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  • आज बैंक खुलेंगे या रहेंगे बंद? आज की आरबीआई हॉलिडे लिस्ट में जानिए आपके राज्य का पूरा हाल

    आज बैंक खुलेंगे या रहेंगे बंद? आज की आरबीआई हॉलिडे लिस्ट में जानिए आपके राज्य का पूरा हाल


    नई दिल्ली । भारतीय रिजर्व बैंक के अवकाश कैलेंडर के अनुसार 4 अगस्त 2026, मंगलवार को देशभर में बैंक बंद नहीं रहेंगे। इस दिन केवल त्रिपुरा राज्य में केर पूजा के अवसर पर बैंक अवकाश रहेगा। ऐसे में अगर किसी ग्राहक को बैंक शाखा में जाकर कोई जरूरी काम करना है तो उसे अपने राज्य की छुट्टियों की सूची पहले देख लेनी चाहिए। देश के अधिकांश राज्यों में बैंक सामान्य समय के अनुसार खुले रहेंगे और नियमित बैंकिंग सेवाएं जारी रहेंगी।

    त्रिपुरा में मनाया जाने वाला केर पूजा राज्य का एक महत्वपूर्ण पारंपरिक धार्मिक उत्सव है। इसी कारण राज्य के सभी सरकारी और निजी क्षेत्र के बैंक इस दिन बंद रहेंगे। इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी बैंक और क्षेत्रीय बैंक सभी शामिल हैं। अगरतला सहित पूरे राज्य में बैंक शाखाओं में नकद लेनदेन, चेक क्लियरेंस और अन्य शाखा आधारित सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी।

    केर पूजा त्रिपुरा की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। यह उत्सव खारची पूजा के लगभग दो सप्ताह बाद आयोजित किया जाता है और राज्य के संरक्षक देवता ‘केर’ को समर्पित होता है। इस दौरान प्रदेश में सुख-समृद्धि, सुरक्षा और शांति की कामना की जाती है। पूजा के दौरान कई पारंपरिक नियमों का पालन किया जाता है और धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार निर्धारित क्षेत्र में विशेष व्यवस्थाएं लागू रहती हैं।

    इतिहासकारों के अनुसार इस पर्व की शुरुआत त्रिपुरा के माणिक्य राजवंश के शासनकाल में हुई थी। समय के साथ यह राज्य की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन गया। आज भी इस आयोजन को सरकारी स्तर पर महत्व दिया जाता है और स्थानीय प्रशासन इसके आयोजन में सहयोग करता है। यही वजह है कि इस अवसर पर राज्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है।

    हालांकि, त्रिपुरा को छोड़कर देश के अन्य सभी राज्यों में 4 अगस्त को बैंक शाखाएं सामान्य रूप से खुली रहेंगी। ग्राहक जमा, निकासी, ड्राफ्ट, पासबुक अपडेट, ऋण संबंधी सेवाएं और अन्य बैंकिंग कार्य सामान्य तरीके से करा सकेंगे। जिन लोगों को बैंक शाखा में व्यक्तिगत रूप से जाना है, उनके लिए किसी अतिरिक्त अवकाश की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, यदि वे त्रिपुरा से बाहर हैं।

    आरबीआई के अवकाश कैलेंडर के अनुसार अगस्त महीने में कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय छुट्टियां भी निर्धारित हैं। इनमें दूसरे और चौथे शनिवार, सभी रविवार, स्वतंत्रता दिवस, विभिन्न राज्यों के स्थानीय त्योहार, ईद-ए-मिलाद, ओणम, रक्षाबंधन तथा अन्य क्षेत्रीय पर्व शामिल हैं। इन छुट्टियों का प्रभाव संबंधित राज्यों तक सीमित रहेगा, जबकि राष्ट्रीय अवकाश पूरे देश में लागू होंगे।

    विशेषज्ञों का कहना है कि बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद अधिकांश डिजिटल बैंकिंग सेवाएं पहले की तरह चालू रहेंगी। ग्राहक इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई, एटीएम, डेबिट और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से अधिकांश वित्तीय लेनदेन कर सकेंगे। हालांकि, शाखा आधारित सेवाओं की आवश्यकता होने पर अवकाश से पहले या बाद का समय चुनना अधिक सुविधाजनक रहेगा।

    ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि किसी भी महत्वपूर्ण बैंकिंग कार्य से पहले अपने शहर या राज्य में लागू बैंक अवकाश की जानकारी अवश्य जांच लें। इससे अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकता है और आवश्यक वित्तीय कार्य समय पर पूरे किए जा सकते हैं।

  • मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव की शुभकामनाएं, देश की ताकत बताया पूर्वोत्तर का विकास

    मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव की शुभकामनाएं, देश की ताकत बताया पूर्वोत्तर का विकास


    मध्य प्रदेश। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा के स्थापना दिवस के अवसर पर इन राज्यों के नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत के ये राज्य न केवल प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध हैं, बल्कि देश की एकता और विविधता का भी सशक्त प्रतीक हैं। उन्होंने कामना की कि आने वाले वर्षों में ये राज्य विकास के नए आयाम स्थापित करें और यहां के नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि और उल्लास बना रहे।

    मेघालय का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य भारत का गौरव है। पर्वतमालाओं से घिरा, हरियाली और प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर मेघालय अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के लिए जाना जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेघालय की सांस्कृतिक विविधता और पर्यावरण के प्रति जागरूक जीवनशैली देश के अन्य हिस्सों के लिए प्रेरणास्रोत है।मणिपुर को लेकर उन्होंने कहा कि यह राज्य भारत के गहने के रूप में प्रसिद्ध है। मणिपुर की कला, नृत्य और सांस्कृतिक विरासत ने इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मणिपुर की पहचान उसकी अद्वितीय संस्कृति, खेल प्रतिभा और सामाजिक समरसता से जुड़ी हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य शांति, विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।

    त्रिपुरा के संदर्भ में डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह राज्य माँ त्रिपुरसुंदरी की कृपा से अभिसिंचित है और अपने नैसर्गिक सौंदर्य के लिए सुविख्यात है। उन्होंने त्रिपुरा की सांस्कृतिक परंपराओं ऐतिहासिक धरोहरों और जनजीवन की सरलता को सराहा। मुख्यमंत्री के अनुसार, त्रिपुरा ने सीमित संसाधनों के बावजूद विकास और सामाजिक संतुलन का उदाहरण प्रस्तुत किया है।मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का भी उल्लेख किया और कहा कि बाबा महाकाल से यही मंगलकामना है कि प्रकृति की गोद में बसे ये तीनों राज्य निरंतर प्रगति करें। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्यों के समन्वय से पूर्वोत्तर भारत विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और आने वाला समय इन राज्यों के लिए और अधिक अवसर लेकर आएगा।

    राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में मुख्यमंत्री के इस संदेश को राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब देश के अलग-अलग हिस्सों में क्षेत्रीय पहचान के साथ-साथ राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।स्थापना दिवस के अवसर पर मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सरकारी आयोजनों और जनउत्सव की तैयारियां की गई हैं। इन आयोजनों के माध्यम से राज्यों की विकास यात्रा, सांस्कृतिक धरोहर और भविष्य की योजनाओं को जनता के सामने रखा जा रहा है।

  • बांग्लादेशी नेता ने भारत के खिलाफ तीखा बयान दिया, पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर दी धमकी

    बांग्लादेशी नेता ने भारत के खिलाफ तीखा बयान दिया, पूर्वोत्तर राज्यों को लेकर दी धमकी


    नई दिल्ली । बांग्लादेश में जैसे-जैसे आम चुनाव नजदीक आ रहे हैं वहीं राजनीतिक माहौल में भी गर्माहट बढ़ गई है। नेताओं ने भारत के खिलाफ आरोप लगाना शुरू कर दिया है। इस बीच नेशनल सिटिजन पार्टी के प्रमुख संयोजक हसनत अब्दुल्ला ने तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर भारत ने बांग्लादेश के चुनावी प्रक्रिया में दखल दिया तो इसका असर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों पर पड़ेगा और वे एक-दूसरे से अलग-थलग हो जाएंगे।

    यह बयान पूर्वोत्तर भारत के राज्यों को लेकर आया है जिन्हें “सेवल सिस्टर्स” के नाम से जाना जाता है। इनमें अरुणाचल प्रदेश असम मणिपुर मेघालय नगालैंड मिजोरम और त्रिपुरा शामिल हैं। यह क्षेत्र भौगोलिक रूप से संवेदनशील है और सिलीगुड़ी कॉरिडोर के जरिए मुख्य भूमि से जुड़ा हुआ है। हसनत का यह बयान एक गंभीर चेतावनी के रूप में सामने आया है कि अगर बांग्लादेश के आंतरिक मामलों में कोई हस्तक्षेप किया गया तो इससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है।

    हसनत ने यह भी कहा कि बांग्लादेश की सरकार के खिलाफ विदेशी एजेंटों को समर्थन देने वालों को बांग्लादेश कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। उनका आरोप था कि शेख हसीना और उनके समर्थक अपनी सत्ता को बनाए रखने के लिए भारत का समर्थन लेते हैं जिससे बांग्लादेश की संप्रभुता खतरे में पड़ सकती है।

    हसनत ने आगे कहा “यदि भारत ने उन ताकतों को शरण दी जो बांग्लादेश की स्वतंत्रता और संप्रभुता का उल्लंघन करती हैं तो इसका परिणाम गंभीर होगा और यह पूरे क्षेत्र में अशांति पैदा करेगा।” बांग्लादेश के इस वरिष्ठ नेता का मानना है कि भारत को अपनी नीतियों में बदलाव लाकर बांग्लादेश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए वरना दोनों देशों के बीच रिश्ते और भी तनावपूर्ण हो सकते हैं।

    यह बयान बांग्लादेश में बढ़ते राजनीतिक तनाव और शेख हसीना सरकार के खिलाफ विरोध को भी दर्शाता है। हालांकि बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति में बदलाव के बावजूद भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों को सुधारने की आवश्यकता है ताकि दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण और सहयोगात्मक माहौल बना रहे।