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गरबा एंट्री फीस को लेकर उज्जैन में विवाद, पांडाल में विरोध के बीच भगदड़ जैसे हालात, प्रशासन ने दी कार्रवाई की चेतावनी
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में नवरात्रि के दौरान आयोजित गरबा कार्यक्रमों में प्रवेश शुल्क लेने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रशासन की ओर से निशुल्क आयोजन की शर्त पर अनुमति दिए जाने के बावजूद कुछ पांडालों में प्रवेश के लिए 150 रुपये से लेकर 1500 रुपये तक के पास बेचे जाने की शिकायत सामने आई है। गुरुवार रात इस मुद्दे पर हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने कई आयोजनों को लेकर विरोध जताया। मित्तल होटल में कार्यकर्ताओं के पहुंचने के बाद हंगामा हुआ और आयोजकों ने सभी के लिए प्रवेश निशुल्क करने की बात कही। वहीं दूसरी ओर दो आयोजकों ने अपने कार्यक्रम निरस्त कर दिए। मामले के बाद गरबा आयोजनों की प्रवेश व्यवस्था और प्रशासन की अनुमति की शर्तों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।मित्तल होटल में आयोजित केसरिया रास कार्यक्रम के दौरान हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने प्रवेश पास को लेकर आपत्ति जताई। मौके पर एक युवक ने कार्यकर्ताओं को 1500 रुपये के पास दिखाए। इसके अलावा अलग-अलग दिनों के पास भी सामने आए। जानकारी के मुताबिक यहां प्रवेश के लिए 150 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के पास बेचे जाने की शिकायत भी थी। हिंदू जागरण मंच के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य अर्जुन सिंह भदौरिया ने आरोप लगाया कि आयोजन स्थल पर दो प्रवेश द्वार बनाए गए थे। एक गेट से लोगों को निशुल्क प्रवेश दिया जा रहा था जबकि दूसरे गेट से पास खरीदने वालों को अंदर जाने दिया जा रहा था। कार्यकर्ताओं ने इसे अनुमति की शर्तों के विपरीत बताते हुए विरोध किया। इसके बाद सभी के लिए प्रवेश निशुल्क करने की बात कही गई।हालांकि केसरिया रास के आयोजक कपिल कसेरा ने पास बेचने के आरोपों से इनकार किया। उनका कहना है कि सभी पास निशुल्क बांटे गए थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर सनातनी कार्यक्रम को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इस तरह एक ओर कार्यकर्ताओं ने प्रवेश शुल्क वसूले जाने का आरोप लगाया तो दूसरी ओर आयोजक ने पास निशुल्क बांटने की बात कही। ऐसे में पास वितरण और प्रवेश व्यवस्था को लेकर उठे विवाद की पूरी स्थिति संबंधित तथ्यों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।उज्जैन के नागदा बायपास स्थित राजाराम रिसोर्ट में भी गरबा आयोजन को लेकर विवाद सामने आया। यहां 13 अक्टूबर से डांडिया बीट नाम से कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। इस आयोजन को भी निशुल्क प्रवेश की शर्त पर अनुमति दी गई थी। बुधवार रात बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के बाद प्रवेश द्वार पर भीड़ बढ़ गई और भगदड़ जैसे हालात बनने की जानकारी सामने आई। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने कार्यक्रम बंद करा दिया। इसके बाद आयोजन की अनुमति भी निरस्त कर दी गई। आयोजकों का दावा है कि उन्होंने पास निशुल्क बांटे थे। हालांकि भीड़ के प्रबंधन और प्रवेश व्यवस्था को लेकर विवाद सामने आया।नवरात्रि के दौरान होटल मित्तल एवेन्यू के अलावा राजमहल राजाराम रिसोर्ट आस्था गार्डन परमेश्वरी गार्डन और श्रीराम वन में भी गरबा आयोजन के लिए प्रवेश शुल्क लिए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। हिंदू जागरण मंच ने इन आयोजनों को लेकर विरोध जताया है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि निशुल्क आयोजन की अनुमति मिलने के बाद आयोजक प्रवेश के लिए शुल्क नहीं ले सकते।एसडीएम एलएन गर्ग ने बताया कि कोठी महल क्षेत्र में गरबा आयोजन की अनुमति के लिए आए आवेदनों में शुल्क या निशुल्क प्रवेश का स्पष्ट उल्लेख नहीं था। सभी आयोजकों को शर्तों के साथ अनुमति दी गई थी। उन्होंने कहा कि कोई भी आयोजक सशुल्क आयोजन नहीं कर सकता और यदि कोई प्रवेश पास बेच रहा है तो पुलिस को उसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। फिलहाल उज्जैन में गरबा आयोजनों को लेकर उठे विवाद के बाद प्रवेश व्यवस्था और अनुमति की शर्तों के पालन पर प्रशासन की निगरानी महत्वपूर्ण हो गई है। -

गरबा पंडालों में संदिग्ध युवकों की रैंडम चेकिंग, रात 2 बजे तक निगरानी, मंदिर जाने वाली महिलाओं के लिए भी विशेष पेट्रोलिंग
उज्जैन । नवरात्रि के दौरान उज्जैन में गरबा पंडालों में शामिल होने वाली महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने निगरानी व्यवस्था मजबूत कर दी है। शहर में शक्ति स्क्वॉड अभियान के तहत गरबा स्थलों और आसपास के इलाकों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। उज्जैन पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 15 चीता पार्टी और 34 एफआरवी वाहनों में महिला पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर लगाया गया है। पुलिस टीमें रात 8 बजे से सुबह 2 बजे तक गरबा स्थलों पर निगरानी रखेंगी। इसके अलावा सुबह मंदिर जाने वाली महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी विशेष पेट्रोलिंग की व्यवस्था की गई है।
मंगलवार रात शक्ति स्क्वॉड की टीम ने शहर के कई प्रमुख गरबा पंडालों का दौरा कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। इस दौरान संदिग्ध नजर आने वाले युवकों की रैंडम चेकिंग की गई और उनसे पूछताछ भी की गई। पुलिस ने गरबा स्थलों पर सादे कपड़ों में महिला पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया है। इसका उद्देश्य भीड़ के बीच संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना और महिलाओं या युवतियों के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ अथवा अभद्र व्यवहार की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई करना है।
उज्जैन में शक्ति स्क्वॉड अभियान पिछले दो वर्षों से नवरात्रि के दौरान चलाया जा रहा है। इस बार अभियान का तीसरा वर्ष है। इसका मुख्य उद्देश्य गरबा खेलने के बाद देर रात घर लौटने वाली महिलाओं और युवतियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। नवरात्रि में गरबा आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। ऐसे में भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए महत्वपूर्ण होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस टीमों को नियमित गश्त और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
मंगलवार रात पुलिस ने दशहरा मैदान राजा राम सामाजिक न्याय परिसर इंजीनियरिंग कॉलेज और तारामंडल क्षेत्र के गरबा स्थलों पर पहुंचकर जांच की। इन स्थानों पर आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी गई और जरूरत के मुताबिक संदिग्धों से पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि इस तरह की औचक जांच का उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना को रोकना और आयोजनों में शामिल महिलाओं तथा परिवारों के बीच सुरक्षा का भरोसा बनाए रखना है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत शहर में 15 चीता पार्टियों और 34 एफआरवी वाहनों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। एफआरवी वाहनों में महिला अधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। पुलिस के मुताबिक गरबा आयोजनों के दौरान रात 8 बजे से सुबह 2 बजे तक विशेष निगरानी रहेगी। वहीं सुबह 4 बजे से 8 बजे तक मंदिर जाने वाली महिलाओं की सुरक्षा के लिए चार पेट्रोलिंग वाहन तैनात रहेंगे। इससे सुबह के समय भी प्रमुख रास्तों और मंदिरों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।
महिलाओं के खिलाफ अपराधों में पहले शामिल रहे लोगों पर भी पुलिस नजर रख रही है। इसके लिए संबंधित लोगों की सूची तैयार की गई है और शक्ति स्क्वॉड की टीमें गरबा पंडालों के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी कर रही हैं। पुलिस का उद्देश्य नवरात्रि के दौरान महिलाओं और युवतियों को ऐसा माहौल देना है जिसमें वे बिना डर के गरबा आयोजनों में शामिल हो सकें और सुरक्षित घर लौट सकें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि छेड़छाड़ या किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -

MP: उज्जैन पुलिस ने पकड़े 2 करोड़ रुपये के तांबे स्क्रैप से भरे पांच वाहन, 5 तस्कर गिरफ्तार
उज्जैन। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के उज्जैन जिले (Ujjain district) में अवैध गतिविधियों और संदिग्ध मामलों पर नकेल कसते हुए उज्जैन पुलिस (Ujjain Police) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान तांबे के चूरे स्क्रैप से भरे पांच लोडिंग वाहनों को पकड़ा है। जब्त किए गए वाहनों और उनमें भरे माल की कुल अनुमानित कीमत लगभग दो करोड़ रुपये आंकी गई है।पुलिस को मिली खास सूचना के आधार पर रणकेश्वर मंदिर के पास ब्रिज के नीचे यह कार्रवाई की गई। पकड़े गए पांचों टाटा एस लोडिंग वाहनों के चालकों से जब माल से संबंधित वैध बिल, बिल्टी और परिवहन दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई भी वैध कागजात या संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद चोरी के माल के संदेह में पुलिस ने माल और वाहनों को विधिवत जब्त कर लिया।
बताया जाता है कि पुलिस ने श्री हरिओम धर्मकांटा पर टाटा एस (MP-09-AX-5704): वजन – 4,165 किलोग्राम, टाटा एस गोल्ड (नया वाहन, बिना नंबर): वजन – 2,335 किलोग्राम, टाटा एस गोल्ड (MP-09-AJ-2175): वजन – 4,035 किलोग्राम, टाटा एस गोल्ड (MP-09-BK-4988): वजन – 2,965 किलोग्राम, टाटा एस गोल्ड (MP-09-BR-4162): वजन – 3,075 किलोग्राम है पांचों वाहनों का कुल ग्रॉस वजन 16,575 किलोग्राम है, जिसमें लगभग 11 टन तांबे का स्क्रैप (कीमत करीब 2 करोड़ रुपए) शामिल है।
पुलिस ने मौके से पांचों वाहन चालकों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान सुरेश पिता मोहनलाल सोलंकी (निवासी – इंदौर), राहुल पिता राधेश्याम चौहान (निवासी – इंदौर), शंकर पिता कैलाश सिंह ढाला (निवासी – इंदौर), रामकिशन पिता मांगीलाल पंवार (निवासी – इंदौर), विनायक पिता रमेश राठौर (निवासी – इंदौर) के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) एवं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(1)(e)/106 के तहत इस्तगासा पंजीबद्ध कर लिया है। जब्त वाहनों और माल को थाने में सुरक्षित रखवाया गया है। फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि यह तांबे का चूरा कहां से लाया गया था और इसके तार किन चोरियों या अवैध नेटवर्क से जुड़े हैं।
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साइबर ठगी के पैसों से खरीदा सोना, उज्जैन में पकड़ा गया गिरोह: MBA पास युवकों का नेटवर्क बेनकाब, BJP नेता का बेटा निकला मास्टरमाइंड
मध्यप्रदेश । साइबर अपराधियों द्वारा ठगी के पैसों को वैध बनाने के लिए अपनाए जा रहे नए तरीकों का एक चौंकाने वाला मामला उज्जैन में सामने आया है। उज्जैन पुलिस ने ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो साइबर ठगी से हासिल रकम को सोने में निवेश कर उसे नकदी में बदलने की साजिश रच रहा था। मामले में नर्मदापुरम के तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मुख्य आरोपी एक स्थानीय भाजपा नेता का बेटा बताया जा रहा है।पुलिस जांच के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अनिमेष वर्मा, कशिश बढ़ानी और राहुल गुप्ता आपस में मित्र हैं और तीनों उच्च शिक्षित हैं। आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर उज्जैन के विभिन्न ज्वेलरी शोरूम से करीब 4.65 लाख रुपए का सोना खरीदा। इन खरीदारी का भुगतान साइबर ठगी से प्राप्त रकम के जरिए क्यूआर कोड स्कैन कर किया गया था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब फ्रीगंज स्थित एक ज्वेलर्स के बैंक खाते को संदिग्ध ट्रांजेक्शन के चलते होल्ड कर दिया गया। शोरूम संचालक ने इसकी सूचना माधवनगर थाने में दी। पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में खरीदारी करने आए युवक के मोबाइल पर आए एक कॉल का नंबर स्क्रीन पर दिखाई दे गया। यही नंबर जांच का सबसे अहम सुराग साबित हुआ।
माधवनगर थाना पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और लोकेशन ट्रैकिंग की मदद से महाकाल क्षेत्र के एक होटल में दबिश देकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी अनिमेष वर्मा कुछ महीने पहले क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज प्लेटफॉर्म के माध्यम से टेलीग्राम पर सक्रिय साइबर ठगों के संपर्क में आया था। ठगों ने उसे मोटे कमीशन और त्वरित मुनाफे का लालच दिया था।
आरोपियों ने पिछले दस दिनों में उज्जैन के कई ज्वेलरी शोरूम से सोना खरीदा। दुकानदारों के क्यूआर कोड दिल्ली में बैठे साइबर ठगों को भेजे जाते थे। इसके बाद राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश में साइबर ठगी के शिकार लोगों के बैंक खातों से सीधे भुगतान किया जाता था। सोना खरीदने के बाद उसे बेचकर रकम को नकदी में बदलने की योजना थी।
उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार, प्रारंभिक जांच में राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश के पीड़ितों के खातों से लाखों रुपए के भुगतान की पुष्टि हुई है। पुलिस का मानना है कि यह एक बड़े अंतरराज्यीय और संभवतः अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट का हिस्सा है, जो ठगी के पैसों को पेट्रोल पंपों और सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों में निवेश कर वैध बनाने का प्रयास करता है।
फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 21 जून तक रिमांड पर लिया है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है और नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए एक विशेष टीम दिल्ली भेजी जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में साइबर अपराध के इस संगठित नेटवर्क से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।
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मजदूर के बेटे की गुहार पर दौड़े TI, आरक्षक ने किया रक्तदान-उज्जैन पुलिस ने बचाई महिला की जान
मध्य प्रदेश। उज्जैन में पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता ने एक बार फिर इंसानियत की मिसाल पेश की है। चिमनगंज मंडी थाना क्षेत्र में एक गंभीर रूप से बीमार महिला की जान समय रहते रक्त उपलब्ध होने से बच गई। पूरी घटना एक छात्र की भावुक गुहार से शुरू हुई, जिसने पुलिस को तुरंत हरकत में ला दिया।इस्कॉन मंदिर के पीछे रहने वाले कक्षा 7वीं के छात्र सूरज भाटी ने अपनी मां सुनीता भाटी के लिए रक्त की मदद मांगते हुए सीधे चिमनगंज मंडी थाना प्रभारी विवेक कनोड़िया को फोन किया। सूरज ने बताया कि उसकी मां बिरला अस्पताल में भर्ती हैं और पिछले दो दिनों से परिवार रक्त की व्यवस्था नहीं कर पा रहा है।
परिवार की स्थिति बेहद कमजोर थी, क्योंकि सूरज के पिता का दो साल पहले निधन हो चुका है और उसकी मां घरेलू काम कर तीन बच्चों का पालन-पोषण कर रही हैं। बच्चे की भावुक अपील सुनते ही थाना प्रभारी विवेक कनोड़िया तुरंत अस्पताल पहुंचे।
हालांकि, उन्होंने स्वयं रक्तदान करने का प्रयास किया, लेकिन स्वास्थ्य कारणों और ब्लड ग्रुप मेल न खाने के कारण वे रक्तदान नहीं कर सके। इसके बाद उन्होंने तत्काल अपने थाना स्टाफ के व्हाट्सएप ग्रुप में बी-पॉजिटिव रक्तदाता की आवश्यकता का संदेश साझा किया।
कुछ ही समय में आरक्षक जगदीश गेहलोत ने आगे बढ़कर रक्तदान के लिए सहमति दी और बिना देर किए पुष्पा मिशन अस्पताल पहुंचकर रक्तदान किया। समय पर रक्त मिलने से सुनीता भाटी की हालत में सुधार हुआ और उनकी जान बच गई।
यह घटना न केवल पुलिस की त्वरित कार्रवाई को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि संकट के समय मानवता सबसे बड़ी ताकत होती है। उज्जैन पुलिस की इस पहल की हर ओर सराहना हो रही है।
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MP: रतलाम पहुंची थी बारात तभी उज्जैन पुलिस का फोन आया… दूल्हे पर दुष्कर्म का केस… मौका पाकर हुआ फरार
उज्जैन। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रतलाम जिले (Ratlam district) में उस दौरान हड़कंप मच गया जब उज्जैन जिले (Ujjain district) की बड़नगर पुलिस ने दुल्हन पक्ष से संपर्क कर बताया कि दूल्हे के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। जानकारी लगते ही दुल्हन पक्ष के परिवार में माहौल खराब हो गया। वधू पक्ष को पुलिस ने समझा बूझाकर शादी की रस्म को रोकने के लिए तैयार किया, इस दौरान मौका पाकर दूल्हा फरार हो गया, मिली जानकारी के अनुसार बुधवार रतलाम में बड़नगर के एक युवक की शादी हो रही थी, बड़नगर से बारात पहुंच चुकी थी।दूल्हा मंडप में आने ही वाला था कि तभी दुल्हन पक्ष के परिवार को इसका पता चल गया। परिवार को पता चला कि जिस लड़के से लड़की की शादी होने वाली है, उस पर तो नाबालिग ने रेप का केस दर्ज कराया है। बताया जा रहा है कि इस मामले का पटाक्षेप करने में एक स्थानीय पार्षद की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
जब वह घर पर अकेली थी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पूरा मामला इस प्रकार है कि उज्जैन से करीब 60 किमी दूर बड़नगर थाना क्षेत्र के शिक्षक कॉलोनी में रहने वाले युवक अभिषेक सेन के द्वारा 15 वर्षीय नाबालिग से जनवरी के माह में उस वक्त दुष्कर्म किया गया जब वह घर पर अकेली थी। इस दौरान उसे डरा धमका कर इस घटना को किसी को भी बताने के लिए धमकाया गया था। जब पिछले दिनों अभिषेक की शादी की खबर नाबालिग तक पहुंची तो उसने इस शादी का विरोध किया। लेकिन अभिषेक ने उसे डराते हुए अपनी शादी को नहीं रोका और बारात लेकर रतलाम पहुंच गया।इसी बीच 6 अप्रैल को नाबालिग के द्वारा इस घटनाक्रम से दुखी होकर आत्महत्या करने की नीयत से एसिड पीकर जान देने का प्रयास किया गया तो यह मामला सामने आया। बालिका को उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसका मेडिकल कराने पर स्पष्ट हुआ कि पीड़िता गर्भवती भी है।
पुलिस ने फोन पर दुल्हन पक्ष को समझाया
उज्जैन से करीब 60 किमी दूर बड़नगर की शिक्षक कॉलोनी में रहने वाले अभिषेक सेन की शादी रतलाम जिले की युवती से तय थी, पिछले दो दिन से शादी के कार्यक्रम चल रहे थे और बुधवार रात करीब 8 बजे दूल्हा घोड़ी पर सवार होकर बारात लेकर निकल चुका था। बारात लगने से पहले पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर फोन पर दुल्हन पक्ष को समझाया। वधु पक्ष को सूचना मिलते ही शादी वाले घर में हड़कंप मच गया। दोनों पक्षों की बातचीत के बाद शादी रोक दी गई। नाबालिग पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि आरोपी ने डरा-धमकाकर रेप किया। जिस दिन अभिषेक की शादी थी, उसी दिन पता चला कि पीड़िता प्रेग्नेंट है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 5 जनवरी को आरोपी उसके घर आया, जब वह अकेली थी। उसने धमकाकर दुष्कर्म किया और किसी को बताने से मना किया। आरोपी की शादी तय होने के बाद उसने आत्महत्या का प्रयास किया।
POCSO एक्ट सहित दुष्कर्म का मामला दर्ज
थाना प्रभारी अशोक पाटीदार के अनुसार, 15 वर्षीय नाबालिग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट सहित दुष्कर्म का मामला दर्ज किया। पुलिस ने बताया कि पीड़िता और आरोपी एक ही कॉलोनी में रहते हैं। दूल्हे की शादी के तीन दिन पहले पीड़िता ने 6 अप्रैल को एसिड पीकर आत्महत्या की कोशिश की थी।इलाज के दौरान 8 अप्रैल को उसके गर्भवती होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद उसने परिजन को पूरी बात बताई।बालिका की शिकायत पर पुलिस ने पास्को एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है फिलहाल आरोपी फरार है उसे जल्द ही हिरासत में लिया जाएगा।
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होली से पहले उज्जैन पुलिस का एक्शन मोड: गुंडा बदमाशों को थाने बुलाकर चेतावनी, हुड़दंग किया तो होगी सख्त कार्रवाई
नई दिल्ली। होली और रंगपंचमी को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए उज्जैन पुलिस ने जिलेभर में विशेष अभियान चलाया है। पुलिस ने गुंडा सूची में दर्ज बदमाशों, निगरानी अपराधियों और आदतन उपद्रवियों को थानों में तलब कर कड़ी चेतावनी दी है कि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर जिले के सभी थाना क्षेत्रों में एक साथ यह कार्रवाई की गई। त्योहारों के दौरान शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से सक्रिय असामाजिक तत्वों की काउंसलिंग की गई और उन्हें भविष्य में किसी भी आपराधिक गतिविधि से दूर रहने की हिदायत दी गई।
स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि कोई भी व्यक्ति होली या रंगपंचमी के दौरान मारपीट, जबरन रंग डालना, महिला उत्पीड़न, धार्मिक भावनाएं भड़काने, अवैध शराब या नशीले पदार्थों की बिक्री अथवा सेवन, या किसी भी प्रकार की शांति भंग की गतिविधि में शामिल पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के तहत संबंधित आरोपियों से प्रतिबंधात्मक धाराओं में बांड भरवाए गए हैं। साथ ही उनके डोजियर अपडेट किए गए, जिनमें आपराधिक रिकॉर्ड, वर्तमान गतिविधियों और संभावित जोखिम का विवरण दर्ज किया गया। थानों में बुलाए गए लोगों को शांति और सौहार्द बनाए रखने की शपथ भी दिलाई गई।
पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि होली को लेकर पिछले 15 दिनों से लगातार बैठकें की जा रही हैं। सभी आयोजनकर्ताओं से समन्वय स्थापित किया गया है और प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। होलिका दहन और अन्य आयोजनों में कोई अव्यवस्था न हो, इसके लिए आयोजकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाएं और बच्चे भी सुरक्षित माहौल में त्योहार मना सकें, यह पुलिस की प्राथमिकता है। हर थाने में उपद्रवी तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ बाउंडओवर की कार्रवाई की गई है। जिलेभर में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, ताकि होली और रंगपंचमी सौहार्द और भाईचारे के साथ संपन्न हो सकें।
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उज्जैन में बदमाशों का दुस्साहस: घर के बाहर खड़ी कारोबारी की 11 लाख की कार फूंकी; एक ने लगाई आग
उज्जैन । महाकाल की नगरी उज्जैन में बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। शहर के भार्गव नगर इलाके में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात बदमाशों ने सरेराह गुंडागर्दी का ऐसा नंगा नाच दिखाया, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने एक कपड़ा कारोबारी के घर के बाहर खड़ी कीमती कार को आग के हवाले कर दिया। वारदात की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जहाँ एक बदमाश आग लगा रहा था, वहीं उसका साथी मोबाइल से इस पूरी घटना का वीडियो बना रहा था, जिससे यह मामला आपसी रंजिश या दहशत फैलाने की साजिश प्रतीत हो रहा है।सीसीटीवी में कैद हुई लाइव वारदात पूरी घटना भार्गव नगर निवासी कारोबारी नरेश धनवानी के घर के बाहर रात करीब ढाई बजे घटित हुई। उनकी हुंडई वर्ना कार क्रमांक एमपी 13 पी 1313 घर के बाहर पार्क थी। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि दो युवक बाइक पर सवार होकर आते हैं। एक बदमाश बाइक से उतरता है और कार पर कोई ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर माचिस मार देता है। देखते ही देखते कार आग के गोले में तब्दील हो जाती है। इस दौरान बाइक पर बैठा दूसरा बदमाश भागने के बजाय स्थिर होकर अपने मोबाइल से आगजनी का वीडियो रिकॉर्ड करता रहा, मानो वह अपनी इस करतूत का ‘जश्न’ मना रहा हो।
पूरी तरह जलकर खाक हुई 11 लाख की कार धमाके और आग की लपटें देख कारोबारी के परिजनों की नींद खुली और वे आनन-फानन में बाहर आए। तत्काल पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। जब तक दमकल की गाड़ी मौके पर पहुँचती और आग पर काबू पाया जाता, तब तक 11 लाख रुपये मूल्य की कार पूरी तरह जलकर लोहे के ढांचे में तब्दील हो चुकी थी। गनीमत यह रही कि आग की लपटें घर के भीतर तक नहीं पहुँची, अन्यथा कोई बड़ी जनहानि हो सकती थी।
रंजिश या दहशत फैलाने की कोशिश? घटना के बाद से क्षेत्र के निवासियों में डर का माहौल है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है और आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। वीडियो बनाने की मंशा यह संकेत देती है कि आरोपी इसे किसी को डराने के लिए साक्ष्य के तौर पर इस्तेमाल करना चाहते थे या सोशल मीडिया पर रील बनाकर दहशत फैलाना चाहते थे। पुलिस कारोबारी के पुराने विवादों और व्यावसायिक रंजिश के एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। नीलगंगा थाना पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
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उज्जैन में टोल कर्मचारी पर चाकू से हमला, बिना टोल देने पर विवाद हुआ हिंसक
उज्जैन। नागदा रोड स्थित चकरावदा टोल प्लाजा पर 7 जनवरी 2025 की रात लगभग 2:10 बजे एक गंभीर घटना हुई, जिसमें टोल कर्मचारी अरुण पर चार युवकों ने चाकू से हमला किया। यह पूरी वारदात टोल प्लाजा में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि उज्जैन की ओर जा रही टाटा टिगोर कार में सवार चार युवक पहले टोल कर्मचारियों से बहस करने लगे। कुछ देर बाद चालक सीट पर बैठे एक युवक ने कार से उतरकर अरुण पर मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद पीछे बैठे अन्य युवक भी उतरकर चाकू से हमला करने लगे और फिर अन्य कर्मचारियों पर भी हाथ साफ किया। हमलावर तुरंत अपनी कार में बैठकर फरार हो गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी टोल शुल्क दिए बिना आगे निकलना चाहते थे। जब कर्मचारियों ने उन्हें रोका तो युवक गुस्से में चिल्लाने लगे और विवाद बढ़ने पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में अरुण की पीठ, गर्दन और सिर पर गंभीर चोटें आईं, जिन्हें तुरंत उज्जैन के चरक अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां सिर और गर्दन पर टांके लगाए गए।भैरवगढ़ थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है।