Tag: Umaria news

  • बिजली उत्पादन को झटका: बॉयलर लीकेज के चलते 500 मेगावाट यूनिट ठप, 72 घंटे बाद शुरू होने की उम्मीद

    बिजली उत्पादन को झटका: बॉयलर लीकेज के चलते 500 मेगावाट यूनिट ठप, 72 घंटे बाद शुरू होने की उम्मीद


    नई दिल्ली। उमरिया (बिरसिंहपुर) उमरिया जिले के बिरसिंहपुर स्थित संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र की 500 मेगावाट क्षमता वाली एक यूनिट तकनीकी खराबी के कारण बंद कर दी गई है। बॉयलर ट्यूब में लीकेज सामने आने के बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यूनिट का संचालन रोक दिया गया, जिससे बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है।
    ताप विद्युत केंद्र के मुख्य अभियंता एच.के. त्रिपाठी ने बताया कि नियमित निरीक्षण के दौरान बॉयलर ट्यूब में लीकेज की समस्या पाई गई। तकनीकी टीम ने स्थिति का आकलन करने के बाद तत्काल यूनिट को शटडाउन करने का निर्णय लिया, ताकि किसी बड़े तकनीकी हादसे से बचा जा सके।
    यूनिट बंद होने के बाद मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम लगातार सुधार कार्य में जुटी हुई है। अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी खराबी को पूरी तरह दूर कर यूनिट को दोबारा शुरू करने में लगभग 70 से 72 घंटे का समय लग सकता है।
    भीषण गर्मी के मौसम में बिजली की मांग पहले से ही काफी बढ़ी हुई है। ऐसे समय में 500 मेगावाट यूनिट बंद होने से बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि बिजली विभाग वैकल्पिक स्रोतों से सप्लाई संतुलित रखने की कोशिश कर रहा है।
    ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी उत्पादन क्षमता वाली यूनिट बंद होने से ग्रिड प्रबंधन और सप्लाई सिस्टम पर असर पड़ सकता है, खासकर पीक आवर्स में बिजली कटौती की स्थिति भी बन सकती है।
    फिलहाल बिजली उत्पादन को जल्द बहाल करने के लिए तकनीकी टीम लगातार निगरानी और मरम्मत कार्य में लगी हुई है।

  • उमरिया में अवैध रेत खनन पर बवाल, वनकर्मियों को ट्रैक्टर से कुचलने का प्रयास

    उमरिया में अवैध रेत खनन पर बवाल, वनकर्मियों को ट्रैक्टर से कुचलने का प्रयास


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के चंदिया वन परिक्षेत्र में अवैध रेत खनन रोकने पहुंची वन विभाग की टीम पर खनन माफिया ने जानलेवा हमला कर दिया। मामला सलैया गांव के जंगल क्षेत्र का है, जहां सोमवार शाम यह खतरनाक घटना हुई। वन विभाग की उड़नदस्ता टीम को पनिया नाला क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, वहां से अवैध रेत से भरे दो ट्रैक्टर-ट्रॉली निकलते दिखाई दिए।

    वनकर्मियों को कुचलने की कोशिश, ट्रैक्टर लेकर फरार हुए आरोपी
    वनकर्मियों ने जब ट्रैक्टरों को रोकने का प्रयास किया तो चालकों ने रफ्तार बढ़ा दी। आरोप है कि रेत माफिया ने वनकर्मियों की ओर ट्रैक्टर मोड़कर उन्हें कुचलने की कोशिश की। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वनकर्मी किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गए। हालांकि, वन विभाग की टीम ने एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया है।

    पहले भी हुई है मारपीट की घटनाएं
    चंदिया परिक्षेत्र अधिकारी नीलेश द्विवेदी ने बताया कि फरार आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वनरक्षक रमाशंकर ने बताया कि यह गिरोह पहले भी वनकर्मियों पर हमला कर चुका है। कुछ समय पहले भी इसी क्षेत्र में वनरक्षक के साथ मारपीट कर जब्त ट्रैक्टर छुड़ा लिया गया था।

    वन विभाग में आक्रोश, बढ़ाई गई सख्ती
    घटना के बाद वन विभाग के कर्मचारियों में आक्रोश है। विभाग ने कहा है कि अवैध रेत खनन और माफियाओं की बढ़ती गुंडागर्दी को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरे क्षेत्र में निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है।

    पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे हमले
    यह पहला मामला नहीं है जब रेत माफिया ने प्रशासनिक टीमों पर हमला किया हो। इससे पहले भी प्रदेश के अलग-अलग जिलों में वनकर्मियों और अधिकारियों पर हमले हो चुके हैं-

    वनरक्षक से मारपीट, सिर में गंभीर चोट (उमरिया)
    ट्रैक्टर जब्ती के दौरान वनकर्मियों पर हमला (टीकमगढ़)
    लाठी-डंडों से वनकर्मियों की पिटाई (सिंगरौली)
    SDM की गाड़ी पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश (भिंड)

    उमरिया की यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अवैध रेत खनन पर रोक लगाना कितना चुनौतीपूर्ण हो गया है। वन विभाग की सख्ती के बावजूद माफियाओं के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।

  • BTR में बाघ का हमला: तेंदूपत्ता तोड़ने गए युवक गंभीर घायल, शहडोल रेफर

    BTR में बाघ का हमला: तेंदूपत्ता तोड़ने गए युवक गंभीर घायल, शहडोल रेफर


    नई दिल्ली ।  मध्य प्रदेश के उमरिया जिले स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (BTR) के मानपुर बफर परिक्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई। तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए जंगल गए एक युवक पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना मानपुर बीट के कक्ष क्रमांक पीएफ 385 स्थित अमहाई नाला के पास हुई, जहां सुबह के समय ग्रामीण तेंदूपत्ता तोड़ने के लिए पहुंचे थे।

    युवक के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें
    घायल युवक की पहचान धर्मेंद्र के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जंगल में काम करते समय अचानक बाघ ने उस पर हमला कर दिया। हमले में धर्मेंद्र के सिर में गंभीर चोटें आईं, जबकि उसके शरीर पर बाघ के दांतों और पंजों के कई गहरे निशान पाए गए। हमले के बाद मौके पर मौजूद अन्य ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाकर जंगल से बाहर भागे।

    तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, शहडोल रेफर
    घटना की जानकारी मिलते ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम मौके पर पहुंची और घायल युवक को तुरंत मानपुर अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार युवक की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उसे विशेष निगरानी में रखा गया है।

    वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी
    बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक भरा गायकवाड़ ने बताया कि घटना के बाद वन विभाग की टीम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। घायल के इलाज में हर संभव मदद की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो।

    यह घटना एक बार फिर जंगल क्षेत्रों में काम करने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। वन विभाग की सतर्कता के बावजूद मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं।

  • उमरिया में मौसम का बड़ा बदलाव: बारिश-ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट, आम की फसल को नुकसान

    उमरिया में मौसम का बड़ा बदलाव: बारिश-ओलावृष्टि से तापमान में गिरावट, आम की फसल को नुकसान


    नई दिल्ली। उमरिया जिले में पिछले दो दिनों से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। गुरुवार और शुक्रवार को जिले के कई इलाकों में हल्की से तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया।
    मौसम में इस बदलाव के चलते भीषण गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ गई है।

    तापमान में करीब 5 डिग्री की गिरावट, गर्मी से मिली राहत
    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इन दो दिनों में कुल 7.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इससे पहले 25 से 28 अप्रैल के बीच अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ था।

    बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और 1 मई को अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 20.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे जिले में गर्मी से कुछ राहत महसूस की जा रही है।

     ओलावृष्टि का असर, आम की फसल को नुकसान की आशंका
    इस मौसमी बदलाव का सबसे ज्यादा असर कृषि पर पड़ा है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. धनंजय सिंह के अनुसार, बारिश और ओलावृष्टि के कारण आम की फसल को नुकसान पहुंचा है।

    कई इलाकों में बागवानी फसलों पर ओलों की मार देखी गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में नुकसान का आकलन किया जाएगा।

     मौसम सामान्य होने के बाद फिर लौटी दिनचर्या
    मौसम खुलने के बाद जिले में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। सुबह के समय लोग सब्जी और अन्य जरूरतों के लिए मंडियों में पहुंचने लगे हैं।
    फिलहाल उमरिया में धूप और छांव का मिश्रित दौर जारी है, जिससे मौसम सुहावना बना हुआ है।

     आगे भी मौसम में उतार-चढ़ाव की संभावना
    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

  • Umaria में सेंट्रल स्कूल का निरीक्षण: कलेक्टर ने नए भवन की जमीन देखी

    Umaria में सेंट्रल स्कूल का निरीक्षण: कलेक्टर ने नए भवन की जमीन देखी


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में मंगलवार को प्रशासनिक गतिविधि तेज हो गई जब कलेक्टर राखी सहाय ने केंद्रीय विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ वर्तमान स्कूल की स्थिति देखी, बल्कि प्रस्तावित नए भवन के लिए स्वीकृत भूमि का भी जायजा लिया।
    अचानक निरीक्षण से स्कूल में हलचल
    कलेक्टर के अचानक पहुंचने से विद्यालय परिसर में हलचल मच गई। उन्होंने प्राचार्य और स्टाफ के साथ बैठक कर बच्चों की पढ़ाई, पेयजल व्यवस्था, बैठने की सुविधा और अन्य मूलभूत जरूरतों की जानकारी ली।
    उन्होंने निर्देश दिए कि गर्मी और बारिश के मौसम में बच्चों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए कक्षाओं की छत पर सफेद चादर लगाने की व्यवस्था की जाए, ताकि तापमान नियंत्रित रहे।
    नए भवन की जमीन का निरीक्षण
    निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नए भवन के लिए स्वीकृत भूमि का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि भूमि से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और अब निर्माण कार्य की जिम्मेदारी केंद्रीय विद्यालय संगठन के टेंडर प्रक्रिया पर निर्भर है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जबलपुर संभागीय आयुक्त से समन्वय कर निर्माण प्रक्रिया में तेजी लाएं ताकि स्कूल भवन जल्द बन सके।
    सुविधाओं में सुधार के निर्देश
    छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल में वाटर कूलर और वाटर फिल्टर लगाने के साथ-साथ हर महीने पानी की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करने को कहा।
    इसके अलावा पीएचई विभाग को बोरवेल के पानी को टंकी में संग्रहित कर आरओ सिस्टम के माध्यम से शुद्ध करने की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।
    खेल और बुनियादी ढांचे पर जोर
    कलेक्टर ने विद्यालय में खेल गतिविधियों की स्थिति की भी समीक्षा की और उन्हें और बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने स्कूल को जोड़ने वाली सड़क की मरम्मत के लिए नगर पालिका अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद उन्होंने आरआई ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का भी दौरा किया और वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।