Tag: tragic death

  • सगाई के दो साल बाद मौत ने छीना प्यार, अकेलेपन में गुजर गई दिग्गज एक्ट्रेस की पूरी जिंदगी

    सगाई के दो साल बाद मौत ने छीना प्यार, अकेलेपन में गुजर गई दिग्गज एक्ट्रेस की पूरी जिंदगी

    नई दिल्ली ।  पर्दे पर प्यार भरे और रोमांटिक रोल निभाने वाले स्टार को असल जिंदगी में भी ये सारी खुशियां नसीब हों ये जरूरी नहीं। कई बार किस्मत ऐसा खेल खेलती है सपने एक पल में चकनाचूर हो जाते हैं। कुछ ऐसा ही बॉलीवुड की एक टॉप एक्ट्रेस के साथ भी हुआ है। एक तरफ वो शादी के सपने सजा रही थी और दूसरी तरफ किस्मत ने उसके साथ ऐसा खेल रचा कि बिना शादी के ही उसे ताउम्र विधवा की जिंदगी जीनी पड़ी। आइए जानते है कौन है वो एक्ट्रेस?

    अपने जमाने की सुपरस्टार थी ये एक्ट्रेस

    हम बात कर रहे हैं 1960 और 1970 के दशक तक बॉलीवुड पर राज करने वाली दिग्गज अभिनेत्री नंदा की। नंदा का असली नाम नंदिनी कर्नाटकी था। नंदा ने लगभग 30 वर्षों तक बॉलीवुड पर राज किया और 70 से ज्यादा फिल्मों में अपने बेहतरीन अभिनय का प्रदर्शन किया। अपने करियर के शुरुआती दौर में कई हिट फिल्मों में काम करने के साथ ही उन्होंने शशि कपूर, राजेश खन्ना, देवानंद, जितेंद्र, धर्मेंद्र जैसे एक्टर्स संग स्क्रीन शेयर किया। नंदा उस दौर की सुपरस्टार रही हैं। यही नहीं, नंदा उस जमाने की हाई पेड एक्ट्रेसेस में गिनी जाती थीं।
    शादीशुदा डायरेक्टर से हुआ प्यार
    नंदा का फिल्मी करियर काफी सुपरहिट रहा, लेकिन पर्सनल लाइफ में उन्होंने काफी दर्द झेले। 70 के दशक में नंदा को शादीशुदा डायरेक्टर और प्रोड्यूसर से प्यार हो गया। ये कोई और नहीं, बल्कि मनमोहन देसाई थे। मनमोहन की शादी जीवनप्रभा संग हुई थी, लेकिन अप्रैल 1979 में उनकी पत्नी की मौत हो गई थी। दोनों का एक बेटा भी है केतन देसाई जो फिल्मों में आए। केतन ने शम्मी कपूर और गीता बाली की बेटी कंचन कपूर संग शादी की।
    वहीदा रहमान बनीं थीं नंदा-मनमोहन के बीच की कड़ी
    पिंकविला को दिए इंटरव्यू में एक बार नंदा के भाई जयप्रकाश ने नंदा और मनमोहन की लव स्टोरी को लेकर बातचीत की थी। उन्होंने बताया था, ‘दोनों की लव स्टोरी में एक्ट्रेस वहीदा रहमान की काफी अहम भूमिका थी। एक बार दोनों को मिलवाने के लिए वहीदा ने एक डिनर प्लान किया। वहीं, उन्होंने डिनर के बीच में ही दीदी और मनमोहन जी को अकेला छोड़ दिया ताकि फिल्ममेकर अपनी दिल की बात नंदा से कह पाए और हुआ भी कुछ ऐसा ही। उसी डिनर नाइट पर डायरेक्टर ने नंदा से कहा कि वो उनसे शादी करना चाहते हैं।’
    नंदा के लिए आया था रिश्ता
    इंटरव्यू में जयप्रकाश ने आगे बताया कि नंदा के लिए बेहद सिंपल तरीके से शादी का प्रपोजल आया था। फिर उनकी दीदी ने सोच विचार किया। नंदा ने इसके बाद एक दिन वहीदा रहमान को फोन किया और नंदा ने इस रिश्ते के लिए हां कह दिया।

    बालकनी से गिरकर हुई मौत होने मंगेतर की मौत

    नंदा के हां करते ही मनमोहन देसाई संग उनकी सगाई हो गई। दोनों की सगाई साल 1992 में हुई थी और वो भी काफी प्राइवेट तरीके से। मगर उन्होंने सोचा भी नहीं था कि उनकी जिंदगी में पहाड़ टूटने वाला है। नंदा एक तरफ अपनी शादी को लेकर तरह-तरह के सपने संजोए थीं, लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था। 1994 में मनमोहन देसाई की एक दुखद दुर्घटना में मृत्यु हो गई। वे अपने घर की बालकनी से गिर गए थे। इस हादसे ने नंदा को पूरी तरह से तोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने कभी शादी नहीं की और जीवन भर अकेली रही और विधवा की तरह जिंदगी बिताई। उन्होंने मनमोहन के निधन के बाद उन्होंने ताउम्र सफेद कपड़े ही पहने। क्योंकि वो मनमोहन को अपना पति मान चुकी थीं।
  • बदायूं: निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक से गिरा सांड, दर्दनाक मौत; लापरवाही पर उठे सवाल

    बदायूं: निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक से गिरा सांड, दर्दनाक मौत; लापरवाही पर उठे सवाल


    बदायूं । बदायूं के किसरुआ गांव में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां निर्माणाधीन ओवरहेड पानी की टंकी पर चढ़े एक आवारा सांड की गिरकर मौत हो गई। यह पूरी घटना आसपास मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    जानकारी के मुताबिक, गांव में जल निगम की ओर से ओवरहेड पानी की टंकी का निर्माण कार्य चल रहा था। टंकी का ढांचा लगभग 60 से 70 फीट की ऊंचाई तक बन चुका था, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। इसी दौरान शनिवार तड़के एक आवारा सांड किसी तरह खुली सीढ़ियों के रास्ते टंकी के ऊपरी हिस्से तक पहुंच गया।

    सांड को इतनी ऊंचाई पर देखकर गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। लोगों ने उसे सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश की। कुछ लोगों ने हरा चारा दिखाकर उसे नीचे लाने का प्रयास किया, जबकि अन्य लोग आवाज लगाकर उसे शांत करने की कोशिश करते रहे।

    काफी देर तक सांड टंकी पर इधर-उधर घूमता रहा, लेकिन इसी दौरान वह नीचे उतरने लगा। बताया जा रहा है कि उतरते समय उसका संतुलन बिगड़ गया और वह करीब 40 फीट की ऊंचाई से सीधे जमीन पर गिर पड़ा। गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

    घटना के बाद मौके पर सन्नाटा पसर गया और ग्रामीण इस दर्दनाक हादसे को लेकर चर्चा करते नजर आए। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    स्थानीय लोगों ने जल निगम और संबंधित विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि निर्माण स्थल पर सुरक्षा घेरा और उचित बैरिकेडिंग होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था।

    फिलहाल इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे निर्माण कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

  • झांसी में रफ्तार का कहर: ट्रक ने चाचा-भतीजे को 100 मीटर तक घसीटा, सड़क पर बिखरे शव के टुकड़े, घर में मचा कोहराम

    झांसी में रफ्तार का कहर: ट्रक ने चाचा-भतीजे को 100 मीटर तक घसीटा, सड़क पर बिखरे शव के टुकड़े, घर में मचा कोहराम

    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। झांसी-कानपुर हाईवे पर चिरगांव थाना क्षेत्र के बाईपास के पास तेज रफ्तार और बेकाबू ट्रक ने बाइक सवार चाचा-भतीजे को कुचल दिया। हादसा इतना भयावह था कि दोनों को ट्रक करीब 100 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया। टक्कर और घसीटने की वजह से एक युवक का सिर धड़ से अलग हो गया, जबकि शव के कई टुकड़े सड़क पर बिखर गए। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।

    जानकारी के अनुसार, दोनों रिश्तेदार बाजार से सब्जी खरीदकर बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन रोकने के बजाय भागने की कोशिश करता रहा और बाइक समेत दोनों युवकों को काफी दूर तक घसीटता चला गया। सड़क पर खून और शव के टुकड़े बिखरने से वहां मौजूद लोग सहम गए।

    बताया जा रहा है कि हादसे में जान गंवाने वाले भतीजे की शादी दो दिन पहले ही तय हुई थी। घर में शादी की तैयारियों और खुशियों का माहौल था, लेकिन एक पल में मातम छा गया। परिवार को जैसे ही हादसे की खबर मिली, घर में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है।

    हादसे के बाद बाइक ट्रक के नीचे फंस गई, जिससे चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों की मदद से सड़क पर बिखरे शव के टुकड़ों को इकट्ठा कर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा। हादसे की भयावह तस्वीरें देखकर पुलिसकर्मी भी स्तब्ध रह गए।

    पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और जल्द ही चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं स्थानीय लोगों ने हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लापरवाह ड्राइविंग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आए दिन तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण होने वाले हादसे कई परिवारों की खुशियां छीन रहे हैं। झांसी की यह घटना भी उन दर्दनाक हादसों में शामिल हो गई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।

  • महोबा में तेज रफ्तार डंपर का कहर, दो ममेरे भाइयों की दर्दनाक मौत, चालक फरार

    महोबा में तेज रफ्तार डंपर का कहर, दो ममेरे भाइयों की दर्दनाक मौत, चालक फरार



    नई दिल्ली। महोबा में तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार दो ममेरे भाइयों को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया, जबकि पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के लवकुशनगर क्षेत्र के ग्राम प्रकाश बम्हौरी निवासी 21 वर्षीय रामनरेश अपने 19 वर्षीय ममेरे भाई नवाब के साथ महोबा डीजल लेने आए थे। दोनों मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे बाइक से वापस अपने गांव लौट रहे थे।

    इसी दौरान शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पसवारा के पास स्थित इंडस वैली पब्लिक स्कूल के समीप तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। दोनों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था, जिससे सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

    घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    प्रभारी निरीक्षक शहर कोतवाली मनीष पांडेय ने बताया कि डंपर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया है, जिसकी तलाश के लिए टीम लगाई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • सागर में डंपरों का खूनी तांडव: 24 घंटे में पांच युवकों की दर्दनाक मौत

    सागर में डंपरों का खूनी तांडव: 24 घंटे में पांच युवकों की दर्दनाक मौत


    सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में बीते 24 घंटे मौत का पैगाम लेकर आए। शहर की सड़कों पर यमदूत बनकर दौड़ रहे भारी वाहनों ने पांच हंसते-खेलते परिवारों के चिराग बुझा दिए। रफ्तार के इस खूनी खेल में दो अलग-अलग घटनाओं ने न केवल शहर को शोक में डुबो दिया है, बल्कि प्रशासन की लचर व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आलम यह था कि हादसों का मंजर इतना खौफनाक था कि जिसने भी देखा, उसका दिल दहल उठा।

    पहली हृदयविदारक घटना सागर के बंडा रोड पर घटित हुई। यहाँ एक तेज रफ्तार डंपर ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए बाइक पर सवार तीन युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो डंपर की गति इतनी अधिक थी कि बाइक सवारों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। पुलिस के अनुसार, ये तीनों मृतक बंडा क्षेत्र के ही निवासी थे, जो किसी काम से बाहर निकले थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि घर वापसी का रास्ता मौत की गली से होकर गुजरेगा।

    अभी बंडा रोड की घटना की स्याही सूखी भी नहीं थी कि देर रात सागर शहर के खेल परिसर के पास एक और वीभत्स हादसा हो गया। यहाँ से गुजर रहे एक अनियंत्रित ट्राले क्रमांक RJ 06 GD 2973 ने बाइक सवार दो युवकों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। यह हादसा इतना भयावह था कि दोनों युवक ट्राले के पहियों के नीचे आ गए। टक्कर के बाद का दृश्य इतना विचलित करने वाला था कि सड़क पर मांस के टुकड़े बिखरे पड़े थे, जिन्हें बाद में पुलिस ने इकट्ठा किया। मृतकों की पहचान गोपालगंज निवासी के रूप में हुई है।

    हादसे की खबर मिलते ही गोपालगंज और कोतवाली पुलिस सहित सीएसपी ललित कश्यप दलबल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद भीड़ को नियंत्रित किया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बाइक सवार अपनी सही दिशा में जा रहे थे, लेकिन पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें बेरहमी से कुचल दिया। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है।

    हैरानी की बात यह है कि सागर के मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों का बेखौफ दौड़ना अब एक आम बात हो गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पीली कोठी से डिग्री कॉलेज चौराहे के बीच का मार्ग ‘डेथ जोन’ बनता जा रहा है। यहाँ आए दिन सड़क हादसे होते हैं, कई मासूम अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की नींद नहीं टूट रही है। शहर के बीचों-बीच से गुजरने वाले इन भारी वाहनों पर न तो गति सीमा का नियंत्रण है और न ही इनके प्रवेश के समय का कोई सख्ती से पालन हो रहा है।

    इन पांच मौतों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए, तो सागर की सड़कें इसी तरह मासूमों के खून से लाल होती रहेंगी। फिलहाल, पुलिस ने मामलों को जांच में लिया है, लेकिन सवाल वही बरकरार है इन मौतों का जिम्मेदार आखिर कौन है? वह डंपर चालक जो अपनी रफ्तार के नशे में था या वह तंत्र जिसने इन भारी वाहनों को शहर की छाती पर तांडव करने की खुली छूट दे रखी है?

  • नीमच में काल बना बेकाबू ट्रेलर: बाइक सवार दो युवकों को 50 फीट तक घसीटा, रूह कंपा देने वाले हादसे में दोनों की मौत

    नीमच में काल बना बेकाबू ट्रेलर: बाइक सवार दो युवकों को 50 फीट तक घसीटा, रूह कंपा देने वाले हादसे में दोनों की मौत


    नीमच । मध्य प्रदेश के नीमच जिले में गुरुवार रात एक ऐसा भयावह सड़क हादसा हुआ, जिसने प्रत्यक्षदर्शियों के कलेजे दहला दिए। कैंट थाना क्षेत्र के भरभड़िया फंटे पर एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक सवार दो युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सीमेंट से लदा यह भारी-भरकम ट्रेलर बाइक और उस पर सवार युवकों को करीब 50 फीट तक घसीटता चला गया। इस दर्दनाक मंजर में दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, उनके शरीर ट्रेलर के टायरों के नीचे बुरी तरह कुचल गए।

    हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बाइक को रौंदने के बाद बेकाबू ट्रेलर सड़क किनारे लगी लोहे की सुरक्षा रेलिंग तोड़ते हुए पास के एक खेत में जा घुसा। इस दौरान ट्रेलर की चपेट में बिजली का खंभा भी आ गया, जिससे 11 हजार केवी की हाईटेंशन लाइन में जोरदार स्पार्किंग हुई और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि हाईटेंशन तार की चपेट में आने से कोई और बड़ी जनहानि नहीं हुई, लेकिन शॉर्ट सर्किट के धमाकों ने मौके पर मौजूद लोगों में दहशत भर दी।

    घटना की जानकारी मिलते ही सीएसपी किरण चौहान और कैंट थाना प्रभारी निलेश अवस्थी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। ट्रेलर के भारी वजन के नीचे शव इस कदर फंस गए थे कि उन्हें निकालने के लिए क्रेन की मदद लेनी पड़ी। एम्बुलेंस और डायल 112 की टीम ने राहत कार्य करते हुए क्षत-विक्षत शवों को बाहर निकाला और जिला अस्पताल भिजवाया। फिलहाल पुलिस के पास मृतकों की शिनाख्त को लेकर कोई पुख्ता दस्तावेज नहीं मिले हैं, इसलिए बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर उनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

    पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के तुरंत बाद ट्रेलर चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि भरभड़िया फंटे पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। इस हृदयविदारक हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर अनियंत्रित गति से चलने वाले भारी वाहनों के कहर को उजागर कर दिया है।