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  • पचमढ़ी घूमने का बना रहे हैं प्लान तो पहले जान लें ये जरूरी ट्रैवल टिप्स वरना सफर का मजा हो सकता है खराब

    पचमढ़ी घूमने का बना रहे हैं प्लान तो पहले जान लें ये जरूरी ट्रैवल टिप्स वरना सफर का मजा हो सकता है खराब


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले में स्थित पचमढ़ी को सतपुड़ा की रानी कहा जाता है। घने जंगल ऊंचे पहाड़ मनमोहक झरने शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता हर साल हजारों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। खासकर मानसून के दौरान यहां की हरियाली और झरनों का नजारा किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता। हालांकि पचमढ़ी की यात्रा पर निकलने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है ताकि आपका सफर सुरक्षित आरामदायक और यादगार बन सके।

    अगर आप पहली बार पचमढ़ी जा रहे हैं तो सबसे पहले मौसम की जानकारी जरूर लें। बरसात के दिनों में यहां लगातार बारिश होती है इसलिए रेनकोट छाता और वाटरप्रूफ बैग साथ रखें। फिसलन वाले रास्तों पर चलने के लिए मजबूत ग्रिप वाले जूते पहनना सबसे अच्छा रहता है। आरामदायक कपड़े चुनें ताकि ट्रैकिंग और घूमने में किसी तरह की परेशानी न हो।

    पचमढ़ी में कई पर्यटन स्थल वन क्षेत्र के अंदर स्थित हैं इसलिए यहां घूमने के लिए स्थानीय गाइड या अधिकृत जिप्सी सेवा का उपयोग करना बेहतर माना जाता है। बी फॉल्स धूपगढ़ जटाशंकर गुफा पांडव गुफाएं अप्सरा विहार रजत प्रपात और महादेव मंदिर जैसे प्रमुख स्थानों की यात्रा समय के अनुसार करें ताकि सभी जगह आराम से घूम सकें।

    अगर आप ट्रैकिंग के शौकीन हैं तो सुबह जल्दी निकलना सबसे अच्छा रहेगा। सुबह का मौसम सुहावना होता है और भीड़ भी कम रहती है। साथ ही पानी की बोतल हल्का नाश्ता और जरूरी दवाइयां अपने बैग में जरूर रखें। जंगल वाले क्षेत्रों में बिना अनुमति अंदर जाने से बचें और वन विभाग के सभी निर्देशों का पालन करें।

    पचमढ़ी की प्राकृतिक सुंदरता को सुरक्षित रखना हर पर्यटक की जिम्मेदारी है। प्लास्टिक की बोतलें चिप्स के पैकेट या अन्य कचरा खुले में बिल्कुल न फेंकें। जहां डस्टबिन उपलब्ध हो वहीं कचरा डालें। प्राकृतिक स्थलों पर तेज आवाज में संगीत बजाने से बचें ताकि वहां का शांत वातावरण बना रहे और वन्यजीव भी प्रभावित न हों।

    यात्रा पर निकलने से पहले होटल की बुकिंग पहले ही कर लेना समझदारी होगी खासकर छुट्टियों और मानसून सीजन में यहां पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ जाती है। पहले से बुकिंग होने पर आपको बेहतर सुविधा और उचित कीमत पर ठहरने की जगह मिल सकती है।

    पचमढ़ी की स्थानीय संस्कृति और स्वाद का आनंद लेना भी यात्रा का अहम हिस्सा है। यहां मिलने वाले स्थानीय व्यंजन और हस्तशिल्प आपकी यात्रा को और खास बना सकते हैं। खरीदारी करते समय स्थानीय दुकानदारों से विनम्र व्यवहार करें और स्थानीय नियमों का सम्मान करें।

    अगर आप परिवार के साथ यात्रा कर रहे हैं तो बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। फिसलन वाले झरनों और पहाड़ी किनारों पर अनावश्यक जोखिम न लें। फोटो खींचते समय भी सुरक्षा को प्राथमिकता दें क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

    पचमढ़ी सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं बल्कि प्रकृति प्रेमियों के लिए एक अनमोल धरोहर है। सही योजना आवश्यक तैयारी और जिम्मेदार व्यवहार के साथ की गई यात्रा न केवल आपको खूबसूरत यादें देगी बल्कि इस प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखने में भी आपकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

  • बारिश के मौसम में यात्रा पर निकलने से पहले जरूर अपनाएं ये जरूरी सावधानियां सही योजना बनाएगी सफर सुरक्षित और यादगार

    बारिश के मौसम में यात्रा पर निकलने से पहले जरूर अपनाएं ये जरूरी सावधानियां सही योजना बनाएगी सफर सुरक्षित और यादगार


    नई दिल्ली । मानसून का मौसम अपने साथ हरियाली ठंडी हवाएं और प्राकृतिक सुंदरता लेकर आता है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग इस मौसम में घूमने का प्लान बनाते हैं। हालांकि बारिश के दौरान यात्रा करना जितना रोमांचक होता है उतना ही चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है। थोड़ी सी लापरवाही पूरे सफर का मजा खराब कर सकती है। इसलिए यदि आप बारिश के मौसम में कहीं जाने की योजना बना रहे हैं तो पहले से सही तैयारी करना बेहद जरूरी है।

    यात्रा शुरू करने से पहले सबसे पहले मौसम का ताजा अपडेट जरूर देखें। जिस स्थान पर जाने की योजना बना रहे हैं वहां भारी बारिश बाढ़ भूस्खलन या तेज हवाओं की चेतावनी तो नहीं है इसकी जानकारी पहले ही प्राप्त कर लें। यदि मौसम लगातार खराब रहने की संभावना हो तो यात्रा की तारीख बदलना ही समझदारी होगी। सुरक्षा हमेशा किसी भी यात्रा से अधिक महत्वपूर्ण होती है।

    सफर के दौरान अपने साथ जरूरी सामान व्यवस्थित तरीके से रखें। वाटरप्रूफ बैग या बैग कवर का इस्तेमाल करें ताकि मोबाइल लैपटॉप कैमरा और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रहें। छाता रेनकोट अतिरिक्त कपड़े तौलिया और प्लास्टिक पाउच जैसी चीजें साथ रखना हमेशा लाभदायक होता है। मोबाइल फोन के लिए वाटरप्रूफ कवर भी उपयोगी साबित हो सकता है।

    यदि आप सड़क मार्ग से यात्रा कर रहे हैं तो वाहन की पूरी जांच पहले ही कर लें। ब्रेक टायर वाइपर हेडलाइट और इंडिकेटर सही स्थिति में होने चाहिए। ईंधन भी पर्याप्त मात्रा में रखें क्योंकि बारिश के दौरान कई बार लंबा जाम लग सकता है। तेज बारिश में अधिक गति से वाहन चलाने से बचें और पर्याप्त दूरी बनाकर ड्राइव करें। जलभराव वाली सड़कों पर बिना गहराई जाने वाहन उतारना खतरनाक हो सकता है।

    पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। लगातार बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़क बंद होने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में प्रशासन की सलाह का पालन करें और जोखिम वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रुकने से बचें। यदि यात्रा के दौरान मौसम अचानक खराब हो जाए तो सुरक्षित स्थान पर रुकना ही बेहतर विकल्प है।

    यात्रा के समय स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। अपने साथ प्राथमिक उपचार किट आवश्यक दवाइयां सैनिटाइजर और पीने का साफ पानी जरूर रखें। बारिश के मौसम में संक्रमण और वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है इसलिए बाहर का अस्वच्छ भोजन खाने से बचें और गर्म ताजा भोजन को प्राथमिकता दें।

    ऑनलाइन टिकट होटल बुकिंग और जरूरी दस्तावेजों की डिजिटल तथा प्रिंट दोनों प्रतियां अपने पास रखें। परिवार या करीबी लोगों को अपनी यात्रा की जानकारी देना भी सुरक्षा की दृष्टि से अच्छा कदम माना जाता है। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और हेल्पलाइन नंबर अपने मोबाइल में पहले से सुरक्षित रखें।

    बारिश का मौसम प्रकृति की खूबसूरती का आनंद लेने का बेहतरीन समय होता है लेकिन सुरक्षित यात्रा के लिए सतर्कता और सही योजना सबसे जरूरी है। यदि मौसम की जानकारी समय पर ली जाए आवश्यक तैयारियां पूरी हों और यात्रा के दौरान सावधानी बरती जाए तो मानसून का सफर न केवल सुरक्षित बल्कि यादगार भी बन सकता है। थोड़ी सी समझदारी और पहले से की गई तैयारी आपको हर मुश्किल से बचाते हुए यात्रा का पूरा आनंद लेने का अवसर देती है।

  • कम खर्च में मनाली का सफर: स्मार्ट प्लानिंग से 7–10 हजार में बना सकते हैं परफेक्ट हिल स्टेशन ट्रिप

    कम खर्च में मनाली का सफर: स्मार्ट प्लानिंग से 7–10 हजार में बना सकते हैं परफेक्ट हिल स्टेशन ट्रिप


    नई दिल्ली।
    हिमाचल प्रदेश का खूबसूरत हिल स्टेशन मनाली देश-विदेश के ट्रैवलर्स के बीच हमेशा से लोकप्रिय रहा है। बर्फ से ढकी पहाड़ियां, बहती ब्यास नदी और शांत वातावरण इसे परफेक्ट हिल स्टेशन बनाते हैं। हालांकि, कई लोग मानते हैं कि मनाली घूमना महंगा होगा, लेकिन सही योजना और स्मार्ट बुकिंग से कम बजट में भी इस ट्रिप को यादगार बनाया जा सकता है।

    कम खर्च में यात्रा करने के लिए सबसे पहले ट्रैवल टाइम का सही चयन करना जरूरी है। ऑफ सीजन यानी जुलाई से सितंबर या जनवरी के बाद का समय बजट ट्रैवल के लिए बेहतरीन माना जाता है। इस समय होटल, बस और अन्य सेवाएं अपेक्षाकृत सस्ती होती हैं। यात्रा की शुरुआत स्मार्ट तरीके से की जाए तो खर्च और भी कम किया जा सकता है। अपने शहर से पहले दिल्ली या चंडीगढ़ तक ट्रेन से पहुंचना सबसे किफायती विकल्प है। यहां से मनाली के लिए सरकारी HRTC और प्राइवेट बसें आसानी से उपलब्ध हैं, जिनका किराया 500 से 1200 रुपये के बीच होता है। आरामदायक यात्रा के लिए Volvo बस का विकल्प भी है, हालांकि वह थोड़ा महंगा पड़ सकता है।

    रहने के लिए मनाली में बजट होटल और होमस्टे की कोई कमी नहीं है। खासकर Old Manali और आसपास के क्षेत्रों में 500 से 1200 रुपये प्रति रात में अच्छे कमरे मिल जाते हैं। ग्रुप ट्रिप करने पर रूम शेयरिंग से खर्च और भी कम किया जा सकता है। खानपान के लिए लोकल ढाबे और छोटे कैफे बहुत अच्छे विकल्प हैं, जहां 80 से 150 रुपये में भरपेट भोजन मिल जाता है। लोकल खाने का अनुभव न केवल बजट में मदद करता है बल्कि ट्रिप को और भी यादगार बनाता है।

    मनाली में घूमने के लिए कई फ्री या कम खर्च वाले विकल्प हैं। Mall Road, Hadimba Temple, Vashisht Village और नदी किनारे घूमना बजट ट्रैवलर्स के लिए परफेक्ट है। एडवेंचर स्पॉट्स जैसे Solang Valley और Rohtang Pass जाने के लिए कैब या परमिट लेना पड़ सकता है, लेकिन ग्रुप में खर्च साझा करके इसे भी कम किया जा सकता है।

    सही योजना और स्मार्ट बुकिंग के साथ 3–4 दिन की मनाली यात्रा 6000 से 12000 रुपये में पूरी की जा सकती है। इसमें ट्रैवल, होटल, खाना और लोकल घूमने की सभी सुविधाएं शामिल हैं। थोड़ी समझदारी और योजना के साथ कम बजट में भी मनाली ट्रिप यादगार और शानदार बनाई जा सकती है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो कम खर्च में पहाड़ों की खूबसूरती और बर्फीली वादियों का आनंद लेना चाहते हैं।

  • सुबह के नाश्ते की आसान और हेल्दी शुरुआत: झटपट बनने वाला वेजिटेबल उपमा, स्वाद और सेहत का परफेक्ट मेल

    सुबह के नाश्ते की आसान और हेल्दी शुरुआत: झटपट बनने वाला वेजिटेबल उपमा, स्वाद और सेहत का परफेक्ट मेल

    नई दिल्ली ।  लंबी यात्रा का नाम सुनते ही जहां कुछ लोगों के चेहरे पर उत्साह आ जाता है, वहीं कई लोगों के लिए सफर एक बड़ी परेशानी बन जाता है। कार, बस या पहाड़ी रास्तों पर सफर करते समय उल्टी, चक्कर, घबराहट और जी मिचलाने जैसी समस्याएं कई यात्रियों को परेशान करती हैं। इस स्थिति को सामान्य भाषा में मोशन सिकनेस कहा जाता है। यह समस्या न केवल यात्रा का आनंद खराब कर देती है, बल्कि कई बार लोगों को सफर करने से भी डर लगने लगता है। हालांकि, कुछ आसान घरेलू उपायों को अपनाकर इस परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    मोशन सिकनेस आमतौर पर तब होती है जब आंखों और दिमाग के बीच तालमेल बिगड़ जाता है। चलते वाहन में शरीर एक तरह की गति महसूस करता है, जबकि दिमाग उसे अलग तरीके से समझता है। इसी कारण घबराहट, चक्कर और उल्टी जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। लेकिन यदि सफर से पहले और दौरान कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए, तो यात्रा काफी आरामदायक बन सकती है।

    अदरक को इस समस्या का सबसे प्रभावी घरेलू उपाय माना जाता है। इसमें मौजूद प्राकृतिक गुण पेट को शांत रखने में मदद करते हैं और जी मिचलाने की समस्या को कम करते हैं। सफर पर निकलने से पहले अदरक वाली चाय पीना या अदरक का छोटा टुकड़ा चबाना फायदेमंद साबित हो सकता है। कई लोग अदरक की टॉफी या कैंडी का इस्तेमाल भी करते हैं, जिससे यात्रा के दौरान राहत मिलती है।

    नींबू और काला नमक भी सफर के दौरान काफी लाभकारी माने जाते हैं। नींबू की खुशबू और उसका स्वाद पेट को आराम देता है। यात्रा के दौरान यदि जी मिचलाने लगे तो नींबू के टुकड़े पर थोड़ा काला नमक लगाकर चूसने से तुरंत राहत महसूस हो सकती है। यह तरीका खासतौर पर पहाड़ी रास्तों में बेहद कारगर माना जाता है।

    विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि खाली पेट सफर करने से बचना चाहिए। कई लोग यह सोचकर बिना कुछ खाए यात्रा पर निकल जाते हैं कि इससे उल्टी नहीं होगी, लेकिन वास्तव में खाली पेट होने से परेशानी और बढ़ सकती है। सफर से पहले हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करना बेहतर माना जाता है। तला-भुना और अधिक मसालेदार भोजन से दूरी बनाना भी जरूरी है।

    सही सीट का चुनाव भी मोशन सिकनेस को कम करने में अहम भूमिका निभाता है। कार या बस में आगे की सीट पर बैठने से शरीर को कम झटके महसूस होते हैं। साथ ही बाहर के दृश्यों को देखने से दिमाग और आंखों के बीच बेहतर तालमेल बना रहता है, जिससे चक्कर और घबराहट कम होती है। सफर के दौरान लगातार मोबाइल देखने या किताब पढ़ने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे परेशानी बढ़ सकती है।

    ताजी हवा लेना भी बेहद जरूरी है। बंद खिड़कियां, तेज गंध और घुटन भरा माहौल कई बार उल्टी की समस्या को बढ़ा देते हैं। ऐसे में वाहन की खिड़की थोड़ा खुला रखना या बीच-बीच में ताजी हवा लेना राहत पहुंचा सकता है।

    अगर किसी व्यक्ति को हर यात्रा में गंभीर मोशन सिकनेस की समस्या होती है, तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी हो सकता है। कुछ मामलों में दवाओं की जरूरत भी पड़ सकती है। सही सावधानी और घरेलू उपायों के जरिए सफर को आरामदायक और आनंददायक बनाया जा सकता है।

  • गर्मी से राहत चाहिए? मई-जून में घूमने के लिए ये डेस्टिनेशन हैं परफेक्ट

    गर्मी से राहत चाहिए? मई-जून में घूमने के लिए ये डेस्टिनेशन हैं परफेक्ट

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    नई दिल्ली। मई और जून की चिलचिलाती गर्मी से बचने के लिए लोग अक्सर ठंडी और सुकून भरी जगहों की तलाश करते हैं। लेकिन सही डेस्टिनेशन चुनना भी एक चुनौती बन जाता है कहीं ज्यादा भीड़, तो कहीं बजट की परेशानी। ऐसे में अगर आप भी इस समर सीजन में घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो कुछ ऐसी जगहें हैं जहां आप खूबसूरत नजारों के साथ सुकून भरा समय बिता सकते हैं।

    सबसे पहले बात करें लाहौल-स्पीति की, जो कम भीड़ और शानदार प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है। यहां की वादियां, पहाड़ और शांत वातावरण आपको एक अलग ही अनुभव देते हैं। मई-जून के दौरान यहां का मौसम सुहावना रहता है, जो ट्रैवल के लिए परफेक्ट है।

    इसके बाद मनाली का नाम आता है, जो हर साल लाखों पर्यटकों की पसंदीदा जगह बनी रहती है। यहां का ठंडा मौसम, बर्फ से ढकी चोटियां और एडवेंचर एक्टिविटीज इस जगह को खास बनाते हैं। हालांकि, यहां भीड़ ज्यादा होती है, इसलिए पहले से होटल बुकिंग कर लेना समझदारी होगी।

    अगर आप दक्षिण भारत की ओर जाना चाहते हैं, तो मुन्नार एक शानदार विकल्प है। यहां के चाय के बागान, हरियाली से भरे पहाड़ और ठंडी हवाएं आपके ट्रिप को यादगार बना देंगे। मई-जून में यहां का मौसम बेहद सुहाना होता है, जो आपको गर्मी से राहत देता है।

    इसी तरह कूर्ग भी अपने शांत और खूबसूरत वातावरण के लिए मशहूर है। यहां आपको चारों तरफ हरियाली, पहाड़ और झरनों का मनमोहक नजारा देखने को मिलेगा। यह जगह उन लोगों के लिए खास है जो भीड़ से दूर सुकून चाहते हैं।

    उत्तर भारत में नैनीताल और इसके पास स्थित भीमताल भी बेहतरीन ऑप्शन हैं। यहां की झीलें, ठंडी हवाएं और बोटिंग का अनुभव आपके सफर को और खास बना देता है। कपल्स और फैमिली दोनों के लिए ये जगहें परफेक्ट हैं।

    कुल मिलाकर, अगर आप मई और जून में ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो ऐसी जगह चुनें जहां मौसम ठंडा हो, भीड़ कम हो और आप सुकून से घूम सकें। सही प्लानिंग और पहले से बुकिंग करके आप अपने समर वेकेशन को और भी यादगार बना सकते हैं।

  • Travel Tips: बिना देरी के निकल जाएं इन जगहों पर, सुंदर हरा -भरा दिखेगा नजारा

    Travel Tips: बिना देरी के निकल जाएं इन जगहों पर, सुंदर हरा -भरा दिखेगा नजारा


    नई दिल्ली  अगर आप कई दिनों से घूमने की इच्छा रख रहे हैं तो यह समय आपके लिए बिल्कुल सही है। इस समय मार्च के महीने में ना तो ठंडी लगेगी और ना तो गर्मी। यह मौसम घूमने के लिए काफी अच्छा माना जाता है। तो अगर आपको घूमने की जगह समझ नहीं आ रही है तो चलिए आपके लिए हम ऐसे कई जगहों के बारे में पूरी जानकारी लेकर आए हैं।

    मनाली
    इस समय मनाली का मौसम काफी सुनहरा है। यहां पर अभी भी काफी तेजी से बर्फबारी हो रही है तो अगर आपको मार्च और अप्रैल के महीने में भी बर्फबारी का आनंद उठाना है तो आप मनाली की तरह रख कर सकते हैं। मनाली में आपको कई ऐसी जगह मिल जाएगी जहां पर आप काफी अच्छी एक्टिविटी भी कर सकेंगे। इसके साथ ही वहां के स्ट्रीट फूड और वहां के सुंदर-सुंदर नजारे आप अपने कमरे में रिकॉर्ड कर सकते हैं और अच्छी यादें बना सकते हैं।

    शिमला
    इस समय मौसम काफी अच्छा है हल्की-हल्की बारिश भी हो रही है तो ऐसे में आपको शिमला जरूर जाना चाहिए।अगर आपको पहाड़ों की ठंडी हवा और हरियाली से प्यार है आप ह‍िमाचल का रुख कर सकते हैं। इन हिल स्टेशन पर जाना आपके लिए स्वर्ग से कम नहीं होगा। अप्रैल में यहां का मौसम काफी रोमांट‍िक होता है। हरी-भरी वादियां आपको मंत्रमुग्‍ध कर सकती हैं। आप यहां कई तरह के एडवेंचर स्‍पोर्ट्स में भी ह‍िस्‍सा ले सकते हैं।

    मेघायल
    मेघालय घूमने का प्‍लान है तो मार्च और अप्रैल का महीना बेस्ट माना जाता है। इस दाैरान यहां न बहुत ज्यादा सर्दी होती है और न ही गर्मी। एडवेंचर और नेचर लवर्स के लिए तो ये जगह जन्नत से कम नहीं है। हर थोड़ी दूर पर यहां आपको वाटरफॉल्स देखने को म‍िल जाएंगे। हालांकि कुछ वाटरफॉल्स को देखने के लिए आपको लंबी ट्रैकिंग भी करनी पड़ सकती है। आपको वहां पहुंचकर अलग ही नजारा देखने को मिलेगा।

  • ठंड का मज़ा दोगुना: सर्दियों में घूमने लायक भारत की ये खूबसूरत जगहें

    ठंड का मज़ा दोगुना: सर्दियों में घूमने लायक भारत की ये खूबसूरत जगहें

    नई दिल्ली  भारत में कई ऐसी जगहें हैं, जहां जनवरी के महीने में घूमने का मजा ही कुछ और होता है। आज हम आपको भारत की उन जगहों के बारे में बताएंगे, जिन्हें आपको सर्दियों में जरूर विजिट करना चाहिए। आइए इन जगहों के बारे में विस्तार से जानें, ताकि आपको सही जानकारी हो सकें।
    सर्दियों की शुरुआत
    सर्दियों का मौसम शुरू हो चुका है। इसके साथ ही लोगों की लाइफस्टाइल में भी बदलाव आ जाता है। लोग शरीर को गर्म रखने और इम्युनिटी मजबूत करने के लिए अपनी डाइट में गर्म और हेल्दी चीजें शामिल करने लगते हैं। इस मौसम में सेहत का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है।

    सर्दियों में घूमना
    अक्सर लोग सर्दियों में घर पर रहना पसंद करते हैं, लेकिन भारत में कई ऐसी जगहें हैं, जहां जनवरी के महीने में घूमने का मजा ही कुछ और होता है। इन जगहों पर आप ठंड के साथ-साथ सुहावनी धूप का भी आनंद ले सकते हैं। ये डेस्टिनेशन आपकी ट्रिप को यादगार बनाने के लिए एकदम परफेक्ट हैं।

    ठंड में घूमें ये जगहें
    अगर आप सर्दियों में घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो भारत की इन खूबसूरत जगहों को अपनी वेकेशन लिस्ट में जरूर शामिल करें। आइए जानते हैं उन डेस्टिनेशन्स के बारे में, जहां सर्दियों में घूमना सबसे ज्यादा खास होता है।

    रन ऑफ कच्छ जाएं
    गुजरात में स्थित रन ऑफ कच्छ सर्दियों में घूमने के लिए एक बेहतरीन जगह है। यहां आपको ठंड के मौसम में भी हल्की गर्माहट और भरपूर धूप का एहसास होता है। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं लगती। यहां आप काला डूंगर, इंडिया ब्रिज और धोरडो गांव घूम सकते हैं। साथ ही कच्छ की लोक संस्कृति, फोक डांस और संगीत कार्यक्रमों का आनंद भी ले सकते हैं।

    गोवा जरूर जाएं
    सर्दियों के मौसम में गोवा घूमने का अलग ही मजा होता है। यहां के खूबसूरत बीच, चटक धूप और ठंडी हवाएं आपकी ट्रिप को यादगार बना देती हैं। आप ओल्ड गोवा के चर्च, दूधसागर वॉटरफॉल, फोर्ट अगुआड़ा, अंजुना बीच और स्थानीय मार्केट्स की सैर कर सकते हैं।

    राजस्थान विजिट करें
    आपको सर्दियों में एक बार राजस्थान विजिट करना चाहिए। इसे पिंक सिटी के नाम से भी जाना जाता है। राजस्थान में आप हवा महल, नाहरगढ़ किला, आमेर किला, जंतर-मंतर जैसी जगहों पर घूमने के लिए जा सकते हैं।

    मुंबई घूमने जाएं
    सर्दियों के मौसम में मुंबई भी घूमने के लिए एक शानदार विकल्प है। यहां समुद्र किनारे ठंडी हवाओं और धूप का मजा लिया जा सकता है। इसके अलावा आप लोनावला, अलीबाग, नासिक और महाबलेश्वर जैसी नजदीकी जगहों की सैर कर सकते हैं। मुंबई में एलीफेंटा गुफाएं, गेटवे ऑफ इंडिया और गिरगांव चौपाटी भी जरूर देखें।

    अलप्पुझा विजिट करें
    अगर आप सर्दियों में घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो एक बार अलप्पुझा जरूर विजिट करें। यह खूबसूरत जगह केरल में स्थित है। हालांकि केरल में घूमने के लिए कई शानदार डेस्टिनेशन हैं, लेकिन अलप्पुझा अपनी शांत वादियों और बैकवाटर्स के लिए खास तौर पर जाना जाता है। सर्दियों में यहां का मौसम काफी सुहावना रहता है। यहां आप बैकवाटर, वेम्बनाड झील और कुट्टनाड जैसी जगहों की सैर कर सकते हैं।

    सुंदरवन है बेस्ट
    सर्दियों के मौसम में सुंदरवन का वातावरण बेहद सुहावना होता है। यहां आप रॉयल बंगाल टाइगर सहित कई दुर्लभ वन्यजीवों को देखने का रोमांचक अनुभव ले सकते हैं। सुंदरवन का प्राकृतिक सौंदर्य और शांत माहौल किसी का भी मन मोह लेता है। वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह एक बेहतरीन डेस्टिनेशन है। यहां सजनेखली पक्षी अभयारण्य, हॉलिडे आइलैंड और कपिलमुनि मंदिर जैसे प्रमुख आकर्षण मौजूद हैं।

    मनाली शहर देखें
    सर्दियों में हिमाचल प्रदेश का मनाली शहर किसी जन्नत से कम नहीं लगता। बर्फ से ढकी पहाड़ियां और ठंडी हवाएं यहां की खूबसूरती को और भी बढ़ा देती हैं। यहां आप स्कीइंग, ट्रेकिंग, पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग जैसे रोमांचक खेलों का आनंद ले सकते हैं। इसके अलावा हिडिम्बा देवी मंदिर और वशिष्ठ मंदिर जैसे धार्मिक स्थल मनाली की खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं।

  • यात्रियों को होगा एक्स्ट्रा खर्च ज्यादा सामान लेकर ट्रेन यात्रा करने पर देना होगा अतिरिक्त शुल्क

    यात्रियों को होगा एक्स्ट्रा खर्च ज्यादा सामान लेकर ट्रेन यात्रा करने पर देना होगा अतिरिक्त शुल्क


    नई दिल्ली । रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में एक महत्वपूर्ण जानकारी दी है जिसमें कहा गया है कि अब ट्रेन यात्रा करते समय यदि यात्री निर्धारित सीमा से अधिक सामान ले जाते हैं तो उन्हें अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा। यह नियम ट्रंक सूटकेस और बक्से जैसी वस्तुओं के लिए लागू होगा जिनका बाहरी माप निर्धारित सीमा से ज्यादा होगा। ऐसे सामान को यात्री के डिब्बों में नहीं बल्कि ब्रेकवैन एसएलआर/पार्सल वैन में बुक करके ले जाना होगा। वैष्णव ने यह जानकारी तेलुगु देशम पार्टी के सांसद वेमिरेड्डी प्रभाकर रेड्डी के सवाल के जवाब में दी। उन्होंने बताया कि विभिन्न श्रेणियों में सामान ले जाने की अधिकतम सीमा तय की गई है।

    क्या हैं नए नियम

    द्वितीय श्रेणी 35 किग्रा तक सामान मुफ्त 70 किग्रा तक शुल्क देकर ले जा सकते हैं। स्लीपर श्रेणी 40 किग्रा तक मुफ्त 80 किग्रा तक शुल्क देकर ले जा सकते हैं। एसी थ्री टियर/चेयर कार 40 किग्रा तक सामान मुफ्त अधिकतम सीमा भी 40 किग्रा। प्रथम श्रेणी/एसी टू टियर 50 किग्रा तक मुफ्त 100 किग्रा तक शुल्क देकर ले जा सकते हैं। एसी प्रथम श्रेणी 70 किग्रा तक मुफ्त 150 किग्रा तक शुल्क देकर ले जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त अगर कोई यात्री 100 सेंटीमीटर लंबा 60 सेंटीमीटर चौड़ा और 25 सेंटीमीटर ऊंचा सामान लेता है तो उसे ब्रेकवैन या पार्सल वैन में बुक करना होगा। यह सामान यात्री डिब्बों में नहीं ले जाया जा सकेगा।

    मंत्री ने यह भी कहा कि कमर्शियल सामान को निजी सामान के रूप में डिब्बों में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। इस नए नियम के लागू होने से यात्रियों को यात्रा के दौरान अधिक सामान ले जाने के मामले में ध्यान रखना होगा ताकि उन्हें अतिरिक्त शुल्क का सामना न करना पड़े।
     रेल मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इन नियमों का उद्देश्य यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा प्रदान करना है और साथ ही रेलवे के संसाधनों का भी बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।