों के पब, बार और क्लबों में एमडी ड्रग की सप्लाई करता था और इसकी कीमत लगभग 10 हजार रुपए प्रति ग्राम थी। पुलिस अभी आरोपी से एमडी ड्रग्स के सोर्स के बारे में पूछताछ कर रही है और उसके बाद गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी भी संभव है।

    इस बीच, अबान शकील का नाम ड्रग तस्करी में फंसने के बाद भोपाल डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन (बीडीसीए) ने उसे अपनी प्रारंभिक सदस्यता से बर्खास्त कर दिया है। बीडीसीए ने एक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की है। अबान बीडीसीए का आजीवन सदस्य भी था। पुलिस ने बताया कि अबान कोहेफिजा इलाके में स्थित सैफिया कॉलेज मैदान के पास बने करोड़ों रुपए कीमत के बंगले में रहता था और उसके घर के पोर्च पर लग्जरी कारें खड़ी रहती थीं।
    इस मामले में इंदौर के कनाड़िया थाने में अपराध क्रमांक 37/2025 के तहत धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। अब तक आरोपियों से कुल 15.95 ग्राम एमडी ड्रग्स, बिना नंबर की इको स्पोर्ट्स कार, थार और एक एसयूवी जब्त की गई है। पुलिस का कहना है कि अबान थार जीप से भोपाल-इंदौर के पब और लाउंज में ड्रग सप्लाई करता था और उसके लिए लड़कियां भी पैडलर का काम करती थीं।

    इंदौर क्राइम ब्रांच और कनाड़िया पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अबान की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस ने मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच तेज कर दी है, जिससे जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना है।