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  • शराब के खिलाफ शिवपुरी में भड़का गुस्सा दुकान में घुसकर तोड़फोड़ और बोतलें फोड़ीं 15 लोगों पर केस उमा भारती बोलीं समर्थन करें

    शराब के खिलाफ शिवपुरी में भड़का गुस्सा दुकान में घुसकर तोड़फोड़ और बोतलें फोड़ीं 15 लोगों पर केस उमा भारती बोलीं समर्थन करें


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में शराब दुकानों के विरोध का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। जिले के अलग अलग गांवों में महिलाएं और ग्रामीण शराब बिक्री के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच इंदार थाना क्षेत्र के कुटवारा गांव में शराब दुकान में तोड़फोड़ और शराब की बोतलें फोड़ने का मामला सामने आया है। सेल्समैन की शिकायत पर पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों में महिलाएं भी शामिल बताई गई हैं।

    बताया गया कि 11 सितंबर की शाम करीब साढ़े पांच बजे कुटवारा गांव स्थित शराब दुकान पर सेल्समैन बल्लू शिवहरे अपने साथी मनोज शिवहरे के साथ मौजूद था। इसी दौरान करीब 15 से 20 महिला और पुरुष लाठी डंडे लेकर वहां पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने शराब दुकान बंद कराने की मांग की और कथित तौर पर गाली गलौज भी की। इसके बाद कुछ लोग दुकान के अंदर घुस गए और वहां रखी शराब की पेटियों को बाहर निकालने लगे।

    सेल्समैन के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने शराब की कांच की बोतलों को जमीन पर पटककर तोड़ दिया। दुकान में देशी शराब के साथ अंग्रेजी शराब और बीयर की पेटियां भी रखी थीं। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने कई पेटियां तोड़कर शराब नष्ट कर दी। सेल्समैन और उसके साथी ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन भीड़ ने विरोध जारी रखा।

    इस घटना से शराब ठेकेदार को करीब चार लाख रुपये के नुकसान का दावा किया गया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना में शामिल लोगों की पहचान तथा उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि तोड़फोड़ में कितने लोग शामिल थे और वास्तविक नुकसान कितना हुआ है।

    शिवपुरी में शराब दुकानों के खिलाफ विरोध केवल कुटवारा तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ दिनों से जिले के कई गांवों में महिलाएं शराब बिक्री और कथित अवैध शराब के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं। कई स्थानों पर महिलाओं ने शराब की पेटियां दुकानों से बाहर निकालकर नष्ट की हैं। कुछ जगहों पर सड़क जाम करने और थानों तक प्रदर्शन करने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

    इस पूरे विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का बयान भी सामने आया है। उन्होंने शिवपुरी में शराब के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिलाओं के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और लोगों से इन महिलाओं का समर्थन करने की अपील की। उमा भारती लंबे समय से शराबबंदी और शराब की बिक्री को लेकर मुखर रही हैं। उनके समर्थन से शिवपुरी में चल रहे इस विरोध को राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा मिल गई है।

    हालांकि शराब दुकानों के खिलाफ विरोध कर रहे लोगों की मांगों को लेकर प्रशासन और पुलिस की ओर से अलग अलग स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से कानून हाथ में नहीं लेने की अपील की है। दूसरी ओर शराब कारोबारियों ने भी दुकानों और कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। कुछ ठेकेदारों ने सुरक्षा नहीं मिलने की स्थिति में लाइसेंस सरेंडर करने तक की चेतावनी दी है।

    शिवपुरी में लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने शराब बिक्री को लेकर स्थानीय स्तर पर बढ़ते असंतोष को सामने ला दिया है। अब पुलिस की जांच के साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों की शिकायतों और शराब दुकानों से जुड़े नियमों पर क्या कदम उठाता है।

  • MP: उमा भारती ने दुकानदारों को हटाने का किया अनोखा विरोध, हाथ ठेले पर बेचे पोहा-जलेबी

    MP: उमा भारती ने दुकानदारों को हटाने का किया अनोखा विरोध, हाथ ठेले पर बेचे पोहा-जलेबी


    टीकमगढ़।
    उमा भारती (Uma Bharti) ने टीकमगढ़ (Tikamgarh) में प्रशासन की अतिक्रमण हटाओ (Remove Encroachment) मुहिम का अनोखे अंजाद में विरोध जताया। उन्होंने ठेले पर पोहा और जलेबी (Poha and Jalebi) बेचकर कार्रवाई को तानाशाही बताया। साथ ही गरीबों के रोजगार की रक्षा में उतरने का भरोसा दिया। प्रशासन का तर्क है कि यातायात व्यवस्था सुधारने और एम्बुलेंस के रास्ते साफ करने के लिए यह जरूरी था लेकिन उमा भारती ने इसे गरीबों के रोजगार पर हमला बताया। उन्होंने दुकानदारों को बिना डरे ठेले लगाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि बिना पुनर्वास के ऐसी कार्रवाई अमानवीय है।

    दरअसल, सोमवार को टीकमगढ़ नगर पालिका ने सिविल लाइन इलाके में सड़क किनारे लगे ठेलों को हटाने की कार्रवाई की थी। इस दौरान कई छोटे व्यापारियों के ठेले हटाए गए जिससे स्थानीय लोगों और विक्रेताओं में नाराजगी देखी गई। इसी के विरोध में मंगलवार को उमा भारती सीधे एक पोहा दुकान पर पहुंचीं। उन्होंने वहां पोहा और जलेबी बेचकर अपना विरोध दर्ज कराया।


    चेतावनी भी दी

    इस दौरान उमा भारती ने कहा कि उन्होंने नगर पालिका अधिकारियों से बात कर ली है। अब अतिक्रमण नहीं हटाया जाएगा। ये छोटे दुकानदार दिनभर मेहनत करके अपने परिवार का पेट पालते हैं इसलिए ऐसी कार्रवाई गलत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में फिर से ऐसा किया गया तो वे इसका डटकर विरोध करेंगी। भाजपा की कद्दावर नेताओं में शुमार उमा भारती के इस कदम से सियासत गर्म है।


    गरीबों पर ऐक्शन परेशान करने वाला

    उमा भारती ने आगे कहा कि सिविल लाइन से लेकर कलेक्ट्रेट तक कई लोग छोटे ठेले लगाकर अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं। नगर पालिका ने जिस तरह नारियल पानी और पोहा बेचने वालों के ठेले हटाए या तोड़े वह बहुत दुखद और परेशान करने वाला है। इन लोगों को उसी जगह पर काम करने देना चाहिए जहां से उनको हटाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से भी चर्चा की है।


    पहले भी बुलंद करती रही हैं विरोध की आवाज

    उन्होंने टीकमगढ़ के सांसद और केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक की सादगी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि वीरेंद्र खटीक हमेशा जनता के बीच आसानी से उपलब्ध रहते हैं। उन्हीं से प्रेरणा लेकर वे आज जनता के बीच आई हैं। उमा भारती के इस विरोध प्रदर्शन के दौरान वहां काफी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे। सनद रहे राज्य में उमा भारती की पार्टी यानी भाजपा की ही सरकार है। उमा भारती पहले भी सरकार के खिलाफ अलग-अलग मुद्दों को लेकर आवाज उठाती रही हैं।

  • टीकमगढ़ में उमा भारती ने बंगले के सामने हाथठेले पर बेचा पोहा-जलेबी, हटाए गए दुकानदारों का किया समर्थन

    टीकमगढ़ में उमा भारती ने बंगले के सामने हाथठेले पर बेचा पोहा-जलेबी, हटाए गए दुकानदारों का किया समर्थन


    टीकमगढ़। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता उमा भारती मंगलवार को टीकमगढ़ के सिविल लाइन रोड पर अपने बंगले के सामने हाथठेले पर पोहा-जलेबी बेचती नजर आईं। उन्होंने एक दिन पहले हटाए गए छोटे दुकानदारों को वापस बुलाकर उनकी मदद की और खुद दुकान संभाली।

    टीकमगढ़ नगर पालिका ने सोमवार को अतिक्रमण हटाने के अभियान में कई छोटी दुकानें और हाथठेले जेसीबी से हटा दिए थे। उमा भारती ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की थी और इसे गरीब दुकानदारों के लिए अन्यायपूर्ण बताया था। मंगलवार सुबह वे अपने बंगले से निकलकर हाथठेले पर पहुंचीं और दुकानदारों का समर्थन किया। उन्होंने ठेले वालों से कहा कि वे दोबारा सड़क किनारे दुकान लगाएं।

    उमा भारती ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नगर पालिका एवं विधानसभा भाजपा के नियंत्रण में नहीं हैं अन्यथा यह अन्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि गरीब लोगों की दुकानों को तोड़ने से पहले नगर प्रशासन को नियमों का पालन करना चाहिए था। उन्‍होंने कहा कि कल जहां से गरीबों के ठेले या तो तोड़ दिए गए या हटा दिए गए उनके आसपास चारों तरफ साधन सुविधा संपन्न लोगों के घर एवं रेस्टोरेंट अतिक्रमण के नियमों का उल्लंघन कर नगरीय प्रशासन को उसकी हैसियत बताते हुए अभी भी चुनौतीपूर्ण मुद्रा में मौजूद हैं।

    उन्होंने बताया कि नगर प्रशासन ने शाम को अचानक जेसीबी से गरीब दुकानों को तोड़ दिया। उनकी जानकारी मिलते ही वे मौके पर पहुंचीं लेकिन तब तक कई दुकानें तहस-नहस हो चुकी थीं। उन्होंने पार्षद दल की बैठक में तय योजना का उल्लंघन बताया जिसमें पहले चिन्हित स्थानों पर सुविधाओं का निर्माण और चेतावनी के बाद दुकानों को शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया था। उन्‍होंने कहा कि मैंने इसकी जानकारी हमारे प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को भेज दी है।

    उमा भारती ने कहा कि उन्होंने दुकानदारों से वचन लिया है कि वे गंदगी नहीं फैलाएंगे और प्रशासन प्रयास करेगा कि उन्हें बेहतर स्थान पर शिफ्ट किया जा सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि पार्षद दल और स्थानीय प्रशासन जल्द ही इस मुद्दे का समाधान निकालेंगे।