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  • तमिलनाडु में उदयनिधि स्टालिन की रिहाई के बाद गरमाई राजनीति, जानिए अभिनेता विशाल ने क्या उठाए बड़े सवाल

    तमिलनाडु में उदयनिधि स्टालिन की रिहाई के बाद गरमाई राजनीति, जानिए अभिनेता विशाल ने क्या उठाए बड़े सवाल

    नई दिल्ली । तमिल फिल्म उद्योग के प्रसिद्ध अभिनेता विशाल ने हालिया राजनीतिक और सामाजिक घटनाक्रमों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए महिला सुरक्षा, फिल्म उद्योग की समस्याओं और राज्य के नए राजनीतिक परिदृश्य पर विस्तृत विचार साझा किए हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन की पुलिस हिरासत के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीति के क्षेत्र में इस प्रकार के घटनाक्रम घटित होते रहते हैं। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि जो लोग फिल्म जगत से जुड़ी महिला कलाकारों के प्रति अनुचित और अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हैं, उनके विरुद्ध भी इसी प्रकार की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

    अभिनेता ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि डिजिटल प्लेटफार्मों विशेषकर यूट्यूब पर कई लोग महिला अभिनेत्रियों के खिलाफ खुलेआम अपमानजनक और भद्दी टिप्पणियां करते हैं। उनका मानना है कि ऐसे तत्वों पर नकेल कसना अत्यंत आवश्यक है ताकि फिल्म उद्योग में कार्यरत महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल मिल सके। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से मांग की कि सार्वजनिक रूप से अभद्र टिप्पणी करने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटा जाए।

    तमिलनाडु में राजनीतिक बदलाव और अभिनेता थलपति विजय के मुख्यमंत्री बनने पर खुशी जताते हुए विशाल ने कहा कि जनता के इस निर्णय से वे काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि विजय ने अपने सफल अभिनय करियर को विराम देकर पूर्ण रूप से जनसेवा और राजनीति का रास्ता चुना है। अब पूरे राज्य को उनके चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों और नई नीतियों के धरातल पर लागू होने का इंतजार है।

    फिल्म उद्योग की अपेक्षाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि नई सरकार सिनेमा क्षेत्र को राहत प्रदान करेगी। विशाल ने विशेष रूप से राज्य में लागू दोहरे कराधान के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि देश के किसी अन्य राज्य में इस प्रकार की कर व्यवस्था नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय से अपील की कि तमिलनाडु में फिल्म उद्योग पर मंडरा रहे दोहरे कर के बोझ को जल्द से जल्द समाप्त किया जाए ताकि इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को राहत मिल सके।

    राज्य की बुनियादी ढांचागत समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने शहरों में जलभराव और सीवेज प्रबंधन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि आम जनता और नागरिकों को जलजमाव की समस्याओं से मुक्ति मिलनी चाहिए। उन्हें पूरी उम्मीद है कि नई सरकार निचले और मध्यम वर्ग के कल्याण के लिए प्रभावी नीतियां बनाएगी और राज्य के विकास को नई दिशा प्रदान करेगी।

    दूसरी ओर, रिहा होने के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ अत्यंत अनुचित व्यवहार किया गया और लगभग तीन हजार पुलिसकर्मियों की उपस्थिति में उन्हें चेन्नई से तंजावुर तक 400 किलोमीटर सड़क मार्ग से ले जाया गया। उल्लेखनीय है कि अभिनेत्री तृषा के विरुद्ध द्विअर्थी टिप्पणी करने के मामले में उन्हें चेन्नई स्थित आवास से हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद तंजावुर में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।

  • तृषा से जुड़े कथित बयान पर बढ़ा विवाद, शिकायत के बाद उदयनिधि स्टालिन पर कार्रवाई, आरोपों से किया इनकार

    तृषा से जुड़े कथित बयान पर बढ़ा विवाद, शिकायत के बाद उदयनिधि स्टालिन पर कार्रवाई, आरोपों से किया इनकार


    नई दिल्ली ।
    तमिलनाडु की राजनीति में मंगलवार को उस समय हलचल तेज हो गई जब डीएमके नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को एक कथित विवादित बयान के मामले में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। अभिनेत्री तृषा से जुड़ी कथित टिप्पणी को लेकर दर्ज शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई। मामले के सामने आने के बाद राज्य की राजनीति के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।

    पुलिस कार्रवाई के बाद उदयनिधि स्टालिन ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके भाषण को वास्तविक संदर्भ से हटाकर संपादित किया गया और सोशल मीडिया पर भ्रामक तरीके से प्रसारित किया गया। उनके अनुसार उन्होंने किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की थी और पूरे मामले को राजनीतिक रूप से प्रस्तुत किया जा रहा है।

    उदयनिधि ने कहा कि उनके भाषण के कुछ हिस्सों को “कट, कॉपी और पेस्ट” कर अलग अर्थ देने की कोशिश की गई है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी का अपमान करने की मंशा से कोई टिप्पणी नहीं की और यदि पूरा भाषण देखा जाए तो वास्तविक संदर्भ स्पष्ट हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह कानूनी प्रक्रिया का पूरा सम्मान करेंगे और मामले का जवाब कानून के दायरे में देंगे।

    यह विवाद एक सार्वजनिक सभा के दौरान दिए गए उनके संबोधन से जुड़ा बताया जा रहा है। सभा के दौरान मौजूद लोगों के एक समूह ने अभिनेत्री तृषा का नाम लेकर नारे लगाए थे। इसके बाद उदयनिधि द्वारा कही गई एक टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। सोशल मीडिया पर उस बयान के विभिन्न वीडियो क्लिप वायरल हुए, जिसके बाद इस पर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं।

    विवाद बढ़ने के बाद अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम की महिला इकाई ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है और अभिनेत्री तृषा को लेकर आपत्तिजनक संकेत देती है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की।

    मामले ने राजनीतिक सीमाओं से आगे बढ़कर मनोरंजन जगत का भी ध्यान आकर्षित किया। गायिका चिन्मयी श्रीपादा और अभिनेत्री तथा राजनेता खुशबू सुंदर ने सार्वजनिक रूप से इस कथित बयान की आलोचना की। उनका कहना था कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े नेताओं को महिलाओं के प्रति सम्मानजनक भाषा का प्रयोग करना चाहिए और किसी भी प्रकार की विवादित टिप्पणी से बचना चाहिए।

    हालांकि उदयनिधि स्टालिन लगातार यह दोहरा रहे हैं कि उनके बयान की गलत व्याख्या की गई है। उनका कहना है कि पूरा भाषण देखने पर यह स्पष्ट हो जाएगा कि वायरल किए गए वीडियो और वास्तविक संदर्भ में अंतर है। उन्होंने अपने समर्थकों से भी अपील की कि वे अफवाहों पर विश्वास करने के बजाय पूरे तथ्य सामने आने का इंतजार करें।

    फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। वहीं यह विवाद तमिलनाडु की राजनीति में नया मुद्दा बन गया है, जहां सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। आने वाले दिनों में जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर इस मामले की आगे की दिशा तय होगी।