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  • कपल्स के लिए परफेक्ट है उदयपुर सिर्फ 10 हजार में घूमिए महल झीलें बाजार और स्वादिष्ट राजस्थानी व्यंजन

    कपल्स के लिए परफेक्ट है उदयपुर सिर्फ 10 हजार में घूमिए महल झीलें बाजार और स्वादिष्ट राजस्थानी व्यंजन


    नई दिल्ली । अगर आप अपने पार्टनर के साथ किसी खूबसूरत और रोमांटिक जगह पर छुट्टियां बिताने का सपना देख रहे हैं लेकिन बजट की चिंता आपको रोक रही है तो उदयपुर आपके लिए शानदार विकल्प साबित हो सकता है। झीलों की नगरी के नाम से मशहूर यह शहर अपनी प्राकृतिक सुंदरता भव्य महलों ऐतिहासिक इमारतों रंगीन बाजारों और राजस्थानी संस्कृति के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। अच्छी बात यह है कि थोड़ी सी प्लानिंग के साथ एक कपल करीब 10 हजार रुपये के बजट में यहां आरामदायक और यादगार यात्रा कर सकता है।

    कम खर्च में उदयपुर घूमने के लिए अप्रैल से सितंबर का समय सबसे बेहतर माना जाता है। इस दौरान पर्यटकों की भीड़ कम रहती है जिससे होटल और यात्रा दोनों पर अच्छी बचत हो जाती है। अगर पहले से ट्रेन या फ्लाइट की बुकिंग कर ली जाए तो किराया काफी कम हो सकता है। ट्रेन से यात्रा सबसे किफायती विकल्प मानी जाती है जबकि ऑफ सीजन में कई बार सस्ती फ्लाइट भी मिल जाती है।

    रहने के लिए उदयपुर में कई बजट होटल गेस्ट हाउस और होमस्टे उपलब्ध हैं। यहां साफ सुथरे कमरे उचित कीमत पर मिल जाते हैं। कई जगहों पर नाश्ता और मुफ्त वाईफाई जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं। अगर थोड़ा अलग अनुभव चाहते हैं तो छोटे हेरिटेज होटल भी अच्छे विकल्प हो सकते हैं जहां राजस्थानी मेहमाननवाजी का शानदार अनुभव मिलता है।

    उदयपुर का स्वादिष्ट भोजन आपकी यात्रा को और खास बना देता है। यहां दाल बाटी चूरमा गट्टे की सब्जी प्याज कचौरी और पारंपरिक मिठाइयों का स्वाद जरूर लेना चाहिए। स्थानीय ढाबों और रेस्टोरेंट में कम कीमत में भरपेट भोजन मिल जाता है। अगर स्ट्रीट फूड पसंद है तो हाथीपोल बाजार और बड़ा बाजार में कई स्वादिष्ट व्यंजन बेहद किफायती दामों में उपलब्ध हैं।

    शहर घूमने के लिए लोकल बस ऑटो और किराये की स्कूटी सबसे अच्छे विकल्प हैं। स्कूटी लेकर आप अपनी सुविधा के अनुसार पूरे दिन आराम से शहर की खूबसूरत गलियों झीलों और दर्शनीय स्थलों का आनंद ले सकते हैं। इससे समय की बचत भी होती है और खर्च भी कम आता है।

    उदयपुर की यात्रा सिटी पैलेस देखे बिना पूरी नहीं मानी जाती। यह भव्य महल शहर की शान है जहां से पिछोला झील का अद्भुत नजारा दिखाई देता है। शाम के समय यहां का वातावरण और भी आकर्षक हो जाता है। पिछोला झील में बोट राइड का अनुभव कपल्स के लिए बेहद यादगार होता है। सूर्यास्त के समय झील का दृश्य किसी फिल्मी नजारे से कम नहीं लगता। इसके अलावा जगमंदिर फतेह सागर झील सहेलियों की बाड़ी भारतीय लोक कला मंडल और सज्जनगढ़ मानसून पैलेस भी घूमने लायक प्रमुख स्थान हैं।

    अगर आपको खरीदारी का शौक है तो हाथीपोल बाजार बड़ा बाजार चेतक सर्किल और पैलेस रोड जरूर जाएं। यहां राजस्थानी बंधनी साड़ियां मिनिएचर पेंटिंग चांदी के आभूषण हस्तशिल्प और पारंपरिक मोजड़ियां उचित दामों पर मिल जाती हैं। थोड़ा मोलभाव करके आप अच्छी खरीदारी भी कर सकते हैं।

    सही बजट प्लानिंग सस्ते ठहरने के विकल्प लोकल ट्रांसपोर्ट और स्थानीय भोजन का चुनाव करके एक कपल आसानी से दो से तीन दिन की शानदार उदयपुर यात्रा करीब 10 हजार रुपये में पूरी कर सकता है। अगर आप कम खर्च में रॉयल फील और यादगार छुट्टियों का आनंद लेना चाहते हैं तो उदयपुर निश्चित रूप से आपकी ट्रैवल लिस्ट में सबसे ऊपर होना चाहिए।

  • रश्मिका मंदाना-विजय देवरकोंडा की शादी का प्राइमल थीम: सादगी, परंपरा और प्रकृति का संगम

    रश्मिका मंदाना-विजय देवरकोंडा की शादी का प्राइमल थीम: सादगी, परंपरा और प्रकृति का संगम


    नई दिल्ली । उदयपुर की अरावली पहाड़ियों के बीच बसी मेमेंटोस बाय आईटीसी एकाया में इस समय एक बेहद खास उत्सव का माहौल है। फिल्म और टीवी की दुनिया के चर्चित पावर कपल, रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा, अब कुछ ही पलों में सात फेरे लेकर एक दूसरे के जीवन में हमेशा के लिए शामिल होने वाले हैं। पिछले कुछ दिनों से चल रहे शाही समारोह की झलकियां सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं, लेकिन अब उनकी शादी का थीम भी सामने आया है, जो बाकी सितारों की शादियों से बिल्कुल अलग और बेहद खास है।

    रश्मिका और विजय की शादी का थीम प्राइमल यानी मूल और आदिम पर आधारित है। इस थीम का मकसद है जड़ों की ओर लौटना और शादी की हर रस्म को उसी सादगी, पवित्रता और भावनात्मक गहराई के साथ निभाना, जैसे दशकों पहले विवाह होते थे। इस थीम में दिखावे से ज्यादा महत्व परंपराओं, रीति रिवाजों और रिश्तों की गहन भावनाओं को दिया गया है। सजावट में प्राकृतिक रंगों, मिट्टी, लकड़ी, फूलों और पारंपरिक प्रतीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। शादी का हर पल जीवन की मूल ऊर्जा, प्रकृति और पंचतत्व के साक्षी में संपन्न होगा।

    इस प्राइमल थीम के जरिए यह जोड़ा अपनी नई जिंदगी की शुरुआत सादगी और आध्यात्मिकता के साथ करना चाहता है। यह केवल एक शादी नहीं, बल्कि रिश्तों के वास्तविक अर्थ का उत्सव होगा, जहां विश्वास और संस्कार ही सबसे महत्वपूर्ण होंगे।

    संगीत समारोह में भी ट्रेडिशन को प्राथमिकता दी गई। विजय की मां माधवी देवरकोंडा ने इस मौके पर भावनाओं से भरा एक अनोखा पल साझा किया। उन्होंने रश्मिका को पारंपरिक चूड़ियां भेंट कीं, जो सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि रश्मिका का देवरकोंडा परिवार में स्वागत और खानदान की विरासत का प्रतीक हैं। यह पल दर्शाता है कि यह रिश्ता केवल दो सितारों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों के बीच भावनात्मक जुड़ाव का भी प्रतीक है।

    पिछले कुछ दिनों में आयोजित विरोश प्रीमियर लीग, पूल पार्टी और हल्दी की रस्में सोशल मीडिया पर छाई रहीं। संगीत समारोह ने न केवल नाच गाने और रंग बिरंगी सजावट का जश्न पेश किया, बल्कि परिवार और परंपरा की गहराई को भी उजागर किया। रश्मिका और विजय की यह शादी दिखावे से परे, सादगी, प्राकृतिक सौंदर्य और पुरातन भारतीय संस्कृति के संगम का उदाहरण बन रही है।

    उदयपुर की शांत पहाड़ियों में सजाई गई यह शादी दर्शकों को याद दिलाती है कि वास्तविक खुशी और उत्सव केवल बाहरी चमक दमक में नहीं, बल्कि रिश्तों, संस्कारों और प्रकृति के गहरे जुड़ाव में छिपी होती है। रश्मिका और विजय का यह प्राइमल थीम, उनकी नई यात्रा की शुरुआत को स्थायी, भावपूर्ण और यादगार बनाने का संकल्प है।