महाकाल मंदिर पहुंचने पर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने गर्भगृह में बाबा महाकाल का पूजन और अभिषेक किया। इसके बाद उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर ध्यान लगाया और भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। इस दौरान वे भक्ति में लीन नजर आईं। दर्शन के बाद उन्होंने नंदी के कानों में अपनी मनोकामना कही और नंदी को दुलार भी किया। इसके बाद उन्होंने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
मीडिया से बातचीत के दौरान उमा भारती ने कहा कि जब भी वह महाकाल मंदिर आती हैं, उन्हें अच्छी व्यवस्था मिलती है। हालांकि, उन्होंने नागपंचमी पर हुए हादसे पर दुख भी जताया। उन्होंने कहा कि कई भगवानों की पूजा लोग घर पर ही कर सकते हैं और परिस्थितियों को देखते हुए आगे बढ़ना चाहिए। उनके मुताबिक व्यवस्था, पुलिस और प्रशासन की भी अपनी एक सीमा होती है। कई बार ये सीमाएं लोगों की आस्था के सामने टूट जाती हैं। इसलिए लोगों को भी सुव्यवस्थित तरीके से चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ अनुमान गलत हुए थे और यह घटना आगे के लिए सबक है। उन्हें विश्वास है कि प्रशासन भविष्य में इसका ध्यान रखेगा।
सिंहस्थ की तैयारियों को लेकर उमा भारती ने कहा कि काम अच्छी तरह चल रहा है। उन्होंने बताया कि लैंड पुलिंग को उज्जैन की भूमि से बाहर कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने बहुत अच्छा काम किया है। उमा भारती ने डॉ. मोहन यादव को महाकाल का बालक बताया और कहा कि उन पर भगवान का आशीर्वाद बना रहे।
CJP को लेकर पूछे गए सवाल पर उमा भारती ने ‘कॉकरोच चप्पल और हिट छिड़कने से मर जाएंगे’ वाले बयान पर जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कॉकरोच गंदगी से पैदा होते हैं और यदि गंदगी रहेगी तो वे फिर पैदा हो जाएंगे। उनके अनुसार सिस्टम की गंदगी खत्म करने की जरूरत है। अगर सिस्टम में गंदगी बनी रहेगी तो चप्पल और हिट से कुछ नहीं होने वाला।
सागर शराब कांड पर उमा भारती ने दुख जताते हुए कहा कि शराब पीना ही नहीं चाहिए और अवैध शराब की बिक्री भी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अवैध शराब की बिक्री होने पर समाज को सख्ती बरतनी चाहिए। उन्होंने सरपंच, पंचायत सदस्य, जनपद अध्यक्ष, नगर पंचायत सदस्य और अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य और अध्यक्ष, पार्षद, विधायक तथा सांसद की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा कि ऐसा क्यों हो रहा है और क्या उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या वे अपना कर्तव्य नहीं निभा रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन को भी अपना काम करना चाहिए।
उमा भारती ने कहा कि मोहन सरकार सख्ती बरतेगी और मुख्यमंत्री मोहन यादव को शराब से सख्त नफरत है। उन्होंने कहा कि यदि मोहन के हाथ में हो तो पूरे हिंदुस्तान में आदमी शराब न पी सके। उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह चौहान भी इसी तरह थे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि किसी नीति को लागू करने के लिए जनसहयोग भी पूरी तरह जरूरी है।
