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  • शिल्पा शिंदे के बयान से मचा बवाल, बोलीं- मैं अपनी बीमारी का ढिंढोरा नहीं पीटती

    शिल्पा शिंदे के बयान से मचा बवाल, बोलीं- मैं अपनी बीमारी का ढिंढोरा नहीं पीटती


    नई दिल्ली। टीवी जगत में इन दिनों शिल्पा शिंदे और हिना खान के बीच बयानबाजी चर्चा का विषय बनी हुई है। विवाद की शुरुआत तब हुई जब शिल्पा शिंदे ने हाल ही में स्वीकार किया कि उन्होंने वर्षों पहले लोकप्रिय धारावाहिक ‘भाभी जी घर पर हैं’ के निर्माता पर लगाया गया यौन उत्पीड़न का आरोप झूठा था। इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा और कई कलाकारों ने भी उनके बयान पर नाराजगी जताई।

    इसी क्रम में हिना खान ने भी शिल्पा के बयान को शर्मनाक बताते हुए सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। हिना का कहना था कि इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा नुकसान उस व्यक्ति को हुआ, जिस पर आरोप लगाए गए थे। उनके इस बयान के बाद अब शिल्पा शिंदे ने भी तीखा जवाब दिया है।

    एक बातचीत के दौरान शिल्पा ने कहा कि लोग उनके नाम का इस्तेमाल कर सुर्खियां बटोरना बंद नहीं कर रहे हैं। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ लोग अपनी बीमारी, निजी परेशानियों और परिवार के सदस्यों की मृत्यु जैसे संवेदनशील मुद्दों को भी सार्वजनिक चर्चा का विषय बनाकर सहानुभूति और पब्लिसिटी हासिल करने की कोशिश करते हैं।

    हालांकि शिल्पा ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को हिना खान की ओर इशारा माना जा रहा है। हाल के वर्षों में हिना खान ने अपनी स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों और निजी जीवन के कठिन दौर को लेकर खुलकर बात की है, जिसके चलते शिल्पा की टिप्पणी को सीधे उन्हीं से जोड़कर देखा जा रहा है।

    शिल्पा शिंदे ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अब जाकर पुराने मामले की सच्चाई इसलिए बताई क्योंकि वह इस बात का बोझ और नहीं उठाना चाहती थीं। उनके मुताबिक, उस समय वह कॉन्ट्रैक्ट और भुगतान से जुड़े विवादों में फंसी हुई थीं और उन्हें लगा था कि उस परिस्थिति से निकलने का यही रास्ता है। उन्होंने कहा कि यदि उस मामले में गलत कानूनी कार्रवाई होती, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

    दूसरी ओर, हिना खान पहले ही शिल्पा के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दे चुकी हैं और इसे बेहद गैर-जिम्मेदाराना बताया था। ऐसे में दोनों अभिनेत्रियों के बीच शुरू हुई यह जुबानी जंग अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का केंद्र बन गई है।

    फिलहाल, इस विवाद ने टीवी इंडस्ट्री में एक नई बहस छेड़ दी है कि सार्वजनिक मंचों पर दिए गए पुराने आरोपों और बाद में उनके खंडन का असर संबंधित लोगों की प्रतिष्ठा और करियर पर कितना गहरा पड़ सकता है।

  • शादी के 10 साल बाद दिव्यांका त्रिपाठी के घर गूंजी डबल खुशियां, जुड़वा बेटों के आगमन से परिवार में जश्न

    शादी के 10 साल बाद दिव्यांका त्रिपाठी के घर गूंजी डबल खुशियां, जुड़वा बेटों के आगमन से परिवार में जश्न

    नई दिल्ली । टेलीविजन जगत की लोकप्रिय अभिनेत्री दिव्यांका त्रिपाठी और उनके पति विवेक दहिया के जीवन में एक नई खुशी ने दस्तक दी है। शादी के करीब दस साल बाद यह चर्चित जोड़ी माता-पिता बन गई है। परिवार में जुड़वा बेटों के जन्म के साथ खुशियों का माहौल और भी खास हो गया है। इस खबर के सामने आते ही उनके चाहने वालों और मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिला। लंबे समय से इस पल का इंतजार कर रहे प्रशंसकों के लिए यह खबर किसी खास सरप्राइज से कम नहीं रही।

    दिव्यांका और विवेक ने अपने प्रशंसकों के साथ यह खुशी बेहद खास अंदाज में साझा की। उन्होंने एक प्यारे संदेश के जरिए बताया कि उनके परिवार में दो नई खुशियां आई हैं। अपने भावनात्मक संदेश में उन्होंने कहा कि वे अपने जीवन के इस खूबसूरत पल का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे और अब उनकी दुनिया पहले से कहीं ज्यादा खूबसूरत महसूस हो रही है। उन्होंने अपने दोनों बेटों को प्यार भरे अंदाज में ‘करण-अर्जुन’ कहकर संबोधित किया, जिसने प्रशंसकों का ध्यान तुरंत अपनी ओर खींच लिया। उनके इस अंदाज को लोगों ने काफी पसंद किया और सोशल मीडिया पर बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया।

    इस खुशी को साझा करने के लिए दंपति ने एक खास पोस्ट भी जारी किया। पोस्ट में दो छोटे बच्चों की तस्वीर दिखाई गई, जिसने प्रशंसकों का दिल जीत लिया। साथ में लिखा गया संदेश भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। इसमें बताया गया कि उन्होंने खुशियां मांगी थीं और उन्हें दोगुनी खुशियां मिल गईं। इस संदेश ने उनके जीवन के इस खास पड़ाव को और भी भावुक बना दिया।

    कुछ समय पहले ही दंपति ने अपने जीवन में आने वाली इस नई खुशी की जानकारी साझा की थी। इसके बाद दिव्यांका ने अपने जीवन के इस विशेष दौर की कई खूबसूरत झलकियां भी प्रशंसकों के साथ साझा की थीं। उनके अलग-अलग फोटोशूट और खास पलों की तस्वीरों को लोगों ने काफी पसंद किया। प्रशंसकों ने भी लगातार उनके नए सफर के लिए प्यार और शुभकामनाएं दीं।

    दिव्यांका और विवेक की कहानी भी उनके प्रशंसकों के बीच हमेशा चर्चा का विषय रही है। दोनों की मुलाकात एक लोकप्रिय धारावाहिक के सेट पर हुई थी। धीरे-धीरे दोस्ती ने गहरा रिश्ता अपनाया और फिर यह रिश्ता प्यार में बदल गया। कुछ समय बाद दोनों ने शादी कर अपने नए जीवन की शुरुआत की। वर्षों से यह जोड़ी दर्शकों की पसंदीदा जोड़ियों में शामिल रही है और अब परिवार में जुड़वा बेटों के आगमन ने उनकी जिंदगी में एक और खूबसूरत अध्याय जोड़ दिया है। परिवार में आई इस डबल खुशी ने घर के साथ-साथ उनके चाहने वालों के चेहरों पर भी मुस्कान ला दी है।

  • ‘इशिता’ की तारीफ में बोलीं रुहानिका धवन: दिव्यांका त्रिपाठी हैं असली आयरन वुमन..

    ‘इशिता’ की तारीफ में बोलीं रुहानिका धवन: दिव्यांका त्रिपाठी हैं असली आयरन वुमन..


    नई दिल्ली । लोकप्रिय टीवी शो ‘ये है मोहब्बतें’ में मां-बेटी की भावनात्मक कहानी से दर्शकों का दिल जीतने वाली जोड़ी आज भी लोगों की यादों में ताजा है। इसी बीच शो में ‘रूही भल्ला’ का किरदार निभाने वाली रुहानिका धवन ने अपनी ऑन-स्क्रीन मां ‘इशिता भल्ला’ यानी दिव्यांका त्रिपाठी को लेकर दिल से निकली हुई तारीफ साझा की है।

    रुहानिका ने दिव्यांका को ‘आयरन वुमन’ बताते हुए कहा कि उनके अंदर एक ऐसी मजबूती है, जो हर चुनौती का सामना सहजता से कर सकती हैं। उनके अनुसार दिव्यांका न केवल एक बेहतरीन कलाकार हैं, बल्कि एक ऐसे व्यक्तित्व की मालकिन भी हैं जो मुश्किल परिस्थितियों में भी धैर्य और आत्मविश्वास बनाए रखना सिखाती हैं।

    उन्होंने यह भी बताया कि शूटिंग के दौरान दिव्यांका उनके लिए सिर्फ एक सह-कलाकार नहीं थीं, बल्कि एक मार्गदर्शक और मां जैसी थीं। छोटे-छोटे सीन से लेकर भावनात्मक दृश्यों तक, हर जगह दिव्यांका ने उन्हें समझाया और सिखाया कि कैसे बिना घबराए खुद को संभालते हुए परफॉर्म करना चाहिए। इस अनुभव ने उनके आत्मविश्वास को काफी मजबूत किया।

    रुहानिका के अनुसार शो के दौरान दोनों के बीच एक ऐसा रिश्ता बन गया था, जो कैमरे से परे भी कायम रहा। आज भी वह दिव्यांका का उतना ही सम्मान करती हैं और उनके प्रति वही अपनापन महसूस करती हैं, जैसा शूटिंग के दिनों में था।

    गौरतलब है कि रुहानिका ने बेहद कम उम्र में इस शो से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी, जबकि दिव्यांका ने ‘इशिता अय्यर भल्ला’ के किरदार से घर-घर में पहचान बनाई। यह शो लंबे समय तक दर्शकों के बीच लोकप्रिय रहा और इसकी कहानी और किरदारों ने गहरी छाप छोड़ी।

    अब बड़ी हो चुकी रुहानिका ने यह भी बताया है कि वह जल्द ही एक रियलिटी शो में नजर आने वाली हैं, जिसमें वह सबसे कम उम्र की प्रतिभागियों में से एक होंगी। उनके इस नए सफर को लेकर भी दर्शकों में उत्साह देखने को मिल रहा है।

  • रिजेक्शन से आत्मविश्वास टूटने तक का सफर: रुबीना दिलैक की जिंदगी का वह मोड़ जिसने उन्हें मजबूत बना दिया

    रिजेक्शन से आत्मविश्वास टूटने तक का सफर: रुबीना दिलैक की जिंदगी का वह मोड़ जिसने उन्हें मजबूत बना दिया


    नई दिल्ली ।टीवी इंडस्ट्री की लोकप्रिय अभिनेत्री रुबीना दिलैक ने हाल ही में अपने शुरुआती करियर के उस दौर को याद किया, जिसने उनकी सोच और आत्मविश्वास दोनों को गहराई से प्रभावित किया था। आज वह जिस मुकाम पर हैं, वहां पहुंचना आसान नहीं था, क्योंकि एक समय ऐसा भी था जब उन्हें उनके लुक्स के आधार पर रिजेक्शन का सामना करना पड़ा था।

    रुबीना ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि शुरुआती दिनों में जब वह इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही थीं, तब उन्हें कई बार अपने चेहरे और व्यक्तित्व को लेकर कठोर टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। एक मौके पर तो एक डायरेक्टर ने सीधे यह कह दिया था कि उनका चेहरा “लीड रोल के लायक नहीं” है। यह बात उनके लिए बेहद आहत करने वाली थी और इसी ने उनके आत्मविश्वास को हिला कर रख दिया था।

    उस समय रुबीना खुद को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थीं। उनके अनुसार, वह अपने लुक्स को लेकर अक्सर असहज महसूस करती थीं, खासकर जब उनके दांतों में ब्रेसेस लगे हुए थे। उन्हें लगता था कि शायद वह उस इंडस्ट्री के मानकों पर खरी नहीं उतरतीं, जहां बाहरी खूबसूरती को अक्सर बहुत महत्व दिया जाता है। इस सोच ने उन्हें कई बार भीतर से कमजोर भी किया।

    लेकिन समय के साथ उन्होंने खुद को समझना शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने यह महसूस किया कि बाहरी आलोचनाएं उनकी पहचान तय नहीं कर सकतीं। उन्होंने अपनी कमियों को कमजोरी के रूप में नहीं, बल्कि अपने व्यक्तित्व का हिस्सा मानना शुरू किया। यही सोच उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव लेकर आई।

    रुबीना के अनुसार, खुद को स्वीकार करना आसान नहीं था, लेकिन यही वह कदम था जिसने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया। उन्होंने अपने भीतर आत्मविश्वास को फिर से खड़ा किया और अपने करियर को एक नई दिशा देने की कोशिश की। इस बदलाव ने उन्हें न केवल एक बेहतर कलाकार बनाया, बल्कि एक मजबूत इंसान भी बनाया।

    अपने निजी जीवन के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि मां बनने के बाद उनकी प्राथमिकताएं पूरी तरह बदल गई हैं। अब उनके लिए काम से ज्यादा परिवार और बच्चों की सुरक्षा महत्वपूर्ण हो गई है। किसी चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट में हिस्सा लेना उनके लिए अब केवल प्रोफेशनल फैसला नहीं होता, बल्कि भावनात्मक रूप से भी एक बड़ी जिम्मेदारी बन गया है।

    इस सफर में उनके जीवनसाथी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि कठिन समय में उन्हें अपने परिवार का पूरा सहयोग मिला, जिसने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। यह समर्थन उनके लिए बेहद अहम साबित हुआ, खासकर तब जब वह खुद पर विश्वास खोने लगी थीं।

    आज रुबीना दिलैक उस मुकाम पर हैं जहां वह न केवल एक सफल अभिनेत्री हैं, बल्कि कई लोगों के लिए प्रेरणा भी बन चुकी हैं। उनका यह सफर यह दिखाता है कि असफलता और आलोचना अंत नहीं होती, बल्कि सही सोच और आत्मविश्वास के साथ उन्हें ताकत में बदला जा सकता है।

  • मदर्स डे पर भावुक हुईं दीपिका सिंह, बोलीं- “मां बनना जिंदगी का सबसे खूबसूरत अहसास”

    मदर्स डे पर भावुक हुईं दीपिका सिंह, बोलीं- “मां बनना जिंदगी का सबसे खूबसूरत अहसास”


    नई दिल्ली। माताओं के सम्मान और प्रेम को समर्पित मदर्स डे (10 मई) को लेकर टीवी अभिनेत्री दीपिका सिंह बेहद उत्साहित नजर आईं। लोकप्रिय शो ‘मंगल लक्ष्मी’ में मंगल का किरदार निभा रहीं दीपिका ने इस खास मौके पर अपने मातृत्व के अनुभवों को खुलकर साझा किया।

    दीपिका सिंह ने कहा कि मां बनना उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा और खूबसूरत बदलाव रहा है। उनके अनुसार, यह एक ऐसा सफर है जो सिर्फ एक किरदार नहीं बल्कि जीवनभर निभाई जाने वाली जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि उनका बेटा सोहम उनकी जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो हर दिन उन्हें जीवन के छोटे-छोटे पलों की अहमियत समझाता है।

    अभिनेत्री ने भावुक होते हुए कहा कि जब वह शूटिंग के दौरान बच्चों के साथ सीन करती हैं, तो अक्सर उन्हें अपने बेटे की याद आती है। उनके लिए यह अनुभव काफी भावनात्मक होता है, क्योंकि वह हर बच्चे में अपने बेटे की झलक महसूस करती हैं।

    दीपिका ने यह भी कहा कि मां होने के साथ-साथ वह एक कामकाजी महिला भी हैं और चाहती हैं कि उनका बेटा उन्हें इस रूप में भी देखे। उनके अनुसार, जब बच्चे अपनी मां को काम करते देखते हैं, तो उन्हें मेहनत और सपनों की अहमियत समझ आती है। उन्होंने कहा कि एक महिला की पहचान सिर्फ मां होने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह कई भूमिकाएं एक साथ निभाती है।

    मदर्स डे पर उन्होंने सिर्फ अपनी नहीं, बल्कि सभी महिलाओं की सराहना की। दीपिका ने कहा कि हर महिला, जो परिवार की जिम्मेदारियों को प्यार और समर्पण के साथ निभाती है, वह सम्मान की हकदार है। उन्होंने सभी माताओं की मेहनत, त्याग और प्रेम को सलाम किया।
     

  • टीवी एक्ट्रेस आरती सिंह का दिल छू लेने वाला पल, परिवार की वापसी पर साझा किया दर्द और खुशी

    टीवी एक्ट्रेस आरती सिंह का दिल छू लेने वाला पल, परिवार की वापसी पर साझा किया दर्द और खुशी

    नई दिल्ली।
    टीवी अभिनेत्री आरती सिंह के लिए हाल ही में एक ऐसा पल आया जिसने उन्हें भावनात्मक रूप से गहराई से छू लिया। लंबे समय के बाद जब उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को एक साथ देखा, तो उनकी भावनाएं संभाले नहीं संभल सकीं। यह मुलाकात उनके लिए सिर्फ एक साधारण रीयूनियन नहीं थी, बल्कि टूटे हुए रिश्तों के फिर से जुड़ने जैसा अनुभव था।

    आरती सिंह ने एक शो के विशेष एपिसोड को देखते हुए अपने परिवार की झलक पाई, जिसमें उनके भाई, भाभी और अन्य करीबी सदस्य एक साथ नजर आए। यह दृश्य उनके लिए बेहद भावुक करने वाला था क्योंकि पिछले कई वर्षों से परिवार के बीच दूरियां और गलतफहमियां बनी हुई थीं।

    उन्होंने महसूस किया कि समय के साथ रिश्तों में आई दरारें भले ही गहरी हो जाती हैं, लेकिन जब परिस्थितियां बदलती हैं, तो वही रिश्ते फिर से जुड़ भी सकते हैं। आरती के अनुसार, यह मिलन उनके लिए एक सपने के पूरे होने जैसा था, जिसे उन्होंने लंबे समय तक महसूस किया था।

    इस खास मौके पर उन्होंने अपने भाई और भाभी के प्रयासों की भी सराहना की, जिन्होंने आगे बढ़कर पुराने गिले-शिकवे दूर करने की पहल की। आरती ने माना कि भावनाएं और माफी जब दिल से होती हैं, तो रिश्तों में नई शुरुआत संभव हो जाती है।

    उन्होंने अपने परिवार के बड़े सदस्यों को भी याद किया और कहा कि परिवार की जड़ें वही लोग होते हैं जो सभी को जोड़कर रखते हैं। उनके अनुसार, परिवार में प्यार और सम्मान बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यही रिश्तों को मजबूत बनाता है।

    आरती सिंह ने अंत में उम्मीद जताई कि भविष्य में पूरा परिवार फिर से एक साथ खुशहाल पल साझा करेगा और सभी पुराने मतभेद पीछे छोड़कर आगे बढ़ेंगे। यह अनुभव उनके लिए भावनात्मक रूप से बेहद खास और यादगार बन गया।

  • प्रेगनेंसी के अनुभव और रिश्तों पर रुबीना दिलैक का खुलासा, निजी जीवन को लेकर साझा किए विचार

    प्रेगनेंसी के अनुभव और रिश्तों पर रुबीना दिलैक का खुलासा, निजी जीवन को लेकर साझा किए विचार


    नई दिल्ली: टेलीविजन जगत की जानी-मानी अभिनेत्री रुबीना दिलैक ने हाल ही में अपने निजी जीवन और रिश्तों को लेकर खुलकर बातचीत की है। लोकप्रिय धारावाहिकों से घर-घर में पहचान बनाने वाली रुबीना ने अपने जीवन के उस दौर का उल्लेख किया जब वे प्रेगनेंसी के समय भावनात्मक और मानसिक बदलावों से गुजर रही थीं। उन्होंने बताया कि यह समय उनके लिए केवल शारीरिक नहीं बल्कि भावनात्मक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण रहा, जिसमें उन्होंने अपने आसपास के लोगों को नए दृष्टिकोण से समझा।

    रुबीना दिलैक ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि प्रेगनेंसी के दौरान उन्हें यह महसूस हुआ कि कुछ लोग केवल दिखावे के लिए उनके जीवन में मौजूद थे। उनके अनुसार, जब जीवन में सब कुछ सामान्य और अच्छा चल रहा था तब कई लोग करीब थे, लेकिन कठिन समय में अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। इसी अनुभव ने उन्हें अपने रिश्तों को दोबारा आंकने पर मजबूर किया और उन्होंने कई ऐसे संबंधों से दूरी बना ली जिन्हें वे लंबे समय से निभा रही थीं।

    उन्होंने यह भी बताया कि यह निर्णय आसान नहीं था, लेकिन उस समय उन्होंने अपनी मानसिक शांति और आत्मसम्मान को प्राथमिकता दी। रुबीना के अनुसार, जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों पर इंसान को यह समझ आता है कि कौन वास्तव में उसके साथ खड़ा है और कौन केवल औपचारिकता निभा रहा है। इसी समझ ने उनके दृष्टिकोण को बदल दिया और उन्हें अपने जीवन में स्पष्टता दी।

    अपने परिवारिक जीवन पर बात करते हुए रुबीना ने अपने पति और बच्चों के साथ संबंधों को सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि मातृत्व ने उनके जीवन को पूरी तरह बदल दिया है और उन्हें जीवन के प्रति अधिक संवेदनशील और मजबूत बनाया है। उनके अनुसार, बच्चों के आने के बाद प्राथमिकताएं बदल जाती हैं और इंसान अधिक जिम्मेदार हो जाता है।

    रुबीना दिलैक ने यह भी कहा कि जीवन में हर अनुभव, चाहे वह अच्छा हो या कठिन, व्यक्ति को आगे बढ़ने की सीख देता है। उन्होंने अपने अनुभवों को व्यक्तिगत विकास का हिस्सा बताया और कहा कि समय के साथ उन्होंने खुद को बेहतर तरीके से समझना शुरू किया है। उनके अनुसार, सच्चे रिश्ते वही होते हैं जो बिना किसी शर्त के हर परिस्थिति में साथ निभाते हैं।

    उनके इस बयान के बाद उनके प्रशंसकों में भी उनकी ईमानदारी और स्पष्ट सोच को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। रुबीना का यह अनुभव यह दर्शाता है कि व्यक्तिगत जीवन में बदलाव अक्सर व्यक्ति को अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाते हैं।

  • गोपी बहू के फैसले ने बदल दी जिया मानेक की जिंदगी, डांस शो ने करियर को पहुंचाया झटका

    गोपी बहू के फैसले ने बदल दी जिया मानेक की जिंदगी, डांस शो ने करियर को पहुंचाया झटका


    नई दिल्ली । टीवी जगत की मशहूर एक्ट्रेस जिया मानेक, जिन्हें उनके शो साथ निभाना साथिया में निभाए गए गोपी बहू के किरदार से घर-घर में पसंद किया गया, आज भी फैंस के दिलों में खास जगह रखती हैं। उनका सिंपल लुक, मार्मिक एक्टिंग और संस्कारी बहू की छवि दर्शकों का दिल जीत गई। सोशल मीडिया पर आज भी उनके शो की क्लिप वायरल होती रहती हैं और फैंस nostalgically उनकी यादों में खो जाते हैं।

    लेकिन जिया मानेक के करियर में एक ऐसा मोड़ आया जिसने उन्हें रातोंरात स्टार तो बना दिया, लेकिन बाद में उसी फैसले ने उनकी प्रोफेशनल जिंदगी को झटका भी दिया। 2010 में जिया ने स्टार प्लस के शो साथ निभाना साथिया में गोपी कपाड़िया का किरदार निभाया। मोदी परिवार की आज्ञाकारी और जिम्मेदार बहू के रूप में उनका किरदार दर्शकों का पसंदीदा बन गया और शो की टीआरपी लगातार ऊँचाई पर रही।

    लेकिन 2012 में जिया ने अचानक शो छोड़ने का फैसला कर सबको चौंका दिया। इसके पीछे कारण था उनका डांस रियलिटी शो झलक दिखला जा में हिस्सा लेना। जिया ने एक इंटरव्यू में बताया कि लंबे समय तक संस्कारी बहू की भूमिका निभाते-निभाते वह ऊब चुकी थीं और वह अपनी जिंदगी में थोड़ी सांसारिकता और रचनात्मक बदलाव चाहती थीं। मेकर्स ने उन्हें रोकने की बहुत कोशिश की, लेकिन जिया अड़ी रहीं और स्टेज पर अपने शानदार डांस के जरिए सुर्खियां बटोरीं।

    हालांकि, डांस शो में विवादों के चलते उन्हें डिसक्वालिफाई कर दिया गया। जिया के शो छोड़ने के बाद साथ निभाना साथिया की टीआरपी में भारी गिरावट आई। उनके किरदार की जगह देवोलीना भट्टाचार्जी को ऑफर किया गया, जिससे शो को नई जिंदगी मिली, लेकिन जिया के करियर को यह फैसला भारी पड़ा। इसके बाद उन्हें कोई दमदार या लगातार काम नहीं मिला और वह लंबे समय तक लाइमलाइट से दूर रहीं।

    जिया मानेक की कहानी इस बात का सबूत है कि एक सही समय पर लिया गया व्यक्तिगत या पेशेवर फैसला पूरी जिंदगी को बदल सकता है। आज उनके जन्मदिन पर फैंस उन्हें सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं दे रहे हैं और गोपी बहू वाले दिनों की याद कर उनके करियर की मिठास महसूस कर रहे हैं।
    टीवी जगत की मशहूर एक्ट्रेस जिया मानेक, जिन्हें उनके शो साथ निभाना साथिया में निभाए गए गोपी बहू के किरदार से घर-घर में पसंद किया गया, आज भी फैंस के दिलों में खास जगह रखती हैं। उनका सिंपल लुक, मार्मिक एक्टिंग और संस्कारी बहू की छवि दर्शकों का दिल जीत गई। सोशल मीडिया पर आज भी उनके शो की क्लिप वायरल होती रहती हैं और फैंस nostalgically उनकी यादों में खो जाते हैं।

    लेकिन जिया मानेक के करियर में एक ऐसा मोड़ आया जिसने उन्हें रातोंरात स्टार तो बना दिया, लेकिन बाद में उसी फैसले ने उनकी प्रोफेशनल जिंदगी को झटका भी दिया। 2010 में जिया ने स्टार प्लस के शो साथ निभाना साथिया में गोपी कपाड़िया का किरदार निभाया। मोदी परिवार की आज्ञाकारी और जिम्मेदार बहू के रूप में उनका किरदार दर्शकों का पसंदीदा बन गया और शो की टीआरपी लगातार ऊँचाई पर रही।

    लेकिन 2012 में जिया ने अचानक शो छोड़ने का फैसला कर सबको चौंका दिया। इसके पीछे कारण था उनका डांस रियलिटी शो झलक दिखला जा में हिस्सा लेना। जिया ने एक इंटरव्यू में बताया कि लंबे समय तक संस्कारी बहू की भूमिका निभाते-निभाते वह ऊब चुकी थीं और वह अपनी जिंदगी में थोड़ी सांसारिकता और रचनात्मक बदलाव चाहती थीं। मेकर्स ने उन्हें रोकने की बहुत कोशिश की, लेकिन जिया अड़ी रहीं और स्टेज पर अपने शानदार डांस के जरिए सुर्खियां बटोरीं।

    हालांकि, डांस शो में विवादों के चलते उन्हें डिसक्वालिफाई कर दिया गया। जिया के शो छोड़ने के बाद साथ निभाना साथिया की टीआरपी में भारी गिरावट आई। उनके किरदार की जगह देवोलीना भट्टाचार्जी को ऑफर किया गया, जिससे शो को नई जिंदगी मिली, लेकिन जिया के करियर को यह फैसला भारी पड़ा। इसके बाद उन्हें कोई दमदार या लगातार काम नहीं मिला और वह लंबे समय तक लाइमलाइट से दूर रहीं।

    जिया मानेक की कहानी इस बात का सबूत है कि एक सही समय पर लिया गया व्यक्तिगत या पेशेवर फैसला पूरी जिंदगी को बदल सकता है। आज उनके जन्मदिन पर फैंस उन्हें सोशल मीडिया पर शुभकामनाएं दे रहे हैं और गोपी बहू वाले दिनों की याद कर उनके करियर की मिठास महसूस कर रहे हैं।

  • उतरन की तपस्या से बिग बॉस की स्ट्रॉन्ग कंटेस्टेंट तक, रश्मि देसाई का दमदार सफर..

    उतरन की तपस्या से बिग बॉस की स्ट्रॉन्ग कंटेस्टेंट तक, रश्मि देसाई का दमदार सफर..


    नई दिल्ली। फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो धीरे धीरे अपनी जगह बनाते हैं और फिर एक दिन दर्शकों के दिलों पर छा जाते हैं। रश्मि देसाई उन्हीं चेहरों में से एक हैं। 13 फरवरी को अपना 40वां जन्मदिन मना रहीं रश्मि का करियर इस बात का सबूत है कि मेहनत और धैर्य के दम पर कोई भी कलाकार अपनी पहचान गढ़ सकता है।

    रश्मि ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत भोजपुरी सिनेमा से की थी। शुरुआती दौर आसान नहीं था। उन्होंने कई कम बजट और बी ग्रेड फिल्मों में भी काम किया। साल 2002 में आई फिल्म कन्यादान से उन्होंने इंडस्ट्री में कदम रखा। उस समय शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यही अभिनेत्री आगे चलकर छोटे पर्दे की बड़ी स्टार बनेगी। लेकिन रश्मि ने हर मौके को सीखने और आगे बढ़ने का जरिया बनाया।

    उनके करियर का असली मोड़ साल 2008 में आया जब टीवी शो उतरन शुरू हुआ। इस सीरियल में उन्होंने तपस्या का किरदार निभाया जो ग्रे शेड लिए हुए था। इस भूमिका में निगेटिव और इमोशनल दोनों रंग थे। रश्मि ने इस किरदार को इतनी गहराई से निभाया कि वह घर घर में पहचानी जाने लगीं। उतरन उस समय का बेहद लोकप्रिय शो बना और तपस्या का नाम रश्मि की पहचान बन गया।

    इसके बाद उन्होंने कई टीवी शोज में काम किया। दिल से दिल तक में सिद्धार्थ शुक्ला के साथ उनकी जोड़ी दर्शकों को पसंद आई। शो ने अच्छी टीआरपी हासिल की और रश्मि की लोकप्रियता और बढ़ी। टीवी के साथ साथ उन्होंने बॉलीवुड में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। दबंग 2 में उनका छोटा सा रोल नजर आया। इसके अलावा ये लम्हे जुदाई के सबनम मौसी और सुपरस्टार जैसी फिल्मों में भी उन्होंने काम किया। भले ही फिल्मों में उनकी भूमिकाएं सीमित रहीं लेकिन उन्होंने हर मंच पर खुद को साबित करने की कोशिश जारी रखी।

    रश्मि की पर्सनैलिटी का एक अलग पहलू तब सामने आया जब उन्होंने बिग बॉस 13 में हिस्सा लिया। इस रियलिटी शो ने उनकी छवि को नया आयाम दिया। दर्शकों ने उन्हें सिर्फ एक अभिनेत्री के रूप में नहीं बल्कि एक संवेदनशील और मजबूत महिला के रूप में देखा। शो में सिद्धार्थ शुक्ला के साथ उनकी नोकझोंक और बहसें काफी चर्चा में रहीं। दोनों पहले एक साथ काम कर चुके थे और बिग बॉस में उनकी टकराहट ने शो को और दिलचस्प बना दिया।

    बिग बॉस के बाद रश्मि की फैन फॉलोइंग में जबरदस्त इजाफा हुआ। उन्होंने यह साबित किया कि वे केवल एक किरदार तक सीमित नहीं हैं बल्कि असल जिंदगी में भी चुनौतियों का सामना करने का हौसला रखती हैं। 40 की उम्र में भी वे इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और नए प्रोजेक्ट्स के जरिए दर्शकों से जुड़ी हुई हैं। उनका सफर संघर्ष से सफलता तक की ऐसी कहानी है जो यह सिखाती है कि शुरुआत चाहे जहां से हो मंजिल मेहनत से ही तय होती है।

  • मुनमुन दत्ता, ने प्यार और ब्रेकअप पर खोले दिल के राज, बोलीं ‘मैं तुरंत किसी से रिश्ता खत्म नहीं करती’

    मुनमुन दत्ता, ने प्यार और ब्रेकअप पर खोले दिल के राज, बोलीं ‘मैं तुरंत किसी से रिश्ता खत्म नहीं करती’

    नई दिल्ली । टीवी जगत की मशहूर अभिनेत्री मुनमुन दत्ता जिन्हें लोकप्रिय कॉमेडी शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा में बबीता अय्यर के किरदार से घर-घर में पहचान मिली हाल ही में अपने निजी जीवन को लेकर खुलकर सामने आई हैं। मुनमुन हाल ही में यूट्यूबर और पॉडकास्टर रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में नजर आईं जहां उन्होंने करियर के साथ-साथ प्यार रिश्तों और ब्रेकअप जैसे संवेदनशील विषयों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। पॉडकास्ट के दौरान मुनमुन दत्ता ने कहा कि प्यार को लेकर लोगों की सोच अक्सर एकतरफा होती है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि रिश्तों में प्यार खत्म होना केवल लड़कों के साथ नहीं बल्कि लड़कियों के साथ भी हो सकता है। मुनमुन ने स्वीकार किया कि उनके जीवन में भी ऐसे मौके आए हैं जब उन्हें महसूस हुआ कि शायद अब रिश्ते में पहले जैसी भावना नहीं रही।

    ब्रेकअप को लेकर अपनी सोच साझा करते हुए उन्होंने कहा मैं तुरंत किसी के साथ ब्रेकअप नहीं कर सकती। मैं हमेशा रिश्ते को बचाने की कोशिश करती हूं। मैं बहुत कुछ देती हूं भावनाएं समय और समझ। लेकिन एक वक्त ऐसा आता है जब मुझे लगता है कि अब पाने का समय है। जब लगातार देने वाला ही बनकर रह जाओ और बदले में कुछ न मिले तो वह बहुत बुरा लगता है। मुनमुन ने आगे कहा कि जब किसी रिश्ते में देने और पाने का संतुलन बिगड़ जाता है तो धीरे-धीरे नीरसता आने लगती है। यही नीरसता रिश्ते को कमजोर कर देती है और इंसान को यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि क्या वाकई यह रिश्ता आगे चल पाएगा। उनका मानना है कि प्यार हमेशा स्थायी नहीं होता और इसे स्वीकार करना भी जिंदगी का एक हिस्सा है।

    अगर मुनमुन दत्ता के करियर की बात करें तो उन्होंने साल 2004 में टीवी शो हम सब बाराती से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह मुंबई एक्सप्रेस 2005 और हॉलीडे 2006 जैसी फिल्मों में भी नजर आ चुकी हैं। हालांकि उन्हें असली पहचान तारक मेहता का उल्टा चश्मा से ही मिली जिसने उन्हें टीवी की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया। पॉडकास्ट में मुनमुन की यह ईमानदार बातचीत सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है। फैंस उनकी साफगोई और रिश्तों को लेकर परिपक्व सोच की तारीफ कर रहे हैं।