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  • यूक्रेन के क्रिवी रिह में रूसी ड्रोन अटैक, शॉपिंग मॉल को बनाया निशाना, 14 की मौत, 121 घायल

    यूक्रेन के क्रिवी रिह में रूसी ड्रोन अटैक, शॉपिंग मॉल को बनाया निशाना, 14 की मौत, 121 घायल


    कीव। रूस ने शुक्रवार को मध्य यूक्रेन के क्रिवी रिह शहर में कई ड्रोन से हमला किया। हमले में एक बड़े शॉपिंग मॉल को निशाना बनाया गया। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, हमले में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई है, जबकि 121 लोग घायल हुए हैं। घायलों में 22 बच्चे भी शामिल हैं। 29 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है, इनमें पांच बच्चे हैं। राहत और बचाव अभियान जारी रहने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई गई है।

    मॉल पर बार-बार किए गए ड्रोन हमले

    क्रिवी रिह रक्षा परिषद के प्रमुख ओलेक्सांद्र विकुल के अनुसार, शॉपिंग मॉल को कई बार निशाना बनाया गया। उन्होंने बताया कि जेट इंजन वाले शाहेद ड्रोन बेहद कम ऊंचाई पर उड़ते हुए हमला कर रहे थे। क्षेत्रीय अधिकारियों के मुताबिक, रूसी सेना ने क्रिवी रिह के चार जिलों में करीब 60 हमले किए। इनमें ड्रोन, तोपों और एक हवाई बम का इस्तेमाल किया गया।

    हमले की चपेट में क्रिवी रिह जिले के जेलेनोडोल्स्क और ह्रुशिव्का इलाके भी आए। निकोपोल जिले में तीन और सिनेल्निकोव जिले में दो लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।

    लगातार बढ़ती गई घायलों की संख्या

    हमले के तुरंत बाद दो लोगों की मौत और 15 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद घायलों की संख्या 50, 91 और फिर 96 तक पहुंच गई। शाम तक अधिकारियों ने 14 मौतों और 121 लोगों के घायल होने की पुष्टि की।

    जेलेंस्की ने रूस पर साधा निशाना

    यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का गृहनगर होने के कारण क्रिवी रिह पर हुए हमले को लेकर उनकी प्रतिक्रिया भी सामने आई। जेलेंस्की ने शॉपिंग सेंटर पर हमले को निंदनीय बताते हुए इसे आतंकवादी कार्रवाई करार दिया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से रूस पर प्रभावी दबाव बनाने की अपील की।

    क्रिवी रिह इससे पहले भी रूसी हमलों का निशाना बन चुका है। 16 अगस्त को शहर की प्रमुख इस्पात कंपनी आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह पर हुए हमले में दो कर्मचारियों की मौत हुई थी।

    बच्चे भी हुए हमले में घायल

    ताजा हमले में 22 बच्चों के घायल होने की पुष्टि हुई है। गंभीर रूप से घायल 29 लोगों में पांच बच्चे भी शामिल हैं। घटनास्थल से घायलों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। बचाव दल प्रभावित इलाकों में राहत और खोज अभियान चला रहा है।

    पहले भी हो चुका है बड़ा हमला

    क्रिवी रिह में अप्रैल 2025 में भी बड़ा रूसी हमला हुआ था। उस दौरान शहर के एक बच्चों के खेल मैदान को निशाना बनाया गया था, जिसमें कम से कम 18 लोगों की मौत हुई थी और दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

    ताजा हमले ने एक बार फिर यूक्रेन के नागरिक इलाकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शॉपिंग मॉल जैसे सार्वजनिक स्थान पर बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने से रूस-यूक्रेन युद्ध में नागरिकों पर पड़ रहे असर की तस्वीर और गंभीर हुई है।

  • यूक्रेन का रूस पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला, मॉस्को क्षेत्र से रोस्तोव तक कई ठिकानों पर मची तबाही

    यूक्रेन का रूस पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला, मॉस्को क्षेत्र से रोस्तोव तक कई ठिकानों पर मची तबाही

    नई दिल्ली । रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में रविवार 16 अगस्त को हवाई हमलों का अब तक का सबसे बड़ा दौर देखने को मिला। यूक्रेन ने रूस के कई इलाकों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला किया। रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि रातभर में 822 यूक्रेनी ड्रोन नष्ट किए गए। हमलों के कारण कई क्षेत्रों में आग, नुकसान और जनहानि की खबर सामने आई है।

    मॉस्को क्षेत्र में यूक्रेनी ड्रोन हमलों का बड़ा असर दिखाई दिया। पोडोल्स्क इलाके में ऑनलाइन रिटेल कंपनी वाइल्डबेरीज के एक गोदाम को निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई। हमले के बाद गोदाम में भीषण आग लग गई और आसमान में धुएं का बड़ा गुबार दिखाई दिया। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में 83 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि कई लोग घायल हुए।

    मॉस्को क्षेत्र के अधिकारियों ने इसे युद्ध शुरू होने के बाद क्षेत्र पर हुए सबसे बड़े यूक्रेनी ड्रोन हमलों में से एक बताया। पोडोल्स्क के अलावा आसपास के इलाकों में भी ड्रोन गतिविधियों की सूचना मिली। हमले के चलते स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया।

    यूक्रेन ने रूस के रोस्तोव क्षेत्र में मिसाइल ईंधन बनाने वाली एक सुविधा को भी निशाना बनाने का दावा किया। इस कार्रवाई को रूसी सैन्य ढांचे को प्रभावित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि हमले से हुए नुकसान का पूरा आकलन तत्काल सामने नहीं आया। दोनों पक्षों के दावों के बीच हमले की व्यापकता और प्रभाव को लेकर स्थिति लगातार स्पष्ट हो रही है।

    दक्षिणी रूस के बेलगोरोद क्षेत्र के पास भी ड्रोन हमले की जानकारी सामने आई। एक बस को निशाना बनाए जाने के बाद एक व्यक्ति की मौत होने की बात कही गई है। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि युद्ध से जुड़े हवाई हमले केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रह गए हैं और नागरिक इलाकों पर भी उनका असर पड़ रहा है।

    इस बीच रूस ने भी यूक्रेन के कई हिस्सों पर रातभर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, एक स्टील प्लांट को हुए नुकसान में दो लोगों की मौत हुई और 14 लोग घायल हुए। हमले के कारण बिजली उत्पादन और ब्लास्ट फर्नेस से जुड़े हिस्सों को नुकसान पहुंचा तथा संयंत्र की कुछ उत्पादन गतिविधियां आंशिक रूप से प्रभावित हुईं।

    कीव में भी रूसी मिसाइल हमलों के कारण कई इलाकों में आग लगने की जानकारी सामने आई। शहर के कम से कम दो जिलों में नुकसान की खबर मिली। राजधानी और आसपास के क्षेत्र में कई लोग घायल हुए, जिनमें एक बच्चा भी शामिल बताया गया। हमलों के बाद आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया।

    हाल के दिनों में दोनों देशों ने एक-दूसरे के सैन्य और आर्थिक ढांचे पर हमले तेज किए हैं। यूक्रेन रूसी तेल रिफाइनरियों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और सैन्य उपयोग से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बना रहा है। दूसरी ओर रूस यूक्रेन के शहरों, ऊर्जा ढांचे और बंदरगाहों पर लगातार हमले कर रहा है।

    काला सागर और डेन्यूब क्षेत्र में भी युद्ध का असर बढ़ा है। रूस ने पिछले सप्ताह रोमानियाई सीमा के पास डेन्यूब नदी पर स्थित यूक्रेन के प्रमुख अनाज निर्यात बंदरगाह को निशाना बनाया था। इस घटनाक्रम के बीच रोमानिया के ऊपर एक ड्रोन गिराए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

    रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते ड्रोन और मिसाइल हमले युद्ध के और लंबा खिंचने की आशंका बढ़ा रहे हैं। दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे की सैन्य क्षमता और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। 16 अगस्त की घटनाओं ने इस संघर्ष में हवाई हमलों के बढ़ते पैमाने और उससे जुड़े मानवीय नुकसान को एक बार फिर सामने ला दिया है।

  • मॉस्को और रोस्तोव को बनाया निशाना, रातभर चले यूक्रेनी ड्रोन हमलों में बुजुर्ग समेत छह लोगों की जान गई

    मॉस्को और रोस्तोव को बनाया निशाना, रातभर चले यूक्रेनी ड्रोन हमलों में बुजुर्ग समेत छह लोगों की जान गई

    नई दिल्ली ।रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में रविवार को हवाई हमलों का एक बड़ा दौर देखने को मिला। यूक्रेन की ओर से रूस के कई इलाकों में रातभर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए जाने की जानकारी सामने आई है। रूसी अधिकारियों के अनुसार, हवाई सुरक्षा बलों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में 822 यूक्रेनी ड्रोन को नष्ट किया। इस हमले में कम से कम छह लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।

    रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, हमले के दौरान करीब 600 ड्रोन मॉस्को की दिशा में बढ़ रहे थे। राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में हवाई सुरक्षा व्यवस्था को सक्रिय किया गया। मॉस्को क्षेत्र में एक ड्रोन या उसके मलबे के एक निजी मकान से टकराने के बाद 83 वर्षीय बुजुर्ग की मौत की जानकारी सामने आई।

    हमले का असर दक्षिण-पश्चिमी रोस्तोव क्षेत्र में भी देखा गया। क्षेत्रीय प्रशासन के अनुसार, तीन कस्बों को निशाना बनाया गया और वहां पांच लोगों की मौत हुई। हमलों से कई स्थानों पर नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में स्थिति का आकलन शुरू किया।

    मॉस्को क्षेत्र में ड्रोन हमलों के कारण कई जगह आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय किया गया। कुछ स्थानों पर आग लगने की सूचना भी सामने आई। हमलों के दौरान राजधानी की ओर बड़ी संख्या में ड्रोन आने के कारण हवाई सुरक्षा इकाइयों पर दबाव बढ़ा। यह हमला यूक्रेन की ओर से रूस के खिलाफ किए गए सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक माना जा रहा है।

    मॉस्को क्षेत्र के एक औद्योगिक इलाके में स्थित एक बड़े गोदाम परिसर में भी आग लगने की जानकारी सामने आई। हमले के बाद आसपास के क्षेत्र में धुआं उठता दिखाई दिया। अधिकारियों ने प्रभावित स्थानों पर राहत और बचाव दल भेजे। नुकसान और हमले के पूरे प्रभाव का आकलन किया जा रहा है।

    यूक्रेन की ओर से रूस के भीतर लंबी दूरी तक ड्रोन और मिसाइलों के जरिए हमले तेज किए गए हैं। इन कार्रवाइयों का उद्देश्य रूसी सैन्य और औद्योगिक ढांचे पर दबाव बढ़ाना बताया जाता है। रूस लगातार ऐसे हमलों को रोकने के लिए अपनी हवाई सुरक्षा प्रणाली का इस्तेमाल कर रहा है।

    इस बड़े हमले से एक दिन पहले यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस के भीतर गहरे क्षेत्र में किए गए हमलों की जानकारी दी थी। उनके अनुसार, रूस के समारा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र को निशाना बनाया गया था। यूक्रेन ने वहां अपने निर्मित फ्लेमिंगो मिसाइल के इस्तेमाल का दावा किया था। इसके अलावा एक रूसी एयरबेस को भी निशाना बनाए जाने की जानकारी दी गई थी।

    जेलेंस्की ने अपने बयान में कहा था कि रूस को युद्ध की वास्तविक कीमत महसूस करनी चाहिए। उनके अनुसार, यूक्रेन की लंबी दूरी की सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य रूस पर दबाव बढ़ाना है। इसके बाद रूस के कई हिस्सों में हुए बड़े ड्रोन हमले ने दोनों देशों के बीच संघर्ष की बढ़ती तीव्रता को सामने ला दिया है।

    इसी बीच रूस की ओर से यूक्रेन पर भी हमले जारी रहे। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रविवार को कीव और दूसरे इलाकों में रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों से नुकसान हुआ तथा कुछ लोग घायल हुए। दोनों देशों के बीच लगातार हो रहे हमलों से नागरिक क्षेत्रों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर खतरा बढ़ रहा है।

    रूस पर हुए ताजा ड्रोन हमले ने युद्ध के उस दौर को और स्पष्ट किया है जिसमें दोनों पक्ष अपने प्रतिद्वंद्वी के क्षेत्र में दूर तक हमला करने की क्षमता बढ़ा रहे हैं। 822 ड्रोन नष्ट करने का रूसी दावा इस हमले के बड़े पैमाने को दर्शाता है, जबकि छह लोगों की मौत ने इसके मानवीय प्रभाव को भी सामने रखा है। हालांकि, युद्ध के दौरान किए गए सैन्य दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग-अलग मामलों में सीमित रहती है।

  • पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ बने रूस के आर्बिट्रेटर, यूक्रेनी सरकारी बैंक के निवेश विवाद में करेंगे कानूनी पक्ष का प्रतिनिधित्व

    पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ बने रूस के आर्बिट्रेटर, यूक्रेनी सरकारी बैंक के निवेश विवाद में करेंगे कानूनी पक्ष का प्रतिनिधित्व

    नई दिल्ली । भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ को रूस और यूक्रेन के सरकारी बैंक ओशचाडबैंक के बीच चल रहे निवेश विवाद में रूस की ओर से आर्बिट्रेटर नियुक्त किया गया है। यह मामला रूस-यूक्रेन निवेश संधि के तहत शुरू हुई अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता कार्यवाही से जुड़ा है और इसमें यूक्रेन के चार क्षेत्रों में बैंक की संपत्तियों तथा कारोबारी गतिविधियों को हुए कथित नुकसान की भरपाई का दावा किया गया है।

    विवाद की सुनवाई तीन सदस्यीय अंतरराष्ट्रीय आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल करेगा। इसमें कोस्टा रिका की डियाला जिमेनेज को दोनों पक्षों की सहमति से अध्यक्ष चुना गया है। ओशचाडबैंक ने ग्रीस के स्टावरोस ब्रेकोलाकिस को अपना आर्बिट्रेटर नियुक्त किया है, जबकि रूस की ओर से पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ को चुना गया है। इस नियुक्ति के साथ अंतरराष्ट्रीय निवेश विवाद में भारत के पूर्व शीर्ष न्यायिक अधिकारी की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।

    ओशचाडबैंक यूक्रेन का सरकारी स्वामित्व वाला प्रमुख बैंक है। बैंक का आरोप है कि वर्ष 2022 के बाद रूस की सैन्य कार्रवाई के कारण डोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया क्षेत्रों में उसकी संपत्तियों और कारोबार को नुकसान पहुंचा। बैंक इसी नुकसान के लिए रूस से मुआवजे की मांग कर रहा है। विवाद के समाधान के लिए बैंक ने जुलाई 2025 में रूस को औपचारिक विवाद नोटिस भेजा था।

    बताया गया है कि रूस की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद ओशचाडबैंक ने अप्रैल 2026 में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद मामले की सुनवाई के लिए तीन सदस्यीय ट्रिब्यूनल के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ी। अब दोनों पक्षों ने अपने-अपने आर्बिट्रेटर नियुक्त कर दिए हैं और अध्यक्ष के तौर पर डियाला जिमेनेज की नियुक्ति पर सहमति बनी है।

    पूर्व CJI चंद्रचूड़ की नियुक्ति इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि रूस इससे पहले भी उन्हें दो अन्य निवेश विवादों में आर्बिट्रेटर बनाने का प्रस्ताव दे चुका था। हालांकि, उन प्रस्तावों को उन्होंने स्वीकार नहीं किया था। इस बार उन्होंने रूस की ओर से इस मामले में आर्बिट्रेटर की भूमिका स्वीकार की है।

    यह विवाद ओशचाडबैंक और रूस के बीच पहले हुए क्रीमिया से जुड़े मामले से अलग है। क्रीमिया में बैंक की संपत्तियों से संबंधित पुराने विवाद में ओशचाडबैंक को करीब 1.1 अरब डॉलर का मुआवजा मिला था। मौजूदा मामला वर्ष 2022 के बाद डोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया में कथित नुकसान से संबंधित है।

    अंतरराष्ट्रीय निवेश मध्यस्थता में आर्बिट्रेटर की भूमिका किसी पक्ष की ओर से मामले की सुनवाई करने वाले न्यायाधीश जैसी नहीं होती, बल्कि वह संबंधित ट्रिब्यूनल का सदस्य होता है और विवाद के कानूनी तथा तथ्यात्मक पहलुओं पर विचार करता है। इस मामले में भी तीनों सदस्य मिलकर संबंधित दावों, आपत्तियों और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करेंगे।

    रूस और यूक्रेन के बीच जारी व्यापक संघर्ष की पृष्ठभूमि में यह निवेश विवाद अंतरराष्ट्रीय कानूनी प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ओशचाडबैंक जिन संपत्तियों और कारोबारी हितों को नुकसान पहुंचने का दावा कर रहा है, उनके आधार पर मुआवजे की मांग की गई है। अब ट्रिब्यूनल दोनों पक्षों की दलीलों और साक्ष्यों पर विचार करते हुए मामले में आगे की कार्यवाही करेगा।

  • ट्रंप-जेलेंस्की मुलाकात के बाद रूस ने यूक्रेन पर कर दी मिसाइल और ड्रोन की बारिश

    ट्रंप-जेलेंस्की मुलाकात के बाद रूस ने यूक्रेन पर कर दी मिसाइल और ड्रोन की बारिश


    मॉस्को/कीव।
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की वॉशिंगटन में हुई बैठक के कुछ ही समय बाद रूस ने यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, हमलों में देश के कई प्रमुख शहरों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन हमलों की टाइमिंग को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।

    रिपोर्टों के अनुसार, रूस ने बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया। हमलों का असर कीव, ल्विव और नीप्रोपेत्रोव्स्क सहित कई क्षेत्रों में देखा गया। यूक्रेन ने दावा किया कि कई सैन्य और नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया, जबकि रूस का कहना है कि उसके हमले केवल सैन्य लक्ष्यों पर केंद्रित थे।

    पैट्रियट एयर डिफेंस पर चर्चा के बीच हमला

    ट्रंप और जेलेंस्की की बैठक के दौरान यूक्रेन की वायु सुरक्षा क्षमता बढ़ाने और पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम की उपलब्धता पर चर्चा हुई थी। माना जा रहा है कि रूस ने ऐसे समय में हमला कर यूक्रेन की मौजूदा वायु सुरक्षा चुनौतियों का लाभ उठाने की कोशिश की। हालांकि, इस संबंध में रूस की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है।

    पोलैंड सीमा के निकट भी बढ़ी सतर्कता

    हमलों के दौरान एक रूसी मिसाइल के पोलैंड की सीमा के निकट पहुंचने की खबरों के बाद पड़ोसी देश पोलैंड ने अपनी वायु सुरक्षा व्यवस्था को अलर्ट पर रखा। पोलिश अधिकारियों ने स्थिति पर नजर रखने और सुरक्षा उपाय बढ़ाने की पुष्टि की है। हालांकि, घटना के कारणों और परिस्थितियों की जांच जारी है।

    रूस ने सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

    रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि हमलों का उद्देश्य यूक्रेन के सैन्य एयरबेस, हथियार निर्माण इकाइयों, ड्रोन भंडारण केंद्रों और अन्य सैन्य अवसंरचना को निशाना बनाना था। मंत्रालय ने इसे यूक्रेन की ओर से हाल के दिनों में रूस के भीतर किए गए ड्रोन हमलों के जवाब में की गई कार्रवाई बताया।

    कूटनीतिक प्रयासों पर असर की आशंका

    विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप-जेलेंस्की बैठक के तुरंत बाद हुए इन हमलों से रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के कूटनीतिक प्रयासों को झटका लग सकता है। हालांकि, हमलों की टाइमिंग के पीछे रूस का क्या संदेश था, इस बारे में आधिकारिक स्तर पर कोई पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इससे जुड़े विभिन्न दावों को अभी विश्लेषकों के आकलन के रूप में ही देखा जा रहा है।

    रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

  • ईरानी जहाज पर कथित यूक्रेनी हमले से बढ़ा तनाव, अराघची और लावरोव ने फोन पर साझा की रणनीतिक चिंता

    ईरानी जहाज पर कथित यूक्रेनी हमले से बढ़ा तनाव, अराघची और लावरोव ने फोन पर साझा की रणनीतिक चिंता

    नई दिल्ली । कैस्पियन सागर में एक ईरानी वाणिज्यिक जहाज पर हुए कथित हमले के बाद पश्चिम एशिया और यूरोपीय क्षेत्र में कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस घटनाक्रम के बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने फोन पर बातचीत कर सुरक्षा स्थिति, क्षेत्रीय तनाव और आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया। दोनों नेताओं ने हमले की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध बताया।

    ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, अराघची ने बातचीत के दौरान कहा कि किसी भी संप्रभु देश के वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने इस घटना को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताते हुए कहा कि ईरान अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और समुद्री हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार रखता है। उनका कहना था कि ऐसे हमलों को अनदेखा नहीं किया जा सकता और जिम्मेदार पक्षों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

    रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी कथित हमले की आलोचना करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं रूस और ईरान के बीच विकसित हो रहे व्यापारिक और समुद्री संपर्क मार्गों के लिए भी जोखिम पैदा करती हैं। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि समुद्री व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित करना क्षेत्रीय और वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।

    बातचीत के दौरान दोनों विदेश मंत्रियों ने हाल के क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी चर्चा की। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी सुरक्षा स्थिति और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का भी उल्लेख किया गया। दोनों पक्षों ने माना कि मौजूदा परिस्थितियों में कूटनीतिक प्रयासों को मजबूत करना और तनाव को नियंत्रित करने के लिए संवाद बनाए रखना आवश्यक है।

    ईरानी विदेश मंत्री ने इससे पहले यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास के साथ भी टेलीफोन पर बातचीत की थी। इस दौरान उन्होंने कथित हमले की निंदा करते हुए यूरोपीय संघ, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस घटना की निष्पक्ष जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री मार्गों की स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर भी चर्चा की।

    ईरान ने इस मामले को लेकर तेहरान में यूक्रेन के प्रभारी राजनयिक को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, संबंधित अधिकारी को विरोध पत्र सौंपते हुए घटना पर ईरान की कड़ी आपत्ति से अवगत कराया गया। मंत्रालय का कहना है कि कथित हमला स्थानीय समयानुसार शनिवार तड़के हुआ, जिसमें जहाज को नुकसान पहुंचा और एक नाविक की मृत्यु हो गई।

    ईरानी विदेश मंत्री ने सार्वजनिक रूप से भी इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि देश अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़े मामलों पर दृढ़ रुख अपनाएगा। दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम पर यूक्रेन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में मामले को लेकर अलग-अलग पक्षों के दावों के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें संभावित कूटनीतिक कदमों और आगे की जांच पर टिकी हुई हैं। यह घटनाक्रम पहले से संवेदनशील क्षेत्रीय परिस्थितियों के बीच समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।

  • होर्मुज और लाल सागर के बाद ब्लैक सी पर बढ़ी चिंता, भारत ने समुद्री कर्मचारियों के लिए जारी किए सुरक्षा निर्देश

    होर्मुज और लाल सागर के बाद ब्लैक सी पर बढ़ी चिंता, भारत ने समुद्री कर्मचारियों के लिए जारी किए सुरक्षा निर्देश


    नई दिल्ली ।
    रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का असर अब समुद्री मार्गों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। ब्लैक सी क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए भारत सरकार ने जहाजों पर कार्यरत भारतीय नाविकों और समुद्री कर्मचारियों के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। सरकार ने सलाह दी है कि किसी भी समुद्री यात्रा या नई नियुक्ति से पहले संबंधित क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति, रोजगार की शर्तों और आपातकालीन व्यवस्थाओं की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। इस कदम का उद्देश्य भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित जोखिमों को कम करना है।

    विदेश मंत्रालय की ओर से जारी परामर्श में कहा गया है कि ब्लैक सी और उससे जुड़े समुद्री क्षेत्रों में मौजूदा समय में हालात संवेदनशील बने हुए हैं। युद्ध के कारण व्यावसायिक जहाजों पर हमलों का खतरा बना हुआ है और समुद्री गतिविधियां लगातार प्रभावित हो रही हैं। ऐसे माहौल में जहाजों पर कार्यरत कर्मचारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। सरकार ने विशेष रूप से उन भारतीय नाविकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है, जो इस क्षेत्र से होकर गुजरने वाले जहाजों पर कार्यरत हैं या नई नियुक्ति के लिए जाने वाले हैं।

    हाल के दिनों में यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास एक व्यावसायिक जहाज पर हुए हमले ने इस खतरे को और गंभीर बना दिया है। उस जहाज पर भारतीय नागरिक भी सवार थे। घटना के बाद कुछ भारतीय सुरक्षित पाए गए, जबकि अन्य की तलाश और स्थिति को लेकर प्रयास जारी रहे। इस घटनाक्रम ने ब्लैक सी क्षेत्र में कार्यरत समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने समय रहते एहतियाती सलाह जारी की है।

    एडवाइजरी में नाविकों से कहा गया है कि किसी भी जहाज पर कार्यभार संभालने से पहले यह सुनिश्चित करें कि उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधा, बीमा सुरक्षा और आपातकालीन निकासी जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। इसके साथ ही रोजगार अनुबंध की शर्तों की भी सावधानीपूर्वक जांच करने की सलाह दी गई है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं। सरकार का मानना है कि पूर्व तैयारी और सही जानकारी संभावित संकट की स्थिति में जोखिम को काफी हद तक कम कर सकती है।

    विदेश मंत्रालय ने यह भी उल्लेख किया है कि अप्रैल 2026 से अब तक रूस-यूक्रेन संघर्ष से जुड़े घटनाक्रमों में कई भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है। ऐसे मामलों को देखते हुए सरकार लगातार भारतीय नाविकों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों को सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी कर रही है। अधिकारियों ने सभी संबंधित एजेंसियों और शिपिंग कंपनियों से भी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

    इस बीच वैश्विक समुद्री व्यापार पहले से ही कई मोर्चों पर चुनौतियों का सामना कर रहा है। अमेरिका-ईरान तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में अस्थिरता बनी हुई है, जबकि लाल सागर में भी सुरक्षा संबंधी घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों को प्रभावित किया है। अब ब्लैक सी में बढ़ते जोखिम ने वैश्विक शिपिंग उद्योग की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन समुद्री क्षेत्रों में तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो इसका असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, ऊर्जा परिवहन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है। ऐसे में भारत सरकार की यह एडवाइजरी भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एहतियाती कदम मानी जा रही है।

  • यूक्रेन में ओडेशा पोर्ट के पास जहाज पर मिसाइल अटैक, 4 भारतीय क्रू मेंबर्स की मौत

    यूक्रेन में ओडेशा पोर्ट के पास जहाज पर मिसाइल अटैक, 4 भारतीय क्रू मेंबर्स की मौत

    कीव। समंदर (Ocean) में एक जहाज (Ship) पर हुए हमले (Attack) में 4 भारतीय क्रू मेंबर्स (Four Indian crew members) की मौत हो गई है. जबकि एक भारतीय गंभीर रूप से घायल हो गया है. भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना की जानकारी दी है. ये हमला MV गोल्डन लियो (MV Golden Leo) नाम के जहाज पर हुआ है. ये जहाज यूक्रेन के ओडेशा बंदरगाह (Odesha Port) से निकल रहा था. तभी इस पर हमला हुआ।

    भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार 19 जुलाई 2026 को यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से निकलते समय MV GOLDEN LEO नाम के एक जहाज पर हमला हुआ. यूक्रेन का दावा है कि ये हमला रूस ने मिसाइलों से किया है. घटना के समय जहाज़ पर 17 क्रू सदस्य मौजूद थे, जिनमें 5 भारतीय नागरिक भी शामिल थे. इनमें से 4 भारतीयों की मौत हो गई है. जबकि एक भारतीय गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है।

    विदेश मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन में हमारा मिशन स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचाने की पूरी कोशिश कर रहा है. विदेश मंत्रालय हम मारे गए भारतीय नागरिकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और घायल भारतीय नागरिक के जल्द और पूरी तरह ठीक होने की कामना करते हैं।

    विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ऐसे हमलों की निंदा करता है और दोहराता है कि कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाना, निर्दोष आम नागरिकों (क्रू सदस्यों) की जान जोखिम में डालना या नेविगेशन और व्यापार की आज़ादी में बाधा डालना निंदनीय है और ऐसा नहीं किया जाना चाहिए।

    ये जहाज यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से अनाज लेकर निकल रहा था. तभी इसे निशाना बनाया गया. विदेश मंत्रालय ने बताया कि ये जहाज पश्चिम अफ्रीकी देश गिनी-बिसाऊ के झंडे के तहत समुद्र में चल रहा था।


    मरने वालों में एक शख्स केरल का

    भारतीयों में मरने वालों में एक शख्स केरल का था. 26 साल के इस शख्स का नाम अखिल जोयन है. जो कासरगोड ज़िले के वेल्लारिक्कुंडु के रहने वाले जोयन और सैली का इकलौता बेटा था।

    बलाल ग्राम पंचायत के वेल्लारिक्कुंडु वार्ड के सदस्य शोबी जोसेफ ने बताया कि परिवार को सोमवार शाम शिपिंग कंपनी से अखिल की मौत के बारे में एक ईमेल मिला।


    जहाज पर मिसाइलों से हुआ हमला

    यूक्रेन के अधिकारियों के मुताबिक रविवार को ओडेसा से निकलने के कुछ ही देर बाद मक्का ले जा रहे कार्गो जहाज़ ‘गोल्डन लियो’ पर रूस की तीन क्रूज़ मिसाइलें गिरीं। यूक्रेन की नौसेना ने बताया कि हमले के बाद जहाज़ में आग लग गई. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार तट के पास एक जहाज़ से घना धुआं उठता देखा गया, जिसकी पहचान बाद में ‘गोल्डन लियो’ के तौर पर हुई. इसके क्रू में भारत और सीरिया के सदस्य शामिल थे।

    यूक्रेन के समुद्री बंदरगाह प्राधिकरण ने बताया कि रात भर खोज और बचाव अभियान चलता रहा. इस हमले में नौ क्रू सदस्य और एक समुद्री पायलट की मौत हो गई, जबकि 17 क्रू सदस्यों में से आठ को बचा लिया गया.

    LSEG के शिपिंग डेटा के अनुसार, ‘गोल्डन लियो’ मुंबई स्थित ‘ओशन ग्रेस शिपिंग लिमिटेड’ का है. इस जहाज़ का प्रबंधन ‘फ्रेंड्स शिपिंग कंपनी SA’ करती है।


    काला सागर फिर से लड़ाई का मुख्य केंद्र बना

    यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब रूस और यूक्रेन काला सागर और आज़ोव सागर में सैन्य गतिविधियां तेज़ कर रहे हैं, जिससे कमर्शियल शिपिंग और अनाज के निर्यात पर लगातार खतरा बढ़ रहा है।

    2022 में रूस के यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमले के बाद काला सागर इस संघर्ष के सबसे ज़्यादा विवादित इलाकों में से एक बन गया. हालांकि अंतरराष्ट्रीय समझौतों से कुछ समय के लिए अनाज के निर्यात को फिर से शुरू करने और ग्लोबल फ़ूड मार्केट पर दबाव कम करने में मदद मिली थी, लेकिन फिर से शुरू हुई लड़ाई ने दुनिया के सबसे व्यस्त एग्रीकल्चरल शिपिंग रूट में से एक को फिर से बाधित कर दिया है।

    यूक्रेन ने रूस के एनर्जी इंफ़्रास्ट्रक्चर और तेल टैंकरों को लगातार निशाना बनाया है, जबकि रूस ने यूक्रेन के बंदरगाहों, फ़्यूल फ़ैसिलिटीज़ और कार्गो जहाज़ों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज़ कर दिए हैं।

  • यूक्रेन में जेलेंस्की सरकार में बड़ा फेरबदल…. सेरगी कोरेट्स्की बने नए प्रधानमंत्री

    यूक्रेन में जेलेंस्की सरकार में बड़ा फेरबदल…. सेरगी कोरेट्स्की बने नए प्रधानमंत्री


    कीव।
    रूस (Russia) संग जारी युद्ध (War) के बीच यूक्रेन (Ukraine) में एक बार फिर बड़ा सियासी बदलाव हुआ है। राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की (President Volodymyr Zelenskyy) के भरोसेमंद और ऊर्जा क्षेत्र के दिग्गज सेरगी कोरेत्स्की (48) (Sergi Koretsky) को देश का नया प्रधानमंत्री (Prime Minister) बना दिया गया है। यूक्रेन की संसद ने गुरुवार को व्यापक मतदान के बाद कोरेत्स्की को 289 वोटों से मंजूरी दे दी। यह नियुक्ति जेलेंस्की सरकार के उस बड़े फेरबदल का हिस्सा है, जिसका मकसद युद्ध के बीच ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और यूरोपीय संघ की राह को मजबूत करना है।

    बता दें कि राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पिछले कुछ महीनों से सरकार में बड़े स्तर पर फेरबदल शुरू किया है। कोरेत्स्की को नामित करते हुए जेलेंस्की ने कहा था कि ऊर्जा क्षेत्र में उनके प्रदर्शन को देखते हुए वे आगामी सर्दियों में युद्ध प्रभावित देश की मदद के लिए सबसे सही विकल्प हैं। संसद में मतदान से पहले कोरेत्स्की ने सांसदों को संबोधित करते हुए अपनी प्राथमिकताओं का खुलासा किया।


    कोरेत्स्की की तीन बड़ी प्राथमिकताएं

    – यूक्रेन की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना
    – आर्थिक स्थिरता को पक्का करना
    – यूरोपीय संघ में शामिल होने की प्रक्रिया को तेज करना


    कौन हैं कोरेत्स्की?

    ट्रेनिंग से इंजीनियर और अर्थशास्त्री सेरगी कोरेत्स्की राजनीतिक दलों से पूरी तरह दूर रहे हैं और उनके पास कोई पूर्व सरकारी अनुभव नहीं है। लेकिन ऊर्जा क्षेत्र में दो दशक से ज्यादा का उनका अनुभव उन्हें इस पद के लिए खास बनाता है।


    करियर

    मई 2025 से नैफ्तोगाज कंपनी के सीईओ के रूप में कार्यरत, जहां वे देश के गैस उत्पादन, आयात और वितरण की पूरी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इससे पहले यूक्रेन की सबसे बड़ी तेल उत्पादक कंपनी उक्रनाफ्टा के प्रमुख रहे। शुरुआती दौर में वेस्टर्न ऑयल ग्रुप का नेतृत्व, कॉन्टिनम ग्रुप के सीईओ और देश की प्रमुख ईंधन स्टेशन चेन WOG का प्रबंधन किया। पश्चिमी शहर लुत्स्क में जन्मे कोरेत्स्की ने निजी क्षेत्र में एक सफल कॉफी चेन व्यवसाय भी शुरू किया था।


    सबसे बड़ी चुनौती

    नए प्रधानमंत्री के सामने सबसे कठिन चुनौती देश के ऊर्जा ढांचे को आगामी सर्दियों के लिए तैयार करना है। पिछले कई महीनों से रूसी मिसाइल और ड्रोन हमलों ने यूक्रेन के बिजली उत्पादन केंद्रों, सबस्टेशनों और गैस पाइपलाइनों को भारी नुकसान पहुंचाया है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सर्दियों की तैयारी को सरकार की सबसे ऊंची प्राथमिकता बताया है। कोरेत्स्की को उम्मीद है कि उनके ऊर्जा क्षेत्र के गहरे अनुभव से बिजली और गैस आपूर्ति को स्थिर रखा जा सकेगा, ताकि आम लोगों को सर्दी के मौसम में और कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

  • रूस का यूक्रेन पर बड़ा हमला…. राजधानी कीव पर दांगी बैलिस्टिक मिसाइलें

    रूस का यूक्रेन पर बड़ा हमला…. राजधानी कीव पर दांगी बैलिस्टिक मिसाइलें


    कीव।
    रूस (Russia) ने गुरुवार तड़के एक बार फिर यूक्रेन (Ukraine) की राजधानी कीव (Kyiv) को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलों (Ballistic Missiles) से बड़ा हमला किया. यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, हमले के दौरान कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जबकि एयर डिफेंस सिस्टम (Air Defense System) लगातार मिसाइलों को रोकने में जुटे रहे. यूक्रेनी वायुसेना ने चेतावनी दी है कि राजधानी पर और मिसाइल हमले हो सकते हैं, इसलिए लोगों से सुरक्षित बंकरों में रहने की अपील की गई है।

    कीव के मेयर विताली क्लिट्स्को ने बताया कि शहर के पश्चिमी बाहरी इलाके में एक गोदाम मिसाइल हमले की चपेट में आ गया. वहीं, इंटरसेप्ट की गई मिसाइलों का मलबा ड्नीप्रो नदी के पूर्वी किनारे स्थित इलाके में गिरा. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कम से कम आठ बैलिस्टिक मिसाइलें कीव की ओर दागी गई थीं।

    यूक्रेन की वायुसेना ने टेलीग्राम पर जारी संदेश में कहा कि बैलिस्टिक मिसाइलों के अलावा रूस ने शाहेद ड्रोन भी कई शहरों की ओर भेजे हैं. उत्तर-पूर्वी शहर खारकीव में भी ड्रोन हमलों के बाद कई विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं. इसके अलावा विनित्सिया समेत कई अन्य क्षेत्रों में भी एयर रेड अलर्ट जारी किया गया.


    यूक्रेन के रक्षा मंत्री को पद से हटाने के बाद हमला

    यह हमला ऐसे समय हुआ है जब यूक्रेन में रक्षा मंत्री मायखाइलो फेदोरोव को पद से हटाए जाने को लेकर राजनीतिक हलचल बनी हुई है. उनके हटने के कुछ ही समय बाद रूस ने राजधानी पर नया हमला कर दिया।


    यूक्रेन पर रूस लगातार कर रहा घातक हमले

    जुलाई में रूस की तरफ से कीव पर यह सातवां बड़ा हमला बताया जा रहा है. इससे पहले 14 जुलाई की रात रूस ने मिसाइलों और ड्रोन के जरिए बड़े पैमाने पर हमला किया था, जिसमें कम से कम सात लोगों की मौत हुई थी और 78 लोग घायल हुए थे. उस हमले में राजधानी के 16 स्थानों को नुकसान पहुंचा था, जिनमें एक स्कूल और एक नागरिक औद्योगिक प्रतिष्ठान भी शामिल था।

    इससे पहले 2 जुलाई को हुए हमले में 30 से अधिक लोगों की मौत और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. वहीं, 6 जुलाई के हमले में कम से कम 26 लोगों की जान गई थी. लगातार हो रहे इन हमलों ने कीव में आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।