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  • भीम आर्मी और ASP का प्रदर्शन: यूजीसी समर्थन में 17 सूत्रीय ज्ञापन, दलित-आदिवासी और किसानों के मुद्दे उठाए

    भीम आर्मी और ASP का प्रदर्शन: यूजीसी समर्थन में 17 सूत्रीय ज्ञापन, दलित-आदिवासी और किसानों के मुद्दे उठाए

    भोपाल। भीम आर्मी भारत एकता मिशन और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने यूजीसी के समर्थन में राजधानी भोपाल में जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के कार्यकर्ता अंबेडकर जयंती मैदान पर इकट्ठे हुए और मुख्यमंत्री के नाम 17 सूत्रीय विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान संगठन ने चेतावनी दी कि यदि दलित, आदिवासी, पिछड़ा वर्ग, किसान और छात्रों से जुड़ी मांगों पर तुरंत सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

    ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग ओबीसी आरक्षण की रही। संगठन ने 13% होल्ड आरक्षण तुरंत लागू करने और आगामी जातिगत जनगणना में पिछड़ा वर्ग की जातियों के लिए अलग कॉलम बनाने की मांग उठाई। इसके साथ ही एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के लंबित बैकलॉग पदों को विशेष भर्ती अभियान के जरिए भरने और पदोन्नति में आरक्षण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। शिक्षा क्षेत्र में संगठन ने यूजीसी विनियम 2026 में संशोधन की मांग की और वर्ष 2012 की तर्ज पर सख्त निर्देश जारी करने की अपील की ताकि उच्च शिक्षण संस्थानों में भेदभाव समाप्त हो। संगठन ने इक्विटी कमेटी और एंटी-डिस्क्रिमिनेशन तंत्र में इन वर्गों की कम से कम 50% भागीदारी अनिवार्य करने की भी मांग की।

    किसानों के मुद्दे पर भी संगठन मुखर रहा। उन्होंने ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों के पारदर्शी सर्वेक्षण और तत्काल मुआवजे की मांग की। इसके अलावा नीमच स्थित धानुका इथेनॉल प्लांट से फैल रहे प्रदूषण की स्वतंत्र जांच कराने, एससी-एसटी वर्ग की आवंटित जमीनों से अवैध कब्जे हटाने और पुराने आंदोलन संबंधी मुकदमों को वापस लेने की मांग की।

    प्रशासनिक सुधारों में संगठन ने सीएम हेल्पलाइन की लापरवाही और चुनाव प्रक्रिया में बैलेट पेपर के विकल्प पर विचार करने का सुझाव भी दिया। इस दौरान भीम आर्मी के प्रदेश संयोजक सुनील बैरसिया, ASP कोर कमेटी सदस्य दामोदर यादव, प्रदेश प्रभारी विनोद यादव अम्बेडकर, सुनील अस्तेय, अनिल गुर्जर और युवा मोर्चा अध्यक्ष सतेंद्र सेंगर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे।

  • 16 फरवरी के सत्र में गूंजेगा शहडोल: आदिवासी मुद्दों पर सदन में गरजेंगे कमलेश्वर डोडियार, BAP विधायक का बड़ा ऐलान

    16 फरवरी के सत्र में गूंजेगा शहडोल: आदिवासी मुद्दों पर सदन में गरजेंगे कमलेश्वर डोडियार, BAP विधायक का बड़ा ऐलान


    शहडोल । मध्य प्रदेश की आदिवासी राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया, जब भारत आदिवासी पार्टी BAP के इकलौते और चर्चित विधायक कमलेश्वर डोडियार शहडोल जिले के दौरे पर पहुँचे। अपनी सादगी और मोटरसाइकिल से विधानसभा पहुँचकर देशभर में सुर्खियां बटोरने वाले सैलाना विधायक डोडियार ने शहडोल की धरती से न केवल राजनीतिक नब्ज टटोली, बल्कि प्रशासन और सत्ताधारी दल पर तीखे प्रहार कर आगामी विधानसभा सत्र के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर दी है।

    शहडोल के बहाने प्रदेशव्यापी मिशन की तैयारी भारत आदिवासी पार्टी ने शहडोल से स्पष्ट संदेश दे दिया है कि उनकी लड़ाई अब किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगी। विधायक डोडियार ने ऐलान किया कि आगामी 16 फरवरी से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में वे शहडोल जिले के आदिवासियों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को सदन के पटल पर पुरजोर तरीके से रखेंगे। उन्होंने साफ कहा कि आदिवासियों के हक और अधिकार के लिए उनकी पार्टी सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करने को तैयार है।

    छात्राओं की सुरक्षा और छात्रावासों के हालात पर गहरी चिंता शहडोल दौरे के दौरान डोडियार ने आदिवासी छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने छात्रावासों से छात्राओं के लापता होने के मामलों को अत्यंत संवेदनशील बताते हुए प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया। विधायक ने आरोप लगाया कि प्रशासन इन मामलों में पारदर्शी जांच करने के बजाय लीपापोती करने में जुटा है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “यदि समाज की बेटियां ही सुरक्षित नहीं हैं, तो सरकार के विकास के तमाम दावे महज कागजी और खोखले हैं।”

    माफिया तंत्र और चरमराती कानून व्यवस्था पर प्रहार जिले की कानून व्यवस्था का जिक्र करते हुए विधायक डोडियार ने एक लंबी फेहरिस्त गिनाई। उन्होंने एएसआई और पटवारी की कुचलकर हुई हत्या, तहसीलदार पर रेत माफियाओं के हमले और पुलिस पर लगातार हो रहे हमलों का हवाला देते हुए कहा कि शहडोल में माफिया तंत्र पूरी तरह हावी हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि खनिज, भू और कोल माफिया प्रशासन को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं।

    विशेष रूप से अवैध रेत उत्खनन का मुद्दा उठाते हुए डोडियार ने कहा कि रेत ठेका नहीं होने के बावजूद बड़े पैमाने पर चोरी की रेत उत्तर प्रदेश भेजी जा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो पुलिस ने माफियाओं के सामने पूरी तरह घुटने टेक दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन गंभीर हालातों में सुधार नहीं हुआ, तो भारत आदिवासी पार्टी शहडोल से एक बड़ा जनआंदोलन शुरू करेगी।