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  • बारिश शुरू होते ही बदल जाती है बिहार की खूबसूरती करकटगढ़ से राजगीर तक ये जगहें जरूर करें एक्सप्लोर

    बारिश शुरू होते ही बदल जाती है बिहार की खूबसूरती करकटगढ़ से राजगीर तक ये जगहें जरूर करें एक्सप्लोर


    नई दिल्ली। बारिश का मौसम आते ही प्रकृति का रंग पूरी तरह बदल जाता है। सूखे और सामान्य दिखाई देने वाले पहाड़ हरियाली की चादर ओढ़ लेते हैं और छोटे बड़े झरने पानी से लबालब होकर अपनी खूबसूरती बिखेरने लगते हैं। ऐसे मौसम में अगर आप भी परिवार दोस्तों या अपने पार्टनर के साथ किसी ऐसी जगह जाने का प्लान बना रहे हैं जहां प्रकृति के बीच सुकून के पल बिताए जा सकें तो बिहार आपके लिए शानदार विकल्प हो सकता है। बिहार को अक्सर ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के लिए जाना जाता है लेकिन मानसून के दौरान यहां के प्राकृतिक नजारे भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। राज्य में कई ऐसी जगहें हैं जहां बारिश के मौसम में हरियाली पहाड़ झरने और बादलों से घिरे दृश्य किसी खूबसूरत तस्वीर की तरह नजर आते हैं।

    रोहतास जिले में स्थित करमचट डैम मानसून के दौरान घूमने के लिए बेहद आकर्षक जगह बन जाता है। चेनारी के पास मौजूद यह डैम सासाराम से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। बारिश के बाद आसपास की हरियाली और पानी से भरा डैम पूरे इलाके की खूबसूरती बढ़ा देता है। यहां सुबह सूर्योदय और शाम के समय सूर्यास्त का नजारा देखने लायक होता है। शांत वातावरण के कारण यह जगह परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए भी अच्छी मानी जाती है।

    अगर आपको झरने और पहाड़ों के बीच घूमना पसंद है तो कैमूर का करकटगढ़ वॉटरफॉल आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होना चाहिए। कैमूर वाइल्डलाइफ सेंचुरी के क्षेत्र में मौजूद यह झरना मानसून में अपने पूरे वेग के साथ बहता दिखाई देता है। करीब 100 फीट ऊंचा और लगभग 300 फीट चौड़ा यह जलप्रपात आसपास की हरियाली और जंगल के बीच बेहद आकर्षक नजर आता है। बारिश के दिनों में झरने की आवाज और पहाड़ी वातावरण यहां आने वाले लोगों को प्रकृति के करीब होने का अहसास कराता है।

    कैमूर की पहाड़ियां भी प्रकृति प्रेमियों के लिए शानदार जगह हैं। यहां घने जंगल गहरी घाटियां प्राकृतिक गुफाएं और कई छोटे बड़े झरने मौजूद हैं। मानसून के दौरान पहाड़ियों पर हरियाली बढ़ जाती है और मौसम भी सुहावना हो जाता है। प्रकृति के साथ इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यहां मौजूद प्राचीन शैलचित्र और ऐतिहासिक अवशेष भी आकर्षण का केंद्र हैं।

    राजगीर का विश्व शांति स्तूप भी मानसून में बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। रत्नागिरी पहाड़ी पर ऊंचाई पर स्थित यह सफेद स्तूप बादलों और हरियाली से घिरा नजर आता है। यहां पहुंचने के लिए रोपवे की सुविधा उपलब्ध है। रोपवे से सफर करते समय आसपास की पहाड़ियों और प्राकृतिक वातावरण का शानदार दृश्य देखने को मिलता है। शांत वातावरण के कारण यह स्थान पर्यटन के साथ आध्यात्मिक अनुभव भी देता है।

    गया जिले के पास स्थित गुरपा हिल भी बारिश के मौसम में घूमने के लिए खास जगह हो सकती है। बिहार और झारखंड की सीमा के आसपास मौजूद यह क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता के साथ धार्मिक महत्व भी रखता है। मानसून में यहां के जंगल पहाड़ और झरने और अधिक खूबसूरत हो जाते हैं। पहाड़ी की ऊंचाई से आसपास का दृश्य बेहद मनमोहक दिखाई देता है और यहां मौजूद धार्मिक स्थल श्रद्धालुओं को भी आकर्षित करते हैं।

    मानसून में बिहार घूमने का अनुभव इन जगहों की वजह से और खास हो सकता है। हालांकि बारिश के दौरान पहाड़ी और झरने वाले क्षेत्रों में फिसलन और अचानक बढ़ते पानी का खतरा हो सकता है। इसलिए यात्रा से पहले मौसम और स्थानीय प्रशासन की स्थिति की जानकारी लेना जरूरी है। सुरक्षित तरीके से घूमते हुए इन प्राकृतिक जगहों की खूबसूरती का आनंद लिया जाए तो बिहार का मानसून ट्रिप लंबे समय तक याद रह सकता है।

  • फूलों की दुनिया के लिए अब कश्मीर ही नहीं ये 7 जगहें बना देंगी आपका दिल दीवाना

    फूलों की दुनिया के लिए अब कश्मीर ही नहीं ये 7 जगहें बना देंगी आपका दिल दीवाना


    नई दिल्ली:
    जब भी फूलों की खूबसूरती की बात होती है तो सबसे पहले कश्मीर का नाम सामने आता है लेकिन भारत में कई ऐसी जगहें हैं जहां प्रकृति अपने सबसे रंगीन और आकर्षक रूप में नजर आती है ये जगहें न सिर्फ खूबसूरत हैं बल्कि अपने अनोखे अनुभव के लिए भी जानी जाती हैं और कई बार तो उनकी तुलना यूरोप के मशहूर फ्लेवर डेस्टिनेशन से भी की जाती है

    उत्तराखंड में बसी फूलों की घाटी ऐसी ही एक जगह है जो जून से सितंबर के बीच रंगों की चादर ओढ़ लेती है यहां पहुंचें अपने आप में एक अनुभव है क्योंकि ट्रेकिंग के बाद जब यह घाटी सामने आती है तो हर कोई इसकी खूबसूरती में खो जाता है मेघालय की राजधानी शिलांग में अक्टूबर और नवंबर के दौरान चेरी ब्लॉसम का नजारा देखने लायक होता है

    यहां का चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल फूलों के साथ-साथ संगीत और खाने का शानदार मेल प्रस्तुत करता है जो इसे और खास बना देता है केरल का मुन्नार अपने चाय बागानों के लिए मशहूर है लेकिन यहां खिलने वाला नीलकुरिंजी फूल इसे और खास बना देता है यह फूल हर 12 साल में एक बार खिलता है और पूरी ऊंचाई को नीले रंग में बदल देता है है

    अगर आप शहर के अंदर ही फूलों की खूबसूरती देखना चाहते हैं तो लालबाग बॉटनिकल गार्डन एक बेहतरीन ऑप्शन है यहां होने वाले फ्लेवर शो में फूलों को इतनी खूबसूरती से परोसा जाता है कि यह किसी कला प्रदर्शनी जैसा लगता है

    सिक्किम की युमथांग वैली को पूर्व के फूलों का स्वर्ग कहा जाता है यहां अप्रैल से जून के बीच रोडोडेंड्रोन और कई दुर्लभ फूल खिलते हैं ठंडी हवा और शांत माहौल इसे और भी खास बना देता है

    महाराष्ट्र का कास पठार मानसून के दौरान रंग बिरंगे फूलों से भर जाता है इसे महाराष्ट्र की वैली ऑफ फ्लेवर्स भी कहा जाता है यहां की जैव विविधता इसे बेहद खास बनाती है

    वहीं नागालैंड और मणिपुर के बीच स्थित ज़ुकोउ वैली उन लोगों के लिए है जो भीड़ से दूर प्रकृति के बीच सुकून ढूंढते हैं मानसून में यहां छोटे छोटे फूलों से भरे हरे मैदान एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करते हैं

    इन सभी जगहों की खास बात यह है कि यहां की खूबसूरती हर मौसम के साथ बदलती है और हर बार एक नया अनुभव देती है अगर आप सच में प्रकृति और फूलों के शौकीन हैं तो अपनी अगली यात्रा के लिए इन जगहों को जरूर शामिल करें

  • दिल्ली से सिर्फ 5 घंटे की दूरी पर है भारत का सबसे शांत हिल स्टेशन, यहां की प्राकृतिक खूबसूरती देखते ही खो बैठेंगे अपना दिल

    दिल्ली से सिर्फ 5 घंटे की दूरी पर है भारत का सबसे शांत हिल स्टेशन, यहां की प्राकृतिक खूबसूरती देखते ही खो बैठेंगे अपना दिल


    नई दिल्ली । अगर आप दिल्ली के शोर से दुखी हो गए हैं और किसी शांत जगह पर जाना चाहते हैं तो आपको लैंसडाउन जाना चाहिए। दिल्ली से इस जगह की दूरी बहुत ज्यादा नहीं है। यहां आप सिर्फ 5 घंटे में पहुंच सकते हैं। खास बात ये है कि ये जगह काफी शांत है और यहां घूमने के लिए आपको ज्यादा तैयारी करने की भी जरूरत नहीं है। यहां की प्राकृतिक खूबसूरती आपने मन को शांत कर देगी और आपको बेहतर महसूस करवाएगी। यहां पहाड़ है, झाड़ियां हैं, जंगल हैं और उनके बीच बहती हुई नदियां हैं। ये पूरा हिल होटल के किसी कमरे से देखने पर भी सुंदर लगता है। इसके अलावा कमरे से निकलकर किसी पहाड़ की ओट में भी बैठना बेहद सुखद होता है।

    लैंसडाउन में घूम आएं ये जगहें
    ताड़केश्वर और बालेश्वर महादेव मंदिर: लैंसडाउन में ही है ताड़केश्वर और बालेश्वर महादेव मंदिर जहां आप घूमने जा सकते हैं। यह जगह बेहद खूबसूरत है और यहां जाकर घूमना आपको स्पेशल महसूस करवा सकता है। लैंसडाउन की खास बात ये है कि इन मंदिरों तक जाने का रास्ता तक बेहद खूबसूरत है जहां से गुजरना एक सुखद अहसास कराता है।

    कालागढ़ टाइगर रिजर्व: कालागढ़ टाइगर रिजर्व उत्तराखंड के कई जीवों का घर है। यहां आपको बाघ देखने को मिल जाएंगे। साथ ही यहां की जंगल सफारी आपके मन को खुश कर देगी। तो, लैंसडाउन जाकर आप इस जगह में घूम सकते हैं। ये बेहद खास है और यहां घूमना प्रकृति के बनाए वन्स जीवों को देखने और यहां की शांत वातावरण को देखने और महसूस करने का मौका है।

    टिप इन टॉप: टिप इन टॉप लैंसडाउन की एक ऐसी जगह है जहां सैंट मेरी चर्च है और आसपास के इलाकों में कई और छोटे चर्च भी हैं। यहां घूमना आपके लिए खास हो सकता है खासकर कि अगर आपके पास समय हो तो आप आस-पास के इलाकों के कई सारे चर्च में घूमकर आ सकते हैं। तो, अगर आपको समय मिले तो लैंसडाउन जरूर घूमकर आएं।