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  • IIT कानपुर से IAS तक का सफर, शिक्षा सचिव पद से हटाए गए विनीत जोशी का प्रशासनिक और शैक्षणिक सफर चर्चा में

    IIT कानपुर से IAS तक का सफर, शिक्षा सचिव पद से हटाए गए विनीत जोशी का प्रशासनिक और शैक्षणिक सफर चर्चा में

    नई दिल्ली । पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनीत जोशी का शिक्षा मंत्रालय से तबादला कर उन्हें पंचायती राज मंत्रालय में सचिव नियुक्त किया है। उनके स्थान पर उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी नए अधिकारी को सौंपी गई है। इस प्रशासनिक बदलाव के बाद विनीत जोशी का लंबा शैक्षणिक और प्रशासनिक सफर एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। शिक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण संस्थानों का नेतृत्व कर चुके जोशी देश की परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े प्रमुख अधिकारियों में गिने जाते रहे हैं।

    विनीत जोशी 1992 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। उनका जन्म 2 नवंबर 1968 को उत्तर प्रदेश में हुआ था। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। इसके बाद भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आईआईएफटी), नई दिल्ली से अंतरराष्ट्रीय व्यापार में एमबीए किया, जिसमें उन्हें स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ। आगे चलकर उन्होंने गुणवत्ता प्रबंधन विषय में पीएचडी भी पूरी की। उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों ने उन्हें प्रशासनिक सेवा में तकनीकी और प्रबंधन दोनों क्षेत्रों की समझ रखने वाले अधिकारी के रूप में पहचान दिलाई।

    शिक्षा क्षेत्र में उनकी सबसे महत्वपूर्ण भूमिकाओं में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के पहले महानिदेशक का पद शामिल रहा। वर्ष 2018 में उन्हें इस नवगठित संस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उनके कार्यकाल में जेईई मेन, नीट और अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं के संचालन की व्यवस्था को संस्थागत रूप दिया गया। हालांकि हाल के वर्षों में विभिन्न परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों के बाद एनटीए लगातार सार्वजनिक और राजनीतिक बहस के केंद्र में रही।

    विनीत जोशी इससे पहले केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनके कार्यकाल के दौरान बोर्ड ने मूल्यांकन प्रणाली में कई बदलाव किए, जिनमें सतत एवं व्यापक मूल्यांकन प्रणाली (सीसीई) को लागू करना प्रमुख रहा। उनका कार्यकाल शिक्षा प्रणाली में सुधार और प्रशासनिक बदलावों के लिए जाना गया, हालांकि कुछ नीतियों पर समय-समय पर बहस भी होती रही।

    शिक्षा मंत्रालय में सचिव के रूप में उन्होंने उच्च शिक्षा और बाद में स्कूली शिक्षा विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभाली। इसके अलावा वे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के कार्यवाहक अध्यक्ष की भूमिका में भी रहे। वर्ष 2023 में मणिपुर में हिंसा के दौरान उन्हें राज्य का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था, जहां उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था संभाली। बाद में उन्हें फिर केंद्र सरकार में वापस बुलाकर शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई।

    हालिया प्रशासनिक फेरबदल ऐसे समय हुआ है जब देश में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता को लेकर व्यापक चर्चा चल रही है। सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में नए अधिकारियों की नियुक्ति करते हुए उच्च शिक्षा और स्कूली शिक्षा दोनों विभागों में नेतृत्व परिवर्तन किया है। माना जा रहा है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जाएगा। विनीत जोशी का प्रशासनिक अनुभव और शिक्षा क्षेत्र में उनका लंबा योगदान उन्हें भारतीय शिक्षा प्रशासन के प्रमुख अधिकारियों में शामिल करता है।

  • MP: CM डॉ. यादव आज 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में ट्रांसफर करेंगे 1836 करोड़ रुपये

    MP: CM डॉ. यादव आज 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में ट्रांसफर करेंगे 1836 करोड़ रुपये


    भोपाल।
    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज रविवार को सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश की एक करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों के खाते में 1836 करोड़ रूपये से अधिक की राशि अंतरित करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ यादव सीहोर जिले की 2,40,287 लाड़ली बहनों के खाते में 35 करोड़ 39 लाख 32 हजार 500 रूपये की लाड़ली बहना योजना की राशि अंतरित करेंगे।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ यादव 184 करोड़ 92 लाख रूपये लागत के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करेंगे। इन कार्यों में 115 करोड़ 32 लाख रूपये के कार्यों का लोकार्पण एवं 69 करोड़ 60 लाख रूपये के कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।


    इन कार्यों का करेंगे लोकार्पण

    जनसंपर्क अधिकारी देवेन्द्र ओगारे ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव 115 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण करेंगे, जिनमें नगर पालिका आष्टा के वार्ड-16 घनश्यामपुरा में आंगनवाड़ी भवन निर्माण कार्य (10.76 लाख रुपये), पार्वती नदी पर घाट निर्माण कार्य (97.31 लाख रुपये), नगर परिषद जावर में नेवज नदी रीज्यूवेशन कार्य (188.00 लाख रुपये) तथा वार्ड-03 में नेवज नदी पर पुलिया निर्माण कार्य (88.00 लाख रुपये) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त आष्टा में सान्दीपनि विद्यालय भवन निर्माण (6100.00 लाख रुपये) एवं जावर में सान्दीपनि विद्यालय भवन निर्माण (3954.00 लाख रुपये), सिद्दीगंज में उपतहसील कार्यालय भवन निर्माण (85.00 लाख रुपये) तथा आष्टा में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय भवन निर्माण (131.00 लाख रुपये) भी शामिल हैं। साथ ही ग्राम मेहतवाड़ा में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण (295.45 लाख रुपये) तथा आष्टा-शुजालपुर मार्ग से धनाना खड़ी अरनिया गाजी करमनखेड़ी मार्ग पर पुल निर्माण कार्य (582.50 लाख रुपये) का भी लोकार्पण किया जाएगा।


    इन कार्यों का करेंगे भूमिपूजन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 69 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। इनमें आष्टा सिद्दीगंज से धर्मपुरी मार्ग निर्माण (200.78 लाख रुपये), हुसैनपुरखेड़ी से ओल्ड आष्टा बडला मार्ग निर्माण (160.11 लाख रुपये) तथा भंवरा से सिद्धेश्वर महादेव मंदिर तक मार्ग निर्माण (401.15 लाख रुपये) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सिद्दीगंज, कुरावर, मेहतवाड़ा, खड़ी, लोरासकला एवं धुराड़ाकला में शासकीय स्कूलों के निर्माण कार्य (894.51 लाख रुपये), मुख्यमंत्री पुलिस आवास योजना अंतर्गत 12 एनजीओ एवं 48 आरक्षक आवास निर्माण (1143.20 लाख रुपये), इछावर में महाविद्यालयीन बालक छात्रावास निर्माण (450.00 लाख रुपये) तथा पार्वती अर्द्धशहरी पुलिस थाना भवन निर्माण (192.13 लाख रुपये) शामिल हैं।

    साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत 96 निर्माण कार्य (1368.00 लाख रुपये) एवं 54 सामुदायिक भवन निर्माण (1320.00 लाख रुपये), नगर परिषद कोठरी में अमृत 2.0 अंतर्गत पेयजल योजना (114.00 लाख रुपये), आष्टा में पपनाश नदी से भोपाल नाका तक आरसीसी नाला निर्माण (240.39 लाख रुपये), सड़क चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य (410.39 लाख रुपये), वार्ड-14 में सब्जी मंडी विकास कार्य (26.25 लाख रुपये) तथा वार्ड-03 में पाण्डू शिला के पास सौंदर्यीकरण कार्य (39.19 लाख रुपये) का भूमिपूजन किया जाएगा।