Tag: Twisha Sharma Case

  • ट्विशा शर्मा केस में जांच तेज CBI ने कोर्ट से मांगी आरोपियों की हिरासत बढ़ाने की अनुमति डिजिटल सबूतों की जांच जारी

    ट्विशा शर्मा केस में जांच तेज CBI ने कोर्ट से मांगी आरोपियों की हिरासत बढ़ाने की अनुमति डिजिटल सबूतों की जांच जारी


    नई दिल्ली। बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में मंगलवार को एक बार फिर अदालत में सुनवाई हुई जहां केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की। मामले की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट आरती आदित्य बांदिल की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान ट्विशा शर्मा के पिता और भाई भी अदालत पहुंचे और पूरी कार्यवाही के दौरान मौजूद रहे। इस संवेदनशील मामले पर अब सभी की नजर अदालत के अंतिम आदेश पर टिकी हुई है।

    सीबीआई ने अदालत से आरोपी पति समर्थ सिंह और सास रिटायर्ड जज गिरिबाला की न्यायिक हिरासत 14 जुलाई तक बढ़ाने का अनुरोध किया। एजेंसी ने अदालत को बताया कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच जारी है। ऐसे में आरोपियों का न्यायिक अभिरक्षा में रहना जांच की निष्पक्षता और प्रगति के लिए आवश्यक है।

    जांच एजेंसी के अनुसार मामले में अभी कई गवाहों के बयान दर्ज किए जाने बाकी हैं। इसके साथ ही जब्त किए गए मोबाइल फोन लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच भी जारी है। सीबीआई का कहना है कि इन डिजिटल साक्ष्यों से जांच को नई दिशा मिल सकती है इसलिए सभी तकनीकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

    सुनवाई के दौरान सीबीआई ने अदालत को यह भी बताया कि समर्थ सिंह के लैपटॉप तक पहुंच जांच का अहम हिस्सा है लेकिन उसका पासवर्ड अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। एजेंसी के अनुसार लैपटॉप में मौजूद संभावित डिजिटल जानकारी और अन्य दस्तावेजों की जांच के लिए पासवर्ड जरूरी है। इसके बिना कई महत्वपूर्ण जानकारियों तक पहुंचना संभव नहीं हो पा रहा है जिससे जांच प्रभावित हो सकती है।

    सीबीआई ने अदालत को यह भी संकेत दिया कि यदि जांच के दौरान जरूरत महसूस हुई तो दोनों आरोपियों की दोबारा पुलिस रिमांड भी मांगी जा सकती है। एजेंसी का कहना है कि जांच लगातार आगे बढ़ रही है और सामने आने वाले नए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    इससे पहले अदालत ने 16 जून को दोनों आरोपियों को 30 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा था। अब एजेंसी ने हिरासत की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया है ताकि लंबित जांच पूरी की जा सके। अदालत के आदेश के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोनों आरोपी आगे भी न्यायिक हिरासत में रहेंगे या नहीं।

    गौरतलब है कि ट्विशा शर्मा की 11 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। जांच के दौरान डिजिटल साक्ष्यों गवाहों के बयान और अन्य तकनीकी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी बीच हाल ही में आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला के घर चोरी की घटना भी सामने आई थी जिसमें कुछ दस्तावेज और जेवरात चोरी करने का प्रयास किया गया था हालांकि पुलिस की सक्रियता के चलते आरोपी सामान छोड़कर फरार हो गए थे। अब पूरे मामले में अदालत के फैसले का इंतजार है क्योंकि उसी के आधार पर जांच की अगली दिशा तय होगी।

  • ट्विशा केस में नया मोड़ आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला के घर चोरी की कोशिश अहम दस्तावेजों पर भी थी नजर

    ट्विशा केस में नया मोड़ आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला के घर चोरी की कोशिश अहम दस्तावेजों पर भी थी नजर


    भोपाल भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। इस मामले की आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला के घर शनिवार देर रात चोरी का प्रयास किया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार बदमाश घर से सोने के जेवरात और महत्वपूर्ण दस्तावेजों से जुड़ी एक फाइल लेकर भागने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि पुलिस की समय पर हुई कार्रवाई के कारण वे अपना इरादा पूरा नहीं कर सके और सामान छोड़कर मौके से फरार हो गए।

    पुलिस के अनुसार घटना उस समय हुई जब गिरिबाला के भाई घर के भीतर मौजूद थे। बताया जा रहा है कि देर रात बदमाश घर के पिछले हिस्से से अंदर दाखिल हुए। जिस रास्ते से वे घर में पहुंचे वहां से किसी को उनकी मौजूदगी का आभास नहीं हुआ। इसी दौरान इलाके में नियमित गश्त कर रही चार्ली पुलिस की टीम घर के पास पहुंची और सायरन बजाया। सायरन की आवाज सुनते ही घर के भीतर मौजूद बदमाश घबरा गए और जल्दबाजी में चोरी किया गया सामान वहीं छोड़कर भाग निकले।

    गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों ने संदिग्धों को भागते हुए देखा और उनका पीछा भी किया लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर वे वहां से निकलने में सफल रहे। घटना के बाद पुलिस ने मौके की तलाशी ली जहां से सोने के जेवरात और महत्वपूर्ण दस्तावेजों वाली फाइल बरामद कर ली गई। इसके बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी गई।

    जांच के दौरान पुलिस को कुछ संदिग्ध गतिविधियां भी दिखाई दी हैं जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। रविवार को पुलिस ने दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि उनसे यह जानने की कोशिश की जा रही है कि चोरी का मकसद केवल कीमती सामान हासिल करना था या फिर ट्विशा शर्मा मामले से जुड़े दस्तावेजों तक पहुंचना भी योजना का हिस्सा था।

    यह मामला इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि गिरिबाला पहले से ही ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में आरोपी हैं। ऐसे में महत्वपूर्ण दस्तावेजों वाली फाइल को निशाना बनाए जाने की आशंका ने जांच एजेंसियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हालांकि अभी तक पुलिस ने किसी भी संभावना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज फोरेंसिक साक्ष्यों और हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। यदि जांच में यह सामने आता है कि चोरी का उद्देश्य किसी विशेष दस्तावेज को हासिल करना था तो मामले की दिशा बदल सकती है। फिलहाल पुलिस सभी संभावित एंगल पर काम कर रही है और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • ट्विशा शर्मा मौत मामला: रिटायर्ड जज गिरिबाला की मांगें कोर्ट ने ठुकराईं, न्यायिक हिरासत 30 जून तक बढ़ी

    ट्विशा शर्मा मौत मामला: रिटायर्ड जज गिरिबाला की मांगें कोर्ट ने ठुकराईं, न्यायिक हिरासत 30 जून तक बढ़ी


    मध्य प्रदेश । भोपाल में चर्चित एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह और उनकी मां, सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की न्यायिक हिरासत अब 30 जून तक बढ़ा दी गई है। मंगलवार को रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद दोनों आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया, जहां कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सुनवाई हुई।

    सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह ने अदालत के समक्ष अपनी ओर से कई मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि जेल में उपलब्ध कराए जा रहे हिंदी और अंग्रेजी अखबारों में उनके मामले से जुड़ी खबरों को काटकर अलग कर दिया जाता है। ऐसे में उन्हें पूरी सामग्री पढ़ने का अवसर नहीं मिल पाता। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि उन्हें बिना किसी कटौती के पूरा अखबार उपलब्ध कराया जाए।

    इसके अलावा गिरिबाला सिंह ने वकीलों से मिलने के लिए निर्धारित 20 मिनट की समय-सीमा को समाप्त करने की मांग भी की। उनका कहना था कि मामला गंभीर और जटिल है, इसलिए कानूनी सलाह और रणनीति पर चर्चा के लिए अधिक समय की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि उन्हें और उनके बेटे समर्थ सिंह को एक ही समय पर अपने वकीलों से मिलने की अनुमति दी जाए, ताकि बचाव पक्ष की रणनीति बेहतर ढंग से तैयार की जा सके। हालांकि अदालत ने इन मांगों को स्वीकार नहीं किया।

    सुनवाई के दौरान केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अदालत को बताया कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है। एजेंसी के अनुसार कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच जारी है। ट्विशा शर्मा की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अध्ययन किया जाना है, परिजनों और रिश्तेदारों के बयान दर्ज किए जाने हैं तथा मोबाइल फोन और लैपटॉप की डिजिटल फॉरेंसिक जांच भी प्रक्रिया में है। इसी आधार पर सीबीआई ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग की, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।

    गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की ओर से अदालत में कुछ अन्य आवेदन भी प्रस्तुत किए गए। इनमें ट्विशा के बैंक खाते, कथित सात लाख रुपए के खर्च, मोबाइल टावर लोकेशन और कार की चाबी से संबंधित जांच की मांग शामिल थी। अदालत ने इन बिंदुओं पर सुनवाई के लिए 27 जून की तारीख तय की है।

    मीडिया ट्रायल का मुद्दा भी सुनवाई के दौरान प्रमुखता से उठा। गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया कि ट्विशा के परिजन और रिश्तेदार मीडिया में लगातार बयान दे रहे हैं, जिससे मामले की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि परिजनों को सार्वजनिक बयान देने से रोका जाए। साथ ही जांच के दौरान जब्त की गई दवाइयों के जब्ती पंचनामा की प्रति उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। अदालत ने सीबीआई को संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

    दूसरी ओर, ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा द्वारा लीगल एड वकीलों की भूमिका को लेकर उठाए गए सवाल भी चर्चा में हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि कुछ लीगल एड वकील आरोपी पक्ष के साथ जुड़े दिखाई दिए, जबकि उनकी नियुक्ति गिरिबाला सिंह के न्यायिक कार्यकाल के दौरान हुई थी। इस संबंध में उन्होंने मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और उच्च न्यायालय को शिकायत भेजकर स्वतंत्र जांच की मांग की है।

    फिलहाल मामले की जांच जारी है और दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डिजिटल फॉरेंसिक जांच तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। इस हाई-प्रोफाइल मामले पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।

  • ट्विशा शर्मा केस में CBI ने बढ़ाई न्यायिक हिरासत की मांग, दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अब भी इंतजार

    ट्विशा शर्मा केस में CBI ने बढ़ाई न्यायिक हिरासत की मांग, दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अब भी इंतजार


    भोपाल:  भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को अदालत में महत्वपूर्ण आवेदन प्रस्तुत करते हुए आरोपी समर्थ सिंह और उनकी मां, सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की न्यायिक हिरासत 30 जून तक बढ़ाने की मांग की। मामले की सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने फिलहाल किसी भी आरोपी की पुलिस रिमांड नहीं मांगी और केवल न्यायिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध किया।

    सुनवाई के दौरान ट्विशा पक्ष के अधिवक्ता शुभांग दीक्षित ने बताया कि सीबीआई ने अदालत को अवगत कराया है कि मामले से जुड़ी दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक एजेंसी को प्राप्त नहीं हुई है। यह रिपोर्ट जांच के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे मौत की परिस्थितियों और कारणों को लेकर कई महत्वपूर्ण तथ्यों पर प्रकाश पड़ सकता है। ऐसे में रिपोर्ट का इंतजार जांच एजेंसी के साथ-साथ मृतका के परिजनों और आम जनता को भी है।

    अदालत में हुई सुनवाई के दौरान दोनों आरोपी समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश किया गया। दोनों वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं और वर्चुअल माध्यम से न्यायालयीन कार्यवाही में शामिल हुए। सीबीआई की ओर से न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग के बाद अदालत ने पक्षों की दलीलें सुनीं। अब इस मामले में अंतिम निर्णय अदालत द्वारा सुनाया जाएगा।

    ट्विशा शर्मा की मौत का मामला शुरुआत से ही चर्चा का विषय बना हुआ है। संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। जांच एजेंसी लगातार मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है और अब तक कई अहम साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया जा चुका है। हालांकि दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अभाव में कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचना अभी बाकी माना जा रहा है।

    कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट किसी भी संदिग्ध मौत के मामले में बेहद अहम दस्तावेज होती है। यह रिपोर्ट न केवल मौत के कारणों की पुष्टि करती है, बल्कि जांच की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यही वजह है कि अदालत और जांच एजेंसी दोनों इस रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

    फिलहाल मामले की अगली सुनवाई और अदालत के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने की स्थिति में सीबीआई को जांच आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। वहीं दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद जांच में नए खुलासे होने की भी संभावना जताई जा रही है। ट्विशा शर्मा केस प्रदेश के चर्चित मामलों में शामिल हो चुका है और हर सुनवाई के साथ लोगों की उत्सुकता बढ़ती जा रही है।

  • कटारा हिल्स केस में बड़ा खुलासा: हनीमून से शुरू हुई प्रताड़ना की कहानी, पिता ने दामाद को बताया ‘भेड़ की खाल में भेड़िया’

    कटारा हिल्स केस में बड़ा खुलासा: हनीमून से शुरू हुई प्रताड़ना की कहानी, पिता ने दामाद को बताया ‘भेड़ की खाल में भेड़िया’


    मध्‍य प्रदेश  /भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र में नवविवाहिता ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है और अब यह पारिवारिक विवाद से आगे बढ़कर गंभीर आपराधिक जांच के दायरे में आ गया है। घटना के बाद से परिजनों ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित दहेज हत्या का मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग तेज कर दी है। इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय स्तर पर तनाव का माहौल बना दिया है, जहां एक ओर परिवार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

    मृतका के पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की शादी के बाद से ही उसे ससुराल में मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था। उनका कहना है कि शुरुआत से ही व्यवहार में बदलाव दिखाई देने लगे थे और शादी के कुछ ही समय बाद तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी। इस मामले में सबसे गंभीर आरोप उस समय सामने आए जब हनीमून के दौरान ही कथित रूप से विवाद और हिंसक व्यवहार की घटना का जिक्र किया गया, जिसे परिवार ने प्रताड़ना की शुरुआती चेतावनी बताया है।

    परिजनों का यह भी दावा है कि शादी के बाद ट्विशा को लगातार मानसिक दबाव में रखा गया और आर्थिक तथा सामाजिक कारणों को लेकर ताने दिए जाते रहे। नौकरी छूटने के बाद स्थिति और अधिक बिगड़ गई, जिसके बाद ससुराल पक्ष की ओर से कथित रूप से व्यवहार में और कठोरता आ गई। परिवार का कहना है कि उनकी बेटी बार-बार अपनी परेशानी साझा करती थी और वह मानसिक तनाव में रहने लगी थी।

    इस बीच, मोबाइल संदेशों और बातचीत के हवाले से यह दावा किया गया है कि ट्विशा ने अपने जीवन में बढ़ती परेशानियों का जिक्र करते हुए कई बार असहायता और मानसिक दबाव की बात कही थी। परिवार का आरोप है कि उसे इस स्थिति में लगातार अपमान और दबाव का सामना करना पड़ा, जिससे उसका मानसिक संतुलन प्रभावित हुआ।

    पिता ने अपने दामाद पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसे कठोर और दोहरे व्यक्तित्व वाला व्यक्ति बताया है। उनका कहना है कि बाहर से सामान्य दिखने वाला व्यवहार अंदर से पूरी तरह अलग था। परिवार ने यह भी दावा किया है कि पहले भी इसी परिवार में वैवाहिक विवाद की स्थिति सामने आ चुकी थी, जिससे उनके आरोप और मजबूत होते हैं।

    मामले में पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर पति और सास के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। हालांकि, मुख्य आरोपी पति फिलहाल फरार बताया जा रहा है और उसकी तलाश में लगातार कार्रवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

    दूसरी ओर, मृतका के पिता ने प्रशासनिक स्तर पर निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया है और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, वे अपना विरोध जारी रखेंगे।

    फिलहाल यह मामला सामाजिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां एक ओर परिवार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जांच एजेंसियां साक्ष्यों के आधार पर सच तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हैं। स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और आगे की जांच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

  • ट्विशा शर्मा केस में नया मोड़: पिता बोले- ‘दामाद नशे का आदी’, दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग

    ट्विशा शर्मा केस में नया मोड़: पिता बोले- ‘दामाद नशे का आदी’, दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग



    भोपाल । भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब नया मोड़ आ गया है। नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने अपनी बेटी की मौत को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनका दामाद नशे का बेहद आदी था और उनकी बेटी को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार ने अब दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम कराने और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    ‘हमारी बेटी ड्रग्स एडिक्ट नहीं थी’
    ट्विशा के पिता ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि ट्विशा ड्रग्स की आदी थी। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ना झेल रही थी, जबकि असल में उनका दामाद ही नशीले पदार्थों का आदी था। परिवार का आरोप है कि मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।नवनिधि शर्मा ने कहा कि उनकी बेटी की छवि खराब करने के लिए झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि दामाद के खिलाफ नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में भी जांच होनी चाहिए।

    12 मई को ससुराल में मिला था शव
    ट्विशा शर्मा का शव 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में फंदे से लटका मिला था। पुलिस जांच में सामने आया कि ट्विशा और उसके पति समर्थ की मुलाकात साल 2024 में एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। दोनों ने दिसंबर 2025 में शादी की थी।

    परिवार का आरोप है कि शादी के कुछ महीनों बाद ही ट्विशा को प्रताड़ित किया जाने लगा था। परिजनों का कहना है कि ट्विशा भोपाल छोड़कर नोएडा वापस आना चाहती थी और वह लगातार अपने परिवार से संपर्क में थी।

    दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग
    ट्विशा के पिता ने कहा कि उन्हें मौजूदा जांच पर भरोसा नहीं है। उन्होंने मांग की कि शव को दिल्ली AIIMS भेजा जाए, ताकि स्वतंत्र मेडिकल जांच हो सके और मौत की असली वजह सामने आए।उन्होंने कहा कि शव खराब होने से पहले सच्चाई सामने आना जरूरी है। परिवार ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच एजेंसी से मामले की जांच कराने की मांग भी उठाई है।

    अग्रिम जमानत पर उठाए सवाल
    ट्विशा के पिता ने रिटायर्ड जज सास को मिली अग्रिम जमानत पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद गिरफ्तारी की मांग की गई थी, लेकिन उसी दिन अग्रिम जमानत मिल जाना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि यदि केवल उम्र और सामाजिक प्रतिष्ठा के आधार पर अग्रिम जमानत दी जा रही है, तो यह कानून की भावना के खिलाफ है। परिवार ने इसे “खतरनाक मिसाल” बताया।

    पुलिस जांच और SIT की कार्रवाई
    भोपाल पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। एसआईटी प्रमुख रजनीश कश्यप ने कहा कि मामले में तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर जांच जारी है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें बनाई गई हैं।

    पुलिस दहेज प्रताड़ना, शारीरिक हिंसा और मौत के बाद सबूत मिटाने के आरोपों की भी जांच कर रही है। पति की अग्रिम जमानत पर सुनवाई 18 मई को होनी है।

    परिवार का आरोप- मौत की जानकारी भी समय पर नहीं दी गई
    ट्विशा के पिता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने परिवार को समय पर यह नहीं बताया कि उनकी बेटी की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि परिवार को यह भी जानकारी नहीं दी गई कि शव को AIIMS ले जाया जा रहा है।

  • ‘मेरी जिंदगी नर्क बन चुकी है… मुझे यहां से ले जाओ’, ट्विशा शर्मा की मां संग चैट आई सामने

    ‘मेरी जिंदगी नर्क बन चुकी है… मुझे यहां से ले जाओ’, ट्विशा शर्मा की मां संग चैट आई सामने



    भोपाल। भोपाल के चर्चित कटारा हिल्स संदिग्ध मौत मामले में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा सामने आया है। पूर्व जज की बहू ट्विशा शर्मा और उसकी मां के बीच हुई व्हाट्सएप चैट सार्वजनिक हुई है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। इन चैट्स में ट्विशा ने अपनी शादीशुदा जिंदगी को “नर्क” बताते हुए मां से उसे वहां से ले जाने की गुहार लगाई थी।

    जानकारी के मुताबिक, 12 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में मृत मिली 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा ने मौत से करीब पांच दिन पहले अपनी मां को कई भावुक मैसेज भेजे थे। चैट में ट्विशा लिखती है— “मेरी जिंदगी नर्क बन चुकी है… ये लोग बहुत क्रूर हैं… समर्थ मुझसे ठीक से बात तक नहीं करता… तुम यहां आओ और मुझे यहां से ले जाओ… ये लोग मुझे जीने नहीं देंगे।”

    इन चैट्स के सामने आने के बाद मृतका का परिवार इसे आत्महत्या नहीं बल्कि प्रताड़ना से जुड़ा मामला बता रहा है। परिवार का आरोप है कि शादी के कुछ ही महीनों बाद ट्विशा मानसिक रूप से टूट चुकी थी और लगातार दबाव में जी रही थी।

    इधर कोर्ट में आरोपी पक्ष की ओर से भी कई दावे किए गए हैं। ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह ने जमानत आवेदन में आरोप लगाया कि ट्विशा ड्रग एडिक्ट थी और उसे मूड स्विंग्स की समस्या थी। इस पर ट्विशा की मां ने भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब उनकी बेटी इस दुनिया में नहीं है, इसलिए उसके बारे में कुछ भी कहा जा रहा है।

    मामले में एक और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। परिवार के अनुसार ट्विशा करीब दो महीने की गर्भवती थी और उसके पति समर्थ सिंह ने उसके चरित्र पर सवाल उठाए थे। आरोप है कि समर्थ ने ट्विशा से बच्चे को लेकर आपत्तिजनक सवाल किए थे, जिससे वह मानसिक रूप से और ज्यादा परेशान हो गई थी।

    ट्विशा के चचेरे भाई आशीष शर्मा ने दावा किया है कि समर्थ खुद नशा करता था और जब ट्विशा ने इसका विरोध किया तो उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। परिवार का आरोप है कि आरोपी पक्ष प्रभावशाली होने के कारण पुलिस जांच प्रभावित हो रही है। इसी वजह से परिजन अब मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग कर रहे हैं।

    फिलहाल पुलिस एसआईटी के जरिए मामले की जांच कर रही है। वहीं ट्विशा की मौत से जुड़े हर नए खुलासे के बाद यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।

  • कटारा हिल्स केस में नया खुलासा, ट्विशा शर्मा का आखिरी चैट आया सामने, मौत से पहले दोस्त को दी शादी न करने की सलाह

    कटारा हिल्स केस में नया खुलासा, ट्विशा शर्मा का आखिरी चैट आया सामने, मौत से पहले दोस्त को दी शादी न करने की सलाह



    भोपाल। भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में पूर्व जज की बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार गहराता जा रहा है। अब इस हाई-प्रोफाइल केस में मृतका का आखिरी इंस्टाग्राम चैट सामने आया है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। ट्विशा ने मौत से पहले अपनी करीबी दोस्त मीनाक्षी को मैसेज कर लिखा था “मैं फंस गई हूं ब्रो… बस तुम मत फंसना। ज्यादा बात नहीं कर सकती, सही समय आने पर फोन करूंगी।”

    ट्विशा के इस मैसेज के जवाब में उसकी दोस्त ने चिंता जताते हुए लिखा था कि वह उसके साथ खड़ी है। हालांकि ट्विशा का वह फोन कभी नहीं आया और अगले ही दिन उसका शव घर की छत पर फंदे से लटका मिला। इस चैट के सामने आने के बाद परिवार ने दावा किया है कि ट्विशा मानसिक दबाव में थी और उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था।

    मामले में यह भी सामने आया है कि ट्विशा करीब दो महीने की गर्भवती थी। बताया जा रहा है कि उसने अपनी दोस्त को शादी न करने की सलाह भी दी थी। परिवार का कहना है कि यह चैट साफ संकेत देता है कि ट्विशा किसी गंभीर तनाव और परेशानी से गुजर रही थी।

    घटना के बाद से मृतका का परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी के शव को सही तरीके से सुरक्षित नहीं रखा जा रहा। उनका दावा है कि उन्होंने शव को माइनस 4 डिग्री तापमान पर रखने की मांग की थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने ऐसा नहीं किया। परिवार का आरोप है कि सबूतों को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है।

    इसी मांग को लेकर परिवार मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर भी बैठा रहा। परिजनों ने कहा कि जब तक निष्पक्ष जांच और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, वे शांत नहीं बैठेंगे।

    परिवार ने पुलिस जांच पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि ट्विशा की सास रिटायर्ड जज होने के कारण मामले में प्रभाव का इस्तेमाल किया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि घटना के दो दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई, जबकि मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह अब तक फरार है।

    मृतका के परिवार का यह भी दावा है कि ट्विशा के कान और हाथों पर चोट के निशान थे, जो मामले को संदिग्ध बनाते हैं। परिजन इसे आत्महत्या मानने को तैयार नहीं हैं और हत्या की आशंका जता रहे हैं। उन्होंने मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने और बाहरी एजेंसी से जांच की मांग की है।

    पुलिस की ओर से मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। टीम में महिला पुलिसकर्मियों समेत कई अधिकारियों को शामिल किया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है।

    ट्विशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं। उन्होंने साउथ फिल्मों और मॉडलिंग में भी काम किया था। बाद में उन्होंने एमबीए करने के बाद निजी कंपनी में नौकरी शुरू की थी। डेटिंग एप के जरिए उनकी मुलाकात समर्थ सिंह से हुई थी, जिसके बाद दोनों ने परिवार की सहमति से शादी की थी। अब उनकी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं और पूरे मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है।

  • भोपाल बहू सुसाइड केस में नया मोड़: रिटायर्ड जज सास ने ट्विशा को बताया ड्रग एडिक्ट, परिजन ने जांच पर उठाए सवाल

    भोपाल बहू सुसाइड केस में नया मोड़: रिटायर्ड जज सास ने ट्विशा को बताया ड्रग एडिक्ट, परिजन ने जांच पर उठाए सवाल



    भोपाल। भोपाल के कटारा हिल्स स्थित बागमुगालिया एक्सटेंशन में रिटायर्ड महिला जज की बहू ट्विशा शर्मा की आत्महत्या का मामला लगातार उलझता जा रहा है। घटना के छह दिन बाद भी परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया है, जबकि आरोपी सास को मिली जमानत के बाद विवाद और गहरा गया है।

    इसी बीच केस में नया मोड़ तब आया जब आरोपी सास गिरीबाला सिंह की जमानत याचिका के कुछ हिस्से सामने आए। याचिका में उन्होंने बहू ट्विशा को ड्रग एडिक्ट बताया है और दावा किया है कि उसे नशे की लत थी, नशा न मिलने पर उसके व्यवहार में बदलाव आता था। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि ट्विशा मानसिक रूप से अस्थिर थी और उसका इलाज मनोचिकित्सक व काउंसलर से चल रहा था।

    जमानत आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि ट्विशा 17 अप्रैल को दिल्ली गई थी और करीब 12 घंटे तक लापता रही थी, लेकिन उसने इस बारे में किसी को जानकारी नहीं दी। इसके अलावा सास की ओर से दावा किया गया है कि बहू को हर महीने उसकी जरूरत के हिसाब से 5 हजार से 50 हजार रुपये तक ऑनलाइन पैसे दिए जाते थे, जिसके ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड भी कोर्ट में पेश किए गए हैं।

    वहीं परिजनों ने इन दावों को खारिज करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि पुलिस कार्रवाई में लापरवाही बरती जा रही है और आरोपी पति समर्थ की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। परिजनों ने एम्स में दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने और बाहरी एजेंसी से जांच की मांग की है।

    पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसीपी मिसरोद के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर दी है, जिसमें छह सदस्य शामिल हैं। टीम मामले के हर पहलू की जांच कर रही है, जबकि आरोपी पति की तलाश जारी है।