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  • विद्या बालन ने की माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी की तारीफ, सोशल मीडिया पर दिया खास रिव्यू

    विद्या बालन ने की माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी की तारीफ, सोशल मीडिया पर दिया खास रिव्यू


    नई दिल्ली । नेटफ्लिक्स पर हाल ही में रिलीज हुई डार्क कॉमेडी थ्रिलर फिल्म ‘मां बहन’ लगातार चर्चा में बनी हुई है। फिल्म को दर्शकों के साथ-साथ फिल्म जगत से भी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। इसी कड़ी में बॉलीवुड अभिनेत्री विद्या बालन ने भी फिल्म की सराहना करते हुए इसकी स्टारकास्ट और कहानी की प्रशंसा की है।

    विद्या बालन ने सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा, “आपकी तो मां-बहन एक हो गई नेटफ्लिक्स पर।” इसके साथ ही उन्होंने फिल्म में मुख्य भूमिकाएं निभाने वाली माधुरी दीक्षित, तृप्ति डिमरी और धरना दुर्गा की केमिस्ट्री को बेहद मनोरंजक और प्रभावशाली बताया। विद्या की यह प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और फिल्म के प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

    फिल्म ‘मां बहन’ की रिलीज से पहले ऐसी खबरें भी सामने आई थीं कि इस प्रोजेक्ट के लिए शुरुआत में विद्या बालन से संपर्क किया गया था। हालांकि बाद में यह भूमिका माधुरी दीक्षित के हिस्से में चली गई। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, लेकिन विद्या द्वारा फिल्म की खुलकर तारीफ किए जाने को उनके पेशेवर दृष्टिकोण और सहकर्मियों के प्रति सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।

    गौरतलब है कि विद्या बालन और फिल्म के निर्देशक सुरेश त्रिवेणी पहले भी साथ काम कर चुके हैं। दोनों ने चर्चित फिल्म तुम्हारी सुलु में साथ काम किया था, जिसे दर्शकों और समीक्षकों दोनों का अच्छा समर्थन मिला था। इसके बाद वे जलसा में भी साथ नजर आए। ऐसे में विद्या और सुरेश त्रिवेणी के बीच लंबे समय से मजबूत पेशेवर संबंध रहे हैं।

    फिल्म ‘मां बहन’ की कहानी एक ऐसी गायिका मां के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे समाज अक्सर संदेह और पूर्वाग्रह की नजर से देखता है। उसकी जिंदगी तब अप्रत्याशित मोड़ लेती है जब उसके पड़ोसी की मौत उसके घर में हो जाती है। इस मुश्किल परिस्थिति में उसकी दोनों बेटियां उसकी मदद के लिए सामने आती हैं। इसके बाद कहानी रहस्य, हास्य और भावनात्मक उतार-चढ़ाव के साथ आगे बढ़ती है, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखती है।

    फिल्म का निर्देशन सुरेश त्रिवेणी ने किया है, जबकि निर्माण विक्रम मल्होत्रा और सुरेश त्रिवेणी ने संयुक्त रूप से किया है। फिल्म में माधुरी दीक्षित, तृप्ति डिमरी और धरना दुर्गा के अलावा रवि किशन भी महत्वपूर्ण भूमिका में दिखाई देते हैं।

    विशेष बात यह है कि इस फिल्म के माध्यम से पहली बार माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी ने एक साथ स्क्रीन साझा की है। फिल्म में माधुरी ने तृप्ति की मां का किरदार निभाया है। एक साक्षात्कार में माधुरी ने बताया था कि उन्होंने यह भूमिका इसलिए स्वीकार की क्योंकि यह पारंपरिक फिल्मी मां के किरदारों से अलग और अधिक जटिल व्यक्तित्व वाला चरित्र है।

    फिल्म की अनूठी कहानी, दमदार अभिनय और हास्य-रोमांच से भरपूर प्रस्तुति को देखते हुए ‘मां बहन’ को ओटीटी दर्शकों से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह फिल्म लोकप्रियता के नए आयाम स्थापित कर पाती है या नहीं।

  • पहले खुद देख लो कितने पानी में हो…’ ट्रोलर्स पर भड़के शाहिद कपूर, बोले– नेगेटिविटी इंसिक्योरिटी से आती है

    पहले खुद देख लो कितने पानी में हो…’ ट्रोलर्स पर भड़के शाहिद कपूर, बोले– नेगेटिविटी इंसिक्योरिटी से आती है


    नई दिल्ली । बॉलीवुड स्टार शाहिद कपूर इन दिनों अपनी फिल्म ओ रोमियो को लेकर लगातार चर्चा में हैं। विशाल भारद्वाज के निर्देशन में बनी यह फिल्म 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई और भले ही इसकी ओपनिंग धीमी रही लेकिन वीकडेज में फिल्म ने रफ्तार पकड़ ली है। फिल्म में शाहिद के साथ Triptii Dimri लीड रोल में नजर आ रही हैं। ट्रेलर रिलीज के बाद से ही फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा थी और अब शाहिद की परफॉर्मेंस को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। इसी बीच एक इंटरव्यू में ट्रोलिंग को लेकर दिए गए उनके बयान ने सुर्खियां बटोर ली हैं।

    हाल ही में शो द राइट एंगल में बातचीत के दौरान शाहिद ने ट्रोलिंग पर बेबाक राय रखी। जब उनसे पूछा गया कि वह सोशल मीडिया पर होने वाली आलोचना और ट्रोलिंग से कैसे निपटते हैं तो उन्होंने साफ कहा कि यह कहना गलत होगा कि इन बातों का कोई असर नहीं पड़ता। उनके मुताबिक जो लोग कहते हैं कि ट्रोलिंग से फर्क नहीं पड़ता वे खुद को गलतफहमी में रख रहे हैं। नेगेटिव बातें असर डालती हैं और इसे नकारना खुद को खतरनाक स्थिति में डालना है।

    शाहिद ने आगे कहा कि इंसान को सिर्फ बाहरी तारीफ या वैलिडेशन पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने समझाया कि यह जानना जरूरी है कि आप खुद अपने काम को लेकर कैसा महसूस करते हैं लेकिन साथ ही दर्शकों की भावना को समझना भी उतना ही अहम है। उनका मानना है कि कलाकार और ऑडियंस के बीच कनेक्शन बनाए रखने के लिए संतुलन जरूरी है।

    ट्रोलर्स को लेकर शाहिद ने कड़े शब्दों में कहा आपके बोलने की औकात होनी चाहिए तभी मुंह खोलना चाहिए। पहले खुद देख लो आप कितने पानी में हो फिर बात करो। उन्होंने बताया कि यह सीख उन्हें बचपन से मिली है। बड़े कलाकारों के बीच पले-बढ़े शाहिद ने कहा कि पहले लोग बिना वजह टिप्पणी करने से बचते थे लेकिन आज सोशल मीडिया के दौर में हर किसी को बिना सोचे-समझे बोलने की आदत हो गई है।

    उन्होंने नेगेटिविटी को इंसिक्योरिटी से जोड़ते हुए कहा कि जो लोग लगातार नकारात्मक बातें करते हैं वे अंदर से असुरक्षित डरे हुए या दुखी हो सकते हैं। अगर इतनी नेगेटिविटी बाहर आ रही है तो यह दिखाता है कि उनके अंदर की दुनिया कितनी परेशान है शाहिद ने कहा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जरूरी है कि इंसान खुद को पॉजिटिव रखे और गिरकर दोबारा खड़े होने की ताकत बनाए रखे। उनके शब्दों में एक अच्छा फाइटर वही है जो चोट लगने के बाद फिर उठ खड़ा हो।

    ओ रोमियो शाहिद और विशाल भारद्वाज की साथ में चौथी फिल्म है। इससे पहले दोनों कमीने हैदर और रंगून जैसी फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं। इस फिल्म में नाना पाटेकर फरीदा जलाल दिशा पटानी और तमन्ना भाटिया जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म को आईएमडीबी पर 6.4 की रेटिंग मिली है और दर्शकों की प्रतिक्रिया लगातार बेहतर होती दिख रही है।