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  • मऊगंज में आरटीओ चेकिंग पर बवाल, 2 ट्रक चालकों ने सड़क पर मचाया उत्पात, झोपड़ी में लगाई आग

    मऊगंज में आरटीओ चेकिंग पर बवाल, 2 ट्रक चालकों ने सड़क पर मचाया उत्पात, झोपड़ी में लगाई आग


    मऊगंज । मध्यप्रदेश मऊगंज जिले में रीवा हनुमना मुख्य मार्ग पर आरटीओ चेकिंग के दौरान हंगामा मच गया। जानकारी के अनुसार, चेकपोस्ट पर वाहनों की नियमित जांच की जा रही थी। इसी दौरान दो ट्रक, MP 20 HB 6128 और UP 63 CT 3122 के चालकों ने अपने वाहन सड़क पर आड़े खड़े कर दिए। इस कारण मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया और वाहन चालक परेशान होने लगे।

    स्थानीय लोगों और अन्य वाहन चालकों के अनुसार, दोनों ट्रक चालकों ने न केवल चेकिंग का विरोध किया, बल्कि अन्य वाहन चालकों को भी इसे लेकर उकसाया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात आरटीओ कर्मचारियों से गाली-गलौज की और माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। स्थिति बिगड़ने पर आरटीओ प्रभारी अशोक शर्मा मौके पर पहुंचे और समझाने का प्रयास किया, लेकिन विवाद और बढ़ गया।

    इस दौरान एक स्थानीय युवक भी घटनास्थल पर पहुंच गया और कथित रूप से अधिकारियों से अभद्र व्यवहार करते हुए धमकी देने लगा। तनावपूर्ण माहौल के बीच कुछ लोगों ने सड़क किनारे बनी झोपड़ी और वहां रखी कुर्सियों में आग लगा दी। आगजनी से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और आरटीओ चेकिंग की कार्रवाई रोकनी पड़ी।

    घटना में सौभाग्य से किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, आगजनी और उत्पात के कारण मौके पर उपस्थित अन्य वाहन चालकों में डर और असुरक्षा की स्थिति बनी रही। आरटीओ और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की।

    पुलिस ने झोपड़ी में आग लगाने और सड़क पर उत्पात मचाने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरटीओ कार्यालय के अधिकारियों ने भी बताया कि घटना की पूरी रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के हंगामे से ट्रैफिक और आम जनता की सुरक्षा प्रभावित होती है, इसलिए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    स्थानीय लोगों ने कहा कि यह घटना मुख्य मार्ग पर रोजमर्रा की जिंदगी और आवाजाही के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकती थी। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी ताकि सड़क पर यातायात सुचारु रूप से चलता रहे।

    मौके पर उपस्थित आरटीओ और पुलिस टीम ने लोगों को समझाया और सड़क पर लगे जाम को तुरंत हटाया। अधिकारियों ने वाहन चालकों और स्थानीय लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की।

  • Yash Birthday: ट्रक ड्राइवर का बेटा कैसे बना साउथ का रॉकिंग स्टार, KGF से पहले इन फिल्मों से पीटा डंका, क्या आप जानते हैं असली नाम?

    Yash Birthday: ट्रक ड्राइवर का बेटा कैसे बना साउथ का रॉकिंग स्टार, KGF से पहले इन फिल्मों से पीटा डंका, क्या आप जानते हैं असली नाम?

    नई दिल्ली। कन्नड़ सुपरस्टार यश (Yash) आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। आज उनकी फैन फॉलोइंग ना केवल साउथ में बल्कि दुनियाभर में हैं। ‘केजीएफ’ के बाद से एक्टर का कद काफी बढ़ गया है। उन्होंने प्रशांत नील निर्देशित ‘केजीएफ चैप्टर 1’ से पूरे भारत में अपनी एक अलग ही पहचान बना ली है। इस फिल्म की रिलीज के बाद से ‘द रॉकिंग’ स्टार यश ‘केजीएफ’ एक ग्लोबल स्टार बन गए हैं। उन्हें ना केवल साउथ बल्कि हिंदी सिनेमा और पूरे देशभर से प्यार मिलता है। फैंस उनकी एक झलक पाने का बेसब्री से इंतजार करते हैं। ऐसे में आज इसी ग्लोबल स्टार का जन्मदिन है। वो 38 साल के हो गए हैं। इस खास मौके पर आपको उनकी लाइफ के बारे में बता रहे हैं कि कैसे एक ट्रक ड्राइवर के बेटे होकर फिल्म इंडस्ट्री में आए और यहां अपना सिक्का जमाने में कामयाब हुए।

    किसी भी मिडिल क्लास फैमिली से आने वाले लड़के और लड़की के लिए फिल्म इंडस्ट्री में कदम जमाना आसान नहीं होता है। ऊपर से जब आपका कोई जानने वाला या गॉड फादर ना हो तो और भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ठीक वैसे ही ‘केजीएफ’ स्टार यश भी कन्नड़ की एक मिडिल क्लास फैमिली से आते हैं। यश का जन्म 8 जनवरी 1986 को कर्नाटक के हासन जिले के एक गांव भुवानाहल्ली में हुआ था। उनके पिता एक ट्रक ड्राइवर हैं। वो आज भी ट्रक चलाते हैं। यश के पिता कर्नाटक में KSRTC परिवहन सेवा में काम करते हैं। ऐसे में यश के लिए फिल्म इंडस्ट्री में आना आसान बात नहीं थी। उनका जीवन काफी संघर्षों से भरा रहा। सालों की मेहनत के बाद वो इंडस्ट्री में आज अपनी धाक जमाने में सफल हो पाए हैं।

    टीवी सीरियल्स से शुरू किया करियर
    यश के बचपन का नाम नवीन कुमार गौड़ा है। उनका बचपन मैसूर में बीता। वहीं से स्कूली शिक्षा ली। इसके बाद वो बिनाका नाटक मंडली का हिस्सा बन गए। उन्होंने जाने माने ड्रैमिस्ट B.V Karnath के बनाए बेनका ड्रामा के ग्रुप के साथ काम किया। बाद में स्ट्रगल करते हुए आगे बढ़े और टीवी सीरियल में काम करने का मौका मिला। उन्होंने एक्टिंग में डेब्यू कन्नड़ टीवी सीरियल ‘नंदा गोकुला’ से की। इसके बाद वो कई टीवी शोज का हिस्सा रहे। छोटे पर्दे के बाद फिल्मों में काम करने का मौका मिला।
    वो तीन फिल्में, जिसने पलटी किस्मत
    यश ने अपने करियर में 21 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। पहली बार वो 2007 में कन्नड़ फिल्म ‘जंबाडा हुदुगी’ के जरिए बड़े पर्दे पर नजर आए। इसमें उनका सेकेंड लीड रोल था। इसके बाद उनके करियर में अच्छे दिन भी आ गए। पहली बार उन्होंने साल 2010 में रिलीज हुई कन्नड़ फिल्म ‘मोदालासाला’ के जरिए पहली हिट थी। फिर 2014 में ‘मिस्टर एंड मिसेस रामचारी’ में नजर आए और ये फिल्म उनके करियर की बड़ी हिट साबित हुई। इसके बाद 2018 में मौका मिला ‘केजीएफ’ में काम करने का और उन्होंने इस फिल्म से इतिहास ही रच दिया। फिल्म ना केवल ब्लॉकबस्टर रही बल्कि इसने यश की किस्मत ही पलट दी। यश की इस मूवी की दीवनगी हिंदी बेल्ट में भी कमाल की देखने के लिए मिली। इसके बाद 2022 में फिल्म का सीक्वल आया और कमाई के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए।
    बहरहाल, अब अगर यश की अपकमिंग फिल्मों की बात की जाए तो ‘केजीएफ 2’ के बाद एक्टर ने कोई फिल्म नहीं की। उनकी अपकमिंग फिल्मों का फैंस को बेसब्री से इंतजार है। ऐसे में उनकी अपकमिंग फिल्म ‘टॉक्सिक’ है, जिसमें वो एक बार फिर से रॉकिंग स्टाइल में नजर आने वाले हैं। उनका ‘केजीएफ’ वाला ही अंदाज देखने के लिए फैंस बेताब हैं। इसे जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा। फिल्म में उनके साथ एक्ट्रेस कियारा आडवाणी भी अहम रोल में हैं।