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  • शिवपुरी पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, पुनीत वाजपेयी बने सिटी कोतवाली प्रभारी, 19 अधिकारियों के तबादले

    शिवपुरी पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, पुनीत वाजपेयी बने सिटी कोतवाली प्रभारी, 19 अधिकारियों के तबादले


    शिवपुरी जिले में पुलिस विभाग में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 19 निरीक्षक और उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने 21 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार, सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। इस फेरबदल में कई थानों के प्रभारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को उनके वर्तमान पदों से हटाकर पुलिस लाइन भेजा गया है।

    तबादला सूची में सबसे प्रमुख बदलाव शिवपुरी सिटी कोतवाली के थाना प्रभारी पद पर हुआ है। निरीक्षक पुनीत वाजपेयी, जो इससे पहले कोलारस थाने की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, उन्हें अब कोतवाली का नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं, कोतवाली के मौजूदा थाना प्रभारी निरीक्षक रोहित दुबे को उनके पद से हटाकर पुलिस लाइन भेज दिया गया है। इस बदलाव के बाद कोतवाली की जिम्मेदारी पुनीत वाजपेयी संभालेंगे।

    कोलारस थाने में भी नए प्रभारी की नियुक्ति की गई है। निरीक्षक जितेंद्र चंदेलिया को पुलिस लाइन से स्थानांतरित कर कोलारस थाना प्रभारी बनाया गया है। इससे पहले वह पुलिस लाइन में पदस्थ थे। अब उन्हें थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस नियुक्ति के साथ कोलारस में थाना प्रभारी का दायित्व बदल गया है।

    पोहरी थाने की कमान निरीक्षक मनीष कुमार धाकड़ को सौंपी गई है। वह भी पुलिस लाइन से स्थानांतरित होकर पोहरी पहुंचेंगे। वहीं, पोहरी के मौजूदा थाना प्रभारी निरीक्षक रवि चौहान को बैराड़ थाने की जिम्मेदारी दी गई है। इस तरह पोहरी और बैराड़ थानों में भी प्रभारियों की अदला-बदली की गई है।

    उप निरीक्षक स्तर पर भी महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। अरविंद छारी को कोतवाली से स्थानांतरित कर दिनारा थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं, दिनारा में पदस्थ उप निरीक्षक रविंद्र कुशवाह को कोतवाली भेजा गया है। इन नियुक्तियों के जरिए दोनों अधिकारियों की नई पदस्थापना तय की गई है।

    तबादला आदेश में कुछ अधिकारियों को वर्तमान जिम्मेदारियों से हटाकर पुलिस लाइन भेजने के निर्देश भी शामिल हैं। इनमें कोतवाली से रोहित दुबे, बम्हारी से सुनील राजपूत, बैराड़ से सुरेशचंद्र शर्मा और मायापुर से अनिल भारद्वाज के नाम शामिल हैं। इसके अलावा भटनावर चौकी से सीमा धाकड़ और सीहोर से जूली तोमर को भी उनके वर्तमान प्रभार से हटाकर पुलिस लाइन भेजा गया है।

    जारी जानकारी के अनुसार, इस पूरी तबादला सूची में 11 निरीक्षकों और 8 उप निरीक्षकों के नाम शामिल हैं। आदेश में सभी संबंधित अधिकारियों को बिना देरी किए अपने नए पदस्थापना स्थल पर आमद दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस फेरबदल के तहत जिले के कई थानों और पुलिस इकाइयों में जिम्मेदारियां बदली गई हैं। नई नियुक्तियों के बाद संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने निर्धारित कार्यक्षेत्र का प्रभार संभालना होगा।

  • मध्य प्रदेश के रतलाम में सरकारी स्कूल सुधारने वाले शिक्षक को मिला नोटिस, ग्रामीणों की मदद से बदली थी रूपनगर स्कूल की तस्वीर

    मध्य प्रदेश के रतलाम में सरकारी स्कूल सुधारने वाले शिक्षक को मिला नोटिस, ग्रामीणों की मदद से बदली थी रूपनगर स्कूल की तस्वीर

    मध्य प्रदेश। के रतलाम जिले के जावरा ब्लॉक स्थित रूपनगर सरकारी स्कूल में बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए किए गए प्रयास अब चर्चा में हैं। स्कूल को आदर्श बनाने में शिक्षक बद्रीलाल राठौड़ और शिक्षक-पालक संघ ने ग्रामीणों की मदद से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। स्कूल में साफ-सफाई, हरियाली, बेहतर फर्नीचर, पानी का फिल्टर और कूलर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य बच्चों को सरकारी स्कूल में ही अच्छी शिक्षा और सुविधाएं देना था। हालांकि, स्कूल में हुए निर्माण और सुविधाओं को लेकर शिक्षक को कारण बताओ नोटिस मिलने के बाद मामला विवाद का विषय बन गया है।

    रूपनगर स्कूल को बेहतर बनाने के लिए शिक्षक और शिक्षक-पालक संघ ने स्थानीय लोगों के सहयोग से संसाधन जुटाए थे। स्कूल में रंग-रोगन, बाउंड्री वॉल, चित्रकारी और दूसरी सुविधाओं से संबंधित काम कराए गए। फर्नीचर तथा अन्य जरूरी सामग्री की व्यवस्था भी जनभागीदारी और शिक्षक के निजी खर्च से की गई थी। स्कूल का वातावरण बेहतर होने से गांव के बच्चों को सरकारी संस्थान में पढ़ाई करने के लिए सुविधाजनक माहौल मिला। इस पहल के बाद स्कूल को आदर्श विद्यालय के रूप में देखा जाने लगा था।

    मामले में शिक्षक बद्रीलाल राठौड़ को निर्माण कार्य और सुविधाओं की व्यवस्था को लेकर कारण बताओ नोटिस मिलने की जानकारी सामने आई। नोटिस में पूछा गया कि स्कूल में रंग-रोगन, फर्नीचर, वाटर कूलर और अन्य कार्य किसकी अनुमति से कराए गए। बाउंड्री वॉल, चित्रकारी और दूसरी सामग्री की व्यवस्था के लिए किस प्रशासनिक आदेश का सहारा लिया गया, इस पर भी सवाल किए गए। इसके अलावा, स्कूल में निशुल्क सेवाएं दे रहे तीन शिक्षकों की अनुमति से संबंधित जानकारी मांगे जाने की बात कही गई। इन सवालों के बीच यह मुद्दा उठ रहा है कि ग्रामीणों के सहयोग से स्कूल में किए गए सुधारों की प्रक्रिया को लेकर विभाग की क्या आपत्ति थी।

    राठौड़ का करीब दो महीने पहले जावरा क्षेत्र के रूपनगर स्कूल से सेमलिया के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में तबादला कर दिया गया था। अपने पसंदीदा शिक्षक का स्थानांतरण रुकवाने के लिए बच्चे और ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। उन्होंने शिक्षक का तबादला रोकने की मांग को लेकर विरोध भी किया, लेकिन स्थानांतरण नहीं रुका। इसके बाद रूपनगर स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या धीरे-धीरे कम होने की बात सामने आई। बताया गया है कि स्कूल की व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ा और पहले जैसी स्थिति बनाए रखने में कठिनाइयां सामने आने लगीं।

    रिटायर्ड नारकोटिक्स इंस्पेक्टर जगदीश यादव भी रूपनगर स्कूल में बच्चों को निशुल्क पढ़ाते थे। उनके अनुसार, शिक्षक को सम्मानित करने के बजाय नोटिस दिया जाना निराशाजनक है। उन्होंने स्कूल में शिक्षक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके काम को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए था। दूसरी ओर, बद्रीलाल राठौड़ ने बताया कि उन्होंने नोटिस का जवाब निर्धारित समय के भीतर दे दिया था। उनका कहना है कि स्कूल में कराए गए सभी काम ग्रामीणों और शिक्षक-पालक संघ की मदद से हुए थे।

    राठौड़ ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षक-पालक संघ को स्कूल के विकास के लिए कई अधिकार प्राप्त हैं। उनके अनुसार, संघ नए प्रयोग करने, विकास की योजना बनाने और लोगों की मदद से फर्नीचर, खेल सामग्री तथा पढ़ाई से जुड़ी दूसरी आवश्यक चीजें जुटाने में भूमिका निभा सकता है। हालांकि, जिला शिक्षा अधिकारी सिमरन सूर्यवंशी ने कहा कि शिक्षक को स्कूल का रिनोवेशन कराने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कार्यालय से जानकारी लेकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की बात कही थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्कूल में अब केवल दो शिक्षक पदस्थ हैं और विद्यार्थियों की संख्या में कमी दर्ज होने की बात कही गई है।
    नई दिल्ली ।

    मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के जावरा ब्लॉक स्थित रूपनगर सरकारी स्कूल में बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए किए गए प्रयास अब चर्चा में हैं। स्कूल को आदर्श बनाने में शिक्षक बद्रीलाल राठौड़ और शिक्षक-पालक संघ ने ग्रामीणों की मदद से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। स्कूल में साफ-सफाई, हरियाली, बेहतर फर्नीचर, पानी का फिल्टर और कूलर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य बच्चों को सरकारी स्कूल में ही अच्छी शिक्षा और सुविधाएं देना था। हालांकि, स्कूल में हुए निर्माण और सुविधाओं को लेकर शिक्षक को कारण बताओ नोटिस मिलने के बाद मामला विवाद का विषय बन गया है।

    रूपनगर स्कूल को बेहतर बनाने के लिए शिक्षक और शिक्षक-पालक संघ ने स्थानीय लोगों के सहयोग से संसाधन जुटाए थे। स्कूल में रंग-रोगन, बाउंड्री वॉल, चित्रकारी और दूसरी सुविधाओं से संबंधित काम कराए गए। फर्नीचर तथा अन्य जरूरी सामग्री की व्यवस्था भी जनभागीदारी और शिक्षक के निजी खर्च से की गई थी। स्कूल का वातावरण बेहतर होने से गांव के बच्चों को सरकारी संस्थान में पढ़ाई करने के लिए सुविधाजनक माहौल मिला। इस पहल के बाद स्कूल को आदर्श विद्यालय के रूप में देखा जाने लगा था।

    मामले में शिक्षक बद्रीलाल राठौड़ को निर्माण कार्य और सुविधाओं की व्यवस्था को लेकर कारण बताओ नोटिस मिलने की जानकारी सामने आई। नोटिस में पूछा गया कि स्कूल में रंग-रोगन, फर्नीचर, वाटर कूलर और अन्य कार्य किसकी अनुमति से कराए गए। बाउंड्री वॉल, चित्रकारी और दूसरी सामग्री की व्यवस्था के लिए किस प्रशासनिक आदेश का सहारा लिया गया, इस पर भी सवाल किए गए। इसके अलावा, स्कूल में निशुल्क सेवाएं दे रहे तीन शिक्षकों की अनुमति से संबंधित जानकारी मांगे जाने की बात कही गई। इन सवालों के बीच यह मुद्दा उठ रहा है कि ग्रामीणों के सहयोग से स्कूल में किए गए सुधारों की प्रक्रिया को लेकर विभाग की क्या आपत्ति थी।

    राठौड़ का करीब दो महीने पहले जावरा क्षेत्र के रूपनगर स्कूल से सेमलिया के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में तबादला कर दिया गया था। अपने पसंदीदा शिक्षक का स्थानांतरण रुकवाने के लिए बच्चे और ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। उन्होंने शिक्षक का तबादला रोकने की मांग को लेकर विरोध भी किया, लेकिन स्थानांतरण नहीं रुका। इसके बाद रूपनगर स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या धीरे-धीरे कम होने की बात सामने आई। बताया गया है कि स्कूल की व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ा और पहले जैसी स्थिति बनाए रखने में कठिनाइयां सामने आने लगीं।

    रिटायर्ड नारकोटिक्स इंस्पेक्टर जगदीश यादव भी रूपनगर स्कूल में बच्चों को निशुल्क पढ़ाते थे। उनके अनुसार, शिक्षक को सम्मानित करने के बजाय नोटिस दिया जाना निराशाजनक है। उन्होंने स्कूल में शिक्षक के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके काम को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए था। दूसरी ओर, बद्रीलाल राठौड़ ने बताया कि उन्होंने नोटिस का जवाब निर्धारित समय के भीतर दे दिया था। उनका कहना है कि स्कूल में कराए गए सभी काम ग्रामीणों और शिक्षक-पालक संघ की मदद से हुए थे।

    राठौड़ ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षक-पालक संघ को स्कूल के विकास के लिए कई अधिकार प्राप्त हैं। उनके अनुसार, संघ नए प्रयोग करने, विकास की योजना बनाने और लोगों की मदद से फर्नीचर, खेल सामग्री तथा पढ़ाई से जुड़ी दूसरी आवश्यक चीजें जुटाने में भूमिका निभा सकता है। हालांकि, जिला शिक्षा अधिकारी सिमरन सूर्यवंशी ने कहा कि शिक्षक को स्कूल का रिनोवेशन कराने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कार्यालय से जानकारी लेकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की बात कही थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्कूल में अब केवल दो शिक्षक पदस्थ हैं और विद्यार्थियों की संख्या में कमी दर्ज होने की बात कही गई है।

  • देहरादून पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 22 SI-ASI के तबादले, नई तैनाती पर तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश

    देहरादून पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल, 22 SI-ASI के तबादले, नई तैनाती पर तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश

    नई दिल्ली ।उत्तराखंड के देहरादून में पुलिस विभाग में फेरबदल किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 19 उपनिरीक्षक और दो अपर उपनिरीक्षक नागरिक समेत कुल 22 पुलिस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। तबादला आदेश के तहत अधिकारियों को अलग-अलग थानों, चौकियों, शाखाओं और पुलिस लाइन से नई जगहों पर भेजा गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को नई तैनाती पर तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

    तबादला सूची के अनुसार उपनिरीक्षक दुर्गेश कोठियाल को वसंत विहार से कैंट भेजा गया है। उपनिरीक्षक ओमप्रकाश को कैंट से वसंत विहार में नई तैनाती मिली है। उपनिरीक्षक मनोहर सिंह रावत का डोईवाला से नेहरू कॉलोनी तबादला किया गया है। अपर उपनिरीक्षक देवेंद्र नेगी को पुलिस लाइन से पटेल नगर भेजा गया है, जबकि मनमोहन को पुलिस लाइन से क्लेमेंटाउन में तैनाती दी गई है।

    राजीव धारीवाल को सहसपुर से वसंत विहार भेजा गया है। मुकेश थलेड़ी का तबादला आईएसबीटी ऋषिकेश चौकी से पटेल नगर थाना किया गया है। प्रवीण पुंडीर को सहसपुर से पटेल नगर भेजा गया है। प्रमोद शाह को पटेल नगर से कोतवाली नगर में नई जिम्मेदारी दी गई है।

    दिनेश चमोली को पुलिस लाइन से आईएसबीटी ऋषिकेश चौकी भेजा गया है। रवि प्रसाद कवि का तबादला प्रेमनगर से एसआईएस शाखा किया गया है। अमन चड्ढा को कोतवाली नगर से एसआईएस शाखा भेजा गया है।

    सोमवीर को एसआईएस शाखा से रायपुर भेजा गया है। जसपाल गुसाईं को एसआईएस शाखा से सहसपुर में नई तैनाती मिली है। मुकेश नेगी को वसंत विहार से ऋषिकेश थाना भेजा गया है। विनेश कुमार को त्रिवेणीघाट चौकी से एम्स ऋषिकेश चौकी और देवेंद्र पंवार को एम्स ऋषिकेश चौकी से त्रिवेणीघाट चौकी भेजा गया है।

    इसके अलावा सचिन पुंडीर को पुलिस लाइन से डोईवाला भेजा गया है। मुकेश कुमार को प्रेमनगर से रायवाला और जगदंबा प्रसाद को रायवाला से प्रेमनगर में तैनाती दी गई है। चंद्रशेखर नौटियाल को विकासनगर से प्रेमनगर भेजा गया है। इस फेरबदल के तहत कई अधिकारियों के मौजूदा कार्यक्षेत्र बदलकर उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

    तबादला आदेश में अजय प्रकाश भट्ट से संबंधित पूर्व स्थानांतरण आदेश को भी निरस्त किया गया है। अजय प्रकाश भट्ट का पहले विकासनगर से कैंट तबादला किया गया था, लेकिन अब उस आदेश को रद्द कर दिया गया है।

    सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी नई तैनाती वाले स्थान पर तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करें। इसके तहत अधिकारियों को संबंधित थानों, चौकियों और शाखाओं में पहुंचकर अपनी नई जिम्मेदारी संभालनी होगी।

    पुलिस विभाग के इस फेरबदल में पुलिस लाइन से कई अधिकारियों को अलग-अलग थानों और चौकियों में भेजा गया है। वहीं कुछ अधिकारियों को एक थाना या शाखा से दूसरी जगह तैनात किया गया है। तबादला आदेश के साथ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों के अनुसार काम संभालने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    इस फेरबदल में देहरादून शहर के साथ ऋषिकेश और आसपास के पुलिस क्षेत्रों से जुड़े अधिकारियों की तैनाती में भी बदलाव किया गया है। अधिकारियों को तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए जाने के बाद नई तैनाती प्रभावी हो गई है। साथ ही अजय प्रकाश भट्ट के पूर्व विकासनगर से कैंट स्थानांतरण आदेश को निरस्त कर दिया गया है।

  • UPSC अनुभव साझा करने वाले वीडियो पर आपत्ति के बाद IPS बुशरा बानो को SAP चौथी बटालियन में मिली नई जिम्मेदारी

    UPSC अनुभव साझा करने वाले वीडियो पर आपत्ति के बाद IPS बुशरा बानो को SAP चौथी बटालियन में मिली नई जिम्मेदारी

    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल में एक मुस्लिम IPS अधिकारी द्वारा अपने यूट्यूब वीडियो में ‘अस्सलामु अलैकुम’ और ‘इंशाल्लाह’ जैसे शब्दों का प्रयोग करने के बाद उनके खिलाफ एक्शन हो गया है। खबर है कि राज्य की भाजपा की सरकार ने IPS अधिकारी डॉ. बुशरा बानो का ट्रांसफर कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस वीडियो पर कुछ दक्षिणपंथी समूहों की आपत्ति जताई थी और कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने पब्लिक ऑर्डर का हवाला देते हुए अधिकारी का तबादला कर दिया।

    मामला सामने आने के बाद अब तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है।

    किस वीडियो पर हुआ एक्शन?

    रिपोर्ट के मुताबिक खड़गपुर की एडिशनल एसपी के पद पर तैनात डॉ बुशरा बानो ने यूट्यूब पर एक वीडियो डालकर अभ्यर्थियों के साथ यूपीएससी की तैयारी का अनुभव शेयर किया था। उन्होंने वीडियो में बताया कि सऊदी अरब से लौटने के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की ‘रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी’ और वहां की लाइब्रेरी से उन्हें तैयारी में काफी मदद मिली। वो दूसरे अभ्यर्थियों को मोटिवेट भी करती नजर आ रही हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

    क्या हुई आपत्ति?

    इस वीडियो पर ‘हिंदू लीगल फंड’ नामक संगठन ने आपत्ति जताते हुए राज्य की गृह सचिव संघमित्रा घोष को शिकायत भेजी। संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि अधिकारी ने वीडियो की शुरुआत ‘अस्सलामु अलैकुम’ से की और ‘इंशाल्लाह’ और ‘जज़ाकल्लाह’ जैसे शब्द भी कहे। शिकायत की गई कि अधिकारी ने एक बार भी ‘जय हिंद’ या ‘वंदे मातरम’ नहीं बोला। संगठन ने लिखा कि एक ऑन-ड्यूटी अधिकारी को सार्वजनिक तौर पर शब्दों का इस्तेमाल करते समय निष्पक्षता बनाए रखनी चाहिए।

    शिकायत के बाद अब बुशरा बानो का ट्रांसफर कर दिया गया है। उन्हें पश्चिम मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर की एडिशनल एसपी पद से हटाकर उन्हें अब स्टेट आर्म्ड पुलिस (SAP) की चौथी बटालियन में ‘डिप्टी कमांडेंट’ बनाया गया है। वहीं चंदननगर पुलिस कमिश्नरेट के एडिशनल डीसी पार्थ घोष को खड़गपुर में बुशरा बानो की जगह नया एडिशनल एसपी तैनात किया गया है।

    भड़क गईं महुआ मोइत्रा

    IPS अधिकारी के ट्रांसफर की खबर आते ही टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। महुआ मोइत्रा ने एक्स पर लिखा कि देश नफरत और कट्टरता से भरता जा रहा है। महुआ मोइत्रा ने लिखा, “जिस देश के प्रधानमंत्री ने नए संसद भवन का उद्घाटन सेंगोल और साधुओं के साथ किया था, उस देश में एक मुस्लिम आईपीएस अधिकारी का सिर्फ ‘अस्सलामु अलैकुम’ और ‘इंशाअल्लाह’ कहने पर तबादला कर देना हास्यास्पद है।” उन्होंने आगे कहा, “हम एक ऐसे देश में बदलते जा रहे हैं, जो नफरत और कट्टरता से भरा हुआ है। भगवान ही भारत को बचाए।”

  • IIT कानपुर से IAS तक का सफर, शिक्षा सचिव पद से हटाए गए विनीत जोशी का प्रशासनिक और शैक्षणिक सफर चर्चा में

    IIT कानपुर से IAS तक का सफर, शिक्षा सचिव पद से हटाए गए विनीत जोशी का प्रशासनिक और शैक्षणिक सफर चर्चा में

    नई दिल्ली । पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनीत जोशी का शिक्षा मंत्रालय से तबादला कर उन्हें पंचायती राज मंत्रालय में सचिव नियुक्त किया है। उनके स्थान पर उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी नए अधिकारी को सौंपी गई है। इस प्रशासनिक बदलाव के बाद विनीत जोशी का लंबा शैक्षणिक और प्रशासनिक सफर एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। शिक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण संस्थानों का नेतृत्व कर चुके जोशी देश की परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े प्रमुख अधिकारियों में गिने जाते रहे हैं।

    विनीत जोशी 1992 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। उनका जन्म 2 नवंबर 1968 को उत्तर प्रदेश में हुआ था। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। इसके बाद भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आईआईएफटी), नई दिल्ली से अंतरराष्ट्रीय व्यापार में एमबीए किया, जिसमें उन्हें स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ। आगे चलकर उन्होंने गुणवत्ता प्रबंधन विषय में पीएचडी भी पूरी की। उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों ने उन्हें प्रशासनिक सेवा में तकनीकी और प्रबंधन दोनों क्षेत्रों की समझ रखने वाले अधिकारी के रूप में पहचान दिलाई।

    शिक्षा क्षेत्र में उनकी सबसे महत्वपूर्ण भूमिकाओं में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के पहले महानिदेशक का पद शामिल रहा। वर्ष 2018 में उन्हें इस नवगठित संस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उनके कार्यकाल में जेईई मेन, नीट और अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं के संचालन की व्यवस्था को संस्थागत रूप दिया गया। हालांकि हाल के वर्षों में विभिन्न परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों के बाद एनटीए लगातार सार्वजनिक और राजनीतिक बहस के केंद्र में रही।

    विनीत जोशी इससे पहले केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनके कार्यकाल के दौरान बोर्ड ने मूल्यांकन प्रणाली में कई बदलाव किए, जिनमें सतत एवं व्यापक मूल्यांकन प्रणाली (सीसीई) को लागू करना प्रमुख रहा। उनका कार्यकाल शिक्षा प्रणाली में सुधार और प्रशासनिक बदलावों के लिए जाना गया, हालांकि कुछ नीतियों पर समय-समय पर बहस भी होती रही।

    शिक्षा मंत्रालय में सचिव के रूप में उन्होंने उच्च शिक्षा और बाद में स्कूली शिक्षा विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभाली। इसके अलावा वे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के कार्यवाहक अध्यक्ष की भूमिका में भी रहे। वर्ष 2023 में मणिपुर में हिंसा के दौरान उन्हें राज्य का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था, जहां उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था संभाली। बाद में उन्हें फिर केंद्र सरकार में वापस बुलाकर शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई।

    हालिया प्रशासनिक फेरबदल ऐसे समय हुआ है जब देश में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता को लेकर व्यापक चर्चा चल रही है। सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में नए अधिकारियों की नियुक्ति करते हुए उच्च शिक्षा और स्कूली शिक्षा दोनों विभागों में नेतृत्व परिवर्तन किया है। माना जा रहा है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जाएगा। विनीत जोशी का प्रशासनिक अनुभव और शिक्षा क्षेत्र में उनका लंबा योगदान उन्हें भारतीय शिक्षा प्रशासन के प्रमुख अधिकारियों में शामिल करता है।

  • MP: CM डॉ. यादव आज 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में ट्रांसफर करेंगे 1836 करोड़ रुपये

    MP: CM डॉ. यादव आज 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में ट्रांसफर करेंगे 1836 करोड़ रुपये


    भोपाल।
    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज रविवार को सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश की एक करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों के खाते में 1836 करोड़ रूपये से अधिक की राशि अंतरित करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ यादव सीहोर जिले की 2,40,287 लाड़ली बहनों के खाते में 35 करोड़ 39 लाख 32 हजार 500 रूपये की लाड़ली बहना योजना की राशि अंतरित करेंगे।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ यादव 184 करोड़ 92 लाख रूपये लागत के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करेंगे। इन कार्यों में 115 करोड़ 32 लाख रूपये के कार्यों का लोकार्पण एवं 69 करोड़ 60 लाख रूपये के कार्यों का भूमिपूजन शामिल है।


    इन कार्यों का करेंगे लोकार्पण

    जनसंपर्क अधिकारी देवेन्द्र ओगारे ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव 115 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण करेंगे, जिनमें नगर पालिका आष्टा के वार्ड-16 घनश्यामपुरा में आंगनवाड़ी भवन निर्माण कार्य (10.76 लाख रुपये), पार्वती नदी पर घाट निर्माण कार्य (97.31 लाख रुपये), नगर परिषद जावर में नेवज नदी रीज्यूवेशन कार्य (188.00 लाख रुपये) तथा वार्ड-03 में नेवज नदी पर पुलिया निर्माण कार्य (88.00 लाख रुपये) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त आष्टा में सान्दीपनि विद्यालय भवन निर्माण (6100.00 लाख रुपये) एवं जावर में सान्दीपनि विद्यालय भवन निर्माण (3954.00 लाख रुपये), सिद्दीगंज में उपतहसील कार्यालय भवन निर्माण (85.00 लाख रुपये) तथा आष्टा में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय भवन निर्माण (131.00 लाख रुपये) भी शामिल हैं। साथ ही ग्राम मेहतवाड़ा में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण (295.45 लाख रुपये) तथा आष्टा-शुजालपुर मार्ग से धनाना खड़ी अरनिया गाजी करमनखेड़ी मार्ग पर पुल निर्माण कार्य (582.50 लाख रुपये) का भी लोकार्पण किया जाएगा।


    इन कार्यों का करेंगे भूमिपूजन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव 69 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। इनमें आष्टा सिद्दीगंज से धर्मपुरी मार्ग निर्माण (200.78 लाख रुपये), हुसैनपुरखेड़ी से ओल्ड आष्टा बडला मार्ग निर्माण (160.11 लाख रुपये) तथा भंवरा से सिद्धेश्वर महादेव मंदिर तक मार्ग निर्माण (401.15 लाख रुपये) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सिद्दीगंज, कुरावर, मेहतवाड़ा, खड़ी, लोरासकला एवं धुराड़ाकला में शासकीय स्कूलों के निर्माण कार्य (894.51 लाख रुपये), मुख्यमंत्री पुलिस आवास योजना अंतर्गत 12 एनजीओ एवं 48 आरक्षक आवास निर्माण (1143.20 लाख रुपये), इछावर में महाविद्यालयीन बालक छात्रावास निर्माण (450.00 लाख रुपये) तथा पार्वती अर्द्धशहरी पुलिस थाना भवन निर्माण (192.13 लाख रुपये) शामिल हैं।

    साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत 96 निर्माण कार्य (1368.00 लाख रुपये) एवं 54 सामुदायिक भवन निर्माण (1320.00 लाख रुपये), नगर परिषद कोठरी में अमृत 2.0 अंतर्गत पेयजल योजना (114.00 लाख रुपये), आष्टा में पपनाश नदी से भोपाल नाका तक आरसीसी नाला निर्माण (240.39 लाख रुपये), सड़क चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य (410.39 लाख रुपये), वार्ड-14 में सब्जी मंडी विकास कार्य (26.25 लाख रुपये) तथा वार्ड-03 में पाण्डू शिला के पास सौंदर्यीकरण कार्य (39.19 लाख रुपये) का भूमिपूजन किया जाएगा।