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  • यूपीएससी 2025 में मप्र के दो युवा टॉप 10 में, भोपाल के ईशान ने 5वीं और धार के पक्षल को मिली 8वीं रैंक

    यूपीएससी 2025 में मप्र के दो युवा टॉप 10 में, भोपाल के ईशान ने 5वीं और धार के पक्षल को मिली 8वीं रैंक


    भोपाल।
    संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में मध्य प्रदेश के दो युवाओं ने परचम लहराते हुए टॉप 10 में जगह बनाई है। भोपाल के ईशान भटनागर ने ऑल इंडिया 5वीं और धार जिले के पक्षल सेक्रेटरी ने 8वीं रैंक हासिल कर अपने क्षेत्र का नाम पूरे देश में रोशन किया है।

    यूपीएससी द्वारा शुक्रवार को सिविल सेवा परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी किया। इसमें 958 अभ्यर्थियों ने अलग-अलग सेवाओं के लिए क्वालिफाई किया। टॉप 5 रैंक भोपाल के ईशान भटनागर को मिली, जबकि धार जिले के पक्षल सेक्रेटरी ने 8वीं रैंक हासिल की।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूपीएससी में सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि भोपाल के ईशान भटनागर और धार के पक्षल जैन का टॉप-10 में आना प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा का प्रमाण है। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

    सिविल सेवा परीक्षा में टॉप-5 रैंक हासिल करने वाले भोपाल के ईशान भटनागर अभी नागपुर में इंडियन रेवेन्यू सर्विस (आईआरएस) की ट्रेनिंग ले रहे हैं। ईशान के पिता मध्य प्रदेश सरकार में प्रिंसिपल एडवाइजर के तौर पर काम कर चुके हैं। अभी रिटायर हो चुके हैं। उनकी मां इंग्लिश की प्रोफेसर हैं।

    वहीं, धार जिले के छोटे कस्बे बाग के लिए गर्व की बात है कि यहां के होनहार युवा पक्षाल सेक्रेटरी ने यूपीएससी की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 8 हासिल कर क्षेत्र का नाम पूरे देश में रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार सहित पूरे नगर में खुशी और गर्व का माहौल है। लोगों ने मिठाइयां बांटकर और आतिशबाजी कर खुशियां मनाईं।

    पक्षाल का कहना है कि माता-पिता का आशीर्वाद और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा रही। उनके पिता निलेश जैन कपड़ा व्यवसायी हैं, जबकि माता दीप्ति जैन गृहिणी हैं। परिवार के अनुसार प्रक्षाल बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहे हैं और उन्होंने कड़ी मेहनत व लगन से यह मुकाम हासिल किया।

    पक्षाल ने बताया कि उन्होंने प्रारंभिक पढ़ाई बाग के महेश मेमोरियल स्कूल में हुई। आगे की पढ़ाई के लिए वे इंदौर चले गए और बाद में उन्होंने आईआईटी कानपुर से फाइनेंस में पढ़ाई की। आईआईटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट क्षेत्र में जाने के बजाय देश सेवा का रास्ता चुना और सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी। वे वर्ष 2022-23 के आसपास दिल्ली चले गए और वहीं रहकर यूपीएससी की तैयारी की।

    उनकी छोटी बहन क्रिया जैन ने बताया कि तैयारी के दौरान उन्होंने बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना किया। कई बार ऐसा समय भी आया जब वे रोजाना केवल 3 से 4 घंटे ही सोते थे और दिनभर लाइब्रेरी में पढ़ाई करते थे। पहले प्रयास में उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) मिलने की संभावना थी लेकिन उनका लक्ष्य आईएएस बनना था, इसलिए उन्होंने तैयारी जारी रखी। दूसरे प्रयास में वे प्रीलिम्स में ही रह गए लेकिन तीसरे प्रयास में उन्होंने शानदार सफलता हासिल करते हुए ऑल इंडिया रैंक 8 प्राप्त की।


    अशोकनगर के चितवन जैन को ऑल इंडिया रैंक-17

    अशोकनगर के चितवन जैन ने 17वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने बताया कि यह उनका तीसरा प्रयास था। चितवन के अनुसार, उन्होंने पढ़ाई को लेकर ज्यादा दबाव नहीं लिया और जरूरत के अनुसार रोज पढ़ाई की। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के सहयोग को दिया।


    खंडवा की रूपल जायसवाल को ऑल इंडिया रैंक-43

    खंडवा की रूपल जायसवाल ने 43वीं रैंक हासिल की है। खास बात यह है कि पिछले प्रयास में उन्हें 512वीं रैंक मिली थी, लेकिन उन्होंने उस रैंक पर सेवा जॉइन नहीं की और दोबारा तैयारी की। इस बार टॉप-50 में जगह बनाकर उन्होंने बड़ी सफलता हासिल की। सफलता के बाद घर के बाहर लोगों ने आतिशबाजी कर जश्न मनाया।


    मऊगंज की समीक्षा द्विवेदी को ऑल इंडिया रैंक-56

    मऊगंज की समीक्षा द्विवेदी ने 56वीं रैंक हासिल कर टॉप-100 में जगह बनाई। उन्होंने तीसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की। समीक्षा का कहना है कि अगर लक्ष्य तय हो और लगातार मेहनत की जाए तो सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने युवाओं से अपने लक्ष्य से पीछे न हटने की अपील की।


    नरसिंहपुर की दीक्षा पाटकर को ऑल इंडिया रैंक-88

    नरसिंहपुर जिले के करकबेल गांव की दीक्षा पाटकर ने 88वीं रैंक हासिल की। वह हेमराज पाटकर और अर्चना पाटकर की बेटी हैं। उनकी इस उपलब्धि से पूरे गांव में खुशी का माहौल है।


    ग्वालियर की सृष्टि गोयल को ऑल इंडिया रैंक-160

    ग्वालियर के मुरार क्षेत्र की सृष्टि गोयल ने 160वीं रैंक हासिल की। यह उनका पांचवां प्रयास था। उनके पिता सुनील गोयल का सोने-चांदी का व्यवसाय है। सृष्टि ने बताया कि वह पहले आईआईटी में नहीं जा सकीं। सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। प्लान की गई स्ट्रेटेजी आपको सफलता दिलाएगी। सोशल मीडिया जैसी ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूर रहना जरूरी है।


    गुना की देवांगी मीणा को ऑल इंडिया रैंक-236

    गुना जिले के कुंभराज की देवांगी मीणा ने 236वीं रैंक हासिल की। पिछले साल उन्हें 764वीं रैंक मिली थी। वह आईआरएस में चयनित हुई थीं। उनके पिता नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड में कार्यरत हैं।


    नरसिंहपुर की पूजा सोनी को ऑल इंडिया रैंक-249

    नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा में पदस्थ सब-डिविजनल रेवेन्यू ऑफिसर पूजा सोनी ने 249वीं रैंक हासिल की है। रेवेन्यू ऑफिसर की कामयाबी के लिए परिवार और रिश्तेदारों में खुशी की लहर है। हर कोई पूजा सोनी को बधाई भेज रहा है।


    सतना की भूमिका जैन को ऑल इंडिया रैंक-331

    सतना की भूमिका जैन ने 331वीं रैंक हासिल कर आईआरएस सेवा के लिए चयन प्राप्त किया है। वह कृष्णानगर के कपड़ा व्यवसायी मनोज जैन की बेटी हैं। भूमिका ने बताया कि यह उनका तीसरा अटेम्प्ट था। उन्होंने तीन साल दिल्ली में रहकर तैयारी करने में बहुत मेहनत की। भूमिका ने बताया कि अपने पहले अटेम्प्ट में बेसिक समझ हासिल करने के लिए सिर्फ़ कोचिंग ली। उसके बाद, उन्होंने पूरी तरह से सेल्फ-स्टडी पर भरोसा किया। दस किताबों के बजाय एक किताब को कॉन्सन्ट्रेशन के साथ पढ़ना ज्यादा फायदेमंद है।

  • MP: पन्ना में गरीबी की मार झेल रहे दो युवकों की किस्मत चमकी…मिला 50 लाख का हीरा

    MP: पन्ना में गरीबी की मार झेल रहे दो युवकों की किस्मत चमकी…मिला 50 लाख का हीरा


    पन्ना।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पन्ना में 24 वर्षीय सतीश खटीक और 23 वर्षीय साजिद मोहम्मद की किस्मत तब एकाएक चमक (Suddenly Luck Shines) गई, जब उनको खदान से 50 लाख रुपये कीमत का हीरा (Diamond worth Rs 50 lakh) मिला। दोनों ही युवा आर्थिक परेशानियों को लेकर भारी दबाव में थे और इसे बाहर निकलने की उम्मीद में 20 दिन पहले खदान को लीज पर लेने का दांव खेला था। हीरा अधिकारी रवि पटेल ने बताया कि यह कीमत रत्न 15.34 कैरेट का हीरा है, जिसे दोनों युवाओं ने पन्ना हीरा कार्यालय में जमा कराया है। इसकी कीमत 50 लाख रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, पन्ना के रानीगंज मोहल्ला निवासी सतीश खटीक (24) और साजिद मोहम्मद (23) ने करीब 20 दिन पहले हीरा कार्यालय से कृष्णा कल्याणपुर क्षेत्र की उथली खदान का पट्टा लिया था। दोनों गरीबी की मार झेल रहे थे। दोनों अपने परिवार की आर्थिक तंगी दूर करने और बहनों की शादी के लिए पैसों की जरूरत के चलते किस्मत आजमा रहे थे।

    परिवार की इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए साजिद ने दोस्त सतीश के साथ खदान खोदी और महज 20 दिन में बड़ी सफलता हासिल कर ली। सतीश एक मीट शॉप चलाता है जबकि साजिद फलों के ठेले पर काम करके अपना गुजारा करता है। साजिद के दादा और पिता ने भी दशकों तक अपनी किस्मत आजमाई लेकिन उन्हें कभी बड़ी सफलता नहीं मिली। दोनों दोस्त अपनी बहनों की शादी करना चाहते हैं।

    दोनों युवकों ने हीरा मिलने के बाद उसे तुरंत हीरा कार्यालय पन्ना में जमा करा दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह हीरा ‘जैम क्वालिटी’ का है। इसकी कीमत नीलामी में 50 लाख से भी अधिक तक पहुंच सकती है। हीरा आगामी नीलामी में रखा जाएगा। इसके बाद मिलने वाली राशि दोनों में बराबर बांटी जाएगी।

    दोनों ने बताया कि नीलामी से मिली रकम से वे सबसे पहले अपनी बहनों की शादी करेंगे। बाकी रकम अपने छोटे कारोबार को बढ़ाने में लगाएंगे। हीरा अधिकारी रवि पटेल ने बताया कि हीरे का वजन आकार और चमक बेहतरीन स्तर की है। विशेषज्ञ अनुपम सिंह ने इसे साल का अब तक का सबसे उम्दा हीरा बताया है। दो युवाओं को मिली इस कामयाबी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पन्ना जिले की धरती मेहनतकश लोगों की किस्मत पलटने की क्षमता रखती है। सतीश और साजिद की सफलता पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।