Tag: Ujjain Accident

  • उज्जैन से लौटते समय काल बन गया सफर, टायर ब्लास्ट के बाद हुआ भीषण सड़क हादसा

    उज्जैन से लौटते समय काल बन गया सफर, टायर ब्लास्ट के बाद हुआ भीषण सड़क हादसा


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन के बाद लौट रहे एक कारोबारी की सड़क हादसे में मौत हो गई। नागझिरी थाना क्षेत्र के गरुड़ बायपास ब्रिज के पास शनिवार को तेज रफ्तार कार का अगला टायर फटने से वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया। हादसे में बेंगलुरु के सीड कारोबारी मणि कांत कुट्टी (35) की मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद इंदौर के डीलर ओम धाकड़ और चालक बालकृष्ण गंभीर रूप से घायल हो गए।

    मृतक मणि कांत कुट्टी मूल रूप से Visakhapatnam के निवासी थे और Bengaluru में सीड व्यवसाय संचालित करते थे। बताया जा रहा है कि वे हाल ही में दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे। महाकाल के प्रति उनकी गहरी आस्था थी और वे नियमित रूप से Shri Mahakaleshwar Temple में दर्शन करने आते थे।

    शनिवार दोपहर मणि कांत कुट्टी अपने सहयोगी ओम धाकड़ और चालक बालकृष्ण के साथ महाकाल मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे। दर्शन के बाद तीनों स्कोडा कार से इंदौर के लिए रवाना हुए। रास्ते में उज्जैन-देवास बायपास पर अचानक कार का अगला बायां टायर फट गया। तेज रफ्तार होने के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और कार डिवाइडर से जा टकराई।

    हादसा इतना भीषण था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। उपचार के दौरान मणि कांत कुट्टी ने दम तोड़ दिया, जबकि ओम धाकड़ और चालक बालकृष्ण का इलाज जारी है।

    चालक बालकृष्ण ने बताया कि टायर फटने के बाद कार पूरी तरह अनियंत्रित हो गई थी और दुर्घटना से बचने का कोई मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा कि मणि कांत कुट्टी कई वर्षों से बाबा महाकाल के दर्शन करने आते रहे थे और उनकी धार्मिक आस्था बेहद गहरी थी।

    इस हादसे की एक खास बात यह रही कि मृतक के आईफोन में एसओएस (SOS) सुविधा सक्रिय थी। दुर्घटना होते ही उनके भाई के मोबाइल पर स्वतः आपातकालीन संदेश पहुंच गया। सूचना मिलते ही परिजन विशाखापट्टनम से उज्जैन के लिए रवाना हो गए। इसी तरह इंदौर निवासी ओम धाकड़ के परिवार को भी मोबाइल अलर्ट के माध्यम से हादसे की जानकारी मिल गई, जिसके बाद वे तत्काल अस्पताल पहुंचे।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह टायर फटना माना जा रहा है। यह घटना एक बार फिर लंबी दूरी की यात्रा के दौरान वाहन के टायर और तकनीकी स्थिति की नियमित जांच की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

  • दर्दनाक हादसा उज्जैन में, टवेरा वाहन पलटने से 9 श्रद्धालु घायल; मौके पर मची अफरा-तफरी

    दर्दनाक हादसा उज्जैन में, टवेरा वाहन पलटने से 9 श्रद्धालु घायल; मौके पर मची अफरा-तफरी


    मध्य प्रदेश । Ujjain में गुरुवार को बड़ा सड़क हादसा हो गया, जब ऋणमुक्तेश्वर मंदिर से Bhartrihari Gufa की ओर जा रही श्रद्धालुओं से भरी टवेरा गाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। वाहन में आंध्र प्रदेश से आए 9 श्रद्धालु सवार थे, जिनमें बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल थीं। हादसा इतना अचानक हुआ कि कई यात्री वाहन के अंदर ही फंस गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    स्थानीय लोगों और महंत ने दिखाया साहस
    घटना के तुरंत बाद Rinmukteshwar Mahadev Temple के महंत महावीरनाथ महाराज और स्थानीय लोगों ने बिना देर किए राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने में मदद की और घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। स्थानीय लोगों की मदद से कई यात्रियों को तुरंत बाहर निकाला गया, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।

    घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया
    सूचना मिलने पर एंबुलेंस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ श्रद्धालु वाहन के नीचे दब गए थे, जिन्हें काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया।

    निर्माण कार्य और संकरी सड़क बनी वजह?
    स्थानीय लोगों के अनुसार हादसा उस क्षेत्र में चल रहे घाट निर्माण कार्य के कारण हुआ, जहां एक तरफ निर्माण कार्य और दूसरी तरफ दीवार होने से रास्ता संकरा हो गया था। इसी वजह से वाहन असंतुलित होकर पलट गया।

    पुलिस जांच जारी, ड्राइवर पर शक
    Madhya Pradesh Police ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर ड्राइवर के नशे में होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हादसा तकनीकी खराबी, सड़क की स्थिति या मानवीय गलती किस वजह से हुआ।

    धार्मिक यात्रा के दौरान हुआ यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और निर्माण स्थलों पर सावधानी की जरूरत को उजागर करता है। स्थानीय लोगों और मंदिर प्रबंधन की तत्परता ने कई जानें बचाने में अहम भूमिका निभाई।

  • उज्जैन सड़क हादसा: अंधेरे और निर्माण कार्य के बीच कार पलटी, एक युवक की जान गई

    उज्जैन सड़क हादसा: अंधेरे और निर्माण कार्य के बीच कार पलटी, एक युवक की जान गई


    मध्यप्रदेश। उज्जैन जिले के बदनावर बायपास पर रविवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें इंदौर से सांवरिया सेठ दर्शन के लिए जा रहे युवकों की खुशियों से भरी यात्रा मातम में बदल गई। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि 12वीं कक्षा के सात छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए।

    जानकारी के अनुसार, सभी युवक इंदौर से एक स्कॉर्पियो वाहन में सवार होकर सांवरिया सेठ के दर्शन और जन्मदिन मनाने के लिए रवाना हुए थे। यात्रा के दौरान यह हादसा सुबह करीब 4 बजे हुआ, जब सड़क पर घना अंधेरा था और सामने एक मृत गाय पड़ी होने के साथ-साथ सड़क निर्माण कार्य भी चल रहा था।

    इसी दौरान चालक ने वाहन को साइड में लेने की कोशिश की, लेकिन सड़क की स्थिति खराब होने और संतुलन बिगड़ने के कारण स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर चीख-पुकार मच गई।

    हादसे में 18 वर्षीय विशाल परिहार की मौत हो गई, जो इंदौर के एक कैफे में शेफ के रूप में काम करता था। वह अपने दोस्तों के साथ जन्मदिन और धार्मिक यात्रा के लिए निकला था, लेकिन यह सफर उसके जीवन का अंतिम सफर साबित हुआ। मृतक अपने परिवार में एक बहन और बड़े भाई के साथ जुड़ा हुआ था, जबकि उसके पिता पचोर के रहने वाले हैं।

    हादसे में घायल हुए अन्य युवकों की पहचान निलेश, पीयूष, चंदन, जीवन, ओम, आयुष और मिलन के रूप में हुई है। इनमें से निलेश और पीयूष की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर किया गया है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

    यह हादसा एक बार फिर रात के समय खराब सड़क व्यवस्था और लापरवाही से हो रहे हादसों की गंभीरता को उजागर करता है।

  • छुट्टियों की खुशियां बदलीं मातम, में उज्जैन में जहरीली गैस से दो बच्चियों की मौत

    छुट्टियों की खुशियां बदलीं मातम, में उज्जैन में जहरीली गैस से दो बच्चियों की मौत


    उज्जैन । मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर के नानाखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित त्रिवेणी हिल्स से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है जहां गर्मियों की छुट्टियां मनाने आए दो परिवारों की खुशियां अचानक मातम में बदल गईं। यहां नाना के घर आए परिवार के दो मासूम बच्चों की बंद कमरे में जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई जिससे पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

    जानकारी के अनुसार, परिवार के सदस्य जिस छोटे से कमरे में सो रहे थे वहां बड़ी मात्रा में गेहूं का भंडारण किया गया था। यह कमरा लगभग 10 बाय 15 फीट का था और रात के समय पूरी तरह बंद होने के कारण अंदर ऑक्सीजन की कमी और संभवतः रासायनिक प्रतिक्रिया से जहरीली गैस का निर्माण हो गया। इसी स्थिति में कमरे में सो रहे बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी।

    सुबह करीब 9 बजे जब परिजनों की नींद खुली तो उन्होंने देखा कि बच्चों की हालत बेहद गंभीर है। मासूमों के मुंह से झाग निकल रहा था और वे बेहोश अवस्था में थे। घबराए परिजन तुरंत उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक स्थिति काफी बिगड़ चुकी थी।

    इस हादसे में शाजापुर की रहने वाली मात्र डेढ़ महीने की मासूम तृषा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया जबकि कायथा निवासी चार वर्षीय अनिका की भी मौत हो गई। दोनों मासूमों की मौत ने परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

    बताया जा रहा है कि छुट्टियों के चलते कई रिश्तेदार एक साथ त्रिवेणी हिल्स स्थित नाना के घर इकट्ठा हुए थे और वहीं यह दुखद घटना घटित हो गई। प्रारंभिक आशंका के अनुसार गेहूं के भंडारण के साथ रखी गई कीटनाशक दवाओं या बंद कमरे में हुई रासायनिक प्रक्रिया के कारण जहरीली गैस बनने की संभावना जताई जा रही है।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वास्तव में गैस बनने का कारण क्या था और क्या इसमें किसी प्रकार की लापरवाही शामिल थी।

    इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और पीड़ित परिवारों का रो रोकर बुरा हाल है। मासूमों की असामयिक मौत ने एक बार फिर घरों में अनाज भंडारण और सुरक्षा उपायों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।