Tag: treasury

  • महान एयर और आईआरजीसी को सहायता पहुंचाने के आरोप में चार देशों की छह संस्थाओं व व्यक्तियों पर अमेरिकी प्रतिबंध लागू।

    महान एयर और आईआरजीसी को सहायता पहुंचाने के आरोप में चार देशों की छह संस्थाओं व व्यक्तियों पर अमेरिकी प्रतिबंध लागू।

    नई दिल्ली। वैश्विक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर एक नया तनावपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिका ने ईरान की शक्तिशाली सेना इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष सहायता प्रदान करने के गंभीर आरोप में भारत, चीन, रूस और ईरान से जुड़ी छह संस्थाओं तथा व्यक्तियों पर कड़े प्रतिबंध लगाने की आधिकारिक घोषणा की है। अमेरिकी प्रशासन द्वारा उठाए गए इस कदम का मुख्य उद्देश्य मध्य पूर्व क्षेत्र में ईरानी सैन्य गतिविधियों को मिलने वाले वित्तीय, तकनीकी और रसद संबंधी सहयोग को पूरी तरह से रोकना है।

    अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, इन प्रतिबंधों की मुख्य जद में वे अंतरराष्ट्रीय इकाइयां और कंपनियां आई हैं जो ईरान की विवादित विमानन सेवा ‘महान एयर’ को रसद तथा अन्य संसाधन उपलब्ध करा रही थीं। वाशिंगटन का आरोप है कि इस एयरलाइन का उपयोग लंबे समय से मध्य पूर्व के विभिन्न संघर्ष क्षेत्रों में हथियार, सैन्य कर्मियों और आधुनिक युद्ध उपकरणों के परिवहन के लिए किया जाता रहा है। इसके अतिरिक्त, टेक सेक्टर से जुड़ी संस्था डाडेनेगर स्टार्टअप स्टूडियो को भी प्रतिबंधित सूची में डाला गया है, जिस पर आईआरजीसी की फ्रंट कंपनी के रूप में काम करने और अमेरिकी व इजरायली रक्षा ठिकानों की निगरानी जानकारी जुटाने का आरोप है।

    यह दंडात्मक कार्रवाई अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के ‘ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल’ (ओएफएसी) द्वारा संशोधित कार्यकारी आदेश 13224 के तहत लागू की गई है। यह विशेष आदेश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवादी संगठनों, उनके सहयोगियों, समर्थकों और वित्तीय तंत्र को निशाना बनाने के लिए बनाया गया है। अमेरिकी नीति निर्माताओं ने स्पष्ट किया है कि आईआरजीसी और उससे जुड़े वैश्विक तंत्र को किसी भी प्रकार की सहायता प्रदान करने वाली विदेशी संस्थाओं को अमेरिकी वित्तीय बाजार से पूरी तरह से अलग कर दिया जाएगा।

    कार्रवाई के साथ ही अमेरिकी विदेश विभाग ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और निजी वैश्विक कंपनियों के लिए एक गंभीर चेतावनी भी जारी की है। इसमें विशेष रूप से महान एयर या अन्य किसी प्रतिबंधित ईरानी एयरलाइन के साथ वाणिज्यिक संबंध रखने वाली संस्थाओं को उनसे जुड़े गंभीर कानूनी, व्यावसायिक और वित्तीय जोखिमों के प्रति आगाह किया गया है। अमेरिकी विदेश नीति के अधिकारियों ने दोहराया कि वे उन सभी व्यक्तिगत और संस्थागत नेटवर्क की पहचान जारी रखेंगे जो क्षेत्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न करने वाले सैन्य संगठनों को संसाधन उपलब्ध कराते हैं।

    उल्लेखनीय है कि महान एयर को सबसे पहले वर्ष 2011 में आईआरजीसी की विशेष ‘कुद्स फोर्स’ को तकनीकी और वित्तीय सहायता देने के कारण अमेरिकी प्रतिबंधों की सूची में शामिल किया गया था। वहीं, आईआरजीसी स्वयं कई वर्षों से अमेरिका की ओर से कड़े प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। चार प्रमुख देशों से जुड़ी संस्थाओं पर एक साथ हुई इस कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक क्षेत्र और वैश्विक कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

  • देश का विदेशी मुद्रा भंडार उच्चतम स्तर पर पहुंचा… खजाने में पहली बार आए 725 अरब डॉलर

    देश का विदेशी मुद्रा भंडार उच्चतम स्तर पर पहुंचा… खजाने में पहली बार आए 725 अरब डॉलर


    नई दिल्ली।
    इकोनॉमी के मोर्चे पर एक अच्छी खबर है। दरअसल, देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Country’s Foreign Exchange Reserves) 13 फरवरी को समाप्त सप्ताह में 8.66 अरब डॉलर बढ़कर 725.72 अरब डॉलर के अपने उच्चतम स्तर (Highest Level) पर पहुंच गया। यह विदेशी मुद्रा भंडार का ऑल टाइम हाई है। इससे पहले का सर्वोच्च स्तर जनवरी में 723.774 अरब डॉलर का रहा था। छह फरवरी को समाप्त सप्ताह में कुल विदेशी मुद्रा भंडार 6.71 अरब डॉलर घटकर 717.06 अरब डॉलर रह गया था।

    क्या कहते हैं आंकड़े?
    भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) (Reserve Bank of India – RBI) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक 13 फरवरी को समाप्त सप्ताह में मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा माने जाने वाली विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 3.55 अरब डॉलर बढ़कर 573.60 अरब डॉलर हो गईं। डॉलर के रूप में व्यक्त की जाने वाली विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर अमेरिकी मुद्राओं के मूल्य में घट-बढ़ के प्रभाव शामिल होते हैं। रिजर्व बैंक ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान स्वर्ण भंडार यानी गोल्ड रिजर्व का मूल्य 4.99 अरब डॉलर बढ़कर 128.46 अरब डॉलर हो गया। केंद्रीय बैंक ने बताया कि विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 10.3 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.92 अरब डॉलर हो गया। आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास भारत का आरक्षित भंडार भी 1.9 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.734 अरब डॉलर हो गया।


    रुपया हुआ कमजोर

    विदेशी मुद्रा भंडार के ये आंकड़े ऐसे समय में आए हैं जब रुपया एक बार फिर कमजोर होता नजर आ रहा है। अमेरिका-ईरान के परस्पर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी मुद्रा के मजबूत होने और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी की वजह से शुक्रवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 26 पैसे टूटकर 90.94 पर बंद हुआ। बाजार विश्लेषकों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार में तेजी का रुख भी रुपये को समर्थन देने में विफल रहा। इस पर अमेरिका और ईरान के बीच आने वाले दिनों में जंग छिड़ने की बनती स्थिति का विशेष प्रभाव रहा। बता दें कि बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया चार पैसे बढ़कर 90.68 पर बंद हुआ था। वहीं, गुरुवार को छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के कारण विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार बंद था। इस बीच, विश्व की छह प्रमुख प्रतिस्पर्धी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.01 प्रतिशत बढ़कर 97.86 पर कारोबार कर रहा था।


    क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

    मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव और मजबूत डॉलर के कारण रुपये में गिरावट आई। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने भी घरेलू मुद्रा पर दबाव डाला। हालांकि, घरेलू बाजारों की तेजी ने गिरावट को कम किया। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर के मजबूत होने के कारण रुपया थोड़े नकारात्मक रुख के साथ कारोबार करेगा।