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  • शिवपुरी की अमोला घाटी में गहरी खाई में गिरा ट्रॉला, ड्राइवर की मौत और हेल्पर गंभीर घायल..

    शिवपुरी की अमोला घाटी में गहरी खाई में गिरा ट्रॉला, ड्राइवर की मौत और हेल्पर गंभीर घायल..

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी जिले में अमोला घाटी के पास गुरुवार देर रात एक सड़क हादसे में ट्रॉला चालक की मौत हो गई, जबकि हेल्पर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा सुरवाया थाना क्षेत्र में वन देवी मैया मंदिर के नजदीक हुआ। ट्रॉला अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित गहरी खाई में जा गिरा। वाहन कानपुर से गुजरात के सूरत शहर की ओर जा रहा था। दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद घायल को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज शिवपुरी पहुंचाया गया।

    जानकारी के अनुसार, हादसा गुरुवार रात करीब 2:30 बजे हुआ। ट्रॉला अमोला घाटी में वन देवी मैया मंदिर के पास से गुजर रहा था। इसी दौरान वाहन का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क से नीचे गहरी खाई में गिर गया। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि ट्रॉला चला रहे राम अनुज चौधरी की मौके पर ही मौत हो गई। उनके साथ वाहन में मौजूद हेल्पर उमेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हादसे की जानकारी मिलने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई की एंबुलेंस मौके पर पहुंची। राहत सहायता के बाद घायल हेल्पर को मेडिकल कॉलेज शिवपुरी ले जाया गया। वहां उन्हें भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है। हादसे में चालक की मौत और हेल्पर के गंभीर रूप से घायल होने के बाद पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू की।

    मृतक चालक की पहचान राम अनुज चौधरी के रूप में हुई है। उनके पिता का नाम केशव चौधरी बताया गया है। वह उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले के ग्राम कैथवालिया, पोस्ट कैथवालिया, छपिया वसई के निवासी थे। दुर्घटना के बाद उनके शव का गुरुवार को पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद पुलिस नियमानुसार आगे की प्रक्रिया में जुटी है।

    वहीं, हादसे में घायल हेल्पर उमेश कुमार उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के निवासी हैं। उनके पिता का नाम राम असीह है। उनका पता इटौरा (मुझैली), अरदौना बताया गया है। दुर्घटना के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

    ट्रॉला कानपुर से सूरत जा रहा था। इस दौरान शिवपुरी जिले की अमोला घाटी में हुए हादसे ने वाहन चालक की जान ले ली। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दुर्घटना के समय ट्रॉला का संतुलन बिगड़ने के बाद वह खाई में गिरा था। वाहन अनियंत्रित होने की वजह और हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी पुलिस की आगे की कार्रवाई से सामने आ सकती है।

    अमोला घाटी का यह हादसा रात के समय हुआ, जब ट्रॉला वन देवी मैया मंदिर के पास से गुजर रहा था। दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि हुई है। घायल हेल्पर का इलाज मेडिकल कॉलेज शिवपुरी में किया जा रहा है, जबकि मृतक चालक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है। पुलिस मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई में जुटी है।

  • शिवपुरी में नो एंट्री के बावजूद घुसा ईंटों से भरा ट्रक, रामकिशन के दोनों पैर कुचले, व्यवस्था पर उठे सवाल

    शिवपुरी में नो एंट्री के बावजूद घुसा ईंटों से भरा ट्रक, रामकिशन के दोनों पैर कुचले, व्यवस्था पर उठे सवाल

    मध्य प्रदेश। शिवपुरी शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक और यातायात व्यवस्था के पालन को लेकर एक हादसे के बाद सवाल उठ रहे हैं। शहर के फतेहपुर क्षेत्र में पुलिस सहायता केंद्र के सामने ईंटों से भरे एक ट्रक की चपेट में आने से रामकिशन आदिवासी के दोनों पैर कुचल गए। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाने के बाद उनकी हालत को देखते हुए शासकीय मेडिकल कॉलेज शिवपुरी में भर्ती कराया गया।

    जानकारी के अनुसार, शिवपुरी निवासी 35 वर्षीय रामकिशन आदिवासी रविवार सुबह करीब 10:30 बजे फतेहपुर में पुलिस सहायता केंद्र के सामने स्थित तिराहे पर खड़े थे। इसी दौरान बड़ौदी की ओर से ईंटों से भरा एक ट्रक वहां पहुंचा। ट्रक का पंजीकरण नंबर यूपी 78 डीएन 1927 बताया गया है। तिराहे पर मुड़ते समय रामकिशन ट्रक के पहियों की चपेट में आ गए।

    इस हादसे में उनके दोनों पैर ट्रक के पहियों के नीचे आ गए, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। एक पैर में गंभीर चोट आने की जानकारी भी सामने आई है। घटनास्थल से उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। चोटों की गंभीरता को देखते हुए बाद में उन्हें शासकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। घटना के बाद क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही और नो एंट्री के नियमों के पालन को लेकर चिंता जताई जा रही है।

    हादसे की जगह को लेकर भी यातायात प्रबंधन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दुर्घटना फतेहपुर पुलिस सहायता केंद्र के सामने हुई, जबकि थीम रोड पर बड़ौदी स्थित चिंकारा प्लांटेशन के पास वन नाका मौजूद है। इसी स्थान के सामने से फतेहपुर की ओर जाने वाली पक्की सड़क जुड़ती है। इस मार्ग से शहर में भारी वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए करीब तीन साल पहले नगर पालिका ने हाइट लिमिट पोल लगाया था।

    हालांकि, कुछ समय बाद किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से यह पोल टूट गया। इसके बाद इसे दोबारा लगाने की दिशा में कार्रवाई नहीं होने की बात सामने आई है। ऐसे में भारी वाहनों को निर्धारित सीमा के भीतर रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण व्यवस्था लंबे समय से प्रभावी नहीं है। स्थानीय यातायात व्यवस्था में इस कमी को हादसे के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    यातायात पुलिस के अनुसार, नो एंट्री के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले भारी वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई जारी है। यातायात थाना शिवपुरी के प्रभारी रणवीर सिंह यादव ने बताया कि जनवरी से अब तक 78 वाहनों के चालान काटे गए हैं और उनसे 3.90 लाख रुपये का शमन शुल्क वसूला गया है। उन्होंने कहा कि यदि नगर पालिका हाइट लिमिट पोल दोबारा लगा देती है, तो भारी वाहनों के प्रवेश को रोकने में मदद मिलेगी।

    वहीं, संबंधित व्यवस्था को लेकर दिन के समय नो एंट्री में ट्रक और डंपरों का प्रवेश रोकने के लिए कदम उठाने की बात कही गई है। बड़ौदी वन नाके पर पहले लगे हाइट लिमिट पोल के बारे में जानकारी जुटाने और निर्धारित स्थान पर इसे फिर से लगवाने की बात भी कही गई है।

    रामकिशन के साथ हुए हादसे ने शहर में भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने और नो एंट्री के नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। अब इस मामले में हाइट लिमिट पोल दोबारा लगाने और प्रतिबंधित समय में भारी वाहनों का प्रवेश रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदम महत्वपूर्ण होंगे।

  • 308 पहियों वाले ‘बाहुबली’ ट्रक का क्यों बदला गया रूट? फुट ओवरब्रिज काटकर निकाला, अब इस रास्ते से लखीमपुर पहुंचेगा

    308 पहियों वाले ‘बाहुबली’ ट्रक का क्यों बदला गया रूट? फुट ओवरब्रिज काटकर निकाला, अब इस रास्ते से लखीमपुर पहुंचेगा


    लखीमपुर।
    उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के कुंभी में निर्माणाधीन चीनी मिल के प्लांट के लिए बेल्जियम से समुद्री मार्ग के जरिए लाया गया विशाल बॉयलर इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, इस भारी-भरकम मशीन से ज्यादा 308 पहियों वाला ट्रेलर लोगों का ध्यान खींच रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस ‘बाहुबली’ ट्रक के वीडियो तेजी से चर्चा में हैं। इसे देखने और वीडियो बनाने के लिए सड़क किनारे लोगों की भीड़ जुट रही है। फोटो और सेल्फी लेने के लिए उमड़ रही भीड़ के कारण ट्रेलर को आगे बढ़ने में परेशानी हो रही है। इसी के चलते इसके निर्धारित मार्ग में बदलाव करना पड़ा है।

    ट्रेलर को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए पुलिस की टीम साथ चल रही है। रास्ते में आने वाले संकेतक बोर्ड और फुट ओवरब्रिज जैसी बाधाओं को हटाने के लिए भी इंतजाम किए जा रहे हैं। गुरुवार को यह ट्रेलर हरहुआ से रिंग रोड फेज-1 होते हुए संदहा के पास पहुंचा। स्वर्वेद महामंदिर के नजदीक बने फुट ओवरब्रिज को इसके गुजरने के लिए देर शाम तक काटकर हटाया गया। इसके बाद ट्रेलर को वहां से निकाला गया।

    स्वर्वेद मंदिर के पास फुट ओवरब्रिज बना बाधा

    करीब 200 टन वजनी बॉयलर लेकर चल रहा 308 पहियों वाला ट्रेलर हरहुआ से आगे बढ़ते हुए उमरहां के पास पहुंचा तो स्वर्वेद महामंदिर के सामने बना पैदल फुट ओवरब्रिज रास्ते में बाधा बन गया। भारी-भरकम ट्रेलर को निकालने के लिए ओवरब्रिज के हिस्से को काटने का काम शुरू किया गया। इस दौरान आसपास के लोग विशाल ट्रक को देखने के लिए जमा रहे।

    ट्रेलर के हरहुआ, संदहा और उमरहां सहित विभिन्न स्थानों से गुजरने के दौरान बड़ी संख्या में लोग वीडियो और रील बनाते नजर आए। लोगों की भीड़ के चलते वाहन की रफ्तार प्रभावित हुई। संभावना जताई गई कि ट्रेलर गुरुवार देर रात उमरहां पहुंचेगा, जिसके बाद वह गाजीपुर की ओर रवाना होगा।

    डाफी टोल प्लाजा पर 693 रुपये का टोल

    लखीमपुर खीरी के लिए बॉयलर लेकर जा रहा मल्टी-एक्सल वैक्यूम ट्रेलर बुधवार दोपहर करीब 12 बजे के बाद डाफी टोल प्लाजा से आगे बढ़ा। यहां ट्रेलर से 693 रुपये टोल लिया गया। इसके बाद वाहन उल्टी लेन से रखौना होते हुए रिंग रोड पर पहुंचा। गंजारी स्टेडियम के पास ट्रेलर अपनी निर्धारित लेन में आया और देर शाम कोईराजपुर के पास पहुंचा।

    बॉयलर लेकर चलने वाला यह ट्रेलर डाफी टोल प्लाजा से अखरी, लठिया, कन्नाडाड़ी और मोहनसराय होते हुए राजातालाब की ओर बढ़ा था। गुरुवार सुबह इसे संदहा के रास्ते आगे गाजीपुर की ओर रवाना किया गया।

    ट्रेलर निकालने के लिए हटाए गए संकेतक और ओवरब्रिज

    करीब 200 टन वजनी यह विशाल ट्रेलर बॉयलर के साथ दोपहर करीब 1:30 बजे मोहनसराय पहुंचा। यहां रास्ते में लगे संकेतक बोर्ड को हटाना पड़ा। मोहनसराय-गंगापुर मोड़ पर फुट ओवरब्रिज को भी पहले ही काटकर हटाया जा चुका था।

    ट्रेलर के पहुंचने पर जेसीबी की मदद से संकेतक और फुट ओवरब्रिज के हिस्सों को ऊपर उठाकर रास्ता साफ किया गया। वाहन के गुजरने के बाद आवश्यक हिस्सों को दोबारा व्यवस्थित किया गया। ट्रेलर रखौना होते हुए रिंग रोड फेज-2 से आगे बढ़ा। इसके सुरक्षित आवागमन के लिए संबंधित मार्गों पर कुछ समय के लिए सामान्य यातायात भी रोका जाता रहा।

    दलदली जमीन में फंस गया था ट्रेलर

    इससे पहले भी 308 पहियों वाले ट्रेलर को रास्ते में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। बेल्जियम से समुद्री मार्ग के जरिए ओडिशा पहुंचे इस ओवर डायमेंशन कार्गो बॉयलर को सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश लाया जा रहा है। बिहार के नौबतपुर बॉर्डर पर पहुंचने के बाद ट्रेलर शुक्रवार को कटसिला के पास हाईवे पर रात होने के कारण रोक दिया गया था।

    शनिवार को पचफेड़वा के पास रिंग रोड के पुल के कारण ट्रेलर को वैकल्पिक मार्ग से निकालने की योजना बनाई गई, लेकिन निर्धारित तरीके से आगे बढ़ना संभव नहीं हो सका। रविवार को बॉयलर लेकर चल रहा ट्रेलर रेवसा के पास रिंग रोड की पूर्वी सर्विस लेन पर पहुंचा। आगे जमीन दलदली होने के कारण उसे वहीं रोकना पड़ा। बाद में देर शाम ट्रेलर रिंग रोड पार कर पश्चिमी लेन तक पहुंचा। रिपोर्ट के अनुसार, वाहन चंदौली में भी करीब दो दिन तक फंसा रहा, जहां से उसे निकालने के लिए रास्ता तैयार किया गया।

    देश के पहले बायोप्लास्टिक प्लांट के लिए लाया जा रहा बॉयलर

    यह विशाल बॉयलर लखीमपुर खीरी जिले के कुंभी में मैसर्स बलराम चीनी मिल लिमिटेड की ओर से बनाए जा रहे बायोप्लास्टिक यानी पॉलीलैक्टिक एसिड (पीएलए) विनिर्माण संयंत्र के लिए लाया जा रहा है। इसे देश के पहले बायोप्लास्टिक विनिर्माण संयंत्र के रूप में बताया जा रहा है।

    इस विशेष उपकरण की लंबाई करीब 41 मीटर, चौड़ाई 6 मीटर और ऊंचाई 7 मीटर है। इसका वजन 164.28 मीट्रिक टन बताया गया है। इसे ले जाने के लिए 308 पहियों वाले विशेष ट्रेलर का इस्तेमाल किया जा रहा है।

    ट्रैफिक पुलिस ने ट्रेलर को चंदौली जिले की सीमा से सुरक्षित निकालकर वाराणसी में प्रवेश कराया। अब सड़क की स्थिति, रास्ते में आने वाली बाधाओं और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इसे आगे बढ़ाया जा रहा है।

  • प्रयागराज से तिरुचानूर के बीच चलेगी नई स्पेशल ट्रेन, जबलपुर समेत कई शहरों को सीधी कनेक्टिविटी

    प्रयागराज से तिरुचानूर के बीच चलेगी नई स्पेशल ट्रेन, जबलपुर समेत कई शहरों को सीधी कनेक्टिविटी

    मध्य प्रदेश : के मंदसौर जिले में शनिवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में महिला और छह साल की बच्ची की मौत हो गई, जबकि 19 लोग घायल हो गए। दुर्घटना दलौदा थाना क्षेत्र के लखमा खेड़ी गांव के पास फोरलेन हाईवे पर हुई, जहां मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी।

    टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। वाहन में सवार मजदूर उसके नीचे दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।

    ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार सभी मजदूर रतलाम जिले के रावटी क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। ये मजदूर रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण से जुड़े काम में मजदूरी करने के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली से उज्जैन लौट रहे थे। इसी दौरान लखमा खेड़ी गांव के पास पीछे से आए ट्रक ने उनके वाहन को टक्कर मार दी।

    दुर्घटना की सूचना मिलते ही दलौदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया। ट्रैक्टर-ट्रॉली के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

    हादसे में जान गंवाने वाली महिला की पहचान बसंती बाई के रूप में हुई है, जबकि मृत बच्ची छह वर्षीय प्रियंका थी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया।

    दुर्घटना में कुल 19 लोग घायल हुए हैं। इनमें छह घायलों की हालत बेहद नाजुक बताई गई है। सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। हादसे में घायल लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकों की निगरानी में इलाज किया जा रहा है।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे। एडीएम एकता जायसवाल ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और चिकित्सकों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से मृतकों और घायलों के परिजनों को घटना की जानकारी दी गई।

    हादसे के बाद पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस ट्रक की रफ्तार, चालक की लापरवाही और टक्कर के कारणों सहित अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

    यह हादसा उस समय हुआ जब मजदूर काम पूरा करने के बाद वापस लौट रहे थे। अचानक पीछे से हुई टक्कर के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई और उसमें सवार लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना देने के साथ राहत कार्य में भी मदद की।

    फिलहाल घायलों का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। छह लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उनके इलाज पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच आगे बढ़ा रही है और दुर्घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है।

  • मंदसौर में मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को ट्रक ने मारी टक्कर, महिला और छह साल की बच्ची की मौत

    मंदसौर में मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को ट्रक ने मारी टक्कर, महिला और छह साल की बच्ची की मौत

    मध्य प्रदेश : के मंदसौर जिले में शनिवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में महिला और छह साल की बच्ची की मौत हो गई, जबकि 19 लोग घायल हो गए। दुर्घटना दलौदा थाना क्षेत्र के लखमा खेड़ी गांव के पास फोरलेन हाईवे पर हुई, जहां मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी।

    टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। वाहन में सवार मजदूर उसके नीचे दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।

    ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार सभी मजदूर रतलाम जिले के रावटी क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। ये मजदूर रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण से जुड़े काम में मजदूरी करने के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली से उज्जैन लौट रहे थे। इसी दौरान लखमा खेड़ी गांव के पास पीछे से आए ट्रक ने उनके वाहन को टक्कर मार दी।

    दुर्घटना की सूचना मिलते ही दलौदा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया। ट्रैक्टर-ट्रॉली के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

    हादसे में जान गंवाने वाली महिला की पहचान बसंती बाई के रूप में हुई है, जबकि मृत बच्ची छह वर्षीय प्रियंका थी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया।

    दुर्घटना में कुल 19 लोग घायल हुए हैं। इनमें छह घायलों की हालत बेहद नाजुक बताई गई है। सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। हादसे में घायल लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकों की निगरानी में इलाज किया जा रहा है।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे। एडीएम एकता जायसवाल ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और चिकित्सकों को आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से मृतकों और घायलों के परिजनों को घटना की जानकारी दी गई।

    हादसे के बाद पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस ट्रक की रफ्तार, चालक की लापरवाही और टक्कर के कारणों सहित अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

    यह हादसा उस समय हुआ जब मजदूर काम पूरा करने के बाद वापस लौट रहे थे। अचानक पीछे से हुई टक्कर के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई और उसमें सवार लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना देने के साथ राहत कार्य में भी मदद की।

    फिलहाल घायलों का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। छह लोगों की हालत गंभीर होने के कारण उनके इलाज पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच आगे बढ़ा रही है और दुर्घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है।

  • धार में मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से मारी टक्कर, बच्चों समेत 12 मजदूर घायल

    धार में मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से मारी टक्कर, बच्चों समेत 12 मजदूर घायल

    मध्यप्रदेश । धार जिले के अमझेरा थाना क्षेत्र में इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार देर रात मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से आए तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। यह हादसा आतेड़ी फाटा और खाखेड़ी फाटा के बीच रात करीब 12 बजकर 32 मिनट पर हुआ। टक्कर के बाद ट्रॉली में सवार कई मजदूर नीचे गिर गए। हादसे में बच्चों समेत करीब 10 से 12 मजदूर घायल हुए हैं।

    जानकारी के अनुसार ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार सभी मजदूर गुजरात के दाहोद से महाराष्ट्र के नागपुर मजदूरी करने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर पीछे से आ रहे ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही ट्रॉली में बैठे कई मजदूर नीचे गिर पड़े और मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

    हादसे के दौरान राहत की बात यह रही कि ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी नहीं। ट्रॉली के पलटने की स्थिति में हादसा और गंभीर हो सकता था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सहायता वाहन के अमझेरा टीम के सैनिक रतन भाभर और पायलट नरेंद्र सिंह पटेल तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। दोनों ने बिना समय गंवाए घायल मजदूरों को उपचार के लिए अमझेरा अस्पताल पहुंचाया।

    अमझेरा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के बाद सभी घायलों का प्राथमिक उपचार शुरू किया गया। चिकित्सकीय जांच के दौरान कुछ घायलों को गंभीर चोटें आने की बात सामने आई। इसके बाद पांच गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए धार जिला अस्पताल रेफर किया गया। इनमें एक घायल की हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं, अन्य घायल मजदूरों का उपचार अमझेरा अस्पताल में ही जारी है।

    हादसे में बच्चों के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है। मजदूरी के लिए गुजरात के दाहोद से महाराष्ट्र के नागपुर जा रहे इन मजदूरों की यात्रा के दौरान यह दुर्घटना हुई। ट्रक की टक्कर के बाद ट्रॉली में बैठे लोगों के नीचे गिरने से कई लोगों को चोटें आईं। हादसे के बाद पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

    घटना के संबंध में अमझेरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने हादसे के बाद आगे की वैधानिक जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना देर रात राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई, जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली को पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मारी। फिलहाल घायल मजदूरों में पांच को धार जिला अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया है, जबकि बाकी घायलों का इलाज अमझेरा स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है।

    इस सड़क हादसे के बाद घायल मजदूरों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया गया। पुलिस ने मामले को दर्ज करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच शुरू कर दी है। हादसे में शामिल मजदूर दाहोद से नागपुर मजदूरी के लिए जा रहे थे और दुर्घटना धार जिले के अमझेरा थाना क्षेत्र में इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई।

  • मुरैना में जन्माष्टमी पर मातम: मंदिर से लौट रही तीन महिलाओं को कंटेनर ने रौंदा, सास-बहू सहित एक अन्य की मौत

    मुरैना में जन्माष्टमी पर मातम: मंदिर से लौट रही तीन महिलाओं को कंटेनर ने रौंदा, सास-बहू सहित एक अन्य की मौत


    मुरैना। जन्माष्टमी की खुशी मातम में बदल गई। राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर शनिवार तडक़े तेज रफ्तार कंटेनर ने तीन महिलाओं को कुचल दिया। तीनों महिलाएं घिरोना हनुमान मंदिर में श्रीकृष्ण जन्म के दर्शन कर घर लौट रही थीं। हादसे में तीनों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार हादसा तडक़े करीब 4 बजे का है। हरफूल का पुरा गांव की रहने वाली महिलाएं रात में घिरोना हनुमान मंदिर में आयोजित जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं। दर्शन के बाद तीनों पैदल ही हाईवे किनारे से अपने घर लौट रही थीं। तभी दिल्ली की ओर जा रहे तेज रफ्तार कंटेनर ने उन्हें पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सास-बहू गंभीर रूप से घायल हो गईं। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
    सिविल लाइन थाना पुलिस ने घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।
    इन महिलाओं की हुई मौत –
    मृतकों की पहचान कमला कुशवाहा पत्नी फूल सिंह (50), कमला कुशवाहा पत्नी बालकिशन (50) और पूनम कुशवाहा पत्नी धर्मवीर (28) के रूप में हुई है। तीनों हरफूल का पुरा, थाना सिविल लाइन की निवासी थीं।
    बताया जा रहा है कि पूनम अपनी दो सास के साथ मंदिर गई थी। हादसे के बाद कंटेनर चालक नियंत्रण खो बैठा और सडक़ किनारे बनी कुछ दुकानों में जा घुसा। इससे दुकानों को भी नुकसान पहुंचा है।
    ग्रामीणों ने कंटेनर को घेर लिया और चालक को पकडक़र पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने कंटेनर को जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया है।
    तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। गांव में एक साथ तीन अर्थियां उठने से पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
    सरपंच राजपाल सिंह कुशवाहा ने बताया कि तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से 3 महिलाओं की मौत हुई है। जिसमें सास-बहु है। यह बहुत ही दर्दनाक हादसा है। ग्रामीणों ने चालक को पकड़ लिया है। पुलिस को चाहिए कि वाहनों की रफ्तार को कंट्रोल मे करवाएं।
    नगर पुलिस अधीक्षक दीपाल चंदोरिया ने बताया कि थाना सिविल लाइन मे ट्रक की चपेट मे आने से तीन महिलाओं की मौत हो गई है। एक की मौके पर मौत हो गई थी। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और चालक को भी पकड़ लिया है। मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
  • भिंड में भीषण सड़क हादसा, गायों को बचाने के चक्कर में ट्रक से टकराई पिकअप, 8 मजदूरों की मौत- 23 घायल

    भिंड में भीषण सड़क हादसा, गायों को बचाने के चक्कर में ट्रक से टकराई पिकअप, 8 मजदूरों की मौत- 23 घायल


    भिंड/ग्वालियर । मध्य प्रदेश के भिंड में नेशनल हाईवे-719 पर सोमवार देर रात करीब 1 बजे सड़क पर बैठी गायों को बचाने के प्रयास में तेज रफ्तार पिकअप सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। इस दर्दनाक हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 23 लोग घायल हो गए। पिकअप में सवार सभी 29 मजदूर ग्वालियर से धान की रोपाई का काम निपटाकर अपने घर उत्तर प्रदेश लौट रहे थे।

    मध्य प्रदेश के भिंड जिले में गोहद के छीमका गांव के पास नेशनल हाईवे-719 पर सोमवार देर रात करीब 1 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। ग्वालियर से धान की रोपाई का काम पूरा कर उत्तर प्रदेश लौट रहे मजदूरों से भरी एक तेज रफ्तार पिकअप सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 23 लोग घायल हो गए। घायलों में ट्रक ड्राइवर भी शामिल है।

    गोहद चौराहा थाना प्रभारी रामनरेश यादव के मुताबिक, पिकअप की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा होने का अनुमान है। छीमका गांव के पास हाईवे पर कुछ गायें सड़क पर बैठी थीं। अचानक सामने आए मवेशियों को बचाने के प्रयास में ड्राइवर ने पिकअप मोड़ी, जिससे वह अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि पिकअप के परखचे उड़ गए और उसमें सवार मजदूरों को गंभीर चोटें आईं। शुरुआती जांच में सड़क पर बैठी गायों को बचाने की कोशिश को ही हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।

    घायल नंदलाल पिता छेन बिहारी ने बताया कि पिकअप में कुल 29 मजदूर सवार थे, जो अलग-अलग गांवों के रहने वाले थे। ये सभी मजदूर ग्वालियर क्षेत्र में धान की रोपाई के लिए आए थे और काम खत्म कर यूपी के लखीमपुर खीरी स्थित अपने गांव लौट रहे थे। हादसे के तुरंत बाद पहले चार मजदूरों की मौत और 25 के घायल होने की जानकारी आई थी, लेकिन बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हो गई।

    हादसे की सूचना मिलते ही गोहद चौराहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को वाहन से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। मृतकों में से पांच शवों को गोहद और तीन शवों को ग्वालियर के अस्पताल में रखा गया है, जहां उनकी पहचान की जा रही है। हादसे के बाद कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर बहाल कराया।

  • विदिशाः तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े डंपर में टकराई, तीन युवकों की मौत और तीन घायल

    विदिशाः तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े डंपर में टकराई, तीन युवकों की मौत और तीन घायल


    विदिशा।
    मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के कुरवाई थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े डंपर से जा टकराई। इस हादसे में कार सवार तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार, कुरवाई निवासी तन्मय शर्मा का रविवार को जन्मदिन था। वह अपने पांच दोस्तों के साथ शिवशंकर ढाबे में पार्टी करने गया था। सभी युवक दोस्त की जन्मदिन की पार्टी से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान रात्रि करीब 1.30 बजे कुरवाई रोड पर मेलुआ चौराहे पर कृष्णा ढाबा के पास उनकी कार सड़क किनारे खड़े डंपर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा डंपर के पिछले हिस्से में फंस गया और वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। हादसे के बाद शवों को बाहर निकालने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। जेसीबी मशीन का उपयोग किया गया और सीटें काटकर शवों को बाहर निकाला गया।।

    कुरवाई थाना प्रभारी शैलेंद्र नायक ने बताया कि मृतकों की पहचान 21 वर्षीय अंकित साहू, 19 वर्षीय तन्मय शर्मा और 30 वर्षीय जगदीश साहू के रूप में हुई। जगदीश साहू कार चला रहा था। अंकित साहू आगे की सीट पर और तन्मय शर्मा बीच की सीट पर बैठा था। हादसे में जगदीश गोंड, मोंटी अहिरवार और तन्मय श्रीवास्तव गंभीर रूप से घायल हैं। उन्हें पहले कुरवाई अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति के कारण विदिशा जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है और मामले को जांच में लिया है।

  • सागर जिले में सड़क हादसे में मुरैना के 4 बीडीएस जवानों की मौतएक घायल

    सागर जिले में सड़क हादसे में मुरैना के 4 बीडीएस जवानों की मौतएक घायल


    सागर । मध्य प्रदेश के सागर जिले के बांदरी मालथौन क्षेत्र में 5 दिसंबर2023 की सुबह करीब 4 बजे एक गंभीर सड़क दुर्घटना ने चार बीडीएस जवानों की जान ले ली। यह हादसा नेशनल हाईवे 44 पर हुआजब मुरैना जिले के बम एंड डॉग स्क्वॉड BDS के जवान बालाघाट से ड्यूटी करके लौट रहे थे। दुर्घटना में मुरैना बीडीएस के चार जवानों की मौत हो गई और एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया।

    जानकारी के अनुसारयह घटना एक ट्रक और बम एंड डॉग स्क्वॉड वाहन के बीच आमने-सामने की टक्कर से हुई। घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। इस हादसे में चार जवानों की मौत हो गईजबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल है। घायल जवान को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती किया गयाऔर बाद में उनकी स्थिति को देखते हुए दिल्ली के गंगा राम अस्पताल के लिए एयर एंबुलेंस से रेफर किया गया।

    हादसे में मारे गए जवानों के नाम

    प्रधुमन दीक्षित मुरैना अमन कौरव मुरैना परमलाल तोमर मुरैनाड्राइवर विनोद शर्मा भिंडडॉग मास्टर दुर्घटना के बाद एक और जवान राजीव चौहान मुरैनाघायल हुआजिनका इलाज सागर के बंसल अस्पताल में चल रहा है। राहत की बात यह है कि हादसे में वाहन में सवार डॉग पूरी तरह सुरक्षित है और उसे कोई चोट नहीं आई।

    हादसे की जानकारी

    मिली जानकारी के अनुसारये सभी जवान बम एंड डॉग स्क्वॉड BDSके सदस्य थे और बालाघाट में अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद मुरैना लौट रहे थे। यह वाहन सड़क पर तेज गति से चल रहा थातभी सामने से आ रहे ट्रक के साथ यह टक्कर हो गई। दुर्घटना के कारण वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार जवानों को गंभीर चोटें आईं। इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है और स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    प्रशासन की प्रतिक्रिया

    घटना के बाद सागर पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। साथ हीपुलिस अधिकारियों ने अस्पताल में घायल जवान का इलाज सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक इंतजाम किए। सागर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी बंसल अस्पताल में इलाज की निगरानी कर रहे हैंताकि घायल जवान को सर्वोत्तम इलाज मिल सके।

    सड़क सुरक्षा की आवश्यकता

    यह हादसा इस बात की ओर इशारा करता है कि मध्य प्रदेश के कई प्रमुख राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा की स्थिति अभी भी गंभीर है। यहां नियमित दुर्घटनाएं होती रहती हैंऔर यह घटना उसी का एक और उदाहरण है। प्रशासन और संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता हैताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

    समाज और सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी क्षति

    मुरैना के इन चार जवानों की मौत ने न केवल उनके परिवारों को बल्कि पूरे प्रदेश को शोक में डुबो दिया है। बीडीएस टीम के ये जवान अपने कर्तव्यों को निभाने के लिए हमेशा तत्पर रहते थेऔर उनकी शहादत इस बात का प्रमाण है कि वे अपने काम के प्रति कितने समर्पित थे। इन जवानों ने अपनी जान की बाजी लगाकर सुरक्षा का काम किया थाऔर आज उनके बलिदान को याद किया जाएगा। यह घटना एक दुखद है कि हमें सड़क सुरक्षा को लेकर और अधिक सतर्क रहने की जरूरत हैऔर साथ ही सुरक्षा बलों की जिंदगियों की अहमियत को समझना चाहिए।