Tag: Tragic Accident

  • क्रिकेट की एक गेंद ने ,छीनी दो जानें दोस्ती निभाने उतरे, और मौत ने घेरा

    क्रिकेट की एक गेंद ने ,छीनी दो जानें दोस्ती निभाने उतरे, और मौत ने घेरा


    देवास । देवास जिले के नेवरी इलाके में एक साधारण सा खेल अचानक ऐसी त्रासदी में बदल गया जिसने पूरे गांव को शोक और सन्नाटे में डुबो दिया खेत के पास बने एक खाली मैदान में बच्चे रोज की तरह क्रिकेट खेल रहे थे हंसी ठिठोली और खेल का उत्साह अपने चरम पर था तभी खेलते खेलते गेंद पास के एक पुराने कुएं में जा गिरी किसी ने नहीं सोचा था कि यही एक छोटी सी घटना दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लेगी

    करीब पंद्रह वर्षीय देवेंद्र सबसे पहले गेंद निकालने के लिए कुएं में उतरा बताया जा रहा है कि कुएं में पानी का स्तर काफी ज्यादा था और फिसलन भी थी जैसे ही वह नीचे पहुंचा उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पानी में डूबने लगा ऊपर खड़े उसके साथियों के बीच अचानक चीख पुकार मच गई इसी बीच अपने दोस्त को बचाने की कोशिश में सोलह वर्षीय राजवीर बिना कुछ सोचे समझे कुएं में कूद पड़ा लेकिन यह बहादुरी दोनों के लिए भारी पड़ गई

    दोनों एक दूसरे को पकड़कर खुद को बचाने की कोशिश करते रहे लेकिन पानी की गहराई और घबराहट ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया कुछ ही पलों में दोनों पानी में समा गए ऊपर खड़े बच्चों की चीख सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे और तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया काफी मशक्कत के बाद दोनों को कुएं से बाहर निकाला गया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया

    इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है हर तरफ सिर्फ सन्नाटा और मातम का माहौल है सबसे ज्यादा दिल दहला देने वाली बात यह रही कि देवेंद्र का उसी दिन जन्मदिन था जिस दिन उसकी जिंदगी खत्म हो गई वह अपनी विधवा मां का इकलौता सहारा था पिता के निधन के बाद मां ने बेटे के सहारे ही जिंदगी को थाम रखा था लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था बेटे का शव देखते ही मां का विलाप हर किसी की आंखें नम कर गया

    राजवीर भी अपने परिवार का चहेता था और उसकी अचानक मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया दोनों बच्चों की दोस्ती और एक दूसरे के लिए जान जोखिम में डालने की कोशिश अब गांव के हर व्यक्ति के दिल को चुभ रही है

    पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और घटना के सभी पहलुओं को देखा जा रहा है पोस्टमार्टम के बाद दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार एक साथ किया जाएगा गांव में हर व्यक्ति इस हादसे को याद कर सहम उठा है और यह सवाल हर किसी के मन में है कि अगर थोड़ी सी सावधानी बरती जाती तो शायद ये दो जिंदगियां बच सकती थीं

    यह हादसा एक कड़वी सीख भी छोड़ गया है कि खुले कुएं और असुरक्षित स्थान बच्चों के लिए कितने खतरनाक हो सकते हैं एक छोटी सी लापरवाही कब बड़ी त्रासदी बन जाए इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है

  • छिंदवाड़ा बस हादसा: कंडक्टर की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 11

    छिंदवाड़ा बस हादसा: कंडक्टर की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 11


    छिंदवाड़ा  मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में उमरानाला स्थित सिमरिया हनुमान मंदिर के पास हुआ भीषण सड़क हादसा अब और भी दुखद हो गया है। इस हादसे में घायल बस कंडक्टर राकेश भूरा मालवी की इलाज के दौरान मौत हो गई है। उनके निधन के साथ ही इस दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 पहुंच गई है। राकेश भूरा मालवी नरसिंहपुर रोड खापाभाट वार्ड क्रमांक 10 के निवासी थे और हादसे के समय उसी बस में कंडक्टर के रूप में तैनात थे।

    सीएम की सभा से लौटते समय हुआ हादसा, बस पलटी

    यह दर्दनाक दुर्घटना उस समय हुई जब मुख्यमंत्री के कार्यक्रम (सभा) में शामिल होकर लोग बस से वापस लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि सिमरिया हनुमान मंदिर के पास सामने से आ रहे एक वाहन से बस की जोरदार टक्कर हो गई, जिसके बाद बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए दौड़ पड़े।

    मौके पर ही 10 लोगों की मौत, 30 से अधिक घायल

    हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर ही 10 लोगों ने दम तोड़ दिया था, जबकि 30 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए थे। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से घायलों को तुरंत जिला अस्पताल और आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया। कई घायलों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है, जिनका इलाज जारी है।

    इलाज के दौरान कंडक्टर ने तोड़ा दम

    हादसे में गंभीर रूप से घायल बस कंडक्टर राकेश भूरा मालवी को बचाने के लिए डॉक्टरों की टीम लगातार प्रयास कर रही थी, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। लंबी जद्दोजहद के बाद उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया। उनके निधन के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।

    प्रशासन और पुलिस ने संभाला मोर्चा

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई थी। राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया और घायलों को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त बस को सड़क से हटाया गया ताकि यातायात बहाल किया जा सके। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

    इलाके में शोक और दहशत का माहौल

    इस भीषण हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है। एक ओर जहां मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है, वहीं दूसरी ओर घायलों के परिजन अस्पतालों के बाहर अपनों की सलामती की दुआ कर रहे हैं। स्थानीय लोग इसे हाल के वर्षों का सबसे भयावह सड़क हादसों में से एक बता रहे हैं।

    छिंदवाड़ा का यह सड़क हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं की गंभीरता को उजागर करता है। अब प्रशासन पर जिम्मेदारी है कि न सिर्फ पीड़ित परिवारों को सहायता मिले, बल्कि हादसे के कारणों की गहराई से जांच कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जाए।

  • नर्मदापुरम में दर्दनाक हादसा: सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में महुआ बीनने गए आदिवासी को बाघ ने बनाया शिकार

    नर्मदापुरम में दर्दनाक हादसा: सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में महुआ बीनने गए आदिवासी को बाघ ने बनाया शिकार


    नर्मदापुरम। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के चूरना क्षेत्र में महुआ बीनने गए एक 49 वर्षीय आदिवासी ग्रामीण को बाघ ने हमला कर मार डाला। घटना के बाद बाघ शव के पास ही बैठा रहा। गुरुवार सुबह जब परिजन तलाश करते हुए मौके पर पहुंचे तो उन्होंने बाघ को वहीं देखा जिसे बाद में भगाया गया।

    महुआ बीनने गया था अगले दिन मिला शव

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान सुधराम 49 पिता हजारी चौहान निवासी चनागढ़ झुनकर के रूप में हुई है। वह बुधवार दोपहर तवा नदी पार कर एसटीआर के कोर क्षेत्र में महुआ बीनने गया था। शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने गुरुवार सुबह उसकी तलाश शुरू की। जंगल में खोजबीन के दौरान महुआ के पेड़ के पास बाघ बैठा दिखाई दिया। पास जाकर देखा तो मृतक का सिर और धड़ पड़ा था जबकि बाघ उसके हाथ-पैर खा चुका था।

    शव के पास बैठा मिला बाघ

    परिजन और ग्रामीण बाघ को देखकर घबरा गए लेकिन हिम्मत जुटाकर उसे वहां से भगाया। इसके बाद घटना की सूचना वन विभाग और पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को सुखतवा भिजवाया। केसला थाना प्रभारी मदन लाल पवार ने बताया कि मृतक महुआ बीनने गया था और वापस नहीं लौटा। बाघ ने उसके हाथ-पैर खा लिए थे और केवल सिर व धड़ ही मिला है। मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। वहीं एसटीआर की फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह घटना टाइगर रिजर्व के बैकवॉटर क्षेत्र के पास हुई है।

  • शिवपुरी में दर्दनाक हादसा, हाईटेंशन लाइन से टकराई ट्रैक्टर-ट्रॉली, महिला और मासूम की जिंदा जलकर मौत

    शिवपुरी में दर्दनाक हादसा, हाईटेंशन लाइन से टकराई ट्रैक्टर-ट्रॉली, महिला और मासूम की जिंदा जलकर मौत


    शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के कोलारस क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में ट्रैक्टर-ट्रॉली हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गई। इस हादसे में एक महिला और 7 वर्षीय बच्चे की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उनका इलाज जारी है।

    भूसा लेने जा रहा था बंजारा परिवार

    पुलिस के अनुसार, राजस्थान के बारां जिले के खेड़ली गांव का बंजारा परिवार हर साल की तरह इस बार भी कोलारस क्षेत्र में भूसा खरीदने आया था। शुक्रवार सुबह टोल टैक्स के पास बने डेरे से दो ट्रैक्टर-ट्रॉली भूसा लेने के लिए निकले थे।

    लोहे के पाइप टकराए हाईटेंशन लाइन से

    आगे चल रही ट्रैक्टर-ट्रॉली देहरदा गांव से होते हुए डोडयाई की ओर बढ़ रही थी। ट्रॉली में ज्यादा भूसा भरने के लिए करीब 10 फीट ऊंचे लोहे के पाइप लगाए गए थे। रास्ते में पेड़ों के बीच झूल रही हाईटेंशन लाइन दिखाई नहीं दी और पाइप तारों से टकरा गए। टकराते ही पूरे वाहन में करंट फैल गया।

    महिला और बच्चे की मौके पर मौत

    हादसे के वक्त ट्रैक्टर पर विनोद बंजारा, उनकी पत्नी लीला बाई, केसर बाई और 7 वर्षीय अनिल सवार थे। करंट लगते ही लीला बाई की साड़ी में आग लग गई, जिससे मासूम अनिल भी चपेट में आ गया। दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

    दो लोग गंभीर रूप से झुलसे

    विनोद बंजारा और केसर बाई करंट लगते ही ट्रैक्टर से दूर जा गिरे, लेकिन वे गंभीर रूप से झुलस गए। पीछे आ रहे लोगों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि घटनास्थल पर हाईटेंशन लाइन के तार नीचे झूल रहे थे और पेड़ों के कारण स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहे थे। इसी वजह से यह हादसा हुआ। घटना के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया है। डेरे में मातम पसरा हुआ है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

  • मौत बनकर दौड़ी कार पलटते ही लगी आग तीन जिंदगियां राख दो जिंदगी मौत से जूझती

    मौत बनकर दौड़ी कार पलटते ही लगी आग तीन जिंदगियां राख दो जिंदगी मौत से जूझती


    बालाघाट । मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। शनिवार रात एक कार अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरी और देखते ही देखते आग का गोला बन गई। इस भयावह दुर्घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई जबकि दो अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं और जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

    जानकारी के अनुसार यह हादसा मलाजखंड मार्ग पर केवलारी चौराहे के पास हुआ। बताया जा रहा है कि सीतम केलकर अपनी पत्नी सविता और तीन साल के बेटे अभि के साथ दो दिन पहले अपने गृहग्राम गए हुए थे। शनिवार रात खाना खाने के बाद वे अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ वापस लौट रहे थे। कार में कुल छह लोग सवार थे और माहौल सामान्य था लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में यह सफर एक भयानक त्रासदी में बदल जाएगा।

    रास्ते में केवलारी चौराहे के पास अचानक कार का संतुलन बिगड़ गया और वह अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने छोटे नाले में जा गिरी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पलट गई और कुछ ही क्षणों में उसमें आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर बैठे लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल पाया। देखते ही देखते कार धू धू कर जलने लगी और चीख पुकार के बीच तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

    इस हादसे में नगारची केलकर सविता केलकर और मासूम अभि केलकर जिंदा जल गए। वहीं कार चला रहे सीतम केलकर और उनकी मां नाना बाई गंभीर रूप से झुलस गए हैं। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए गोंदिया रेफर किया गया है जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। इस भयावह हादसे में आठ साल की बच्ची पूर्वी रहांगडाले किसी तरह बच निकली जो इस त्रासदी की प्रत्यक्षदर्शी बन गई।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। जब तक आग बुझाई गई तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी और अंदर फंसे लोगों को बचाने की कोई संभावना नहीं बची थी। घटनास्थल का मंजर इतना भयावह था कि देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए।

    यह हादसा न सिर्फ एक परिवार के लिए बल्कि पूरे इलाके के लिए गहरा सदमा बन गया है। एक ही पल में तीन जिंदगियां खत्म हो गईं और एक खुशहाल परिवार बिखर गया। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन चलाते समय सतर्कता की जरूरत को उजागर किया है।

    इस तरह की घटनाएं यह याद दिलाती हैं कि सड़क पर एक छोटी सी चूक भी कितना बड़ा नुकसान कर सकती है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

  • नरसिंहपुर में सनसनी: किराए के मकान में फंदे से झूलती मिली 14 वर्षीय मासूम की लाश, सुसाइड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस

    नरसिंहपुर में सनसनी: किराए के मकान में फंदे से झूलती मिली 14 वर्षीय मासूम की लाश, सुसाइड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस


    नरसिंहपुर । मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में एक 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची का शव उसके अपने ही घर में फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और मृतक बच्ची के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। खुशियों से भरे घर में अचानक मातम छा गया है और हर कोई इस बात से हैरान है कि इतनी कम उम्र की बच्ची ने आखिर मौत को गले क्यों लगाया।

    मिली जानकारी के अनुसार मृतक नाबालिग बच्ची अपने पिता के साथ तेंदूखेड़ा में एक किराए के मकान में रहती थी। घटना वाले दिन जब परिजनों ने बच्ची को फंदे से झूलते देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और तत्काल मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही तेंदूखेड़ा थाना पुलिस की टीम हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी बी.एल. त्यागी ने इस दुखद मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की थी। शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है लेकिन पुलिस हर संभावित पहलू पर नजर रख रही है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बच्ची ने यह आत्मघाती कदम किस दबाव या परेशानी में उठाया। पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या घर में कोई सुसाइड नोट मिला है या पिछले कुछ दिनों से बच्ची के व्यवहार में कोई बदलाव देखा गया था।

    इस घटना ने स्थानीय लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार किराए के मकान में रहकर अपनी गुजर बसर कर रहा था और किसी को अंदेशा भी नहीं था कि इतनी बड़ी त्रासदी हो जाएगी। पुलिस ने आसपास के लोगों और सहपाठियों से भी पूछताछ शुरू कर दी है ताकि मौत के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। थाना प्रभारी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक समय और तकनीकी कारणों का खुलासा हो पाएगा।

    फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और विस्तृत विवेचना जारी है। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और उनकी गतिविधियों पर नजर रखना कितना अनिवार्य है। पुलिस की जांच रिपोर्ट आने तक पूरे क्षेत्र में तरह तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं लेकिन आधिकारिक रूप से अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।