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  • देवास में परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई: बिना फिटनेस और पीयूसी के 5 वाहन जब्त

    देवास में परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई: बिना फिटनेस और पीयूसी के 5 वाहन जब्त


    मध्‍य प्रदेश । देवास जिले में सड़क सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर परिवहन विभाग ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए विशेष जांच अभियान चलाया। बुधवार को औद्योगिक क्षेत्र देवास में की गई इस कार्रवाई के दौरान बिना फिटनेस प्रमाण पत्र और पीयूसी के संचालित 5 वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया गया।

    जिला प्रशासन के निर्देश पर यह अभियान कलेक्टर ऋतुराज सिंह के मार्गदर्शन में तथा जिला परिवहन अधिकारी निशा चौहान के नेतृत्व में चलाया गया। विभागीय टीम ने औद्योगिक क्षेत्र में सड़क पर दौड़ रहे वाहनों की सघन जांच की, जिसमें फिटनेस, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी), बीमा और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की गई।

    जांच के दौरान कुल 20 वाहनों को रोका गया और उनके दस्तावेजों की जांच की गई। इनमें से 5 वाहन जिनमें ट्रक और मिनी ट्रक शामिल हैं ऐसे पाए गए जिनके पास न तो वैध फिटनेस प्रमाण पत्र था और न ही पीयूसी प्रमाण पत्र। यह स्पष्ट रूप से परिवहन नियमों का उल्लंघन था। नियमों के उल्लंघन पर विभागीय टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी पांच वाहनों को जब्त कर लिया।

    जिला परिवहन अधिकारी निशा चौहान ने बताया कि यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा कि विभाग का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का पालन न करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    उन्होंने वाहन मालिकों को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे फिटनेस प्रमाण पत्र, पीयूसी, बीमा और परमिट समय पर अपडेट रखना अनिवार्य है। यदि भविष्य में कोई वाहन बिना वैध दस्तावेजों के संचालित पाया गया तो उसके खिलाफ जुर्माना और वाहन जब्ती जैसी कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से औद्योगिक क्षेत्र में वाहन चालकों और संचालकों के बीच हड़कंप की स्थिति देखी गई।

  • होली से ठीक पहले MP में बस हड़ताल, 20 हजार बसें एक दिन के लिए रहेंगी ठप

    होली से ठीक पहले MP में बस हड़ताल, 20 हजार बसें एक दिन के लिए रहेंगी ठप


    भोपाल। होली के त्योहार से ठीक पहले मध्य प्रदेश में यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी पैदा हो सकती है। ट्रेनों में पहले से लंबी वेटिंग चल रही है, वहीं 2 मार्च को प्रस्तावित बस हड़ताल के कारण करीब 20 हजार बसें प्रदेशभर में बंद रहेंगी। सामान्य दिनों में लगभग 12-15 हजार बसों का संचालन होता है, यानी हड़ताल के दिन लगभग पूरा निजी बस परिवहन ठप रहेगा।

    मध्य प्रदेश बस ऑनर एसोसिएशन के महामंत्री जय कुमार जैन ने कहा कि परिवहन विभाग की दमनकारी नीतियों और प्रस्तावित योजनाओं के विरोध में बस मालिकों को मजबूर होकर हड़ताल पर जाना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि सरकार परमिट नीति और राष्ट्रीयकरण के जरिए निजी बसों के व्यवसाय को बड़ी कंपनियों के हाथ में देने की तैयारी कर रही है।

    प्रदेश में कुल 12,780 परमिट वाली और 7,000 से अधिक कॉन्ट्रैक्ट वाली बसें हैं। जय कुमार जैन का कहना है कि परिवहन विभाग योजना बना रहा है कि निजी बस मालिकों से किराया लेकर कंपनियां बस चलाएँ, जबकि मोटर व्हीकल कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। इस विरोध में एसोसिएशन ने विस्तृत प्रेस नोट भी जारी किया है।

    हड़ताल में केवल कुछ ही नहीं, बल्कि सभी निजी बस ऑपरेटरों की भागीदारी रहेगी। इसमें कई कांग्रेस और बीजेपी से जुड़े नेताओं की बसें भी शामिल हैं। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यह राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि व्यवसाय और परिवहन नीति से जुड़ा सवाल है।

    वर्तमान में VLT (व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग) प्रणाली लागू है, जो बस की लोकेशन, गति और रूट की जानकारी ऑनलाइन जोड़ती है। ऑपरेटरों का आरोप है कि तकनीकी खामियों और ठेकेदार व्यवस्था के कारण उन्हें बार-बार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

    यात्रियों पर असर:
    होली के दौरान गांव से शहर और शहर से गांव जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। ट्रेनों में लंबी वेटिंग की स्थिति में बसें सबसे बड़ा विकल्प होती हैं। ऐसे में 2 मार्च को हड़ताल होने से हजारों लोग मुश्किल में पड़ सकते हैं। अब सबकी नजर सरकार और बस मालिकों के बीच बातचीत पर टिकी है।

    बस मालिकों के आरोप और वजहें:

    निजी बस मालिकों के परमिट निरस्त कर राष्ट्रीयकरण की तैयारी।

    मल्टीनेशनल कंपनियों को बस संचालन का व्यापार देने का प्रयास।

    छोटे और पुराने बस मालिकों का व्यवसाय खतरे में।

    VLT प्रणाली और पंजीयन, फिटनेस प्रक्रियाओं में अवरोध।

    स्थायी अनुज्ञा और नवीनीकरण मामलों में लंबित निर्णय।

    अवैध वसूली और शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई का अभाव।

    बस ऑपरेटरों का कहना है कि पहले भी राज्य में परिवहन व्यवस्था के प्रयोग विफल रहे, जैसे MPSRTC का संचालन, और वर्तमान प्रस्ताव भी उसी तरह छोटे और मध्यम बस मालिकों को बाहर करने जैसा है।

    इस बार की हड़ताल का मकसद है कि प्राइवेट बस मालिकों का व्यवसाय सुरक्षित रहे और पेरेंट्स और यात्रियों पर अनावश्यक दबाव न डाला जाए।

  • बस हादसों पर RTO की सख्ती: जबलपुर में बस बॉडी मेकिंग कारखानों पर ताबड़तोड़ छापे. एक यूनिट सील

    बस हादसों पर RTO की सख्ती: जबलपुर में बस बॉडी मेकिंग कारखानों पर ताबड़तोड़ छापे. एक यूनिट सील


    जबलपुर । हाल के दिनों में यात्री बसों में आग लगने की घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इन हादसों में कई मासूम लोगों की जान जा चुकी है और कई परिवार उजड़ गए हैं। इन घटनाओं से सबक लेते हुए अब जबलपुर का परिवहन विभाग पूरी तरह सख्ती के मूड में नजर आ रहा है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आरटीओ ने बस बॉडी मेकिंग कारखानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में आरटीओ संतोष पॉल के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम ने महानद्दा क्षेत्र स्थित ‘दिक्षु बस बॉडी मेकिंग’ कारखाने पर अचानक छापा मारा। जांच के दौरान कारखाने में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
    सबसे अहम बात यह रही कि यूनिट के पास अनिवार्य सर्वे रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी. जो बस बॉडी निर्माण के लिए जरूरी मानी जाती है। इसके अलावा मौके पर सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी देखी गई।जांच में यह भी पाया गया कि कारखाने में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और निर्माण प्रक्रिया में मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। इन गंभीर खामियों को देखते हुए परिवहन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बस बॉडी मेकिंग यूनिट को सील कर दिया। आरटीओ की इस सख्त कार्रवाई से बस बॉडी निर्माताओं में हड़कंप मच गया है।

    जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कई बस बॉडी सेंटर्स ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया के तय मापदंडों की अनदेखी कर रहे हैं। यही लापरवाही आगे चलकर बड़े हादसों की वजह बन रही है। नियमों के उल्लंघन के तहत घटिया क्वालिटी की वायरिंग. ज्वलनशील मटेरियल का उपयोग. इमरजेंसी गेट की कमी और फायर सेफ्टी मानकों में गंभीर लापरवाही सामने आ रही है।सबसे चिंताजनक बात यह है कि कुछ कारखाने बिना ARAI सर्टिफिकेशन के ही बस बॉडी का निर्माण कर रहे हैं. जो सीधे तौर पर यात्रियों की जान को खतरे में डालता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बसों में लगने वाली आग की बड़ी वजह शॉर्ट सर्किट और खराब वायरिंग होती है. जिसकी जड़ इन्हीं अवैध और लापरवाह निर्माण प्रक्रियाओं में छिपी है।

    परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आरटीओ का कहना है कि जो भी बस बॉडी निर्माता नियमों का पालन नहीं करेगा. उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. चाहे वह सीलिंग हो या कानूनी कार्रवाई। आने वाले दिनों में जबलपुर के अन्य बस बॉडी मेकिंग सेंटर्स पर भी इसी तरह की जांच और छापेमारी की जाएगी। विभाग की इस सख्ती से यह उम्मीद की जा रही है कि बस निर्माण में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होगा और भविष्य में बसों में होने वाली अग्नि दुर्घटनाओं पर प्रभावी रूप से रोक लग सकेगी। यात्रियों की जान बचाने के लिए उठाया गया यह कदम परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

  • शासकीय कार्यालयों में बगैर वैध दस्तावेज के वाहन नहीं चल सकेंगे सरकार का बड़ा फैसला

    शासकीय कार्यालयों में बगैर वैध दस्तावेज के वाहन नहीं चल सकेंगे सरकार का बड़ा फैसला


    नई दिल्ली । मध्यप्रदेश शासन के परिवहन विभाग ने शासकीय विभागों, निगमों एवं निकायों द्वारा विभिन्न प्रयोजनों के लिए अनुबंधित किए जाने वाले वाहनों के संबंध में नवीन निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेशानुसार अब बगैर वैध दस्तावेजों के किसी भी वाहन को शासकीय कार्यालयों में उपयोग में नहीं लिया जाएगा।

    शासकीय विभागों द्वारा सीधे अथवा निजी एजेंसियों के माध्यम से उपयोग में लाए जाने वाले मालवाहक एवं यात्री वाहनों के सभी वैधानिक दस्तावेज अनुबंध से पूर्व और वाहन उपयोग की संपूर्ण अवधि के दौरान वैध होना अनिवार्य होगा। साथ ही, विभागों को भुगतान से पहले भी इन दस्तावेजों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    परिवहन विभाग ने यह भी निर्देश दिये है कि खनिज अथवा अन्य सामग्री के परिवहन के लिये जारी की जाने वाली अनुमति संबंधित वाहन की निर्धारित क्षमता से अधिक नहीं होनी चाहिए। अनुबंधित वाहनों द्वारा नियमानुसार मोटरयान कर का भुगतान किया गया होना चाहिए।

    ई-मेल से भीप्राप्‍त कर स‍कते हैं मार्गदर्शन

    सभी विभागों, निगमों एवं निकायों को यह सुविधा प्रदान की गई है कि वे अपने यहां अनुबंधित अथवा एजेंसियों द्वारा उपयोग में लाए जा रहे वाहनों के संबंध में परिवहन आयुक्त कार्यालय, मध्यप्रदेश, ग्वालियर से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए ई-मेल आईडी [email protected] पर पत्र प्रेषित किया जा सकता है।