Tag: Train Accident

  • मौत को दी मात! चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच गिरी महिला, लोको पायलट की सूझबूझ से बची जान

    मौत को दी मात! चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच गिरी महिला, लोको पायलट की सूझबूझ से बची जान


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर शुक्रवार को एक बड़ा रेल हादसा टल गया। प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर चलती दून एक्सप्रेस में चढ़ने की कोशिश कर रही एक महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म के बीच बने गैप में जा गिरी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन चलने के बाद महिला ने उसमें चढ़ने का प्रयास किया। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह सीधे प्लेटफॉर्म तथा ट्रेन के बीच फंस गई। यह भयावह दृश्य देखते ही प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों ने जोर-जोर से शोर मचाकर लोको पायलट को सतर्क किया।

    यात्रियों की आवाज सुनते ही लोको पायलट ने तत्काल ट्रेन के इमरजेंसी ब्रेक लगाए और ट्रेन रोक दी। इसके बाद मौके पर मौजूद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के जवान तुरंत हरकत में आए और महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनकी त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।

    हादसे में महिला को मामूली चोटें आईं। रेलवे अधिकारियों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसे छुट्टी दे दी। फिलहाल महिला की हालत सामान्य बताई जा रही है। घटना के बाद रेलवे प्रशासन और जीआरपी ने यात्रियों से अपील की है कि वे कभी भी चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने की कोशिश न करें।

    अधिकारियों ने कहा कि ऐसी छोटी-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। यात्रियों को हमेशा ट्रेन के पूरी तरह रुकने के बाद ही सुरक्षित तरीके से चढ़ना और उतरना चाहिए तथा रेलवे सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि यात्रियों की सतर्कता, लोको पायलट की त्वरित सूझबूझ और सुरक्षा बलों की तेजी से की गई कार्रवाई कई बार बड़ी दुर्घटनाओं को टाल सकती है।
  • रणथंभौर एक्सप्रेस में धुआं उठते ही मची भगदड़: यात्री पटरियों पर कूदे, 10 मिनट बाद दूसरी ट्रेन पहुंची, मुरैना हादसे जैसी स्थिति बनी

    रणथंभौर एक्सप्रेस में धुआं उठते ही मची भगदड़: यात्री पटरियों पर कूदे, 10 मिनट बाद दूसरी ट्रेन पहुंची, मुरैना हादसे जैसी स्थिति बनी


    मध्यप्रदेश । रतलाम जिले के आलोट क्षेत्र स्थित लूणी-रीछा स्टेशन के पास गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब इंदौर से जोधपुर जा रही रणथंभौर एक्सप्रेस के जनरल कोच के पहियों से अचानक धुआं निकलने लगा। सुबह करीब पौने 10 बजे हुई इस घटना ने यात्रियों को दहशत में डाल दिया और कई लोग अपनी जान बचाने के लिए सामान सहित ट्रेन से उतरकर पटरियों पर कूद पड़े।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन स्टेशन के पास पहुंची ही थी कि जनरल कोच के पहियों से धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ यात्रियों ने इसे आग लगने की घटना समझ लिया, जिसके बाद कोचों में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते यात्री ट्रेन से बाहर निकलने लगे और कई लोग सीधे रेलवे ट्रैक पर उतर गए। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

    रेलवे अधिकारियों के मुताबिक लूणी-रीछा स्टेशन पर रणथंभौर एक्सप्रेस का निर्धारित ठहराव नहीं है। अचानक सिग्नल रेड होने के कारण लोको पायलट को इमरजेंसी ब्रेक लगाने पड़े। इसी दौरान एक पहिए के हार्ड एक्सल पर ब्रेक शू जाम होकर चिपक गया, जिससे अत्यधिक घर्षण पैदा हुआ और धुआं निकलने लगा। हालांकि यह तकनीकी खराबी थी और आग लगने जैसी कोई बड़ी घटना नहीं हुई।

    घटना की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी अग्निशमन यंत्र लेकर मौके पर पहुंचे और तत्काल स्थिति को नियंत्रित किया। फायर एक्सटिंग्विशर की मदद से धुआं उठने की समस्या पर काबू पाया गया। करीब 20 मिनट तक ट्रेन स्टेशन पर खड़ी रही, जिसके बाद तकनीकी जांच पूरी कर उसे सुरक्षित आगे के लिए रवाना कर दिया गया।

    इस घटना के दौरान सबसे चिंताजनक बात यह रही कि यात्रियों की अफरा-तफरी के बीच करीब 10 मिनट बाद कोटा-उज्जैन मेमू ट्रेन भी उसी स्टेशन पर पहुंच गई। सौभाग्य से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन हालात कुछ समय के लिए बेहद खतरनाक बन गए थे। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में बिना पुष्टि के पटरियों पर न उतरें और रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें।

    यह घटना हाल ही में मुरैना में हुए दर्दनाक ट्रेन हादसे की याद भी ताजा कर गई। 14 जून को खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में मोबाइल फटने के बाद आग लगने की अफवाह फैल गई थी। घबराकर कई यात्री ट्रेन से उतरकर दूसरे ट्रैक पर पहुंच गए थे, जहां दूसरी ट्रेन की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई थी। उस हादसे ने रेलवे सुरक्षा और यात्रियों की जागरूकता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे।

    गौरतलब है कि इसी लूणी-रीछा क्षेत्र में पिछले महीने राजधानी एक्सप्रेस के एसी कोच में भी आग लगने की घटना सामने आई थी। ऐसे में एक बार फिर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों पर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि इस बार रेलवे कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई के चलते बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यात्रियों में भय और असुरक्षा की भावना जरूर देखने को मिली।

  • भोपाल ट्रेन हादसा: युवक की मौत के बाद हत्या का आरोप, मां बोलीं- बेटे को धक्का देकर पटरी पर गिराया गया

    भोपाल ट्रेन हादसा: युवक की मौत के बाद हत्या का आरोप, मां बोलीं- बेटे को धक्का देकर पटरी पर गिराया गया


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब रचना नगर अंडरब्रिज के पास रेलवे ट्रैक पर एक युवक का शव मिला। मृतक की पहचान अशोक बामने के रूप में हुई है, जो गौतम नगर जनता क्वार्टर का निवासी था।
    पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में मामला ट्रेन से कटकर हुई मौत का लग रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। हालांकि, मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब मृतक की मां ने पड़ोसी पर गंभीर आरोप लगाए।
    मृतक की मां कृष्णा बामने का कहना है कि रात में पड़ोसी से किसी लड़की को लेकर विवाद हुआ था। उनका आरोप है कि उसी विवाद के बाद पड़ोसी उनके घर में घुस आया और उनके चार बेटों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की।
    परिवार का दावा है कि इसके बाद आरोपियों ने अशोक को रेलवे ट्रैक पर ले जाकर ट्रेन के सामने धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, सुबह पुलिस ने सूचना दी तब उन्हें घटना की जानकारी मिली।
    अशोक अविवाहित था और मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। अचानक हुई इस घटना ने पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
    फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं हादसा, आत्महत्या और हत्या को ध्यान में रखकर छानबीन की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए गहरा सदमा बन गई है, बल्कि पूरे इलाके में कई सवाल भी छोड़ गई है कि यह वाकई एक हादसा था या इसके पीछे कोई साजिश।

  • मुलताई स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ते समय यात्री की मौत, पुलिस जांच में जुटी

    मुलताई स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ते समय यात्री की मौत, पुलिस जांच में जुटी


    बैतूल । बैतूल जिले के मुलताई रेलवे स्टेशन पर मंगलवार दोपहर ट्रेन में चढ़ते समय एक यात्री की दर्दनाक मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, सिकंदराबाद-जयपुर एक्सप्रेस के ठहराव के दौरान महाराष्ट्र के अमरावती जिले के दर्यापुर निवासी सलीम खान (42) पानी लेने के लिए ट्रेन से नीचे उतरे। इसी दौरान उनकी नज़र फिसल गई और वह ट्रैक पर गिर गए।

    पुलिस ने बताया कि हादसा बहुत जल्दी और अचानक हुआ। ट्रेन ठहरी थी लेकिन सलीम खान की गिरने की स्थिति इतनी गंभीर थी कि उन्हें तुरंत उठाया नहीं जा सका। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने शोर मचाया और रेलवे कर्मचारियों को सूचना दी। रेलवे और पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुँची और सलीम खान को प्राथमिक सहायता दी, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

    हादसे के बाद स्टेशन पर हड़कंप मच गया। यात्री और रेलवे कर्मचारी घटना स्थल पर जमा हुए। रेलवे पुलिस ने ट्रैक और प्लेटफार्म की जांच की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दुर्घटना किसी तकनीकी या सुरक्षा कारण से तो नहीं हुई। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार यह एक व्यक्तिगत हादसा था, जिसमें यात्री की असावधानी और ट्रेन से उतरने के दौरान फिसलने की वजह से मौत हुई।

    रेलवे पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के परिजन और स्थानीय प्रशासन को घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस ने पूरे मामले में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन पर सुरक्षा उपाय पर्याप्त हैं, लेकिन यात्रियों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

    रेलवे यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रेन से उतरते समय किसी भी प्रकार की जल्दबाज़ी या असावधानी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। रेलवे स्टेशन पर चेतावनी बोर्ड और कर्मचारियों की मौजूदगी होती है, लेकिन यात्रियों की सतर्कता भी बेहद महत्वपूर्ण है।

    स्थानीय लोगों ने कहा कि सलीम खान का यह हादसा काफी दुखद है और रेलवे स्टेशन पर ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए और कड़े उपाय किए जाने चाहिए। यात्रियों को ट्रेन के रुकने और चलने की स्थिति में प्लेटफार्म पर सावधानी से चलने के निर्देश दिए जाने चाहिए।

    मुलताई स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ते समय या उतरते समय यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे ने समय-समय पर चेतावनी जारी की है, लेकिन असावधानी से होने वाली घटनाओं को रोकना चुनौतीपूर्ण होता है। इस हादसे ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा और यात्रियों की जिम्मेदारी पर सवाल उठाया है।

    रेलवे प्रशासन ने कहा कि घटना की पूरी जांच की जा रही है और भविष्य में ऐसे हादसों से बचाव के लिए अतिरिक्त सतर्कता और सुरक्षा उपाय किए जाएंगे। यात्रियों से अपील की गई है कि ट्रेन के चलने या रुकने के समय प्लेटफार्म पर सावधानी बरतें और कभी भी ट्रेन से भागते हुए या जल्दी में उतरते हुए जोखिम न लें।

    इस घटना ने मुलताई रेलवे स्टेशन और आसपास के यात्रियों में सुरक्षा के प्रति चेतना बढ़ा दी है। रेलवे और पुलिस मिलकर जांच और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह के दुखद हादसे रोके जा सकें।

  • स्पेन में भीषण रेल हादसा… दो ट्रेनों की जोरदार भिड़ंत में 21 लोगों की मौत, 75 घायल

    स्पेन में भीषण रेल हादसा… दो ट्रेनों की जोरदार भिड़ंत में 21 लोगों की मौत, 75 घायल


    मैड्रिड।
    स्पेन (Spain) में भीषण रेल हादसे (Terrible ऊrain Accident) में 21 लोगों की मौत हो गई और 75 घायल हैं। कोर्डोबा (Cordoba) के पास एडमुज गांव के नजदीक यह दुर्घटना हुई। मलागा से मैड्रिड जा रही निजी कंपनी इर्यो की हाई-स्पीड ट्रेन का पिछला हिस्सा अचानक पटरी से उतर गया। इसके बाद यह दूसरी दिशा से आ रही ट्रेन से टकरा गई। हादसा रविवार शाम 7:45 बजे हुआ, जिसमें पहली ट्रेन में लगभग 300 और दूसरी में 200 यात्री सवार थे। स्पेन के परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंटे (Transport Minister Oscar Puente) ने मौतों की संख्या 21 बताई। उन्होंने कहा कि सभी जीवित बचे लोगों को निकाल लिया गया है, हालांकि कुछ और शव बाकी हो सकते हैं।

    आंदालूसिया के क्षेत्रीय अध्यक्ष जुआनमा मोरेनो ने बताया कि 75 यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें 15 की हालत गंभीर है। बचावकर्मी पूरी रात मलबे से शव निकालने में जुटे रहे। यह हादसा बेहद असामान्य बताया जा रहा है क्योंकि यह सपाट और हाल ही में मई में नवीनीकृत ट्रैक पर हुआ। पटरी से उतरने वाली ट्रेन चार साल से कम पुरानी थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि रेनफे ट्रेन के पहले दो डिब्बे पटरी से उतरकर 4 मीटर नीचे ढलान पर जा गिरे, जिससे उसके आगे के हिस्से को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा।

    ‘ऐसा लगा जैसे भूकंप आया हो’
    एक यात्री और पत्रकार साल्वाडोर जिमेनेज ने बताया कि क्षण भर में ऐसा लगा जैसे भूकंप आ गया हो। यात्रियों ने इमरजेंसी हैमर से खिड़कियां तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की। घटनास्थल दूरदराज होने के कारण पहुंचना मुश्किल था, फिर भी स्थानीय लोग कंबल और पानी लेकर मदद के लिए पहुंचे। स्पेनिश सेना, रेड क्रॉस और अन्य एजेंसियों ने बचाव अभियान में हिस्सा लिया।

    सदी का स्पेन का सबसे बड़ा ट्रेन हादसा
    स्पेन में यूरोप का सबसे बड़ा हाई-स्पीड रेल नेटवर्क है, जिसमें 3100 किलोमीटर से अधिक ट्रैक हैं। यह काफी सुरक्षित माना जाता है। 2024 में रेनफे की हाई-स्पीड ट्रेनों में 2.5 करोड़ से अधिक यात्रियों ने सफर किया। प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज, राजा फेलिप VI और रानी लेटिजिया ने शोक व्यक्त किया है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी संवेदना जताई। जांच में एक महीने तक लग सकता है। सोमवार को मैड्रिड और आंदालूसिया के बीच ट्रेन सेवाएं रद्द कर दी गई हैं। यह इस सदी का स्पेन का सबसे बड़ा ट्रेन हादसा है।

  • बैतूल में राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आया अज्ञात व्यक्ति, सिर ट्रेन में फंसने से दर्दनाक मौत

    बैतूल में राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आया अज्ञात व्यक्ति, सिर ट्रेन में फंसने से दर्दनाक मौत

    बैतूल।मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में शनिवार को एक दर्दनाक रेल हादसा हुआ। आमला रेलवे स्टेशन के अंतर्गत परसोडा रेलवे ट्रैक पर राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में एक अज्ञात व्यक्ति आ गया। हादसे में मृतक का सिर इंजन में फंस गया और वह लगभग चार किलोमीटर तक ट्रेन के साथ आमला स्टेशन तक चला गया, जबकि उसका धड़ घटनास्थल पर ही ट्रैक पर पड़ा मिला।

    रेलवे सुरक्षा बल ने पहुंचकर किया निकासी का प्रयास
    हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल RPF मौके पर पहुंच गया। हालांकि, राजकीय रेल पुलिस और सिविल पुलिस करीब दो घंटे बाद ही घटना स्थल पर पहुँची, जिससे रेल व्यवस्था और सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए।रेलवे कर्मचारियों की मदद से इंजन में फंसे मृतक के सिर को बाहर निकाला गया। इस दर्दनाक घटना से आमला और आसपास के लोगों में शोक और चिंता व्याप्त है।

    घटना की जांच शुरू
    मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। रेलवे और पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल पर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, यह हादसा ट्रेन के रफ्तार और व्यक्ति की अनदेखी का नतीजा माना जा रहा है।रेल यात्रियों और स्थानीय लोगों को इस ट्रैक के पास सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है।