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  • जापान में 7.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से हिली धरती, कई प्रांतों के लिए सुनामी अलर्ट जारी..

    जापान में 7.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप से हिली धरती, कई प्रांतों के लिए सुनामी अलर्ट जारी..

    नई दिल्ली । जापान के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में मंगलवार को आए 7.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने व्यापक क्षेत्र में लोगों को दहशत में डाल दिया। भूकंप का केंद्र कुमामोटो प्रांत के आसपास दर्ज किया गया। तेज झटकों के तुरंत बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने सुनामी की चेतावनी जारी करते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी। प्रशासन ने संभावित खतरे को देखते हुए कई क्षेत्रों में आपातकालीन अलर्ट भी जारी कर दिया है।

    जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, भूकंप रिक्टर पैमाने पर 7.1 तीव्रता का था। झटके इतने तेज थे कि कुमामोटो सहित आसपास के कई क्षेत्रों में इमारतें हिलने लगीं और लोग घरों तथा कार्यालयों से बाहर निकल आए। प्रारंभिक आकलन के अनुसार समुद्र में लगभग एक मीटर ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई गई है, जिसके चलते तटीय क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

    भूकंप के तुरंत बाद जापान सरकार ने इमरजेंसी भूकंप चेतावनी प्रणाली सक्रिय कर दी। इसके तहत दक्षिणी क्यूशू द्वीप के कई प्रांतों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया गया। कुमामोटो के अलावा नागासाकी, कागोशिमा, फुकुओका, सागा, ओइता और मियाज़ाकी प्रांतों में प्रशासन ने लोगों से आधिकारिक निर्देशों का पालन करने और समुद्र तटों से दूर रहने की अपील की है।

    सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। राहत और बचाव दलों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।

    जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है। देश प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जहां कई टेक्टोनिक प्लेटें आपस में मिलती हैं। इसी कारण यहां समय-समय पर मध्यम और तेज तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। जापान ने वर्षों के अनुभव के आधार पर उन्नत भूकंप चेतावनी प्रणाली और आपदा प्रबंधन तंत्र विकसित किया है, जिससे लोगों को समय रहते सतर्क किया जा सके।

    विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े भूकंप के बाद कुछ समय तक आफ्टरशॉक आने की संभावना बनी रहती है। इसी कारण प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने तटीय इलाकों में रहने वाले नागरिकों से समुद्र के किनारे जाने से बचने और जरूरत पड़ने पर ऊंचे एवं सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का आग्रह किया है।

    फिलहाल प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। भूकंप के बाद विभिन्न सरकारी एजेंसियां नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं। साथ ही परिवहन, संचार और अन्य आवश्यक सेवाओं की स्थिति की भी समीक्षा की जा रही है। यदि स्थिति में कोई नया बदलाव होता है तो संबंधित अधिकारियों द्वारा समय-समय पर नई जानकारी जारी की जाएगी। अभी तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित विभाग अलर्ट मोड पर काम कर रहे हैं।

  • भूकंप के झटकों से हिला जापान…. 7.6 रही तीव्रता, सुनामी का अलर्ट जारी….

    भूकंप के झटकों से हिला जापान…. 7.6 रही तीव्रता, सुनामी का अलर्ट जारी….


    टोक्यो।
    जापान (Japan) में सोमवार रात धरती डोल उठी। यहां तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के मुताबिक, रिक्टर स्केल (Richter scale) पर भूकंप (Earthquake) की तीव्रता 7.6 मापी गई है. इसके तुरंत बाद उत्तर-पूर्वी तट पर 3 मीटर (10 फीट) तक ऊंची सुनामी आने की चेतावनी (Tsunami warning) जारी की गई है. प्रशासन ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए कहा है. यह चेतावनी होक्काइडो, आओमोरी और इवाते प्रान्तों के लिए जारी की गई है, जहां खतरा सबसे ज्यादा है. भूकंप का केंद्र तट से दूर बताया जा रहा है, लेकिन इसके झटके इतने तेज थे कि लोग घरों से बाहर निकल आए।

    रात के अंधेरे में 10 फीट ऊंची लहरों का खौफ: भूकंप के झटके रात करीब 11:15 बजे महसूस किए गए. इतनी रात गए आए भूकंप ने लोगों को दहशत में डाल दिया. जेएमए ने साफ कहा है कि समुद्र में हलचल तेज है और 10 फीट तक ऊंची लहरें तट से टकरा सकती हैं. जापान के उत्तर और पूर्व के एक बड़े हिस्से में झटके महसूस किए गए. एजेंसी ने लोगों से अपील की है कि वे समुद्र तट से दूर रहें और सुरक्षित ठिकानों पर शरण लें।

    होक्काइडो और आओमोरी में रेड अलर्ट: सुनामी की चेतावनी के बाद होक्काइडो, आओमोरी और इवाते प्रान्तों में सायरन बजने लगे हैं. स्थानीय प्रशासन ने इमरजेंसी सेवाओं को अलर्ट मोड पर डाल दिया है. 7.6 की तीव्रता वाला भूकंप बेहद खतरनाक माना जाता है. इससे इमारतों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका है. फिलहाल नुकसान की विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।