Tag: Ujjain Mahakal Temple

  • MP Politics: उज्जैन में VIP कल्चर पर उठे सवाल, गुना में मंच पर भिड़े विधायक; मुरैना सांसद की भी फिसली जुबान

    MP Politics: उज्जैन में VIP कल्चर पर उठे सवाल, गुना में मंच पर भिड़े विधायक; मुरैना सांसद की भी फिसली जुबान


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजनीति और प्रशासन से जुड़ी घटनाओं में बुधवार को कई ऐसे मामले सामने आए जिन्होंने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। कहीं धार्मिक स्थल पर VIP दर्शन को लेकर आम श्रद्धालुओं की परेशानी चर्चा में रही तो कहीं भाजपा के ही मंच पर विधायक आपस में उलझते नजर आए। खंडवा में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर एक अनोखा प्रदर्शन किया गया और मुरैना में भाजपा सांसद की जुबान ऐसी फिसली कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ही रेल मंत्री बता दिया। इन घटनाओं ने राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक खूब चर्चा बटोरी।

    उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर में नागपंचमी के मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। यह मंदिर साल में सिर्फ एक बार नागपंचमी के दिन श्रद्धालुओं के लिए खुलता है। ऐसे में लाखों लोगों की आस्था इस मंदिर से जुड़ी होती है। लेकिन भीड़ के बीच VIP दर्शन को लेकर सवाल उठे। आरोप है कि कई VIP लोगों को गर्भगृह में जाकर आराम से पूजा और दर्शन का मौका मिला जबकि आम श्रद्धालु घंटों लाइन में खड़े रहे। बाहर श्रद्धालुओं को सुरक्षा व्यवस्था के तहत तेजी से आगे बढ़ाया जाता रहा और कई लोग ठीक से दर्शन भी नहीं कर सके।

    बताया गया कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भाजपा विधायक गोलू शुक्ला कांग्रेस विधायक महेश परमार और भाजपा सांसद अनिल फिरोजिया की बेटी समेत कई VIP गर्भगृह तक पहुंचे। उन्होंने भगवान नागचंद्रेश्वर का जल और दूध से अभिषेक किया तथा पूजा अर्चना की। VIP दर्शन की तस्वीरों और वीडियो के सामने आने के बाद आम श्रद्धालुओं के बीच नाराजगी देखने को मिली। सवाल यही उठता रहा कि जब भगवान के दरबार में सभी भक्त समान हैं तो दर्शन व्यवस्था में इतना अंतर क्यों दिखाई देता है।

    इधर गुना में भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य के एक बयान को लेकर मंच पर ही विवाद की स्थिति बन गई। रामायण प्रसंग सुनाते हुए शाक्य ने माता सीता के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जिस पर चाचौड़ा से भाजपा विधायक प्रियंका पेंची ने आपत्ति जताई। पन्नालाल शाक्य ने रामायण के युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि युद्ध में पुरुषों की मृत्यु हुई जबकि महिलाओं की नहीं। इसके बाद महाभारत का उदाहरण देते हुए भी उन्होंने इसी तरह की बात कही।

    मंच पर मौजूद प्रियंका पेंची ने उनकी बात को गलत बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई। दोनों के बीच मंच से ही कुछ देर नोकझोंक हुई। प्रियंका पेंची ने कहा कि महिलाओं ने भी बलिदान दिया है और वह खुद भी महिला हैं। इस घटनाक्रम के बाद पन्नालाल शाक्य के बयान को लेकर विपक्ष को भी भाजपा पर हमला करने का मौका मिल गया।

    खंडवा में जनसुनवाई के दौरान विरोध प्रदर्शन का तरीका भी चर्चा में रहा। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौर एक युवक को कुत्ते का गेटअप पहनाकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए। आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर उन्होंने इसी अंदाज में प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। युवक ने कुत्ते की वेशभूषा में कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा।

    नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि आवारा कुत्तों की नसबंदी और नियंत्रण के नाम पर करीब 40 लाख रुपए खर्च किए गए हैं लेकिन इसके बावजूद समस्या कम नहीं हुई। उन्होंने खर्च का हिसाब मांगते हुए कार्रवाई की मांग उठाई। मुद्दा गंभीर था लेकिन प्रदर्शन का तरीका लोगों के बीच चर्चा और मजाक का विषय भी बन गया।

    मुरैना में भाजपा सांसद शिवमंगल सिंह तोमर की जुबान भी फिसल गई। कैलारस से वीरपुर तक मेमो ट्रेन की शुरुआत के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रेल मंत्री कह दिया। उन्होंने ट्रेन शुरू होने पर भारत सरकार के रेल मंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देने की बात कही। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रेल मंत्री नहीं बल्कि देश के प्रधानमंत्री हैं। सांसद के बयान का वीडियो सामने आने के बाद लोग सोशल मीडिया पर तरह तरह की प्रतिक्रियाएं देने लगे।

    इन घटनाओं के बीच मध्य प्रदेश भाजपा के संगठन को लेकर भी अंदरखाने चर्चाएं तेज हैं। पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में प्रदेश के कई नेताओं को जिम्मेदारियां मिली हैं। इन नियुक्तियों के बाद नेताओं के बीच सीनियर और जूनियर को लेकर नई चर्चा शुरू होने की बात कही जा रही है। कुछ नेताओं को मिली जिम्मेदारियों को संगठन में अहम माना जा रहा है जबकि एक नेता की भूमिका को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग अलग कयास लगाए जा रहे हैं।

    कुल मिलाकर उज्जैन से लेकर गुना खंडवा और मुरैना तक सामने आई ये घटनाएं मध्य प्रदेश की राजनीति और प्रशासन के अलग अलग रंग दिखाती हैं। कहीं VIP कल्चर को लेकर सवाल हैं तो कहीं नेताओं के बयान और प्रदर्शन के तरीके सुर्खियां बन रहे हैं। आने वाले दिनों में इनमें से कुछ मुद्दे राजनीतिक बहस का हिस्सा बन सकते हैं।

  • भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा ने लिया बाबा महाकाल का आशीर्वाद, भक्ति में डूबीं नजर आईं

    भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा ने लिया बाबा महाकाल का आशीर्वाद, भक्ति में डूबीं नजर आईं


    मध्यप्रदेश । भोजपुरी फिल्मों और टीवी की जानी-मानी अभिनेत्री Monalisa (Antara Biswas) गुरुवार तड़के मध्य प्रदेश के Ujjain स्थित प्रसिद्ध Mahakaleshwar Temple पहुंचीं, जहां उन्होंने भस्म आरती में हिस्सा लिया। करीब सुबह 3 बजे मंदिर पहुंचकर उन्होंने लगभग दो घंटे नंदी हॉल में बैठकर भस्म आरती का दिव्य दृश्य देखा। इस दौरान वह पूरी तरह भक्ति भाव में डूबी नजर आईं।

    नंदी हॉल में बैठकर देखी भस्म आरती
    मोनालिसा ने नंदी हॉल में बैठकर महाकाल की भस्म आरती का अनुभव लिया। आरती समाप्त होने के बाद उन्होंने नंदी जी का पूजन और अभिषेक किया तथा नंदी के कान में अपनी मनोकामना भी कही। इसके बाद उन्होंने चांदी द्वार से पुजारी के माध्यम से भगवान महाकाल को जल अर्पित कर आशीर्वाद लिया। मंदिर प्रबंधन समिति ने उनका विधिवत स्वागत और सत्कार किया।

    भोजपुरी से टीवी तक का सफर
    मोनालिसा भोजपुरी सिनेमा की प्रमुख अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। उन्हें लोकप्रियता रियलिटी शो Bigg Boss 10 से मिली, जिसके बाद उनकी पहचान और भी व्यापक हो गई। इसके अलावा उन्होंने ‘नज़र’ और ‘नमक इश्क का’ जैसे टीवी धारावाहिकों में भी अहम भूमिकाएं निभाईं, जहां उनके नकारात्मक किरदारों को दर्शकों ने काफी पसंद किया।

     200 से ज्यादा फिल्मों का अनुभव
    मोनालिसा ने हिंदी, बंगाली, ओड़िया, तमिल, कन्नड़ और तेलुगु फिल्मों के साथ-साथ 200 से अधिक भोजपुरी फिल्मों में काम किया है। उन्होंने भोजपुरी इंडस्ट्री के कई बड़े कलाकारों जैसे पवन सिंह, दिनेश लाल यादव और खेसारी लाल यादव के साथ स्क्रीन साझा की है।

    उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में मोनालिसा की यह यात्रा भक्ति और आस्था से भरी रही। भस्म आरती में उनकी उपस्थिति ने एक बार फिर दिखाया कि फिल्मी दुनिया की चकाचौंध के बीच भी आध्यात्मिक जुड़ाव गहरा होता है।

  • जटाधारी बाबा महाकाल के भस्म आरती दर्शन: भक्तों ने किए दिव्य दर्शन

    जटाधारी बाबा महाकाल के भस्म आरती दर्शन: भक्तों ने किए दिव्य दर्शन


    मध्य प्रदेश ।  विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन में बुधवार तड़के भव्य और दिव्य भस्म आरती का आयोजन किया गया, जिसमें बाबा महाकाल के गर्भगृह में विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सबसे पहले वीरभद्र जी को प्रणाम कर स्वस्ति वाचन किया गया और विधिवत आज्ञा लेने के बाद चांदी द्वार खोला गया। इसके बाद गर्भगृह के पट खोलकर बाबा महाकाल के दर्शन का क्रम प्रारंभ हुआ।

    आरती की शुरुआत में पुजारियों द्वारा भगवान महाकाल का श्रृंगार उतारा गया और जलाभिषेक किया गया। इसके बाद पंचामृत से विशेष पूजन किया गया, जिसमें दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस का उपयोग कर भगवान का अभिषेक किया गया। इस दौरान पूरे मंदिर परिसर में मंत्रोच्चार और आरती की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो गया।

    पंचामृत पूजन के बाद कर्पूर आरती की गई और इसके पश्चात बाबा महाकाल को भस्म अर्पित कर उनका दिव्य श्रृंगार किया गया। जटाधारी स्वरूप में भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला तथा सुगंधित पुष्पों की मालाओं से अलंकृत किया गया। इसके साथ ही उन्हें ड्रायफ्रूट, फल और मिठाई का भोग भी अर्पित किया गया।

    भस्म अर्पण की यह विशेष परंपरा महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से निभाई गई, जिसे महाकालेश्वर मंदिर की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक प्रक्रियाओं में से एक माना जाता है। मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल भक्तों को निराकार से साकार स्वरूप में दर्शन देते हैं, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था और भी गहरी हो जाती है।

    इस दौरान नंदी हाल में नंदी महाराज का भी विशेष स्नान, ध्यान और पूजन किया गया, जिसके बाद पूरी भस्म आरती की प्रक्रिया पूर्ण हुई। आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

    श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और आस्था के इस अद्भुत दृश्य ने पूरे मंदिर परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। हर ओर “जय श्री महाकाल” के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा और भक्तों ने इस अलौकिक क्षण को अपने जीवन का सौभाग्य माना।

  • उज्जैन में महाकाल मंदिर के बाहर पिता ने बेटी पर किया चाकू हमला: 5 लाख में बेचने की धमकी का आरोप

    उज्जैन में महाकाल मंदिर के बाहर पिता ने बेटी पर किया चाकू हमला: 5 लाख में बेचने की धमकी का आरोप


    उज्जैन उज्जैन में शुक्रवार सुबह महाकाल मंदिर के बाहर एक हैरान कर देने वाली घटना हुई, जिसमें युवती वर्षा पारदी (18) पर उसके ही पिता ने चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल वर्षा को मौके पर मौजूद लोगों की मदद से Charak Hospital, Ujjain में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना के बाद आरोपी पिता फरार हो गया।

    जानकारी के अनुसार, वर्षा महेश्वर जेल रोड क्षेत्र की रहने वाली है और वर्तमान में अपनी मां माना बाई के साथ कार्तिक मेला ग्राउंड इलाके में रहती है। शुक्रवार सुबह वह रोज की तरह महाकाल मंदिर के सामने माला बेच रही थी। तभी उसके पिता और मां के परिवार के बीच कथित तौर पर किसी बात पर कहासुनी हुई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद बढ़ने पर दोनों पक्ष सड़क पर आमने-सामने आ गए। इसी दौरान आरोपी पिता वर्षा के पास पहुंचा और गुस्से में उसकी पीठ और जांघ पर चाकू से हमला कर दिया। हमले के बाद वह मौके से भाग गया।

    युवती की मां माना बाई ने बताया कि आरोपी पिता करीब 16 साल पहले परिवार छोड़कर चला गया था और दूसरी शादी कर ली थी। वर्षा का पालन-पोषण उन्होंने ही किया। माना बाई ने आरोप लगाया कि पिता अचानक आया और बेटी की शादी को लेकर रुपए के लालच में धमकी देने लगा। उन्होंने बताया कि आरोपी पिता ने कहा कि वह वर्षा की शादी नहीं करेंगे, बल्कि उसे 5 लाख रुपए में बेच देंगे।

    घायल वर्षा ने भी पिता पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि उनके पिता एक रिश्तेदार के साथ आए थे और उन्होंने खुलेआम कहा कि उन्हें 5 लाख रुपए में बेचना है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ और पिता ने गुस्से में आकर चाकू से हमला कर दिया।

    महाकाल थाना प्रभारी Gagan Badal, Ujjain Police ने बताया कि पुलिस की टीम अस्पताल पहुंची और युवती के बयान लिए जाएंगे। मामले की जांच जारी है और आरोपी पिता की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

    इस घटना ने शहर में सनसनी फैला दी है और लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में शीघ्र कार्रवाई की जाएगी ताकि आरोपी को कानून के सामने लाया जा सके और पीड़ित परिवार को न्याय मिले।