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  • नदी किनारे घूमने का अलग ही मजा, दुनिया की इन जगहों पर जरूर जाएं

    नदी किनारे घूमने का अलग ही मजा, दुनिया की इन जगहों पर जरूर जाएं


    नई दिल्ली । धरती पर जीवन और सभ्यताओं का विकास अक्सर नदियों के किनारे ही हुआ है। River केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि मानव सभ्यता की आधारशिला भी मानी जाती है। दुनिया भर में कई ऐसे शहर और स्थान हैं जो नदियों के किनारे बसकर आज पर्यटन का बड़ा केंद्र बन चुके हैं।

    नदी किनारे बसे शहरों में जीवन की रफ्तार अलग ही होती है। यहां सुबह की हवा में ताजगी होती है और शाम का नज़ारा बेहद सुकून देने वाला होता है। प्रकृति, संस्कृति और आधुनिकता का मिश्रण इन जगहों को खास बनाता है।

    यूरोप की डेन्यूब नदी के किनारे बसे शहर अपनी ऐतिहासिक इमारतों और सांस्कृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध हैं। वहीं एशिया में गंगा, ब्रह्मपुत्र और यांग्त्ज़ी जैसी नदियों के किनारे बसे शहर धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखते हैं।

    इन जगहों पर यात्रा करना केवल घूमना नहीं बल्कि एक अनुभव होता है, जहां पानी की बहती धारा के साथ जीवन की गति का एहसास होता है। कई पर्यटक यहां नाव की सवारी, रिवर क्रूज और घाटों पर समय बिताना पसंद करते हैं।

    नदी किनारे बसे शहरों की सबसे बड़ी खूबसूरती यह है कि वे हर मौसम में अलग रूप में दिखाई देते हैं। कभी शांत और सुकून भरे, तो कभी बारिश में रोमांच से भरे। यही वजह है कि ये स्थान पर्यटकों के बीच हमेशा लोकप्रिय रहते हैं।

    कुल मिलाकर, नदियों के किनारे बसे ये 7 आकर्षक स्थान जीवन, प्रकृति और यात्रा प्रेमियों के लिए एक अनोखा अनुभव प्रदान करते हैं, जो हर किसी की ट्रैवल लिस्ट में जरूर होने चाहिए।

  • कोविड के बाद अब इबोला की चिंता: अफ्रीका में बढ़ते संक्रमण ने बढ़ाई बेचैनी, भारत ने बढ़ाई निगरानी

    कोविड के बाद अब इबोला की चिंता: अफ्रीका में बढ़ते संक्रमण ने बढ़ाई बेचैनी, भारत ने बढ़ाई निगरानी


    नई दिल्ली। दुनिया एक बार फिर एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती को लेकर सतर्क होती दिखाई दे रही है। अफ्रीका के कुछ हिस्सों में तेजी से फैल रहे इबोला संक्रमण ने कई देशों की चिंता बढ़ा दी है। कोविड महामारी के अनुभव के बाद अब किसी भी संभावित स्वास्थ्य संकट को लेकर सरकारें पहले से अधिक सतर्क नजर आ रही हैं। इसी बीच भारत ने भी एहतियात के तौर पर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं और लोगों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। फिलहाल देश में राहत की बात यह है कि इबोला संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन जोखिम को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है।

    भारत सरकार ने नागरिकों को कांगो, युगांडा और साउथ सूडान जैसे देशों की गैर-जरूरी यात्रा से फिलहाल बचने की सलाह दी है। इसके साथ ही इन क्षेत्रों में रह रहे भारतीय नागरिकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने और स्थानीय स्वास्थ्य नियमों का पालन करने की सलाह दी गई है। सरकार का मानना है कि समय रहते सावधानी अपनाना किसी भी संभावित खतरे को रोकने की दिशा में सबसे प्रभावी कदम साबित हो सकता है। स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और हर जरूरी तैयारी को मजबूत किया जा रहा है।

    इबोला एक बेहद गंभीर और जानलेवा वायरल बीमारी मानी जाती है। इस बीमारी की सबसे बड़ी चुनौती इसकी तेज संक्रमण क्षमता और गंभीर प्रभाव हैं। इसके शुरुआती लक्षण सामान्य बुखार जैसे दिखाई दे सकते हैं, लेकिन बाद में स्थिति गंभीर रूप ले सकती है। कई मामलों में शरीर के अंदरूनी हिस्सों में ब्लीडिंग जैसी गंभीर समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इस बीमारी की मृत्यु दर भी काफी अधिक मानी जाती है, जिससे यह संक्रमण और अधिक चिंताजनक बन जाता है।

    इस बार फैल रहा संक्रमण बूंदीबुग्यो स्ट्रेन से जुड़ा बताया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता इसलिए भी बढ़ी हुई है क्योंकि इस स्ट्रेन के लिए अभी तक कोई व्यापक रूप से स्वीकृत वैक्सीन या विशेष उपचार उपलब्ध नहीं माना जा रहा है। यही वजह है कि संक्रमण की रोकथाम और शुरुआती पहचान को सबसे महत्वपूर्ण हथियार माना जा रहा है। कई देशों ने अपनी सीमाओं और एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ानी शुरू कर दी है ताकि प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों की जांच समय पर की जा सके।

    भारत में भी स्वास्थ्य तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया है। एयरपोर्ट और सीमावर्ती क्षेत्रों पर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि घबराने की बजाय जागरूक और सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य चुनौती से निपटने के लिए समय पर तैयारी और सावधानी सबसे अहम भूमिका निभाती है।

    फिलहाल देश में संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन वैश्विक हालात को देखते हुए सतर्कता को प्राथमिकता दी जा रही है। आने वाले दिनों में स्वास्थ्य एजेंसियों की नजर अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर बनी रहेगी। यदि लोग स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक जोखिम से बचें, तो किसी भी संभावित खतरे को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

  • समुद्र से दूर पहाड़ों का जादू: मनाली बना गर्मियों का एडवेंचर हॉटस्पॉट, जानें टॉप घूमने की जगहें

    समुद्र से दूर पहाड़ों का जादू: मनाली बना गर्मियों का एडवेंचर हॉटस्पॉट, जानें टॉप घूमने की जगहें

    नई दिल्ली। जैसे-जैसे गर्मियों का तापमान बढ़ता जा रहा है, वैसे-वैसे लोग ठंडी जगहों की ओर रुख कर रहे हैं। समुद्र से दूर, हिमालय की गोद में बसा मनाली इस समय देशभर के पर्यटकों का सबसे पसंदीदा डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। बर्फ से ढकी चोटियां, ठंडी हवाएं और एडवेंचर स्पोर्ट्स इसे गर्मियों की छुट्टियों के लिए परफेक्ट जगह बनाते हैं।

    मनाली सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि एडवेंचर प्रेमियों के लिए भी किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यहां आने वाले पर्यटक पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग, ट्रेकिंग और स्कीइंग जैसे रोमांचक अनुभवों का आनंद लेते हैं।

    सबसे लोकप्रिय जगहों में सोलंग वैली का नाम सबसे पहले आता है। यह जगह एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए मशहूर है और यहां पर्यटक पैराग्लाइडिंग और स्नो एक्टिविटीज का भरपूर मजा लेते हैं। गर्मियों में भी यहां हल्की ठंडक बनी रहती है, जो इसे और खास बनाती है।

    इसके अलावा, रोहतांग पास भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। यहां बर्फ से ढके पहाड़ और मनमोहक दृश्य हर किसी का दिल जीत लेते हैं। हालांकि, मौसम और प्रशासनिक अनुमति के अनुसार ही यहां यात्रा संभव होती है।

    मनाली में स्थित हिडिंबा देवी मंदिर भी एक प्रमुख आकर्षण है। देवदार के घने जंगलों के बीच स्थित यह मंदिर अपनी अनोखी वास्तुकला और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है।

    जो लोग शांति और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेना चाहते हैं, उनके लिए ओल्ड मनाली और मॉल रोड बेहतरीन विकल्प हैं। यहां कैफे, लोकल मार्केट और नदी किनारे बैठकर समय बिताना एक अलग ही अनुभव देता है।

    बीस नदी (Beas River) के किनारे बैठकर बहते पानी की आवाज और पहाड़ों का नजारा मन को सुकून देता है। कई पर्यटक यहां कैंपिंग का भी आनंद लेते हैं, जो उनकी यात्रा को और यादगार बना देता है।

    गर्मियों के मौसम में मनाली का तापमान काफी सुहावना रहता है, जिससे यह दिल्ली, मुंबई और अन्य मैदानी इलाकों की गर्मी से राहत पाने के लिए आदर्श जगह बन जाती है।

    पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में मनाली की ओर बढ़ती भीड़ यह दिखाती है कि लोग अब प्राकृतिक और एडवेंचर टूरिज्म की ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं।

    कुल मिलाकर, अगर आप इस गर्मी में भीड़-भाड़ और गर्मी से दूर एक सुकून भरी और रोमांच से भरी यात्रा की तलाश में हैं, तो मनाली आपके लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन साबित हो सकता है।


  • Travel Tips: बिना देरी के निकल जाएं इन जगहों पर, सुंदर हरा -भरा दिखेगा नजारा

    Travel Tips: बिना देरी के निकल जाएं इन जगहों पर, सुंदर हरा -भरा दिखेगा नजारा


    नई दिल्ली  अगर आप कई दिनों से घूमने की इच्छा रख रहे हैं तो यह समय आपके लिए बिल्कुल सही है। इस समय मार्च के महीने में ना तो ठंडी लगेगी और ना तो गर्मी। यह मौसम घूमने के लिए काफी अच्छा माना जाता है। तो अगर आपको घूमने की जगह समझ नहीं आ रही है तो चलिए आपके लिए हम ऐसे कई जगहों के बारे में पूरी जानकारी लेकर आए हैं।

    मनाली
    इस समय मनाली का मौसम काफी सुनहरा है। यहां पर अभी भी काफी तेजी से बर्फबारी हो रही है तो अगर आपको मार्च और अप्रैल के महीने में भी बर्फबारी का आनंद उठाना है तो आप मनाली की तरह रख कर सकते हैं। मनाली में आपको कई ऐसी जगह मिल जाएगी जहां पर आप काफी अच्छी एक्टिविटी भी कर सकेंगे। इसके साथ ही वहां के स्ट्रीट फूड और वहां के सुंदर-सुंदर नजारे आप अपने कमरे में रिकॉर्ड कर सकते हैं और अच्छी यादें बना सकते हैं।

    शिमला
    इस समय मौसम काफी अच्छा है हल्की-हल्की बारिश भी हो रही है तो ऐसे में आपको शिमला जरूर जाना चाहिए।अगर आपको पहाड़ों की ठंडी हवा और हरियाली से प्यार है आप ह‍िमाचल का रुख कर सकते हैं। इन हिल स्टेशन पर जाना आपके लिए स्वर्ग से कम नहीं होगा। अप्रैल में यहां का मौसम काफी रोमांट‍िक होता है। हरी-भरी वादियां आपको मंत्रमुग्‍ध कर सकती हैं। आप यहां कई तरह के एडवेंचर स्‍पोर्ट्स में भी ह‍िस्‍सा ले सकते हैं।

    मेघायल
    मेघालय घूमने का प्‍लान है तो मार्च और अप्रैल का महीना बेस्ट माना जाता है। इस दाैरान यहां न बहुत ज्यादा सर्दी होती है और न ही गर्मी। एडवेंचर और नेचर लवर्स के लिए तो ये जगह जन्नत से कम नहीं है। हर थोड़ी दूर पर यहां आपको वाटरफॉल्स देखने को म‍िल जाएंगे। हालांकि कुछ वाटरफॉल्स को देखने के लिए आपको लंबी ट्रैकिंग भी करनी पड़ सकती है। आपको वहां पहुंचकर अलग ही नजारा देखने को मिलेगा।

  • स्प्रिंग वेकेशन अलर्ट! मार्च के पहले हफ्ते में एक्सप्लोर करें ये 3 शानदार जगहें

    स्प्रिंग वेकेशन अलर्ट! मार्च के पहले हफ्ते में एक्सप्लोर करें ये 3 शानदार जगहें


    नई दिल्ली। अगर आप उत्तर भारत के हिल स्टेशन्स घूम-घूमकर थोड़ा अलग एक्सपीरियंस चाहते हैं, तो कर्नाटक का कूर्ग आपके लिए शानदार विकल्प है। घने कॉफी बागान, धुंध से ढकी वादियां, झरनों की आवाज और हरियाली-यहां पहुंचते ही मन रिलैक्स मोड में चला जाता है।

    मार्च में यहां का मौसम बेहद सुहावना रहता है, जो ट्रेकिंग और नेचर वॉक के लिए एकदम सही है। नेचर लवर्स और कपल्स दोनों के लिए यह जगह किसी ड्रीम डेस्टिनेशन से कम नहीं। शहर की भागदौड़ से दूर कुछ दिन शांति में बिताने हैं, तो कूर्ग जरूर प्लान करें।

    ऋषिकेश: सुकून भी, एडवेंचर भी

    अगर आपका दिल आध्यात्म और एडवेंचर दोनों चाहता है, तो ऋषिकेश से बेहतर जगह कम ही मिलेगी। मार्च-अप्रैल में यहां का मौसम बेहद सुहावना होता है। सुबह-सुबह गंगा किनारे बैठना या आरती का नजारा देखना-दिल को गजब की शांति देता है। वहीं एडवेंचर लवर्स के लिए रिवर राफ्टिंग और बंजी जंपिंग जैसे ऑप्शन भी मौजूद हैं। यहां आप योग और मेडिटेशन के जरिए खुद से जुड़ सकते हैं। सच कहें तो ऋषिकेश ऐसा डेस्टिनेशन है, जहां सोल और एड्रेनालिन दोनों को सुकून मिलता है।

    सिक्किम: फूलों की खुशबू और पहाड़ों का जादू
    अगर आप इस बार कुछ अलग और यादगार ट्रिप चाहते हैं, तो सिक्किम का प्लान बनाइए। मार्च में यहां वसंत ऋतु की शुरुआत होती है और घाटियां रंग-बिरंगे फूलों से सज जाती हैं।

    भारत का ‘स्कॉटलैंड’ कूर्ग,
    अगर आप उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत हिल स्टेशन्स कई बार घूम चुके हैं और कुछ नया एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो मार्च में कूर्ग (जिसे कोडगु भी कहा जाता है) का प्लान शानदार रहेगा। कर्नाटक में स्थित कूर्ग को ‘भारत का स्कॉटलैंड’ यूं ही नहीं कहा जाता-यहां के घने कॉफी बागान, धुंध से ढकी वादियां, खूबसूरत झरने और सुकून भरा माहौल किसी विदेशी हिल स्टेशन जैसा अहसास कराते हैं। अगर आप नेचर लवर हैं और भीड़-भाड़ से दूर शांति में वक्त बिताना चाहते हैं, तो यकीन मानिए कूर्ग आपको पहली ही नजर में पसंद आ जाएगा।

    बर्फ से ढके पहाड़, शांत बौद्ध मठ और साफ-सुथरा वातावरणहर चीज मन मोह लेती है। गंगटोक जैसे शहर में आप मॉडर्न कैफे कल्चर के साथ पहाड़ों का सुकून भी एंजॉय कर सकते हैं। एडवेंचर के शौकीनों के लिए यहां ट्रेकिंग और नाथुला पास की सैर खास अनुभव देती है। एक बार आए, तो बार-बार आने का मन करेगा।

  • मार्च में हैं घूमने का प्लान, तो सुकून और रिफ्रेशमेंट के लिए चुनें ये परफेक्ट डेस्टिनेशन्स

    मार्च में हैं घूमने का प्लान, तो सुकून और रिफ्रेशमेंट के लिए चुनें ये परफेक्ट डेस्टिनेशन्स


    नई दिल्ली। अगर आपको ट्रैवल करना पसंद है, तो नई जगहों को देखने और समझने की चाहत हमेशा बनी रहती होगी। हर सीजन की अपनी खासियत होती है, लेकिन कुछ डेस्टिनेशन ऐसे भी हैं जहां मार्च के महीने में जाना खास अनुभव दे सकता है। दरअसल, यह समय न तो कड़ाके की ठंड का होता है और न ही तेज गर्मी का, जिससे घूमना ज्यादा आरामदायक बन जाता है।

    अगर आप रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी से थोड़ा ब्रेक लेना चाहते हैं, तनाव कम करना चाहते हैं और शांति भरे माहौल में वक्त बिताने का सोच रहे हैं, तो मार्च में ट्रिप प्लान करना एक अच्छा फैसला हो सकता है। इस दौरान आप ऐसी जगहों को चुन सकते हैं, जहां प्राकृतिक खूबसूरती, सुकून और हल्का-फुल्का मौसम आपके मूड को पूरी तरह फ्रेश कर दे। आइए हम आपको कुछ ऐसे ही जगहों के बारे में बतायेंगे।

    कूर्ग (कर्नाटक
    अगर आप उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के मशहूर हिल स्टेशनों की कई बार यात्रा कर चुके हैं और इस बार कुछ अलग अनुभव करना चाहते हैं, तो मार्च में कूर्ग जाने का प्लान बना सकते हैं। कर्नाटक में बसा कूर्ग अपनी प्राकृतिक खूबसूरती की वजह से “भारत का स्कॉटलैंड” कहलाता है। यहां फैले कॉफी के बागान, हरी-भरी पहाड़ियां, मनमोहक झरने और शांत वातावरण इसे खास बनाते हैं। प्रकृति के करीब समय बिताने वालों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है। अगर आप भीड़भाड़ से दूर हरियाली और सुकून की तलाश में हैं, तो कूर्ग का सफर आपको जरूर पसंद आएगा।

    ऋषिकेश (उत्तराखंड)
    अगर आप अब तक ऋषिकेश नहीं जा पाए हैं, तो मार्च का महीना यहां घूमने के लिए बेहतरीन मौका हो सकता है। उत्तराखंड में स्थित यह खूबसूरत शहर वसंत ऋतु में और भी आकर्षक हो जाता है। खासतौर पर मार्च और अप्रैल के दौरान यहां का मौसम सुहावना रहता है, जिससे यात्रा का आनंद दोगुना हो जाता है। सुबह के समय कई श्रद्धालु पवित्र गंगा नदी में स्नान कर आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं। यहां का वातावरण मन को सुकून देता है और कुछ समय के लिए शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी को भुला देता है। सिर्फ शांति ही नहीं, रोमांच के शौकीनों के लिए भी यह जगह खास है। रिवर राफ्टिंग के लिए ऋषिकेश देशभर में प्रसिद्ध है, जहां आप एडवेंचर और प्रकृति का बेहतरीन मेल महसूस कर सकते हैं।

    सिक्किम
    क्या आप कभी सिक्किम की वादियों तक पहुंचे हैं? अगर अब तक यह जगह आपकी ट्रैवल लिस्ट में ही है, तो मार्च इसका सही समय हो सकता है। वसंत ऋतु के दौरान यहां का मौसम बेहद सुहावना हो जाता है और रंग-बिरंगे फूलों से सजी घाटियां मन मोह लेती हैं। प्राकृतिक नज़ारों के बीच बिताया गया समय आपके तनाव को कम करने में मदद कर सकता है। ऊंचे-ऊंचे पहाड़, साफ हवा और शांत वातावरण यहां की सबसे बड़ी खासियत हैं। सिक्किम अपने खूबसूरत लैंडस्केप, प्राचीन बौद्ध मठों और रोमांचक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। एक बार यहां की वादियों को करीब से देखने के बाद आपका मन बार-बार इस शांत और सुंदर राज्य की ओर खिंच सकता है।

  • भोपाल में इन स्टेशनों के बीच मेट्रो का संचालन शुरू…. आज से लोग कर सकेंगे सफर

    भोपाल में इन स्टेशनों के बीच मेट्रो का संचालन शुरू…. आज से लोग कर सकेंगे सफर


    भोपाल।
    भोपाल (Bhopal) के लिए शनिवार का दिन बेहद खास रहा क्योंकि शहर को अपनी पहली मेट्रो रेल सेवा (Metro Rail service) की सौगात मिली। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल (Union Minister Manohar Lal), मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भोपाल मेट्रो का श्रीगणेश किया। इन नेताओं ने सुभाष नगर स्टेशन पर मेट्रो ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इसके बाद यह आधुनिक ट्रेन पटरी पर दौड़ पड़ी। भोपाल अब देश का 26वां शहर बन गया है जहां लोग मेट्रो का सफर कर सकेंगे।


    शुरुआत में इन स्टेशनों पर सुविधा

    फिलहाल भोपाल मेट्रो परियोजना की ऑरेंज लाइन के 7 किलोमीटर लंबे हिस्से पर ही आज से परिचालन शुरू किया गया है। इसे प्रायोरिटी कॉरिडोर कहा जा रहा है। इस रूट पर कुल 8 स्टेशन बनाए गए हैं जिनमें एम्स, अलकापुरी, डीआरएम कार्यालय, रानी कमलापति स्टेशन, एमपी नगर, बोर्ड ऑफिस, केंद्रीय विद्यालय और सुभाष नगर शामिल हैं।


    सुबह से रात आठ बजे तक सेवा

    मेट्रो ट्रेन सेवा का संचालन सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक होगा। इस सुविधा का सबसे ज्यादा लाभ रानी कमलापति स्टेशन से एम्स तक जाने वालों को होगा। यह पूरी सेवा अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है जो न केवल यात्रियों का समय बचाएगी बल्कि पलूशन कम करने में भी मददगार साबित होगी।


    आगे क्या प्लान?

    पूरी परियोजना पर अभी काफी काम होना है। यह दो मुख्य लाइनों की मेट्रो परियोजना होगी। पहली ‘ऑरेंज लाइन’ जो करीब 17 किलोमीटर लंबी बनाई जानी है। दूसरी ‘ब्लू लाइन’ जो लगभग 14 किलोमीटर लंबी होगी। बताया जाता है कि जब दोनों लाइनें पूरी तरह तैयार हो जाएंगी तो शहर के प्रमुख व्यापारिक और रिहायशी इलाके आपस में जुड़ जाएंगे। इससे सड़कों पर ट्रैफिक लोड कम होगा।


    10,033 करोड़ होंगे खर्च

    अधिकारियों ने बताया कि 30.8 किलोमीटर लंबी भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण पर अनुमानित लागत 10,033 करोड़ रुपये आएगी। इसके शुरुआती हिस्से यानी ‘प्राथमिकता कॉरिडोर’ पर ही 2,225 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस कॉरिडोर से हर दिन लगभग 3,000 यात्रियों के सफर करने की उम्मीद है। इस शुरुआती रूट से हर दिन करीब 3,000 लोग सफर करेंगे।

    इस मौके पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि मेट्रो नेटवर्क के मामले में भारत अभी दुनिया में तीसरे नंबर पर है। पहले स्थान पर चीन और दूसरे पर अमेरिका है। भारत में अभी कुल 1,083 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क है और जिस रफ्तार से काम चल रहा है। भारत जल्द ही अमेरिका को पीछे छोड़कर दूसरे स्थान पर आ जाएगा। भोपाल देश का 26वां शहर बन गया है, जहां मेट्रो सेवा शुरू हुई है।